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झाबुआ में कृषि जागरूकता अभियान शुरू, कलेक्टर ने किया रथ का शुभारंभ

झाबुआ। जिले में किसानों को आधुनिक कृषि पद्धतियों, तकनीकी जानकारी और शासन की कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण पहल की शुरुआत की गई है। 16 मई को कलेक्टर डॉ. योगेश तुकाराम भरसट ने कलेक्टर कार्यालय परिसर से 10 दिवसीय कृषि रथ को हरी झंडी दिखाकर ग्रामीण क्षेत्रों के लिए रवाना किया।

यह कृषि रथ “किसान कल्याण वर्ष 2026” के अंतर्गत शुरू किया गया है, जिसका उद्देश्य किसानों को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाना है। यह रथ आने वाले 10 दिनों तक झाबुआ जिले के सभी विकासखंडों और गांवों का भ्रमण करेगा और किसानों को कृषि से जुड़ी नई तकनीकों की जानकारी देगा।

गांव-गांव पहुंचेगी तकनीकी जानकारी
इस अभियान का मुख्य उद्देश्य किसानों को उन्नत खेती पद्धतियों से अवगत कराना है। रथ के माध्यम से किसानों को उर्वरक वितरण की नई ई-विकास प्रणाली और ई-टोकन व्यवस्था के बारे में विस्तृत जानकारी दी जाएगी।

इसके साथ ही किसानों को एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन, कीट एवं रोग नियंत्रण, मृदा स्वास्थ्य कार्ड, पराली प्रबंधन, जैविक खेती, प्राकृतिक खेती और संतुलित उर्वरक उपयोग जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर जागरूक किया जाएगा। कृषि रथ को इस तरह तैयार किया गया है कि इसमें आधुनिक खेती से जुड़ी सभी जानकारियों को आकर्षक तरीके से प्रस्तुत किया गया है।

विशेषज्ञ टीम करेगी किसानों का मार्गदर्शन
इस रथ के साथ हर दिन कृषि विशेषज्ञों की एक विशेष टीम भी मौजूद रहेगी, जो सीधे गांवों में जाकर किसानों से संवाद करेगी। यह टीम खरीफ फसल की बुआई से पहले आवश्यक तैयारियों पर किसानों को मार्गदर्शन देगी और फसल उत्पादन बढ़ाने के साथ लागत कम करने के व्यावहारिक उपाय बताएगी। कृषि विशेषज्ञ मौके पर ही किसानों की समस्याओं का समाधान करेंगे और उन्हें स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार बेहतर खेती के तरीके सुझाएंगे। इससे किसानों को सीधे लाभ मिलने की उम्मीद है।

किसानों से भागीदारी की अपील
उप संचालक कृषि एन.एस. रावत ने जिले के सभी किसानों से अपील की है कि जब कृषि रथ उनके गांव पहुंचे तो वे विशेषज्ञों से अधिक से अधिक संवाद करें और इस अवसर का लाभ उठाएं। इस अवसर पर उप संचालक कृषि एन.एस. रावत, वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक डॉ. जगदीश मोर्य, सहायक संचालक उद्यानिकी बी.एस. चौहान सहित कई जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे। कार्यक्रम में किसानों के बीच उत्साह देखने को मिला और इस पहल को कृषि क्षेत्र के लिए उपयोगी बताया गया।

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