सोने-चांदी में जबरदस्त उछाल, एक हफ्ते में सोना ₹8 हजार से ज्यादा महंगा

नई दिल्ली। देश में सोने और चांदी की कीमतों में इस सप्ताह जबरदस्त उछाल देखने को मिला है। लगातार बढ़ती कीमतों ने निवेशकों और आम खरीदारों दोनों का ध्यान खींचा है। इंडिया बुलियन ज्वेलर्स एसोसिएशन (आईबीजेए) के आंकड़ों के अनुसार, बीते एक हफ्ते में सोने की कीमत में 8 हजार रुपए से अधिक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जबकि चांदी भी रिकॉर्ड स्तर के करीब पहुंच गई है। 24 कैरेट सोना 1.58 लाख रुपए के पारआईबीजेए के मुताबिक, 24 कैरेट सोने की कीमत बढ़कर 1,58,210 रुपए प्रति 10 ग्राम पहुंच गई है। पिछले सप्ताह इसी अवधि में इसकी कीमत 1,51,078 रुपए प्रति 10 ग्राम थी। यानी सिर्फ एक हफ्ते में सोना 8,132 रुपए प्रति 10 ग्राम महंगा हो गया। इसी तरह 22 कैरेट सोने का दाम बढ़कर 1,44,920 रुपए प्रति 10 ग्राम पहुंच गया, जो पहले 1,38,387 रुपए था। वहीं 18 कैरेट सोने की कीमत भी 1,13,309 रुपए से बढ़कर 1,18,658 रुपए प्रति 10 ग्राम हो गई। चांदी ने भी दिखाई तेज चमकसोने के साथ-साथ चांदी की कीमतों में भी बड़ी तेजी दर्ज की गई है। एक हफ्ते में चांदी 12,900 रुपए प्रति किलो महंगी होकर 2,68,500 रुपए प्रति किलो तक पहुंच गई। पिछले सप्ताह इसकी कीमत 2,55,600 रुपए प्रति किलो थी। हाजिर बाजार में चांदी ने 14 मई को सुबह के सत्र में 2,87,350 रुपए प्रति किलो का उच्चतम स्तर छुआ, जबकि सप्ताह का न्यूनतम भाव 11 मई को 2,55,300 रुपए प्रति किलो दर्ज किया गया। आयात शुल्क बढ़ने से बढ़े दामविशेषज्ञों के अनुसार, इस सप्ताह सोने और चांदी की कीमतों में आई तेज बढ़ोतरी की बड़ी वजह केंद्र सरकार द्वारा कीमती धातुओं पर आयात शुल्क बढ़ाना है। सरकार ने सेस सहित आयात शुल्क को 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत कर दिया है, जिसका सीधा असर घरेलू बाजार पर दिखाई दे रहा है। आईबीजेए दिन में दो बार सुबह और शाम सोने और चांदी के दाम जारी करता है। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि वैश्विक परिस्थितियों और आयात नीति के असर से आने वाले दिनों में कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।
ग्वादर पोर्ट को INSTC से जोड़ने पर रूस सहमत, पाकिस्तान-चीन को मिल सकती है रणनीतिक बढ़त; भारत की बढ़ी चिंता

नई दिल्ली। रूस ने पाकिस्तान के ग्वादर पोर्ट को इंटरनेशनल नॉर्थ-साउथ ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर (INSTC) से जोड़ने की संभावना पर सकारात्मक रुख दिखाया है। रूस के उप प्रधानमंत्री एलेक्सी ओवरचुक ने कहा है कि मॉस्को और इस्लामाबाद लंबे समय से इस कनेक्टिविटी पर चर्चा कर रहे हैं, जिसमें रेलवे और व्यापारिक नेटवर्क भी शामिल हैं। ग्वादर पोर्ट, जिसे चीन-पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरिडोर (CPEC) के तहत विकसित किया गया है, अरब सागर और होर्मुज जलडमरूमध्य के करीब रणनीतिक रूप से बेहद अहम माना जाता है। यदि यह INSTC नेटवर्क से जुड़ता है, तो रूस, मध्य एशिया, पाकिस्तान और चीन के बीच व्यापारिक पहुंच और मजबूत हो सकती है। INSTC मूल रूप से भारत, रूस और ईरान की पहल है, जिसका उद्देश्य यूरोप और एशिया के बीच तेज और कम लागत वाला व्यापार मार्ग तैयार करना है। अब पाकिस्तान की संभावित एंट्री को क्षेत्रीय भू-राजनीति में बड़े बदलाव के संकेत के