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नदी बचाने की मुहिम: शिवना घाट पर कचरा हटाकर किया गया सफाई कार्य

मंदसौर। मध्यप्रदेश के मंदसौर शहर में आस्था और पहचान मानी जाने वाली शिवना नदी को स्वच्छ और सुंदर बनाने के उद्देश्य से चलाया जा रहा शिवना शुद्धिकरण जनअभियान रविवार को अपने 125वें दिन में भी जारी रहा। इस अभियान का नेतृत्व विधायक विपिन जैन कर रहे हैं, जिसमें बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक और श्रमदानी लगातार हिस्सा ले रहे हैं। रविवार को अभियान के दौरान पशुपतिनाथ मंदिर क्षेत्र के पास शिवना नदी तट पर श्रमदान किया गया। स्वयंसेवकों ने नदी किनारे फैली गाजर घास को हटाया और नदी के भीतर जमा कचरे को बाहर निकालने का कार्य किया। इस दौरान लगभग एक ट्रॉली कचरा नदी से निकाला गया, जिससे घाट क्षेत्र की स्थिति में सुधार देखा गया। सिर्फ सफाई ही नहीं, बल्कि घाटों को आकर्षक और स्वच्छ बनाने के लिए रंगरोगन का कार्य भी किया गया। श्रमदानियों ने घाट की दीवारों और सीढ़ियों को रंगकर उन्हें सुंदर स्वरूप देने में सहयोग दिया। साथ ही सभी ने नदी को प्रदूषण मुक्त रखने और स्वच्छता बनाए रखने का संकल्प लिया। अभियान के दौरान विधायक विपिन जैन ने कहा कि शिवना नदी केवल जल स्रोत नहीं, बल्कि मंदसौर की आस्था, संस्कृति और पहचान है। उन्होंने लोगों से अपील की कि नदी में कचरा न डालें और प्रत्येक रविवार को चल रहे इस श्रमदान अभियान में अधिक से अधिक लोग जुड़कर इसे जनआंदोलन का रूप दें। इस 125वें दिन के श्रमदान में समाजसेवी, स्थानीय नागरिक, महिलाएं और विभिन्न सामाजिक संगठनों के सदस्य बड़ी संख्या में शामिल हुए। सभी ने मिलकर स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया और अभियान को आगे भी जारी रखने का संकल्प दोहराया।

सिनेमा, संघर्ष और सपनों पर खुलकर बोलीं श्रेया पिलगांवकर, कहा- मुंबई ने लाखों कलाकारों को दी नई पहचान

