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अभिनेता से काम न मिलने की नाराजगी में धमकी तक पहुंचा युवक, वर्षों बाद फिर आपराधिक गतिविधियों में गिरफ्तार

नई दिल्ली ।  एसीपी गाजीपुर अनिद्य विक्रम सिंह के मुताबिक शारुख उर्फ शाहरुख उर्फ शेरा खान मूल रूप से प्रयागराज के शाहगंज का रहने वाला है। उसे बंधा रोड मजार के पास से गिरफ्तार किया गया है। छह मई को उसने क्षेत्र में रहने वाले विनय गुप्ता की पत्नी की झपट्टा मार कर चेन लूटी थी। बिना नंबर की बाइक से वारदात की थी। वाहन चेकिंग के दौरान उसे गिरफ्तार किया गया है। शारुख के खिलाफ धूमनगंज, शाहगंज, करेली समेत अन्य थानों में हत्या के प्रयास, रंगदारी, बमबाजी समेत करीब 20 से अधिक मुकदमे दर्ज हैं। वह एक्टिंग करना चाह रहा था पर फिल्म एंडस्ट्री में कोई गाडफादर नहीं था। उसने कई बार काम मांगने के लिए सलमान खान से प्रयास किया था। फिल्म में काम न मिलने पर नवंबर 2018 में शारुख ने अभिनेता सलमान के पिता सलीम खान और उनके पीए को फोन कर धमकी दी थी। खुद को अंडरवर्ल्ड डॉन छोटा शकील का गुर्गा और फिर डीजीपी बताया था। फिल्मी दुनिया में ‘गॉडफादर’ की तलाश में थी हिस्ट्रीशीटर15 नवंबर 2018 को मुंबई के बांद्रा थाने में रिपोर्ट हुई थी। पुलिस ने 17 नवंबर को उसे गिरफ्तार किया था। शारुख ने मुंबई पुलिस की पूछताछ में बताया था कि फिल्मी दुनिया में ‘गॉडफादर’ की तलाश में था और सलमान खान से बात करके काम मांगना चाहता था। जमानत पर छूटने के बाद शेरा ने 8 जून 2019 को व्यापारी हमदान और 15 मार्च 2020 को फराज पर हमला किया था। 25 हजार का इनाम होने पर पुलिस ने उसे पकड़ा था। अप्रैल 2020 में करेली के अकबरनगर लूटकांड में आरोपी के पुलिस मुठभेड़ में पैर में गोली लगी थी। जुलाई 2023 में आरोपी शारुख एक फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हुई। फोटो में वह कार में रिवॉल्वर लहराता हुआ नजर आ रहा था। माफिया अतीक का करीबी बताकर जान लेने और देने की बात कहीइंस्पेक्टर गाजीपुर राजेश मौर्या के मुताबिक शारुख का एक ऑडियो भी पुलिस को मिला था। उसमें वह खुद को छोटा शकील का आदमी बताते हुए धमकी दे रहा था। इसके अलावा उसने माफिया अतीक अहमद का खुद को करीबी बताया। अतीक के लिए अपनी ‘जान देने और लेने’ की बात भी कही।

सोना-चांदी की चमक पड़ी फीकी, एक हफ्ते में सोना ₹1,000 और चांदी ₹2,600 से ज्यादा सस्ती

