Bhind Oil Godown Fire: भिंड में तीन मंजिला तेल गोदाम में भीषण आग, 30 लाख का सामान जलकर राख

HIGHLIGHTS: इटावा रोड स्थित तेल गोदाम में लगी भीषण आग शॉर्ट सर्किट से हादसे की आशंका 5 से 6 दमकल वाहनों ने आग पर पाया काबू करीब 30 लाख रुपए के नुकसान का अनुमान समय रहते खाली कराया गया गोदाम, बड़ा हादसा टला Bhind Oil Godown Fire: मध्यप्रदेश। भिंड शहर के इटावा रोड स्थित 17वीं बटालियन के सामने सुबह एक तीन मंजिला इमारत में अचानक भीषण आग लग गई। आग दूसरी मंजिल पर बने सरसों तेल के गोदाम में लगी, जिसने देखते ही देखते तीसरी मंजिल को भी अपनी चपेट में ले लिया। बा दें कि शुरुआती जांच में शॉर्ट सर्किट को आग लगने की वजह माना जा रहा है। गर्मी से फसलों पर संकट: किसानों ने पपीता बचाने के लिए लगाए क्रॉप कवर धुएं और लपटों से मची अफरा-तफरी घटना सुबह करीब 9:30 बजे की बताई जा रही है। इमारत से अचानक धुआं और आग की ऊंची लपटें उठती देख इलाके में अफरा-तफरी मच गई। जिसके बाद स्थानीय लोगों ने तुरंत अपने स्तर पर आग बुझाने की कोशिश शुरू की और फायर ब्रिगेड को सूचना दी। राहत की बात यह रही कि समय रहते गोदाम खाली करा लिया गया। दो घंटे तक चला रेस्क्यू ऑपरेशन सूचना मिलते ही भिंड नगर से फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। बाद में फूप कस्बे से भी दमकल वाहन बुलाए गए। करीब 5 से 6 फायर ब्रिगेड वाहनों ने लगातार पानी डालकर करीब दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया। मध्य प्रदेश में बड़ा हादसा: पटाखा फैक्ट्री विस्फोट में 5 की मौत, यूपी-बिहार के मजदूर थे शिकार करीब 30 लाख तक का नुकसान आग की वजह से गोदाम में रखा सरसों का तेल और अन्य सामान जलकर खराब हो गया। घटना में करीब 30 लाख रुपए के नुकसान का अनुमान लगाया गया है। हालांकि आग भूतल पर बने कलर-पेंट गोदाम तक नहीं पहुंची, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। स्थानीय लोगों और दमकल कर्मियों की सतर्कता से आसपास की इमारतों को भी सुरक्षित बचा लिया गया।
Cannes 2026: में छाया तारा सुतारिया का ग्लैमरस अंदाज, तस्वीरें हुईं वायरल

Cannes 2026: नई दिल्ली । Tara Sutaria ने Cannes Film Festival में अपने शानदार डेब्यू से फैंस का दिल जीत लिया है। कान्स 2026 से सामने आई उनकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं, जहां फैंस उनके एलिगेंट और बोल्ड लुक की जमकर तारीफ कर रहे हैं। रेड सी फिल्म फाउंडेशन इवेंट में बिखेरा जलवा तारा सुतारिया ने कान्स में रेड सी फिल्म फाउंडेशन के ‘Women in Cinema Gala Dinner’ में हिस्सा लिया। इस खास मौके पर उन्हें सिनेमा में योगदान के लिए सम्मानित भी किया गया। आइवरी गाउन में दिखीं बेहद खूबसूरत अपने कान्स डेब्यू के लिए तारा ने आइवरी शेड का स्टाइलिश गाउन चुना, जिसमें उनका ग्लैमरस अंदाज देखते ही बन रहा था। रिपोर्ट्स के मुताबिक उन्होंने विविएन वेस्टवुड स्टाइल कॉर्सेट के साथ यह आउटफिट कैरी किया। स्ट्रक्चर्ड बॉडी फिट डिजाइन ने उनके