हिरासत में मौतों पर हाईकोर्ट सख्त, पुलिस थानों में CCTV को लेकर निर्देश

जबलपुर । छतरपुर जिले में पुलिस हिरासत में हुई चार संदिग्ध मौतों के मामले ने अब न्यायिक स्तर पर गंभीर मोड़ ले लिया है। जबलपुर स्थित मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने इस पूरे प्रकरण पर सख्त रुख अपनाते हुए राज्य सरकार और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को नोटिस जारी किया है। खजुराहो निवासी समाजसेवी पीयूष दीक्षित द्वारा दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट की वेकेशन बेंच, जिसमें जस्टिस विवेक जैन और जस्टिस अजय कुमार निरंकारी शामिल थे, ने यह आदेश जारी किए। अदालत ने राज्य सरकार से चार सप्ताह के भीतर विस्तृत जवाब मांगा है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि छतरपुर जिले के विभिन्न थानों में पिछले दो महीनों के भीतर चार युवकों की पुलिस हिरासत में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। इन घटनाओं को लेकर गंभीर सवाल उठाए गए हैं और पुलिस पर थर्ड डिग्री यातना के आरोप लगाए गए हैं। कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित थानों के सभी सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने के निर्देश दिए हैं, ताकि किसी भी प्रकार के साक्ष्य को नष्ट होने से बचाया जा सके। साथ ही अगली सुनवाई की तारीख 14 जुलाई तय की गई है, जिसमें राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन को अपना पक्ष रखना होगा। याचिका में यह भी मांग की गई है कि पूरे मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से कराई जाए और दोषी पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया जाए। इसके अलावा सीसीटीवी फुटेज और कॉल डिटेल रिकॉर्ड तुरंत जब्त करने की भी मांग की गई है। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता केसी घिल्डियाल और अधिवक्ता जितेंद्र कुमार दीक्षित ने पक्ष रखा, जबकि राज्य सरकार की ओर से उप महाधिवक्ता स्वप्निल गांगुली उपस्थित रहे। राज्य सरकार ने अदालत को बताया कि चार में से दो मामलों में न्यायिक जांच के आदेश पहले ही दिए जा चुके हैं। हालांकि याचिकाकर्ता ने सवाल उठाया कि पुलिस द्वारा लगभग हर मामले में एक जैसी कहानी दी जा रही है—या तो आत्महत्या या फिर जहर खाने की बात कही जाती है, जो संदेह पैदा करती है। याचिका में यह भी कहा गया है कि हिरासत में लिए गए व्यक्तियों के शरीर पर चोटों के निशान पाए गए हैं, जो कथित रूप से पुलिस यातना की ओर इशारा करते हैं। साथ ही यह भी सवाल उठाया गया है कि सुरक्षित माने जाने वाले थानों के भीतर जहर या आत्महत्या के साधन कैसे पहुंच रहे हैं। हाईकोर्ट के इस सख्त रुख के बाद अब पूरा मामला राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन के लिए चुनौती बन गया है, क्योंकि अदालत ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि किसी भी तरह की लापरवाही या साक्ष्य छुपाने की कोशिश को गंभीरता से लिया जाएगा।
जबलपुर में 12 किलो का जिंदा बम मिला, मकान निर्माण के दौरान मचा हड़कंप

