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ट्विशा केस की सुनवाई पर सुप्रीम कोर्ट सख्त: कहा– जिस तरह मामला संभाला गया वह दुखद, दोनों पक्ष तुरंत रोकें बयानबाजी

नई दिल्ली। ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत से जुड़े मामले ने अब न्यायिक और सामाजिक स्तर पर गंभीर चर्चा का रूप ले लिया है। मामले की सुनवाई के दौरान सर्वोच्च अदालत ने जिस प्रकार इस पूरे घटनाक्रम को संभाला गया, उस पर गहरी चिंता जताई और कहा कि स्थिति बेहद दुखद रही है। अदालत ने साफ शब्दों में कहा कि किसी भी मामले में जांच पूरी होने से पहले मीडिया या सार्वजनिक मंचों पर जल्दबाजी में निष्कर्ष निकालना उचित नहीं है। न्यायिक प्रक्रिया तथ्यों और जांच पर आधारित होती है, इसलिए भावनाओं या अटकलों के आधार पर किसी निर्णय तक पहुंचना न्याय के हित में नहीं माना जा सकता। सुनवाई के दौरान अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच बेहद आवश्यक है। न्यायालय ने दोनों पक्षों से मीडिया में बयानबाजी बंद करने की अपील करते हुए कहा कि किसी भी तरह की सार्वजनिक टिप्पणी जांच की दिशा और निष्पक्षता को प्रभावित कर सकती है। अदालत का मानना था कि जब जांच प्रक्रिया चल रही हो तब हर संबंधित पक्ष को संयम और जिम्मेदारी के साथ व्यवहार करना चाहिए। इससे न केवल जांच एजेंसियों को स्वतंत्र रूप से काम करने का अवसर मिलता है बल्कि सत्य तक पहुंचने की प्रक्रिया भी मजबूत होती है। मामले के दौरान न्यायपालिका को लेकर फैल रही विभिन्न चर्चाओं और अटकलों पर भी अदालत ने नाराजगी व्यक्त की। न्यायालय ने कहा कि बिना किसी आधार के ऐसी बातें फैलाना कि न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित हो रही है, बेहद गंभीर विषय है। अदालत ने स्पष्ट किया कि किसी भी पक्ष में कोई राय व्यक्त नहीं की गई है और पूरे मामले को निष्पक्ष दृष्टिकोण से देखा जा रहा है। न्यायपालिका का उद्देश्य केवल सत्य और न्याय सुनिश्चित करना होता है। इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर मीडिया ट्रायल और सोशल मीडिया पर बढ़ती अटकलों के प्रभाव को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञ मानते हैं कि संवेदनशील मामलों में जल्दबाजी और अपुष्ट जानकारियां कई बार वास्तविक जांच को प्रभावित कर सकती हैं। इसलिए आवश्यक है कि तथ्यों के सामने आने तक धैर्य और जिम्मेदारी बनाए रखी जाए। फिलहाल सभी की नजरें आगे की जांच प्रक्रिया पर टिकी हुई हैं। उम्मीद की जा रही है कि निष्पक्ष जांच के माध्यम से पूरे मामले की सच्चाई सामने आएगी और जो भी तथ्य सामने होंगे, उन्हीं के आधार पर न्याय की दिशा तय होगी। ऐसे संवेदनशील मामलों में संयम, धैर्य और न्यायिक प्रक्रिया पर विश्वास ही सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है।

