धर्मेंद्र की याद में भावनाओं से भर उठा परिवार, पद्म विभूषण सम्मान के बाद ईशा देओल का संदेश वायरल

नई दिल्ली । भारतीय सिनेमा के दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र को मरणोपरांत पद्म विभूषण से सम्मानित किए जाने के बाद उनके परिवार के लिए यह क्षण गर्व के साथ-साथ भावनाओं से भी भरा हुआ नजर आया। इस विशेष अवसर पर परिवार की भावनाएं उस समय और गहरी हो गईं जब उनकी बेटी ईशा देओल ने अपने पिता को याद करते हुए एक भावुक संदेश साझा किया। उनकी बातों में पिता के प्रति सम्मान, प्यार और उनकी अनुपस्थिति का दर्द साफ दिखाई दिया। यही वजह है कि यह भावनात्मक संदेश लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया। भारतीय सिनेमा में अपने लंबे और शानदार योगदान के लिए धर्मेंद्र को देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में शामिल पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उनके परिवार के लिए गर्व का क्षण बनकर सामने आया। वर्षों तक बड़े पर्दे पर अपनी अभिनय प्रतिभा से दर्शकों के दिलों में जगह बनाने वाले अभिनेता की उपलब्धियों को इस सम्मान के माध्यम से एक नई पहचान मिली। इस सम्मान ने एक बार फिर उनकी कला और योगदान की यादों को ताजा कर दिया। सम्मान समारोह के दौरान परिवार की ओर से यह सम्मान ग्रहण किया गया। इस खास मौके पर परिवार के सदस्यों की भावनाएं साफ नजर आईं। इसी बीच ईशा देओल ने अपने पिता को याद करते हुए एक ऐसा संदेश साझा किया जिसने लोगों को भावुक कर दिया। उन्होंने अपने शब्दों में उस कमी को व्यक्त किया जिसे परिवार आज भी महसूस करता है। उनके अनुसार यदि उनके पिता इस पल में मौजूद होते तो यह अवसर और भी खास बन जाता। अपने संदेश में उन्होंने एक ऐसी तस्वीर शब्दों के जरिए सामने रखने की कोशिश की जिसमें एक पिता की सहज मुस्कान, उत्साह और परिवार के साथ बिताए जाने वाले विशेष क्षणों की झलक दिखाई देती है। उन्होंने कल्पना की कि अगर वह इस सम्मान समारोह का हिस्सा होते तो अपने खास अंदाज में पूरे परिवार के साथ इस खुशी को साझा करते। इस भावुक अभिव्यक्ति ने लोगों को परिवार के निजी दर्द और भावनात्मक जुड़ाव से जोड़ दिया। धर्मेंद्र भारतीय फिल्म उद्योग के उन कलाकारों में शामिल रहे जिन्होंने कई दशकों तक अपने अभिनय से दर्शकों के दिलों पर गहरी छाप छोड़ी। उन्होंने अपने करियर में अनेक यादगार किरदार निभाए और अपनी अलग पहचान बनाई। एक्शन से लेकर भावनात्मक भूमिकाओं तक, उन्होंने हर शैली में अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। उनकी फिल्मों और अभिनय शैली को आज भी दर्शक उतनी ही दिलचस्पी से याद करते हैं। उनकी लोकप्रियता केवल फिल्मों तक सीमित नहीं रही, बल्कि उनके व्यक्तित्व ने भी लोगों को प्रभावित किया। उनके काम और जीवन से जुड़ी कई यादें आज भी सिनेमा प्रेमियों के बीच चर्चा का विषय बनती हैं। यही कारण है कि उनके सम्मान से जुड़ी हर खबर लोगों को भावनात्मक रूप से जोड़ देती है। धर्मेंद्र की विरासत आज भी भारतीय सिनेमा में जीवित है। उनके द्वारा निभाए गए किरदार, उनके संवाद और उनकी फिल्में आज भी नई पीढ़ी के दर्शकों के बीच लोकप्रिय हैं। पद्म विभूषण के रूप में मिला यह सम्मान केवल एक कलाकार के योगदान का सम्मान नहीं, बल्कि भारतीय सिनेमा के एक सुनहरे अध्याय को श्रद्धांजलि देने जैसा भी माना जा रहा है।
नॉन-कोऑपरेशन विवाद के बाद पहली बार सार्वजनिक रूप से नजर आए रणवीर सिंह, वायरल हुआ नया अंदाज

