Chambalkichugli.com

देवास में सघन कॉम्बिंग ऑपरेशन: 200 पुलिसकर्मियों ने दबोचे 143 वारंटी, लंबे समय से फरार आरोपी भी गिरफ्त में

देवास । देवास जिले में पुलिस ने सोमवार रात फरार आरोपियों और वारंटियों के खिलाफ बड़ा कॉम्बिंग गश्त अभियान चलाया। इस अभियान में 200 से अधिक पुलिसकर्मियों की अलग-अलग टीमें बनाई गईं, जिन्होंने पूरे जिले में एक साथ दबिश देकर कार्रवाई की। देर रात तक चली इस मुहिम में कुल 143 फरार वारंटियों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस की इस व्यापक कार्रवाई से जिलेभर में हड़कंप की स्थिति बन गई और कई आरोपी छिपने के बावजूद पुलिस की पकड़ से बच नहीं सके। लंबे समय से फरार आरोपियों पर विशेष फोकसअभियान के दौरान पुलिस ने उन आरोपियों को भी प्राथमिकता से पकड़ा जो लंबे समय से फरार चल रहे थे। कार्रवाई में 5 साल से अधिक समय से फरार 31 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जबकि 10 साल से फरार चल रहे 8 आरोपी भी पुलिस के हत्थे चढ़े। पुलिस टीमों ने विभिन्न थाना क्षेत्रों में एक साथ दबिश देकर फरार वारंटियों के संभावित ठिकानों की तलाशी ली। जिलेभर में एक साथ दबिश, अपराधियों में मचा हड़कंपरात के समय अचानक शुरू हुई इस कार्रवाई के चलते कई वारंटी और आरोपी छिपने की कोशिश करते नजर आए, लेकिन पुलिस की लगातार दबिश के आगे उनकी कोशिशें नाकाम रहीं। पूरे जिले में एक साथ की गई कार्रवाई से अपराधियों में हड़कंप मच गया। आगे भी जारी रहेगा अभियानपुलिस अधिकारियों ने बताया कि जिले में कानून व्यवस्था मजबूत बनाए रखने और फरार अपराधियों को पकड़ने के लिए ऐसे कॉम्बिंग गश्त अभियान आगे भी नियमित रूप से चलाए जाएंगे।

खेड़ापति मंदिर में आकर्षण का केंद्र: तरबूजों से हुआ भव्य श्रृंगार, देवास में देखने उमड़े भक्त

देवास । देवास स्थित प्रसिद्ध खेड़ापति मंदिर में इस बार श्रद्धा और कला का अनोखा संगम देखने को मिला, जब भगवान के दरबार को करीब 21 क्विंटल तरबूजों से सजाया गया। गर्मी के मौसम को ध्यान में रखते हुए किए गए इस विशेष श्रृंगार ने मंदिर परिसर को आकर्षण का केंद्र बना दिया, जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए उमड़ पड़े। पहली बार तरबूजों से सजी भगवान की झांकीमंदिर के पुजारी दर्शन उपाध्याय ने बताया कि मंदिर के इतिहास में यह पहला अवसर है जब तरबूजों से भगवान का भव्य श्रृंगार किया गया है। इस अनोखी सजावट को तैयार करने में 8 से 10 लोगों की टीम ने लगातार 24 घंटे मेहनत की, जिसके बाद मंदिर को एक नया और आकर्षक स्वरूप दिया गया। तरबूजों की सजावट से सजा यह दरबार श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बन गया। दर्शन के लिए उमड़ी भीड़, लोगों ने ली तस्वीरेंसुबह से ही मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ देखने को मिली। लोग भगवान के दर्शन के साथ-साथ इस अनोखे श्रृंगार को कैमरे में कैद करते नजर आए। मंदिर परिसर में पूरे दिन भक्तिमय माहौल बना रहा। गौशाला में दान किए जाएंगे तरबूजपुजारी दर्शन उपाध्याय ने बताया कि यह श्रृंगार अस्थायी है और शुक्रवार को इसे उतार दिया जाएगा। इसके बाद सभी तरबूजों को गौशाला में भेंट किया जाएगा, जिससे यह भक्ति कार्य सामाजिक सेवा से भी जुड़ सके।