रूप में देखा जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस कदम से चीन की बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव और CPEC को अतिरिक्त रणनीतिक मजबूती मिल सकती है। वहीं भारत के लिए यह चिंता का विषय इसलिए माना जा रहा है क्योंकि ग्वादर पोर्ट पहले से ही हिंद महासागर क्षेत्र में चीन-पाकिस्तान की बढ़ती मौजूदगी का प्रतीक माना जाता है। हालांकि, अभी इस परियोजना पर अंतिम समझौते या औपचारिक शामिल किए जाने की घोषणा नहीं हुई है, लेकिन रूस की सहमति को क्षेत्रीय शक्ति संतुलन के लिहाज से अहम संकेत माना जा रहा है।रूस ने पाकिस्तान के ग्वादर पोर्ट को INSTC कॉरिडोर से जोड़ने पर सकारात्मक रुख दिखाया है, जिससे चीन-पाकिस्तान की रणनीतिक स्थिति मजबूत हो सकती है।इस घटनाक्रम को भारत के लिए क्षेत्रीय प्रभाव और व्यापारिक हितों के लिहाज से नई चुनौती के तौर पर देखा जा रहा है।
टाटा ट्रस्ट्स की बोर्ड बैठक पर रोक, महाराष्ट्र चैरिटी कमिश्नर का निर्देश

नई दिल्ली। टाटा समूह से जुड़े सर रतन टाटा ट्रस्ट के प्रशासनिक मामलों में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। महाराष्ट्र के चैरिटी कमिश्नर ने ट्रस्ट की प्रस्तावित अहम बोर्ड बैठक को स्थगित करने का निर्देश जारी किया है। यह फैसला ट्रस्ट की बोर्ड संरचना को लेकर मिली कथित नियम उल्लंघन संबंधी शिकायतों के बाद लिया गया है। इस निर्देश के बाद टाटा ट्रस्ट्स की ओर से बयान जारी कर कहा गया है कि आदेश एकतरफा (एक्स-पार्टी) तरीके से दिया गया है और केवल सर रतन टाटा ट्रस्ट पर लागू होता है। ट्रस्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि आदेश की समीक्षा की जा रही है और कानूनी पहलुओं को समझा जा रहा है। महत्वपूर्ण बैठक पर लगी रोकयह बैठक इसलिए भी बेहद अहम मानी जा रही थी क्योंकि इसमें टाटा संस से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा प्रस्तावित थी। इनमें कंपनी की संभावित लिस्टिंग, चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन की पुनर्नियुक्ति और अन्य नॉमिनी डायरेक्टर्स से जुड़े मुद्दे शामिल थे। बैठक पहले 8 मई को होनी थी, जिसे बाद में 16 मई तक स्थगित किया गया था, लेकिन अब इसे फिर से टाल दिया गया है। जांच के घेरे में ट्रस्ट की संरचनामहाराष्ट्र चैरिटी कमिश्नर अमोघ एस. कालोटी के अनुसार, सर रतन टाटा ट्रस्ट के ट्रस्टी बोर्ड की संरचना को लेकर प्राप्त शिकायतों की जांच जारी है। आदेश में कहा गया है कि जब तक इंस्पेक्टर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं करता, तब तक किसी भी प्रकार की बोर्ड बैठक आयोजित नहीं की जा सकती। वकील कात्यायनी अग्रवाल द्वारा दायर शिकायत में भी इस मामले को उठाया गया है। उन्होंने 18 अप्रैल को चैरिटी कमिश्नर से हस्तक्षेप की मांग की थी और जांच पूरी होने तक सभी आगामी बैठकों पर रोक लगाने का अनुरोध किया था। ट्रस्टी संरचना पर उठे सवालजानकारी के अनुसार, सितंबर 2025 में लागू संशोधित नियमों के तहत किसी भी ट्रस्ट में स्थायी या आजीवन ट्रस्टियों की संख्या कुल बोर्ड के 25 प्रतिशत से अधिक नहीं होनी चाहिए। शिकायत में कहा गया है कि वर्तमान में ट्रस्ट में छह ट्रस्टी हैं, जिनमें जिमी नवल टाटा, जहांगीर एचसी जहांगीर और नोएल नवल टाटा जैसे आजीवन ट्रस्टी शामिल हैं, जिससे अनुपात नियमों के उल्लंघन का सवाल उठता है। सर रतन टाटा ट्रस्ट के पास टाटा संस में 23.6 प्रतिशत हिस्सेदारी है, जो 180 अरब डॉलर से अधिक मूल्य वाले टाटा समूह की होल्डिंग कंपनी है। ऐसे में यह मामला कॉरपोरेट और कानूनी दोनों स्तरों पर बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
