smart cities India: भारत के शहरों को आधुनिक बनाने की चुनौती, अगले दशक में 80 लाख करोड़ रुपये निवेश का अनुमान

smart cities India: नई दिल्ली । भारत तेजी से शहरीकरण की दिशा में आगे बढ़ रहा है और आने वाले वर्षों में देश के शहर आर्थिक विकास की सबसे बड़ी ताकत बनने वाले हैं। इसी बदलते परिदृश्य को देखते हुए एक नई रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया है कि भारत को वर्ष 2037 तक अपने शहरी इन्फ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए करीब 80 लाख करोड़ रुपये के निवेश की आवश्यकता होगी। यह आंकड़ा देश में बढ़ती आबादी, शहरों के विस्तार और आधुनिक सुविधाओं की बढ़ती मांग को दर्शाता है। रिपोर्ट के अनुसार आने वाले दशक में भारत की अर्थव्यवस्था में शहरी क्षेत्रों की भूमिका और अधिक मजबूत होने वाली है। अनुमान है कि वर्ष 2036 तक देश की कुल जीडीपी में लगभग 70 प्रतिशत योगदान शहरी क्षेत्रों से आएगा। यही कारण है कि अब शहरी विकास केवल निर्माण और विस्तार तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह राष्ट्रीय आर्थिक रणनीति का अहम हिस्सा बन चुका है। विशेषज्ञों का मानना है कि शहरों पर बढ़ता दबाव परिवहन, आवास, जल आपूर्ति, स्वच्छता, ऊर्जा और डिजिटल सुविधाओं जैसे क्षेत्रों में बड़े निवेश की मांग करेगा। यदि समय रहते इन क्षेत्रों में पर्याप्त निवेश नहीं किया गया, तो भविष्य में बड़े शहरों के सामने गंभीर अव्यवस्था और संसाधनों की कमी जैसी चुनौतियां खड़ी हो सकती हैं। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि सरकार शहरी विकास के लिए अब पारंपरिक अनुदान आधारित मॉडल से आगे बढ़कर बाजार आधारित वित्तीय ढांचे की ओर कदम बढ़ा रही है। इसी रणनीति के तहत शहरी विकास परियोजनाओं के लिए एक विशेष फंड मॉडल तैयार किया गया है, जिसका उद्देश्य आने वाले वर्षों में लाखों करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित करना है। Suvendu Adhikari leaves Nandigram: पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़ा फैसला, मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम सीट छोड़ी नई व्यवस्था के तहत शहरी स्थानीय निकायों को किसी भी परियोजना के लिए केंद्र की सहायता प्राप्त करने से पहले अपने स्तर पर भी वित्त जुटाना होगा। इसके लिए नगर निकायों को बैंक ऋण, पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप और नगरपालिका बॉन्ड जैसे विकल्पों का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। माना जा रहा है कि इससे शहरों में वित्तीय अनुशासन और पारदर्शिता बढ़ेगी, साथ ही निवेशकों का भरोसा भी मजबूत होगा। हालांकि रिपोर्ट में कुछ चुनौतियों की ओर भी संकेत किया गया है। कई छोटे शहरों और नगर निकायों की वित्तीय स्थिति अभी इतनी मजबूत नहीं है कि वे बड़े स्तर पर बाजार से निवेश जुटा सकें। ऐसे में उनकी क्रेडिट रेटिंग और वित्तीय विश्वसनीयता एक बड़ी चुनौती बन सकती है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि नगर निकायों को मजबूत वित्तीय ढांचे और बेहतर प्रशासनिक क्षमता से नहीं जोड़ा गया, तो कई परियोजनाएं केवल योजनाओं तक सीमित रह सकती हैं। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि अब तक देश में बहुत कम शहरों ने नगरपालिका बॉन्ड के जरिए निवेश जुटाने का सफल प्रयास किया है। इससे साफ संकेत मिलता है कि इस क्षेत्र में अभी भी व्यापक संभावनाएं मौजूद हैं। सरकार द्वारा शुरू की गई नई गारंटी योजनाओं से छोटे शहरों को पहली बार ऋण लेने और निवेशकों का भरोसा जीतने में मदद मिल सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि योजनाओं को प्रभावी तरीके से लागू किया गया, तो आने वाले वर्षों में भारत के शहर आधुनिक, टिकाऊ और आर्थिक रूप से अधिक सक्षम बन सकते हैं। शहरी इन्फ्रास्ट्रक्चर में यह निवेश केवल विकास परियोजना नहीं होगा, बल्कि देश की आर्थिक गति को नई ऊंचाई देने का आधार भी बनेगा।
HAL Share: HAL के नतीजों ने दिखाया दम, मार्जिन दबाव से गिरा शेयर, लंबी अवधि के निवेशकों की बढ़ी उम्मीदें

HAL Share: नई दिल्ली । डिफेंस सेक्टर की दिग्गज सरकारी कंपनी हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड यानी HAL एक बार फिर निवेशकों और बाजार विशेषज्ञों के बीच चर्चा का केंद्र बन गई है। कंपनी ने मार्च तिमाही के लिए मजबूत वित्तीय नतीजे पेश किए, लेकिन इसके बावजूद शेयर बाजार में HAL के स्टॉक पर दबाव देखने को मिला। कारोबार के दौरान कंपनी के शेयरों में करीब पांच प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई, जिसने निवेशकों को हैरान कर दिया। हालांकि बाजार के कई जानकार इस गिरावट को लंबी अवधि के निवेशकों के लिए एक बड़ा अवसर मान रहे हैं। कंपनी के तिमाही नतीजों में राजस्व और मुनाफे दोनों में मजबूती दिखाई दी। HAL ने मजबूत ऑर्डर बुक और स्थिर कारोबारी प्रदर्शन के दम पर उम्मीद से बेहतर परिणाम पेश किए। इसके बावजूद निवेशकों का फोकस कंपनी के EBITDA मार्जिन पर रहा, जिसमें गिरावट दर्ज की गई। यही वजह रही कि मजबूत नतीजों के बावजूद बाजार की धारणा कमजोर पड़ गई और शेयरों में बिकवाली बढ़ गई। विशेषज्ञों का कहना है कि डिफेंस प्रोजेक्ट्स के शुरुआती चरणों में अक्सर लागत का दबाव ज्यादा रहता है, जिससे मार्जिन पर असर दिखाई देता है। HAL के मामले में भी कुछ बड़े ऑर्डर और प्रोजेक्ट मिक्स के कारण मार्जिन में कमी देखने को मिली। हालांकि कई विश्लेषकों का मानना है कि यह दबाव अस्थायी हो सकता है और आने वाले समय में कंपनी की लाभप्रदता फिर मजबूत हो सकती है। ग्लोबल ब्रोकरेज फर्मों ने भी HAL को लेकर अपना भरोसा कायम रखा है। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार कंपनी की ऑर्डर बुक बेहद मजबूत स्थिति में है और आने वाले वर्षों में डिफेंस सेक्टर में बढ़ते सरकारी निवेश का सबसे बड़ा फायदा HAL को मिल सकता है। इसके अलावा कंपनी की मजबूत बैलेंस शीट और कैश रिजर्व उसे दूसरे सरकारी उपक्रमों की तुलना में अधिक स्थिर बनाते हैं। HAL लंबे समय से भारतीय डिफेंस निर्माण क्षेत्र की प्रमुख कंपनी रही है और देश के सैन्य विमान, हेलीकॉप्टर और कई रणनीतिक प्रोजेक्ट्स में इसकी अहम भूमिका रही है। आत्मनिर्भर भारत अभियान और रक्षा क्षेत्र में स्वदेशी निर्माण को बढ़ावा मिलने के बाद कंपनी की संभावनाएं और मजबूत मानी जा रही हैं। यही कारण है कि कई निवेशक इस स्टॉक को लंबी अवधि के नजरिए से बेहद महत्वपूर्ण मानते हैं। हाल के दिनों में शेयर में उतार-चढ़ाव जरूर देखने को मिला है, लेकिन लंबी अवधि का प्रदर्शन अब भी काफी प्रभावशाली रहा है। पिछले कुछ वर्षों में HAL ने अपने निवेशकों को शानदार रिटर्न दिए हैं और डिफेंस सेक्टर के सबसे मजबूत सरकारी शेयरों में अपनी पहचान बनाई है। बाजार में गिरावट के बावजूद कई विश्लेषक मानते हैं कि कंपनी की बुनियादी स्थिति मजबूत बनी हुई है। डिफेंस सेक्टर में सरकार की बढ़ती प्राथमिकता, बड़े ऑर्डर और निर्यात के बढ़ते अवसर HAL के लिए भविष्य में बड़े ग्रोथ ड्राइवर साबित हो सकते हैं। इसके अलावा वैश्विक स्तर पर भी भारतीय रक्षा कंपनियों की मांग बढ़ने लगी है, जिसका फायदा HAL जैसी कंपनियों को मिलने की उम्मीद है।
