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OnePlus Nord CE 6 Lite Review: 21 हजार में बैलेंस्ड फोन या सिर्फ नाम का OnePlus?

नई दिल्ली। करीब दो साल बाद सबसे सस्ते Nord लाइनअप की वापसी करते हुए OnePlus Nord CE 6 Lite बाजार में उतरा है। लगभग 21 हजार रुपये की शुरुआती कीमत वाला यह फोन बैटरी, परफॉर्मेंस और स्मूद एक्सपीरियंस पर काफी जोर देता है। हालांकि कैमरा और बिल्ड में कुछ समझौते भी देखने को मिलते हैं। अगर आप 20-25 हजार रुपये के बजट में एक ऐसा फोन चाहते हैं जो रोजमर्रा के इस्तेमाल, गेमिंग और मल्टीटास्किंग में भरोसेमंद हो, तो यह डिवाइस ध्यान खींचता है। डिजाइन और बिल्ड: दिखने में प्रीमियम, लेकिन…फोन का “Vivid Mint” कलर काफी आकर्षक लगता है और भीड़ में अलग नजर आता है। हालांकि,बैक पैनल और फ्रेम पॉलीकार्बोनेट के हैं। हाथ में प्रीमियम फील थोड़ी कम लगती हैIP64 रेटिंग और मिलिट्री ग्रेड प्रोटेक्शन अच्छी बात हैसाइड-माउंटेड फिंगरप्रिंट सेंसर तेज काम करता है और हाइब्रिड सिम स्लॉट की वजह से मेमोरी कार्ड सपोर्ट भी मिल जाता है। डिस्प्ले और साउंड: LCD लेकिन काफी स्मूदफोन में: 6.72 इंच Full HD+ LCD डिस्प्ले 144Hz रिफ्रेश रेट 1000 निट्स पीक ब्राइटनेसदिए गए हैं।हालांकि AMOLED स्क्रीन नहीं है, लेकिन हाई रिफ्रेश रेट स्क्रॉलिंग और गेमिंग को काफी स्मूद बना देता है। ड्यूल स्पीकर्स और 300% वॉल्यूम बूस्ट अच्छे मीडिया एक्सपीरियंस में मदद करते हैं। परफॉर्मेंस: इस प्राइस में मजबूतफोन मेंMediaTek Dimensity 7400 Apex प्रोसेसर UFS 3.1 स्टोरेज वेपर चैंबर कूलिंग मिलती है। रोजमर्रा के इस्तेमाल और गेमिंग में फोन स्थिर प्रदर्शन देता है और ज्यादा गर्म भी नहीं होता। इसके साथOxygenOSAI फीचर्सCircle to Searchजैसे फीचर्स यूजर एक्सपीरियंस बेहतर बनाते हैं। कैमरा: औसत लेकिन इस्तेमाल लायकफोन में 50MP मेन कैमरा,2MP डेप्थ सेंसरदिया गया है।अच्छी रोशनी में कैमरा ठीक-ठाक फोटो देता है, लेकिन,जूम करने पर डिटेल कम हो जाती हैलो-लाइट परफॉर्मेंस औसत हैसेल्फी कैमरा भी “acceptable” कैटेगरी में आता हैअगर कैमरा आपकी पहली प्राथमिकता है, तो इस रेंज में दूसरे विकल्प भी देखे जा सकते हैं। बैटरी: सबसे बड़ा हाईलाइटफोन की सबसे मजबूत बात इसकी: 7000mAh बैटरीहै। मीडियम यूज मेंआसानी से 2 दिन तक बैकअप मिल सकता हैसाथ ही 45W SUPERVOOC फास्ट चार्जिंगलगभग 1.5 घंटे में फुल चार्जका सपोर्ट भी मिलता है। खरीदना चाहिए या नहीं?यह फोन आपके लिए अच्छा है अगर: लंबी बैटरी लाइफ चाहिए स्मूद परफॉर्मेंस और गेमिंग जरूरी है OnePlus का क्लीन UI पसंद हैकैमरा आपकी टॉप प्राथमिकता नहीं है यह फोन आपके लिए नहीं अगर: AMOLED डिस्प्ले चाहिए कैमरा सबसे अहम फैक्टर है प्रीमियम ग्लास डिजाइन चाहते हैं