नई दिल्ली । इस सप्ताह घरेलू सर्राफा बाजार में कीमती धातुओं की चमक थोड़ी फीकी पड़ गई है। सोने और चांदी दोनों के दामों में गिरावट दर्ज की गई है, जिससे निवेशकों और ज्वैलरी बाजार से जुड़े कारोबारियों के बीच हलचल देखने को मिल रही है। पिछले कुछ दिनों में लगातार उतार-चढ़ाव के बाद इस सप्ताह सोना करीब एक हजार रुपये से अधिक और चांदी दो हजार रुपये से ज्यादा सस्ती हो गई है। कीमतों में आई इस नरमी ने उन लोगों के लिए राहत भी दी है जो लंबे समय से खरीदारी की योजना बना रहे थे, जबकि निवेशकों के लिए यह एक अस्थिर संकेत माना जा रहा है। इंडिया बुलियन ज्वेलर्स एसोसिएशन के ताजा आंकड़ों के अनुसार 24 कैरेट सोने की कीमत इस सप्ताह लगभग 1,257 रुपये की गिरावट के साथ 1,56,463 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गई है। इससे पहले यह स्तर 1,58,720 रुपये प्रति 10 ग्राम के करीब था। इसी तरह 22 कैरेट और 18 कैरेट सोने की कीमतों में भी गिरावट देखने को मिली है, जिससे ज्वैलरी सेगमेंट में कीमतों का दबाव साफ नजर आ रहा है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि हाल के दिनों में वैश्विक आर्थिक संकेतकों में बदलाव और अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव का असर सीधे घरेलू कीमतों पर दिखाई दे रहा है। इस सप्ताह सोने की कीमतों में दिन-प्रतिदिन उतार-चढ़ाव भी दर्ज किया गया, जहां 25 मई को इसका उच्चतम स्तर देखने को मिला, जबकि 27 मई को इसमें सबसे निचला स्तर दर्ज किया गया। यह दर्शाता है कि बाजार में अस्थिरता बनी हुई है और निवेशक अभी भी सुरक्षित निवेश विकल्पों की तलाश में हैं। दूसरी ओर चांदी के बाजार में भी इसी तरह का रुझान देखने को मिला, जहां कीमतों में तेज गिरावट दर्ज की गई। चांदी की कीमत इस सप्ताह करीब 2,650 रुपये प्रति किलोग्राम की गिरावट के साथ 2,63,350 रुपये पर पहुंच गई है। इससे पहले यह स्तर 2,66,000 रुपये के आसपास था। सप्ताह के दौरान चांदी ने 2,71,100 रुपये के उच्च स्तर और 2,60,917 रुपये के न्यूनतम स्तर को भी छुआ, जो इसकी अस्थिरता को स्पष्ट रूप से दर्शाता है। औद्योगिक मांग और वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों में बदलाव का प्रभाव चांदी की कीमतों पर अधिक दिखाई देता है, जिसके कारण इसमें उतार-चढ़ाव अपेक्षाकृत तेज रहता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी कीमती धातुओं के भाव में नरमी देखने को मिली है। डॉलर आधारित बाजार में सोना और चांदी दोनों ही अपने हालिया उच्च स्तरों से नीचे आए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता, महंगाई को लेकर बनी चिंताएं और भू-राजनीतिक तनाव जैसे कारक कीमती धातुओं की कीमतों को प्रभावित कर रहे हैं। इसके अलावा कच्चे तेल की ऊंची कीमतें और वैश्विक व्यापार परिस्थितियां भी इस दबाव में योगदान दे रही हैं। हालांकि दीर्घकालिक दृष्टि से सोने और चांदी ने निवेशकों को मजबूत रिटर्न दिया है। पिछले एक वर्ष में इन दोनों धातुओं ने उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि लंबी अवधि के निवेशकों के लिए ये अब भी आकर्षक विकल्प बने हुए हैं। मौजूदा गिरावट को बाजार विशेषज्ञ एक अस्थायी सुधार के रूप में भी देख रहे हैं, जो तेजी के लंबे दौर के बाद सामान्य बाजार प्रक्रिया का हिस्सा हो सकता है। वर्तमान स्थिति में सर्राफा बाजार में सतर्कता का माहौल बना हुआ है और निवेशक आगे के वैश्विक संकेतों पर नजर बनाए हुए हैं। आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय आर्थिक परिस्थितियों और डॉलर की चाल के आधार पर कीमती धातुओं की कीमतों में फिर से बदलाव देखने को मिल सकता है। Google Photo Search Suggestion:gold silver price fall India bullion market coins bars jewelry shop India 2026

GWALIOR MISSING GIRL CASE: 5 दिन बाद मिला लापता छात्रा का शव, सौतेले बाप ने दफनाया शव; सामने आए चौकाने वाले खुलासे?