हार नहीं मानी, यही असली ताकत थी”: जीत के बाद भावुक दिखे दिल्ली कप्तान अक्षर पटेल

कोलकाता । कोलकाता के ईडन गार्डन्स में खेले गए आईपीएल 2026 के आखिरी लीग मुकाबले में दिल्ली कैपिटल्स ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) को 40 रनों से हरा दिया। इस जीत के साथ दिल्ली ने अपने अभियान का अंत एक सकारात्मक नोट पर किया। पहले बल्लेबाजी करते हुए दिल्ली ने 20 ओवर में 5 विकेट पर 203 रन बनाए। टीम की ओर से KL Rahul ने 30 गेंदों में 60 रनों की तेजतर्रार पारी खेली, जबकि कप्तान Axar Patel ने 25 गेंदों में 39 रन जोड़कर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया।  कप्तान अक्षर पटेल का बड़ा बयान: “टीम ने हार नहीं मानी”मैच के बाद अक्षर पटेल ने कहा कि पिछले तीन मुकाबलों में टीम ने जिस तरह से संघर्ष किया, उस पर उन्हें गर्व है। उन्होंने कहा कि भले ही परिणाम पक्ष में नहीं रहे, लेकिन खिलाड़ियों ने कभी हार मानने का रवैया नहीं अपनाया। अक्षर ने कहा, “हम जानते थे कि चीजें सही नहीं चल रही थीं, लेकिन किसी ने हार मानने के बारे में नहीं सोचा। टीम ने आखिरी गेंद तक लड़ाई लड़ी।” गलतियों से सीख और आगे बढ़ने की सोचदिल्ली कप्तान ने माना कि सीजन में कुछ अहम मौकों पर टीम से गलतियां हुईं, जिनका असर परिणाम पर पड़ा। उन्होंने कहा कि टीम को अपनी गलतियों को स्वीकार कर आगे सुधार करना होगा। उन्होंने यह भी कहा कि अगर कुछ मैचों में छोटे-छोटे पल उनके पक्ष में जाते, तो कहानी कुछ और होती। कप्तानी का अनुभव और मानसिक मजबूतीअक्षर पटेल ने अपनी कप्तानी पर बात करते हुए कहा कि आईपीएल जैसे बड़े टूर्नामेंट में मानसिक मजबूती सबसे अहम होती है। उन्होंने कहा कि शांत दिमाग से लिए गए फैसले ही टीम को सही दिशा में ले जाते हैं। उनके मुताबिक, दबाव में आकर फैसले लेना टीम के प्रदर्शन को प्रभावित कर सकता है, इसलिए संयम बेहद जरूरी है। केकेआर की पारी लड़खड़ाई204 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी कोलकाता नाइट राइडर्स की टीम 18.4 ओवर में 163 रन बनाकर ऑलआउट हो गई। दिल्ली के गेंदबाजों ने शुरू से ही दबाव बनाए रखा और नियमित अंतराल पर विकेट निकालते रहे। हालांकि दिल्ली कैपिटल्स का पूरा सीजन उतार-चढ़ाव भरा रहा, लेकिन आखिरी मैच की जीत ने टीम को सकारात्मक अंत दिया। अक्षर पटेल का संदेश साफ था—हार के बावजूद लड़ाई जारी रखना ही असली पहचान है।

BSP LEADER FIR: बीएसपी नेता पर पाइप लाइन तोड़ने का आरोप, गड्ढे को लेकर हुआ विवाद; FIR दर्ज