नई दिल्ली। सिनेमा केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि सपनों, संघर्षों और भावनाओं को जोड़ने वाली एक ऐसी दुनिया है जो लाखों लोगों को नई पहचान देती है। इसी सोच को लेकर एक विशेष फिल्म कार्यक्रम के दौरान अभिनेत्री श्रेया पिलगांवकर ने अपने अनुभव, सिनेमा के बदलते स्वरूप और मुंबई से जुड़े भावनात्मक रिश्ते पर खुलकर बात की। इस दौरान उन्होंने फिल्मों, कलाकारों और नए दौर के कंटेंट को लेकर अपने विचार साझा किए, जिसने कार्यक्रम में मौजूद लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा। अपने संबोधन के दौरान श्रेया ने मुंबई को केवल एक शहर नहीं बल्कि एक भावना बताया। उन्होंने कहा कि यह शहर वर्षों से लोगों को बड़े सपने देखने की प्रेरणा देता आया है और उन्हें पूरा करने की ताकत भी देता है। देशभर से आने वाले लाखों लोग यहां अपने करियर, पहचान और भविष्य की तलाश लेकर पहुंचते हैं और यही शहर उन्हें अवसर देने का काम करता है। मुंबई की यही खासियत इसे अन्य शहरों से अलग बनाती है। उन्होंने अपने निजी जीवन और पारिवारिक माहौल को लेकर भी खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि बचपन से ही उनके आसपास कहानियों, अभिनय और सिनेमा का वातावरण रहा है। ऐसे माहौल में पले-बढ़ने से कला के प्रति स्वाभाविक लगाव पैदा हुआ। उन्होंने यह भी माना कि परिवार से मिली प्रेरणा ने उनके अभिनय सफर को दिशा देने में बड़ी भूमिका निभाई है। कलाकारों के लंबे और सक्रिय करियर को लेकर उन्होंने कहा कि जुनून और समर्पण के साथ कला से जीवनभर जुड़े रहना संभव है। बदलते दौर में मनोरंजन की दुनिया को लेकर भी उन्होंने अपनी राय रखी। उनका मानना है कि समय के साथ कंटेंट देखने और प्रस्तुत करने के तरीके में बड़ा बदलाव आया है। अब कलाकारों के सामने पहले की तुलना में ज्यादा अवसर मौजूद हैं। नए माध्यमों और नई कहानियों ने कलाकारों को अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए विस्तृत मंच प्रदान किया है। इस बदलाव से युवा कलाकारों को भी अपनी पहचान बनाने का अवसर मिल रहा है। उन्होंने इस दौरान थिएटर और मंचीय कलाकारों के महत्व पर भी जोर दिया। उनका कहना था कि दर्शकों को फिल्मों और डिजिटल माध्यमों के साथ-साथ रंगमंच और अन्य कला रूपों को भी समर्थन देना चाहिए। कला के हर रूप का अपना महत्व होता है और विविध मंचों को समर्थन मिलने से रचनात्मकता को नई दिशा मिलती है। सोशल मीडिया को लेकर भी उन्होंने संतुलित सोच रखने की बात कही। उन्होंने कहा कि आज के समय में अक्सर नकारात्मक विषय अधिक चर्चा में रहते हैं, जबकि अच्छी कहानियों और सकारात्मक कार्यों पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए। दर्शकों के समर्थन से ही बेहतर और मजबूत कंटेंट आगे बढ़ सकता है। फिलहाल श्रेया पिलगांवकर अपने आगामी प्रोजेक्ट्स को लेकर भी उत्साहित नजर आ रही हैं। आने वाले समय में उनके नए काम दर्शकों के सामने होंगे, जिससे उनके प्रशंसकों की उम्मीदें भी बढ़ गई हैं। सिनेमा और कला के प्रति उनका यह नजरिया कई युवा कलाकारों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन सकता है।

गंगा दशहरा पर अनोखी पहल: शिवना घाट पर श्रमदान और सफाई अभियान

मंदसौर । मंदसौर में गंगा दशहरा के पावन अवसर पर जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। सोमवार को पशुपतिनाथ मंदिर परिसर के पास बहने वाली शिवना नदी के घाट पर यह आयोजन होगा, जिसमें नदी पूजन के साथ-साथ सामूहिक श्रमदान कर स्वच्छता का संदेश दिया जाएगा। कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 8:30 बजे शिवना नदी के पूजन से होगी। इसके बाद घाट और आसपास के क्षेत्रों में सफाई अभियान चलाया जाएगा, जिसमें कचरे की सफाई, घाटों की मरम्मत और पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी गतिविधियां शामिल रहेंगी। जिला प्रशासन द्वारा आयोजित इस अभियान का मुख्य उद्देश्य शिवना नदी के संरक्षण, स्वच्छता और जनजागरूकता को बढ़ावा देना है। प्रशासन का मानना है कि जब आमजन स्वयं इस प्रकार के अभियानों में भाग लेते हैं, तो पर्यावरण संरक्षण को नई दिशा और गति मिलती है। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, सामाजिक कार्यकर्ता, विभिन्न सामाजिक संगठनों के सदस्य और स्थानीय नागरिक शामिल होंगे। मुख्य अतिथि के रूप में सांसद सुधीर गुप्ता की उपस्थिति भी रहेगी, जो इस अभियान में श्रमदान कर लोगों को प्रेरित करेंगे। प्रशासन ने बताया कि यह नदी केवल जल स्रोत ही नहीं बल्कि शहर की आस्था, संस्कृति और पहचान का प्रतीक है। इसलिए इसके संरक्षण के लिए सामूहिक प्रयास बेहद जरूरी हैं। जिला प्रशासन ने जिलेवासियों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में इस कार्यक्रम में शामिल होकर श्रमदान करें और स्वच्छता अभियान को सफल बनाएं। अधिकारियों का कहना है कि इस तरह के जनभागीदारी वाले प्रयासों से नदियों के संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ेगी और पर्यावरण संतुलन को बनाए रखने में मदद मिलेगी।

