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देवास में तेज रफ्तार कार डिवाइडर से टकराई, स्कूटर सवार सहित 3 लोग घायल

देवास । मध्यप्रदेश के देवास शहर में शनिवार रात एक सड़क हादसे ने लोगों को कुछ समय के लिए दहशत में डाल दिया। विकास नगर क्षेत्र में इंदौर की ओर से तेज रफ्तार में आ रही एक कार अचानक अनियंत्रित होकर डिवाइडर से जा टकराई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और सामने का शीशा भी टूट गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार यह हादसा रात करीब 9 बजे हुआ, जब चालक वाहन पर नियंत्रण खो बैठा। डिवाइडर से टकराने के बाद कार बेकाबू होकर एक स्कूटर सवार को भी अपनी चपेट में ले बैठी। इस घटना में कार सवारों सहित स्कूटर चालक समेत कुल तीन लोग घायल हो गए। हादसे के तुरंत बाद आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और घायलों की मदद की। स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए सभी घायलों को प्राथमिक उपचार के लिए निजी अस्पताल भिजवाया, जहां उनका इलाज किया गया। राहत की बात यह रही कि किसी भी घायल की स्थिति गंभीर नहीं बताई गई है। दुर्घटना के बाद कार सड़क के बीचों-बीच खड़ी रह गई, जिससे कुछ समय के लिए यातायात पूरी तरह बाधित हो गया। स्थिति बिगड़ते देख करीब 10 लोगों ने मिलकर कार को धक्का देकर सड़क किनारे किया, जिसके बाद ट्रैफिक सामान्य हो सका। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया और प्रारंभिक जांच शुरू कर दी है। शुरुआती अनुमान में हादसे का कारण तेज रफ्तार और वाहन पर नियंत्रण खोना बताया जा रहा है। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों ने सड़क पर बढ़ती रफ्तार और लापरवाह ड्राइविंग पर चिंता जताई है और ट्रैफिक नियमों के सख्त पालन की मांग की है।

संघर्ष, विवाद और सफलता की अनोखी कहानी: चाइल्ड आर्टिस्ट से बॉलीवुड स्टार बनने तक ऐसा रहा कुणाल खेमू का सफर

नई दिल्ली। बॉलीवुड में कई कलाकार ऐसे रहे हैं जिन्होंने अपनी मेहनत और प्रतिभा के दम पर खास पहचान बनाई, लेकिन कुछ सितारों की कहानी संघर्ष, विवाद और लगातार खुद को साबित करने की जिद से भी भरी होती है। अभिनेता कुणाल खेमू का सफर भी कुछ ऐसा ही रहा है। बचपन में कैमरे के सामने कदम रखने वाले कुणाल ने अपने अभिनय से दर्शकों का दिल जीता और समय के साथ खुद को केवल अभिनेता ही नहीं बल्कि लेखक और निर्देशक के रूप में भी स्थापित किया। उनका जीवन केवल फिल्मों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि निजी जीवन, विवाद और लगातार आगे बढ़ने की सोच ने भी उनके सफर को खास बनाया। कुणाल खेमू का बचपन बेहद अलग परिस्थितियों में गुजरा। कश्मीर की खूबसूरत वादियों में जन्मे कुणाल का शुरुआती जीवन सामान्य था, लेकिन समय के साथ हालात बदलते गए। देश के एक संवेदनशील दौर का असर उनके परिवार पर भी पड़ा और परिस्थितियों ने उन्हें अपना घर छोड़ने पर मजबूर कर दिया। इसके बाद परिवार ने नए शहर में नई शुरुआत की और यहीं से कुणाल की जिंदगी का नया अध्याय शुरू हुआ। बदलती परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने अपने सपनों का साथ नहीं छोड़ा। बहुत कम उम्र में अभिनय की दुनिया में कदम रखने वाले कुणाल ने अपने मासूम चेहरे और स्वाभाविक अभिनय से लोगों का ध्यान आकर्षित किया। बाल कलाकार के रूप में उन्होंने कई फिल्मों और धारावाहिकों में अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई। छोटी उम्र में भी उनके अभिनय की गंभीरता और भावनात्मक प्रस्तुति को खूब सराहा गया। धीरे-धीरे वह दर्शकों के बीच एक पहचाना हुआ चेहरा बन गए और उनके अभिनय को लगातार सराहना मिलने लगी। हालांकि बाल कलाकार से मुख्य अभिनेता बनने का सफर आसान नहीं था। बड़े पर्दे पर वापसी के दौरान उन्हें कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा। फिल्मी दुनिया में प्रतिस्पर्धा लगातार बढ़ रही थी और खुद को स्थापित करना किसी बड़ी परीक्षा से कम नहीं था। लेकिन कुणाल ने हार नहीं मानी और अलग-अलग किरदारों के जरिए अपनी अभिनय क्षमता साबित की। कॉमेडी, रोमांस और गंभीर भूमिकाओं में उन्होंने अपनी अलग पहचान बनाई। कुणाल का नाम कई बार विवादों में भी रहा। खासकर उनके टैटू को लेकर उठा विवाद काफी चर्चा में रहा था। इस मामले ने सोशल मीडिया और मनोरंजन जगत में बड़ी बहस को जन्म दिया। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी भावनाएं सम्मान और श्रद्धा से जुड़ी थीं। इस पूरे घटनाक्रम ने यह दिखाया कि लोकप्रियता के साथ विवाद भी कलाकारों की जिंदगी का हिस्सा बन जाते हैं। आज कुणाल खेमू केवल अभिनेता नहीं बल्कि मनोरंजन जगत में एक बहुआयामी प्रतिभा के रूप में देखे जाते हैं। अभिनय से आगे बढ़कर उन्होंने निर्देशन के क्षेत्र में भी कदम रखा और अपनी नई पहचान बनाने की कोशिश की। उनका सफर यह साबित करता है कि कठिन परिस्थितियां, विवाद और असफलताएं रास्ता जरूर कठिन बनाती हैं, लेकिन लगातार मेहनत और विश्वास इंसान को मंजिल तक पहुंचाने की ताकत रखते हैं।

