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‘किसी को बैन करने का अधिकार नहीं’, प्रोड्यूसर ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया

नई दिल्ली । अभिनेता Ranveer Singh और फिल्म Don 3 को लेकर चल रहा विवाद अब अदालत तक पहुंच गया है। वरिष्ठ फिल्म निर्माता T.P. Aggarwal ने Federation of Western India Cine Employees द्वारा रणवीर सिंह के खिलाफ घोषित गैर-सहयोग (नॉन-कोऑपरेशन) के फैसले को चुनौती देते हुए कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। क्या है मामला?रिपोर्ट्स के अनुसार, रणवीर सिंह के डॉन 3 से अलग होने के बाद FWICE ने उनके खिलाफ नॉन-कोऑपरेशन की घोषणा की थी। संगठन का कहना था कि मामला सुलझने तक उससे जुड़े सदस्य अभिनेता के साथ काम नहीं करेंगे। टीपी अग्रवाल ने क्या कहा?पूर्व Film Federation of India अध्यक्ष टीपी अग्रवाल ने मुंबई की दिंडोशी सिविल कोर्ट में FWICE और Indian Motion Picture Producers Association के खिलाफ याचिका दायर की है। उनका तर्क है कि किसी भी फिल्म संगठन या ट्रेड बॉडी को किसी कलाकार को काम करने से रोकने का कानूनी अधिकार नहीं है। उनके अनुसार, ऐसे फैसले कलाकारों की आजीविका, काम करने की स्वतंत्रता और रचनात्मक अभिव्यक्ति पर सीधा असर डालते हैं। विवाद की जड़साल 2023 में रणवीर सिंह को डॉन 3 में नए डॉन के रूप में कास्ट किया गया था। फिल्म के निर्देशक Farhan Akhtar ने इसका टीजर भी जारी किया था, जिसे दर्शकों का अच्छा रिस्पॉन्स मिला था। बाद में खबरें आईं कि रचनात्मक मतभेदों के चलते रणवीर इस प्रोजेक्ट से दूर हो गए। अब आगे क्या?मामला अब अदालत में पहुंच चुका है, इसलिए यह देखना दिलचस्प होगा कि कोर्ट फिल्म संगठनों की शक्तियों और कलाकारों के काम करने के अधिकार को लेकर क्या रुख अपनाती है। इस फैसले का असर भविष्य में फिल्म इंडस्ट्री में कलाकारों और संगठनों के बीच होने वाले विवादों पर भी पड़ सकता है। यह मामला केवल रणवीर सिंह तक सीमित नहीं माना जा रहा, बल्कि फिल्म उद्योग में ट्रेड बॉडी की भूमिका और उनके अधिकारों पर भी एक बड़ी बहस छेड़ सकता है।