जबलपुर । जबलपुर जिले में उस समय हड़कंप मच गया जब डुमना एयरपोर्ट के पास स्थित ग्राम गदेरी में मकान निर्माण के दौरान जमीन के अंदर एक जिंदा बम मिलने का मामला सामने आया। यह घटना शुक्रवार शाम की है, जिसने पूरे इलाके में दहशत का माहौल पैदा कर दिया। निर्माण कार्य के दौरान मजदूरों द्वारा पिलर के लिए की जा रही खुदाई में करीब 3 से 4 फीट नीचे एक लोहे जैसी भारी वस्तु दिखाई दी। शुरुआत में इसे सामान्य कबाड़ समझा गया, लेकिन जब इसकी बनावट पर ध्यान दिया गया तो यह बम जैसा प्रतीत हुआ। इसके बाद मजदूरों ने तुरंत काम रोक दिया और मकान मालिक को इसकी जानकारी दी। मकान मालिक द्वारा सूचना दिए जाने के बाद खमरिया थाना पुलिस और बम निरोधक दस्ता (BDS) मौके पर पहुंचा। जैसे ही जांच शुरू हुई, पूरे क्षेत्र को सुरक्षा घेरे में ले लिया गया और स्थानीय लोगों को सुरक्षित दूरी पर हटाया गया। प्रारंभिक जांच में पुष्टि हुई कि यह एक जिंदा अनएक्सप्लोडेड ऑर्डनेंस (UXO) बम है, जिसका वजन 12 किलो से अधिक बताया जा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, इसकी मारक क्षमता लगभग 50 मीटर तक हो सकती है, जिससे इसकी गंभीरता और खतरे का अंदाजा लगाया जा सकता है। पुलिस के अनुसार यह बम जिस स्थान पर मिला है, वह आयुध निर्माणी फैक्ट्री खमरिया से लगभग 6 किलोमीटर दूर है। यह क्षेत्र पहले भी सैन्य गतिविधियों और परीक्षणों से जुड़ा रहा है, ऐसे में बम के यहां मौजूद होने की संभावना जताई जा रही है। बम मिलने की खबर फैलते ही मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्र हो गए, जिससे कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करते हुए पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी। खमरिया थाना पुलिस ने तत्काल सेना के बम निरोधक विशेषज्ञों को सूचना दी। इसके बाद बम को सावधानीपूर्वक कब्जे में लेकर सेना के अधिकारियों को सौंप दिया गया। अब सेना की टीम द्वारा इसे सुरक्षित तरीके से डिफ्यूज करने की प्रक्रिया की जा रही है। थाना प्रभारी राजकुमार खटीक ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी आवश्यक सुरक्षा उपाय किए गए हैं और किसी भी प्रकार की अनहोनी से बचाव सुनिश्चित किया गया है। फिलहाल पुलिस यह भी जांच कर रही है कि बम यहां तक कैसे पहुंचा और क्या इसके पीछे कोई ऐतिहासिक या तकनीकी कारण है। इस घटना ने एक बार फिर से यह सवाल खड़ा कर दिया है कि जमीन के भीतर छिपे ऐसे विस्फोटक कितने बड़े खतरे का कारण बन सकते हैं, और समय रहते उनकी पहचान कितनी जरूरी है।
पुराने कपड़ों से पोछा लगाना क्यों माना जाता है अशुभ? वास्तु शास्त्र में बताए गए महत्वपूर्ण संकेत

नई दिल्ली । वास्तु शास्त्र के मुताबिक, जिस घर में साफ-सफाई का पूरा ख्याल रखा जाता है वहां पर धन की देवी मां लक्ष्मी वास करती हैं. जबकि, जिन घरों में लोग स्वच्छता का खास ख्याल नहीं रखते वहां पर दरिद्रता निवास करने लगती है. इन्हीं बातों को ध्यान में रखकर महिलाएं नियमित तौर पर घर में पोछा लगाती हैं. पोछा लगाने में अक्सर लोग पुरान कपड़ों का इस्तेमाल करते हैं. लेकिन, क्या आप जानते हैं कि घर में पोछा लगाने के लिए इस्तेमाल किए गए कपड़े भी दुर्भाग्य और दरिद्रता का करण बनते हैं. दरअसल, वास्तु शास्त्र के अनुसार घर में पोछा लगाने के लिए कुछ कपड़ों को भूलकर भी इस्माल में नहीं लाना चाहिए. आइए, वास्तु शास्त्र के नियम के मुताबिक समझते हैं. पोछा के लिए किन कपड़ों का ना करें इस्तेमालवास्तु शास्त्र के अनुसार, पोछा लगाने के लिए इस्तेमाल किए हुए अंडरवियर, फटे कपड़े या टी-शर्ट और शर्ट इत्यादि को प्रयोग में लाना बेहद अशुभ है. वास्तु शास्त्र के जानकार बताते हैं कि ऐसा करने से घर की पॉजिटिव एनर्जी भी नष्ट हो जाती है. यह आदत घर की सुख-समृद्धि को भी नष्ट करने लगती है. इतना ही नहीं, सफाई से जुड़ी यह गलती धन-दौलत में भी बरकत नहीं होने देती. शुक्र ग्रह होने लगता है खराब ज्योतिष और वास्तु शास्त्र में कपड़ों को शुक्र ग्रह से जोड़कर देखा गया है. खासतौर पर