रेलवे परिसर में सनसनी: युवक का शव मिलने से हड़कंप, युवती का दर्दनाक मंजर

झाबुआ । झाबुआ जिले के बामनिया रेलवे परिसर में रविवार सुबह उस समय सनसनी फैल गई जब एक युवक का शव संदिग्ध परिस्थितियों में पाया गया। स्थानीय लोगों ने रेलवे फाटक से कुछ दूरी पर प्लेटफॉर्म के शुरुआती हिस्से के पास शव देखा और तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दी। मृतक ने काली शर्ट और जींस पहन रखी थी। प्रारंभिक पहचान के अनुसार युवक की शिनाख्त ग्राम पीपलीपाडा, अंतर वेलिया चौकी (मेघनगर) क्षेत्र निवासी 18 वर्षीय सुखराम निनामा के रूप में हुई है। घटना स्थल की स्थिति ने पूरे मामले को संदिग्ध बना दिया है, क्योंकि मौके पर एक युवती शव से लिपटकर रोती हुई देखी गई, जिससे वहां भीड़ जमा हो गई और तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। स्थानीय लोगों के अनुसार यह दृश्य बेहद भावुक और रहस्यमयी था, जिसने घटना को और अधिक सवालों के घेरे में ला दिया है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि युवक वहां कैसे पहुंचा और उसकी मौत किन परिस्थितियों में हुई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और सभी पहलुओं से जांच शुरू कर दी है। चौकी प्रभारी हीरालाल मालीवाड़ ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए हर एंगल से जांच की जा रही है। पुलिस ने परिजनों और मौके पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों से पूछताछ शुरू कर दी है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि घटना के पीछे कोई हादसा है, आत्महत्या है या फिर किसी अन्य कारण से यह मौत हुई है। फिलहाल पुलिस मामले की तह तक पहुंचने के लिए तकनीकी और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों को भी खंगाल रही है। जांच पूरी होने के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।

झाबुआ में खौफनाक वारदात: सड़क किनारे मिला शव, पुलिस ने आरोपी दबोचा

झाबुआ । झाबुआ जिले के पेटलावद थाना क्षेत्र में सामने आए अंधे कत्ल की गुत्थी को पुलिस ने सुलझा लिया है। बामनझीरी मोड़ पर 18 मई को मिले खून से लथपथ शव की पहचान शांतु पारगी के रूप में हुई थी, जिसके बाद से पुलिस लगातार मामले की जांच में जुटी हुई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हत्या की पुष्टि होने के बाद अज्ञात आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) के तहत मामला दर्ज किया गया था। जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल से मिले तकनीकी साक्ष्यों और शराब की बोतलों के आधार पर शक की सुई मृतक के ही दोस्त दिनेश उर्फ दितिया मोरी की ओर घूमाई। इसी आधार पर पुलिस ने अपनी जांच तेज करते हुए कई टीमों का गठन किया और आरोपी की तलाश शुरू की। मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर 23 मई को पुलिस ने आरोपी दिनेश मोरी को हिरासत में लिया। पूछताछ में उसने हत्या की पूरी वारदात कबूल कर ली, जिससे पुलिस भी हैरान रह गई। आरोपी और मृतक दोनों आपस में मित्र थे और साथ में हम्माली का काम करते थे। आरोपी ने पुलिस को बताया कि उसे किसी ने बताया था कि उसकी गैरमौजूदगी में मृतक उसके घर आता-जाता है। इसी बात को लेकर उसके मन में गहरी नाराजगी और शक पैदा हो गया। यही रंजिश धीरे-धीरे हत्या की वजह बन गई। घटना वाले दिन यानी 17 मई को आरोपी ने शांतु पारगी को शराब पीने के बहाने एक सुनसान जगह पर बुलाया। दोनों ने वहां बैठकर शराब का सेवन किया। इसी दौरान शराब लाने को लेकर कहासुनी हो गई, जो धीरे-धीरे विवाद में बदल गई। इसी बहस का फायदा उठाकर आरोपी ने पहले से छिपाकर रखी हुई टामी (नुकीला हथियार) निकाली और शांतु पारगी पर ताबड़तोड़ वार कर दिए। हमले में युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जिसके बाद आरोपी वहां से फरार हो गया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है। इस घटना ने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी है, वहीं लोगों में दोस्ती के रिश्ते में हुई इस निर्मम हत्या को लेकर गहरा आक्रोश और हैरानी का माहौल है।