RAKSHPAL SINGH KUSHWAHA

HIGHLIGHTS: बीएसपी नेता पर सीवेज पाइप तोड़ने का आरोप बीएसपी नेता रक्षपाल कुशवाह पर FIR दर्ज सड़क पर बने गड्ढो को लेकर हुआ विवाद पहले भी CCTV तोड़ने के आरोप अपने ऊपर लगे आरोपों को बताया बेबुनियाद   BSP LEADER FIR: भिंड। गौरी तालाब क्षेत्र से एक हैरान करने वाला मनला सामने है जहां निर्माणाधीन सीवेज लाइन के गड्ढे को लेकर विवाद बढ़ गया। बता दें कि मामले में बीएसपी नेता रक्षपाल सिंह कुशवाह के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। कोतवाली थाना पुलिस नेता के खिलाफ गली गलौच करने, धमकाने और पाइप लाइन तोड़ने के आरोप में मामला दर्ज कर लिया है। PM आवास योजना की आड़ में शराब का स्टॉक, आरोपियों की तलाश जारी गड्ढो से परेशान होकर तोड़ी लाइन सूचना के मुताबिक रविवार 24 मई को देर शाम बीएसपी नेता रक्षपाल कुशवाह अपने साथियों के साथ गौरी तालाब के पास निर्माणाधीन सीवेज पाइप लाइन स्थल पर पहुंचे। वहां पहुचंते ही सड़क पर बने गड्ढो को देख कर उन्होंने नाराजगी जताई, इसी दौरान उन्होंने पाइप लाइन भी तोड़ दी। जिसके बाद उन्होंने कहा कि क्षेत्र में लंबे समय से कार्य अधूरा पड़ा है, जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मौके पर करीब 20 से 30 मिनट तक विवाद की स्थिति बनी रही जिसके बाद पूरा मामला कोतवाली थाने पहुंचा। सागर में मौन जुलूस: जैन समाज का विरोध, साध्वियों की सुरक्षा को लेकर उठी मांग टोल प्लाजा पर CCTV तोड़ने का भी लगा आरोप बताया जा रहा है कि इससे पहले भी पिछले माह बरेठा टोल प्लाजा पर हुए आंदोलन के दौरान भी बीएसपी नेता रक्षपाल कुशवाह पर सीसीटीवी कैमरा तोड़ने का आरोप लगा था। गौरतलब है कि नेशनल हाईवे निर्माण को लेकर हुए प्रदर्शन के बाद महाराजपुर थाने में भी उनके खिलाफ एफआईआर की गई थी। खदान बनी मौत का फंदा: पैर फिसलते ही युवक गहराई में समाया, SDERF जुटी नेता ने अपने ऊपर लगे आरोपों को किया सिरे से खारिज वहीं बीएसपी नेता रक्षपाल कुशवाह ने अपने ऊपर लगे आरोपों को गलत बताते हुए एफआईआर को फर्जी बताया है। साथ ही उनका कहना है कि उन्हें राजनीतिक द्वेष के चलते निशाना बनाया जा रहा है, उन्होंने आरोप लगाया कि जिले के एक जनप्रतिनिधि से लंबे समय से वैचारिक मतभेद चल रहे हैं जिसके वजह से उनके ऊपर बेबुनियाद आरोप लगाए जा रहे हैं।

पये की कमजोरी पर विशेषज्ञों की राय ने बढ़ाया भरोसा: अस्थिर वैश्विक माहौल खत्म होते ही दिख सकती है रिकवरी