सफेद कपड़ा शुक्र ग्रह का प्रतिनिधित्व करता है. शुक्र ग्रह को धन, ऐश्वर्य, विलासिता और सुख का कारक माना गया है. यही वजह है कि पुराने या इस्तेमाल किए गए कपड़ों से पोछा लगाने पर कुंडली का शुक्र ग्रह बिगड़ जाता है. शुक्र ग्रह के नकारात्मक प्रभाव के परिणामस्वरूप धन हानि और कर्ज जैसी स्थिति उत्पन्न हो जाती है. पुरानी शर्ट या अंडरवियर से क्यो नहीं लगाना चाहिए पोछावास्तु शास्त्र के मुताबिक, कपड़ों से इंसान की ऊर्जा और भावनाएं जुड़ी होती हैं. ऐसे में जब इन्हीं कपड़ों से घर में पोछा लगाया जाता है, तो सकारात्मक ऊर्जा नष्ट होने लगती है. इसके अलावा घर का माहौल भी अशांत होने लगता है, जिसके परिणामस्वरूप परिवार के सदस्यों की मानसिक स्थिति बिगड़ने लगती है. यह आदत आर्थिक स्थिति को भी बुरी तरह से प्रभावित करती है. जमा किया हुआ धन भी नष्ट होने लगता है. घर में पोछा लगाने के वास्तु नियमवास्तु शास्त्र के अनुसार, पोछा लगाने के लिए हमेशा साफ और नए कपड़ों का ही इस्तेमाल करना चाहिए. साथ ही इसके लिए हमेशा सफेद रंग के कपड़ों का ही इस्तेमाल करना चाहिए. ऐसा इसलिए सफेद रंग के कपड़ों पर शुक्र ग्रह का सबसे अधिक प्रभाव रहता है. इसके अलावा सफेद रंग के कपड़ों से पोछा लगाने से शुक्र ग्रह की शुभता प्राप्त होती है, जिसके परिणामस्वरूप आर्थिक स्थिति अच्छी रहती है.
जबलपुर गोलीकांड: खेत जा रहे किसान पर हमला, आरोपी की तलाश में पुलिस

मध्य प्रदेश। जबलपुर जिले के पाटन थाना क्षेत्र के ग्राम खमदेही में शनिवार सुबह उस समय सनसनी फैल गई जब खेत जा रहे एक किसान पर बाइक सवार युवक ने गोली चला दी। इस हमले में किसान गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे प्राथमिक उपचार के बाद मेडिकल कॉलेज जबलपुर रेफर किया गया है। घायल किसान की पहचान धर्मेंद्र रैकवार के रूप में हुई है। वह शनिवार सुबह करीब साढ़े आठ बजे अपने खेत की ओर जा रहा था। इसी दौरान गांव के बाहर पहले से मौजूद बाइक सवार रामनारायण पटेल ने उसे रोक लिया। दोनों के बीच पुरानी रंजिश को लेकर कहासुनी शुरू हो गई, जो कुछ ही पलों में हिंसक झड़प में बदल गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विवाद बढ़ने पर आरोपी ने अचानक कट्टा निकालकर फायर कर दिया। गोली सीधे धर्मेंद्र के पेट में लगी, जिससे वह मौके पर ही गिर पड़ा और गंभीर रूप से घायल हो गया। वारदात के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया। गोली चलने की आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और घायल किसान को तुरंत पाटन स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। वहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसे मेडिकल कॉलेज जबलपुर रेफर कर दिया। पुलिस जांच में सामने आया है कि दोनों पक्षों के बीच लगभग छह महीने पहले भी विवाद हुआ था। उस समय आरोपी के खेत में काम करने वाले कर्मचारियों से धर्मेंद्र का झगड़ा हुआ था, जो बाद में मारपीट तक पहुंच गया था। इसी पुरानी रंजिश को इस हमले की मुख्य वजह माना जा रहा है। घटना की सूचना मिलते ही पाटन थाना प्रभारी गोपेंद्र सिंह बघेल पुलिस टीम के साथ अस्पताल पहुंचे और घायल के बयान दर्ज किए। प्रारंभिक जांच में पुलिस को मामला पूरी तरह पुरानी दुश्मनी से जुड़ा प्रतीत हो रहा है। थाना प्रभारी ने बताया कि पीड़ित किसान ने बयान में कहा है कि वह खेत जाने से पहले गांव में बने नए सामुदायिक केंद्र में कुछ देर रुका था। इसी दौरान आरोपी वहां पहुंचा और घात लगाकर उस पर हमला कर दिया। पुलिस ने आरोपी की गिरफ्तारी के लिए कई संभावित ठिकानों पर दबिश देना शुरू कर दिया है। फिलहाल इलाके में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है, लेकिन पुलिस का कहना है कि जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा और पूरे मामले की गहन जांच की जा रही है।
लाखों में अलग पहचान चाहिए तो अपनाएं चाणक्य की ये सीख, शब्दों से लेकर आत्मविश्वास तक सब पर दिया जोर

नई दिल्ली । आचार्य की चाणक्य नीतियां आज के समय में भी लोगों का मार्गदर्शन करती हैं. उन्होंने मानव जीवन के हरेक पहलु पर अपने विचार दिए हैं, जो कि चाणक्य नीति नामक ग्रंथ में वर्णित हैं. समाज में कई तरह के लोग होते हैं. कुछ लोग भीड़ में भी अपनी अलग पहचान रखने की चाहत रखते हैं, जबकि कुछ स्थिति को समय पर छोड़ देते हैं. आचार्य चाणक्य ने नीति शास्त्र में कुछ ऐसे गुणों का उल्लेख किया है, जिन्हें जीवन में अपना लेने से व्यक्तित्व निखर सकता है. ऐसे में अगर आप भी लाखों की भीड़ में अपना अलग पहचान बनाना चाहते हैं, तो चाणक्य की इन 5 बातों को आज से ही अपने जीवन में उतारना शुरू कर दें. सोच समझकर रखें अपनी बातचाणक्य नीति के अनुसार, जल्दबाजी में लिया गया फैसला किसी भी दृष्टिकोण से अच्छा नहीं है. यह नियम संवाद में भी लागू होता है. आचार्य चाणक्य कहते हैं कि जल्दबाजी में जुबान से निकली हुई बातें हर वक्त सही नहीं होतीं. इसलिए, बोलने से पहले उसके संभावित परिणाम पर भी विचार कर लेना चाहिए. चाणक्य सलाह देते हैं कि व्यक्ति को कभी भी सोच-समझकर की बोलना चाहिए. आकर्षक संवाद शैलीआचार्य चाणक्य का मानना है कि इंसान को बोलचाल में आसान भाषा का प्रयोग करना चाहिए, ताकि सामने वाला भी आसानी से समझ सके. चाणक्य नीति के मुताबिक, अगर संवाद में आसान भाषा का प्रयोग किया जाता है, तो सामने वाला उसे आसानी से समझ जाता है. इन्हीं वजहों से शिक्षक, सफल वक्ता और दिग्गज नेता संवाद के क्रम में आसान भाषा का प्रयोग करते हैं. आत्मविश्वासचाणक्य नीति में आचार्य ने बताया है कि इंसान की सबसे बड़ी ताकत उसका आत्मविश्वास होता है. अगर कोई व्यक्ति अपनी बात रखते वक्त झिझकता है, तो सामने वाला उसकी बातों को हल्के में लेकर टाल देता है. जबकि, अगर कोई व्यक्ति किसी बात को आत्मविश्वास के साथ रखता है, तो सामने वाला ना चाहते हुए भी उसकी बातों पर ध्यान देता है.चाणक्य की सलाह है कि आत्मविश्वास हमेशा मजबूत रखना चाहिए. प्रभावी संवाद शैलीआचार्य चाणक्य ने अपनी नीति में कहा है कि व्यक्ति को संवाद में समझदारी भी रखना चाहिए, क्योंकि हर बार हर समय पर कहना उचित नहीं है. किसी भी बात को प्रभावशाली बनाने के लिए उचित समय का इंतजार करना चाहिए. इसके साथ ही यह भी ध्यान रखना चाहिए कि जिस बात को कहना है, उसके लिए माहौल सही है या नहीं. चाणक्य नीति कहती है कि अगर कोई व्यक्ति कोई बड़ी गलती भी करे तो उसे सार्वजनिक रूप से कहने के बजाए, व्यक्तिगत रूप से कहना उचित है. ऐसा करने से गलती करने वाले के मन पर भी नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ता. विनम्रताचाणक्य ने अपनी नीति में स्पष्ट तौर पर कहा है कि कठोर शब्दों का इस्तेमाल करते हुए सामने वाले को कुछ समय से लिए भयभीत किया जा सकता है लेकिन सम्मान प्राप्त नहीं किया जा सकता. इसलिए, चाणक्य प्रत्येक मनुष्य को यह सलाद देते हैं कि किसी भी बात को विनम्रता से रखना चाहिए. विनम्रतापूर्वक रखी गई बातों का सामने वालों के मन-मस्तिष्क पर गहरा प्रभाव पड़ता है. विनम्रता से व्यक्तित्व में निखार आता है. ऐसा करने वाला इंसान लाखों की भीड़ में भी अपनी पहचान बनाता है और सम्मान पाता है.
आईपीएल 2026: रिकॉर्ड रन बरसात के बीच रबाडा का जलवा, गेंदबाजों में नंबर-1 बने

नई दिल्ली। आईपीएल 2026 के दूसरे क्वालीफायर मुकाबले के बाद ऑरेंज कैप और पर्पल कैप की रेस और भी दिलचस्प हो गई है। गुजरात टाइटंस (Gujarat Titans) और राजस्थान रॉयल्स (Rajasthan Royals) के बीच खेले गए हाई-स्कोरिंग मुकाबले ने सीजन के बल्लेबाजी और गेंदबाजी आंकड़ों को पूरी तरह बदल दिया है। ऑरेंज कैप की दौड़ में राजस्थान के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने अपनी धमाकेदार पारी के दम पर शीर्ष स्थान बनाए रखा है। वैभव ने 47 गेंदों में 96 रनों की बेहतरीन पारी खेली और पूरे सीजन में 16 मैचों में 776 रन बनाकर सबसे आगे बने हुए हैं। उनकी स्ट्राइक रेट 237 के आसपास रही, जो उनकी आक्रामक बल्लेबाजी शैली को दर्शाती है। वहीं गुजरात टाइटंस के कप्तान शुभमन गिल ने अपनी 53 गेंदों में 104 रनों की शानदार शतकीय पारी के साथ रेस को और रोमांचक बना दिया है। गिल अब 722 रनों के साथ दूसरे स्थान पर पहुंच गए हैं और लगातार ऑरेंज कैप के मजबूत दावेदार बने हुए हैं। उनके साथी ओपनर साई सुदर्शन भी शानदार फॉर्म में हैं और 710 रन बनाकर तीसरे स्थान पर मौजूद हैं। सनराइजर्स हैदराबाद के विकेटकीपर बल्लेबाज हेनरिक क्लासेन ने 624 रन बनाकर चौथा स्थान हासिल किया है, जबकि ईशान किशन 602 रन के साथ टॉप-5 में अपनी जगह बनाए हुए हैं। इस तरह ऑरेंज कैप की दौड़ अब अंतिम मुकाबले से पहले पूरी तरह खुली हुई है, जहां हर पारी रैंकिंग को बदल सकती है। दूसरी ओर, पर्पल कैप की रेस में बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। गुजरात टाइटंस के तेज गेंदबाज कगिसो रबाडा ने 28 विकेट लेकर शीर्ष स्थान हासिल कर लिया है और भुवनेश्वर कुमार को पीछे छोड़ दिया है। भुवनेश्वर अब 26 विकेट के साथ दूसरे स्थान पर खिसक गए हैं। रबाडा ने दूसरे क्वालीफायर में भी 2 विकेट लेकर अपनी बढ़त को मजबूत किया। राजस्थान रॉयल्स के तेज गेंदबाज जोफ्रा आर्चर 25 विकेट के साथ तीसरे स्थान पर बने हुए हैं, जबकि चेन्नई सुपर किंग्स के अंशुल कंबोज 21 विकेट लेकर चौथे स्थान पर हैं। सनराइजर्स हैदराबाद के ईशान मलिंगा 20 विकेट के साथ पांचवें स्थान पर हैं। अब आईपीएल 2026 का फाइनल मुकाबला रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (Royal Challengers Bengaluru) और गुजरात टाइटंस के बीच अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेला जाएगा। इसी मैच के साथ यह भी तय होगा कि ऑरेंज कैप और पर्पल कैप के असली विजेता कौन बनते हैं।
GT vs RR: गिल का ऐतिहासिक शतक, प्लेऑफ में रचा नया इतिहास; गुजरात फाइनल में पहुंची

नई दिल्ली। आईपीएल 2026 के दूसरे क्वालीफायर मुकाबले में क्रिकेट प्रेमियों को एक हाई-स्कोरिंग और रोमांचक मैच देखने को मिला, जहां गुजरात टाइटंस (Gujarat Titans) ने राजस्थान रॉयल्स (Rajasthan Royals) को 7 विकेट से हराकर फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली। इस जीत के असली हीरो कप्तान शुभमन गिल रहे, जिन्होंने अपनी ऐतिहासिक बल्लेबाजी से रिकॉर्ड बुक में नया अध्याय जोड़ दिया। राजस्थान रॉयल्स ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 6 विकेट पर 214 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया। टीम की ओर से युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 