मंदसौर में सड़क हादसा: खड़े युवक को बाइक ने मारी टक्कर, दोनों घायल

मध्यप्रदेश । मध्यप्रदेश के मंदसौर शहर में शनिवार रात शालीमार कॉलोनी के पास एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ, जिसमें दो युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। तेज रफ्तार मोटरसाइकिल ने सड़क किनारे खड़े एक युवक को जोरदार टक्कर मार दी, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। जानकारी के अनुसार, यह हादसा उस समय हुआ जब मोहसिन (35), निवासी नारायण नगर, अपनी ऑटो रिक्शा से एक आयरन वर्कशॉप पर सामान उतार रहे थे। जैसे ही वे ऑटो से नीचे उतरे, उसी दौरान प्रतापगढ़ से मंदसौर लौट रहे बाइक सवार दिलीप पाटीदार (37) की मोटरसाइकिल अनियंत्रित होकर मोहसिन से जा टकराई। टक्कर इतनी तेज थी कि मोहसिन सड़क पर गिरकर काफी दूर तक घिसटते चले गए। हादसे में उनके पैर में गंभीर फ्रैक्चर हो गया, जबकि हाथ और शरीर के अन्य हिस्सों में भी गहरी चोटें आई हैं। उन्हें तत्काल जिला चिकित्सालय ले जाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। दूसरी ओर, टक्कर के बाद बाइक सवार दिलीप पाटीदार भी नियंत्रण खो बैठे और सड़क किनारे झाड़ियों में जा गिरे। इस दुर्घटना में उन्हें भी हाथ और पैर में चोटें आई हैं। दोनों घायलों का अस्पताल में उपचार चल रहा है। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर घायलों को संभाला और निजी वाहन से अस्पताल पहुंचाया। इसी बीच घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिसमें पूरी टक्कर की घटना स्पष्ट रूप से कैद हुई दिखाई देती है। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है और दुर्घटना के कारणों का पता लगाने में जुटी हुई है। प्रारंभिक तौर पर मामला तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाने का माना जा रहा है। इस हादसे के बाद क्षेत्र में सड़क सुरक्षा और ट्रैफिक नियमों को लेकर एक बार फिर चिंता जताई जा रही है।

हिंद महासागर में भारत की बढ़ेगी ताकत, ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट से रणनीतिक और आर्थिक शक्ति को मिलेगा नया आयाम