बजरंगबली को प्रिय हैं ये भोग, बड़ा मंगल पर मिलेगा विशेष आशीर्वाद

नई दिल्ली । ज्येष्ठ मास के पांचवें बड़े मंगल का पर्व आज 2 जून 2026 को श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार बड़े मंगल के दिन भगवान हनुमान की विशेष पूजा-अर्चना करने से जीवन के संकट दूर होते हैं, आत्मविश्वास में वृद्धि होती है और ग्रहों के अशुभ प्रभाव कम होते हैं। इस दिन बजरंगबली को उनके प्रिय भोग अर्पित करने का विशेष महत्व बताया गया है। मान्यता है कि सच्चे मन से हनुमान जी की आराधना करने वाले भक्तों पर उनकी विशेष कृपा बरसती है। बड़े मंगल के अवसर पर कुछ विशेष भोग चढ़ाने से मनोकामनाओं की पूर्ति और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है। 1. बूंदी का भोगहनुमान जी को बूंदी अत्यंत प्रिय मानी जाती है। बड़े मंगल के दिन पूजा के बाद बूंदी का भोग लगाने से घर-परिवार में सुख, शांति और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। यह भोग भक्तों के जीवन में खुशहाली लाने वाला माना जाता है। 2. बेसन के लड्डूबेसन के लड्डू बजरंगबली के सबसे प्रिय प्रसादों में शामिल हैं। धार्मिक मान्यता है कि हनुमान जी को बेसन के लड्डू अर्पित करने और प्रसाद स्वरूप बांटने से बड़े से बड़े संकट दूर हो जाते हैं। इससे परिवार में समृद्धि और सौभाग्य का आगमन होता है। 3. भुने चने और गुड़हनुमान जी को गेंदे या कमल का फूल अर्पित करने के बाद भुने हुए चने और गुड़ का भोग चढ़ाना शुभ माना जाता है। कहा जाता है कि यह उपाय मंगल, शनि और अन्य ग्रहों के दोषों को शांत करने में सहायक होता है। साथ ही घर में चल रहे विवाद और कलह भी कम होते हैं। 4. मीठा पानधार्मिक मान्यताओं के अनुसार यदि कोई विशेष मनोकामना पूरी करनी हो तो हनुमान जी को गुलकंद युक्त मीठे पान का भोग अर्पित करना चाहिए। इससे रुके हुए कार्य पूरे होने लगते हैं और व्यक्ति का आत्मविश्वास मजबूत होता है। 5. इमरती या जलेबीबड़े मंगल के दिन इमरती या जलेबी का भोग चढ़ाने का भी विशेष महत्व है। मान्यता है कि इससे न केवल हनुमान जी की कृपा प्राप्त होती है, बल्कि अन्य देवी-देवताओं का भी आशीर्वाद मिलता है। यह भोग सफलता, आत्मबल और शुभ फल प्रदान करने वाला माना जाता है। सप्ताह के दिनों के अनुसार हनुमान जी के प्रिय भोगसोमवार : हलवामंगलवार : गुड़ के लड्डूबुधवार : पंचमेवागुरुवार : बूंदी या बूंदी के लड्डूशुक्रवार : केसर भातशनिवार : इमरतीरविवार : डंठल वाला पान बड़े मंगल के दिन हनुमान चालीसा, सुंदरकांड पाठ और राम नाम का जाप विशेष फलदायी माना गया है। श्रद्धा और भक्ति के साथ पूजा करने से भय, बाधाएं और नकारात्मक प्रभाव दूर होते हैं तथा जीवन में सफलता के नए मार्ग खुलते हैं।

Gwalior couple suicide: होटल में लोगों की अश्लील वीडियो बनाने पर हुए थे गिरफ्तार, बाहर आने के बाद प्रेमी जोड़े ने की आत्महत्या

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HIGHLIGHTS: सांक नदी में कूदकर प्रेमी युगल ने दी जान मौत से पहले सोशल मीडिया पर अपलोड किए 4 वीडियो परिवार पर लगाए प्रताड़ना और झूठे आरोपों के आरोप स्पाई कैमरा ब्लैकमेलिंग केस में पहले जा चुके थे जेल नदी से हाथ बंधे मिले दोनों के शव, जांच जारी   Gwalior couple suicide: मध्यप्रदेश। ग्वालियर के बहुचर्चित स्पाई कैमरा ब्लैकमेलिंग मामले से जुड़े प्रेमी युगल भूपेंद्र धाकड़ और राधा चौबे ने सांक नदी के पुल से छलांग लगाकर आत्महत्या कर ली। बताया जा रहा है कि मौत से पहले दोनों ने सोशल मीडिया पर चार वीडियो अपलोड किए, जिनमें उन्होंने अपनी मौत के लिए परिवार को जिम्मेदार ठहराया। पहला वीडियो भूपेंद्र- मैं भूपेंद्र धाकड़ कैलारस का रहने वाला हूं। मेरी मौत के जिम्मेदार मेरे पिता और मेरी पत्नी सरस्वती हैं, जो मुझ पर सोना चोरी करने का झूठा इल्जाम लगा रहे हैं। नीट विवाद: PM मोदी के जवाबदेही मॉडल की दिग्विजय सिंह ने की सराहना…. दूसरा वीडियो भूपेंद्र- मेरे घरवाले मुझपर चोरी का झूठा इल्जाम लगते हैं, जबकि चोरी मेरा भाई पवन करता है। उसने पहले भी कई बार मेरे पैसे निकले हैं। तीसरा वीडियो राधा – हम पर सोना चोरी का झूठा इल्जाम लगाया गया है और पवन इसका भाई हमसे बोलता है कि दोनों मर जाओ और सुबह न्यूज में खबर आनी चाहिए मरने की चौथा वीडियो भूपेंद्र – मेरे घर वाले झूठे हैं, पहले उन्होंने मेरी छोटी चची पर झूठा इल्जाम लगाया। फिर मुझ पर झुमकी चुराने का रूप लगाया जबकि झुमकी मेरे पिता और पत्नी सरस्वती ने ही मुझे दी थी, होटल खोलने के लिए। विपक्षी एकता दिखाने की फिर से तैयारी…. दिल्ली में महाबैठक करेगा INDIA’ गठबंधन 2 साल से था लव अफेयर बताया जा रहा है कि भूपेंद्र और राधा पिछले दो सालों से प्रेम संबंध में थे। अलग-अलग समुदाय से होने के कारण दोनों परिवार इस रिश्ते के खिलाफ थे। जिसके बाद दोनों ने मंदिर में शादी भी की थी, लेकिन परिवारों की नाराजगी बनी रही। पहले से शादीशुदा था भूपेंद्र परिजनों के अनुसार भूपेंद्र ने करीब तीन साल पहले पिता से 5 लाख रुपए लेकर जौरा में होटल शुरू किया था। इसी दौरान उसकी मुलाकात राधा से हुई। दोनों के बीच प्रेम संबंध बन गए। बाद में परिवार ने भूपेंद्र की शादी सरस्वती से करा दी, जिससे उसकी एक बेटी भी है। इसके बावजूद वह राधा के संपर्क में बना रहा। CM मोहन यादव का बड़ा ऐलान, बोले- MP में जल्द लागू किया जाएगा UCC, जनता से मांगे सुझाव भूपेंद्र और राधा अगस्त 2025 में सामने आए स्पाई कैमरा ब्लैकमेलिंग मामले के आरोपी भी रह चुके थे, जहां उनपर होटल में आए लोगों का अश्लील वीडियो बनाने का आरोप था। दोनों कुछ समय पहले ही जेल से बाहर आए थे। पुलिस को सांक नदी से दोनों के शव बरामद हुए, जिनके हाथ गमछे से बंधे हुए थे। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।