देवास में चाकूबाजी से हड़कंप: पुरानी रंजिश में युवक घायल, पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की

देवास । देवास जिले के नुसरत नगर गली नंबर-2 में सोमवार देर रात पुरानी रंजिश के चलते एक युवक पर जानलेवा चाकूबाजी की घटना सामने आई। यहां नुसरत नगर निवासी अरबाज पिता रहीस खान पर रात करीब 11 बजे एक युवक ने हमला कर दिया। हमले में अरबाज गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे उपचार के लिए इंदौर रेफर किया गया है। जानकारी के अनुसार, आरोपी ने पहले रास्ते में अरबाज को रोका और उस पर चाकू से ताबड़तोड़ वार किए। जान बचाने के लिए अरबाज पास के एक घर में घुस गया, लेकिन आरोपी ने उसका पीछा किया और घर के अंदर घुसकर भी उस पर दोबारा हमला कर दिया। गंभीर चोटें, इंदौर रेफर किया गयाहमले में अरबाज के पेट और कमर में गंभीर चोटें आई हैं। परिजन उसे तत्काल देवास जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उसकी हालत गंभीर देखते हुए इंदौर रेफर कर दिया। घटना से इलाके में दहशत का माहौल बन गया है और स्थानीय लोगों में आक्रोश देखा जा रहा है। पुरानी रंजिश में हमला, पुलिस जांच में जुटीनहर दरवाजा थाना प्रभारी आलोक सोनी ने बताया कि यह हमला पुरानी आपसी रंजिश के कारण हुआ है। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आरोपी की तलाश शुरू कर दी गई है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही हमलावर को गिरफ्तार कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

QUAD Summit: मार्को रुबियो का बड़ा बयान,अब सिर्फ चर्चा नहीं, एक्शन होगा, चीन की चिंता बढ़ी

नई दिल्ली। नई दिल्ली में हुई QUAD विदेश मंत्रियों की बैठक में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने साफ कहा कि QUAD अब केवल बातचीत का मंच नहीं रहा, बल्कि यह एक “एक्शन-ओरिएंटेड” (कार्रवाई करने वाला) गठबंधन बनता जा रहा है। उन्होंने संकेत दिया कि चारों देश अब वैश्विक मुद्दों पर सिर्फ चर्चा नहीं करेंगे, बल्कि ठोस कदम भी उठाएंगे। बैठक की शुरुआत में रुबियो ने भारत और विदेश मंत्री एस. जयशंकर सहित सभी सदस्य देशों का धन्यवाद किया और कहा कि QUAD की पहली बैठक में ही शामिल होना अमेरिका की मजबूत प्रतिबद्धता को दिखाता है। उन्होंने कहा कि यह मंच अब तेजी से परिणाम देने वाली दिशा में आगे बढ़ रहा है। रुबियो ने कहा कि QUAD का उद्देश्य अब सिर्फ समस्याओं पर विचार करना नहीं, बल्कि उन्हें मिलकर हल करना है। उन्होंने बताया कि यह समूह मानवीय सहायता, समुद्री सुरक्षा, ऊर्जा सुरक्षा और सप्लाई चेन को मजबूत करने जैसे क्षेत्रों में ठोस सहयोग कर रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि चारों देश अपनी-अपनी ताकतों को जोड़कर वैश्विक चुनौतियों से निपटने में सक्षम हैं और अब इस सहयोग को और ज्यादा व्यावहारिक बनाया जाएगा। उनके इस बयान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चीन के खिलाफ एक रणनीतिक संकेत के रूप में भी देखा जा रहा है। QUAD में भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया शामिल हैं और इसका फोकस इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में सुरक्षा, स्थिरता और विकास को बढ़ावा देना है।

12 साल के कार्यकाल पर भावुक हुए पीएम मोदी के पुराने शब्द फिर चर्चा में, नेताओं ने दी शुभकामनाएं