झाबुआ में खाद्य सुरक्षा की बड़ी कार्रवाई: 46 सैंपल्स की जांच, मिलावटी मसाले नष्ट

झाबुआ। झाबुआ जिले में खाद्य सुरक्षा प्रशासन ने मिलावट पर रोक लगाने के लिए चलित खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला के माध्यम से हाट बाजार में औचक निरीक्षण किया। कृषि उपज मंडी परिसर में आयोजित इस विशेष अभियान के तहत खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की मौके पर ही जांच की गई, जिससे व्यापारियों में हड़कंप की स्थिति देखी गई। अभियान के पहले दिन अधिकारियों ने करीब 16 छोटे दुकानदारों और फेरी विक्रेताओं की दुकानों का निरीक्षण किया। इस दौरान जीरा, सौंफ, दालचीनी, हल्दी, धनिया, मिर्च और पूजा सामग्री सहित विभिन्न मसालों के नमूने एकत्र किए गए और उनकी मौके पर जांच की गई। चलित लैब के माध्यम से कुल 46 नमूनों की जांच की गई, जिसमें विशेष रूप से मसालों में मिलाए जाने वाले कृत्रिम रंगों की जांच पर फोकस किया गया। जांच के दौरान दो नमूने अमानक पाए गए, जिससे संबंधित दुकानदारों में अफरा-तफरी मच गई। कार्रवाई के तहत खाद्य सुरक्षा विभाग ने लगभग 700 ग्राम मिलावटी सामग्री को मौके पर ही नष्ट कर दिया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि मिलावट करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और किसी को भी नियमों के उल्लंघन की छूट नहीं दी जाएगी। खाद्य सुरक्षा अधिकारी राहुल अलावा ने बताया कि लोगों को शुद्ध और सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना विभाग की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि यह चलित प्रयोगशाला अभियान 26 मई तक जारी रहेगा और जिले के विभिन्न क्षेत्रों में इसी तरह औचक निरीक्षण किए जाएंगे। विभाग के अनुसार, जिले में अब तक मिलावट से जुड़े 24 प्रकरण दर्ज किए जा चुके हैं, जिनमें से 22 मामलों का निराकरण हो चुका है। इसके अलावा काकनवानी क्षेत्र की एक किराना दुकान से 57 एक्सपायरी कन्फेक्शनरी सामग्री भी जब्त की गई थी, जिसमें दुकान संचालक पर 30 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया। फिलहाल प्रशासन की इस कार्रवाई से बाजारों में मिलावटखोरों के बीच सतर्कता बढ़ गई है और आने वाले दिनों में ऐसे निरीक्षण और तेज किए जाने की संभावना है।

बरमान घाट पर फिर डूबने की घटना, नाविकों ने बचाई युवक की जान

नरसिंहपुर । नरसिंहपुर जिले के प्रसिद्ध बरमान घाट पर रविवार को एक बड़ा हादसा टल गया, जब नर्मदा नदी में नहाते समय एक युवक अचानक गहरे पानी में फंस गया और डूबने लगा। मौके पर मौजूद स्थानीय नाविकों ने तत्परता दिखाते हुए तुरंत रेस्क्यू कर उसकी जान बचा ली। पूरी घटना का लाइव वीडियो भी सामने आया है, जिसमें नाविकों की तेज और समन्वित कार्रवाई स्पष्ट रूप से देखी जा सकती है। जानकारी के अनुसार, रविवार होने के कारण घाट पर श्रद्धालुओं और पर्यटकों की भारी भीड़ मौजूद थी। युवक शुरुआती तौर पर उथले पानी में नहा रहा था, लेकिन कुछ ही कदम आगे बढ़ते ही वह गहरे पानी में चला गया और संतुलन खो बैठा। देखते ही देखते वह डूबने लगा और आसपास अफरा-तफरी मच गई। हालांकि, घाट पर मौजूद नाविकों ने तुरंत स्थिति को भांप लिया और बिना देर किए नदी में कूदकर युवक को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। उनकी इस तत्परता के चलते एक बड़ा हादसा टल गया और युवक की जान बच गई। चिंताजनक बात यह है कि बरमान घाट पर पिछले 12 दिनों में यह छठी घटना सामने आई है। इन घटनाओं में अब तक दो लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि अन्य मामलों में समय रहते लोगों को बचा लिया गया है। लगातार हो रही इन घटनाओं ने घाट की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि नर्मदा नदी के इस हिस्से में पानी की गहराई अचानक बढ़ जाती है, जिसका अंदाजा बाहर से आने वाले लोगों को नहीं होता। इसी कारण अक्सर लोग गहरे पानी में जाकर हादसे का शिकार हो जाते हैं। ग्रामीणों और श्रद्धालुओं ने प्रशासन से मांग की है कि घाट पर चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं, बैरिकेडिंग की व्यवस्था हो और गोताखोरों की स्थायी तैनाती की जाए। हालांकि, लगातार हादसों के बावजूद अब तक सुरक्षा इंतजामों में कोई ठोस सुधार नहीं किया गया है। फिलहाल, इस ताजा घटना के बाद एक बार फिर बरमान घाट की सुरक्षा व्यवस्था चर्चा में आ गई है और प्रशासन पर कार्रवाई का दबाव बढ़ गया है।