Watermelon Poisoning: तरबूज खाने से हुई पिता की मौत, श्योपुर में बेटे की हालत भी गंभीर; फूड पॉइजनिंग की आशंका

HIGHLIGHTS: तरबूज खाने के बाद पिता-पुत्र की बिगड़ी तबीयत अस्पताल ले जाते समय पिता की मौत बेटे की हालत गंभीर, जिला अस्पताल में इलाज जारी सीने में जलन के बाद खाया था तरबूज फूड पॉइजनिंग की आशंका में जांच शुरू Watermelon Poisoning:मध्यप्रदेश। श्योपुर से एक दर्दनाक घटना सामने आई, जहां तरबूज खाने के बाद पिता और बेटे की अचानक तबीयत बिगड़ गई। बता दें कि मामला फूड पॉइजनिंग से जुड़ा बताया जा रहा है। इस घटना में पिता की मौत हो गई, जबकि बेटे की हालत गंभीर बनी हुई है। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। शुरुआती जानकारी के मुताबिक दोनों ने सीने में जलन की शिकायत होने पर तरबूज खाया था, जिसके बाद उनकी तबीयत लगातार बिगड़ती चली गई। फिलहाल स्वास्थ्य विभाग भी पूरे मामले की जांच में जुट गया है। दिल्ली BRICS समिट में ईरान पर फूटा मतभेद, बिना संयुक्त बयान खत्म हुई विदेश मंत्रियों की बैठक सीने में जलन के बाद खाया था तरबूज जानकारी के अनुसार सुसनेर, शाजापुर निवासी इंद्र सिंह परिहार (43) अपने बेटे विनोद (21) के साथ श्योपुर में रिलायंस पेट्रोल पंप के सामने किराए के मकान में रहते थे। इंद्र सिंह पेशे से ड्राइवर थे। परिजनों ने बताया कि गुरुवार रात खाना खाने के बाद दोनों को सीने में जलन महसूस हुई। शुक्रवार सुबह करीब 6 बजे उन्होंने ठंडक पाने के लिए तरबूज खाया। लेकिन तरबूज खाने के कुछ देर बाद दोनों की हालत अचानक बिगड़ने लगी और उन्हें उलझन तथा कमजोरी महसूस होने लगी। बच्चों की सुरक्षा के लिए Instagram का बड़ा कदम, पैरेंट्स को मिलेगा नया मॉनिटरिंग फीचर अस्पताल ले जाते समय हुई मौत परिजन तुरंत दोनों को जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। डॉक्टरों ने इंद्र सिंह की हालत गंभीर देखते हुए उन्हें कोटा रेफर कर दिया, लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। वहीं बेटे विनोद का इलाज जारी है और उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। मृतक अपने पीछे पत्नी संगीता और तीन बेटों को छोड़ गए हैं। घटना के बाद परिजन सदमे में हैं। फिलहाल डॉक्टर फूड पॉइजनिंग की आशंका मान रहे हैं और मामले की जांच की जा रही है।
Stock Market: रिकॉर्ड हाई के बाद भी नहीं थम रही इस ₹800 वाले कैपिटल गुड्स स्टॉक की रफ्तार, निवेशकों की नजर नए 52-वीक हाई पर

Stock Market: नई दिल्ली । कैपिटल गुड्स सेक्टर की प्रमुख कंपनी Graphite India के शेयरों में लगातार मजबूत तेजी देखने को मिल रही है। हाल ही में रिकॉर्ड हाई स्तर छूने के बाद भी स्टॉक की रफ्तार थमती नजर नहीं आ रही और बाजार में इसे लेकर सकारात्मक माहौल बना हुआ है। शुक्रवार के कारोबारी सत्र में भी कंपनी के शेयरों में शानदार बढ़त दर्ज की गई, जिससे निवेशकों का भरोसा और मजबूत होता दिखाई दिया। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि स्टॉक में अभी भी तेजी की संभावना बनी हुई है और आने वाले कारोबारी सत्रों में यह नया 52-वीक हाई बना सकता है। टेक्निकल चार्ट पर शेयर की स्थिति मजबूत मानी जा रही है और इसमें लगातार खरीदारी का रुझान दिखाई दे रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, शेयर में बने मजबूत मोमेंटम और सकारात्मक संकेतों के चलते शॉर्ट टर्म निवेशकों की दिलचस्पी तेजी से बढ़ रही है। कंपनी के शेयरों ने पिछले कुछ समय में शानदार प्रदर्शन किया है, जिससे यह बाजार के चर्चित स्टॉक्स में शामिल हो गया है। निवेशकों का मानना है कि कैपिटल गुड्स सेक्टर में बढ़ती गतिविधियों और औद्योगिक मांग में सुधार का फायदा कंपनी को मिल सकता है। इसी वजह से बाजार में इस शेयर को लेकर उत्साह लगातार बना हुआ है। Suvendu Adhikari leaves Nandigram: पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़ा फैसला, मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम सीट छोड़ी विशेषज्ञों का कहना है कि स्टॉक ने हाल के दिनों में जिस तरह का प्रदर्शन किया है, उससे यह संकेत मिलता है कि बाजार में इसके प्रति निवेशकों का भरोसा मजबूत है। तकनीकी स्तर पर भी शेयर मजबूत सपोर्ट ज़ोन में बना हुआ है और इसमें लगातार वॉल्यूम के साथ खरीदारी देखी जा रही है। यही कारण है कि कई विश्लेषक इसे निकट भविष्य में और ऊपर जाने की संभावना वाला शेयर मान रहे हैं। मार्केट एक्सपर्ट्स के अनुसार, शॉर्ट टर्म ट्रेडर्स के लिए यह स्टॉक आकर्षक बना हुआ है। उनका मानना है कि यदि बाजार का मौजूदा सकारात्मक रुख जारी रहता है तो शेयर आने वाले हफ्तों में और ऊंचे स्तर छू सकता है। हालांकि निवेशकों को बाजार की अस्थिरता और जोखिम को ध्यान में रखते हुए रणनीति बनाकर निवेश करने की सलाह दी जा रही है। पिछले कुछ महीनों में कंपनी के प्रदर्शन और शेयर की तेजी ने इसे निवेशकों के बीच चर्चा का विषय बना दिया है। रिकॉर्ड हाई के बाद भी स्टॉक में लगातार बनी मजबूती यह दर्शाती है कि बाजार में इसके प्रति सकारात्मक धारणा कायम है। अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि क्या यह शेयर जल्द ही नया 52-वीक हाई बनाकर अपनी तेजी को अगले स्तर तक ले जा पाएगा।
CJI Surya Kant: सुप्रीम कोर्ट में तीखी टिप्पणी से मचा विवाद, CJI सूर्यकांत ने युवाओं और एक्टिविस्ट्स पर कही बड़ी बात

CJI Surya Kant: नई दिल्ली। सूर्यकांत ने सुप्रीम कोर्ट में एक सुनवाई के दौरान कड़ी टिप्पणी करते हुए कुछ युवाओं और एक्टिविस्ट्स को लेकर सख्त शब्दों का इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा कि समाज में ऐसे लोग भी मौजूद हैं जो न तो किसी पेशे में स्थिर होते हैं और न ही किसी जिम्मेदारी से जुड़े होते हैं, और बाद में वे विभिन्न मंचों से सिस्टम की आलोचना करने लगते हैं। यह टिप्पणी उस समय आई जब जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची की बेंच एक याचिकाकर्ता की सीनियर एडवोकेट बनने की मांग पर सुनवाई कर रही थी। कोर्ट ने याचिकाकर्ता के आचरण और सोशल मीडिया पर इस्तेमाल की गई भाषा पर भी सवाल उठाए। Gujrat Road Accident: गुजरात जा रही वैन हादसे का शिकार, दो की मौत के बीच करोड़ों की चांदी मिलने से सनसनी सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश ने यह भी कहा कि कुछ लोग बिना स्थायी पेशे या जिम्मेदारी के अलग-अलग मंचों पर सक्रिय होकर सिस्टम पर लगातार हमला करते हैं। हालांकि अदालत की टिप्पणी को लेकर अब बहस भी शुरू हो गई है और इसे लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि सीनियर एडवोकेट का दर्जा कोई स्टेटस सिंबल नहीं है, बल्कि यह योग्यता, अनुभव और पेशेवर योगदान के आधार पर दिया जाने वाला सम्मान है। बेंच ने कहा कि इस पद को पाने के लिए प्रक्रिया का पालन करना जरूरी है और इसे केवल प्रतिष्ठा के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। इस पूरे मामले के बाद न्यायिक भाषा और सार्वजनिक टिप्पणियों की मर्यादा को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है।
Market Crash: शेयर बाजार की रफ्तार थमी, मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में बड़ी गिरावट..