नई दिल्ली । भारत अपनी समुद्री रणनीति और राष्ट्रीय सुरक्षा को नई दिशा देने की तैयारी में तेजी से आगे बढ़ता दिखाई दे रहा है। बदलते वैश्विक भू-राजनीतिक परिदृश्य और समुद्री मार्गों के बढ़ते महत्व के बीच अब हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की उपस्थिति को और मजबूत करने की दिशा में बड़े स्तर पर काम किया जा रहा है। इसी क्रम में ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट को देश की रणनीतिक सोच, आर्थिक विस्तार और सुरक्षा ढांचे के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। विशेषज्ञ इसे केवल एक अवसंरचना परियोजना नहीं बल्कि भारत के भविष्य के समुद्री विजन से जोड़कर देख रहे हैं। इस परियोजना की सबसे बड़ी विशेषता इसकी रणनीतिक स्थिति मानी जा रही है। समुद्री व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति से जुड़े महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय मार्गों के करीब स्थित होने के कारण यह क्षेत्र वैश्विक स्तर पर विशेष महत्व रखता है। लंबे समय से भारत अपने व्यापारिक ट्रांसशिपमेंट और समुद्री गतिविधियों के लिए कई विदेशी बंदरगाहों पर निर्भर रहा है, जिससे आर्थिक और रणनीतिक दोनों स्तरों पर चुनौतियां बनी रहती थीं। अब इस परियोजना के जरिए उस निर्भरता को कम करने और देश के भीतर मजबूत समुद्री ढांचा तैयार करने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि हिंद महासागर आने वाले वर्षों में वैश्विक शक्ति संतुलन का प्रमुख केंद्र बन सकता है। ऐसे में भारत का इस क्षेत्र में प्रभावी और स्थायी आधार तैयार करना राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। समुद्री मार्गों पर निगरानी, क्षेत्रीय गतिविधियों की जानकारी और रणनीतिक उपस्थिति किसी भी बड़े देश के लिए आज बेहद जरूरी मानी जाती है। इसी वजह से इस परियोजना को भविष्य की सुरक्षा जरूरतों से जोड़कर देखा जा रहा है। दूसरी ओर यह परियोजना केवल सुरक्षा तक सीमित नहीं है बल्कि आर्थिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। गहरे समुद्री बंदरगाह, आधुनिक बुनियादी ढांचे और बेहतर कनेक्टिविटी के माध्यम से व्यापारिक गतिविधियों को नई गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। बड़े जहाजों की आवाजाही और अंतरराष्ट्रीय कार्गो प्रबंधन की सुविधाओं के विकास से भारत को लंबे समय में आर्थिक लाभ मिलने की संभावना व्यक्त की जा रही है। इससे व्यापारिक क्षमता बढ़ने के साथ रोजगार और क्षेत्रीय विकास को भी बढ़ावा मिल सकता है। हालांकि इस तरह की बड़ी परियोजनाओं के साथ पर्यावरण और स्थानीय समुदायों से जुड़े मुद्दे भी महत्वपूर्ण बन जाते हैं। इसलिए विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाए रखना प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती माना जा रहा है। आने वाले समय में ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट केवल एक निर्माण परियोजना नहीं बल्कि भारत की रणनीतिक सोच, समुद्री शक्ति और वैश्विक भूमिका को नई पहचान देने वाला कदम साबित हो सकता है। यह परियोजना भविष्य में भारत की समुद्री ताकत और क्षेत्रीय प्रभाव को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने की क्षमता रखती है।

खोखरा गांव में खेत के बाड़े में व्यक्ति ने लगाई फांसी, पिपलियामंडी पुलिस जांच में जुटी