नई दिल्ली । बॉलीवुड अभिनेता Ranveer Singh इन दिनों पेशेवर विवादों और फिल्मी चर्चाओं के कारण लगातार सुर्खियों में बने हुए हैं। फिल्म ‘डॉन 3’ से जुड़ी परिस्थितियों और फिल्म उद्योग से संबंधित संगठन के फैसले के बाद अभिनेता को लेकर चर्चाओं का बाजार लगातार गर्म है। इसी बीच अब एक बार फिर रणवीर सिंह सार्वजनिक रूप से नजर आए हैं और उनका नया अंदाज लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच रहा है। लंबे समय से चल रहे विवाद के बीच अभिनेता की यह पहली सार्वजनिक मौजूदगी मानी जा रही है, जिसके बाद उनके वीडियो और तस्वीरें तेजी से चर्चा का विषय बन गई हैं। मुंबई एयरपोर्ट पर देर रात अभिनेता को देखा गया, जहां उनका लुक पहले से काफी अलग नजर आया। सफेद कुर्ता-पायजामा के साथ काले रंग का ओवरकोट पहने रणवीर ने अपने चेहरे को मास्क से कवर किया हुआ था। उनका पूरा व्यक्तित्व ऐसा दिखाई दे रहा था, जिसने लोगों को उनके आगामी प्रोजेक्ट और नए लुक को लेकर अटकलें लगाने पर मजबूर कर दिया। हालांकि उन्होंने मीडिया के कैमरों के सामने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी और न ही बातचीत के लिए रुके, लेकिन उनकी चुप्पी और स्टाइल दोनों ने चर्चा को और बढ़ा दिया। रणवीर सिंह का फैशन और सार्वजनिक प्रस्तुतिकरण हमेशा से उनके व्यक्तित्व की पहचान रहा है। वह अक्सर अपने अलग और प्रयोगात्मक स्टाइल के कारण चर्चा में रहते हैं। इस बार भी उनका नया रूप सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने लगा। कई लोगों ने इसे उनके आगामी किरदार से जोड़कर देखा, जबकि कुछ ने इसे विवादों के बीच उनकी संयमित सार्वजनिक उपस्थिति के तौर पर देखा। दरअसल, अभिनेता का नाम इन दिनों ‘डॉन 3’ को लेकर सामने आ रहे विवादों से जुड़ा हुआ है। रिपोर्ट्स के अनुसार, फिल्म से जुड़े घटनाक्रम और परियोजना की दिशा को लेकर कई तरह की चर्चाएं सामने आईं। बताया गया कि फिल्म की तैयारियों पर बड़े स्तर पर काम हो चुका था और प्री-प्रोडक्शन में भी भारी निवेश किया गया था। इसी बीच अभिनेता और फिल्म से जुड़ी परिस्थितियों ने मामले को और चर्चा में ला दिया। इसके बाद फिल्म उद्योग से जुड़े संगठन FWICE की ओर से अभिनेता के खिलाफ नॉन-कोऑपरेशन डायरेक्टिव जारी किए जाने की खबरों ने भी मामला और गंभीर बना दिया। संगठन का कहना था कि इस विषय पर कई स्तरों पर संपर्क की कोशिशें की गईं, लेकिन अपेक्षित प्रतिक्रिया नहीं मिल सकी। इसके बाद संगठन ने अपने स्तर पर कार्रवाई का निर्णय लिया। इस फैसले के बाद इंडस्ट्री में अभिनेता की आगामी परियोजनाओं को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई। हालांकि विवाद बढ़ने के बाद अभिनेता की टीम की ओर से भी प्रतिक्रिया सामने आई। टीम ने स्पष्ट किया कि रणवीर सिंह फिल्म जगत और उससे जुड़े सभी लोगों का सम्मान करते हैं। साथ ही यह भी कहा गया कि उन्होंने इस विषय पर सार्वजनिक रूप से प्रतिक्रिया देने के बजाय संयम बनाए रखने का रास्ता चुना। टीम के अनुसार, अभिनेता का पूरा ध्यान फिलहाल अपने काम और आने वाले प्रोजेक्ट्स पर केंद्रित है। ऐसे में अब सबकी नजर इस बात पर बनी हुई है कि आने वाले दिनों में यह विवाद किस दिशा में आगे बढ़ता है और रणवीर सिंह की अगली सार्वजनिक प्रतिक्रिया क्या होती है।
आकाश चोपड़ा का फूटा गुस्सा: खिलाड़ियों की पत्नियों और बच्चों को गाली देने वालों को बताया ‘घटिया बदमाश’