MISSING GIRL CASE

HIGHLIGHTS: 12 वर्षीय छात्रा 25 मई से लापता थी भिंड में सिंध नदी किनारे मिला शव सौतेले पिता ने आत्महत्या का दावा किया पुलिस हत्या के एंगल से भी जांच कर रही मां और सौतेले पिता से पूछताछ जारी   GWALIOR MISSING GIRL CASE: ग्वालियर। पांच दिन पहले घर से लापता हुई 12 साल की बच्ची की तालाश पुलिस कर रही थी और फिर सामने आया एक ऐसा सच जिसने पूरे मामले को रहस्य में बदल दिया। ग्वालियर के सिरोल इलाके से गायब हुई छात्रा का शव भिंड जिले के मौ क्षेत्र की सिंध नदी के किनारे मिला, शव की हालत बेहद खराब थी। इंदौर के छावनी क्षेत्र में तोड़फोड़ के खिलाफ विरोध तेज, ‘न्याय रैली’ आज सौतेले पिता के बयान से बढ़ा शक मामले में नया मोड़ तब आया जब बच्ची के सौतेले पिता ने दावा किया कि 24 मई को उसने बच्ची ने घर में फांसी लगा ली थी। जिसके बाद पिता बदनामी और पुलिस के डर से वह शव को भिंड ले गया और नदी किनारे दफना दिया। हालांकि पुलिस को उसकी बात पर अभी भी संदेह है, गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराने के बाद से ही उसके बयानों में कई सवाल खड़े हो रहे थे। भोपाल की वॉटर स्पोर्ट्स एकेडमी में 13 वर्षीय खिलाड़ी के साथ विवाद और आरोपों का मामला हर एंगल से जांच कर रही पुलिस 29 मई की रात शव बरामद होने के बाद पुलिस ने बच्ची की मां और सौतेले पिता को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि मामले को सिर्फ आत्महत्या मानकर नहीं देखा जा सकता है। पुलिस का है कि हत्या समेत सभी संभावित पहलुओं की जांच की जा रही है। साथ ही पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि घटना के बाद वास्तव में क्या हुआ था। भोपाल: बशीर बद्र की याद में जुटेगा साहित्यिक जगत, राज सदन में होगी श्रद्धांजलि सभा पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से खुलेगा राज बच्ची के शव को पोस्टमॉर्टम और फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया गया है। शव की स्थिति खराब होने के कारण मेडिकल बोर्ड से परीक्षण कराया जाएगा। फिलहाल पूरे मामले की गुत्थी पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट पर टिकी है। रिपोर्ट आने के बाद ही यह साफ हो सकेगा कि बच्ची की मौत की असली वजह क्या थी और सौतेले पिता का दावा कितना सच है।

सिंहस्थ 2028 की तैयारी तेज, उज्जैन के 100 चौराहे बनेंगे हाईटेक

उज्जैन । उज्जैन में आगामी सिंहस्थ 2028 को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने बड़े स्तर पर शहरी विकास कार्यों को गति दे दी है। श्रद्धालुओं की संभावित भारी भीड़ और यातायात व्यवस्था को सुचारु रखने के लिए शहर के 100 प्रमुख चौराहों को हाईटेक बनाने की योजना पर काम शुरू हो गया है। प्रशासन के अनुसार, इन चौराहों को आधुनिक तकनीक से लैस किया जाएगा, जहां ट्रैफिक सिग्नल और कैमरों की लाइव फीड सीधे एक केंद्रीय कंट्रोल रूम से जुड़ी होगी। इससे शहर के किसी भी हिस्से में ट्रैफिक दबाव या भीड़ बढ़ने की स्थिति पर तुरंत निगरानी और कार्रवाई संभव हो सकेगी। कलेक्टर रौशन सिंह ने बताया कि शहर में पहले से ही सड़क चौड़ीकरण और नए मार्गों के विकास का काम चल रहा है। 60 से अधिक सड़कों को चार और छह लेन में विकसित किया जा रहा है, ताकि यातायात का प्रवाह निर्बाध बना रहे। इसके बाद चरणबद्ध तरीके से चौराहों का आधुनिकीकरण किया जाएगा। नई योजना में सभी चौराहों पर लेफ्ट टर्न और यू-टर्न को विशेष रूप से डिजाइन किया जाएगा, जिससे ट्रैफिक जाम की स्थिति कम हो और वाहनों की आवाजाही तेज हो सके। प्रशासन का दावा है कि इन हाईटेक चौराहों के जरिए पूरे शहर की रियल टाइम मॉनिटरिंग संभव होगी। कंट्रोल रूम से निगरानी के माध्यम से न केवल ट्रैफिक व्यवस्था सुधरेगी बल्कि सिंहस्थ के दौरान आने वाले लाखों श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षित और व्यवस्थित आवागमन सुनिश्चित किया जा सकेगा। लक्ष्य है कि सिंहस्थ 2028 से पहले सभी प्रस्तावित काम पूरे कर लिए जाएं, ताकि आयोजन के दौरान शहर की व्यवस्था को आधुनिक और प्रभावी बनाया जा सके।

CNG और PNG के दाम बढ़े, मुंबई में सफर से लेकर रसोई तक महंगा होगा जीवन; किराया बढ़ाने की मांग तेज

नई दिल्ली। देश की आर्थिक राजधानी मुंबई और उससे जुड़े महानगर क्षेत्र के लाखों लोगों को महंगाई का एक और झटका लगा है। घरेलू रसोई से लेकर रोजमर्रा के सफर तक अब अतिरिक्त खर्च का बोझ बढ़ने वाला है। महानगर क्षेत्र में संपीड़ित प्राकृतिक गैस (CNG) और पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) की कीमतों में बढ़ोतरी लागू कर दी गई है, जिसका सीधा असर आम उपभोक्ताओं, वाहन चालकों और सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करने वाले यात्रियों पर पड़ेगा। गैस दरों में हुई इस वृद्धि ने एक बार फिर शहरी जीवनयापन की बढ़ती लागत को चर्चा के केंद्र में ला दिया है। नई दरों के अनुसार CNG की कीमत में प्रति किलोग्राम 2 रुपये की बढ़ोतरी की गई है, जिसके बाद इसकी कीमत 86 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई है। वहीं घरेलू उपयोग के लिए उपलब्ध पाइप्ड नेचुरल गैस की दर में 50 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि की गई है और अब उपभोक्ताओं को 52 रुपये प्रति यूनिट की दर से भुगतान करना होगा। इस फैसले का असर महानगर क्षेत्र के 31 लाख से अधिक परिवारों पर पड़ेगा, जो घरेलू रसोई के लिए पाइप्ड गैस का उपयोग करते हैं। इसके साथ ही लाखों लोग जो रोजाना CNG आधारित वाहनों से यात्रा करते हैं, उन्हें भी अप्रत्यक्ष रूप से अतिरिक्त खर्च वहन करना पड़ सकता है। गैस वितरण क्षेत्र से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि वैश्विक ऊर्जा बाजार में बढ़ती अनिश्चितता और गैस खरीद की लागत में लगातार हो रही वृद्धि के कारण कीमतों में संशोधन आवश्यक हो गया था। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला पर दबाव, कच्चे तेल की ऊंची कीमतें, महंगे गैस स्रोतों पर निर्भरता और मुद्रा विनिमय दरों में उतार-चढ़ाव जैसे कारकों ने गैस खरीद को पहले की तुलना में अधिक महंगा बना दिया है। इसी बढ़ी हुई लागत का प्रभाव अब उपभोक्ताओं तक पहुंचा है। गैस कीमतों में वृद्धि के बाद ऑटो-रिक्शा और टैक्सी संगठनों ने भी किराए में संशोधन की मांग को तेज कर दिया है। उनका कहना है कि लगातार बढ़ती ईंधन लागत के बीच मौजूदा किराया ढांचा वाहन संचालन की वास्तविक लागत को पूरा नहीं कर पा रहा है। परिवहन क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधियों का मानना है कि यदि किराए में समय रहते संशोधन नहीं किया गया तो वाहन चालकों की आय पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है। इसी कारण बेस किराए में वृद्धि की मांग संबंधित प्राधिकरणों के समक्ष रखे जाने की तैयारी की जा रही है। टैक्सी संगठनों ने भी ईंधन लागत बढ़ने का हवाला देते हुए किराए में बढ़ोतरी की आवश्यकता जताई है। उनका तर्क है कि पिछले कुछ महीनों के दौरान CNG की कीमतों में कई बार संशोधन किया गया है, जिससे संचालन व्यय लगातार बढ़ा है। यदि किराए में संशोधन की अनुमति मिलती है तो इसका असर प्रतिदिन यात्रा करने वाले लाखों यात्रियों की जेब पर भी दिखाई देगा। विशेष रूप से चिंता की बात यह है कि मई महीने में CNG की कीमतों में यह दूसरी बड़ी बढ़ोतरी है। इससे पहले भी इसी महीने कीमतों में वृद्धि की गई थी, जबकि अप्रैल में भी दरों में इजाफा देखा गया था। लगातार बढ़ती कीमतों के कारण परिवहन क्षेत्र से जुड़े लोगों के साथ-साथ आम उपभोक्ताओं की चिंताएं बढ़ रही हैं। मुंबई महानगर क्षेत्र में 12 लाख से अधिक वाहन CNG पर निर्भर हैं। इनमें बड़ी संख्या में ऑटो-रिक्शा, टैक्सियां, निजी कारें, बसें और मालवाहक वाहन शामिल हैं। सार्वजनिक परिवहन सेवाओं में भी CNG की महत्वपूर्ण भूमिका है, जिसके कारण कीमतों में होने वाला कोई भी बदलाव सीधे तौर पर लाखों यात्रियों और पूरे शहरी परिवहन तंत्र को प्रभावित करता है। ऐसे में आने वाले दिनों में गैस दरों के प्रभाव और संभावित किराया वृद्धि पर सभी की नजर बनी रहेगी।