लुक को बेहद रॉयल टच दिया, जबकि सॉफ्ट ड्रेप्ड नेकलाइन ने ओल्ड हॉलीवुड ग्लैमर की झलक दिखाई। सैटिन स्कर्ट और मैचिंग स्टोल ने पूरे लुक को और भी क्लासी बना दिया। डायमंड नेकलेस और स्लीक बन ने बढ़ाई खूबसूरती तारा ने अपने इस लुक को डायमंड नेकलेस के साथ कंप्लीट किया। वहीं, स्लीक बन हेयरस्टाइल ने उनके रेड कार्पेट अपीयरेंस को और ज्यादा एलिगेंट बना दिया। सोशल मीडिया पर फैंस लगातार उनकी तस्वीरें शेयर कर रहे हैं। कई यूजर्स ने उन्हें “Cannes Queen” और “Old Hollywood Beauty” तक कह दिया। सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहीं तस्वीरें कान्स से सामने आए तारा के फोटोशूट और रेड कार्पेट मोमेंट्स इंटरनेट पर ट्रेंड कर रहे हैं। फैंस उनके फैशन सेंस और कॉन्फिडेंस की खूब तारीफ कर रहे हैं।
VMS Mustafa: सनातन धर्म पर बयान से सियासी घमासान, टीवीके विधायक वीएमएस मुस्तफा के समर्थन पर विवाद

VMS Mustafa:नई दिल्ली । तमिलनाडु की राजनीति में सनातन धर्म को लेकर दिए गए एक बयान ने एक बार फिर बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है। विवाद की शुरुआत उस समय हुई जब तमिलनाडु विधानसभा में विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन द्वारा दिए गए बयान को लेकर चर्चा तेज थी, जिसमें उन्होंने सनातन धर्म को समाप्त करने की बात कही थी। इसी बयान के समर्थन में टीवीके पार्टी के विधायक वीएमएस मुस्तफा के बयान ने राजनीतिक माहौल को और अधिक गर्म कर दिया। वीएमएस मुस्तफा के बयान के बाद राज्य की राजनीति में तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। कई राजनीतिक दलों और संगठनों ने उनके बयान की कड़ी आलोचना की और इसे धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाला बताया। मामला इतना बढ़ गया कि पार्टी नेतृत्व और सरकार को स्थिति स्पष्ट करने के लिए आगे आना पड़ा। विवाद के बीच टीवीके पार्टी की ओर से यह कहा गया कि पार्टी किसी भी धर्म के खिलाफ नहीं है, बल्कि वह सामाजिक असमानता और जाति आधारित भेदभाव के खिलाफ अपनी विचारधारा रखती है। पार्टी के अनुसार, उनका उद्देश्य किसी धार्मिक आस्था का विरोध करना नहीं है, बल्कि समाज में समानता और न्याय की स्थापना करना है। इस बयान के जरिए यह भी स्पष्ट करने की कोशिश की गई कि पार्टी सभी धर्मों का सम्मान करती है और किसी भी प्रकार की धार्मिक नफरत का समर्थन नहीं करती। Gujrat Road Accident: गुजरात जा रही वैन हादसे का शिकार, दो की मौत के बीच करोड़ों की चांदी मिलने से सनसनी हालांकि, राजनीतिक विरोध और सार्वजनिक आलोचना के बढ़ने के बाद वीएमएस मुस्तफा को अपने बयान पर सफाई देनी पड़ी। उन्होंने कहा कि उनकी टिप्पणी का उद्देश्य किसी धर्म का विरोध करना नहीं था, बल्कि सामाजिक व्यवस्था और असमानताओं पर अपनी राय व्यक्त करना था। उन्होंने यह भी कहा कि वह पेरियार ईवी रामासामी और डॉ. भीमराव आंबेडकर की विचारधारा से प्रेरित सामाजिक न्याय के सिद्धांतों का समर्थन करते हैं। बढ़ते विवाद को देखते हुए उन्होंने सार्वजनिक रूप से यह भी स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी सभी धर्मों का सम्मान करती है और किसी भी आस्था के खिलाफ नहीं है। सोशल मीडिया पर भी उन्होंने अपने बयान से जुड़े भ्रम को दूर करने की कोशिश की और कहा कि उनके शब्दों को गलत संदर्भ में लिया गया है। इस पूरे घटनाक्रम ने तमिलनाडु की राजनीति में एक बार फिर धार्मिक और वैचारिक बहस को तेज कर दिया है। एक ओर जहां कुछ लोग इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और सामाजिक सुधार की बहस के रूप में देख रहे हैं, वहीं दूसरी ओर इसे धार्मिक भावनाओं से जुड़ा संवेदनशील मुद्दा माना जा रहा है। वीएमएस मुस्तफा का राजनीतिक सफर भी चर्चा में आ गया है, क्योंकि वह मदुरै सेंट्रल सीट से विधायक चुने गए हैं और इससे पहले भी सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं। उनका यह बयान अब राजनीतिक बहस का केंद्र बन गया है, जिसने राज्य की राजनीति में एक नई बहस को जन्म दे दिया है।
VIP कल्चर से दूरी: 15-20 गाड़ियों की जगह बस से पहुंचे मंत्री और अधिकारी

नई दिल्ली ।Gautam Tetwal ने बड़वानी दौरे के दौरान वीआईपी कारकेड की परंपरा से हटकर अनोखी पहल की। शुक्रवार को वे अफसरों और जनप्रतिनिधियों के साथ एक ही बस में सफर करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे। आमतौर पर 15-20 गाड़ियों के लंबे काफिले के साथ चलने वाले मंत्री का यह अंदाज चर्चा का विषय बन गया। बस में उनके साथ Narendra Modi की ऊर्जा बचत अपील का संदेश भी नजर आया। यात्रा में भाजपा जिला अध्यक्ष अजय यादव, पानसेमल विधायक श्याम बरड़े, कलेक्टर जयति सिंह और एसडीएम भूपेंद्र सिंह पटेल समेत कई अधिकारी शामिल रहे। ऊर्जा बचत और सामूहिक परिवहन पर जोरमंत्री डॉ. टेटवाल ने कहा कि वैश्विक ऊर्जा संकट को देखते हुए ईंधन बचाना समय की जरूरत है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री Mohan Yadav लगातार सामूहिक परिवहन और ईंधन बचत को बढ़ावा देने की अपील कर रहे हैं। इसी सोच के तहत यह पहल की गई। पहले लंबा रहता था कारकेडआमतौर पर मंत्री और वीआईपी दौरों में कई सरकारी और निजी वाहन शामिल होते हैं, जिससे ईंधन की खपत बढ़ती है। लेकिन इस बार मंत्री ने अपने प्रोटोकॉल वाहनों की संख्या सीमित रखी और सभी अधिकारियों को एक बस में साथ लेकर पहुंचे। लोगों में चर्चा का विषय बनी पहलमंत्री की यह पहल जिले में चर्चा का विषय बनी रही। स्थानीय लोगों ने इसे सकारात्मक संदेश बताते हुए कहा कि यदि जनप्रतिनिधि और अधिकारी इस तरह सामूहिक परिवहन अपनाएं, तो इससे ईंधन बचत के साथ ट्रैफिक और प्रदूषण भी कम हो सकता है।
UAE में PM मोदी का मेगा मिशन सफल! भारत को मिला तेल, LPG, AI और रक्षा ताकत का बड़ा भरोसा