नई दिल्ली । देश की राजनीति में एक महत्वपूर्ण पड़ाव उस समय दर्ज हुआ जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के प्रधानमंत्री के रूप में अपने कार्यकाल के 12 वर्ष पूरे कर लिए। वर्ष 2014 में देश की कमान संभालने के बाद से लेकर अब तक उनके नेतृत्व में कई बड़े राजनीतिक, आर्थिक और सामाजिक बदलाव देखने को मिले हैं। इस खास अवसर पर राजनीतिक गलियारों में चर्चा का माहौल रहा और विभिन्न नेताओं की ओर से उन्हें शुभकामनाएं दी गईं। उनके नेतृत्व के 12 वर्ष पूरे होने पर समर्थकों और पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच भी उत्साह देखने को मिला। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 26 मई 2014 को देश के 15वें प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण की थी। आम चुनाव के परिणामों के बाद उन्हें संसदीय दल का नेता चुना गया और फिर उन्होंने देश की बागडोर संभाली। उस समय राजनीतिक परिदृश्य में बदलाव की नई शुरुआत मानी गई थी। वर्षों बाद अब जब उनके नेतृत्व का यह सफर 12 साल तक पहुंच गया है, तो उनके शुरुआती दौर के कई पुराने भाषण और बयान एक बार फिर चर्चा में आ गए हैं। विशेष रूप से संसदीय दल की बैठक में दिया गया उनका एक भावनात्मक संबोधन फिर से लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। उस दौरान उन्होंने पार्टी के संघर्ष, समर्पण और कार्यकर्ताओं के योगदान को याद किया था। उन्होंने उन लोगों का भी जिक्र किया था जिन्होंने सीमित संसाधनों के बावजूद पार्टी के लिए वर्षों तक मेहनत की। अपने संबोधन में उन्होंने भावुक होते हुए कहा था कि जिस प्रकार भारत उनके लिए मां के समान है, उसी तरह उनकी पार्टी भी उनके जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उनके इस बयान को उस समय भी काफी भावनात्मक माना गया था और अब एक बार फिर इसकी चर्चा हो रही है। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और पुराने संघर्षों को भी याद किया था। उन्होंने उन नेताओं के योगदान का उल्लेख किया जिन्होंने संगठन को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उस दौर के कई राजनीतिक क्षणों को आज भी समर्थक ऐतिहासिक मानते हैं। समय के साथ देश की राजनीति में कई बदलाव आए, लेकिन उस संबोधन को आज भी उनके राजनीतिक सफर के महत्वपूर्ण पड़ावों में गिना जाता है। प्रधानमंत्री के कार्यकाल के 12 वर्ष पूरे होने के अवसर पर कई नेताओं ने उन्हें बधाई और शुभकामनाएं दीं। इस दौरान उनके नेतृत्व में देश के विकास, सुशासन और जनकल्याण से जुड़े विभिन्न पहलुओं का भी उल्लेख किया गया। पिछले वर्षों में लागू की गई विभिन्न योजनाओं और नीतियों को लेकर भी चर्चा रही। समर्थकों का मानना है कि इन वर्षों में देश ने कई क्षेत्रों में नई दिशा प्राप्त की है। वहीं राजनीतिक स्तर पर भी यह अवसर सरकार के लंबे कार्यकाल और उसकी उपलब्धियों को लेकर चर्चा का केंद्र बना रहा।

बकरीद से पहले मुंबई में बढ़ा विवाद, कुर्बानी को लेकर सोसाइटी नियमों पर सियासी और सामाजिक बहस तेज