गड्ढों पर लिखे तंज से गरमाई सियासत: नरसिंहपुर में सड़क पर अनोखा विरोध

नरसिंहपुर। नरसिंहपुर जिले में सड़क की जर्जर हालत को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विरोध का अनोखा तरीका अपनाया। गोटेगांव-नरसिंहपुर मार्ग की बदहाली के खिलाफ कार्यकर्ताओं ने सड़क के गड्ढों को ही अपना मंच बना लिया और उन्हीं पर तंज भरे नारे लिखकर प्रशासन और सरकार का ध्यान खींचने की कोशिश की। जिला पंचायत सदस्य और कांग्रेस नेता अरविंद सिंह पटेल के नेतृत्व में हुए इस प्रदर्शन में कार्यकर्ताओं ने चूने और फेवीकोल के घोल से गड्ढों के बीच सरकार विरोधी संदेश लिखे। इनमें “रोड पर गड्ढे हैं या गड्ढे में रोड?”, “भाजपा का विकास” और “अमेरिका से बेहतर रोड” जैसे व्यंग्यात्मक नारे शामिल थे, जो राहगीरों के बीच चर्चा का विषय बने रहे। स्थानीय लोगों के अनुसार, यह मार्ग जिले का प्रमुख और व्यस्त सड़क मार्ग है, लेकिन लंबे समय से इसकी मरम्मत नहीं की गई है। जगह-जगह गहरे गड्ढों के कारण यहां आए दिन हादसे होते रहते हैं और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि इस सड़क के फोरलेन निर्माण को लेकर पहले सर्वे भी किया गया था, लेकिन वर्षों बीत जाने के बाद भी काम शुरू नहीं हो सका। नेताओं ने आरोप लगाया कि यह मार्ग प्रशासनिक और राजनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसी रास्ते से कई अधिकारी और जनप्रतिनिधि गुजरते हैं, इसके बावजूद सड़क की हालत पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा। प्रदर्शनकारियों ने इसे सरकार की विकास कार्यों में लापरवाही बताते हुए कहा कि उनका यह अनोखा विरोध प्रशासन को जगाने और जल्द से जल्द सड़क सुधार कार्य शुरू कराने के उद्देश्य से किया गया है। फिलहाल स्थानीय स्तर पर यह प्रदर्शन चर्चा का विषय बना हुआ है और लोग सोशल मीडिया पर भी इन नारों को साझा कर रहे हैं।

तपती धूप का असर: कटनी में सड़कों पर सन्नाटा, लू का अलर्ट जारी

कटनी । कटनी जिले में भीषण गर्मी और लू का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है, जिससे आम जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है। मौसम विभाग ने मध्य प्रदेश के कई जिलों में रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जिसके तहत कटनी में भी तापमान ने अपना तीखा असर दिखाना शुरू कर दिया है। रविवार को सुबह से ही सूर्य की तपिश बेहद तेज रही और दोपहर होते-होते हालात और गंभीर हो गए। 12 बजे से 1:30 बजे के बीच ही तापमान 42 डिग्री सेल्सियस को पार कर गया, जबकि मौसम विशेषज्ञों के अनुसार शाम तक यह 43 से 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। इस सीजन के सबसे गर्म दिनों में से यह एक माना जा रहा है। भीषण गर्मी और झुलसाने वाली लू के कारण शहर की रफ्तार थम सी गई है। आमतौर पर रविवार को जहां बाजारों और मुख्य सड़कों पर चहल-पहल रहती है, वहीं इस बार दृश्य पूरी तरह बदल गया। दोपहर होते ही प्रमुख चौराहे, बाजार और ग्रामीण क्षेत्रों की सड़कें सूनी नजर आने लगीं। लोग घरों में दुबके रहे और सड़कें अघोषित कर्फ्यू जैसी दिखाई दीं। गर्मी के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने लोगों के लिए विशेष एडवाइजरी जारी की है। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि जब तक अत्यंत आवश्यक न हो, दोपहर 12 बजे से शाम 5 बजे के बीच घर से बाहर न निकलें। इसके साथ ही शरीर में पानी की कमी न होने देने की सलाह दी गई है। स्वास्थ्य विभाग ने कहा है कि इस मौसम में पर्याप्त मात्रा में पानी, ओआरएस घोल, छाछ और नींबू पानी का सेवन किया जाए। हल्का और सुपाच्य भोजन करने तथा तैलीय और मसालेदार भोजन से बचने की सलाह दी गई है। बाहर निकलने पर सूती और ढीले कपड़े पहनने तथा सिर को ढकने की हिदायत दी गई है। डॉक्टरों ने विशेष रूप से बच्चों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी है। लू लगने के लक्षण जैसे सिरदर्द, चक्कर आना, उल्टी या तेज बुखार होने पर तुरंत नजदीकी अस्पताल से संपर्क करने को कहा गया है। फिलहाल कटनी में गर्मी का यह प्रचंड रूप लोगों के लिए परेशानी का कारण बना हुआ है और प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

मानसून से पहले नगर निगम का एक्शन, सिल्वर टॉकीज रोड पर ढहाया गया खतरनाक भवन

कटनी । कटनी नगर निगम ने मानसून से पहले संभावित हादसों को रोकने के उद्देश्य से जर्जर भवनों के खिलाफ अभियान तेज कर दिया है। इसी क्रम में रविवार को सिल्वर टॉकीज रोड स्थित एक पुराने और बेहद जर्जर भवन को हटाने की कार्रवाई की गई। यह भवन बॉम्बे टेलर के पास स्थित था और लंबे समय से खराब हालत में खड़ा हुआ था, जिससे आसपास के लोगों में हमेशा खतरे की आशंका बनी रहती थी। यह इलाका शहर के व्यावसायिक क्षेत्र को जोड़ने वाला एक प्रमुख मार्ग है, जहां दिनभर बड़ी संख्या में लोगों और वाहनों का आवागमन रहता है। स्थानीय निवासियों और दुकानदारों द्वारा इस भवन को लेकर लगातार शिकायतें की जा रही थीं कि मानसून के दौरान इसके गिरने का खतरा बढ़ सकता है और किसी बड़े हादसे की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। इन्हीं शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए नगर निगम प्रशासन ने भवन को हटाने का निर्णय लिया। निगमायुक्त के निर्देश पर नगर निगम का अतिक्रमण हटाने वाला दस्ता, लोक निर्माण विभाग की तकनीकी टीम और पुलिस बल मौके पर पहुंचा और पूरी कार्रवाई को अंजाम दिया गया। भवन को गिराने के लिए भारी मशीनों जैसे जेसीबी, पोकलेन, क्रेन और हाइड्रोलिक कटर का उपयोग किया गया। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पूरे क्षेत्र में कड़ी व्यवस्था की गई ताकि किसी भी प्रकार की दुर्घटना या अव्यवस्था न हो। कार्रवाई के दौरान आसपास के मार्ग को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया और यातायात को वैकल्पिक रास्तों से डायवर्ट किया गया। स्थानीय लोगों ने इस कार्रवाई को राहतभरा कदम बताया है, क्योंकि लंबे समय से यह जर्जर भवन क्षेत्र के लिए खतरा बना हुआ था। व्यापारियों और राहगीरों का कहना है कि बारिश के मौसम में इसकी स्थिति और भी खतरनाक हो सकती थी। नगर निगम अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि मानसून को देखते हुए शहर में चिन्हित सभी जर्जर और असुरक्षित भवनों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा, ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोका जा सके।