मंदसौर । मध्यप्रदेश के मंदसौर जिले से एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां पिपलियामंडी थाना क्षेत्र के खोखरा गांव में रविवार सुबह एक व्यक्ति ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना के बाद पूरे गांव में सनसनी फैल गई और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर एकत्र हो गए। मृतक की पहचान खोखरा गांव निवासी संदीप पिता श्यामलाल पाटीदार (उम्र 43 वर्ष) के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, संदीप शनिवार रात अपने खेत पर बने बाड़े में सोने के लिए गया था। लेकिन रविवार सुबह जब परिजन और ग्रामीण खेत पर पहुंचे, तो वहां का दृश्य देखकर सभी स्तब्ध रह गए। संदीप का शव रस्सी के फंदे पर लटका हुआ पाया गया। घटना की सूचना तत्काल पिपलियामंडी थाना पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने शव को फंदे से नीचे उतारकर पंचनामा कार्रवाई की और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, प्रारंभिक जांच में यह मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है, हालांकि इसके पीछे के कारणों का अभी तक स्पष्ट रूप से पता नहीं चल पाया है। पुलिस ने इस संबंध में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। फिलहाल पुलिस परिजनों और आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि मृतक किसी मानसिक तनाव, पारिवारिक विवाद या अन्य किसी परेशानी से जूझ रहा था या नहीं। गांव में इस घटना के बाद शोक का माहौल है और लोग इस अप्रत्याशित घटना से स्तब्ध हैं। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और आगे की जांच के आधार पर ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। फिलहाल सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच आगे बढ़ाई जा रही है।

सपनों को उड़ान और मां की नम आंखें: बच्चों की बड़ी कामयाबी पर भावुक हुईं फराह खान

नई दिल्ली। जिंदगी में कुछ पल ऐसे होते हैं, जो केवल खुशियां नहीं लाते बल्कि भावनाओं का समंदर भी साथ लेकर आते हैं। खासतौर पर माता-पिता के लिए बच्चों की सफलता से बड़ा कोई जश्न नहीं होता। ऐसा ही एक बेहद खास और भावुक पल उस समय देखने को मिला जब एक मां ने अपने बच्चों को जिंदगी के एक महत्वपूर्ण पड़ाव को पार करते देखा। खुशी, गर्व और भावनाओं से भरे इस पल ने हर किसी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। बच्चों की पढ़ाई और उनके भविष्य को लेकर माता-पिता हमेशा कई सपने संजोते हैं। जब वे बच्चे अपनी मेहनत और लगन से किसी बड़ी उपलब्धि तक पहुंचते हैं तो वह पल पूरे परिवार के लिए बेहद यादगार बन जाता है। हाल ही में ऐसा ही एक अवसर सामने आया, जहां परिवार के लिए जश्न और भावनाओं का अनोखा संगम देखने को मिला। हाई स्कूल की पढ़ाई पूरी करने के बाद बच्चों के चेहरे पर खुशी दिखाई दी, वहीं एक मां की आंखों में गर्व के साथ भावनाएं भी साफ नजर आईं। समारोह के दौरान परिवार के कई खूबसूरत पल कैमरे में कैद हुए। तस्वीरों और वीडियो में खुशी का माहौल साफ दिखाई दे रहा था। बच्चों की उपलब्धि पर पूरे परिवार की मुस्कान इस बात की गवाही दे रही थी कि यह दिन उनके लिए कितना खास था। पढ़ाई पूरी करना केवल एक शैक्षणिक उपलब्धि नहीं बल्कि जीवन की नई शुरुआत का संकेत भी माना जाता है। यही कारण है कि इस तरह के अवसर परिवारों के लिए बेहद भावनात्मक बन जाते हैं। इस खास अवसर पर एक भावुक संदेश ने भी लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा। उस संदेश में एक मां के मन की भावनाएं साफ दिखाई दीं। बच्चों को बड़ा करना, उन्हें सही दिशा देना और फिर उन्हें अपने सपनों की उड़ान भरने के लिए तैयार करना किसी भी माता-पिता के लिए आसान नहीं होता। एक तरफ बच्चों की सफलता की खुशी होती है तो दूसरी तरफ उनसे जुड़ी यादें मन को भावुक भी कर देती हैं। यही भावनाएं उस संदेश में साफ तौर पर महसूस की गईं। माता-पिता और बच्चों का रिश्ता हमेशा बेहद खास माना जाता है। बच्चे जैसे-जैसे बड़े होते हैं, उनके सपने भी आकार लेने लगते हैं। एक समय ऐसा आता है जब माता-पिता उन्हें अपने पैरों पर खड़ा होते देखते हैं और गर्व महसूस करते हैं। लेकिन इसी के साथ यह एहसास भी जुड़ा होता है कि अब बच्चे अपनी जिंदगी की नई दिशा की ओर आगे बढ़ रहे हैं। यही बदलाव भावनाओं को और गहरा बना देता है। आज की तेज रफ्तार जिंदगी में ऐसे पारिवारिक पल लोगों को रिश्तों की अहमियत का एहसास कराते हैं। सफलता केवल डिग्री या उपलब्धियों से नहीं मापी जाती, बल्कि उन भावनाओं से भी जुड़ी होती है जो उसके साथ चलती हैं। यह पल केवल एक ग्रेजुएशन समारोह नहीं बल्कि एक मां के सपनों, संघर्ष और गर्व की खूबसूरत कहानी बन गया, जिसने लोगों के दिलों को छू लिया।