नई दिल्ली । बकरीद से पहले मुंबई में कुर्बानी की व्यवस्था को लेकर विवाद और राजनीतिक हलचल तेज होती दिखाई दे रही है। मीरा रोड क्षेत्र में एक आवासीय परिसर के आसपास उत्पन्न विवाद ने प्रशासनिक और सामाजिक स्तर पर चर्चा को बढ़ा दिया है। घटना के बाद कई जनप्रतिनिधियों और नेताओं ने प्रशासन को पत्र लिखकर आवासीय परिसरों और हाउसिंग सोसायटियों में कुर्बानी से जुड़ी व्यवस्थाओं पर स्पष्ट दिशा-निर्देश और नियंत्रण की मांग की है। मामला अब स्थानीय विवाद से आगे बढ़कर प्रशासनिक कार्रवाई और सार्वजनिक व्यवस्था के मुद्दे के रूप में सामने आ रहा है। बताया जा रहा है कि इस मामले को लेकर Bharatiya Janata Party के कई जनप्रतिनिधियों ने प्रशासन के समक्ष अपनी चिंताएं रखी हैं। नेताओं ने आवासीय परिसरों में होने वाली गतिविधियों को लेकर व्यवस्था और अन्य निवासियों की सुविधा का मुद्दा उठाया है। प्रशासन को भेजे गए पत्र में मांग की गई है कि रिहायशी क्षेत्रों में ऐसी व्यवस्थाओं के लिए स्पष्ट नियम और निगरानी व्यवस्था बनाई जाए, ताकि किसी भी प्रकार की असुविधा या तनावपूर्ण स्थिति से बचा जा सके। विवाद की शुरुआत मीरा रोड स्थित एक सोसायटी परिसर से जुड़ी बताई जा रही है, जहां एक अस्थायी ढांचे को स्थानीय निकाय द्वारा हटाए जाने के बाद स्थिति संवेदनशील हो गई। जानकारी के अनुसार यह ढांचा कुछ समय के लिए बनाया गया था और उसके संबंध में स्थानीय स्तर पर आपत्तियां भी दर्ज कराई गई थीं। इसके बाद कार्रवाई हुई, लेकिन बाद में उसी स्थान पर फिर गतिविधियां शुरू होने की कोशिश की गई, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच तनाव बढ़ने की बात सामने आई। स्थिति देर शाम उस समय और तनावपूर्ण बताई गई जब दोनों पक्षों के लोगों के बीच बहस और फिर झड़प की स्थिति बन गई। घटना के दौरान एक युवक के घायल होने की भी जानकारी सामने आई है। हमले को लेकर अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं और मामले की जांच जारी है। पुलिस अभी पूरे घटनाक्रम की पुष्टि और तथ्यों के सत्यापन की प्रक्रिया में जुटी हुई है। घटना के बाद इलाके में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। स्थानीय पुलिस ने शिकायत दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और आसपास के क्षेत्रों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की भी जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी प्रकार की अफवाह या भ्रामक जानकारी से बचने की जरूरत है और तथ्यों के आधार पर ही कार्रवाई आगे बढ़ेगी। प्रशासनिक अधिकारियों और सुरक्षा एजेंसियों की प्राथमिकता फिलहाल क्षेत्र में शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखना है। सामाजिक और धार्मिक आयोजनों के दौरान संवेदनशील मामलों में समन्वय और स्पष्ट नियमों की आवश्यकता को भी इस घटना ने एक बार फिर सामने ला दिया है। आने वाले दिनों में प्रशासन की ओर से इस विषय पर अतिरिक्त दिशा-निर्देश जारी किए जाने की संभावना भी जताई जा रही है।

देवास में हाई-ड्रामा: शराब तस्करों का 3 किमी तक पीछा, कार डिवाइडर से टकराई; 44 पेटी शराब जब्त