नई दिल्ली। वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों में लगातार हो रहे बदलाव और भू-राजनीतिक तनाव के बीच भारतीय रुपये की स्थिति को लेकर चर्चा तेज हो गई है। डॉलर के मुकाबले रुपये में आई कमजोरी ने बाजार और आम लोगों के बीच चिंता बढ़ाई है, लेकिन आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि इस स्थिति को घबराहट के नजरिए से देखने की जरूरत नहीं है। उनका कहना है कि मौजूदा परिस्थितियां अस्थायी हैं और जैसे-जैसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अनिश्चितता कम होगी, भारतीय मुद्रा में भी धीरे-धीरे सुधार देखने को मिल सकता है। आर्थिक जानकारों का मानना है कि वैश्विक बाजार इस समय कई तरह के दबावों से गुजर रहे हैं। दुनिया के कई हिस्सों में जारी तनाव, बढ़ती आर्थिक चुनौतियां और अंतरराष्ट्रीय व्यापार से जुड़ी अनिश्चितताओं ने मुद्रा बाजार पर भी असर डाला है। ऐसे समय में किसी भी देश की मुद्रा पर दबाव बनना असामान्य नहीं माना जाता। विशेषज्ञों का कहना है कि भारतीय अर्थव्यवस्था की बुनियादी स्थिति अभी भी मजबूत है और अस्थायी उतार-चढ़ाव को स्थायी संकट के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। विशेषज्ञों के अनुसार, यदि डॉलर के मुकाबले रुपया मनोवैज्ञानिक स्तर तक भी पहुंचता है तो यह केवल एक आंकड़ा होगा, न कि किसी गंभीर आर्थिक संकट का संकेत। कई बार बाजार परिस्थितियों के अनुसार मुद्राएं अपने आप संतुलन बनाती हैं और ऐसी स्थितियों में अत्यधिक हस्तक्षेप लंबे समय में नुकसानदायक भी साबित हो सकता है। उनका मानना है कि बाजार आधारित समायोजन कई बार कृत्रिम नियंत्रण की तुलना में अधिक प्रभावी और टिकाऊ साबित होते हैं। इसके साथ ही यह भी कहा गया है कि यदि केंद्रीय संस्थाएं अत्यधिक दबाव बनाकर मुद्रा को एक तय स्तर पर रोकने की कोशिश करती हैं तो इससे विदेशी मुद्रा भंडार पर अतिरिक्त बोझ पड़ सकता है। आर्थिक नीतियों का उद्देश्य केवल तात्कालिक राहत देना नहीं बल्कि दीर्घकालिक स्थिरता बनाए रखना भी होना चाहिए। इसलिए कई विशेषज्ञ विनिमय दर को अपनी स्वाभाविक प्रक्रिया के अनुसार काम करने देने की बात कर रहे हैं। कच्चे तेल की कीमतों को लेकर भी आर्थिक जगत में चर्चा बनी हुई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में वृद्धि का असर घरेलू बाजारों पर धीरे-धीरे दिखाई देना स्वाभाविक माना जाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी उत्पाद की कीमतों को लंबे समय तक कृत्रिम रूप से नियंत्रित रखना व्यवहारिक नहीं होता। बाजार की वास्तविक परिस्थितियों के अनुरूप ही आर्थिक नीतियां अधिक प्रभावी साबित होती हैं। इसके अलावा विदेशी मुद्रा प्रवाह बढ़ाने के लिए अल्पकालिक उपायों पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। आर्थिक जानकारों का कहना है कि ऐसे कदम शुरुआती राहत तो दे सकते हैं, लेकिन भविष्य में अर्थव्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव भी पैदा कर सकते हैं। फिलहाल विशेषज्ञों की राय यही है कि मौजूदा हालात को धैर्य और संतुलन के साथ देखने की आवश्यकता है, क्योंकि वैश्विक परिस्थितियां सामान्य होते ही भारतीय रुपये में मजबूती की संभावना अभी भी बरकरार मानी जा रही है।

सतना में भाजपा का कांग्रेस पर तीखा हमला: “विचारधारा नहीं होने से बार-बार हुआ विघटन”

मध्य प्रदेश । मध्यप्रदेश के सतना में रविवार को भारतीय जनता पार्टी के जिलास्तरीय ‘पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण वर्ग’ का शुभारंभ किया गया। इस कार्यक्रम में पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं की बड़ी मौजूदगी देखने को मिली। कार्यक्रम के दौरान भाजपा प्रदेश अध्यक्ष Hemant Khandelwal ने अपने संबोधन में कांग्रेस पर सीधा राजनीतिक हमला बोला। कांग्रेस पर तीखा वार: “विचारधारा ही नहीं”हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि कांग्रेस की अपनी कोई स्पष्ट विचारधारा नहीं रही, इसी वजह से वह कई बार विभाजित हुई। उन्होंने कहा कि इसके विपरीत भाजपा हमेशा अपने सिद्धांतों और वैचारिक आधार पर मजबूती से खड़ी रही है और आज दुनिया की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी बन चुकी है। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा का संगठन कार्यकर्ताओं की मेहनत और समर्पण पर टिका है, जिसने पार्टी को मजबूती दी है। “राष्ट्र प्रथम” की विचारधारा पर जोरप्रशिक्षण वर्ग में ‘वैचारिक अधिष्ठान’ विषय पर बोलते हुए संगठन के संभागीय प्रभारी विजय दुबे ने कहा कि भाजपा एक विचारधारा आधारित दल है, जो “राष्ट्र प्रथम” की अवधारणा पर काम करता है। राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी ने कहा कि पार्टी कार्यकर्ता समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचकर सेवा कार्य कर रहे हैं और जनहित को सर्वोपरि रख रहे हैं। 🇮🇳 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्यसांसद गणेश सिंह ने केंद्र सरकार की योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश तेजी से विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाना है। संगठन को मजबूत करने पर फोकसकार्यक्रम में नेताओं ने स्पष्ट किया कि इस प्रशिक्षण वर्ग का उद्देश्य अनुशासित और प्रशिक्षित कार्यकर्ताओं का निर्माण करना है, जो जमीनी स्तर पर संगठन को मजबूत करें। कार्यक्रम में कई वरिष्ठ नेता और पदाधिकारी मौजूद रहे और संगठन विस्तार व जनसंपर्क रणनीति पर विचार साझा किए गए।