सुदर्शन ने की शुभमन गिल की जमकर तारीफ, बोले- वह गेम के मास्टरमाइंड हैं

नई दिल्ली। गुजरात टाइटंस के लिए आईपीएल 2026 का सीजन अब तक शानदार रहा है और इसकी सबसे बड़ी वजह टीम की दमदार सलामी जोड़ी रही है। साई सुदर्शन और कप्तान शुभमन गिल ने अपनी बेहतरीन बल्लेबाजी से टीम को लगातार मजबूत शुरुआत दिलाई है। इस बीच साई सुदर्शन ने अपने कप्तान और जोड़ीदार शुभमन गिल की जमकर तारीफ करते हुए उन्हें ‘मास्टरमाइंड’ करार दिया है। जियोहॉटस्टार से बातचीत में सुदर्शन ने कहा कि शुभमन गिल खेल को बेहद गहराई से समझते हैं और तकनीकी रूप से काफी मजबूत बल्लेबाज हैं। उन्होंने कहा कि जब दूसरे छोर पर शुभमन गिल जैसे बल्लेबाज मौजूद हों तो बल्लेबाजी करना और भी आसान हो जाता है, क्योंकि खिलाड़ी को अपने खेल को खुलकर खेलने की आजादी मिलती है। सुदर्शन ने कहा, “शुभमन एक मास्टरमाइंड हैं। वह गेम को बहुत अच्छे से समझते हैं और तकनीकी रूप से बेहद मजबूत हैं। जब आपको पता होता है कि दूसरे छोर पर शुभमन मौजूद हैं, तो आप अपने खेल को लेकर ज्यादा आत्मविश्वास महसूस करते हैं। मुझे लगता है कि यही चीज दूसरी तरफ भी लागू होती है। जब शुभमन आक्रामक खेलते हैं, तो उन्हें पता होता है कि मैं पारी को संभाल सकता हूं।” उन्होंने आगे कहा कि दोनों खिलाड़ियों के बीच शानदार तालमेल है और वे एक-दूसरे के खेल को अच्छी तरह समझते हैं। यही वजह है कि दोनों परिस्थितियों के हिसाब से अपनी बल्लेबाजी का तरीका बदल लेते हैं और टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाने का काम करते हैं। आईपीएल 2026 में साई सुदर्शन का प्रदर्शन बेहद प्रभावशाली रहा है। उन्होंने अब तक 13 मुकाबलों में 157 के स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी करते हुए 554 रन बनाए हैं। इस दौरान उनके बल्ले से एक शतक और छह अर्धशतक निकले हैं। शानदार प्रदर्शन के चलते वह इस समय टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाजों की सूची में चौथे स्थान पर बने हुए हैं। सुदर्शन ने आईपीएल में 50 पारियों के बाद सबसे ज्यादा रन बनाने के मामले में क्रिस गेल का रिकॉर्ड तोड़ने पर भी खुशी जताई। उन्होंने कहा कि किसी बड़े खिलाड़ी का रिकॉर्ड तोड़ना खास एहसास देता है और इससे आत्मविश्वास बढ़ता है। उनके मुताबिक ऐसी उपलब्धियां यह विश्वास दिलाती हैं कि खिलाड़ी सही दिशा में आगे बढ़ रहा है। वहीं कप्तान शुभमन गिल भी इस सीजन शानदार फॉर्म में हैं। उन्होंने 12 मुकाबलों में लगभग 160 के स्ट्राइक रेट से 552 रन बनाए हैं। गिल और सुदर्शन की ओपनिंग साझेदारी ने गुजरात टाइटंस को इस सीजन कई मुकाबलों में मजबूत शुरुआत दिलाई है। आईपीएल 2026 में गुजरात टाइटंस की सफलता में इस जोड़ी की भूमिका बेहद अहम रही है। दोनों बल्लेबाजों की समझ, संतुलन और आक्रामक अंदाज ने उन्हें टूर्नामेंट की सबसे खतरनाक ओपनिंग जोड़ियों में शामिल कर दिया है।

गोल्डन बूट विजेता कप्तान से फिर ऐतिहासिक प्रदर्शन की उम्मीद

नई दिल्ली। फुटबॉल इतिहास की वह तारीख जिसे जेम्स रोड्रिगेज और उनके प्रशंसक शायद कभी नहीं भूल पाएंगे। फीफा वर्ल्ड कप के राउंड ऑफ-16 मुकाबले में कोलंबिया राष्ट्रीय फुटबॉल टीम का सामना उरुग्वे राष्ट्रीय फुटबॉल टीम से था। मैच में कोलंबिया ने 2-0 से जीत दर्ज की, लेकिन दुनिया की नजरें जिस पल पर ठहर गईं, वह था जेम्स रोड्रिगेज का ‘करिश्माई गोल’। मैदान पर गोल पोस्ट से काफी दूरी पर खड़े जेम्स को जब पास मिला, तब शायद किसी ने नहीं सोचा था कि अगले कुछ सेकंड फुटबॉल इतिहास में दर्ज हो जाएंगे। उन्होंने पहले गेंद को अपनी छाती से नियंत्रित किया और फिर हवा में शानदार वॉली लगाते हुए गेंद को सीधे गोल पोस्ट में पहुंचा दिया। यह गोल इतना अविश्वसनीय था कि विपक्षी गोलकीपर और कोच तक कुछ पल के लिए स्तब्ध रह गए। जेम्स का यह गोल बाद में फीफा के प्रतिष्ठित फीफा पुस्कस अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। 2014 का वही विश्व कप जेम्स रोड्रिगेज के करियर का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित हुआ। उन्होंने पूरे टूर्नामेंट में छह गोल दागे और फीफा वर्ल्ड कप गोल्डन बूट जीतकर दुनिया को अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा दिया। वह 2002 के बाद विश्व कप में पांच से अधिक गोल करने वाले रोनाल्डो के बाद दूसरे खिलाड़ी बने थे। अटैकिंग मिडफील्डर के रूप में खेलने वाले जेम्स अपनी शानदार पासिंग, ड्रिब्लिंग और बाएं पैर से किए जाने वाले दमदार शॉट्स के लिए मशहूर हैं। उनकी खेल शैली ने उन्हें दुनिया के सबसे चर्चित फुटबॉलरों में शामिल कर दिया। अब 12 साल बाद एक बार फिर फुटबॉल जगत की नजरें जेम्स रोड्रिगेज पर टिकी हैं। फीफा विश्व कप 2026 में कोलंबिया की उम्मीदें काफी हद तक अपने कप्तान पर निर्भर होंगी। 2024 के कोपा अमेरिका 2024 में जेम्स ने शानदार कप्तानी करते हुए कोलंबिया को 23 साल बाद फाइनल तक पहुंचाया था। इस टूर्नामेंट में उन्होंने एक गोल और छह असिस्ट किए तथा ‘गोल्डन बॉल’ जीतकर टूर्नामेंट के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी बने। जेम्स ने अपने प्रोफेशनल करियर की शुरुआत एनविगाडो एफसी से की थी। इसके बाद उन्होंने बैनफील्ड, एफसी पोर्टो और एएस मोनाको के लिए खेला। हालांकि, उन्हें सबसे अधिक पहचान रियल मैड्रिड से जुड़ने के बाद मिली। यहां उन्होंने दो बार यूईएफए चैंपियंस लीग और फीफा क्लब वर्ल्ड कप जीतने वाली टीम का हिस्सा बनकर बड़ी सफलताएं हासिल कीं। बाद में बायर्न म्यूनिख के साथ उन्होंने बुंडेसलीगा खिताब भी जीता। पिछले वर्ल्ड कप में कोलंबिया क्वालिफाई नहीं कर पाया था, लेकिन इस बार टीम दमदार वापसी की तैयारी में है। ऐसे में एक बार फिर पूरी दुनिया को जेम्स रोड्रिगेज से उसी जादुई प्रदर्शन की उम्मीद है, जिसने उन्हें रातों-रात फुटबॉल का सुपरस्टार बना दिया था।

जंग और वैश्विक तनाव के बीच चमके भारतीय मिडकैप स्टॉक्स, Suzlon और BHEL समेत कई कंपनियों ने दिया जोरदार रिटर्न

नई दिल्ली । वैश्विक स्तर पर बढ़ते युद्ध जैसे हालात और पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच भारतीय शेयर बाजार में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। अमेरिका, ईरान और इजराइल के बीच बढ़ते तनाव ने अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अनिश्चितता का माहौल पैदा कर दिया है, जिसका सीधा असर कच्चे तेल की कीमतों और निवेशकों की धारणा पर पड़ा है। इसके बावजूद भारतीय बाजार में कुछ मिडकैप कंपनियों ने उम्मीद से कहीं बेहतर प्रदर्शन कर निवेशकों को चौंका दिया है। खासतौर पर ऊर्जा, इंफ्रास्ट्रक्चर और रिन्यूएबल सेक्टर से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में मजबूत तेजी दर्ज की गई है। बाजार में कमजोरी और भारी बिकवाली के माहौल के बावजूद कुछ मिडकैप शेयरों ने 20 प्रतिशत से लेकर 51 प्रतिशत तक की तेजी दिखाई है। इन कंपनियों में BHEL, Suzlon Energy, Thermax, Premier Energies और Ola Electric Mobility जैसी कंपनियां प्रमुख रूप से शामिल हैं। इन शेयरों में आई तेजी ने यह संकेत दिया है कि निवेशक फिलहाल उन सेक्टरों की ओर अधिक आकर्षित हो रहे हैं, जिनका सीधा संबंध ऊर्जा सुरक्षा और वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों से है। भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड यानी BHEL इस रैली में सबसे आगे दिखाई दी है। कंपनी के शेयरों में पिछले कुछ महीनों के दौरान जबरदस्त उछाल दर्ज किया गया और इसने निवेशकों को शानदार रिटर्न दिया। विशेषज्ञों का मानना है कि पावर और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में बढ़ते निवेश तथा सरकारी परियोजनाओं से कंपनी को मजबूत समर्थन मिल रहा है। वहीं, रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर की चर्चित कंपनी Suzlon Energy ने भी बाजार में अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई है। पवन ऊर्जा क्षेत्र में कंपनी की सक्रियता और स्वच्छ ऊर्जा की बढ़ती मांग ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है। हाल के महीनों में कंपनी के शेयरों में अच्छी तेजी देखने को मिली है, हालांकि लंबे समय के उतार-चढ़ाव के कारण निवेशक अब भी सतर्क नजर आ रहे हैं। Thermax और Premier Energies जैसी कंपनियों को भी बढ़ती ऊर्जा मांग और वैकल्पिक ऊर्जा समाधानों पर बढ़ते फोकस का फायदा मिला है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेल और गैस की कीमतों में तेजी ने निवेशकों का ध्यान रिन्यूएबल और ऊर्जा दक्षता आधारित कंपनियों की ओर मोड़ दिया है। इसी कारण इन कंपनियों के शेयरों में भी लगातार मजबूती बनी हुई है। इलेक्ट्रिक वाहन क्षेत्र से जुड़ी Ola Electric Mobility ने भी इस दौरान तेज रिकवरी दिखाई है। हालांकि कंपनी के शेयर पहले दबाव में थे, लेकिन बाजार में सुधार और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी सेक्टर के प्रति बढ़ते भरोसे ने इसमें तेजी वापस ला दी। विशेषज्ञों का मानना है that वैश्विक तनाव के दौर में निवेशक ऐसे सेक्टरों में अवसर तलाशते हैं जो भविष्य की जरूरतों और ऊर्जा सुरक्षा से जुड़े हों। यही वजह है कि रिन्यूएबल एनर्जी, स्मार्ट पावर और इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियां निवेशकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं। कुल मिलाकर, बाजार में अस्थिरता और वैश्विक दबाव के बावजूद भारतीय मिडकैप सेक्टर के कुछ चुनिंदा शेयरों ने यह साबित किया है कि मजबूत बिजनेस मॉडल और भविष्य की संभावनाओं वाली कंपनियां कठिन परिस्थितियों में भी बेहतर प्रदर्शन कर सकती हैं।

बड़ी चुनौती की तैयारी: भारतीय महिला हॉकी टीम का ऑस्ट्रेलिया दौरा शुरू

नई दिल्ली। भारत महिला राष्ट्रीय फ़ील्ड हॉकी टीम गुरुवार को अपने अहम ऑस्ट्रेलिया दौरे के लिए रवाना हो गई। कप्तान सलीमा टेटे की अगुवाई में भारतीय टीम पर्थ हॉकी स्टेडियम में मेजबान ऑस्ट्रेलिया महिला राष्ट्रीय फ़ील्ड हॉकी टीम के खिलाफ चार मुकाबले खेलेगी। यह मैच 26, 27, 29 और 30 मई को आयोजित होंगे। भारतीय टीम के लिए यह दौरा बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि ऑस्ट्रेलिया दुनिया की सबसे मजबूत हॉकी टीमों में गिनी जाती है। ऐसे में इन मुकाबलों से भारतीय खिलाड़ियों को अपनी रणनीति, फिटनेस और टीम कॉम्बिनेशन को परखने का बेहतरीन अवसर मिलेगा। ऑस्ट्रेलिया दौरे के बाद भारतीय टीम न्यूजीलैंड के ऑकलैंड में 15 से 21 जून तक होने वाले एफआईएच हॉकी महिला नेशंस कप 2026 में हिस्सा लेगी। दौरे पर रवाना होने से पहले कप्तान सलीमा टेटे ने टीम के आत्मविश्वास और तैयारियों को लेकर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि पूरी टीम इस दौरे का लंबे समय से इंतजार कर रही थी और ऑस्ट्रेलिया जैसी मजबूत टीम के खिलाफ उनके घरेलू मैदान पर खेलना हमेशा एक बड़ी चुनौती होती है। सलीमा ने कहा कि पिछले कुछ हफ्तों में टीम ने बेहद कठिन ट्रेनिंग कैंप में हिस्सा लिया है। इस दौरान खिलाड़ियों ने फिटनेस, तकनीकी मजबूती और टीम कॉम्बिनेशन पर काफी मेहनत की है। उनके मुताबिक टीम अब पहले से अधिक संतुलित और एकजुट नजर आ रही है और पर्थ में होने वाले मुकाबले खिलाड़ियों को अपनी तैयारियों को वास्तविक मुकाबलों में परखने का अवसर देंगे। भारतीय कप्तान ने यह भी माना कि आने वाले महीनों में टीम के सामने कई बड़े अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट हैं, इसलिए यह दौरा बेहद अहम साबित होगा। एफआईएच नेशंस कप के बाद भारतीय टीम को वर्ल्ड कप और एशियन गेम्स जैसे बड़े आयोजनों में भी हिस्सा लेना है। ऐसे में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मैच टीम के लिए मानसिक और तकनीकी दोनों स्तर पर तैयारी का महत्वपूर्ण चरण माने जा रहे हैं। सलीमा टेटे ने कहा कि टीम नेशंस कप में लय और आत्मविश्वास के साथ उतरना चाहती है। उन्होंने कहा कि ऑस्ट्रेलिया जैसी मजबूत टीम भारतीय खिलाड़ियों को उनकी क्षमता की सीमा तक चुनौती देगी, जिससे टीम को अपनी कमजोरियों को पहचानने और और अधिक मजबूत बनने का मौका मिलेगा। भारतीय महिला हॉकी टीम इस दौरे के जरिए न केवल अपनी तैयारियों को धार देने की कोशिश करेगी, बल्कि आने वाले बड़े टूर्नामेंटों के लिए मजबूत आधार तैयार करने पर भी फोकस करेगी। खेल प्रेमियों की नजरें अब पर्थ में होने वाले इन मुकाबलों पर टिकी हैं, जहां भारतीय टीम अपने प्रदर्शन से नई उम्मीदें जगाने उतरेगी।

Temple’ डिवाइस के प्रोडक्शन की तैयारी तेज, दीपेंदर गोयल ने दो कंपनियों से मिलाया हाथ

नई दिल्ली। दीपिंदर गोयल की अपकमिंग हेल्थ वियरेबल डिवाइस “Temple” अब बड़े स्तर पर प्रोडक्शन की ओर बढ़ रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक इस डिवाइस के निर्माण और स्केल-अप के लिए कंपनी ने Zetwerk और Ethereal Machines के साथ साझेदारी की है।Temple एक ऐसी wearable device बताई जा रही है जिसे कनपटी (temple area) पर लगाया जाता है और इसका मुख्य उद्देश्य दिमाग में रक्त प्रवाह (blood flow) की मॉनिटरिंग करना है। क्या है Temple?रिपोर्ट्स के अनुसार: यह एक पतली, चिपकने वाली wearable device है इसे सिर की कनपटी पर लगाया जाता है इसका उपयोग brain blood flow monitoring के लिए किया जा सकता है कंपनी इसे हेल्थ और वेलनेस कैटेगरी में विकसित कर रही है हाल के महीनों में कई सार्वजनिक हस्तियों और सेलिब्रिटीज को इसे पहने हुए देखा गया है। कौन क्या बनाएगा?रिपोर्ट्स के मुताबिकTemple का मुख्य निर्माण Deepinder Goyal की टीम करेगी विशेष सेंसर और हार्डवेयर पार्ट्स का काम Ethereal Machines संभालेगी बड़े पैमाने पर उत्पादन (mass manufacturing) की जिम्मेदारी Zetwerk के पास होगी बताया जा रहा है कि शुरुआती चरण में कुछ हजार यूनिट्स तैयार की जा सकती हैं। भारत से ग्लोबल मार्केट तक की तैयारीकंपनी की योजना केवल भारतीय बाजार तक सीमित नहीं बताई जा रही। रिपोर्ट्स के अनुसार: Temple को अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी लॉन्च करने की तैयारी है इसे प्रीमियम हेल्थ टेक डिवाइस के रूप में पेश किया जा सकता है टेक और हेल्थ कम्युनिटी में इसे लेकर उत्सुकता बढ़ रही है फीचर्स और कीमत पर अभी सस्पेंसहालांकि:कंपनी ने अभी तक डिवाइस के पूरे फीचर्स सार्वजनिक नहीं किए हैंकीमत को लेकर भी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई हैइस वजह से Temple फिलहाल “mystery wearable” के रूप में चर्चा में बना हुआ है।

प्लॉट दिलाने का झांसा देकर हड़पे लाखों रुपए, पीड़िता पहुंची SP कार्यालय

मध्यप्रदेश । कटनी जिले में जमीन का सौदा कराने के नाम पर 10 लाख रुपए की कथित धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। एनकेजे थाना क्षेत्र की बजरंग कॉलोनी निवासी रेखा पाठक ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने आरोप लगाया है कि फर्जी दस्तावेज तैयार कर उनके परिवार से बड़ी रकम ठग ली गई और बाद में पैसे वापस मांगने पर धमकियां दी जाने लगीं। पीड़िता के अनुसार, ग्राम बसाड़ी निवासी सुभाष रजक और रमेश पटेल ने मिलकर पूरे मामले की साजिश रची। शिकायत में बताया गया कि ग्राम मिर्जा स्थित खसरा नंबर 30/2 और 30/3 की जमीन का सौदा 17 जनवरी 2025 को उनके ससुर कमलाकांत पाठक के साथ किया गया था। रेखा पाठक का आरोप है कि जिस जमीन का सौदा किया गया, वह वास्तव में श्री निवास राजपूत के नाम दर्ज है। बावजूद इसके, उनकी अनुमति और हस्ताक्षर के बिना ही इकरारनामा तैयार कर लिया गया और 10 लाख रुपए नगद बयाना राशि के रूप में ले लिए गए। पीड़िता का कहना है कि सौदे के समय उन्हें विश्वास दिलाया गया था कि जमीन की रजिस्ट्री जल्द करा दी जाएगी। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि इकरारनामा आरोपी रमेश पटेल ने अपनी हैंडराइटिंग में तैयार किया था। दस्तावेज पर आरोपियों और गवाहों के हस्ताक्षर तो हैं, लेकिन वास्तविक भूमिस्वामी के हस्ताक्षर नहीं कराए गए। इसके बावजूद सौदे को वैध बताकर रकम ले ली गई। रेखा पाठक ने बताया कि उनके ससुर कमलाकांत पाठक के निधन के बाद जब उन्होंने जमीन की रजिस्ट्री कराने या बयाना राशि वापस करने की मांग की, तो आरोपी मुकर गए। इतना ही नहीं, पैसे मांगने पर उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया और जान से मारने तथा हाथ-पैर तुड़वाने की धमकी तक दी गई। पीड़िता का आरोप है कि आरोपियों ने खुद को प्रभावशाली बताते हुए कार्रवाई से बच निकलने की बात कही। इससे परिवार भय और मानसिक तनाव में है। रेखा पाठक ने खुद को अपने दिवंगत ससुर की कानूनी वारिस बताते हुए पुलिस से सुरक्षा की मांग भी की है। उन्होंने पुलिस अधीक्षक से मामले की निष्पक्ष जांच कराने, धोखाधड़ी, फर्जी दस्तावेज तैयार करने और धमकी देने के आरोप में एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। साथ ही 10 लाख रुपए की ठगी गई राशि वापस दिलाने की भी अपील की है। पुलिस अधिकारियों ने शिकायत प्राप्त होने के बाद मामले की जांच कर वैधानिक कार्रवाई का आश्वासन दिया है। फिलहाल यह मामला जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है और लोग जमीन सौदों में सतर्क रहने की जरूरत पर जोर दे रहे हैं।

मेगा मर्जर की चर्चा के बीच PFC और REC पर निवेशकों की नजर, जानिए किस शेयर में ज्यादा दम

नई दिल्ली । पावर फाइनेंस सेक्टर में संभावित मेगा मर्जर को लेकर बाजार में हलचल तेज हो गई है। पावर फाइनेंस कॉर्पोरेशन लिमिटेड और REC लिमिटेड के प्रस्तावित विलय ने निवेशकों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। दोनों सरकारी वित्तीय कंपनियों के शेयरों में हाल के महीनों में अलग-अलग प्रदर्शन देखने को मिला है, जिसके बाद बाजार विशेषज्ञ लगातार यह आकलन कर रहे हैं कि निवेशकों के लिए कौन सा विकल्प ज्यादा मजबूत साबित हो सकता है। साल 2026 में अब तक PFC के शेयरों में उल्लेखनीय तेजी दर्ज की गई है, जबकि REC के शेयरों में कमजोरी देखने को मिली है। इसी अंतर ने निवेशकों के बीच यह सवाल खड़ा कर दिया है कि मर्जर प्रक्रिया आगे बढ़ने के दौरान किस कंपनी में निवेश ज्यादा सुरक्षित और लाभदायक हो सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि फिलहाल PFC अपेक्षाकृत मजबूत स्थिति में दिखाई दे रही है, क्योंकि प्रस्तावित ढांचे में यह प्रमुख भूमिका में रह सकती है। सरकार पहले ही दोनों कंपनियों के संचालन को अधिक प्रभावी और संगठित बनाने की दिशा में संकेत दे चुकी है। इससे पहले PFC द्वारा REC में सरकार की हिस्सेदारी का अधिग्रहण किए जाने के बाद दोनों कंपनियां होल्डिंग और सब्सिडियरी संरचना में कार्य कर रही हैं। अब प्रस्तावित मर्जर के तहत दोनों को एकीकृत बैलेंस शीट के अंतर्गत लाने की योजना बनाई जा रही है। हालांकि यह प्रक्रिया अभी विभिन्न नियामकीय मंजूरियों और विस्तृत संरचनात्मक प्रक्रियाओं पर निर्भर है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस संभावित विलय से परिचालन लागत कम करने, फंडिंग क्षमता मजबूत करने और कारोबार के एकीकरण में मदद मिल सकती है। यही वजह है कि बाजार में इस डील को लेकर उत्साह बना हुआ है। हालांकि विश्लेषकों ने निवेशकों को जल्दबाजी से बचने की सलाह दी है। उनका मानना है कि केवल मर्जर की खबरों के आधार पर निवेश करना जोखिम भरा हो सकता है, क्योंकि आगे की दिशा काफी हद तक शेयर स्वैप अनुपात और अंतिम शर्तों पर निर्भर करेगी। विशेषज्ञों के अनुसार, REC में हालिया कमजोरी के कारण भविष्य में तेजी की संभावना बन सकती है, लेकिन इसे पूरी तरह मर्जर आधारित अवसर माना जा रहा है। वहीं PFC को अधिक स्थिर विकल्प के रूप में देखा जा रहा है, क्योंकि कंपनी की स्थिति तुलनात्मक रूप से मजबूत मानी जा रही है। ऐसे में कम जोखिम लेने वाले निवेशकों के लिए PFC अधिक सुरक्षित विकल्प माना जा सकता है। इस पूरे घटनाक्रम के बीच पावर सेक्टर की मजबूत विकास संभावनाएं भी इन कंपनियों के पक्ष में दिखाई दे रही हैं। देश में बढ़ते बिजली ढांचे, ट्रांसमिशन नेटवर्क के विस्तार और रिन्यूएबल एनर्जी परियोजनाओं पर बढ़ते निवेश से दोनों कंपनियों को दीर्घकालिक लाभ मिलने की उम्मीद है। साथ ही राज्यों की बिजली वितरण कंपनियों की वित्तीय स्थिति में सुधार भी इनके कारोबार को समर्थन दे रहा है। कुल मिलाकर, PFC और REC का संभावित मेगा मर्जर भारतीय पावर फाइनेंस सेक्टर के लिए बड़ा बदलाव साबित हो सकता है। हालांकि निवेशकों के लिए यह समय सतर्कता और संतुलित रणनीति अपनाने का माना जा रहा है, क्योंकि आने वाले फैसले ही तय करेंगे कि इस रेस में आखिर किस कंपनी को सबसे बड़ा फायदा मिलेगा।

“कॉकरोच जनता पार्टी” ने दिखाया AI का दम, 1 घंटे में तैयार कर दी वेबसाइट

नई दिल्ली। सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुई “Cockroach Janta Party” ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) डिजिटल दुनिया को कितनी तेजी से बदल रहा है। व्यंग्य और डिजिटल कैंपेन के तौर पर शुरू हुई इस पहल ने कुछ ही दिनों में करोड़ों लोगों का ध्यान खींच लिया। रिपोर्ट्स और इंटरव्यू के अनुसार, पार्टी से जुड़े Abhijeet Dipke ने दावा किया कि उन्होंने अपने दोस्तों के साथ मिलकर केवल टेक्स्ट प्रॉम्प्ट्स की मदद से महज 1 घंटे में पूरी वेबसाइट और AI एंथम तैयार कर लिया।  बिना कोडिंग के बनी वेबसाइटबताया गया कि वेबसाइट बनाने में AI आधारित टूल्स का इस्तेमाल किया गया, जिनकी मदद से: वेबसाइट लेआउट UI डिजाइन ग्राफिक्स एनिमेशन रिस्पॉन्सिव पेज कुछ ही समय में तैयार हो गए। आज ऐसे कई AI टूल्स मौजूद हैं, जैसे: Framer AI Dora Relume v0.dev जो केवल टेक्स्ट निर्देश (prompt) के आधार पर वेबसाइट बना सकते हैं। AI से मिनटों में पोस्टर और ग्राफिक्ससोशल मीडिया कैंपेन को वायरल बनाने के लिए CJP ने Generative AI का इस्तेमाल किया। रिपोर्ट्स के मुताबिक पोस्टर और विजुअल्स बनाने के लिए AI टूल्स की मदद ली गई, जिनमें शामिल हैं: Midjourney DALL-E Canva इन टूल्स से कुछ मिनटों में आकर्षक डिजाइन और सोशल मीडिया पोस्ट तैयार किए जा सकते हैं।  AI से बना एंथम भी चर्चा मेंरिपोर्ट्स के अनुसार पार्टी का AI-generated एंथम भी लोगों के बीच काफी वायरल हुआ। इसके लिए म्यूजिक जनरेशन टूल्स का उपयोग बताया गया, जैसे: Suno Udio इन प्लेटफॉर्म्स की मदद से बिना स्टूडियो रिकॉर्डिंग के गाने और बैकग्राउंड म्यूजिक तैयार किए जा सकते हैं।  AI ने बदल दिया डिजिटल कैंपेन का तरीकायह मामला दिखाता है कि अब: वेबसाइट बनाना सोशल मीडिया कंटेंट तैयार करना पोस्टर डिजाइन करना ऑडियो और म्यूजिक बनाना पहले की तुलना में कहीं ज्यादा आसान और तेज हो गया है। हालांकि AI के बढ़ते उपयोग के साथ फेक कंटेंट, गलत सूचना और डिजिटल मैनिपुलेशन जैसी चुनौतियों पर भी बहस तेज हो रही है।

Q4 रिजल्ट के बाद धानुका एग्रीटेक चर्चा में, विदेशी विस्तार और बायबैक प्लान से शेयर में तेजी की उम्मीदf

नई दिल्ली । एग्री-केमिकल सेक्टर की प्रमुख कंपनी धानुका एग्रीटेक ने अपने चौथी तिमाही के मजबूत वित्तीय नतीजों के साथ निवेशकों के लिए कई बड़े ऐलान किए हैं, जिसके बाद बाजार में कंपनी को लेकर सकारात्मक माहौल बन गया है। कंपनी द्वारा शेयर बायबैक, डिविडेंड और अंतरराष्ट्रीय विस्तार की योजनाओं की घोषणा ने निवेशकों और बाजार विशेषज्ञों का ध्यान अपनी ओर खींचा है। कंपनी के शेयरों में हाल के कारोबारी सत्रों में अच्छी तेजी देखने को मिली है। मजबूत तिमाही प्रदर्शन के बाद बाजार में निवेशकों का भरोसा और बढ़ा है। विशेषज्ञों का मानना है कि कंपनी की वित्तीय स्थिति मजबूत बनी हुई है और आने वाले समय में इसके विस्तार की योजनाएं ग्रोथ को नई दिशा दे सकती हैं। कंपनी के बोर्ड ने लगभग 5 लाख पूरी तरह चुकता इक्विटी शेयरों के बायबैक को मंजूरी दी है। यह बायबैक तय कीमत पर किया जाएगा, जिससे निवेशकों को आकर्षक रिटर्न मिलने की संभावना बढ़ गई है। इसके साथ ही कंपनी ने वित्त वर्ष 2026 के लिए फाइनल डिविडेंड की भी घोषणा की है। इस फैसले को शेयरधारकों के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है, क्योंकि इससे कंपनी की मजबूत नकदी स्थिति और बेहतर वित्तीय प्रबंधन का पता चलता है। धानुका एग्रीटेक अब केवल घरेलू बाजार तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी अपनी मौजूदगी मजबूत करने की तैयारी कर रही है। इसी रणनीति के तहत कंपनी ने ब्राजील और यूरोप में अपनी पूर्ण स्वामित्व वाली इकाइयां स्थापित करने या वहां हिस्सेदारी खरीदने की योजना बनाई है। विशेषज्ञों के अनुसार यह कदम कंपनी को वैश्विक एग्री-केमिकल बाजार में नई पहचान दिलाने में मदद कर सकता है। बाजार विश्लेषकों का कहना है कि कंपनी ने चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद मजबूत प्रदर्शन किया है। विशेष रूप से स्पेशियलिटी फॉर्मुलेशन और इंसेक्टिसाइड पोर्टफोलियो में बढ़ती मांग ने कंपनी की आय को मजबूत आधार दिया है। इसके अलावा कंपनी के नए उत्पादों की बिक्री में भी लगातार सुधार देखा जा रहा है, जिससे भविष्य की कमाई को लेकर उम्मीदें बढ़ी हैं। तिमाही नतीजों की बात करें तो कंपनी के EBITDA और शुद्ध लाभ दोनों में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है। बेहतर मार्जिन, कम वित्तीय लागत और अन्य आय में सुधार ने कंपनी की लाभप्रदता को मजबूत किया है। यही कारण है कि कई ब्रोकरेज फर्मों ने स्टॉक पर सकारात्मक रुख बनाए रखा है और आने वाले समय में इसमें अच्छी तेजी की संभावना जताई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि कंपनी अपने नए उत्पादों और विदेशी विस्तार योजनाओं को सफलतापूर्वक लागू करती है, तो अगले कुछ वर्षों में इसकी आय और बाजार हिस्सेदारी दोनों में बड़ा उछाल देखने को मिल सकता है। कुल मिलाकर धानुका एग्रीटेक के हालिया फैसलों और मजबूत तिमाही प्रदर्शन ने इसे एग्री-केमिकल सेक्टर की चर्चित कंपनियों में शामिल कर दिया है। निवेशकों की नजर अब कंपनी की आगामी रणनीतियों और अंतरराष्ट्रीय विस्तार पर बनी हुई है, जो भविष्य में इसके विकास की दिशा तय कर सकते हैं।