विपक्षी एकता दिखाने की फिर से तैयारी…. दिल्ली में महाबैठक करेगा INDIA' गठबंधन

नई दिल्ली। केंद्र सरकार (Central Government) को घेरने और विपक्षी एकता (Opposition unity) दिखाने के लिए ‘INDI’ गठबंधन दिल्ली में महाबैठक (General Meeting) करने जा रहा है। जानकारी के मुताबिक 8 जून को यह बैठक हो सकती है। इसमें केंद्र की मोदी सरकार की नीतियों का विरोध करने के लिए संयुक्त रणनीति पर चर्चा होनी है। बैठक में करीब 15 विपक्षी दलों के प्रतिनिधि भाग ले सकते हैं। ममता बनर्जी भी हो सकती हैं शामिलजानकारी के मुताबिक हाल के चुनाव में बंगाल में टीएमसी और तमिलनाडु में डीएमके की हार की समीक्षा और आगे की रणनीति पर चर्चा करने के लिए यह बैठक बुलाई गई है। सूत्रों ने बताया कि बैठक में कांग्रेस नेता राहुल गांधी, पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, शिवसेना (UBT) नेता उद्धव ठाकरे और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव आदि के भाग लेने की उम्मीद है। बता दें कि पश्चिम बंगाल की हार के बाद ममता बनर्जी की टीएमसी भी बड़े संकट का सामना कर रही है। सूत्रों का कहना है कि टीएमसी के अंदर विरोध काफी तेज हो गया है और टीएमसी के कई बड़े नेता बीजेपी का दामन थाम सकते हैं। उधर पार्टी महासचिव अभिषेक बनर्जी पर हमला हो गया जिसको लेकर ममता बनर्जी केंद्र पर आक्रामक हैं। वहीं खबरें यहां तक आ रही हैं कि पार्टी में ममता बनर्जी के कद पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। राहुल गांधी बोले- रीति और नीति को प्रसारित करेंराहुल गांधी ने एक दिन पहले ही पार्टी संगठन को सर्वोपरि बताते हुए कहा कि कार्यकर्ताओं को पार्टी की रीति और नीति को जन-जन तक पहुंचाना है। गांधी सोमवार को कांग्रेस की ओर से अजमेर के पुष्कर स्थित तिलोरा में आयोजित 10 दिवसीय सृजन संगठन चिंतन शिविर के समापन पर कार्यकर्ताओं को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने शिविर में जिला अध्यक्षों को संगठन के प्रति निष्ठा और एकजुटता का संदेश दिया। उन्होंने जिला अध्यक्षों को स्पष्ट कहा कि संगठन से सर्वोपरि कुछ भी नहीं है। पार्टी की रीति-नीति आम जनता के बीच प्रसारित कर कांग्रेस को और मजबूत किया जाए। शिविर को सफल बताते हुए कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि संगठन सृजन अभियान के साथ चिंतन शिविर से कांग्रेस के कार्यकर्ता में एक नया जोश पैदा होगा और नयी जिम्मेदारी के साथ कांग्रेस कार्यकर्ता जब पार्टी की रीति के साथ जब सड़कों पर उतरकर जनता के बीच जाएगा तो जनता का मत और समर्थन कांग्रेस को प्राप्त होगा। यही इस शिविर का मूल उद्देश्य भी है।