दुनिया में ईंधन महंगा, लेकिन भारत ने संभाली रफ्तार, पेट्रोल-डीजल कीमतों में राहत भरी तस्वीर

नई दिल्ली । मध्य पूर्व में जारी भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की आपूर्ति पर बढ़ते दबाव का असर अब दुनिया भर के देशों की अर्थव्यवस्था पर साफ दिखाई देने लगा है। इसी कड़ी में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगातार बदलाव देखने को मिल रहा है। हालांकि वैश्विक स्तर पर ईंधन की कीमतों में तेज उछाल के बावजूद भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में वृद्धि अन्य तेल आयातक देशों की तुलना में काफी कम रही है। यह स्थिति ऐसे समय में सामने आई है जब कई देश ईंधन संकट और महंगाई की दोहरी चुनौती का सामना कर रहे हैं। मध्य पूर्व में जारी संकट के कारण अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल आपूर्ति मार्गों पर असर पड़ा है। रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग प्रभावित होने से वैश्विक तेल बाजार में अस्थिरता बढ़ी है। इसका सीधा असर ईंधन की कीमतों पर पड़ा और देश में तेल कंपनियों ने मई महीने के दौरान कई बार कीमतों में बदलाव किया। इन संशोधनों के बाद पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कुल मिलाकर लगभग साढ़े सात प्रतिशत तक की वृद्धि दर्ज की गई है। हालांकि यह वृद्धि अन्य देशों की तुलना में काफी सीमित मानी जा रही है। राजधानी में पेट्रोल और डीजल दोनों के दामों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। ईंधन कीमतों में बदलाव के कारण आम उपभोक्ताओं पर असर महसूस किया जा रहा है, लेकिन वैश्विक तुलना में भारत की स्थिति अपेक्षाकृत संतुलित बनी हुई है। दुनिया के कई देशों में पेट्रोल की कीमतें पहले ही बेहद ऊंचे स्तर पर पहुंच चुकी हैं और कई अर्थव्यवस्थाओं में उपभोक्ताओं को भारी आर्थिक बोझ उठाना पड़ रहा है। विकसित देशों और यूरोप के कई हिस्सों में ईंधन की कीमतें काफी ऊंची बनी हुई हैं। कई देशों में पेट्रोल और डीजल के दाम भारतीय बाजार की तुलना में काफी अधिक हैं। वहीं भारत के पड़ोसी देशों में भी ईंधन कीमतों ने आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है। कम आय वाले कई देशों में पेट्रोल की कीमतें तेजी से ऊपर पहुंची हैं, जिससे वहां महंगाई का दबाव और बढ़ गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि भारत ने ईंधन कीमतों को लेकर अपेक्षाकृत संतुलित रणनीति अपनाई है। अन्य बड़े आयातक देशों ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ी लागत का सीधा बोझ उपभोक्ताओं पर डाल दिया, जबकि भारत में वृद्धि नियंत्रित स्तर पर देखने को मिली। इसी कारण देश में कीमतों में वृद्धि की रफ्तार सीमित रही है। वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता और ऊर्जा संकट के इस दौर में ईंधन की कीमतें आने वाले समय में भी महत्वपूर्ण मुद्दा बनी रह सकती हैं। फिलहाल भारत में हालात अन्य देशों की तुलना में कुछ हद तक नियंत्रित दिखाई दे रहे हैं, लेकिन अंतरराष्ट्रीय बाजार की स्थिति में बदलाव भविष्य में नई चुनौतियां भी खड़ी कर सकता है। ऐसे में देश की नजरें अब वैश्विक तेल बाजार की अगली दिशा पर टिकी हुई हैं।