नई दिल्ली । आईपीएल 2026 में Royal Challengers Bengaluru और Sunrisers Hyderabad के बीच खेले गए मुकाबले के बाद सोशल मीडिया पर शुरू हुए विवाद ने अब बड़ा रूप ले लिया है। मैच के दौरान Virat Kohli और Travis Head के बीच हुई तीखी बहस के बाद ट्रेविस हेड के परिवार को ऑनलाइन ट्रोलिंग और अपशब्दों का सामना करना पड़ रहा है। इस पूरे मामले पर पूर्व भारतीय क्रिकेटर Aakash Chopra ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। आकाश चोपड़ा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए उन लोगों की तीखी आलोचना की, जो खिलाड़ियों की पत्नियों और बच्चों को निशाना बनाते हैं। उन्होंने लिखा कि जो लोग खिलाड़ियों के परिवारों को गाली देते हैं, वे “सबसे घटिया किस्म के बदमाश” हैं। उन्होंने ऐसे लोगों को दोगला बताते हुए कहा कि ये वही लोग हैं जो अपने पसंदीदा खिलाड़ी या खुद के बारे में जरा सी आलोचना भी बर्दाश्त नहीं कर पाते। पूरा विवाद उस समय शुरू हुआ जब आरसीबी और एसआरएच के मैच के बाद विराट कोहली और ट्रेविस हेड के बीच हाथ न मिलाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो में देखा गया कि मैच खत्म होने के बाद खिलाड़ी एक-दूसरे से हाथ मिला रहे थे, तभी ट्रेविस हेड ने विराट की ओर हाथ बढ़ाया, लेकिन विराट बिना प्रतिक्रिया दिए आगे बढ़ गए। इसके बाद सोशल मीडिया पर दोनों खिलाड़ियों के बीच तनाव को लेकर चर्चाएं तेज हो गईं। इस वायरल वीडियो के बाद ट्रेविस हेड की पत्नी Jessica Head ने खुलासा किया कि उनके परिवार और करीबी लोगों को सोशल मीडिया पर लगातार अपमानजनक संदेश मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसा व्यवहार पहले भी देखा जा चुका है, खासकर उन मौकों पर जब ऑस्ट्रेलिया ने बड़े आईसीसी टूर्नामेंट्स में भारत को हराया था। जेसिका हेड ने कहा कि खेल में जुनून होना स्वाभाविक है, लेकिन यह याद रखना जरूरी है कि खिलाड़ियों के पीछे असली इंसान और परिवार भी होते हैं। उन्होंने खेलों में बढ़ती ऑनलाइन नफरत और मानसिक स्वास्थ्य पर असर को लेकर चिंता जताई। उनके मुताबिक, अब समय आ गया है कि लोग सोशल मीडिया पर अपनी भाषा और व्यवहार को लेकर जिम्मेदारी समझें। क्रिकेट जगत में यह मुद्दा लगातार गंभीर होता जा रहा है। कई पूर्व खिलाड़ी और विशेषज्ञ पहले भी सोशल मीडिया ट्रोलिंग को लेकर चिंता जता चुके हैं। खिलाड़ियों के प्रदर्शन की आलोचना और निजी जिंदगी पर हमला, दोनों के बीच फर्क समझने की जरूरत बताई जा रही है।
Smart TV लगाते समय भूलकर भी न करें ये गलती, धूप की वजह से खराब हो सकता है महंगा टीवी

नई दिल्ली। अगर आप नया Smart TV खरीदकर घर में इंस्टॉल करने जा रहे हैं, तो उसकी सही जगह चुनना बेहद जरूरी है। कई लोग टीवी को ऐसी जगह लगा देते हैं जहां उस पर सीधे धूप पड़ती रहती है, लेकिन यही लापरवाही बाद में भारी नुकसान का कारण बन सकती है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक डायरेक्ट सनलाइट Smart TV के डिस्प्ले पैनल और इंटरनल पार्ट्स दोनों को नुकसान पहुंचा सकती है। रिपोर्ट्स के अनुसार सबसे ज्यादा खतरा OLED पैनल वाले टीवी को होता है। दक्षिण कोरिया के रिसर्चर्स की एक स्टडी में पाया गया कि लंबे समय तक UV रेडिएशन यानी तेज धूप के संपर्क में रहने से OLED पैनल का कैथोड और इलेक्ट्रॉन इंजेक्शन एरिया डैमेज होने लगता है। यही हिस्सा स्क्रीन पर ब्राइट और स्टेबल इमेज दिखाने में सबसे अहम भूमिका निभाता है। स्टडी में यह भी सामने आया कि ज्यादा धूप पड़ने से सिल्वर और मैग्नीशियम जैसे मटेरियल अपनी जगह से खिसकने लगते हैं। इससे स्क्रीन की ब्राइटनेस कम हो सकती है और पैनल जल्दी खराब होने का खतरा बढ़ जाता है। हालांकि LCD टीवी को OLED के मुकाबले कम नुकसान होता