नई दिल्ली। नरेंद्र मोदी के संयुक्त अरब अमीरात दौरे ने भारत-UAE रिश्तों को नई मजबूती दी है। भले ही प्रधानमंत्री का यह दौरा सिर्फ चार घंटे का रहा, लेकिन इस दौरान हुए बड़े समझौते आने वाले वर्षों में भारत की ऊर्जा सुरक्षा, रक्षा क्षमता, इंफ्रास्ट्रक्चर और टेक्नोलॉजी सेक्टर पर गहरा असर डाल सकते हैं। अबूधाबी में प्रधानमंत्री मोदी और मोहम्मद बिन ज़ायेद अल नाहयान के बीच हुई बैठक में कई रणनीतिक समझौतों पर मुहर लगी। सबसे अहम समझौता रक्षा साझेदारी को लेकर हुआ। भारत और यूएई ने रणनीतिक रक्षा सहयोग के नए फ्रेमवर्क पर सहमति जताई है। इसके तहत दोनों देश रक्षा तकनीक, संयुक्त उत्पादन, खुफिया जानकारी साझा करने और आतंकवाद विरोधी अभियानों में साथ काम करेंगे। माना जा रहा है कि यह समझौता पश्चिम एशिया में बदलते सुरक्षा समीकरणों के बीच बेहद महत्वपूर्ण है। ऊर्जा सुरक्षा के मोर्चे पर भी भारत को बड़ी राहत मिली है। दोनों देशों ने रणनीतिक पेट्रोलियम रिजर्व और रसोई गैस सप्लाई को लेकर बड़े समझौते किए हैं। भारत की सरकारी कंपनी इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन और एडीएनओसी के बीच हुए समझौते के तहत यूएई भारत को दीर्घकालिक और प्राथमिकता के आधार पर LPG सप्लाई करेगा। इससे भारत में गैस और ईंधन की सप्लाई स्थिर रहने में मदद मिलेगी, खासकर ऐसे समय में जब होर्मुज जलडमरूमध्य और पश्चिम एशिया में तनाव के कारण वैश्विक ऊर्जा बाजार प्रभावित हैं। इसके अलावा रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार को लेकर हुए समझौते से भारत भविष्य की आपूर्ति बाधाओं से निपटने के लिए अपनी तैयारी और मजबूत कर सकेगा। ADNOC पहले से भारत के भूमिगत तेल भंडारों में निवेश कर रहा है और अब यह साझेदारी और गहरी होगी। समुद्री और लॉजिस्टिक्स सेक्टर में भी बड़ी पहल हुई है। गुजरात के वडिनार में जहाज मरम्मत और शिप रिपेयर क्लस्टर विकसित करने के लिए MoU साइन किया गया है। इससे भारत को क्षेत्रीय समुद्री हब बनाने में मदद मिलेगी और रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। إن الصداقة بين الهند والإمارات قوية للغاية! وستواصل بلداننا العمل معاً بهدف بناء مستقبل أفضل لكوكبنا.@MohamedBinZayed pic.twitter.com/2IGiZCeBUY — Narendra Modi (@narendramodi) May 15, 2026 टेक्नोलॉजी सेक्टर में यूएई की कंपनी G42 ने भारत में 8 AI सुपर कंप्यूटर स्थापित करने का ऐलान किया है। यह प्रोजेक्ट भारत की आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस क्षमता को नई ऊंचाई देगा। प्रस्तावित सुपरकंप्यूटर भारत में रिसर्च, डेटा प्रोसेसिंग और AI मॉडल डेवलपमेंट को तेज करेंगे। इसके साथ ही UAE ने भारत में 5 अरब डॉलर निवेश का भी ऐलान किया है। यह निवेश इंफ्रास्ट्रक्चर, बैंकिंग और हाउसिंग फाइनेंस सेक्टर में किया जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे भारत की अर्थव्यवस्था और निवेश माहौल को मजबूती मिलेगी। कुल मिलाकर पीएम मोदी का UAE दौरा सिर्फ कूटनीतिक मुलाकात नहीं रहा, बल्कि ऊर्जा, रक्षा, AI और निवेश जैसे क्षेत्रों में भारत के लिए बड़ी रणनीतिक सफलता साबित हुआ है।
यूपी मंत्रिमंडल विस्तार के बाद विभाग बंटवारे में देरी, अंदरखाने चल रहा बड़ा राजनीतिक मंथन..