पेट्रोल-डीजल से लेकर गैस तक पर जैकी श्रॉफ का बड़ा बयान, सोशल मीडिया पर छिड़ी नई बहस

नई दिल्ली। अभिनेता Jackie Shroff एक बार फिर अपने अलग अंदाज और बेबाक बयान की वजह से चर्चा में आ गए हैं। इस बार उन्होंने पेट्रोल, डीजल और गैस जैसे जरूरी संसाधनों को लेकर अपनी राय जाहिर की है। वैश्विक स्तर पर बढ़ती चुनौतियों और ऊर्जा संकट को देखते हुए अभिनेता ने लोगों से ईंधन के जिम्मेदारीपूर्ण इस्तेमाल की अपील की है। उनके बयान के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर इसे लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं और यह चर्चा का विषय बन गया है। हाल के दिनों में दुनियाभर में ऊर्जा संसाधनों को लेकर चिंता लगातार बढ़ी है। कई देशों में ईंधन की उपलब्धता और कीमतों से जुड़ी चुनौतियां सामने आ रही हैं। इसी बीच जैकी श्रॉफ ने लोगों को संदेश देते हुए कहा कि परिस्थितियों को समझने की जरूरत है और संसाधनों का इस्तेमाल सोच-समझकर किया जाना चाहिए। उनका मानना है कि जब जरूरी चीजें उपलब्ध हैं तो उन्हें अनावश्यक रूप से बर्बाद करने के बजाय जिम्मेदारी के साथ उपयोग करना अधिक जरूरी है। उन्होंने प्रधानमंत्री Narendra Modi की उस अपील का समर्थन भी किया, जिसमें ईंधन की बचत और संसाधनों के बेहतर उपयोग पर जोर दिया गया था। अभिनेता ने अपने अंदाज में यह संदेश देने की कोशिश की कि बदलती वैश्विक परिस्थितियों में हर व्यक्ति की छोटी जिम्मेदारी भी बड़ा असर पैदा कर सकती है। उनका यह बयान अब तेजी से लोगों के बीच चर्चा का हिस्सा बन चुका है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो के बाद लोगों की प्रतिक्रियाएं भी अलग-अलग नजर आ रही हैं। कुछ लोग उनके विचारों का समर्थन कर रहे हैं और इसे जिम्मेदार सोच बता रहे हैं, जबकि कुछ लोग इसे लेकर अपनी अलग राय भी रख रहे हैं। हालांकि यह पहली बार नहीं है जब जैकी श्रॉफ किसी सामाजिक मुद्दे पर खुलकर सामने आए हों। इससे पहले भी वह पर्यावरण, प्रकृति और सामाजिक विषयों पर अपने विचार व्यक्त करते रहे हैं। वर्कफ्रंट की बात करें तो जैकी श्रॉफ जल्द ही अपनी नई फिल्म के जरिए दर्शकों के बीच दिखाई देने वाले हैं। उनकी आगामी फिल्म को लेकर भी दर्शकों में उत्सुकता बनी हुई है। लंबे समय से अपनी अलग शैली और अभिनय के लिए पहचान बनाने वाले जैकी श्रॉफ आज भी दर्शकों के बीच खास लोकप्रियता रखते हैं। इस बार उनका बयान मनोरंजन जगत से बाहर निकलकर सामाजिक चर्चा का विषय बन गया है और ईंधन बचत जैसे मुद्दे पर नई बहस को जन्म देता दिखाई दे रहा है।