रीवा घटना के विरोध में सड़क पर उतरा जैन समाज, सतना में दिखा आक्रोश

मध्य प्रदेश । मध्यप्रदेश के सतना में सोमवार को जैन समाज ने रीवा में हुई दर्दनाक सड़क दुर्घटना के विरोध में मौन जुलूस निकाला। यह जुलूस पूरी तरह शांतिपूर्ण रहा, जिसमें समाज के सैकड़ों लोग शामिल हुए। लोगों के हाथों में संतों की सुरक्षा से जुड़े पोस्टर थे और पूरे मार्ग में मौन रहकर श्रद्धांजलि और विरोध दर्ज कराया गया। यह जुलूस पन्नीलाल चौक से शुरू होकर सिटी कोतवाली परिसर में समाप्त हुआ।  जीतू पटवारी समेत सर्व समाज की भागीदारीइस मौन जुलूस में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष Jitu Patwari भी शामिल हुए। उनके साथ सर्व समाज के लोग और बड़ी संख्या में महिलाएं भी मौजूद रहीं। सभी ने मिलकर हादसे में जान गंवाने वाली साध्वियों को श्रद्धांजलि दी और न्याय की मांग उठाई। श्रद्धांजलि सभा में वक्ताओं ने कहा कि यह घटना केवल एक सड़क दुर्घटना नहीं, बल्कि गंभीर लापरवाही का परिणाम है, जिसकी निष्पक्ष जांच जरूरी है।  राष्ट्रपति के नाम सौंपा गया ज्ञापनप्रदर्शन के बाद सर्व समाज के प्रतिनिधियों ने राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन एसडीएम सिटी राहुल सिलाडिया को सौंपा। इसमें मांग की गई कि-जैन साधु-संतों की सुरक्षा के लिए विशेष नीति बनाई जाएरीवा हादसे की उच्चस्तरीय निष्पक्ष जांच होयदि साजिश की पुष्टि होती है, तो दोषियों पर कठोर कार्रवाई की जाए क्या है पूरा मामला?यह घटना रीवा में उस समय हुई जब पैदल विहार कर रही तीन जैन आर्यिका माताओं को एक तेज रफ्तार कार ने टक्कर मार दी थी। हादसे में दो साध्वियों की मौत हो गई, जबकि एक गंभीर रूप से घायल हैं। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी कार चालक को गिरफ्तार कर लिया है। घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिससे मामला और गंभीर हो गया है। न्याय की मांग तेजसतना में हुए इस मौन जुलूस ने पूरे क्षेत्र में संवेदनशीलता और न्याय की मांग को और मजबूत कर दिया है। समाज का कहना है कि यह केवल एक हादसा नहीं, बल्कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सख्त कदम उठाने की जरूरत है।