नई दिल्ली । उत्तर प्रदेश की राजनीति में इन दिनों मंत्रिमंडल विस्तार के बाद एक नया सस्पेंस बना हुआ है। राज्य सरकार के हालिया कैबिनेट विस्तार को कई दिन बीत चुके हैं, लेकिन नए मंत्रियों को अब तक उनके विभागों की जिम्मेदारी नहीं सौंपी गई है। इस देरी ने राजनीतिक हलकों में चर्चाओं को तेज कर दिया है और इसे सिर्फ प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि बड़े रणनीतिक फेरबदल के संकेत के रूप में देखा जा रहा है। 10 मई 2026 को हुए मंत्रिमंडल विस्तार में कुल आठ नेताओं को नई जिम्मेदारी दी गई थी। इनमें छह नए चेहरे शामिल हैं, जबकि दो मौजूदा राज्य मंत्रियों को प्रमोशन देकर स्वतंत्र प्रभार दिया गया है। इसके साथ ही राज्य मंत्रिपरिषद अब अपनी अधिकतम संवैधानिक सीमा के करीब पहुंच गई है। लेकिन इसके बावजूद विभागों का अंतिम बंटवारा अब तक नहीं हो पाया है, जिससे राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर इंतजार की स्थिति बनी हुई है। सूत्रों के अनुसार, विभागों के बंटवारे में सबसे बड़ी चुनौती उन अहम मंत्रालयों को लेकर है जिनका राजनीतिक और प्रशासनिक प्रभाव काफी अधिक है। विशेष रूप से लोक निर्माण विभाग जैसे बड़े और प्रभावशाली मंत्रालय को लेकर अंदरखाने गहन चर्चा चल रही है। यह माना जा रहा है कि इन महत्वपूर्ण विभागों को नए शामिल किए गए मजबूत नेताओं को सौंपने पर विचार किया जा रहा है, ताकि संगठनात्मक संतुलन और प्रशासनिक दक्षता दोनों को साधा जा सके। इसके साथ ही पुराने मंत्रियों के विभागों में भी संभावित बदलाव की संभावना जताई जा रही है। नए चेहरों को जगह देने के लिए कुछ पुराने विभागों का पुनर्वितरण भी किया जा सकता है। इसी कारण पूरे कैबिनेट स्तर पर संतुलन साधने की कोशिश चल रही है, जिससे किसी भी स्तर पर असंतोष या राजनीतिक असंतुलन न पैदा हो। बताया जा रहा है कि इस पूरे मामले में निर्णय प्रक्रिया केवल राज्य स्तर तक सीमित नहीं है, बल्कि शीर्ष नेतृत्व की मंजूरी भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। मुख्यमंत्री की हालिया दिल्ली यात्रा को इसी प्रक्रिया का हिस्सा माना जा रहा है, जहां उन्होंने वरिष्ठ नेताओं के साथ विभागों के बंटवारे और अंतिम सूची पर विस्तार से चर्चा की। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह देरी केवल प्रशासनिक कारणों से नहीं, बल्कि आगामी चुनावी रणनीति से भी जुड़ी हो सकती है। वर्ष 2027 के विधानसभा चुनावों को देखते हुए सरकार हर क्षेत्रीय और सामाजिक समीकरण को ध्यान में रखकर निर्णय लेना चाहती है। पूर्वांचल, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, ओबीसी, दलित और अन्य सामाजिक समूहों के प्रतिनिधित्व को संतुलित करने की कोशिश इस प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा बताई जा रही है। इसी रणनीति के तहत यह भी देखा जा रहा है कि किस मंत्री को कौन सा विभाग दिया जाए, जिससे क्षेत्रीय और जातीय संतुलन बना रहे और राजनीतिक संदेश भी सही तरीके से जाए। बड़े और प्रभावशाली मंत्रालयों का आवंटन इस बार बेहद सोच-समझकर किया जा रहा है, ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार का राजनीतिक विवाद न उत्पन्न हो। वर्तमान स्थिति यह है कि उच्च स्तर पर लगभग सहमति बन चुकी है और अंतिम सूची को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया जारी है। उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही विभागों का औपचारिक ऐलान कर दिया जाएगा, जिससे मंत्रियों को उनकी जिम्मेदारियां सौंप दी जाएंगी और सरकार का प्रशासनिक ढांचा पूरी तरह सक्रिय हो सकेगा।
महंगाई ने बढ़ाई टेंशन, पेट्रोल-डीजल, CNG, दूध और सोने की कीमतों में जोरदार उछाल..