उज्जैन में नौतपा के बीच मौसम ने ली करवट, तेज बारिश और ठंडी हवाओं से राहत

उज्जैन । उज्जैन में नौतपा के छठे दिन शनिवार सुबह अचानक मौसम बदल गया। तेज बारिश और ठंडी हवाओं ने भीषण गर्मी से जूझ रहे लोगों को बड़ी राहत दी। पिछले कई दिनों से जारी लू और उमस के बीच तापमान में भी उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई। सुबह करीब 7 बजे शहर में तेज बारिश शुरू हुई और ठंडी हवाओं ने वातावरण को सुहावना बना दिया। शासकीय जीवाजी वेधशाला के अनुसार, सुबह का तापमान लगभग 27 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो पिछले दिनों की तुलना में काफी कम है। बीते दिनों में उज्जैन लगातार गर्मी की चपेट में था। 28 मई को अधिकतम तापमान 42.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था, जबकि 29 मई को यह लगभग 40 डिग्री रहा। रात के समय भी तापमान 27 से 28 डिग्री के बीच बना रहने से लोगों को राहत नहीं मिल पा रही थी। लगातार बढ़ती गर्मी के बीच हवा में नमी का स्तर भी अधिक रहा, जिससे उमस और बेचैनी बढ़ गई थी। ऐसे में शनिवार सुबह हुई बारिश ने मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल दिया। मौसम विभाग के अनुसार, दिन का अधिकतम तापमान 37 से 39 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है, जबकि रात में भी बारिश की संभावना बनी हुई है। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि यह राहत अस्थायी हो सकती है और गर्मी का असर अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। बारिश के बाद शहर के लोगों ने राहत महसूस की और लंबे समय से चल रही भीषण गर्मी से कुछ समय के लिए राहत मिली।

बाजार में भारी बिकवाली के बीच चुनिंदा शेयरों का दमदार प्रदर्शन, एक महीने में 20% तक का रिटर्न