नन्हें कलाकारों ने दिखाई प्रतिभा, वारली आर्ट और पेपर क्राफ्ट में चमके

मध्य प्रदेश । सागर की पोद्दार कॉलोनी में आयोजित पांच दिवसीय निशुल्क समर कैंप इस बार बच्चों के लिए सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक यादगार सीखने का अनुभव बन गया। इस कैंप में 41 बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और हर दिन नई-नई कलात्मक गतिविधियों से अपने हुनर को निखारा। कैंप के दौरान बच्चों ने न सिर्फ रंगों और कागजों से खेलना सीखा, बल्कि अपनी कल्पनाओं को आकार देना भी जाना। हर दिन नई कला, नया अनुभइस समर कैंप को इस तरह डिजाइन किया गया था कि बच्चों को हर दिन एक नई कला से परिचित कराया जा सके।पहले दिन बच्चों ने पारंपरिक वारली आर्ट की बारीकियां सीखी।दूसरे दिन ओरिगामी के जरिए कागज से सुंदर आकृतियां बनाना सीखा।तीसरे दिन लीफ आर्ट में पत्तों के माध्यम से क्रिएटिव डिजाइन बनाए गए।चौथे दिन पेपर कप क्राफ्ट ने बच्चों की कल्पनाओं को पंख दिए।पांचवें दिन आइसक्रीम स्टिक क्राफ्ट के जरिए बच्चों ने मजेदार मॉडल तैयार किए।हर गतिविधि में बच्चों की भागीदारी और उत्साह देखने लायक था। स्क्रीन टाइम से क्रिएटिविटी की ओर कदमकैंप की आयोजक श्रद्धा वर्मा ने बताया कि इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य बच्चों को मोबाइल और स्क्रीन टाइम से दूर करके रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ना है। उनका कहना है कि इस तरह की गतिविधियां बच्चों के मानसिक विकास और आत्मविश्वास को बढ़ाती हैं। उन्होंने यह भी बताया कि बच्चों ने पूरे कैंप के दौरान अनुशासन और सीखने की गहरी रुचि दिखाई, जो बेहद सराहनीय है। समापन पर मिला सम्मान और खुशपांच दिवसीय इस समर कैंप का समापन डिजिटल प्रमाणपत्रों के वितरण के साथ हुआ। बच्चों के चेहरों पर खुशी और आत्मविश्वास साफ झलक रहा था। अभिभावकों ने भी इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन बच्चों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। सागर का यह समर कैंप यह साबित करता है कि अगर बच्चों को सही दिशा और मंच मिले, तो वे रचनात्मकता में नए आयाम छू सकते हैं। यह पहल न केवल कला को बढ़ावा देती है, बल्कि बच्चों को मोबाइल की दुनिया से निकालकर वास्तविक सीख की ओर ले जाती है।

अंतरराष्ट्रीय तनाव घटते ही शेयर बाजार में आई तेजी, सेंसेक्स और निफ्टी ने हरे निशान से की शुरुआत