बोधगया में वेब सीरीज की शूटिंग करते दिखे तेज प्रताप यादव, भगवा वस्त्र में योग और पूजा के दृश्य शूट; पिता लालू यादव की फिल्मी एंट्री भी फिर चर्चा में

नई दिल्ली। आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव इन दिनों अपनी नई वेब सीरीज की शूटिंग को लेकर चर्चा में हैं। गुरुवार को तेज प्रताप यादव बोधगया में भगवा वस्त्र पहने शूटिंग करते नजर आए, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि वेब सीरीज के कुछ खास दृश्यों की शूटिंग के लिए बोधगया और भूटान मंदिर को चुना गया। शूटिंग के दौरान तेज प्रताप योग करते और भक्ति भाव में डूबे दिखाई दिए। फिल्म यूनिट का कैमरा और डायरेक्शन क्रू लगातार उन्हें सीन समझाता नजर आया। हालांकि अभी तक यह साफ नहीं हो पाया है कि इस वेब सीरीज का नाम क्या है, इसे कौन-सी प्रोडक्शन कंपनी बना रही है और यह कब रिलीज होगी। लेकिन शूटिंग की तस्वीरों और वीडियो ने राजनीतिक गलियारों से लेकर सोशल मीडिया तक चर्चा बढ़ा दी है। शूटिंग खत्म होने के बाद तेज प्रताप यादव गया के प्रसिद्ध विष्णुपद मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने गर्भगृह में पूजा-अर्चना की और मंदिर परिसर से पूजा सामग्री भी खरीदी। इस बीच लोगों को साल 2005 में रिलीज हुई फिल्म पद्मश्री लालू प्रसाद यादव भी याद आ गई, जिसमें लालू प्रसाद यादव ने खुद कैमियो रोल किया था। अब बेटे तेज प्रताप के वेब सीरीज में नजर आने से लालू परिवार की “फिल्मी कनेक्शन” वाली चर्चा फिर तेज हो गई है।
सुपर एल नीनो 2027 की चेतावनी से वैज्ञानिक चिंतित, दुनिया के सबसे गर्म साल का खतरा; मौसम में भारी बदलाव की आशंका

नई दिल्ली। वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि साल 2027 में एक शक्तिशाली “सुपर एल नीनो” विकसित हो सकता है, जो वैश्विक तापमान को रिकॉर्ड स्तर तक पहुंचा सकता है। अमेरिकी एजेंसी NOAA के शुरुआती आकलनों के अनुसार प्रशांत महासागर के तापमान में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है, जो इस जलवायु पैटर्न के बनने का संकेत है। एल नीनो एक प्राकृतिक जलवायु घटना है, जिसमें प्रशांत महासागर के भूमध्यीय हिस्से (Niño 3.4 क्षेत्र) का तापमान असामान्य रूप से बढ़ जाता है। जब यह वृद्धि अत्यधिक होती है, तो इसे “सुपर एल नीनो” कहा जाता है, जिसका असर पूरी दुनिया के मौसम पर पड़ सकता है। विशेषज्ञों के मुताबिक, इस स्थिति में कई क्षेत्रों में सूखा, बाढ़, हीटवेव और जंगल की आग जैसी घटनाएं बढ़ सकती हैं। साथ ही अटलांटिक और प्रशांत महासागर में तूफानों की तीव्रता भी प्रभावित हो सकती है। मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि यदि यह पैटर्न मजबूत रूप में विकसित होता है, तो 2027 हाल के इतिहास के सबसे गर्म वर्षों में शामिल हो सकता है। इससे पहले 1997-98 के एल नीनो ने भी वैश्विक स्तर पर गंभीर मौसमीय प्रभाव डाले थे। हालांकि, वैज्ञानिक यह भी स्पष्ट कर रहे हैं कि यह फिलहाल शुरुआती मॉडल और संभावनाओं पर आधारित अनुमान है और इसकी तीव्रता व समय में बदलाव संभव है।
पेट्रोल की किल्लत से हड़कंप, बाहर 180 रुपए प्रति लीटर तक कीमत