नई दिल्ली । सप्ताह और महीने के अंतिम कारोबारी दिन घरेलू शेयर बाजार में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 1092 अंकों की बड़ी गिरावट के साथ बंद हुआ, जिससे बाजार में व्यापक दबाव का माहौल बना रहा। अधिकांश क्षेत्रों में बिकवाली हावी रही और निवेशकों की सतर्कता साफ दिखाई दी। इसके बावजूद कुछ चुनिंदा लार्ज-कैप शेयरों ने बाजार की इस कमजोरी को पूरी तरह नजरअंदाज करते हुए नया 52-वीक हाई हासिल किया। इन कंपनियों के प्रदर्शन ने यह संकेत दिया कि मजबूत बुनियादी स्थिति और भविष्य की विकास संभावनाएं रखने वाले शेयरों में निवेशकों का भरोसा अब भी कायम है। बाजार में गिरावट के बीच नौ प्रमुख कंपनियों के शेयर एक साल के अपने सर्वोच्च स्तर तक पहुंचने में सफल रहे। किसी भी शेयर का 52-वीक हाई पर पहुंचना निवेशकों के सकारात्मक दृष्टिकोण और उस कंपनी की संभावित विकास क्षमता का महत्वपूर्ण संकेत माना जाता है। ऐसे समय में जब व्यापक बाजार दबाव में हो और प्रमुख सूचकांक लाल निशान में कारोबार कर रहे हों, तब चुनिंदा शेयरों का रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचना उनकी विशेष मजबूती को दर्शाता है। सबसे अधिक ध्यान आकर्षित करने वाला शेयर सोलर इंडस्ट्रीज इंडिया रहा। कंपनी के शेयर ने नया उच्च स्तर बनाते हुए पिछले एक महीने में लगभग 20 प्रतिशत का मजबूत रिटर्न दिया। इसी तरह अक्षय ऊर्जा क्षेत्र की प्रमुख कंपनी अडानी ग्रीन एनर्जी ने भी शानदार प्रदर्शन किया और करीब 19 प्रतिशत की बढ़त दर्ज करते हुए नया 52-वीक हाई हासिल किया। ऊर्जा क्षेत्र में बढ़ती मांग और दीर्घकालिक निवेश संभावनाओं ने इन कंपनियों के प्रति निवेशकों का विश्वास मजबूत किया है। सीमेंस एनर्जी इंडिया और पॉलीकैब इंडिया भी इस सूची में प्रमुख रूप से शामिल रहे। दोनों कंपनियों के शेयरों में पिछले एक महीने के दौरान लगभग 17 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई। बिजली, ऊर्जा अवसंरचना और औद्योगिक विकास से जुड़ी परियोजनाओं में बढ़ती गतिविधियों का लाभ इन कंपनियों को मिलता दिखाई दे रहा है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि देश में जारी इंफ्रास्ट्रक्चर विस्तार और ऊर्जा क्षेत्र में निवेश की संभावनाएं इन कंपनियों के लिए सकारात्मक कारक बनी हुई हैं। ऑटो कंपोनेंट क्षेत्र की प्रमुख कंपनी समवर्धना मदरसन इंटरनेशनल ने भी निवेशकों को प्रभावित किया। कंपनी के शेयर ने नया रिकॉर्ड स्तर छूते हुए पिछले एक महीने में करीब 14 प्रतिशत का रिटर्न दिया। वहीं अडानी पावर ने लगभग 12 प्रतिशत की तेजी के साथ नया 52-वीक हाई बनाया, जिससे ऊर्जा क्षेत्र में निवेशकों की बढ़ती रुचि का संकेत मिला। धातु क्षेत्र की बड़ी कंपनी हिंदाल्को इंडस्ट्रीज भी नए उच्च स्तर तक पहुंचने में सफल रही। वैश्विक मांग में सुधार और औद्योगिक गतिविधियों में तेजी की उम्मीदों ने कंपनी के शेयरों को समर्थन दिया। इसी क्रम में अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस ने भी नया रिकॉर्ड स्तर हासिल किया और पिछले एक महीने में सकारात्मक रिटर्न दर्ज किया। ऊर्जा ट्रांसमिशन और वितरण क्षेत्र में कंपनी की मजबूत उपस्थिति निवेशकों को आकर्षित करती रही है। JSW एनर्जी भी उन चुनिंदा कंपनियों में शामिल रही जिन्होंने बाजार की कमजोरी के बीच मजबूती दिखाई। भले ही इसकी मासिक बढ़त अन्य शेयरों की तुलना में अपेक्षाकृत कम रही, लेकिन नया 52-वीक हाई बनाना कंपनी के प्रति निवेशकों के भरोसे को दर्शाता है। बाजार विश्लेषकों के अनुसार, व्यापक गिरावट के बावजूद इन शेयरों का रिकॉर्ड स्तर तक पहुंचना यह बताता है कि निवेशक अभी भी मजबूत व्यवसाय मॉडल, बेहतर आय संभावनाओं और दीर्घकालिक विकास क्षमता वाली कंपनियों पर दांव लगाने को तैयार हैं। आने वाले समय में इन शेयरों की चाल पर बाजार प्रतिभागियों और निवेशकों की विशेष नजर बनी रहने की संभावना है।