नई दिल्ली ।  सप्ताह के पहले कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार ने निवेशकों को सकारात्मक शुरुआत का संकेत दिया। वैश्विक स्तर पर अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होने की खबरों ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया, जिसका सीधा असर घरेलू बाजारों पर दिखाई दिया। अंतरराष्ट्रीय हालात में नरमी के संकेत मिलते ही बाजार में खरीदारी का माहौल बना और प्रमुख सूचकांकों ने मजबूत बढ़त के साथ कारोबार की शुरुआत की। कारोबार शुरू होते ही बाजार में चौतरफा तेजी देखने को मिली। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों मजबूत स्थिति में नजर आए और शुरुआती सत्र में बाजार ने हरे निशान के साथ उत्साहजनक शुरुआत दर्ज की। बाजार में निवेशकों का रुझान कई प्रमुख सेक्टरों की ओर देखने को मिला, जिससे व्यापक स्तर पर खरीदारी बढ़ी और बाजार का माहौल सकारात्मक बना रहा। शुरुआती कारोबार में ऑटो सेक्टर ने सबसे अधिक मजबूती दिखाई। इसके अलावा बैंकिंग, वित्तीय सेवाएं, रियल एस्टेट, तेल एवं गैस, आधारभूत ढांचा और सार्वजनिक क्षेत्र से जुड़े कई क्षेत्रों में भी तेजी का रुख देखा गया। बाजार में बड़े शेयरों के साथ-साथ मिडकैप और स्मॉलकैप वर्ग के शेयरों में भी उत्साह नजर आया, जिससे यह संकेत मिला कि निवेशकों का भरोसा व्यापक स्तर पर मजबूत हुआ है। विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय भू-राजनीतिक परिस्थितियों में नरमी बाजार की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। हाल के दिनों में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव को लेकर वैश्विक निवेशकों में चिंता बढ़ी हुई थी। लेकिन अब दोनों देशों के बीच बातचीत और समझौते की संभावनाओं ने बाजार की भावनाओं को सकारात्मक दिशा दी है। इसी बीच कच्चे तेल की कीमतों में भी नरमी दर्ज की गई, जिसे भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए राहत भरा संकेत माना जा रहा है। भारत जैसे आयात आधारित देश के लिए तेल कीमतों में कमी से महंगाई पर दबाव कम हो सकता है और इसका असर बाजार भावना पर भी सकारात्मक रूप से पड़ता है। यही वजह है कि कच्चे तेल में नरमी को निवेशकों ने अच्छे संकेत के रूप में लिया। वैश्विक बाजारों का रुख भी घरेलू बाजार को समर्थन देता दिखाई दिया। एशियाई बाजारों में अधिकतर प्रमुख सूचकांक मजबूती के साथ कारोबार करते नजर आए। वहीं अमेरिकी बाजारों में भी पिछले कारोबारी सत्र के दौरान सकारात्मक माहौल देखने को मिला था, जिसका असर भारतीय बाजार पर भी दिखाई दिया। फिलहाल निवेशकों की नजरें वैश्विक घटनाक्रम और अंतरराष्ट्रीय वार्ताओं पर बनी हुई हैं। यदि आने वाले दिनों में वैश्विक स्तर पर स्थिरता बनी रहती है और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी जारी रहती है, तो बाजार में यह सकारात्मक रुझान आगे भी जारी रह सकता है। शुरुआती संकेतों ने फिलहाल निवेशकों के बीच उत्साह और उम्मीद का माहौल जरूर बना दिया है।

PM आवास योजना की आड़ में शराब का स्टॉक, आरोपियों की तलाश जारी

मध्य प्रदेश । Sagar जिले के बरोदिया कलां क्षेत्र में आबकारी विभाग ने अवैध शराब कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 26 पेटी शराब जब्त की है। यह कार्रवाई वार्ड क्रमांक-6 में की गई, जहां प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत निर्माणाधीन मकानों को शराब छिपाने के अड्डे के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा था। सूचना के अनुसार, मुखबिर से विभाग को जानकारी मिली थी कि दो निर्माणाधीन मकानों में भारी मात्रा में अवैध शराब रखी गई है और इसे अवैध बिक्री के उद्देश्य से छिपाया गया है। सूचना मिलते ही वृत्त प्रभारी मृत्युंजय ठाकुर के नेतृत्व में आबकारी टीम मौके पर पहुंची और दबिश दी गई। तलाशी के दौरान दोनों निर्माणाधीन मकानों से कुल 26 पेटी शराब बरामद की गई, जबकि एक अन्य स्थान से गोवा व्हिस्की, बॉम्बे और पावर व्हिस्की सहित लगभग 24.12 लीटर शराब भी जब्त की गई। Sagar में सामने आए इस मामले ने अवैध शराब कारोबार के नए तरीकों को उजागर किया है, जहां सरकारी योजनाओं के तहत बन रहे आवासों का उपयोग शराब छिपाने के लिए किया जा रहा था। कार्रवाई के दौरान आरोपी मौके से फरार हो गए, जिससे उनकी गिरफ्तारी नहीं हो सकी। आबकारी विभाग ने संबंधित मामलों में प्रकरण दर्ज कर लिया है और आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई अवैध शराब कारोबार पर लगाम लगाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है और आगे भी ऐसी गतिविधियों पर सख्त निगरानी रखी जाएगी।