47 गेंदों में 96 रनों की धमाकेदार पारी खेली। उनकी पारी में 8 चौके और 7 छक्के शामिल रहे, जिसने टीम को मजबूत शुरुआत दिलाई। इसके अलावा मध्यक्रम में रवींद्र जडेजा ने 35 गेंदों पर नाबाद 45 रन बनाकर पारी को संभाला, जबकि डोनोवन फेरेरा ने अंतिम ओवरों में 11 गेंदों में 38 रनों की ताबड़तोड़ पारी खेली। जीटी की गेंदबाजी में कगिसो रबाडा और जेसन होल्डर ने 2-2 विकेट लेकर महत्वपूर्ण सफलता दिलाई, लेकिन स्कोर बड़ा होने के कारण टीम पर दबाव साफ नजर आया। 215 रनों के विशाल लक्ष्य का पीछा करने उतरी गुजरात टाइटंस की शुरुआत बेहद धमाकेदार रही। कप्तान शुभमन गिल ने अपनी क्लासिक बल्लेबाजी का प्रदर्शन करते हुए मात्र 53 गेंदों में 104 रन ठोक दिए। उन्होंने अपनी पारी में 15 चौके और 3 छक्के लगाए और विपक्षी गेंदबाजों को कोई मौका नहीं दिया। इस पारी के साथ ही गिल आईपीएल इतिहास में प्लेऑफ मुकाबले में शतक लगाने वाले पहले कप्तान बन गए। गिल ने साई सुदर्शन के साथ मिलकर पहले विकेट के लिए 12.5 ओवर में 167 रनों की साझेदारी की, जिसने मैच की दिशा पूरी तरह बदल दी। सुदर्शन ने भी 32 गेंदों में 58 रनों की तेजतर्रार पारी खेली, जिसमें 8 चौके और एक छक्का शामिल था। मिडिल ऑर्डर में वॉशिंगटन सुंदर ने 16 रन और राहुल तेवतिया ने नाबाद 17 रनों का योगदान देकर टीम को जीत के करीब पहुंचाया। गुजरात टाइटंस ने यह लक्ष्य 18.4 ओवर में केवल 3 विकेट खोकर हासिल कर लिया। इस जीत के साथ गुजरात टाइटंस ने तीसरी बार आईपीएल फाइनल में प्रवेश किया है। अब फाइनल मुकाबले में टीम का सामना रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (Royal Challengers Bengaluru) से अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में होगा, जहां खिताब के लिए जोरदार भिड़ंत देखने को मिलेगी।
‘FWICE कोई अदालत नहीं’, रणवीर सिंह विवाद पर भड़के राम गोपाल वर्मा, इंडस्ट्री पॉलिटिक्स पर साधा निशाना

नई दिल्ली । हिंदी सिनेमा के बेबाक डायरेक्टर्स में से एक राम गोपाल वर्मा ने हाल ही में रणवीर सिंह का खुलकर सपोर्ट किया. दरअसल, ‘डॉन 3’ से रणवीर के बाहर होने को लेकर जो विवाद चल रहा है, उस पर फिल्म इंडस्ट्री में लगातार चर्चा हो रही है. इसी बीच राम गोपाल वर्मा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक लंबा पोस्ट लिखकर फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज (FWICE) की जमकर आलोचना की. उनका ये ट्वीट अब तेजी से वायरल हो रहा है, जिसपर कई रिएक्शन भी आ रहे हैं. उन्होंने कहा कि रणवीर के खिलाफ जारी किया गया तथाकथित बैन आगे चलकर फेडरेशन के लिए ही मजाक बन जाएगा. राम गोपाल ने अपने पोस्ट में लिखा, FWICE कोई अदालत या सरकारी संस्था नहीं है, जो किसी के खिलाफ फैसला सुना सके. उनके मुताबिक ये एक ऐसा मंच है, जहां कुछ लोग अपने पर्सनल एजेंडे के तहत फैसले लेते हैं. उन्होंने दावा किया कि रणवीर सिंह की हालिया सफलता से कुछ लोग असहज हैं और इसी वजह से उनके खिलाफ माहौल बनाया जा रहा है. वर्मा ने फेडरेशन की वर्क प्रोसेस पर भी सवाल खड़े किए. रणवीर सिंह के सपोर्ट में उतरे राम गोपाल वर्माफिल्ममेकर का कहना है कि ‘डॉन 3’ को लेकर जो विवाद है, उसे रणवीर सिंह और फरहान अख्तर के बीच ही सुलझाया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि इस मामले में बाकी लोगों को दखल देने की जरूरत नहीं है. राम