इंदौर के छावनी क्षेत्र में तोड़फोड़ के खिलाफ विरोध तेज, ‘न्याय रैली’ आज

इंदौर।  इंदौर के छावनी क्षेत्र में सड़क चौड़ीकरण के नाम पर हुई तोड़फोड़ को लेकर अब राजनीतिक और सामाजिक विरोध तेज हो गया है। जनहित पार्टी ने नगर निगम और प्रशासन की कार्रवाई को “अमानवीय” बताते हुए शनिवार शाम 7 बजे ‘न्याय रैली’ निकालने की घोषणा की है। पार्टी का आरोप है कि छावनी क्षेत्र की 136 साल पुरानी बसाहट को बिना उचित प्रक्रिया, बिना सहमति और बिना पर्याप्त मुआवजा दिए तोड़ दिया गया। दावा किया गया है कि कई लोगों को केवल दो दिन पहले सूचना दी गई और फिर भारी पुलिस बल व जेसीबी मशीनों के साथ कार्रवाई शुरू कर दी गई, जिससे लोगों को अपना सामान तक निकालने का समय नहीं मिला। विरोध कर रही पार्टी का कहना है कि कई प्रभावित परिवारों के पास संपत्तियों की वैध रजिस्ट्री मौजूद है, बावजूद इसके बड़े पैमाने पर मकानों और दुकानों को ध्वस्त किया गया। आरोप यह भी है कि जहां 10 फीट तक हटाने की बात थी, वहां कई जगह 20 फीट तक निर्माण गिरा दिया गया। जनहित पार्टी ने मांग की है कि प्रभावित लोगों को बाजार मूल्य से दोगुना मुआवजा दिया जाए, एफएआर और टीडीआर जैसे नियमों पर पुनर्विचार हो और छोटे व्यापारियों व फेरी वालों की आजीविका सुरक्षित रखी जाए। साथ ही शहर के विकास कार्यों में पारदर्शिता और सहमति को अनिवार्य करने की मांग उठाई गई है। पार्टी ने नागरिकों से अपील की है कि वे इस मुद्दे पर एकजुट होकर अपनी आवाज उठाएं, क्योंकि उनका कहना है कि यदि ऐसे ही कार्रवाई चलती रही तो अन्य पुराने क्षेत्रों पर भी इसका असर पड़ सकता है। इस कार्रवाई के दौरान हुए नुकसान और विरोध के चलते मामला अब पूरी तरह राजनीतिक रूप लेता जा रहा है और शहर में तनाव का माहौल बना हुआ है।

इंदौर में देर रात बड़ा सड़क हादसा: दो कारों की टक्कर में एक वाहन पलटा, शराब की बोतलें मिलने से हड़कंप