नदी बचाने की मुहिम: शिवना घाट पर कचरा हटाकर किया गया सफाई कार्य

मंदसौर। मध्यप्रदेश के मंदसौर शहर में आस्था और पहचान मानी जाने वाली शिवना नदी को स्वच्छ और सुंदर बनाने के उद्देश्य से चलाया जा रहा शिवना शुद्धिकरण जनअभियान रविवार को अपने 125वें दिन में भी जारी रहा। इस अभियान का नेतृत्व विधायक विपिन जैन कर रहे हैं, जिसमें बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक और श्रमदानी लगातार हिस्सा ले रहे हैं। रविवार को अभियान के दौरान पशुपतिनाथ मंदिर क्षेत्र के पास शिवना नदी तट पर श्रमदान किया गया। स्वयंसेवकों ने नदी किनारे फैली गाजर घास को हटाया और नदी के भीतर जमा कचरे को बाहर निकालने का कार्य किया। इस दौरान लगभग एक ट्रॉली कचरा नदी से निकाला गया, जिससे घाट क्षेत्र की स्थिति में सुधार देखा गया। सिर्फ सफाई ही नहीं, बल्कि घाटों को आकर्षक और स्वच्छ बनाने के लिए रंगरोगन का कार्य भी किया गया। श्रमदानियों ने घाट की दीवारों और सीढ़ियों को रंगकर उन्हें सुंदर स्वरूप देने में सहयोग दिया। साथ ही सभी ने नदी को प्रदूषण मुक्त रखने और स्वच्छता बनाए रखने का संकल्प लिया। अभियान के दौरान विधायक विपिन जैन ने कहा कि शिवना नदी केवल जल स्रोत नहीं, बल्कि मंदसौर की आस्था, संस्कृति और पहचान है। उन्होंने लोगों से अपील की कि नदी में कचरा न डालें और प्रत्येक रविवार को चल रहे इस श्रमदान अभियान में अधिक से अधिक लोग जुड़कर इसे जनआंदोलन का रूप दें। इस 125वें दिन के श्रमदान में समाजसेवी, स्थानीय नागरिक, महिलाएं और विभिन्न सामाजिक संगठनों के सदस्य बड़ी संख्या में शामिल हुए। सभी ने मिलकर स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया और अभियान को आगे भी जारी रखने का संकल्प दोहराया।

सिनेमा, संघर्ष और सपनों पर खुलकर बोलीं श्रेया पिलगांवकर, कहा- मुंबई ने लाखों कलाकारों को दी नई पहचान