नई दिल्ली । देश में एक बार फिर महंगाई ने आम लोगों की कमर तोड़ दी है। रोजमर्रा की जरूरतों से लेकर निवेश तक हर चीज की कीमतों में अचानक आए उछाल ने घरेलू बजट पर बड़ा दबाव डाल दिया है। पेट्रोल-डीजल और CNG के दाम बढ़ने के साथ ही दूध और सोने की कीमतों में भी तेज बढ़ोतरी देखने को मिली है, जिससे आम उपभोक्ता की चिंता और बढ़ गई है। ईंधन की कीमतों में बदलाव का सीधा असर आम जीवन पर पड़ता है क्योंकि परिवहन से लेकर वस्तुओं की ढुलाई तक हर चीज इससे जुड़ी होती है। हाल ही में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में प्रति लीटर तीन रुपये तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जिससे देश के बड़े शहरों में रेट नए स्तर पर पहुंच गए हैं। लंबे समय बाद हुए इस बदलाव ने उपभोक्ताओं के बीच असंतोष बढ़ा दिया है, क्योंकि पहले से ही बढ़ती लागत के बीच यह अतिरिक्त बोझ सामने आया है। पेट्रोल-डीजल के साथ ही CNG की कीमतों में भी बढ़ोतरी ने शहरी परिवहन व्यवस्था पर असर डालना शुरू कर दिया है। कई महानगरों में CNG के दाम बढ़ने के बाद ऑटो, टैक्सी और बस संचालन की लागत बढ़ गई है। इसका सीधा असर यात्रियों की जेब पर पड़ने की आशंका जताई जा रही है, क्योंकि परिवहन यूनियनें किराया बढ़ाने की मांग कर रही हैं। इससे रोजाना यात्रा करने वाले लाखों लोगों पर अतिरिक्त खर्च का दबाव बन सकता है। महंगाई का असर सिर्फ ईंधन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि अब यह रसोई तक भी पहुंच गया है। देश की प्रमुख डेयरी कंपनियों द्वारा दूध के दाम में बढ़ोतरी की गई है, जिससे हर घर के मासिक खर्च में बढ़ोतरी तय मानी जा रही है। दूध जैसी जरूरी वस्तु की कीमत बढ़ने से परिवारों का बजट सीधे प्रभावित होता है, खासकर उन घरों में जहां दूध दैनिक उपयोग का हिस्सा है। कंपनियों का कहना है कि पशु आहार, पैकेजिंग और उत्पादन लागत बढ़ने के कारण यह निर्णय लेना पड़ा। वहीं दूसरी ओर, सोने की कीमतों में लगातार तेजी भी लोगों के लिए चिंता का विषय बन गई है। अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अस्थिरता और निवेशकों की सुरक्षित संपत्ति की ओर बढ़ती मांग के चलते सोने के दाम रिकॉर्ड स्तर के करीब पहुंच गए हैं। शादी और त्योहारों के सीजन में सोने की बढ़ती कीमतें आम लोगों की खरीद क्षमता पर सीधा असर डाल रही हैं। निवेश के लिहाज से सोना भले ही सुरक्षित विकल्प माना जाता है, लेकिन इसकी बढ़ती कीमतें खरीददारों के लिए चुनौती बन गई हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक स्तर पर ऊर्जा बाजार में अस्थिरता, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और अंतरराष्ट्रीय तनाव इस महंगाई के प्रमुख कारण हैं। इसके अलावा उत्पादन और लॉजिस्टिक्स लागत में बढ़ोतरी ने भी कीमतों को ऊपर धकेला है। एक साथ कई जरूरी वस्तुओं के महंगे होने से स्थिति और अधिक चुनौतीपूर्ण हो गई है।
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का बड़ा ऐलान, NEET एग्जाम पैटर्न में बदलाव तय