है, लेकिन वे भी पूरी तरह सुरक्षित नहीं माने जाते। टीवी निर्माता कंपनियों का कहना है कि लगातार धूप पड़ने से स्क्रीन पर ग्लेयर बढ़ जाता है, जिससे टीवी देखना मुश्किल हो जाता है। इसके अलावा ज्यादा गर्मी LCD पैनल के लिक्विड क्रिस्टल को भी नुकसान पहुंचा सकती है। धूप का असर सिर्फ डिस्प्ले तक सीमित नहीं रहता। लगातार गर्मी मिलने से टीवी की बॉडी, इंटरनल सर्किट, स्टैंड और दूसरे इलेक्ट्रॉनिक पार्ट्स भी गर्म होने लगते हैं। इससे टीवी की परफॉर्मेंस प्रभावित हो सकती है और लंबे समय में डिवाइस जल्दी खराब हो सकता है। LG और Sony जैसी कंपनियां भी सलाह देती हैं कि टीवी को हमेशा ऐसी जगह इंस्टॉल करें जहां सीधी धूप न पहुंचे और आसपास का तापमान सामान्य बना रहे। ज्यादा गर्म माहौल में OLED टीवी की ब्राइटनेस घट सकती है और बिजली की खपत भी बढ़ सकती है। ऐसे में अगर आप चाहते हैं कि आपका महंगा Smart TV लंबे समय तक सही तरीके से काम करे, तो उसे खिड़की, बालकनी या तेज धूप वाली जगह से दूर लगाना बेहतर रहेगा।
ऑस्ट्रेलियाई स्टार मेग लैनिंग ने बदली राह: विक्टोरिया से अलग होकर फ्रीलांस क्रिकेट करियर पर फोकस

नई दिल्ली । ऑस्ट्रेलिया महिला क्रिकेट टीम की पूर्व कप्तान Meg Lanning ने अपने करियर को लेकर बड़ा फैसला लेते हुए विक्टोरिया के साथ स्टेट कॉन्ट्रैक्ट नहीं बढ़ाने का निर्णय लिया है। 2026-27 घरेलू सीजन से लैनिंग अब पूरी तरह फ्रीलांस क्रिकेटर के तौर पर दुनिया भर की फ्रेंचाइजी लीग्स में खेलती नजर आएंगी। महिला क्रिकेट में तेजी से बदलते दौर के बीच लैनिंग का यह कदम काफी अहम माना जा रहा है। 2023 में इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद भी मेग लैनिंग की लोकप्रियता और मांग में कोई कमी नहीं आई है। 34 वर्षीय दिग्गज बल्लेबाज लगातार दुनिया की बड़ी टी20 लीग्स का हिस्सा बनी हुई हैं। भारत की महिला प्रीमियर लीग में वह UP Warriorz की कप्तानी कर रही हैं, जबकि इंग्लैंड की ‘द हंड्रेड’ प्रतियोगिता में Manchester Originals की कमान संभाल रही हैं। इसके अलावा उन्होंने इस साल इंग्लैंड के टी20 ब्लास्ट के लिए लंकाशायर के साथ भी करार किया है। हालांकि इंटरनेशनल क्रिकेट छोड़ने के बाद लैनिंग विक्टोरिया टीम से जुड़ी रहीं, लेकिन पिछले घरेलू सीजन में उनकी मौजूदगी बेहद सीमित रही। उन्होंने महिला नेशनल क्रिकेट लीग में केवल चार मुकाबले खेले और फिर अपना पूरा फोकस विदेशी फ्रेंचाइजी क्रिकेट पर लगा दिया। यही वजह रही कि अब उन्होंने स्टेट कॉन्ट्रैक्ट से पूरी तरह अलग होने का फैसला कर लिया। विमेंस बिग बैश लीग में भी लैनिंग का प्रदर्शन शानदार रहा था। Melbourne Stars के लिए खेलते हुए उन्होंने पिछले सीजन 479 रन बनाए और टूर्नामेंट की दूसरी सबसे ज्यादा रन बनाने वाली बल्लेबाज रहीं। इसके बावजूद फिलहाल उनके पास मेलबर्न स्टार्स का नया कॉन्ट्रैक्ट नहीं है, जिससे उनके अगले कदम को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। क्रिकेट खेलने के साथ-साथ लैनिंग अब कोचिंग की भूमिका में भी खुद को तैयार कर रही हैं। हाल ही में उन्होंने ऑस्ट्रेलिया अंडर-19 टीम के साथ डेवलपमेंट कोच के रूप में काम किया। इससे साफ संकेत मिलते हैं कि आने वाले वर्षों में वह महिला क्रिकेट में मेंटर और कोच की भूमिका में भी बड़ी जिम्मेदारी निभा सकती हैं। क्रिकेट विक्टोरिया की महिला क्रिकेट प्रमुख कर्बी शॉर्ट ने लैनिंग के फैसले का समर्थन करते हुए कहा कि महिला क्रिकेट तेजी से बदल रहा है और खिलाड़ियों को अब दुनियाभर में नए अवसर मिल रहे हैं। उन्होंने माना कि पिछले सीजन में विक्टोरिया टीम का प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा, लेकिन संगठन लंबी योजना के साथ टीम को फिर से मजबूत बनाने की दिशा में काम कर रहा है। विक्टोरिया टीम इस समय बदलाव के दौर से गुजर रही है। लैनिंग के अलावा सह-उपकप्तान एला हेवर्ड भी टीम छोड़ चुकी हैं। पिछले सीजन टीम 12 मैचों में एक भी जीत दर्ज नहीं कर सकी थी। ऐसे में नए सीजन में टीम के पुनर्निर्माण की चुनौती और बड़ी हो गई है।