शनि प्रदोष व्रत 2026: शिव कृपा से शांत होंगे शनि दोष, साढ़ेसाती-ढैय्या से राहत पाने के लिए करें ये उपाय

नई दिल्ली । हिंदू धर्म में प्रदोष व्रत भगवान शिव को समर्पित माना जाता है। जब प्रदोष व्रत शनिवार के दिन पड़ता है, तो उसे शनि प्रदोष व्रत कहा जाता है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन भगवान शिव और शनि देव दोनों की आराधना करने से शनि दोष, साढ़ेसाती, ढैय्या और महादशा के कष्टों में राहत मिलती है। शनि प्रदोष व्रत 2026 कब है?त्रयोदशी तिथि प्रारंभ: 26 जून 2026, रात 10:22 बजेत्रयोदशी तिथि समाप्त: 27 जून 2026, रात 12:43 बजेशनि प्रदोष व्रत: शनिवार, 27 जून 2026प्रदोष काल पूजा मुहूर्त: शाम 4:49 बजे से रात 9:03 बजे तकप्रदोष काल में करें ये विशेष पूजा भगवान शिव की कृपा प्राप्त करने के लिए प्रदोष काल मेंशिवलिंग पर जल या गंगाजल अर्पित करें।बेलपत्र, धतूरा, आक के फूल और पुष्प चढ़ाएं।घी का दीपक और धूप जलाएं।“ॐ नमः शिवाय” मंत्र का जाप करें।शिव परिवार की पूजा करें।शनि दोष से राहत के लिए करें ये उपाययदि कुंडली में शनि की साढ़ेसाती, ढैय्या या महादशा चल रही है तो: पीपल के वृक्ष के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं।शनि देव को नीले या सफेद पुष्प अर्पित करें।“ॐ शं शनैश्चराय नमः” अथवा “ॐ शं शनिश्चराय नमः” मंत्र का कम से कम 108 बार जाप करें।काला तिल, काला चना, काले वस्त्र या भोजन का दान करें।जरूरतमंदों की सहायता करें। इस दिन क्या न करें?मांसाहार और शराब का सेवन न करें।किसी का अपमान या अनादर न करें।झूठ, क्रोध और कटु वचन से बचें।पिता, गुरु और बड़े भाई का अनादर न करें।पीपल वृक्ष के आसपास गंदगी न फैलाएं।साढ़ेसाती और ढैय्या के लिए प्रभावी मंत्र ॐ शं शनैश्चराय नममान्यता है कि इस मंत्र का नियमित जाप शनि की प्रतिकूलता को कम करने में सहायक माना जाता है। शनिवार के दिन श्रद्धा और नियमपूर्वक इसका जाप विशेष फलदायी माना जाता है। धार्मिक मान्यतशास्त्रों के अनुसार भगवान शिव को शनि देव का गुरु माना जाता है। इसलिए शनि प्रदोष व्रत पर शिव पूजा करने से शनि से जुड़े कष्टों में कमी आने और जीवन में सकारात्मकता बढ़ने की मान्यता है। हालांकि ज्योतिषीय प्रभाव व्यक्ति की जन्मकुंडली पर निर्भर करते हैं, इसलिए विशेष उपायों के लिए किसी योग्य ज्योतिषाचार्य से परामर्श लेना उचित माना जाता है।

हर समारोह में वंदे मातरम् के सभी अंतरे बजाने को अनिवार्य करना तर्कसंगत नहीं : शशि थरूर