आलीराजपुर। जिले में पेट्रोल-डीजल की गंभीर किल्लत ने हालात चिंताजनक बना दिए हैं। जिला प्रशासन की रिपोर्ट में इस संकट की पुष्टि हुई है, जिसके अनुसार जिले के कुल 31 पेट्रोल पंपों में से 21 पूरी तरह से खाली हो चुके हैं। ईंधन की आपूर्ति बाधित होने के कारण आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में स्थिति और भी गंभीर बताई जा रही है, जहां पेट्रोल की कालाबाजारी की खबरें सामने आई हैं। बताया जा रहा है कि कुछ स्थानों पर पेट्रोल 150 से 180 रुपए प्रति लीटर तक बेचा जा रहा है, जिससे आम उपभोक्ताओं पर आर्थिक बोझ बढ़ गया है। मांगलिया डिपो पर नहीं मिला समाधानपेट्रोल पंप संचालक संघ के जिला अध्यक्ष राकेश अग्रवाल ने बताया कि संकट के समाधान के लिए संचालक इंदौर स्थित मांगलिया डिपो पहुंचे थे। लेकिन आरोप है कि वहां अधिकारियों ने उनसे मिलने से इनकार कर दिया। करीब एक घंटे इंतजार के बाद संचालकों को बिना किसी ठोस आश्वासन के वापस लौटना पड़ा। पंप संचालकों का कहना है कि टैंकरों की समय पर आपूर्ति नहीं होने के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई है, जिससे पूरे जिले में ईंधन संकट गहराता जा रहा है। राशनिंग से भी राहत नहीं, वाहनों पर असरजिले में जिन 10 पेट्रोल पंपों पर थोड़ा-बहुत स्टॉक बचा है, वहां भीड़ नियंत्रण के लिए राशनिंग व्यवस्था लागू की गई है। बाइक चालकों को 100 से 200 रुपए तक और डीजल वाहनों को अधिकतम 500 रुपए तक का ही ईंधन दिया जा रहा है। ईंधन की कमी के कारण ट्रैक्टर, मालवाहक वाहन और अन्य परिवहन साधनों के पहिये थमने लगे हैं, जिससे कृषि और व्यापारिक गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं। 48 घंटे से परेशान लोग, प्रशासन से कार्रवाई की मांगपिछले 48 घंटों से जिले के अधिकांश पेट्रोल पंप बंद पड़े हैं। सुबह से ही लोग खाली डिब्बे और वाहनों के साथ पंपों पर पहुंच रहे हैं, लेकिन “स्टॉक खत्म” के बोर्ड देखकर निराश लौटना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि तेल कंपनियों के साथ समन्वय कर तुरंत आपूर्ति बहाल की जाए और कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि आम जनता को राहत मिल सके।
अमेरिका-ईरान तनाव पर बड़ा दावा, ऑपरेशन एपिक फ्यूरी 2.0’ की रिपोर्ट से हलचल संभावित सैन्य विकल्पों पर चर्चा, आधिकारिक पुष्टि नहीं

नई दिल्ली। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव को लेकर एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हलचल तेज हो गई है। अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि यदि ईरान के साथ कूटनीतिक बातचीत विफल रहती है तो अमेरिका सैन्य विकल्पों पर विचार कर सकता है, जिसमें कथित तौर पर ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी 2.0’ जैसी योजनाओं का उल्लेख किया जा रहा है। हालांकि, अब तक न तो पेंटागन और न ही अमेरिकी सरकार की ओर से इस नाम के किसी भी ऑपरेशन की आधिकारिक पुष्टि की गई है। रिपोर्ट्स में इसे संभावित रणनीतिक योजना या सैन्य विकल्पों की चर्चा के रूप में बताया गया है, न कि घोषित अभियान के रूप में। जानकारी के अनुसार, चर्चा में मौजूद संभावित विकल्पों में ईरान के सैन्य ढांचे, परमाणु संबंधित ठिकानों और रणनीतिक बुनियादी ढांचे पर सीमित हवाई हमलों की संभावना शामिल बताई जा रही है। कुछ रिपोर्ट्स में