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शिवपुरी में रेत खनन को लेकर टकराव, पुजारी और माफिया आमने-सामने

शिवपुरी। शिवपुरी जिले के करेरा थाना क्षेत्र अंतर्गत सुनारी चौकी इलाके में अवैध रेत खनन को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। खाती बाबा मंदिर के पास बुधवार शाम उस समय तनाव की स्थिति बन गई जब मंदिर के पुजारी ने रेत खनन का विरोध किया, जिसके बाद कथित रेत माफियाओं से उनका टकराव हो गया। जानकारी के अनुसार, दतिया जिले से जुड़े कुछ रेत कारोबारी पहले रौनेजा घाट से खनन कर रहे थे, लेकिन कार्रवाई और विरोध के बाद उन्होंने जरगंवा घाट की ओर रुख किया, जो खाती बाबा मंदिर के नजदीक बताया जा रहा है। इसी दौरान खनन गतिविधियों को लेकर विरोध शुरू हुआ और मामला बढ़ते-बढ़ते विवाद तक पहुंच गया। मंदिर के महंत ने आरोप लगाया कि अवैध खनन का विरोध करने पर माफियाओं द्वारा धमकी दी गई और यहां तक कि फायरिंग जैसी स्थिति पैदा करने की कोशिश की गई। हालांकि इस दावे की आधिकारिक पुष्टि अभी पुलिस जांच में की जा रही है। सूचना मिलते ही सुनारी चौकी पुलिस और करेरा तहसीलदार मौके पर पहुंचे और तत्काल कार्रवाई करते हुए एक एलएनटी पोकलेन मशीन और एक ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्त कर ली। लेकिन पुलिस के पहुंचने से पहले ही आरोपी मौके से फरार हो गए। पुलिस का कहना है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और आरोपियों की पहचान कर उनकी तलाश जारी है। प्रशासन ने क्षेत्र में अवैध खनन पर सख्ती बरतने के संकेत दिए हैं। फिलहाल इलाके में स्थिति सामान्य बताई जा रही है, लेकिन घटना के बाद ग्रामीणों में आक्रोश और चिंता का माहौल बना हुआ है।

हाईकोर्ट के फैसले के बाद जांच और सख्त, पति समर्थ पहले ही रिमांड पर

भोपाल । भोपाल के बहुचर्चित ट्विशा शर्मा मौत मामले में जांच एजेंसी सीबीआई ने कार्रवाई तेज कर दी है। मामले में नामजद रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह की अग्रिम जमानत खारिज होने के बाद अब उनकी गिरफ्तारी कभी भी संभव मानी जा रही है। गुरुवार सुबह सीबीआई की टीम उनके आवास पर पहुंची और उनसे गहन पूछताछ शुरू कर दी गई है। जांच के दौरान सीबीआई ने आधुनिक तकनीक का सहारा लेते हुए घर के पूरे परिसर को हाई-इंटेंसिटी 3D कैमरों से स्कैन किया। इस 360 डिग्री रिकॉर्डिंग के जरिए घटनास्थल की डिजिटल मैपिंग तैयार की जा रही है, ताकि यह समझा जा सके कि घटना के समय आसपास की किसी छत या बालकनी से गतिविधियों को देखा जा सकता था या नहीं। इसके साथ ही पूरे इलाके का भी तकनीकी विश्लेषण किया जा रहा है। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने बुधवार को अपने 17 पन्नों के आदेश में रिटायर्ड जज की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी। अदालत ने स्पष्ट कहा कि मामले की गंभीरता और उपलब्ध साक्ष्यों को देखते हुए आरोपी को राहत देना उचित नहीं होगा। कोर्ट ने यह भी टिप्पणी की कि निचली अदालत ने केस डायरी और साक्ष्यों का सही मूल्यांकन नहीं किया था, जबकि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में सामने आए चोटों के निशान पर आरोपी पक्ष संतोषजनक जवाब देने में असफल रहा। इस मामले में पहले से ही सह-आरोपी बनाए गए ट्विशा के पति समर्थ सिंह को सीबीआई ने गिरफ्तार कर रिमांड पर लिया है, जिसकी अवधि 29 मई तक तय की गई है। उनसे लगातार पूछताछ जारी है और जांच टीम हर पहलू को जोड़ने में लगी है। घटना 12 मई की रात भोपाल के कटारा हिल्स क्षेत्र में हुई थी, जहां ट्विशा शर्मा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। ससुराल पक्ष इसे आत्महत्या बता रहा है, जबकि मायके पक्ष ने हत्या का गंभीर आरोप लगाया है। 24 मई को AIIMS भोपाल में दिल्ली AIIMS की फोरेंसिक टीम द्वारा दोबारा पोस्टमॉर्टम किया गया, जिसके बाद अंतिम संस्कार भदभदा श्मशान घाट में हुआ। मृतका के भाई मेजर हर्षित ने अंतिम संस्कार किया था। फिलहाल सीबीआई वैज्ञानिक, फोरेंसिक और डिजिटल सबूतों के आधार पर जांच को निर्णायक दिशा देने में जुटी है, जिससे मामले की सच्चाई जल्द सामने आ सके।

जबलपुर में फर्जीवाड़ा: ‘समाजसेवी’ बनकर करता था ठगी, एएसपी के पास पहुंचे पीड़ित

जबलपुर । जबलपुर में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी का एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां खुद को समाजसेवी बताने वाले रघु तिवारी पर लोगों से लाखों रुपए ऐंठने के आरोप लगे हैं। पीड़ितों का कहना है कि आरोपी नेताओं और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ अपनी नजदीकी बताकर उन्हें भरोसे में लेता था और नौकरी लगवाने का झांसा देकर पैसे वसूलता था। मामला तब सामने आया जब दो पीड़ित बुधवार को एएसपी सूर्यकांत शर्मा के पास पहुंचे और लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में बताया गया कि आरोपी ने अनुकंपा नियुक्ति और पुलिस विभाग में नौकरी दिलाने के नाम पर कुल 1.26 लाख रुपए लिए। एक पीड़ित से पिता की जगह नौकरी दिलाने के लिए 1.10 लाख रुपए वसूले गए, जबकि दूसरे से 16 हजार रुपए लिए गए। पीड़ितों के अनुसार, आरोपी शुरुआत में भरोसा दिलाता रहा कि उसके ऊंचे संपर्क हैं और जल्द ही काम हो जाएगा, लेकिन समय बीतने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। जब लोगों ने पैसे वापस मांगने शुरू किए तो आरोपी टालमटोल करने लगा और बाद में धमकाने भी लगा। आरोपी रघु तिवारी के बारे में यह भी सामने आया है कि उसने महापौर सहित कई नेताओं और अफसरों के साथ तस्वीरें खिंचवा रखी हैं, जिनका इस्तेमाल वह लोगों को प्रभावित करने के लिए करता था। इसी आधार पर वह खुद को प्रभावशाली बताकर लोगों को जाल में फंसाता था। मामले को गंभीरता से लेते हुए एएसपी ने बेलबाग थाना प्रभारी को जांच के निर्देश दिए हैं। पुलिस ने दोनों शिकायतों को आधार बनाकर जांच शुरू कर दी है और आरोपी के संपर्कों व लेन-देन की भी पड़ताल की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच के बाद साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल आरोपी की भूमिका और अन्य संभावित पीड़ितों की भी तलाश की जा रही है।

44 डिग्री में पेड़ के नीचे लग रहे टीके: बरगी स्वास्थ्य केंद्र में बिजली-पानी ठप, गर्भवती महिलाएं बेहाल

जबलपुर। जबलपुर में भीषण गर्मी और अव्यवस्थाओं का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां 44 डिग्री सेल्सियस के आसपास तापमान के बीच गर्भवती महिलाओं और नवजात बच्चों को पेड़ की छांव में बैठाकर टीकाकरण किया जा रहा है। यह स्थिति जिले के बरगी नगर स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की बताई जा रही है, जहां पिछले कई दिनों से बिजली और मूलभूत सुविधाएं पूरी तरह बाधित हैं। स्थानीय जानकारी के अनुसार, स्वास्थ्य केंद्र में सप्ताह के निर्धारित दिन गर्भवती महिलाओं और बच्चों का नियमित टीकाकरण किया जाता है। रोजाना करीब 20 से 25 महिलाएं और बच्चे यहां टीके लगवाने पहुंचते हैं, लेकिन इन दिनों बिजली व्यवस्था ठप होने के कारण उन्हें अस्पताल के अंदर सुविधाजनक वातावरण नहीं मिल पा रहा है। पंखे, कूलर और अन्य जरूरी उपकरण बंद पड़े हैं, जिससे मजबूरी में टीकाकरण की प्रक्रिया बाहर पेड़ों के नीचे करनी पड़ रही है। कर्मचारियों ने बताया कि करीब पांच दिन पहले तेज हवा और आंधी के कारण स्वास्थ्य केंद्र की बिजली लाइन का तार टूट गया था। इसकी सूचना कई बार बिजली विभाग को दी गई, लेकिन अब तक मरम्मत नहीं हो सकी है। नतीजतन, पूरे केंद्र में अंधेरा और गर्मी का माहौल बना हुआ है। स्थिति और भी गंभीर इसलिए हो गई है क्योंकि स्वास्थ्य केंद्र में न तो पर्याप्त डॉक्टर उपलब्ध हैं और न ही स्टाफ नर्स की तैनाती है। फिलहाल केवल सेक्टर सुपरवाइजर और सीएचओ के सहारे ही व्यवस्था संचालित की जा रही है। इसके अलावा उल्टी, दस्त और बुखार जैसी बीमारियों से पीड़ित मरीज भी यहां इलाज के लिए पहुंचते हैं, जिससे दबाव और बढ़ जाता है। स्थानीय कर्मचारियों के अनुसार, केंद्र में पीने के पानी की भी व्यवस्था नहीं है। हालांकि शासन की ओर से नई बिल्डिंग बनाई गई है, लेकिन उसमें भी मूलभूत सुविधाओं की कमी के कारण उसे अभी तक शुरू नहीं किया जा सका है। इससे आसपास के पांच से छह गांवों के लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। सीएमएचओ डॉ. नवीन कोठारी ने पूरे प्रकरण की जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि बिजली व्यवस्था को लेकर संबंधित विभाग से संपर्क कर जल्द सुधार कराया जाएगा और स्वास्थ्य केंद्र की सभी मूलभूत सुविधाओं को दुरुस्त किया जाएगा। फिलहाल गर्मी और अव्यवस्थाओं के बीच गर्भवती महिलाओं और बच्चों की यह स्थिति स्वास्थ्य सेवाओं की जमीनी हकीकत पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है।

5–7 हजार में ब्लड बिक्री का धंधा, मरीजों की जान से खिलवाड़ का खुलासा

सतना । सतना और भोपाल में स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करने वाला एक बड़ा मामला सामने आया है, जिसमें अस्पतालों के भीतर कथित रूप से खून की अवैध खरीद-फरोख्त और ‘ब्लड माफिया’ के सक्रिय होने के आरोप लगे हैं। पड़ताल में दावा किया गया है कि जरूरतमंद मरीजों से एक यूनिट खून के लिए 5 हजार से 7 हजार रुपये तक वसूले जा रहे हैं और इस पूरे नेटवर्क में अस्पताल से जुड़े कुछ कर्मचारी और बाहरी दलाल शामिल हैं। रिपोर्ट के अनुसार, यह पूरा सिस्टम मरीजों की मजबूरी का फायदा उठाकर काम करता है। अस्पताल परिसर से लेकर बाहर के ठेलों तक कथित दलाल सक्रिय बताए जा रहे हैं, जो फर्जी रिश्तेदार बनाकर प्रोफेशनल डोनर्स को ब्लड बैंक तक पहुंचाते हैं। दावा यह भी है कि सतना में हर साल हजारों यूनिट खून इस अवैध नेटवर्क के जरिए उपलब्ध कराया जाता है। स्टिंग ऑपरेशन में सामने आए आरोपों के मुताबिक, अस्पताल के सफाईकर्मी, एंबुलेंस ड्राइवर और पान-ठेला संचालक तक इस नेटवर्क से जुड़े बताए गए हैं। एक मामले में तो रीवा से बाइक के जरिए ब्लड की डिलीवरी तक कराए जाने का दावा किया गया है, जिसमें प्रति यूनिट तय रकम लेकर सौदा पूरा किया गया। सबसे गंभीर आरोपों में यह भी सामने आया है कि ब्लड बैंक के रिकॉर्ड में गड़बड़ी की गई और जांच में ‘एचआईवी पॉजिटिव’ पाए गए खून को कथित तौर पर ‘निगेटिव’ दिखाकर मरीजों को चढ़ा दिया गया। इस तरह की लापरवाही या कथित हेरफेर से चार मासूम बच्चों के संक्रमित होने का भी मामला सामने आया है, जिससे स्वास्थ्य तंत्र पर गंभीर सवाल उठे हैं। पड़ताल में यह दावा भी किया गया है कि कई एचआईवी पॉजिटिव डोनर सिस्टम से गायब हैं और उनका कोई रिकॉर्ड या लोकेशन स्पष्ट नहीं है। साथ ही कुछ मामलों में डोनर के नाम रजिस्टर में दर्ज होने के बावजूद उनके द्वारा रक्तदान न करने की बात सामने आई है, जिससे फर्जीवाड़े की आशंका और गहरी हो गई है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि एक निजी ब्लड सेंटर की वैधता समाप्त होने के बावजूद वहां से खून का वितरण जारी रहा, जिससे सिस्टम की निगरानी पर भी सवाल खड़े हुए हैं। फिलहाल इस पूरे मामले में स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की भूमिका को लेकर गंभीर प्रश्न उठ रहे हैं। सीएमएचओ स्तर पर जांच और कार्रवाई की बात कही गई है, जबकि विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो यह सीधे तौर पर मरीजों की जिंदगी से जुड़ा गंभीर अपराध है।