नई दिल्ली। कांग्रेस सांसद शशि थरूर (Congress MP Shashi Tharoor) ने वंदे मातरम् (VANDAM MATARAM) के गायन को लेकर चल रही बहस के बीच बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि किसी भी आधिकारिक कार्यक्रम की शुरुआत और समापन पर राष्ट्रीय गीत के सभी पांच पदों का गायन करवाना उचित नहीं लगता। संवाददाताओं से बात करते हुए थरूर ने कहा कि वंदे मातरम का सभी सम्मान करते हैं, लेकिन हर समारोह में इसके सभी अंतरे बजाने को अनिवार्य करना तर्कसंगत नहीं है। कांग्रेस सांसद ने कहा, “वंदे मातरम राष्ट्रगीत है और जब इसे गाया जाता है तो हम सम्मानपूर्वक खड़े हो जाते हैं। इसका पहला अंतरा या शुरुआती दो अंतरे, ज्यादातर लोगों को मुंह जुबानी याद होते हैं।” थरूर ने बताया कि परंपरागत रूप से यह गीत किसी कार्यक्रम की शुरुआत में एक बार गाया जाता है, जबकि राष्ट्रगान अलग से, अक्सर अंत में बजाया जाता है। उन्होंने कहा, “अब वे चाहते हैं कि हर कार्यक्रम की शुरुआत में और अंत में पांचों अंतरे गाए जाएं। मुझे लगता है कि यह एक अनावश्यक थोपा हुआ नियम है।” थारूर ने इस बात पर जोर दिया कि उन्हें राष्ट्रगीत से कोई आपत्ति नहीं है। उन्होंने कहा, “हम सभी वंदे मातरम का सम्मान करते हैं। मैं खुशी-खुशी इसे आपके लिए गा सकता हूं।” राज्य सरकार और राज्यपाल के रुख में अंतर का संकेतकांग्रेस कार्यसमिति के सदस्य थरूर ने कहा कि केरल सरकार का रुख यह रहा है कि वंदे मातरम् का पूरा संस्करण गाना वैकल्पिक है। वहीं, उन्होंने संकेत दिया कि राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर की राय इससे अलग दिखाई देती है। थरूर के मुताबिक, इस मुद्दे पर अंतिम निर्णय की आवश्यकता पड़ सकती है क्योंकि संसद द्वारा ऐसा कोई कानून पारित नहीं किया गया है जो हर कार्यक्रम में पूरे गीत के गायन को अनिवार्य बनाता हो। उन्होंने इसे मुख्य रूप से परंपरा और प्रचलन से जुड़ा विषय बताया। ‘राष्ट्रीय गीत से कोई आपत्ति नहीं’थरूर ने स्पष्ट किया कि उन्हें वंदे मातरम् से कोई आपत्ति नहीं है। उन्होंने कहा कि सभी भारतीय इस राष्ट्रीय गीत का सम्मान करते हैं और वह स्वयं भी इसे खुशी से गा सकते हैं। उन्होंने एक पुस्तक विमोचन कार्यक्रम का उदाहरण देते हुए बताया कि नई दिल्ली में आयोजित उस कार्यक्रम में, जिसमें उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन मौजूद थे, वंदे मातरम् का पूरा संस्करण कार्यक्रम की शुरुआत और अंत दोनों समय बजाया गया था। ‘दर्शकों के लिए यह व्यावहारिक चुनौती बन जाती है’थरूर का कहना था कि अपेक्षाकृत लंबा और कम परिचित गीत जब एक ही कार्यक्रम में दो बार सुनाया जाता है तो दर्शकों के लिए लंबे समय तक खड़े रहना एक मुद्दा बन सकता है। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक आयोजनों में परंपरागत रूप से वंदे मातरम् का वही हिस्सा गाया जाता रहा है जिसकी अवधि लगभग राष्ट्रीय गान के बराबर होती है। यह स्वरूप लंबे समय से व्यापक रूप से स्वीकार किया जाता रहा है और लोगों द्वारा सम्मानित भी है। विवाद का सौहार्दपूर्ण समाधान निकलने की उम्मीदइस पूरे विवाद को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए थरूर ने उम्मीद जताई कि इसका समाधान आपसी समझ और सौहार्द के साथ निकलेगा। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति या प्रधानमंत्री जैसे संवैधानिक पदाधिकारियों की मौजूदगी वाले विशेष औपचारिक कार्यक्रमों में एक बार पूरा गीत गाए जाने को समझा जा सकता है। हालांकि, किसी छोटे कार्यक्रम में पूरे वंदे मातरम् का दो बार गायन करवाने के पीछे उन्हें कोई स्पष्ट तर्क नजर नहीं आता। उनके अनुसार यह व्यवस्था न तो विशेष रूप से व्यावहारिक है और न ही बहुत प्रभावी।

CM मोहन यादव का बड़ा ऐलान, बोले- MP में जल्द लागू किया जाएगा UCC, जनता से मांगे सुझाव

भोपाल। मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के मुख्यमंत्री मोहन यादव (Chief Minister Mohan Yadav) ने कहा कि राज्य में जल्द ही यूनिफॉर्म सिविल कोड (Uniform Civil Code.- UCC) लागू किया जाएगा. उन्होंने जनता से अपील की कि वे इस संबंध में अपने सुझाव एक नए शुरू किए गए खास पोर्टल पर भेजें. मीडिया को दिए एक बयान में यादव ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के एक रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में बनी 6 सदस्यों की एक कमेटी राज्य में UCC लागू करने के मुद्दे पर धार्मिक नेताओं की राय लेगी. उन्होंने कहा, “आज के समय में धार्मिक, सामाजिक या पारिवारिक मतभेदों की कोई जरूरत नहीं है; अब UCC की ओर बढ़ने की जरूरत है, और मैं जनता से अपील करता हूं कि वे वेबसाइट पर अपने सुझाव साझा करें.” उन्होंने कहा कि चाहे महिलाओं से जुड़े तलाक के मामले हों, पारिवारिक परंपराएं हों, या अलग-अलग धार्मिक रीति-रिवाज हों, अब उनमें किसी भी तरह के कानूनी और सामाजिक भेदभाव की कोई जरूरत नहीं है. मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि उत्तराखंड और गुजरात जैसे राज्यों ने पहले ही इस कोड के लिए एक ढांचा अपना लिया है और मध्य प्रदेश भी उन्हीं के नक्शेकदम पर चलेगा। उन्होंने बताया कि सुप्रीम कोर्ट की रिटायर्ड जज जस्टिस रंजना प्रसाद देसाई की अगुवाई वाली यह कमेटी इस समय अलग-अलग जिलों का दौरा कर रही है, ताकि सभी समुदायों से जुड़े लोगों से उनकी राय ली जा सके. CM यादव ने कहा, “अपनी रिपोर्ट तैयार करने के बाद, कमेटी एक ड्राफ़्ट बिल पेश करेगी. राज्य सरकार जल्द से जल्द यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू करने के लिए पूरी तरह से तैयार है.” नागरिकों, सामाजिक समूहों और धार्मिक संगठनों से इस प्रक्रिया में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “UCC के संबंध में एक वेबसाइट शुरू की गई है. मैं जनता से अपील करता हूँ कि वे अपने सुझाव जरूर साझा करें.”

नीट विवाद: PM मोदी के जवाबदेही मॉडल की दिग्विजय सिंह ने की सराहना….