विशेष अभियानों और समुद्री/रणनीतिक ठिकानों को लेकर भी अलग-अलग सैन्य विकल्पों का जिक्र किया गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान और अमेरिका के बीच मौजूदा तनाव पहले से ही नाजुक दौर में है और किसी भी सैन्य कार्रवाई की स्थिति में पश्चिम एशिया में हालात तेजी से बिगड़ सकते हैं। फिलहाल यह पूरा मामला खुफिया रिपोर्ट्स और मीडिया दावों पर आधारित है, जबकि दोनों देशों की ओर से आधिकारिक स्तर पर संयम और कूटनीतिक बातचीत की ही बात कही जाती रही है।
झाबुआ में कृषि जागरूकता अभियान शुरू, कलेक्टर ने किया रथ का शुभारंभ

झाबुआ। जिले में किसानों को आधुनिक कृषि पद्धतियों, तकनीकी जानकारी और शासन की कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण पहल की शुरुआत की गई है। 16 मई को कलेक्टर डॉ. योगेश तुकाराम भरसट ने कलेक्टर कार्यालय परिसर से 10 दिवसीय कृषि रथ को हरी झंडी दिखाकर ग्रामीण क्षेत्रों के लिए रवाना किया। यह कृषि रथ “किसान कल्याण वर्ष 2026” के अंतर्गत शुरू किया गया है, जिसका उद्देश्य किसानों को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाना है। यह रथ आने वाले 10 दिनों तक झाबुआ जिले के सभी विकासखंडों और गांवों का भ्रमण करेगा और किसानों को कृषि से जुड़ी नई तकनीकों की जानकारी देगा। गांव-गांव पहुंचेगी तकनीकी जानकारीइस अभियान का मुख्य उद्देश्य किसानों को उन्नत खेती पद्धतियों से अवगत कराना है। रथ के माध्यम से किसानों को उर्वरक वितरण की नई ई-विकास प्रणाली और ई-टोकन व्यवस्था के बारे में विस्तृत जानकारी दी जाएगी। इसके साथ ही किसानों को एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन, कीट एवं रोग नियंत्रण, मृदा स्वास्थ्य कार्ड, पराली प्रबंधन, जैविक खेती, प्राकृतिक खेती और संतुलित उर्वरक उपयोग जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर जागरूक किया जाएगा। कृषि रथ को इस तरह तैयार किया गया है कि इसमें आधुनिक खेती से जुड़ी सभी जानकारियों को आकर्षक तरीके से प्रस्तुत किया गया है। विशेषज्ञ टीम करेगी किसानों का मार्गदर्शनइस रथ के साथ हर दिन कृषि विशेषज्ञों की एक विशेष टीम भी मौजूद रहेगी, जो सीधे गांवों में जाकर किसानों से संवाद करेगी। यह टीम खरीफ फसल की बुआई से पहले आवश्यक तैयारियों पर किसानों को मार्गदर्शन देगी और फसल उत्पादन बढ़ाने के साथ लागत कम करने के व्यावहारिक उपाय बताएगी। कृषि विशेषज्ञ मौके पर ही किसानों की समस्याओं का समाधान करेंगे और उन्हें स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार बेहतर खेती के तरीके सुझाएंगे। इससे किसानों को सीधे लाभ मिलने की उम्मीद है। किसानों से भागीदारी की अपीलउप संचालक कृषि एन.एस. रावत ने जिले के सभी किसानों से अपील की है कि जब कृषि रथ उनके गांव पहुंचे तो वे विशेषज्ञों से अधिक से अधिक संवाद करें और इस अवसर का लाभ उठाएं। इस अवसर पर उप संचालक कृषि एन.एस. रावत, वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक डॉ. जगदीश मोर्य, सहायक संचालक उद्यानिकी बी.एस. चौहान सहित कई जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे। कार्यक्रम में किसानों के बीच उत्साह देखने को मिला और इस पहल को कृषि क्षेत्र के लिए उपयोगी बताया गया।
अदिति शर्मा-हम्द खान का नया गाना ‘इश्क जालिम है’ रिलीज, फैंस ने की विक्की कौशल के ‘पछताओगे’ से तुलना; सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल

नई दिल्ली। टीवी एक्ट्रेस अदिति शर्मा और एक्टर हम्द खान का नया म्यूजिक वीडियो ‘इश्क जालिम है’ रिलीज हो गया है, जिसमें दोनों की नई ऑन-स्क्रीन जोड़ी और इमोशनल कहानी दर्शकों को पसंद आ रही है। इस गाने को अंसारी मोहसिन ने गाया है और इसे Venus Originals के यूट्यूब चैनल पर रिलीज किया गया है। वीडियो में अदिति शर्मा के डांस और इमोशनल परफॉर्मेंस की काफी तारीफ हो रही है, जबकि हम्द खान की एक्टिंग को भी दर्शक सराह रहे हैं। गाने का निर्देशन रिदम सनाढ्य ने किया है, जिन्होंने इसे एक इमोशनल और ड्रामेटिक टच दिया है। शुरुआती रिएक्शंस में फैंस ने इस गाने की तुलना विक्की कौशल के सुपरहिट सॉन्ग ‘पछताओगे’ से भी की है, जिससे इसकी लोकप्रियता और बढ़ गई है। सोशल मीडिया पर गाना तेजी से वायरल हो रहा है और कुछ ही समय में इसे हजारों व्यूज मिल चुके हैं। दर्शक लगातार वीडियो पर अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं और गाने को खूब शेयर कर रहे हैं। अदिति शर्मा ने बताया कि इस वीडियो में काम करना उनके लिए एक खास अनुभव रहा और इमोशनल सीन में उन्होंने पूरी मेहनत से परफॉर्म किया।
भोजशाला निर्णय के बाद बड़वानी में आतिशबाजी, माहौल हुआ उत्साहपूर्ण

बड़वानी। धार स्थित ऐतिहासिक भोजशाला मामले में हाईकोर्ट द्वारा आए फैसले के बाद बड़वानी शहर सहित पूरे जिले में उत्साह और खुशी का माहौल देखने को मिला। फैसले में भोजशाला को मंदिर के रूप में मान्यता मिलने के बाद सकल हिंदू समाज के लोगों ने शुक्रवार देर रात बड़े पैमाने पर जश्न मनाया। शहर के पाटी नाका, मोटी माता चौक, रणजीत चौक सहित कई प्रमुख स्थानों पर लोग एकत्रित हुए और आतिशबाजी की गई। आसमान में रंग-बिरंगी रोशनी से पूरा वातावरण जगमगा उठा। इस दौरान लोगों ने एक-दूसरे को मिठाइयां बांटकर खुशी का इजहार किया। जय श्रीराम के नारों से गूंजा शहरजश्न के दौरान पूरे शहर में “जय श्रीराम” और “भारत माता की जय” के जोरदार नारे लगाए गए। युवाओं की बड़ी संख्या चौराहों पर मौजूद रही, जहां उन्होंने उत्साहपूर्वक आतिशबाजी की और खुशी साझा की। कई स्थानों पर सामूहिक रूप से माहौल पूरी तरह उत्सव जैसा बन गया। स्थानीय लोगों ने मां वाग्देवी और भारत माता की पूजा-अर्चना करते हुए महाआरती भी की। आरती के दौरान श्रद्धालुओं ने दीप जलाकर धार्मिक आस्था व्यक्त की और फैसले को ऐतिहासिक बताया। वर्षों के संघर्ष का परिणाम बताया फैसलासमाज के लोगों ने कहा कि यह निर्णय लंबे समय से चल रहे संघर्ष और जनजागरण का परिणाम है। उनका कहना था कि वर्षों से विभिन्न स्तरों पर आंदोलन और प्रयास किए जा रहे थे, जिनका परिणाम अब सामने आया है। स्थानीय नागरिकों ने इस फैसले को केवल एक कानूनी निर्णय नहीं बल्कि आस्था और भावनाओं से जुड़ा ऐतिहासिक क्षण बताया। लोगों के अनुसार यह निर्णय समाज की एकजुटता और संघर्ष की जीत का प्रतीक है। देर रात तक बना रहा जश्न का माहौलशुक्रवार रात करीब 11:30 बजे से शुरू हुआ जश्न देर रात तक जारी रहा। शहर के कई हिस्सों में लोग समूहों में एकत्रित होकर खुशी मनाते रहे। पूरे बड़वानी में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला और चौराहों पर युवाओं की भारी भीड़ रही। प्रशासनिक स्तर पर भी स्थिति सामान्य रही और कहीं से किसी प्रकार की अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली।