रविवार व्रत शुरू करने से पहले जानें जरूरी नियम और सावधानियां

नई दिल्ली। रविवार का व्रत, जिसे रवि व्रत भी कहा जाता है, हिंदू धर्म में अत्यंत शुभ और प्रभावशाली माना गया है। यह व्रत सूर्य देव को समर्पित होता है और माना जाता है कि इसे विधिपूर्वक करने से व्यक्ति के जीवन में तेज, सम्मान, आत्मविश्वास और सफलता का संचार होता है। खासकर वे लोग जो अपने करियर या जीवन में नई शुरुआत करना चाहते हैं, उनके लिए यह व्रत विशेष फलदायी माना जाता है। व्रत की सही शुरुआत कैसे करेंरविवार के दिन व्रत रखने की शुरुआत सुबह जल्दी उठकर स्नान करने से होती है। इसके बाद घर के मंदिर या खुले स्थान पर सूर्य देव को अर्घ्य दिया जाता है। तांबे के लोटे में जल भरकर उसमें लाल फूल, रोली और अक्षत मिलाकर सूर्य देव को जल अर्पित करना सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है। अर्घ्य देते समय “ॐ सूर्याय नमः” मंत्र का जाप करना अत्यंत शुभ फल देने वाला माना गया है। इससे सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है और मानसिक शांति मिलती है। व्रत के दौरान क्या करें और क्या न करेंइस व्रत में सात्विक भोजन का विशेष महत्व होता है। कई श्रद्धालु पूरे दिन उपवास रखते हैं और केवल फलाहार ग्रहण करते हैं। शाम के समय सूर्य देव की आरती करना और उनकी कृपा के लिए प्रार्थना करना आवश्यक माना गया है। धार्मिक मान्यता के अनुसार इस दिन लाल रंग के वस्त्र पहनना शुभ होता है, क्योंकि यह सूर्य देव का प्रिय रंग माना जाता है। व्रत के दौरान क्रोध, झूठ और नकारात्मक विचारों से दूर रहना चाहिए। व्रत के महत्वपूर्ण नियम और सावधानियांरवि व्रत का पूरा लाभ पाने के लिए कुछ नियमों का पालन जरूरी है। व्रत में अनुशासन और शुद्धता का विशेष ध्यान रखा जाता है। बिना श्रद्धा या गलत विधि से किया गया व्रत अपेक्षित फल नहीं देता। इसके अलावा व्रत रखने वाले व्यक्ति को मन, वचन और कर्म की शुद्धता बनाए रखनी चाहिए। किसी का अपमान करना या विवाद में पड़ना व्रत के प्रभाव को कम कर सकता है। रवि व्रत का महत्वमान्यता है कि रविवार का व्रत व्यक्ति के जीवन से नकारात्मकता दूर कर सकारात्मक ऊर्जा बढ़ाता है। इससे आत्मविश्वास, स्वास्थ्य और मान-सम्मान में सुधार होता है। साथ ही यह व्रत पिता से जुड़े संबंधों को मजबूत करने वाला भी माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार जो लोग श्रद्धा और नियम के साथ यह व्रत करते हैं, उन्हें सूर्य देव की विशेष कृपा प्राप्त होती है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है।
आकाश और तारों से जुड़े शकुन-अपशकुन: जानें क्या कहते हैं प्राचीन संकेत

नई दिल्ली(New Delhi)। आकाश और तारों से जुड़े संकेतों को भारतीय परंपराओं और सामुद्रिक शास्त्र में खास महत्व दिया गया है। माना जाता है कि प्रकृति में होने वाले बदलाव केवल मौसम ही नहीं बताते, बल्कि आने वाले समय की शुभ-अशुभ घटनाओं की ओर भी इशारा करते हैं। हालांकि आधुनिक विज्ञान इन बातों को वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित नहीं मानता, लेकिन लोकमान्यताओं में ये संकेत आज भी चर्चा का विषय बने हुए हैं। आकाश से जुड़े संकेत क्या कहते हैं?सामुद्रिक शास्त्र में आकाश के रंग और उसकी स्थिति को बेहद महत्वपूर्ण माना गया है। इसके अनुसार,अगर आकाश अचानक लाल दिखाई दे, तो इसे अपशकुन माना जाता है। यह युद्ध, विवाद या अशांति का संकेत हो सकता है। साथ ही घर-परिवार और पड़ोस में तनाव की संभावना भी जताई जाती है।अगर आकाश नीला और साफ नजर आए, तो इसे शुभ संकेत माना जाता है और यह अच्छी वर्षा व अनुकूल परिस्थितियों की ओर इशारा करता है। यदि आकाश सफेद या धुंधला दिखाई दे, तो इसे अपशकुन माना जाता है, जो बीमारियों या स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की चेतावनी हो सकता है। तारों से जुड़े शकुन-अपशकुनतारों को लेकर भी कई मान्यताएं प्रचलित हैं कुछ परंपराओं में उंगली से तारों की ओर इशारा करना अशुभ माना गया है। टूटते तारे को देखना किसी महत्वपूर्ण घटना या परिवर्तन का संकेत माना जाता है। वहीं, टूटते तारे को देखकर मनोकामना करना शुभ माना जाता है और इसे इच्छापूर्ति से जोड़ा जाता है। धूमकेतु से जुड़े संकेतधूमकेतु (Comet) के दिखाई देने को भी शास्त्रों में विशेष माना गया है। इसके उदय को अपशकुन माना जाता है, जो बड़े प्रशासनिक बदलाव या अस्थिरता की ओर संकेत कर सकता है।आकाश और तारों से जुड़े ये संकेत प्राचीन परंपराओं और मान्यताओं का हिस्सा हैं। आधुनिक विज्ञान इन्हें प्रतीकात्मक मानता है, लेकिन भारतीय संस्कृति में इन्हें आज भी भविष्य के संकेत के रूप में देखा जाता है।
UPI यूजर्स सावधान! पुरानी ID से हो सकती है साइबर ठगी, जानें बचाव के तरीके

नई दिल्ली। डिजिटल पेमेंट के बढ़ते दौर में UPI जहां लोगों की जिंदगी आसान बना रहा है, वहीं साइबर ठगी के मामले भी लगातार बढ़ते जा रहे हैं। अब साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों ने एक नया खतरा सामने रखा है—पुरानी या निष्क्रिय UPI ID, जो अब ठगों के लिए आसान निशाना बन सकती है। विशेषज्ञों का कहना है कि अक्सर लोग मोबाइल नंबर बदलने के बाद भी अपनी पुरानी UPI ID को अपडेट या बंद नहीं करते। यही लापरवाही बाद में बड़ा जोखिम बन सकती है। कई बार पुराना मोबाइल नंबर किसी दूसरे व्यक्ति को अलॉट कर दिया जाता है, और ऐसी स्थिति में उस नंबर से जुड़ी UPI ID का गलत इस्तेमाल होने की संभावना बढ़ जाती है। साइबर अपराधी इसी कमजोरी का फायदा उठाकर बैंकिंग सिस्टम में सेंध लगाने की कोशिश करते हैं और यूजर के खाते तक पहुंचने का प्रयास कर सकते हैं। इससे बैंक अकाउंट खाली होने जैसे गंभीर मामले सामने आ सकते हैं। एक्सपर्ट्स की अहम सलाहसाइबर विशेषज्ञों ने यूजर्स को सलाह दी है कि अगर आपने अपना मोबाइल नंबर बदल लिया है, तो तुरंत बैंक और UPI ऐप में नई जानकारी अपडेट करें। इसके साथ ही पुरानी UPI ID को निष्क्रिय या डिलीट करना भी जरूरी है। इसके अलावा, समय-समय पर अपने बैंक अकाउंट और UPI ट्रांजैक्शन की जांच करना भी बेहद जरूरी माना गया है, ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि का तुरंत पता चल सके। डिजिटल सुरक्षा के जरूरी टिप्सविशेषज्ञों के मुताबिक किसी भी अनजान लिंक, QR कोड या कॉल पर भरोसा नहीं करना चाहिए। OTP, UPI PIN या बैंक डिटेल्स किसी के साथ साझा करने से बचना चाहिए। अगर कोई संदिग्ध ट्रांजैक्शन दिखाई दे, तो तुरंत बैंक और साइबर हेल्पलाइन में शिकायत करनी चाहिए। रिपोर्ट्स के अनुसार NPCI और बैंक समय-समय पर निष्क्रिय UPI IDs को बंद करने की प्रक्रिया अपनाते हैं, लेकिन यूजर्स की सतर्कता सबसे अहम सुरक्षा कवच है। डिजिटल लेनदेन की सुविधा जितनी आसान है, उतना ही जरूरी है उससे जुड़ी सावधानियों को अपनाना—क्योंकि थोड़ी सी लापरवाही बड़ा वित्तीय नुकसान करा सकती है।
आधार कार्ड अपडेट करने का सुनहरा मौका, अब ज्यादा समय तक मिलेगा फ्री सर्विस

नई दिल्ली। आधार कार्ड धारकों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने आधार अपडेट से जुड़ी मुफ्त ऑनलाइन सुविधा की अंतिम तारीख को आगे बढ़ा दिया है। अब नागरिक 14 जून 2026 तक बिना किसी शुल्क के अपना आधार अपडेट कर सकते हैं। UIDAI के अनुसार यह सुविधा केवल myAadhaar पोर्टल पर उपलब्ध होगी, जहां यूजर्स अपने पहचान पत्र (Proof of Identity) और पते के प्रमाण (Proof of Address) जैसे जरूरी दस्तावेज ऑनलाइन अपलोड कर सकते हैं। यह प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल है, जिससे लोगों को आधार सेंटर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। हालांकि UIDAI ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह मुफ्त सुविधा सिर्फ ऑनलाइन अपडेट के लिए है। अगर कोई व्यक्ति आधार सेवा केंद्र पर जाकर जानकारी अपडेट कराता है तो उसे निर्धारित शुल्क देना होगा। UIDAI ने उन लोगों को खास तौर पर आधार अपडेट करने की सलाह दी है, जिनका आधार 10 साल या उससे अधिक पुराना है और अब तक अपडेट नहीं हुआ है। इससे डेटा की शुद्धता बनी रहती है और सरकारी योजनाओं और सेवाओं का लाभ लेने में किसी तरह की दिक्कत नहीं आती। ऐसे करें ऑनलाइन आधार अपडेटआधार अपडेट की प्रक्रिया बेहद आसान है। इसके लिए यूजर्स को सबसे पहले myAadhaar पोर्टल पर जाना होगा। वहां अपने आधार नंबर और OTP की मदद से लॉगिन करना होता है। इसके बाद “Document Update” विकल्प चुनकर जरूरी दस्तावेज अपलोड करने होते हैं और फॉर्म सबमिट कर दिया जाता है। सबमिट करने के बाद यूजर को एक SRN (Service Request Number) मिलता है, जिसकी मदद से वह अपने अपडेट का स्टेटस ट्रैक कर सकता है। UIDAI ने नागरिकों से अपील की है कि वे समय रहते अपने आधार दस्तावेज अपडेट कर लें ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की असुविधा से बचा जा सके।
हैरान करने वाली लत: डियोड्रेंट खाने की आदत ने न्यूयॉर्क की 19 साल की लड़की को बनाया चर्चा का विषय

नई दिल्ली(New Delhi)। न्यूयॉर्क से सामने आई एक हैरान कर देने वाली घटना में 19 वर्षीय लड़की निकोल की अजीब आदत ने डॉक्टरों से लेकर सोशल मीडिया यूजर्स तक को चौंका दिया है। निकोल ने खुलासा किया है कि उसे खाने-पीने की चीजों से ज्यादा डियोड्रेंट खाने की लत लग चुकी है और वह महीने में कई डिब्बे खत्म कर देती है। सुबह से रात तक डियोड्रेंट की तलबटीएलसी के शो “My Strange Addiction” में निकोल ने बताया कि यह आदत उसे बचपन से ही है। लगभग 4 साल की उम्र में उसने पहली बार डियोड्रेंट को चखना शुरू किया था, जो धीरे-धीरे एक गंभीर लत में बदल गई। निकोल के मुताबिक, दिन की शुरुआत हो या तनाव का समय उसे बार-बार डियोड्रेंट खाने की इच्छा होती थी। वह स्टिक डियोड्रेंट को खोलकर उसमें से हिस्सा निकालकर खा लेती थी। अलग-अलग ब्रांड का “स्वाद” भी उसे अलग लगता था, जिनमें कुछ उसे ज्यादा पसंद थे। स्प्रे डियोड्रेंट भी बना हिस्सासमय के साथ उसकी लत सिर्फ स्टिक तक सीमित नहीं रही, बल्कि वह डियोड्रेंट स्प्रे तक इस्तेमाल करने लगी। निकोल ने बताया कि स्प्रे का स्वाद उसे तुरंत महसूस होता था, इसलिए वह इसे भी पसंद करने लगी। हालांकि, इस आदत का असर उसके शरीर पर साफ दिखने लगा—पेट दर्द, मुंह सूखना और कमजोरी जैसी समस्याएं उसे परेशान करने लगीं। डॉक्टरों की चेतावनी: गंभीर खतराचिकित्सकों के अनुसार डियोड्रेंट में कई तरह के रसायन (chemicals) होते हैं, जो शरीर में जाने पर गंभीर नुकसान पहुंचा सकते हैं। डॉक्टरों ने इसे बेहद खतरनाक बताते हुए तुरंत रोकने की सलाह दी। निकोल ने यह भी बताया कि उसने इसे छोड़ने की कोशिश की, लेकिन कुछ ही दिनों में उसे बेचैनी, सिरदर्द और घबराहट होने लगी। क्या है यह बीमारी?विशेषज्ञों के मुताबिक यह स्थिति Pica Disorder कहलाती है, जिसमें व्यक्ति ऐसी चीजें खाने लगता है जो खाने योग्य नहीं होतीं जैसे मिट्टी, कागज, साबुन या केमिकल युक्त वस्तुएं। यह समस्या मानसिक तनाव, चिंता या पोषण की कमी से भी जुड़ी हो सकती है। सोशल मीडिया पर चर्चा का विषयनिकोल की यह कहानी सामने आने के बाद लोग हैरान हैं। कुछ लोग इसे अजीब आदत बता रहे हैं, तो कई इसे गंभीर मानसिक स्वास्थ्य समस्या मान रहे हैं। यह मामला एक बार फिर दिखाता है कि कैसे सामान्य दिखने वाली आदतें धीरे-धीरे खतरनाक लत में बदल सकती हैं।
डबल्स फाइनल में आदिल और मुकुंद का दमदार प्रदर्शन, खिताब अपने नाम किया

नई दिल्ली। बेंगलुरु में आयोजित एसएम कृष्णा मेमोरियल ओपन 2026 में भारतीय टेनिस के लिए एक यादगार पल दर्ज हुआ, जब आदिल कल्याणपुर और मुकुंद शशिकुमार की जोड़ी ने डबल्स का खिताब अपने नाम कर लिया। यह जीत न सिर्फ उनके करियर के लिए खास रही, बल्कि घरेलू दर्शकों के सामने मिली यह सफलता भारतीय टेनिस के लिए भी बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। फाइनल मुकाबले में भारतीय जोड़ी ने कजाकिस्तान के पेट्र बार बिरयुकोव और ग्रिगोरी लोमाकिन को कड़ी टक्कर दी। शुरुआत में मुकाबला पूरी तरह रोमांचक रहा, जहां पहला सेट टाई-ब्रेकर में 6-7 (3) से हारने के बावजूद भारतीय खिलाड़ियों ने हार नहीं मानी। दूसरे सेट में दोनों खिलाड़ियों ने शानदार संयम और आक्रामकता दिखाते हुए 6-4 से वापसी की और मैच को सुपर टाई-ब्रेकर तक पहुंचा दिया। निर्णायक सुपर टाई-ब्रेकर में आदिल और मुकुंद ने शुरुआत से ही दबदबा बनाए रखा और 10-3 से जीत दर्ज कर खिताब अपने नाम कर लिया। यह मुकाबला करीब एक घंटे 37 मिनट तक चला, जिसमें भारतीय जोड़ी का आत्मविश्वास और तालमेल निर्णायक साबित हुआ। इस टूर्नामेंट में उनका सफर भी बेहद प्रभावशाली रहा। सेमीफाइनल में भारतीय जोड़ी ने जापान की कोकोरो इसोमुरा और रयुकी मात्सुडा को सीधे सेटों में 6-3, 7-6 (4) से हराकर फाइनल में जगह बनाई थी। वहीं क्वार्टर फाइनल में भी उन्होंने दूसरी सीड वाली आयरलैंड ऑस्ट्रेलिया की मजबूत जोड़ी को 6-4, 6-3 से मात देकर सबको चौंका दिया था। हालांकि टूर्नामेंट में अन्य भारतीय खिलाड़ियों को डबल्स में सफलता नहीं मिल सकी। निकी कलियांडा पूनाचा और साकेत माइनेनी की जोड़ी सेमीफाइनल में हारकर बाहर हो गई। सिंगल्स मुकाबलों में भी कई रोमांचक मैच देखने को मिले, लेकिन खिताब कजाकिस्तान के पेट्र बार बिरयुकोव ने अपने नाम किया। उन्होंने फाइनल में बेलारूस के इल्या इवाश्का को तीन सेटों तक चले कड़े मुकाबले में 7-6 (0), 4-6, 6-4 से हराया। एसएम कृष्णा मेमोरियल ओपन 2026 इस साल बेंगलुरु में आयोजित तीसरा एटीपी चैलेंजर टूर्नामेंट रहा, जिसने भारतीय खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खुद को साबित करने का एक और मजबूत मंच दिया।
2026 का दुर्लभ पंचांग संयोग: दो ज्येष्ठ मास, लेकिन नौतपा देगा सिर्फ एक बार प्रचंड गर्मी

नई दिल्ली(New Delhi)। साल 2026 हिंदू पंचांग के लिहाज से बेहद दुर्लभ और चर्चा में रहने वाला वर्ष माना जा रहा है। इस बार अधिक मास (मलमास) के कारण ज्येष्ठ मास दो बार पड़ने वाला है, जिससे लोगों के बीच यह सवाल तेज हो गया है कि क्या नौतपा भी दो बार पड़ेगा और क्या गर्मी पिछले वर्षों से कहीं ज्यादा खतरनाक हो जाएगी। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार यह स्थिति पंचांगीय दृष्टि से विशेष जरूर है, लेकिन इसका असर नौतपा पर अलग तरीके से ही देखने को मिलेगा। ज्येष्ठ मास दो बार, लेकिन नौतपा नहीं होगा डबलज्योतिष विशेषज्ञों का स्पष्ट कहना है कि 2026 में ज्येष्ठ मास भले ही दो बार आए, लेकिन नौतपा केवल एक बार ही पड़ेगा। इसका कारण यह है कि नौतपा का संबंध महीनों से नहीं बल्कि सूर्य के रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश से होता है। सूर्य वर्ष में एक बार ही रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करता है और इसी अवधि में शुरुआती 9 दिन “नौतपा” कहलाते हैं। इसलिए पंचांग में बदलाव होने के बावजूद नौतपा की संख्या नहीं बदलती। कब पड़ेगा नौतपा और कितना रहेगा असरगणनाओं के अनुसार 2026 में नौतपा 25 मई से शुरू होकर 2 जून तक रहने की संभावना है। इस अवधि को उत्तर और मध्य भारत में सबसे अधिक गर्म माना जाता है। इस दौरान सूर्य की किरणें सीधे पृथ्वी पर पड़ती हैं, जिससे तापमान तेजी से बढ़ता है। मौसम विशेषज्ञों का अनुमान है कि इस दौरान कई क्षेत्रों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस से ऊपर जा सकता है, जबकि कुछ स्थानों पर यह 48 से 50 डिग्री तक भी पहुंच सकता है। तेज धूप के साथ लू (Heatwave) का असर भी बढ़ेगा, जिससे लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होगी। 2026 का नौतपा क्यों माना जा रहा है खासज्योतिषीय दृष्टि से 2026 का नौतपा एक और कारण से विशेष माना जा रहा है। बताया जा रहा है कि इस अवधि में दो मंगलवार भी पड़ेंगे, जिसे ज्योतिषीय दृष्टि से “अग्नि तत्व” से जुड़ा माना जाता है। हालांकि वैज्ञानिक रूप से इसका तापमान पर सीधा प्रभाव साबित नहीं है, लेकिन परंपरागत मान्यताओं में इसे गर्मी की तीव्रता बढ़ाने वाला योग माना जाता है। मानसून से भी जुड़ी है मान्यताभारतीय परंपराओं में नौतपा को मानसून की तैयारी का संकेत भी माना जाता है। माना जाता है कि इस दौरान तेज गर्मी से लो प्रेशर सिस्टम बनता है, जो आगे चलकर मानसून को सक्रिय करने में मदद करता है। इसलिए नौतपा को सिर्फ गर्मी का समय नहीं बल्कि मौसम परिवर्तन का महत्वपूर्ण चरण भी माना जाता है। कुल मिलाकर 2026 का वर्ष पंचांग और मौसम दोनों दृष्टि से खास रहने वाला है। ज्येष्ठ मास के दो बार आने से जहां यह साल अनोखा बन रहा है, वहीं नौतपा अपने तय नियमों के अनुसार केवल एक बार ही भीषण गर्मी का असर दिखाएगा। इस दौरान लोगों को धूप, लू और डिहाइड्रेशन से बचाव के लिए विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी जा रही है।
‘वर्क फ्रॉम होम’ की जगह निकला ‘होम फ्रॉम वर्क’, रवि किशन ने वायरल वीडियो पर पहली बार तोड़ी चुप्पी

नई दिल्ली । इंटरनेट के दौर में कौन कब वायरल हो जाए कुछ कहा नहीं जा सकता। कभी फोटो तो कभी लोगों की जुबान से निकले शब्द सोशल मीडिया पर वायरल हो जाते हैं। जब लोग कुछ सोच पाते हैं तब तक वह हजारों लोगों तक पहुंच जाता है। ऐसे में कुछ लोगों को इसका खामियाजा भी भुगतना पड़ता है। ऐसा ही एक वीडियो गोरखपुर सांसद रवि किशन का वायरल हो गया। रवि किशन के इस वीडियो पर लोगों ने अब मीम्स बनाने शुरू कर दिए हैं। हालांकि रवि किशन ने इसको लेकर सफाई भी दी। गोरखपुर से भाजपा सांसद और अभिनेता रवि किशन का कहना है कि वह आज तक यह नहीं समझ पाए हैं कि सोशल मीडिया पर उनके वीडियो और ‘मीम्स’ क्यों प्रसारित होते रहते हैं। उन्होंने कहा कि वह महज एक आम इंसान हैं और दूसरों की तरह उनसे भी गलतियां हो जाती हैं। अभिनेता रवि किशन से शुक्रवार शाम उनकी आगामी फिल्म ‘मां बहन’ के ट्रेलर जारी करने के मौके पर उनकी हालिया वायरल हुई वीडियो के संबंध में पूछा गया था, जिसमें उन्होंने गलती से ‘वर्क फ्रॉम होम’ कहने के बजाय ‘होम फ्रॉम वर्क’ कह दिया। वह इस वीडियो में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ‘वर्क फ्रॉम होम’ की अपील के समर्थन में बोल रहे थे। मां-बहन फिल्म में नजर आएंगे रवि किशनगोरखपुर से भारतीय जनता पार्टी के सांसद रवि किशन ने कहा, मैं महादेव की कसम खाकर कहता हूं कि मुझे बिल्कुल अंदाजा नहीं है कि मैं क्यों वायरल होता रहता हूं। मैं उस समय संसद जा रहा था और कहना चाहता था कि ‘वर्क फ्रॉम होम’ (घर से काम) करने की जरूरत है, लेकिन उसकी जगह मुंह से ‘होम फ्रॉम वर्क’ निकल गया। बतादें कि ‘मां बहन’ फिल्म में रवि किशन के साथ माधुरी दीक्षित, तृप्ति डिमरी और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर धारणा दुर्गा मुख्य भूमिकाओं में नजर आएंगी। नेटफ्लिक्स की इस फिल्म का निर्देशन ‘सूबेदार’ और ‘तुम्हारी सुलू’ फिल्म के निर्देशक सुरेश त्रिवेणी ने किया है। साइकिल चलाकर दिया था पेट्रोल-डीजल बचत का संदेशईंधन बचाने को लेकर पीएम मोदी की अपील के बाद पिछले दिनों सांसद रवि किशन ने साइकिल चलाकर लोगों को पेट्रोल-डीजल बचत का संदेश दिया था। इसका भी वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। सांसद रवि किशन शुक्ला ने पेट्रोल-डीजल संकट से निपटने के लिए तारामंडल क्षेत्र में साइकिल चलाकर लोगों को जागरूक किया। सांसद ने अपने समर्थकों के साथ रामगढ़झील क्षेत्र में साइकिल चलाई। मीडिया से बातचीत में कहा कि मध्य पूर्व एशिया में युद्ध से उपजे हालात से क्रूड ऑयल की कीमतों में लगातार उछाल हो रहा है। पेट्रोलियम पदार्थ की खरीद में देश को करोड़ों डॉलर आयात में खर्च करना पड़ रहा है। सासंद ने कहा कि पेट्रोल-डीजल पर खर्च होने वाले डॉलर को देश वासी जागरूकता से बचा सकते हैं।
भुवनेश्वर कुमार पर्पल कैप की दौड़ में आगे, गेंदबाजों में कड़ा मुकाबला

नई दिल्ली। आईपीएल 2026 का रोमांच अब अपने चरम पर पहुंच चुका है, जहां हर मैच के साथ ऑरेंज और पर्पल कैप की दौड़ और भी दिलचस्प होती जा रही है। पंजाब किंग्स और लखनऊ सुपर जायंट्स के बीच खेले गए 68वें मुकाबले ने इस रेस को पूरी तरह हिला दिया। पंजाब किंग्स ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए लखनऊ को 7 विकेट से मात दी, और इस जीत के साथ ही उनके दो बल्लेबाजों ने ऑरेंज कैप की रेस में जोरदार एंट्री मार दी। मैच में कप्तान श्रेयस अय्यर ने कप्तानी पारी खेलते हुए 51 गेंदों पर नाबाद 101 रन बनाए। उनकी पारी में 11 चौके और 5 शानदार छक्के शामिल रहे। अय्यर ने पूरे आत्मविश्वास के साथ बल्लेबाजी की और टीम को आसान जीत दिलाई। इसी प्रदर्शन के दम पर वह अब 498 रन बनाकर टॉप-11 बल्लेबाजों में शामिल हो गए हैं। उनकी इस पारी ने उन्हें ऑरेंज कैप की रेस में एक मजबूत दावेदार के रूप में खड़ा कर दिया है। वहीं दूसरी ओर प्रभसिमरन सिंह ने भी 39 गेंदों पर 69 रनों की तूफानी पारी खेलकर सबका ध्यान खींचा। लगातार आक्रामक अंदाज में खेलते हुए उन्होंने सीजन में अपने रन 510 तक पहुंचा दिए हैं और अब वह टॉप-10 बल्लेबाजों की सूची में शामिल हो चुके हैं। पंजाब किंग्स के इन दोनों बल्लेबाजों की साझेदारी ने टीम को जीत के साथ-साथ व्यक्तिगत रैंकिंग में भी बड़ा फायदा दिलाया है। इस सीजन ऑरेंज कैप फिलहाल गुजरात टाइटंस के साई सुदर्शन के पास है, जिन्होंने 14 मैचों में 638 रन बनाए हैं। उनके ठीक पीछे शुभमन गिल 616 रन के साथ मजबूती से खड़े हैं। सनराइजर्स हैदराबाद के हेनरिक क्लासेन 606 रन बनाकर तीसरे स्थान पर हैं, जबकि युवा सनसनी वैभव सूर्यवंशी 579 रन के साथ चौथे स्थान पर मौजूद हैं। ईशान किशन 569 रन बनाकर टॉप-5 में अपनी जगह बनाए हुए हैं। गेंदबाजी की बात करें तो पर्पल कैप पर रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के अनुभवी तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार का दबदबा कायम है। उन्होंने 14 मैचों में 24 विकेट झटककर अपनी श्रेष्ठता साबित की है। हालांकि उन्हें कगिसो रबाडा से कड़ी टक्कर मिल रही है, जो 24 विकेट के साथ दूसरे स्थान पर बने हुए हैं। चेन्नई सुपर किंग्स के अंशुल कंबोज 21 विकेट लेकर तीसरे स्थान पर हैं, जबकि राशिद खान 19 विकेट के साथ चौथे और ईशान मलिंगा 19 विकेट लेकर पांचवें स्थान पर बने हुए हैं। आईपीएल 2026 जैसे-जैसे आगे बढ़ रहा है, ऑरेंज और पर्पल कैप की यह रेस और भी तेज होती जा रही है, जहां हर मैच किसी नए सितारे को चमकने का मौका दे रहा है।
शनि-गोचर का बड़ा असर: बुध नक्षत्र में शनि से चमकेगा भाग्य, 4 राशियों को मिलेगा जबरदस्त लाभ

नई दिल्ली(New Delhi)। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार शनि ग्रह का नक्षत्र परिवर्तन कई राशियों के जीवन में बड़ा बदलाव लेकर आता है। वर्ष 2026 में शनि के बुध के नक्षत्र में प्रवेश और उसके रेवती नक्षत्र में गोचर के दौरान कुछ राशियों पर विशेष कृपा रहने वाली है। इस अवधि में कई लोगों की किस्मत चमक सकती है और जीवन में आर्थिक व करियर से जुड़ी बड़ी प्रगति देखने को मिल सकती है। शनि का नक्षत्र परिवर्तन और अवधिज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार शनि 17 मई 2026 को रेवती नक्षत्र में प्रवेश करेंगे और 9 अक्टूबर 2026 तक इसी नक्षत्र में रहेंगे। इस लगभग 4 महीने की अवधि को कई राशियों के लिए अत्यंत शुभ माना जा रहा है। इस दौरान शनि की स्थिति कुछ राशियों के लिए धन, नौकरी और उन्नति के नए अवसर लेकर आएगी। वृषभ राशि: आर्थिक मजबूती और तरक्की के योगवृषभ राशि वालों के लिए यह समय बेहद लाभकारी माना जा रहा है। इनकम में बढ़ोतरी के साथ रुका हुआ पैसा वापस मिलने की संभावना है। नौकरीपेशा लोगों को प्रमोशन या मनचाहा ट्रांसफर मिल सकता है, वहीं व्यापारियों के लिए बिजनेस विस्तार के अवसर बनेंगे। निजी जीवन में भी सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं। मिथुन राशि: करियर में नए अवसरमिथुन राशि के जातकों के लिए यह समय नई नौकरी और करियर ग्रोथ के संकेत दे रहा है। कार्यस्थल पर सीनियर्स का सहयोग मिलेगा और आपके काम की सराहना होगी। विदेश से जुड़े काम करने वालों को विशेष लाभ मिलने की संभावना है। साथ ही मानसिक तनाव में कमी और विवादों में जीत के योग भी बन रहे हैं। तुला राशि: भाग्य का साथ और सुख-सुविधाओं में वृद्धितुला राशि के लिए शनि का यह गोचर भाग्य को मजबूत करने वाला माना जा रहा है। संपत्ति और वाहन सुख मिलने के योग हैं। लंबे समय से रुके हुए कार्य पूरे हो सकते हैं और जीवन में सुख-सुविधाएं बढ़ सकती हैं। अविवाहित लोगों के लिए रिश्ते के प्रस्ताव आने की संभावना भी बन रही है। धनु राशि: आर्थिक लाभ और निवेश के अवसरधनु राशि वालों के लिए यह समय आर्थिक रूप से मजबूत करने वाला साबित हो सकता है। आय में वृद्धि के साथ बचत और निवेश के नए अवसर मिलेंगे। नया काम शुरू करने के लिए भी यह अवधि अनुकूल मानी जा रही है। पारिवारिक और निजी जीवन में भी संतुलन बना रहेगा। उपायशनि के शुभ प्रभाव को और बढ़ाने के लिए शनिवार के दिन शनि मंदिर में सरसों के तेल का दीपक जलाना, पीपल के पेड़ के नीचे दीपदान करना और हनुमान चालीसा का पाठ करना लाभकारी माना गया है।यह गोचर कुछ राशियों के लिए 4 महीने का सुनहरा दौर लेकर आ सकता है, जिसमें आर्थिक मजबूती, करियर ग्रोथ और जीवन में सकारात्मक बदलाव के योग बनते दिखाई दे रहे हैं।