RCB को रहना होगा सतर्क: क्वालिफायर में गुजरात टाइटंस के ये 5 खिलाड़ी पलट सकते हैं पूरा मैच

नई दिल्ली । आईपीएल 2026 के पहले क्वालिफायर में मंगलवार को धर्मशाला के हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन स्टेडियम में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और गुजरात टाइटंस के बीच महामुकाबला खेला जाएगा। दोनों टीमें शानदार फॉर्म में हैं, लेकिन गुजरात टाइटंस के कुछ खिलाड़ी ऐसे हैं जो अकेले दम पर मैच का रुख बदलने की क्षमता रखते हैं। बल्लेबाजी में साई सुदर्शन और शुभमन गिल की विस्फोटक जोड़ी से लेकर गेंदबाजी में कगिसो रबाडा और मोहम्मद सिराज की धार तक, जीटी के पास कई ऐसे हथियार हैं जो आरसीबी के फाइनल में पहुंचने के सपने को तोड़ सकते हैं। सबसे बड़ा खतरा इस समय साई सुदर्शन हैं। आईपीएल 2026 में उनका बल्ला जमकर बोल रहा है। सुदर्शन इस सीजन सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज बने हुए हैं और उन्होंने 14 मैचों में 638 रन ठोक दिए हैं। उनकी बल्लेबाजी में निरंतरता और आक्रामकता दोनों नजर आई हैं। अगर आरसीबी को मुकाबले में वापसी करनी है, तो उन्हें शुरुआती ओवरों में सुदर्शन का विकेट निकालना बेहद जरूरी होगा। सुदर्शन के साथ कप्तान शुभमन गिल ने भी गुजरात को कई शानदार शुरुआत दिलाई हैं। गिल इस सीजन 616 रन बना चुके हैं और उनका स्ट्राइक रेट भी काफी आक्रामक रहा है। बड़ी पारियां खेलने की क्षमता रखने वाले गिल पावरप्ले में मैच का मोमेंटम पूरी तरह बदल सकते हैं। धर्मशाला की छोटी बाउंड्री और बल्लेबाजों के अनुकूल पिच पर गिल आरसीबी के गेंदबाजों के लिए बड़ी चुनौती साबित हो सकते हैं। मिडिल ऑर्डर में जोस बटलर गुजरात की सबसे बड़ी ताकत हैं। बड़े मैचों में उनका अनुभव टीम के काम आता है। बटलर इस सीजन 469 रन बना चुके हैं और कई बार मुश्किल परिस्थितियों में टीम को संभाल चुके हैं। अगर शुरुआती विकेट जल्दी गिरते हैं, तो बटलर अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से आरसीबी पर दबाव बना सकते हैं। गेंदबाजी में कगिसो रबाडा गुजरात के तुरुप का इक्का हैं। उनकी तेज रफ्तार और उछाल भरी गेंदें किसी भी बल्लेबाजी क्रम को हिला सकती हैं। 24 विकेट लेकर रबाडा इस सीजन के सबसे सफल गेंदबाजों में शामिल हैं। धर्मशाला की परिस्थितियां तेज गेंदबाजों को मदद देती हैं और ऐसे में रबाडा आरसीबी के टॉप ऑर्डर के लिए सबसे बड़ा खतरा बन सकते हैं। वहीं, मोहम्मद सिराज भी इस मुकाबले में खास भूमिका निभा सकते हैं। सिराज आरसीबी के पूर्व खिलाड़ी रहे हैं, इसलिए वह टीम के बल्लेबाजों की कमजोरियों को अच्छी तरह जानते हैं। नई गेंद से स्विंग और डेथ ओवरों में सटीक यॉर्कर डालने की उनकी क्षमता गुजरात को बढ़त दिला सकती है। कुल मिलाकर गुजरात टाइटंस के पास बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों विभागों में ऐसे मैच विनर खिलाड़ी मौजूद हैं जो अकेले दम पर मुकाबला पलट सकते हैं। ऐसे में पहला क्वालिफायर बेहद रोमांचक और हाई-प्रेशर मुकाबला होने की उम्मीद है।