नई दिल्ली । Dharmendra Pradhan ने NEET 2026 परीक्षा को लेकर बड़ा ऐलान किया है। अब अगले साल से NEET UG परीक्षा OMR शीट की बजाय कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट (CBT) मोड में आयोजित की जाएगी। सरकार ने यह फैसला पेपर लीक विवाद के बाद परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए लिया है। 3 मई 2026 को आयोजित हुई NEET परीक्षा पर सवाल तब उठे, जब 7 मई को कथित गेस पेपर के सवाल असली प्रश्नपत्र से मेल खाते पाए गए। इसके बाद केंद्र सरकार और National Testing Agency ने जांच शुरू की। जांच में गड़बड़ी के संकेत मिलने पर 12 मई को परीक्षा रद्द कर दी गई। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि यह केवल परीक्षा से जुड़ा मामला नहीं, बल्कि “शिक्षा माफियाओं” के खिलाफ बड़ी लड़ाई है। उन्होंने बताया कि पूरे मामले की जांच Central Bureau of Investigation को सौंप दी गई है और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। अब ऑनलाइन होगी NEET परीक्षसरकार का मानना है कि OMR आधारित परीक्षा में पेपर लीक और छेड़छाड़ की आशंका अधिक रहती है। इसी वजह से अब CBT मोड को अपनाने का फैसला लिया गया है। नई व्यवस्था में छात्र कंप्यूटर पर परीक्षा देंगे, जिससे मॉनिटरिंग और सुरक्षा दोनों मजबूत होंगी। 21 जून को होगी दोबारा परीक्षाNational Testing Agency ने NEET UG 2026 री-एग्जाम की नई तारीख 21 जून घोषित की है। छात्रों को परीक्षा शहर चुनने के लिए एक सप्ताह का समय दिया जाएगा, जबकि एडमिट कार्ड 14 जून तक जारी किए जाएंगे।छात्रों को क्या फायदा होगा?पेपर लीक की संभावना कम होगीरिजल्ट प्रोसेसिंग तेज होगीपरीक्षा अधिक पारदर्शी बनेगीडिजिटल मॉनिटरिंग आसान होगीबड़े स्तर पर गड़बड़ी रोकने में मदद मिलेगीहालांकि, कई छात्रों और विशेषज्ञों का मानना है कि ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को CBT मोड के लिए अतिरिक्त तैयारी की जरूरत पड़ेगी। ऐसे में सरकार जल्द ही मॉक टेस्ट और डिजिटल प्रैक्टिस प्लेटफॉर्म भी शुरू कर सकती है। सोशल मीडिया अफवाहों से बचने की सलाहशिक्षा मंत्री ने छात्रों और अभिभावकों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों पर भरोसा न करें। केवल NTA की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी जानकारी को ही सही मानें।
पेट्रोल-डीजल कीमतों में बढ़ोतरी पर सियासत तेज, राहुल गांधी बोले—गलती सरकार की, बोझ जनता पर

नई दिल्ली । पेट्रोल और डीजल की कीमतों में हाल ही में हुई बढ़ोतरी के बाद देश में राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। ईंधन के दाम बढ़ने को लेकर विपक्ष ने सरकार पर तीखा हमला बोला है और इसे सीधे तौर पर आम जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बताया है। इस मुद्दे पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा है कि इसका सीधा असर देश की महंगाई पर पड़ेगा और इसका खामियाजा आम लोगों को उठाना पड़ेगा। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी ने इस बढ़ोतरी को लेकर सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि फैसले सरकार के होते हैं, लेकिन उसकी कीमत जनता को चुकानी पड़ती है। उन्होंने यह भी टिप्पणी की कि ईंधन की कीमतों में पहले से ही असर दिखना शुरू हो गया है और आगे चलकर इसका बोझ और बढ़ सकता है। उनके अनुसार, इस तरह के फैसले आम नागरिकों की जेब पर सीधा असर डालते हैं और महंगाई को और बढ़ाते हैं। इसी मुद्दे पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भी सरकार की आर्थिक नीतियों की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि देश में आर्थिक चुनौतियों के पीछे नेतृत्व की कमी और दीर्घकालिक दृष्टिकोण का अभाव है। उनके मुताबिक, ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी से आम जनता पर अतिरिक्त दबाव बनता है और यह स्थिति सरकार की नीतिगत विफलता को दर्शाती है। पार्टी के अन्य नेताओं ने भी इस मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव का असर आम उपभोक्ताओं तक सही तरीके से नहीं पहुंचाया गया है। उनका दावा है कि जब वैश्विक स्तर पर कीमतें कम थीं, तब उसका लाभ जनता को नहीं मिला, और अब जब कीमतें बढ़ रही हैं, तो उसका बोझ सीधे लोगों पर डाला जा रहा है। सरकारी तेल कंपनियों द्वारा लंबे समय के बाद ईंधन कीमतों में संशोधन किए जाने के बाद यह मुद्दा और अधिक गर्म हो गया है। दिल्ली समेत कई शहरों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे आम उपभोक्ताओं के बजट पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। विपक्ष का कहना है कि ईंधन की कीमतों में इस तरह की बढ़ोतरी का सीधा असर परिवहन लागत और रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतों पर पड़ता है, जिससे महंगाई और अधिक बढ़ सकती है। वहीं सरकार की ओर से इस पर आर्थिक परिस्थितियों और वैश्विक बाजार के प्रभावों को कारण बताया जा रहा है।
खंडवा में दर्दनाक हादसा: पुल से 200 फीट गहरी खाई में गिरी बोलेरो, ड्राइवर की मौत

नई दिल्ली । मध्य प्रदेश के खंडवा जिले में शुक्रवार सुबह एक भयावह सड़क हादसा हो गया। खंडवा-भोपाल हाईवे पर स्थित नर्मदानगर ओवरब्रिज से एक बोलेरो वाहन अनियंत्रित होकर लगभग 200 फीट गहरी खाई में गिर गया। हादसा इतना भीषण था कि वाहन पूरी तरह चकनाचूर हो गया और ड्राइवर की मौके पर ही मौत हो गई। यह दुर्घटना इंदिरा सागर बांध के बाहरी हिस्से में बने ओवरब्रिज पर हुई। बताया जा रहा है कि भोपाल की ओर से आ रही तेज रफ्तार बोलेरो अचानक अनियंत्रित हो गई और सुरक्षा जाल पार करते हुए नीचे जा गिरी। वाहन ने गिरते समय पावर स्टेशन की रिटेनिंग वॉल को भी तोड़ दिया। अधिकारियों के अनुसार यदि यह दीवार नहीं होती, तो बोलेरो सीधे टरबाइन से निकलने वाले तेज बहाव वाले पानी में समा सकती थी। सूचना मिलते ही पुलिस और राहत टीम मौके पर पहुंची। करीब 200 फीट नीचे उतरकर पुलिसकर्मियों ने क्षतिग्रस्त बोलेरो के गेट तोड़े और अंदर फंसे ड्राइवर को बाहर निकाला, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। मृतक की पहचान अभिषेक नरगावे (26) निवासी ग्राम अंजनिया खुर्द के रूप में हुई है। नर्मदानगर थाना प्रभारी के अनुसार, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर और छाती में गंभीर चोटों को मौत का कारण बताया गया है। पुलिस ने मर्ग कायम कर हादसे की जांच शुरू कर दी है। परिजनों ने बताया कि अभिषेक खुद अपनी बोलेरो टैक्सी के रूप में चलाता था। गुरुवार रात वह कुछ यात्रियों को छोड़ने राजगढ़ गया था और लौटते समय यह हादसा हो गया। बताया जा रहा है कि दुर्घटना सुबह करीब 4 बजे हुई। अभिषेक अविवाहित था और परिवार का सहारा माना जाता था।