देवास। देवास जिले में मंगलवार को आबकारी विभाग ने अवैध शराब तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया और 44 पेटी शराब जब्त की। जब्त शराब की अनुमानित कीमत करीब 1 लाख 67 हजार रुपये बताई जा रही है। यह शराब इंदौर से देवास जिले में अवैध रूप से सप्लाई की जा रही थी। सूचना के आधार पर विभाग की टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए इलाके में घेराबंदी की और संदिग्ध वाहन का पीछा शुरू किया। 10-15 मिनट तक 3 किलोमीटर तक चला पीछा जानकारी के अनुसार, आबकारी विभाग को सूचना मिली थी कि इंदौर से एक कार में अवैध शराब देवास की ओर लाई जा रही है। इसके बाद तीन से चार टीमों ने रसलपुर टोल और आसपास के क्षेत्रों में निगरानी शुरू की। शिप्रा क्षेत्र के पास संदिग्ध कार दिखाई देते ही टीम ने पीछा शुरू कर दिया। करीब 10 से 15 मिनट तक लगभग 3 किलोमीटर तक पीछा चलता रहा, इस दौरान वाहन चालक ने कई बार दिशा बदलकर भागने की कोशिश की। भागने के प्रयास में डिवाइडर से टकराई कारटोल से पहले रोकने की कोशिश के दौरान आरोपी चालक ने अचानक यू-टर्न लेकर वाहन वापस इंदौर की ओर मोड़ दिया। इसी दौरान पीछा कर रही टीम लगातार उसके पीछे लगी रही। भागने के प्रयास में तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गई। टक्कर इतनी तेज थी कि कार के दरवाजे भी नहीं खुल पाए, जिससे आरोपी अंदर ही फंस गए। इसी दौरान एक आरोपी भागने की कोशिश कर रहा था, लेकिन टीम ने उसे मौके पर ही पकड़ लिया। पीछा करने के दौरान आबकारी विभाग की एक गाड़ी को भी हल्की क्षति पहुंची। तीन आरोपी गिरफ्तार, नेटवर्क की जांच जारीआबकारी विभाग के उपनिरीक्षक प्रेम यादव ने बताया कि कार्रवाई में तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और कार के साथ 44 पेटी शराब जब्त की गई है। वाहन की कीमत भी लगभग 2 से 3 लाख रुपये आंकी गई है फिलहाल आरोपियों से पूछताछ की जा रही है कि यह शराब किसे सप्लाई की जानी थी और इस पूरे तस्करी नेटवर्क में और कौन लोग शामिल हैं। विभाग को उम्मीद है कि पूछताछ में बड़े खुलासे हो सकते हैं।

शाजापुर में शादी के नाम पर ठगी: लुटेरी दुल्हन गैंग ने लाखों रुपए ऐंठे, शिकायत दर्ज होने के बाद जांच शुरू

शाजापुर । शाजापुर जिले में शादी के नाम पर ठगी करने वाले कथित ‘लुटेरी दुल्हन’ गिरोह का मामला सामने आया है। पनवाड़ी गांव के दो अलग-अलग परिवारों ने आरोप लगाया है कि दलालों और महिलाओं के एक संगठित गिरोह ने उनसे करीब साढ़े पांच लाख रुपये की ठगी की है। शादी के कुछ ही दिनों बाद दोनों दुल्हनें घर छोड़कर फरार हो गईं और अब तक वापस नहीं लौटीं। पीड़ित परिवारों ने 21 मई को सुनेरा थाने और पुलिस अधीक्षक कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी, हालांकि आरोप है कि शिकायत के कई दिन बाद भी पुलिस स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। पहला मामला: 15 दिन बाद ‘दादी की तबीयत’ का बहाना बनाकर फरारपहले मामले में पनवाड़ी निवासी निर्भय सिंह ने बताया कि उनके बेटे धर्मेंद्र की शादी कराने के लिए दलाल नारायण पांडा, बाबू और सुखराम ने झाबुआ निवासी ज्योति से संपर्क कराया था। शादी तय कराने के एवज में करीब दो लाख रुपये लिए गए। परिवार का कहना है कि 19 नवंबर 2025 को विवाह से जुड़े दस्तावेज भी तैयार किए गए थे। शादी के बाद ज्योति मात्र 15 दिन तक ही घर में रही और फिर ‘दादी की तबीयत खराब’ होने का बहाना बनाकर घर से चली गई, जिसके बाद वह वापस नहीं लौटी। दूसरा मामला: तीन लाख लेकर शादी, फिर मोबाइल और जेवर लेकर फरारदूसरे मामले में अर्जुन नामक युवक ने आरोप लगाया है कि उसकी शादी रानू बाई मिश्रा से कराने के नाम पर करीब तीन लाख रुपये वसूले गए। आरोप है कि दलालों ने खुद को लड़की का रिश्तेदार बताकर विवाह संपन्न कराया। अर्जुन के अनुसार, शादी के लगभग 15 दिन बाद रानू बाई इंदौर जाने की बात कहकर घर से निकली और फिर वापस नहीं लौटी। वह अपने साथ मोबाइल फोन और चांदी की पायजेब भी ले गई। पीड़ितों का कहना है कि जब उन्होंने अपने पैसे वापस मांगे तो आरोपियों ने गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी दी। दलालों का संगठित नेटवर्क, मुख्य आरोपी पर आरोपशिकायत में बताया गया है कि इस पूरे मामले में दलालों का एक नेटवर्क सक्रिय है। इसमें नारायण पांडा (शाजापुर), बाबू (तराना, उज्जैन) और सुखराम (धार) शामिल हैं। सुखराम को इस गिरोह का मुख्य दलाल बताया जा रहा है, जो लड़कियों से संपर्क कर शादी तय कराने का काम करता है और पैसों का लेन-देन भी संभालता है। पीड़ित परिवारों ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और ठगी की राशि वापस दिलाने की मांग की है। पुलिस जांच जारीसुनेरा थाना प्रभारी अंकित मुकाती ने बताया कि शिकायतें प्राप्त हो चुकी हैं और मामले की जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।