ग्वालियर में ईद-उल-अजहा का पर्व श्रद्धा और सौहार्द के साथ मनाया गया, मस्जिदों में अदा हुई विशेष नमाज

नई दिल्ली। ग्वालियर में गुरुवार को ईद-उल-अजहा (बकरीद) का पर्व धार्मिक उत्साह, शांति और सौहार्द के वातावरण में मनाया गया। शहर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों की प्रमुख ईदगाहों और मस्जिदों में सुबह से ही बड़ी संख्या में नमाजी जुटने लगे और विशेष नमाज अदा की गई। ईद-उल-अजहा की मुख्य नमाज जामा मस्जिद मुरार, शाही जामा मस्जिद चौक बाजार, ईदगाह मुरार, उस्मानिया मस्जिद गेंडेवाली सड़क, नौगजा रोड मस्जिद, सिकंदर कम्पू मस्जिद, नूर मस्जिद घोसीपुरा, अरब साहब मस्जिद कुम्हरपुरा, शमशेर खां भैया मस्जिद और मोती मस्जिद सहित कई धार्मिक स्थलों पर संपन्न हुई। नमाज के दौरान बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे और देश में अमन-चैन, भाईचारे और खुशहाली की दुआ मांगी गई। नमाज के बाद शहर में गंगा-जमुनी तहजीब की अनोखी झलक देखने को मिली। विभिन्न समुदायों के लोग मस्जिदों के बाहर इंतजार करते नजर आए और नमाज समाप्त होने के बाद मुस्लिम समुदाय के लोगों से गले मिलकर ईद की मुबारकबाद दी। इस दौरान बच्चों और युवाओं में खासा उत्साह देखने को मिला और पूरे वातावरण में आपसी प्रेम व सौहार्द का संदेश गूंजता रहा। त्योहार को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस विभाग की ओर से व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए गए थे। संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई थी। साथ ही नमाज के दौरान भीड़ प्रबंधन और यातायात व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए कई मार्गों में अस्थायी बदलाव भी किए गए, जिससे लोगों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। मोती मस्जिद के अध्यक्ष मोहसिन रहमान ने कहा कि ईद-उल-अजहा त्याग, बलिदान और इंसानियत का संदेश देने वाला पर्व है, जो समाज में एकता और भाईचारे को मजबूत करता है। वहीं मोती मस्जिद के इमाम मुफ़्ती नफीस मरकज़ी ने विशेष दुआ में देश की शांति, समृद्धि और सभी नागरिकों की खुशहाली की कामना की। इस तरह ग्वालियर में ईद-उल-अजहा का पर्व पूरी शांति, सद्भाव और आपसी भाईचारे के संदेश के साथ संपन्न हुआ।

ग्वालियर में गर्म हवाओं का कहर: सुबह 8:30 बजे ही 37 के पार पहुंचा पारा, आज लू का अलर्ट जारी

नई दिल्ली। ग्वालियर अंचल इन दिनों भीषण गर्मी और तपती हवाओं की चपेट में है, जहां मौसम लगातार लोगों के लिए परेशानी का कारण बना हुआ है। गुरुवार सुबह से ही तेज धूप और गर्म हवाओं ने माहौल को बेहाल कर दिया। मौसम विभाग ने ग्वालियर और आसपास के क्षेत्रों के लिए लू का अलर्ट जारी किया है, जिससे दिनभर हालात और खराब रहने की आशंका है। बीते बुधवार को अधिकतम तापमान 44.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था, जबकि रात का न्यूनतम तापमान भी 30 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जिससे रात के समय भी लोगों को राहत नहीं मिल सकी। गर्म हवाओं के चलते घरों में कूलर और एसी भी असरदार साबित नहीं हो रहे हैं। गुरुवार सुबह हालात और भी तेजी से बिगड़ते नजर आए। सुबह 5:30 बजे जहां तापमान 34.2 डिग्री सेल्सियस था, वहीं महज तीन घंटे के भीतर यानी 8:30 बजे यह बढ़कर 37.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। लगातार बढ़ते तापमान ने लोगों की दिनचर्या प्रभावित कर दी है। सुबह से ही सड़कें सुनसान नजर आईं और लोग बेहद जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकलते दिखाई दिए। कई जगहों पर लोग धूप से बचने के लिए सिर और चेहरा तौलिये या कपड़े से ढककर चलते नजर आए। पेड़ों की छांव और ठंडे पानी के स्थानों पर लोगों की भीड़ देखी गई। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार इस बार मई महीने में तापमान सामान्य से काफी अधिक बना हुआ है, जिससे दिन के साथ-साथ रात का तापमान भी राहत नहीं दे रहा है। लगातार गर्म हवाएं चलने से लू का असर और बढ़ गया है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। डॉक्टरों का कहना है कि इस मौसम में डिहाइड्रेशन, चक्कर आना, सिरदर्द और हीट स्ट्रोक जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ सकती हैं। ऐसे में लोगों को दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक घर से बाहर निकलने से बचने, पर्याप्त पानी पीने और हल्के सूती कपड़े पहनने की सलाह दी गई है। फिलहाल पूरे ग्वालियर अंचल में गर्म हवाओं का असर जारी है और आने वाले दिनों में राहत मिलने की संभावना फिलहाल कम नजर आ रही है।

ग्वालियर में घरेलू विवाद से तनाव, युवक ने जहर खाकर की आत्महत्या की कोशिश

नई दिल्ली। ग्वालियर के बहोड़ापुर इलाके में मंगलवार को एक दर्दनाक घटना सामने आई, जहां एक युवक ने जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या करने की कोशिश की। यह मामला उस वक्त और गंभीर हो गया जब जहर खाने से ठीक पहले युवक ने अपने मोबाइल से तीन वीडियो रिकॉर्ड किए और उन्हें अपनी हाउसिंग सोसायटी के व्हाट्सऐप ग्रुप में भेज दिया। प्राइवेट कंपनी में काम करने वाला 28 वर्षीय वेंकट शर्मा मानपुर स्थित सरकारी मल्टी फेस-1 के एल-5 ब्लॉक में अपने फ्लैट में अकेला था। बताया जा रहा है कि मानसिक तनाव और पारिवारिक विवादों से परेशान होकर उसने यह कदम उठाया। वीडियो सामने आते ही सोसायटी के लोगों में हड़कंप मच गया और पड़ोसियों ने तुरंत सक्रियता दिखाते हुए पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही स्थानीय लोग विकास तोमर के साथ वेंकट के फ्लैट पर पहुंचे। दरवाजा खोलकर देखा तो युवक अचेत अवस्था में था। बिना देर किए उसे पुलिस की मदद से अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उसका इलाज जारी है। समय रहते हुई इस कार्रवाई से उसकी जान बच गई। घटना के बाद सामने आए वीडियो में वेंकट शर्मा रो-रोकर अपनी पीड़ा व्यक्त करता दिख रहा है। उसने अपनी पत्नी रितु शर्मा पर गंभीर आरोप लगाए हैं। वेंकट का कहना है कि उसकी पत्नी को महंगी जीवनशैली और लग्जरी चीजों का शौक है, वह एक लाख रुपये तक के मोबाइल फोन इस्तेमाल करती है। इसके साथ ही उसने पत्नी पर अनजान लोगों से देर रात तक बातचीत करने और विरोध करने पर धमकियां दिलवाने का भी आरोप लगाया है। वीडियो में वेंकट ने अपनी सास गीता शर्मा और अन्य परिजनों पर भी मानसिक प्रताड़ना के आरोप लगाए हैं। उसने दावा किया कि उसे उसके बेटे से दूर कर दिया गया, जिससे वह मानसिक रूप से टूट गया। वेंकट ने वीडियो में यह भी कहा कि लगातार मिल रही धमकियों और पारिवारिक तनाव के कारण वह गहरे अवसाद में चला गया। युवक ने वीडियो में आठ लोगों के नाम लेते हुए उन्हें अपनी स्थिति के लिए जिम्मेदार ठहराया और कार्रवाई की मांग की। उसने भावुक होकर कहा कि अगर उसे कुछ हो जाता है तो इसके लिए वही लोग जिम्मेदार होंगे। पुलिस के अनुसार, वीडियो और शिकायत को गंभीरता से लिया गया है और पूरे मामले की जांच की जा रही है। बहोड़ापुर थाना पुलिस ने बताया कि युवक के बयान स्वस्थ होने के बाद दर्ज किए जाएंगे और सभी तथ्यों की जांच की जा रही है। फिलहाल युवक अस्पताल में उपचाराधीन है और उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है। पुलिस ने कहा है कि मामले की हर एंगल से जांच की जाएगी, ताकि वास्तविकता सामने आ सके।