Market Crash: नई दिल्ली । सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार दबाव में नजर आया और प्रमुख सूचकांक गिरावट के साथ बंद हुए। शुरुआती कारोबार में तेजी दिखाने के बावजूद दिनभर के उतार-चढ़ाव के बाद बाजार ने कमजोर रुख के साथ कारोबार समाप्त किया। निवेशकों के बीच मुनाफावसूली और वैश्विक संकेतों की कमजोरी का असर बाजार पर साफ दिखाई दिया। कारोबार की शुरुआत सकारात्मक माहौल में हुई थी और शुरुआती घंटों में बाजार में अच्छी खरीदारी देखने को मिली। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ने मजबूत ओपनिंग दी थी, लेकिन ऊपरी स्तरों पर टिके रहने में सफल नहीं हो सके। दिन चढ़ने के साथ बाजार में बिकवाली का दबाव बढ़ा और प्रमुख सूचकांक धीरे-धीरे लाल निशान में पहुंच गए। दिन के अंत में सेंसेक्स करीब 161 अंक की गिरावट के साथ बंद हुआ, जबकि निफ्टी भी कमजोरी के साथ 23,650 के स्तर के नीचे फिसल गया। बाजार की इस गिरावट ने निवेशकों की सतर्कता को और बढ़ा दिया है। विशेष रूप से मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में ज्यादा कमजोरी देखने को मिली, जिससे व्यापक बाजार पर दबाव बढ़ गया। मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में बेंचमार्क सूचकांकों की तुलना में अधिक गिरावट दर्ज की गई। विशेषज्ञों का मानना है कि हाल के दिनों में इन शेयरों में तेज उछाल के बाद निवेशकों ने मुनाफावसूली का रास्ता चुना, जिसके चलते इन सेगमेंट्स में दबाव बढ़ा। Airfare Relief: विमानन क्षेत्र को राहत, महाराष्ट्र में एयर टरबाइन फ्यूल पर टैक्स में भारी कटौती.. शेयरों की बात करें तो कुछ चुनिंदा कंपनियों में अच्छी तेजी भी देखने को मिली। ऑटो और आईटी सेक्टर के कुछ शेयरों ने बाजार को सहारा देने की कोशिश की, लेकिन धातु, बैंकिंग और रियल्टी सेक्टर में कमजोरी ने बाजार की दिशा को नीचे की ओर बनाए रखा। आईटी शेयरों में खरीदारी देखने को मिली, जबकि मेटल और बैंकिंग सेक्टर सबसे ज्यादा दबाव में रहे। सेक्टोरल इंडेक्स पर नजर डालें तो मीडिया, आईटी, फार्मा और एफएमसीजी सेक्टर में सीमित तेजी दर्ज की गई। वहीं मेटल, पीएसयू बैंक, डिफेंस और रियल्टी सेक्टर में बड़ी गिरावट देखने को मिली। कच्चे तेल की कीमतों में अस्थिरता और वैश्विक बाजारों से मिले कमजोर संकेतों ने ऊर्जा और ऑयल एंड गैस शेयरों पर भी दबाव बनाया। विश्लेषकों के अनुसार बाजार में फिलहाल निवेशकों का रुख सतर्क बना हुआ है। वैश्विक आर्थिक हालात, विदेशी निवेशकों की गतिविधियां और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव आने वाले दिनों में बाजार की दिशा तय कर सकते हैं। इसके अलावा घरेलू स्तर पर महंगाई और ब्याज दरों को लेकर बनी अनिश्चितता भी निवेशकों के फैसलों को प्रभावित कर रही है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि निकट भविष्य में बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। ऐसे माहौल में निवेशकों को सावधानी के साथ निवेश करने और मजबूत फंडामेंटल वाले शेयरों पर ध्यान देने की सलाह दी जा रही है। कुल मिलाकर, शुक्रवार का कारोबारी सत्र यह संकेत देता है कि बाजार अभी भी अस्थिरता के दौर से गुजर रहा है और निवेशकों की नजरें अब आने वाले वैश्विक और घरेलू आर्थिक संकेतकों पर टिकी रहेंगी।
China US summit: शी जिनपिंग की सीट से उठते ही फाइलें देखने लगे ट्रंप! चीन समिट का VIDEO वायरल, सोशल मीडिया पर मचा बवाल

China US summit: नई दिल्ली। डोनाल्ड ट्रम्प एक बार फिर अपने व्यवहार को लेकर अंतरराष्ट्रीय चर्चा के केंद्र में आ गए हैं। चीन दौरे के दौरान उनका एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वह कथित तौर पर Xi Jinping के सामने रखे दस्तावेजों और डायरी को देखने की कोशिश करते नजर आ रहे हैं। इस वीडियो के सामने आने के बाद इंटरनेट पर बहस छिड़ गई है और लोग ट्रंप के व्यवहार पर सवाल उठा रहे हैं। वायरल वीडियो में दिखाई देता है कि अमेरिका-चीन बैठक के दौरान शी जिनपिंग अपनी सीट से कुछ देर के लिए उठते हैं। इसी बीच ट्रंप सामने रखे दस्तावेजों की तरफ झुकते हैं और एक नोटबुक या डायरी जैसी चीज को देखने लगते हैं। वीडियो में मौजूद कुछ अमेरिकी अधिकारी भी इस दौरान असहज दिखाई देते हैं। हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि ट्रंप वास्तव में क्या पढ़ रहे थे और वह दस्तावेज निजी थे या बैठक से जुड़े आधिकारिक कागज। 🚨⚡️ SPOTTED: Trump caught sneaking a peek at Xi Jinping’s private notebook during a Beijing banquet while Xi stepped away! 🤣 pic.twitter.com/MLms4D27SC — RussiaNews 🇷🇺 (@mog_russEN) May 15, 2026 सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर इस वीडियो को लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। कई यूजर्स ने इसे “डिप्लोमैटिक प्रोटोकॉल के खिलाफ” बताया, जबकि कुछ लोगों ने मजाकिया अंदाज में कहा कि ट्रंप “चीन के सीक्रेट” जानने की कोशिश कर रहे थे। कुछ पोस्ट्स में ट्रंप के व्यवहार को लेकर उनकी कार्यशैली और सार्वजनिक आचरण पर भी सवाल उठाए गए। बांग्लादेशी पत्रकार Salah Uddin Shoaib Choudhury ने भी इस वीडियो पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इतने संवेदनशील अंतरराष्ट्रीय मंच पर ऐसा व्यवहार कई सवाल खड़े करता है। उन्होंने इसे कूटनीतिक माहौल के लिहाज से असामान्य बताया। हालांकि अब तक अमेरिका या चीन की ओर से इस वीडियो को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। यह भी साफ नहीं हो पाया है कि वीडियो किस संदर्भ में रिकॉर्ड हुआ और ट्रंप वास्तव में क्या देख रहे थे। बावजूद इसके, यह क्लिप सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है और दुनियाभर में चर्चा का विषय बनी हुई है।
instagram new feature: बच्चों की सुरक्षा के लिए Instagram का बड़ा कदम, पैरेंट्स को मिलेगा नया मॉनिटरिंग फीचर

instagram new feature: नई दिल्ली। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Instagram जल्द ही पैरेंट्स के लिए एक नया Supervision Tool लेकर आ रहा है। इस फीचर की मदद से माता-पिता अपने बच्चों की इंस्टाग्राम एक्टिविटी पर नजर रख सकेंगे। खास बात यह है कि यह टूल केवल Teen Accounts पर काम करेगा। कंपनी के मुताबिक, इस फीचर से पैरेंट्स यह समझ पाएंगे कि उनके बच्चों की फीड, रील्स और एक्सप्लोर सेक्शन में किस तरह का कंटेंट दिखाई दे रहा है और वे किन विषयों में ज्यादा रुचि ले रहे हैं। क्यों लाया गया यह फीचर Meta का कहना है कि इस टूल को इस तरह डिजाइन किया गया है ताकि परिवार यह समझ सकें कि इंस्टाग्राम का एल्गोरिदम बच्चों को कौन-सा कंटेंट और क्यों दिखा रहा है। उदाहरण के तौर पर, अगर कोई टीन यूजर स्पोर्ट्स, म्यूजिक, गेमिंग या फोटोग्राफी से जुड़ा कंटेंट ज्यादा देखता है, तो पैरेंट्स को इन कैटेगरी की जानकारी मिल जाएगी। इससे वे बच्चों की ऑनलाइन रुचियों और डिजिटल व्यवहार को बेहतर तरीके से समझ पाएंगे। Gujrat Road Accident: गुजरात जा रही वैन हादसे का शिकार, दो की मौत के बीच करोड़ों की चांदी मिलने से सनसनी नई कैटेगरी जुड़ते ही मिलेगा नोटिफिकेशन इस नए सुपरविजन