नई दिल्ली। सिनेमा केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि सपनों, संघर्षों और भावनाओं को जोड़ने वाली एक ऐसी दुनिया है जो लाखों लोगों को नई पहचान देती है। इसी सोच को लेकर एक विशेष फिल्म कार्यक्रम के दौरान अभिनेत्री श्रेया पिलगांवकर ने अपने अनुभव, सिनेमा के बदलते स्वरूप और मुंबई से जुड़े भावनात्मक रिश्ते पर खुलकर बात की। इस दौरान उन्होंने फिल्मों, कलाकारों और नए दौर के कंटेंट को लेकर अपने विचार साझा किए, जिसने कार्यक्रम में मौजूद लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा। अपने संबोधन के दौरान श्रेया ने मुंबई को केवल एक शहर नहीं बल्कि एक भावना बताया। उन्होंने कहा कि यह शहर वर्षों से लोगों को बड़े सपने देखने की प्रेरणा देता आया है और उन्हें पूरा करने की ताकत भी देता है। देशभर से आने वाले लाखों लोग यहां अपने करियर, पहचान और भविष्य की तलाश लेकर पहुंचते हैं और यही शहर उन्हें अवसर देने का काम करता है। मुंबई की यही खासियत इसे अन्य शहरों से अलग बनाती है। उन्होंने अपने निजी जीवन और पारिवारिक माहौल को लेकर भी खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि बचपन से ही उनके आसपास कहानियों, अभिनय और सिनेमा का वातावरण रहा है। ऐसे माहौल में पले-बढ़ने से कला के प्रति स्वाभाविक लगाव पैदा हुआ। उन्होंने यह भी माना कि परिवार से मिली प्रेरणा ने उनके अभिनय सफर को दिशा देने में बड़ी भूमिका निभाई है। कलाकारों के लंबे और सक्रिय करियर को लेकर उन्होंने कहा कि जुनून और समर्पण के साथ कला से जीवनभर जुड़े रहना संभव है। बदलते दौर में मनोरंजन की दुनिया को लेकर भी उन्होंने अपनी राय रखी। उनका मानना है कि समय के साथ कंटेंट देखने और प्रस्तुत करने के तरीके में बड़ा बदलाव आया है। अब कलाकारों के सामने पहले की तुलना में ज्यादा अवसर मौजूद हैं। नए माध्यमों और नई कहानियों ने कलाकारों को अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए विस्तृत मंच प्रदान किया है। इस बदलाव से युवा कलाकारों को भी अपनी पहचान बनाने का अवसर मिल रहा है। उन्होंने इस दौरान थिएटर और मंचीय कलाकारों के महत्व पर भी जोर दिया। उनका कहना था कि दर्शकों को फिल्मों और डिजिटल माध्यमों के साथ-साथ रंगमंच और अन्य कला रूपों को भी समर्थन देना चाहिए। कला के हर रूप का अपना महत्व होता है और विविध मंचों को समर्थन मिलने से रचनात्मकता को नई दिशा मिलती है। सोशल मीडिया को लेकर भी उन्होंने संतुलित सोच रखने की बात कही। उन्होंने कहा कि आज के समय में अक्सर नकारात्मक विषय अधिक चर्चा में रहते हैं, जबकि अच्छी कहानियों और सकारात्मक कार्यों पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए। दर्शकों के समर्थन से ही बेहतर और मजबूत कंटेंट आगे बढ़ सकता है। फिलहाल श्रेया पिलगांवकर अपने आगामी प्रोजेक्ट्स को लेकर भी उत्साहित नजर आ रही हैं। आने वाले समय में उनके नए काम दर्शकों के सामने होंगे, जिससे उनके प्रशंसकों की उम्मीदें भी बढ़ गई हैं। सिनेमा और कला के प्रति उनका यह नजरिया कई युवा कलाकारों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन सकता है।

गंगा दशहरा पर अनोखी पहल: शिवना घाट पर श्रमदान और सफाई अभियान

मंदसौर । मंदसौर में गंगा दशहरा के पावन अवसर पर जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। सोमवार को पशुपतिनाथ मंदिर परिसर के पास बहने वाली शिवना नदी के घाट पर यह आयोजन होगा, जिसमें नदी पूजन के साथ-साथ सामूहिक श्रमदान कर स्वच्छता का संदेश दिया जाएगा। कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 8:30 बजे शिवना नदी के पूजन से होगी। इसके बाद घाट और आसपास के क्षेत्रों में सफाई अभियान चलाया जाएगा, जिसमें कचरे की सफाई, घाटों की मरम्मत और पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी गतिविधियां शामिल रहेंगी। जिला प्रशासन द्वारा आयोजित इस अभियान का मुख्य उद्देश्य शिवना नदी के संरक्षण, स्वच्छता और जनजागरूकता को बढ़ावा देना है। प्रशासन का मानना है कि जब आमजन स्वयं इस प्रकार के अभियानों में भाग लेते हैं, तो पर्यावरण संरक्षण को नई दिशा और गति मिलती है। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, सामाजिक कार्यकर्ता, विभिन्न सामाजिक संगठनों के सदस्य और स्थानीय नागरिक शामिल होंगे। मुख्य अतिथि के रूप में सांसद सुधीर गुप्ता की उपस्थिति भी रहेगी, जो इस अभियान में श्रमदान कर लोगों को प्रेरित करेंगे। प्रशासन ने बताया कि यह नदी केवल जल स्रोत ही नहीं बल्कि शहर की आस्था, संस्कृति और पहचान का प्रतीक है। इसलिए इसके संरक्षण के लिए सामूहिक प्रयास बेहद जरूरी हैं। जिला प्रशासन ने जिलेवासियों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में इस कार्यक्रम में शामिल होकर श्रमदान करें और स्वच्छता अभियान को सफल बनाएं। अधिकारियों का कहना है कि इस तरह के जनभागीदारी वाले प्रयासों से नदियों के संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ेगी और पर्यावरण संतुलन को बनाए रखने में मदद मिलेगी।