इंदौर । इंदौर के बीआरटीएस स्थित रसोमा चौराहे पर देर रात तेज रफ्तार में दो कारों की आमने-सामने भिड़ंत हो गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि एक कार कई बार पलट गई, जबकि दूसरा वाहन भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे में एक चालक गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे स्थानीय लोगों की मदद से अस्पताल पहुंचाया गया। पुलिस के अनुसार यह हादसा शुक्रवार देर रात करीब 3 बजे हुआ। एक कार मेदांता अस्पताल की ओर से और दूसरी एलआईजी क्षेत्र की तरफ से आ रही थी। चौराहे पर पहुंचते ही दोनों वाहनों में जबरदस्त टक्कर हो गई, जिससे सड़क पर अफरा-तफरी मच गई। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि टक्कर की आवाज इतनी तेज थी कि आसपास के लोग घरों और दुकानों से बाहर निकल आए। एलआईजी की ओर से आ रही कार अनियंत्रित होकर दो बार पलट गई। इस कार में सवार देव चौहान को गंभीर चोटें आईं, खासकर कंधे में फ्रैक्चर बताया जा रहा है। घटना के बाद एक कार में सवार युवतियों के मौके से चले जाने की बात सामने आई है। पुलिस के पहुंचने से पहले वे वहां से जा चुकी थीं। कार के अंदर शराब की तीन बोतलें मिलने से मामला और गंभीर हो गया है, हालांकि पुलिस ने अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद करने की बात कही है। वहीं, एयरबैग खुलने के कारण दूसरी कार में सवार लोगों की जान बाल-बाल बच गई। पुलिस ने दोनों वाहनों को जब्त कर लिया है और सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। प्रारंभिक जांच में तेज रफ्तार और संभावित नशे में ड्राइविंग को हादसे की वजह माना जा रहा है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। 

इंदौर में स्वच्छता व्यवस्था पर सवाल: निगमकर्मियों पर खुले में कचरा फेंकने और जलाने के आरोप

इंदौर। इंदौर में देश की सबसे स्वच्छ शहरों की सूची में लगातार शीर्ष पर रहने वाली छवि पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। ताजा मामलों में नगर निगम के कर्मचारियों पर ही खुले में कचरा डंप करने और उसे रात के समय जलाने के आरोप लगे हैं, जिससे रहवासी इलाकों में धुआं और बदबू फैलने से लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। वार्ड क्रमांक-53, नेत्रराम का बगीचा और डेली कॉलेज के सामने जैसे इलाकों से सामने आए वीडियो में ट्रैक्टर-ट्रॉली से कचरा लाकर बीच रहवासी क्षेत्र में फेंका जाता दिख रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि दिन में खुले में कचरा डाला जाता है और रात होते ही उसी कचरे में आग लगा दी जाती है, जिससे पूरा इलाका धुएं से भर जाता है। रहवासियों का कहना है कि उन्होंने कई बार इसका विरोध किया, लेकिन निगमकर्मी नहीं मानते। स्थिति तब और गंभीर हो गई जब 27 मई की रात कचरे में लगी आग ने विकराल रूप ले लिया और फायर ब्रिगेड को घंटों मशक्कत करनी पड़ी। वहीं 28 मई को भी दरोगा की मौजूदगी में कचरा डंप किए जाने का वीडियो सामने आया है। सूत्रों के मुताबिक पिछले दो महीनों में शहर में कचरा जलाने की 50 से अधिक शिकायतें फायर ब्रिगेड तक पहुंच चुकी हैं। औसतन रोजाना दो से तीन ऐसी घटनाएं दर्ज हो रही हैं, जिनमें कई बार आग आसपास की दुकानों और संपत्तियों तक पहुंचकर नुकसान भी पहुंचा चुकी है। नगर निगम की ओर से वार्ड पार्षद ने इस मामले को गंभीर बताते हुए अधिकारियों से शिकायत की है और कचरे के वैज्ञानिक निस्तारण की बात कही है। वहीं जोन प्रभारी ने जांच के आदेश देते हुए कहा है कि दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह मामला स्वच्छता सर्वेक्षण के दौरान सामने आने से नगर निगम की कार्यप्रणाली और कचरा प्रबंधन व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।