शाजापुर कलेक्ट्रेट में ग्रामीणों का प्रदर्शन: शासकीय भूमि पर कब्जे के आरोप, कलेक्टर के आश्वासन के बाद मामला शांत

शाजापुर। शाजापुर कलेक्टर कार्यालय में मंगलवार को जनसुनवाई के दौरान पोलायखुर्द गांव के ग्रामीणों ने शासकीय भूमि पर कथित कब्जे के मामले को लेकर जमकर प्रदर्शन किया। करीब दो घंटे तक उनकी शिकायत पर सुनवाई नहीं होने से नाराज ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट परिसर में हंगामा शुरू कर दिया और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। स्थिति उस समय और तनावपूर्ण हो गई जब प्रदर्शनकारी कलेक्टर की वाहन पार्किंग के पास पहुंच गए और वहीं धरने पर बैठकर विरोध जताने लगे। ग्रामीणों ने कलेक्टर के खिलाफ भी नारे लगाए, जिससे परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। पुलिस और प्रशासन ने संभाली स्थितिघटना की सूचना मिलते ही भारी पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। कलेक्टर उस समय जनसुनवाई कक्ष में मौजूद थीं। सुंदरसी थाना प्रभारी मनीष शर्मा ने मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों को समझाइश दी और स्थिति को नियंत्रित किया। लंबी समझाइश के बाद ग्रामीणों ने शांत रुख अपनाया और अपने पांच प्रतिनिधियों को कलेक्टर से बातचीत के लिए भेजा गया। कलेक्टर के आश्वासन के बाद समाप्त हुआ प्रदर्शनप्रतिनिधिमंडल की कलेक्टर से मुलाकात के दौरान उन्हें मामले की जांच और उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया गया। आश्वासन मिलने के बाद ग्रामीणों ने अपना प्रदर्शन समाप्त कर दिया और स्थिति सामान्य हो गई। शासकीय भूमि पर कब्जे और फर्जी नामांतरण का आरोपग्रामीणों ने ज्ञापन में आरोप लगाया कि ग्राम पोलायखुर्द स्थित शासकीय भूमि सर्वे क्रमांक 1396 (रकबा 2.045 हेक्टेयर) पर कुछ लोगों ने राजस्व अधिकारियों की मिलीभगत से फर्जी नामांतरण कर लिया है। ग्रामीणों का कहना है कि उक्त भूमि पर गांव का प्राचीन मंदिर और बच्चों का श्मशान स्थल स्थित है, जिससे यह जमीन सामाजिक और धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसके अलावा, ग्राम पंचायत द्वारा अनुसूचित जाति समाज के लिए मांगलिक भवन निर्माण का प्रस्ताव भी पारित किया जा चुका है। जातिसूचक गाली और धमकी देने का भी आरोपप्रदर्शनकारियों ने यह भी आरोप लगाया कि विरोध करने पर संबंधित लोगों द्वारा उन्हें जातिसूचक शब्दों से अपमानित किया गया और जान से मारने की धमकी भी दी गई। ग्रामीणों ने मांग की है कि फर्जी नामांतरण को तत्काल निरस्त किया जाए और दोषियों के खिलाफ धोखाधड़ी, कूटरचना और अवैध कब्जे का मामला दर्ज किया जाए।