टूल की एक खास सुविधा यह भी होगी कि अगर बच्चा अपने इंटरेस्ट में कोई नई कैटेगरी जोड़ता है, तो इसकी जानकारी पैरेंट्स को नोटिफिकेशन के जरिए मिल जाएगी। इससे माता-पिता यह जान सकेंगे कि बच्चे के फीड में अचानक नया कंटेंट क्यों दिखाई देने लगा है। AI एक्टिविटी पर भी रखी जा सकेगी नज कुछ समय पहले इंस्टाग्राम, फेसबुक और मैसेंजर के लिए एक और फीचर पेश किया गया था, जिसमें पैरेंट्स यह देख सकते हैं कि बच्चे AI टूल्स का इस्तेमाल किस तरह कर रहे हैं। नई “Insights” टैब में पिछले 7 दिनों के दौरान बच्चे किन विषयों पर AI से सवाल पूछ रहे हैं, उसकी जानकारी दिखाई जाएगी। हालांकि, इसमें पूरी चैट नहीं दिखाई जाएगी, बल्कि केवल टॉपिक्स की लिस्ट दिखाई जाएगी। भारत में भी जल्द मिलेगा फीचर रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह नया सुपरविजन टूल ग्लोबली रोलआउट होना शुरू हो गया है। शुरुआती चरण में इसे अंग्रेजी भाषा के यूजर्स के लिए उपलब्ध कराया जाएगा और बाद में भारत समेत अन्य देशों में भी लॉन्च किया जाएगा।
BRICS meeting Delhi: दिल्ली BRICS समिट में ईरान पर फूटा मतभेद, बिना संयुक्त बयान खत्म हुई विदेश मंत्रियों की बैठक

BRICS meeting Delhi: नई दिल्ली। BRICS देशों के विदेश मंत्रियों की दिल्ली में हुई अहम बैठक ईरान मुद्दे पर गहरे मतभेदों के बीच बिना संयुक्त बयान के खत्म हो गई। समिट में ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव, पश्चिम एशिया की स्थिति और होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही जैसे मुद्दों पर तीखी चर्चा हुई, लेकिन सदस्य देशों के बीच आम सहमति नहीं बन सकी। सूत्रों के मुताबिक, ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने BRICS देशों से मांग की कि संयुक्त बयान में ईरान पर हुए हमलों की स्पष्ट निंदा की जाए। उन्होंने अमेरिका और इजरायल पर अंतरराष्ट्रीय कानून तोड़ने का आरोप लगाया और BRICS से खुला समर्थन मांगा। हालांकि भारत समेत कई सदस्य देशों ने इस मुद्दे पर संतुलित रुख अपनाने की जरूरत बताई। बैठक में मौजूद देशों का मानना था कि पश्चिम एशिया के हालात बेहद संवेदनशील हैं और किसी एक पक्ष का खुलकर समर्थन करने से कूटनीतिक संतुलन बिगड़ सकता है। इसी कारण साझा बयान पर सहमति नहीं बन पाई और अंत में केवल एक “Outcome Statement” जारी किया गया। हालांकि ईरान के मुद्दे पर मतभेद सामने आए, लेकिन करीब 60 अहम एजेंडों पर सभी देशों ने एक जैसी राय रखी। इनमें ऊर्जा सहयोग, डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, व्यापार, क्लाइमेट एक्शन, वित्तीय कनेक्टिविटी और वैश्विक आर्थिक सहयोग जैसे विषय शामिल रहे। Suvendu Adhikari leaves Nandigram: पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़ा फैसला, मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम सीट छोड़ी समिट के दौरान S. Jaishankar ने अपने संबोधन में समुद्री व्यापार मार्गों की सुरक्षा पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य जैसे अंतरराष्ट्रीय समुद्री रास्तों को हर हाल में खुला रखा जाना चाहिए, क्योंकि इन मार्गों पर रुकावट का असर पूरी दुनिया की ऊर्जा आपूर्ति और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ता है। समिट से इतर जयशंकर और अराघची के बीच अलग से द्विपक्षीय बैठक भी हुई। दोनों नेताओं ने ईरान-इजरायल तनाव, क्षेत्रीय स्थिरता और समुद्री सुरक्षा जैसे मुद्दों पर चर्चा की। भारत ने साफ किया कि वह बातचीत और कूटनीति के जरिए तनाव कम करने के पक्ष में है। विशेषज्ञों का मानना है कि BRICS मंच पर ईरान मुद्दे पर खुलकर मतभेद सामने आना इस बात का संकेत है कि संगठन के भीतर भी भू-राजनीतिक चुनौतियां बढ़ रही हैं। इसके बावजूद आर्थिक और रणनीतिक सहयोग के कई मुद्दों पर सदस्य देशों की एकजुटता कायम दिखाई दी।