खजुराहो योग कार्यक्रम में ‘संयम’ गायब, भोजन वितरण में भगदड़ जैसे हालात

नई दिल्ली। मध्य प्रदेश के खजुराहो में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के 25वें काउंटडाउन महोत्सव के दौरान एक ओर जहां हजारों लोगों ने सामूहिक योग कर स्वस्थ जीवन और मानसिक शांति का संदेश दिया, वहीं कार्यक्रम के बाद भोजन वितरण के समय हालात बेकाबू हो गए। योग से जुड़ा संयम और अनुशासन कुछ ही पलों में उस समय टूटता नजर आया जब खाने के पैकेट बांटे जाने लगे। कार्यक्रम में करीब 800 प्रतिभागियों ने योगासन, प्राणायाम और ध्यान के जरिए शारीरिक और मानसिक संतुलन का अभ्यास किया था। आयोजन का उद्देश्य लोगों को योग के माध्यम से स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूक करना था। लेकिन कार्यक्रम समाप्त होने के बाद जो दृश्य सामने आए, वह सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गए। जैसे ही भोजन वितरण शुरू हुआ, वहां मौजूद लोग एक साथ खाने के पैकेट लेने के लिए टूट पड़े। स्थिति इतनी तेजी से बिगड़ी कि कई जगह धक्का-मुक्की और अफरा-तफरी जैसे हालात बन गए। जिनके हाथ में जितने पैकेट आए, वे उन्हें लेकर तुरंत बाहर निकलते दिखाई दिए। पूरे घटनाक्रम का वीडियो सामने आने के बाद यह सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि भोजन वितरण की व्यवस्था अपेक्षा के अनुरूप नहीं रही, जिसके चलते भीड़ नियंत्रित नहीं हो सकी। आयोजकों द्वारा भोजन उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई थी, लेकिन वितरण प्रणाली में कमी के कारण भीड़ बेकाबू हो गई। इस घटना पर लोग अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। कई लोग इसे व्यंग्य के रूप में देख रहे हैं कि योग जहां संयम, धैर्य और संतुलन का संदेश देता है, वहीं भोजन के सामने वही संयम कुछ ही पलों में टूट गया। सोशल मीडिया पर इस वीडियो को लेकर तरह-तरह की टिप्पणियां की जा रही हैं। कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री प्रतापराव जाधव भी मौजूद थे, जिन्होंने ऐतिहासिक मंदिर परिसर में योगासन कर फोटोशूट कराया। हालांकि योगासन के दौरान उन्हें संतुलन बनाने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। कुछ मौकों पर सहयोगियों की मदद भी लेनी पड़ी, जिसका वीडियो भी सामने आया और वह भी चर्चा का विषय बन गया। इस पूरे आयोजन के अलग-अलग हिस्सों के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं, जिससे कार्यक्रम की चर्चा केवल योग तक सीमित न रहकर उसके आयोजन प्रबंधन और व्यवस्था पर भी पहुंच गई है। फिलहाल प्रशासन की ओर से इस घटना पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन वीडियो वायरल होने के बाद यह मामला लगातार सुर्खियों में बना हुआ है।