ड्रग्स नेटवर्क, VIP पेशी और राजनीतिक आरोपों ने बढ़ाई हलचल, पाकिस्तान में ‘कोकीन क्वीन’ केस पर घमासान

नई दिल्ली । पाकिस्तान में एक कथित हाई-प्रोफाइल ड्रग्स नेटवर्क के खुलासे के बाद वहां का राजनीतिक और सामाजिक माहौल अचानक चर्चा के केंद्र में आ गया है। कराची में एक महिला की गिरफ्तारी के बाद जिस तरह की जानकारियां सामने आईं, उसने न केवल सुरक्षा एजेंसियों बल्कि राजनीतिक गलियारों में भी हलचल बढ़ा दी है। ‘कोकीन क्वीन’ के नाम से चर्चित इस मामले ने ड्रग्स तस्करी, प्रभावशाली नेटवर्क और जांच प्रक्रिया को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। कराची पुलिस द्वारा गिरफ्तार की गई महिला की पहचान अनमोल उर्फ पिंकी के रूप में बताई जा रही है। जांच एजेंसियों के अनुसार उस पर बड़े स्तर पर ड्रग्स नेटवर्क संचालित करने के आरोप लगाए गए हैं। शुरुआती जांच में यह दावा किया गया कि उसका नेटवर्क कराची, लाहौर और इस्लामाबाद जैसे प्रमुख शहरों तक फैला हुआ था। आरोप है कि इस नेटवर्क का दायरा हाई-प्रोफाइल सर्किल और चुनिंदा ग्राहक समूहों तक पहुंच चुका था। हालांकि मामले की जांच अभी जारी है और कई पहलुओं की आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है। गिरफ्तारी के बाद सबसे अधिक चर्चा अदालत में उसकी पेशी को लेकर शुरू हुई। सामने आए वीडियो और तस्वीरों में महिला कथित तौर पर काफी आत्मविश्वास के साथ दिखाई दी। रिपोर्ट्स के अनुसार अदालत में उसकी मौजूदगी के दौरान कुछ ऐसे दृश्य सामने आए, जिन्होंने लोगों के बीच सवाल पैदा कर दिए। सोशल मीडिया और राजनीतिक हलकों में यह बहस तेज हो गई कि एक गंभीर मामले की आरोपी को इस तरह का व्यवहार क्यों मिला। इसी मुद्दे ने पूरे मामले को और अधिक संवेदनशील बना दिया। जांच एजेंसियों का दावा है कि महिला लंबे समय से ड्रग्स कारोबार से जुड़ी हो सकती है और उसके नेटवर्क में कई स्तरों पर काम करने वाले लोग शामिल थे। बताया जा रहा है कि नेटवर्क संचालन के लिए आधुनिक संचार माध्यमों और विशेष संपर्क प्रणाली का इस्तेमाल किया जाता था। जांच अब इस बात पर भी केंद्रित है कि नेटवर्क किन क्षेत्रों तक सक्रिय था और इसके पीछे कौन-कौन लोग जुड़े हो सकते हैं। मामले ने नया मोड़ तब लिया जब पेशी के दौरान पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री Raja Pervaiz Ashraf का नाम चर्चा में आने लगा। हालांकि उनके पक्ष की ओर से इन दावों को पूरी तरह खारिज किया गया है। उन्होंने कहा कि यदि किसी भी स्तर पर जांच की आवश्यकता होगी तो वह सहयोग करने के लिए तैयार हैं। फिलहाल जांच एजेंसियों ने भी किसी प्रत्यक्ष संबंध की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। यह मामला अब केवल ड्रग्स नेटवर्क तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि प्रशासनिक प्रक्रिया, राजनीतिक प्रतिक्रिया और जांच एजेंसियों की कार्यप्रणाली को लेकर भी बहस शुरू हो गई है। आने वाले दिनों में जांच की दिशा और उससे जुड़े नए खुलासों पर सभी की नजर बनी रहेगी। फिलहाल पाकिस्तान में यह मामला सुरक्षा और राजनीति से जुड़ी सबसे चर्चित घटनाओं में शामिल हो चुका है।