RCB के इन 5 खिलाड़ियों से GT को सबसे बड़ा खतरा: क्वालिफायर-1 में बदल सकते हैं मैच का रुख

नई दिल्ली । आईपीएल 2026 के पहले क्वालिफायर में मंगलवार को धर्मशाला के एचपीसीए स्टेडियम में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और गुजरात टाइटंस के बीच हाईवोल्टेज मुकाबला खेला जाएगा। दोनों टीमों के बीच इस सीजन कांटे की टक्कर देखने को मिली है, लेकिन प्लेऑफ के दबाव वाले मैच में आरसीबी के कुछ खिलाड़ी गुजरात के लिए सबसे बड़ा खतरा साबित हो सकते हैं। विराट कोहली की अनुभवी बल्लेबाजी से लेकर भुवनेश्वर कुमार की घातक स्विंग तक, आरसीबी के कई मैच विनर खिलाड़ी जीटी की मुश्किलें बढ़ाने के लिए तैयार हैं। सबसे पहले बात विराट कोहली की। बड़े मैचों में विराट का रिकॉर्ड हमेशा शानदार रहा है और इस सीजन भी वह जबरदस्त लय में दिखाई दिए हैं। 14 मैचों में 557 रन बनाकर उन्होंने साबित कर दिया है कि दबाव में उनका बल्ला और ज्यादा खतरनाक हो जाता है। अगर कोहली शुरुआती ओवरों में टिक गए, तो गुजरात के गेंदबाजों पर दबाव बढ़ सकता है। आरसीबी के लिए इस बार देवदत्त पडिक्कल भी एक्स फैक्टर बनकर उभरे हैं। उन्होंने आक्रामक बल्लेबाजी के साथ-साथ जिम्मेदारी भी दिखाई है। 171 के स्ट्राइक रेट से 433 रन बनाकर पडिक्कल ने टीम को मजबूत शुरुआत दिलाने में अहम भूमिका निभाई है। धर्मशाला जैसे बल्लेबाजों के अनुकूल मैदान पर उनकी टाइमिंग और तेज रन गति गुजरात के लिए चिंता बढ़ा सकती है। टीम के कप्तान रजत पाटीदार भी शानदार फॉर्म में हैं। उनकी कप्तानी के साथ-साथ बल्लेबाजी ने आरसीबी को नई पहचान दी है। 183 के स्ट्राइक रेट से लगभग 400 रन बनाने वाले रजत मिडिल ऑर्डर में तेजी से रन बटोरते हैं। खास बात यह है कि तेज गेंदबाजों के खिलाफ उनका अटैकिंग गेम गुजरात के पेस अटैक की रणनीति बिगाड़ सकता है। गेंदबाजी में आरसीबी की सबसे बड़ी उम्मीद भुवनेश्वर कुमार हैं। इस सीजन सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाजों में शामिल भुवनेश्वर नई गेंद से बेहद खतरनाक साबित हुए हैं। अगर वह पावरप्ले में शुभमन गिल और साई सुदर्शन की जोड़ी को जल्दी तोड़ देते हैं, तो मैच का रुख पूरी तरह आरसीबी की तरफ जा सकता है। वहीं, आखिरी ओवरों में टिम डेविड गुजरात के लिए सबसे बड़ा सिरदर्द बन सकते हैं। छोटी बाउंड्री वाले धर्मशाला स्टेडियम में डेविड की विस्फोटक बल्लेबाजी मैच पलटने का दम रखती है। लगभग 200 के स्ट्राइक रेट से रन बनाने वाले डेविड कुछ गेंदों में ही मुकाबले का नतीजा बदल सकते हैं। कुल मिलाकर देखा जाए तो आरसीबी के पास अनुभव, आक्रामक बल्लेबाजी और संतुलित गेंदबाजी का बेहतरीन मिश्रण मौजूद है। ऐसे में पहला क्वालिफायर रोमांच से भरपूर होने की पूरी उम्मीद है और गुजरात टाइटंस को फाइनल का टिकट हासिल करने के लिए आरसीबी के इन पांच खिलाड़ियों से खास तौर पर सावधान रहना होगा।
IPL 2026 क्वालिफायर-1 में रोमांचक भिड़ंत: RCB बनाम GT, जानें किसका पलड़ा भारी हेड-टू-हेड रिकॉर्ड में