Twitter update: X का बड़ा अपडेट! अब एक क्लिक में मिलेंगी पुरानी पोस्ट, वीडियो और आर्टिकल्स, Elon Musk ने लॉन्च किया History फीचर

Twitter update: नई दिल्ली। एलन मस्क की सोशल मीडिया कंपनी X लगातार यूजर्स के एक्सपीरियंस को बेहतर बनाने के लिए नए फीचर्स ला रही है। अब कंपनी ने एक नया और बेहद उपयोगी “History Feature” लॉन्च किया है, जिसकी मदद से यूजर्स पहले देखे गए पोस्ट, वीडियो और आर्टिकल्स को आसानी से दोबारा खोज सकेंगे। यह फीचर खासतौर पर उन लोगों के लिए राहत लेकर आया है, जो बाद में देखने या पढ़ने के लिए कंटेंट सेव करना भूल जाते थे। कंपनी के अनुसार नया History फीचर फिलहाल iOS यानी iPhone यूजर्स के लिए रोल आउट किया गया है। इस फीचर के जरिए यूजर्स अपनी पुरानी ऑनलाइन एक्टिविटी को व्यवस्थित तरीके से ट्रैक कर पाएंगे। एक्स ने इस फीचर को चार अलग-अलग सेक्शन में बांटा है बुकमार्क, लाइक, वीडियो और लेख। बुकमार्क और लाइक्स सेक्शन में वे पोस्ट दिखाई देंगी जिन्हें यूजर्स ने सेव या लाइक किया होगा, जबकि वीडियो और आर्टिकल सेक्शन में वह कंटेंट ऑटोमैटिकली दिखेगा जिसे यूजर पहले प्लेटफॉर्म पर देख चुका होगा। इससे किसी पुराने वीडियो, वायरल पोस्ट या जरूरी आर्टिकल को दोबारा Today we’re rolling out a new History tab on iOS to help you keep track of all your favorite content on X. Bookmarks, Long Videos, Articles and Likes will live here — so you can always come back and continue watching or reading. The Timeline moves fast, so we hope this… pic.twitter.com/4hUGQS6KJf — Nikita Bier (@nikitabier) May 12, 2026 ढूंढना बेहद आसान हो जाएगा। अब तक एक्स पर पुरानी पोस्ट या वीडियो दोबारा खोजना यूजर्स के लिए बड़ी परेशानी बन जाता था। कई बार लोग कोई जरूरी जानकारी या पसंदीदा वीडियो फिर से देखना चाहते थे, लेकिन उसे ढूंढना मुश्किल हो जाता था। नए History फीचर के आने के बाद यह दिक्कत काफी हद तक खत्म हो जाएगी। एक्स के प्रोडक्ट हेड निकिता बियर ने बताया कि यह फीचर खास तौर पर उन यूजर्स को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है, जो बाद में कंटेंट दोबारा पढ़ना या देखना पसंद करते हैं। कंपनी का मानना है कि इससे यूजर्स का प्लेटफॉर्म पर बिताया जाने वाला समय भी बढ़ेगा और कंटेंट एक्सपीरियंस पहले से ज्यादा स्मार्ट बनेगा। smart cities India: भारत के शहरों को आधुनिक बनाने की चुनौती, अगले दशक में 80 लाख करोड़ रुपये निवेश का अनुमान कंपनी ने यूजर्स की प्राइवेसी का भी खास ध्यान रखा है।एक्स के मुताबिक हिस्ट्री सेक्शन पूरी तरह प्राइवेट रहेगा और इसमें दिखाई देने वाली एक्टिविटी केवल संबंधित यूजर को ही नजर आएगी। कोई दूसरा व्यक्ति आपकी हिस्ट्री नहीं देख पाएगा। टेक एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह अपडेट सिर्फ एक साधारण हिस्ट्री फीचर नहीं है, बल्कि X के बदलते विजन का हिस्सा है। कंपनी अब खुद को सिर्फ माइक्रोब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म तक सीमित नहीं रखना चाहती, बल्कि वीडियो, लंबे आर्टिकल्स और क्रिएटर कंटेंट पर ज्यादा फोकस कर रही है। यही वजह है कि नए फीचर को X के बड़े कंटेंट इकोसिस्टम की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।