गोपाल वर्मा ने ये भी कहा कि अगर रणवीर सिंह सिर्फ एक बार फिल्म के लिए हामी भर दें, तो अगले ही दिन उनके घर के बाहर कई निर्माता लाइन लगाकर खड़े हो जाएंगे और उनके साथ काम करने को तैयार होंगे. राम गोपाल ने लिखा, ‘ये रणवीर सिंह जैसे सितारे हैं जो सिनेमाघरों में दर्शकों को लाते हैं, न कि FWICE’. राम गोपाल ने FWICE को सुनाई खरी-खोटी उन्होंने आगे लिखा, ‘ऐसे कलाकारों की वजह से इंडस्ट्री चलती है और हजारों लोगों को रोजगार मिलता है. अगर बड़े सितारे नहीं होंगे तो इंडस्ट्री भी नहीं चलेगी’. उन्होंने सभी पक्षों को सलाह देते हुए कहा कि दो लोगों के बीच चल रहे पेशेवर विवाद में दूसरों को बेवजह हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए. बता दें, रणवीर सिंह और फरहान अख्तर के बीच ‘डॉन 3’ को लेकर शुरू हुआ मतभेद अब बड़ा विवाद बन चुका है. शुरुआत में इसे सिर्फ कास्टिंग में बदलाव माना जा रहा था, लेकिन बाद में मामला कानूनी रूप लेता नजर आया. ‘डॉन 3’ को लेकर खड़ा हुआ ये विवाद खबरों के मुताबिक फरहान अख्तर की कंपनी एक्सेल एंटरटेनमेंट ने रणवीर से 45 करोड़ रुपये के मुआवजे की मांग की है. वहीं FWICE ने भी एक्टर के खिलाफ नॉन-कोऑपरेशन इंस्ट्रक्शन जारी कर दिया. कई मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि रणवीर सिंह ने क्रिएटिव मतभेदों की वजह से फिल्म छोड़ने का फैसला किया. ये भी कहा गया कि वे फिल्म की शूटिंग में लगातार हो रही देरी और फाइनल स्क्रिप्ट तैयार न होने से खुश नहीं थे. इसी वजह से उन्होंने प्रोजेक्ट से अलग होने का फैसला लिया. हालांकि, अभी तक सही वजह सामने नहीं आई. FWICE ने एक्टर के खिलाफ लिया ये फैसला रणवीर सिंह के फिल्म छोड़ने के बाद फरहान अख्तर ने FWICE से संपर्क किया था, जिसके बाद 25 मई को एक्टर के खिलाफ नॉन-कोऑपरेशन इंस्ट्रक्शन (गैर-सहयोग निर्देश) जारी किया गया. इस पूरे विवाद पर रणवीर सिंह की तरफ से भी बयान जारी किया गया. उनके प्रवक्ता ने कहा, ‘रणवीर सिंह इस मामले को लेकर चल रही अटकलों को और बढ़ाना नहीं चाहते. उनका मानना है कि पेशेवर मतभेद और पर्सनल संबंधों से जुड़े मुद्दों को सम्मान, समझदारी और परिपक्वता के साथ निजी तौर पर सुलझाया जाना चाहिए’.
उज्जैन में भस्म आरती के दौरान बाबा महाकाल का दिव्य श्रृंगार, मंदिर गूंजा जयकारों से

उज्जैन । महाकालेश्वर मंदिर में शनिवार तड़के भस्म आरती के दौरान श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत दृश्य देखने को मिला। सुबह चार बजे मंदिर के पट खुलते ही पंडे-पुजारियों ने गर्भगृह में विराजमान सभी प्रतिमाओं का विधिवत पूजन किया और भगवान महाकाल का जलाभिषेक कर पंचामृत से अभिषेक संपन्न कराया। पंचामृत में दूध, दही, घी, शक्कर और फलों के रस का प्रयोग किया गया। इसके बाद घंटानाद और हरिओम जल अर्पण के साथ आरती की शुरुआत हुई। इस दौरान भगवान महाकाल का विशेष श्रृंगार किया गया, जिसमें रजत ॐ बिल्वपत्र मुकुट, रुद्राक्ष माला और सुगंधित पुष्पों की मालाएं अर्पित की गईं। भगवान के मस्तक पर त्रिपुंड, त्रिशूल और डमरू का प्रतीकात्मक स्वरूप सजाया गया, साथ ही शेषनाग का रजत मुकुट और मुंडमाल भी अर्पित की गई। गर्भगृह में गणेश, माता पार्वती और कार्तिकेय भगवान की भी विधिवत पूजा की गई। आरती के दौरान फलों और मिष्ठानों का भोग लगाने के बाद कपूर आरती की गई और अंत में भस्म अर्पित की गई। मान्यता है कि भस्म अर्पण के बाद भगवान महाकाल निराकार से साकार रूप में भक्तों को दर्शन देते हैं। भस्म आरती के समय पूरा मंदिर परिसर “जय महाकाल” के उद्घोष से गूंज उठा और बड़ी संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं ने दिव्य दर्शन का लाभ लिया। इस पवित्र अनुष्ठान का संचालन महानिर्वाणी अखाड़े की ओर से किया गया।