नई दिल्ली । आईपीएल 2026 के प्लेऑफ चरण की शुरुआत एक बड़े मुकाबले के साथ होने जा रही है, जहां पहले क्वालिफायर में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) और गुजरात टाइटंस (GT) की टीमें आमने-सामने होंगी। यह हाई-वोल्टेज मुकाबला मंगलवार को धर्मशाला के हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन स्टेडियम में खेला जाएगा, जहां दोनों टीमें फाइनल में जगह बनाने के इरादे से उतरेंगी। आरसीबी और गुजरात टाइटंस के बीच अब तक खेले गए मुकाबलों में कड़ा संघर्ष देखने को मिला है। दोनों टीमों के बीच कुल 8 मैच खेले गए हैं, जिसमें दोनों ने 4-4 मुकाबलों में जीत दर्ज की है। यह आंकड़ा दर्शाता है कि दोनों टीमें एक-दूसरे को बराबरी की टक्कर देती रही हैं। आईपीएल 2026 में दोनों टीमों की भिड़ंतों में भी रोमांच देखने को मिला है। पहली बार जब दोनों टीमें आमने-सामने आई थीं, तब आरसीबी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 5 विकेट से जीत दर्ज की थी। वहीं, दूसरी भिड़ंत में गुजरात टाइटंस ने वापसी करते हुए आरसीबी को 4 विकेट से हराकर हिसाब बराबर कर दिया। प्लेऑफ में आरसीबी का रिकॉर्ड भी काफी मजबूत रहा है। टीम अब तक तीन बार पहले क्वालिफायर में खेल चुकी है, जिसमें दो बार उसे जीत मिली है। 2011 में चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ हार के अलावा टीम ने 2016 में गुजरात लायंस और 2025 में पंजाब किंग्स को हराकर फाइनल में जगह बनाई थी। वहीं गुजरात टाइटंस का प्रदर्शन भी क्वालिफायर मुकाबलों में मिला-जुला रहा है। टीम ने 2022 में राजस्थान रॉयल्स को हराकर शानदार जीत दर्ज की थी, जबकि 2023 में चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ उसे हार का सामना करना पड़ा था। ऐसे में धर्मशाला की ठंडी हवाओं के बीच यह मुकाबला और भी रोमांचक होने की उम्मीद है, जहां दोनों टीमें फाइनल की टिकट हासिल करने के लिए पूरा जोर लगाएंगी।
ईंधन बाजार में फिर झटका, दिल्ली में सीएनजी ₹83 के पार, कच्चे तेल की तेजी से बढ़ा दबाव

नई दिल्ली । मध्य प्रदेश सहित देशभर में ईंधन की बढ़ती कीमतों ने आम लोगों की चिंताओं को और गहरा कर दिया है। पेट्रोल और डीजल के दामों में लगातार हो रही बढ़ोतरी के बाद अब सीएनजी उपभोक्ताओं को भी महंगाई का नया झटका लगा है। राजधानी दिल्ली में मंगलवार से सीएनजी की कीमत में 2 रुपए प्रति किलोग्राम की वृद्धि लागू कर दी गई है। नई कीमतों के बाद दिल्ली में सीएनजी अब 83.09 रुपए प्रति किलोग्राम की दर से उपलब्ध होगी। हाल के दिनों में ईंधन बाजार में लगातार हो रहे संशोधन ने परिवहन क्षेत्र से लेकर आम घरेलू बजट तक व्यापक असर डालना शुरू कर दिया है। बीते कुछ दिनों के आंकड़ों पर नजर डालें तो सीएनजी की कीमतों में लगातार तेजी बनी हुई है। पिछले 11 दिनों के दौरान इसकी कीमत में कुल 6 रुपए प्रति किलोग्राम की वृद्धि दर्ज की गई है। अलग-अलग तारीखों में कई चरणों में बढ़ोतरी की गई, जिससे उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव बढ़ गया है। सीएनजी को लंबे समय से पेट्रोल और डीजल की तुलना में किफायती विकल्प माना जाता रहा है, लेकिन मौजूदा बढ़ोतरी के बाद इसका लाभ पहले की अपेक्षा कम होता दिखाई दे रहा है। सार्वजनिक परिवहन, टैक्सी सेवाओं और निजी वाहनों का बड़ा वर्ग सीएनजी पर निर्भर करता है, ऐसे में कीमतों में यह बदलाव सीधे लाखों लोगों को प्रभावित कर सकता है। सीएनजी से पहले पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भी हाल के दिनों में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है। सोमवार को पेट्रोल और डीजल दोनों के दामों में बढ़ोतरी दर्ज की गई। राजधानी में नई दरों के बाद पेट्रोल और डीजल दोनों ही ऊंचे स्तर पर पहुंच गए हैं। पिछले दस दिनों में कई बार ईंधन दरों में संशोधन किया गया है, जिससे वाहन चालकों के लिए रोजाना का खर्च लगातार बढ़ता जा रहा है। ईंधन कीमतों में हो रही वृद्धि का प्रभाव केवल निजी वाहन उपयोगकर्ताओं तक सीमित नहीं रहता बल्कि इसका असर माल ढुलाई, लॉजिस्टिक्स