नई दिल्ली। नीट विवाद (NEET Controversy) को लेकर राहुल गांधी (Rahul Gandhi) जहां प्रधानमंत्री (Prime Minister) के साथ आर-पार के मूड में है, वहीं पार्टी के सबसे मुखर चेहरों में से एक दिग्विजय सिंह (Digvijay Singh) ने प्रधानमंत्री की नीयत और देश की संस्थागत व्यवस्था पर खुलकर भरोसा जताया है। शिक्षा संबंधी संसदीय स्थायी समिति के अध्यक्ष दिग्विजय सिंह सोमवार को हुए बैठक में साफ कहा कि जब देश का शीर्ष नेतृत्व सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) के समक्ष परीक्षा प्रणाली को सुधारने की जवाबदेही ले रहा है, तो इस सकारात्मक रुख की सराहना की जानी चाहिए। सूत्रों ने बताया, बैठक में परीक्षा सुधार, एनटीए की कार्यप्रणाली और नीट से जुड़े मुद्दों पर चर्चा के दौरान दिग्विजय ने कहा कि जब सरकार जवाबदेही स्वीकार रही है तो इसे सकारात्मक रूप से लेना चाहिए। हालांकि, उनकी टिप्पणी का आधिकारिक ब्योरा सार्वजनिक नहीं किया गया है। वैसे यह पहला अवसर नहीं है जब दिग्विजय सिंह ने सार्वजनिक रूप से मोदी की किसी विशेषता का उल्लेख किया हो। पिछले वर्ष उन्होंने भाजपा-आरएसएस की संगठनात्मक क्षमता की सराहना करते हुए कहा था कि एक साधारण कार्यकर्ता का प्रधानमंत्री पद तक पहुंचना संगठन की ताकत को दर्शाता है। पीएम छात्रों के नाम खुला पत्र लिखेंअध्यक्ष ने कहा, 21 जून की दोबारा परीक्षा के लिए छात्रों और अभिभावकों में विश्वास जगाना बेहद जरूरी है। इसलिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी या शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान छात्रों के नाम खुला पत्र या फिर संदेश लिखें जिसमें छात्रों को लगे कि वो अकेले नहीं हैं। राजनीतिकरण पर सवाल तो सफल आयोजन के लिए शुभकामनाएं दीसूत्रों के मुताबिक, भाजपा से जुड़े सदस्यों ने समिति में शामिल विपक्ष के सदस्यों से पूछा कि नीट यूजी की दोबारा परीक्षा पर राजनीति क्यों हो रही है। परीक्षा के बीच जांच के नाम पर ऐसी बैठकें क्योंकि की जा रही हैं। दिग्विजय सिंह ने कहा, राजनीति का तो कोई सवाल ही नहीं है। अध्यक्ष ने मंत्रालय और अधिकारियों को 21 जून को होने वाली दोबारा नीट के सफल आयोजन के लिए शुभकामनाएं भी दी हैं। पुनर्मूल्यांकन फीस पर राहुल बोले- सीबीएसई के जेबकतरों से सावधानकांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सोमवार को सीबीएसई की पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया और उसकी फीस को लेकर मोदी सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि जब शिक्षा को एक सेवा के बजाय एक व्यापार के तौर पर देखा जाता है, तो गलतियां सुधारी नहीं जातीं, बल्कि और बढ़ जाती हैं और इसकी सबसे बड़ी कीमत हमारे बच्चे अपने वक्त,अपने आत्मविश्वास खोने और अपने भविष्य के रूप में चुका रहे हैं। इसके साथ उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में ऑन-स्क्रीन मार्किंग (ओएसएम) प्रणाली की वजह से दिक्कतों का सामना कर रहे सीबीएसई छात्रों संग अपनी बातचीत का वीडियो क्लिप भी साझा किया। इसके साथ उन्होंने लिखा, जेबकतरों से सावधान रहें। आज वे सीधे सीबीएसई के अंदर ही बैठे हैं। सीबीएसई की वजह से गलत नंबर आने पर आपको डिजिटल स्कैन कॉपी पाने के लिए 100 रुपये प्रति विषय, नंबरों की दोबारा गिनती के लिए 100 रुपये प्रति पेपर और पुनर्मूल्यांकन के लिए 25 प्रति सवाल शुल्क देना पड़ता है। अपनी ही आंसर सीट की सही जांच के लिए एक छात्र को 2000 रुपये तक खर्च करने पड़ सकते हैं। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष ने कहा, जरा सोचिए कि जब करीब 4 लाख चार लाख छात्रों ने ऐसे आवेदन दिए हैं, तो सीबीएसई कितनी कमाई कर रहा होगा।

ईरान-US के बीच अगले सप्ताह तक हो सकती है डील, ट्रंप ने दिए होर्मुज खुलने के संकेत