फुटकर व्यापारी से साइबर फ्रॉड: फोटो-वीडियो वायरल करने की धमकी देकर वसूले 1.36 लाख रुपए

नई दिल्ली। इंदौर में ऑनलाइन लोन एप के जरिए साइबर ठगी और ब्लैकमेलिंग का एक गंभीर मामला सामने आया है। बाणगंगा थाना क्षेत्र में रहने वाले एक फुटकर व्यापारी को इंस्टाग्राम पर दिखाए गए “स्वीट मनी” नामक लोन एप के विज्ञापन ने फंसा लिया, जिसके बाद वह धीरे-धीरे बड़े साइबर फ्रॉड का शिकार हो गया। पीड़ित राहुल गिरी ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि फरवरी महीने में उन्हें पैसों की तत्काल जरूरत थी। इसी दौरान उन्होंने इंस्टाग्राम पर एक लोन एप का विज्ञापन देखा, जिसमें आसान लोन उपलब्ध कराने का दावा किया गया था। लिंक पर क्लिक करने के बाद उन्होंने एप डाउनलोड कर लिया और अपनी व्यक्तिगत जानकारी जैसे आधार कार्ड, पैन कार्ड और बैंक डिटेल्स साझा कर दी। जानकारी देने के कुछ ही समय बाद उनके बैंक खाते में लगभग 4 हजार रुपए का लोन ट्रांसफर कर दिया गया। शुरुआत में यह प्रक्रिया सामान्य लगी, लेकिन कुछ दिनों बाद मामला पूरी तरह बदल गया। अलग-अलग मोबाइल नंबरों और वॉट्सएप अकाउंट से उन्हें लगातार कॉल और मैसेज आने लगे। आरोपियों ने लोन की रकम को कई गुना बढ़ाकर मांगना शुरू कर दिया। जब राहुल ने इसका विरोध किया तो उन्हें धमकाया गया कि उनके मोबाइल से ली गई तस्वीरें और डाटा उनके पास मौजूद हैं। आरोपियों ने डराने के लिए कहा कि यदि पैसे नहीं दिए गए तो इन तस्वीरों को एडिट कर उनके रिश्तेदारों और परिचितों को भेज दिया जाएगा। डर और मानसिक दबाव में आकर पीड़ित ने आरोपियों द्वारा दिए गए यूपीआई अकाउंट्स में धीरे-धीरे करीब 1 लाख 36 हजार रुपए ट्रांसफर कर दिए। इसके बावजूद ठगों की मांग खत्म नहीं हुई और वे लगातार और पैसे की मांग करते रहे। इसके बाद आरोपियों ने धमकी और तेज कर दी और पीड़ित के एडिट किए गए फोटो उसके रिश्तेदारों और जान-पहचान के लोगों को भेज दिए। इस घटना से परेशान होकर राहुल ने अपना मोबाइल भी फॉर्मेट कर दिया, लेकिन तब तक वह पूरी तरह से साइबर जाल में फंस चुका था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पीड़ित ने पहले साइबर क्राइम यूनिट में शिकायत दर्ज कराई। जांच के बाद मामला बाणगंगा थाना पुलिस को ट्रांसफर किया गया, जहां अब एफआईआर दर्ज कर ली गई है। पुलिस को पीड़ित ने आधा दर्जन से अधिक यूपीआई आईडी और अन्य डिजिटल साक्ष्य भी सौंपे हैं, जिनका उपयोग ठगी में किया गया। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस साइबर गिरोह के पीछे कौन लोग हैं और यह नेटवर्क कहां से संचालित हो रहा है। शुरुआती जांच में यह मामला संगठित ऑनलाइन लोन फ्रॉड और ब्लैकमेलिंग गिरोह से जुड़ा माना जा रहा है।