और सार्वजनिक परिवहन सेवाओं पर भी दिखाई देता है। विशेषज्ञों का मानना है कि ईंधन की कीमतों में लगातार वृद्धि से बाजार में महंगाई का दबाव और बढ़ सकता है। जब परिवहन लागत बढ़ती है तो इसका सीधा असर रोजमर्रा के उपभोक्ता उत्पादों और आवश्यक वस्तुओं की कीमतों पर पड़ता है। ऐसे में आने वाले समय में आम जनता को अप्रत्यक्ष रूप से और अधिक आर्थिक बोझ का सामना करना पड़ सकता है। दिल्ली के अलावा अन्य शहरों में भी सीएनजी की कीमतों में वृद्धि देखी जा रही है। नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद जैसे शहरों में नई दरें पहले से अधिक स्तर पर पहुंच चुकी हैं। मुंबई में भी सीएनजी की कीमतों में तेजी दर्ज की गई है। इससे स्पष्ट है कि यह प्रभाव केवल किसी एक शहर तक सीमित नहीं है बल्कि देश के कई हिस्सों में ऊर्जा बाजार दबाव की स्थिति में है। विशेषज्ञ वैश्विक परिस्थितियों को इस तेजी की प्रमुख वजह मान रहे हैं। मध्य-पूर्व क्षेत्र में जारी तनाव और ऊर्जा आपूर्ति मार्गों पर दबाव के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल देखने को मिला है। भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए बड़े पैमाने पर आयात पर निर्भर करता है। ऐसे में वैश्विक बाजार में होने वाला उतार-चढ़ाव घरेलू ईंधन कीमतों पर सीधा प्रभाव डालता है। यदि अंतरराष्ट्रीय हालात जल्द सामान्य नहीं होते हैं तो आने वाले दिनों में कीमतों में और उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।
WhatsApp ला रहा ‘Sensitive Content Hide’ फीचर, मैसेज भेजने से पहले स्पॉयलर और जरूरी जानकारी हो सकेगी ब्लर

नई दिल्ली। WhatsApp अपने यूजर्स के लिए एक नया और बेहद काम का फीचर लाने की तैयारी में है, जिसकी मदद से मैसेज भेजने से पहले ही सेंसिटिव या स्पॉयलर कंटेंट को हाइड किया जा सकेगा। यह फीचर फिलहाल डेवलपमेंट स्टेज में है और आने वाले समय में इसकी बीटा टेस्टिंग शुरू होने की संभावना है। रिपोर्ट्स के मुताबिक यह नया फीचर एक एडवांस टेक्स्ट फॉर्मेटिंग टूल की तरह काम करेगा। इसमें यूजर किसी भी मैसेज के चुने हुए हिस्से को ब्लर या हाइड मार्क कर सकेगा। जब यह मैसेज रिसीवर को पहुंचेगा, तो उसे छिपे हुए हिस्से को देखने के लिए उस पर टैप करना होगा। इससे यूजर कंटेंट को पूरी तरह ओपन करने से पहले कंट्रोल कर सकेगा। यह फीचर खासतौर पर स्पॉयलर कंटेंट के लिए काफी उपयोगी माना जा रहा है, जैसे कि मूवी, वेब सीरीज, मैच रिजल्ट या किसी ऐसी जानकारी को शेयर करना जिसे तुरंत दिखाना जरूरी नहीं होता। इससे चैटिंग ज्यादा सेफ और व्यवस्थित हो जाएगी और अनचाहे स्पॉयलर से बचाव होगा। रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया है कि यह फीचर सिर्फ टेक्स्ट तक सीमित नहीं रहेगा। आने वाले समय में इसे मीडिया कैप्शन, फोटो और वीडियो पर भी लागू किया जा सकता है, जिससे यूजर्स किसी भी संवेदनशील या जरूरी हिस्से को शेयर करने से पहले हाइड कर सकेंगे। इसके साथ ही WhatsApp एक और प्राइवेसी फीचर पर काम कर रहा है, जिसे “After Reading” नाम दिया जा सकता है। इस फीचर के तहत यूजर यह सेट कर सकेगा कि मैसेज पढ़ने के तुरंत बाद वह अपने आप डिलीट हो जाए या फिर 5 मिनट, 1 घंटे या 12 घंटे के भीतर गायब हो जाए। यह मौजूदा Disappearing Messages फीचर का और एडवांस वर्जन होगा। कुल मिलाकर WhatsApp लगातार अपने प्लेटफॉर्म को ज्यादा प्राइवेसी-कंट्रोल और यूजर फ्रेंडली बनाने की दिशा में काम कर रहा है, और यह नया फीचर उसी अपग्रेड का हिस्सा माना जा रहा है।