वॉशिंगटन। ईरान (Iran) के साथ बहुप्रतीक्षित समझौते को लेकर डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने सकारात्मक संकेत दिए हैं। डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने कहा कि संभव है कि अगले सप्ताह समझौता हो जाए और इसके बाद होर्मुज (Hormuz) भी खुल जाएगा। डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि छोटी सी एक समस्या सामने आ रही है लेकिन अगले सप्ताह तक उसे सुलझा लिया जाएगा। उनका मतलब लेबनान पर इजरायली हमले से था जिसको लेकर ईरान काफी नाराज है। युद्ध में जीत से बड़ा होगा समझौताडोनाल्ड ट्रंप ने कहा, मैंने हिजबुल्लाह से बात की और कहा कि अब कोई गोलीबारी नहीं होनी चाहिए। इसके बाद इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू (Israeli Prime Minister Benjamin Netanyahu) से बात की और गोलीबारी, बमबारी रोकने को कहा। इसके बाद दोनों तरफ से हमले बंद हो गए हैं। ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ साथ समझौता किसी सैन्य विजय से ज्यादा अच्छा हो सकता है। उन्होंने कहा कि हम एक बड़े देश के हित में काम कर रहे हैं इसलिए काम भी उसी हिसाब से करना होगा। लेबनान पर इजरायली हमला आ रहा आड़ेइजरायली सेना ने लेबनान में अपने जमीनी अभियान का विस्तार कर दिया है और नयी सैन्य कार्रवाई के लिए अमेरिका की मंजूरी भी मांगी है। यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब ट्रंप प्रशासन ईरान के साथ व्यापक शांति समझौते की दिशा में क्षेत्रीय तनाव कम करने का प्रयास कर रहा है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, लेबनान में युद्धविराम भी अमेरिका-ईरान वार्ता के व्यापक ढांचे का हिस्सा है। एक रिपोर्ट के अनुसार, पिछले 48 घंटों में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ आउन और इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से अलग-अलग बातचीत कर युद्धविराम बहाल करने की कोशिश की। प्रस्ताव के तहत हिज्बुल्ला को इजरायल पर मिसाइल और ड्रोन हमले रोकने थे, जबकि इजरायल को लेबनान में आगे सैन्य कार्रवाई से बचना था। रिपोर्ट में अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से कहा गया कि राष्ट्रपति आउन इस पहल के पक्ष में थे और उन्होंने संसद अध्यक्ष नबीह बेरी से हिज्बुल्ला पर दबाव बनाने को कहा। शअरी बेरी की प्रतिक्रिया संतोषजनक नहीं रही और उन्होंने पहले इजरायल से हमले रोकने की बात कही। इस बीच, इजरायली और लेबनानी सैन्य अधिकारियों ने शुक्रवार को पेंटागन में संभावित युद्धविराम, इजरायली सैनिकों की वापसी, दक्षिणी लेबनान में लेबनानी सेना की तैनाती और हिज्बुल्ला के निरस्त्रीकरण जैसे मुद्दों पर चर्चा की। दोनों देशों के राजनयिकों के बीच इस सप्ताह एक और बैठक होने की संभावना है। डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को कहा कि ईरान के साथ बातचीत तीव्र गति से जारी है। तेहरान द्वारा नए सिरे से हमले किए जाने से संघर्षविराम कमजोर पड़ता दिखाई दे रहा है। ईरान और अमेरिका के बीच नाममात्र का संघर्षविराम ऐसे जवाबी हमलों और पलटवारों से बार-बार परखा जा रहा है जबकि दोनों देशों के अधिकारी युद्ध को समाप्त करने के लिए बातचीत के जरिए समाधान निकालने की कोशिश कर रहे हैं।

US में थम नहीं रही गोलीबारी की घटनाएं, आयोवा राज्य के मुस्काटीन शहर में फायरिंग में 7 लोगों की मौत

वाशिंगटन। अमेरिका (America) का आयोवा राज्य (Iowa State) सोमवार (स्थानीय समयानुसार) को गोलियों की आवाज से दहल उठा। यहां के एक शहर में कई जगहों पर हुई गोलीबारी की घटनाओं में कम से कम 7 लोगों की मौत होने की खबर सामने आई है। जानकारी के मुताबिक संदिग्ध आरोपी ने पहले 6 लोगों की गोली मारकर हत्या की और फिर पुलिस के सामने खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने कहा है कि शुरुआती जांच से यह मामला पारिवारिक विवाद (Family dispute) का लगता है। रिपोर्ट के मुताबिक दिल दहला देने वाली यह घटना आयोवा के मुस्काटीन शहर (Muscatine City) में हुई। यहां हमलावर ने दो घरों और एक दुकान में घुसकर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। मुस्काटीन पुलिस प्रमुख एंथनी कीस ने बताया कि दोपहर करीब 12 बजे पुलिस को गोलीबारी की सूचना मिली। हालांकि जब तक पुलिस वहां पहुंची तब तक लोगों की मौत हो चुकी थी। घटनास्थल से चार लोगों के शव बरामद हुए। वहीं पुलिस के पहुंचने से पहले ही आरोपी घटनास्थल से फरार हो चुका था। पुलिस के मुताबिक संदिग्ध की पहचान 52 वर्षीय रयान विलिस मैकफारलैंड के रूप में हुई है। पुलिस ने तलाशी अभियान शुरू कर उसे खोज निकाला। हालांकि जैसे ही अधिकारी उसे पकड़ने वाले थे, उसने खुद को गोली मार ली। पुलिस प्रमुख कीस ने बताया, “अधिकारियों और डॉक्टर्स की टीम ने उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन मौके पर ही उसकी मौत हो गई।” वहीं जांच के दौरान पुलिस को कुछ और जगहों पर भी गोलीबारी की सूचना मिली। इसके बाद एक अन्य घर और पास के एक दुकान से दो और लोगों के शव बरामद किए गए। सबकी मौत गोली लगने की वजह से ही हुई। मुस्काटीन पुलिस ने एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा, “प्रारंभिक जांच से संकेत मिलता है कि यह गोलीबारी घरेलू विवाद का नतीजा थी। सभी पीड़ितों के आरोपी के परिवार का सदस्य होने की आशंका है।”