फिल्म देखते समय थिएटर में घुसी एसयूवी, रील और रियल के टकराव ने दर्शकों को किया हैरान

नई दिल्ली । सोशल मीडिया पर इन दिनों एक ऐसा वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है जिसे देखकर हर कोई दंग है. एक सिनेमा हॉल के अंदर फिल्म की स्क्रीनिंग चल रही थी और दर्शक शांति से फिल्म का आनंद ले रहे थे. तभी कुछ ऐसा हुआ जिसकी कल्पना थियेटर में बैठे किसी भी शख्स ने नहीं की थी. एक चलती हुई फिल्म के बीच अचानक एक असली एसयूवी गाड़ी स्क्रीन को फाड़ते हुए सीधे थियेटर के अंदर दाखिल हो गई. इस अजीबोगरीब और डरा देने वाले नजारे ने वहां मौजूद सभी लोगों के होश उड़ा दिए. रील लाइफ बन गई रीयल लाइफवायरल क्लिप में देखा जा सकता है कि सिनेमा हॉल खचाखच भरा हुआ है. फिल्म में एक बेहद इंटेंस कार चेस सीन चल रहा होता है जहां एक गाड़ी सीधे कैमरे की तरफ तेजी से आती हुई दिखती है. शुरुआत में दर्शकों को लगा कि यह फिल्म का ही कोई दमदार सीक्वेंस या स्पेशल इफेक्ट है. लेकिन अगले ही कुछ सेकेंड में जो हुआ उसने थियेटर के शांत माहौल को खौफ में बदल दिया. पर्दे पर दिखने वाली गाड़ी हकीकत में स्क्रीन को चीरते हुए हॉल के अंदर आ पहुंची. स्क्रीन तोड़कर घुसी महिंद्रा स्कॉर्पियोवीडियो में अचानक सिनेमा स्क्रीन के परखच्चे उड़ जाते हैं और एक असली महिंद्रा स्कॉर्पियो गाड़ी स्क्रीन के पीछे वाले हिस्से से हॉल के अंदर क्रैश कर जाती है. गाड़ी के टकराते ही पूरे थियेटर में धूल, मलबा और फटे हुए स्क्रीन के टुकड़े चारों तरफ बिखर जाते हैं. कार सीधे स्टेज एरिया के बेहद करीब आकर रुकती है. यह घटना किस शहर या किस सिनेमा हॉल की है, इसकी जानकारी अभी तक साफ नहीं हो पाई है. इस अचानक हुए हादसे से थियेटर में भारी भगदड़ मच गई. लोग अपनी सीटों से कूदकर एग्जिट गेट की तरफ भागने लगे, जबकि कुछ लोग सदमे में अपनी जगह पर ही जमे रह गए .सोशल मीडिया पर आया कमेंट्स का सैलाबयह पूरा वाकया इतना ज्यादा फिल्मी था कि पहली नजर में कई इंटरनेट यूजर्स को लगा कि यह कोई एडिटेड वीडियो है या फिर इसे एआई (AI) की मदद से बनाया गया है. लेकिन वीडियो में दर्शकों के असली रिएक्शन को देखकर मामला बेहद गंभीर और डरावना लग रहा है. जैसे ही यह वीडियो इंटरनेट पर आया, कमेंट सेक्शन में मीम्स और जोक्स की बाढ़ आ गई. कई लोगों ने इसे ‘रीयल लाइफ मूवी क्लाइमेक्स’ कहा तो कुछ ने इसे दुनिया का सबसे खतरनाक ‘4D सिनेमा एक्सपीरियंस’ करार दिया. वीडियो पर कमेंट करते हुए एक यूजर ने लिखा, ‘भाई, यहां तो रील सचमुच रीयल बन गई.’ वहीं एक अन्य यूजर ने मजाक करते हुए कहा, ‘यह अब तक का सबसे रीयलिस्टिक एक्शन सीन है.’ इसके साथ ही कई लोग अब इस बात पर भी सवाल उठा रहे हैं कि आखिर एक भारी-भरकम एसयूवी गाड़ी थियेटर के इतने अंदर तक कैसे पहुंच गई. कुछ लोगों का अनुमान है कि यह फिल्म के प्रमोशन के लिए किया गया कोई खतरनाक स्टंट भी हो सकता है. फिलहाल इंटरनेट पर यह क्लिप जमकर शेयर की जा रही है और लोग इसे देखकर हैरान हैं.