आयकर विभाग की कार्रवाई और अभिनेत्री माला सिन्हा के विवादित अदालती कबूलनामे की इनसाइड स्टोरी

नई दिल्ली। भारतीय सिनेमा के सुनहरे दौर में अपनी बेहतरीन अदाकारी और सुरीले गीतों से करोड़ों दिलों पर राज करने वाली शीर्ष अभिनेत्री माला सिन्हा का फिल्मी सफर जितना चमकदार रहा, उनके जीवन का एक कानूनी विवाद उतना ही अंधकारमय और चौंकाने वाला साबित हुआ। ‘प्यासा’ और ‘नया जमाना’ जैसी कल्ट क्लासिक फिल्मों में मुख्य भूमिका निभाने वाली माला सिन्हा को साल १९७८ में एक ऐसे प्रशासनिक और कानूनी संकट का सामना करना पड़ा, जिसने उनके पूरे करियर की दिशा ही बदल दी। तत्कालीन समय में जब वह सफलता के शिखर पर थीं, तब आयकर विभाग की एक औचक कार्रवाई ने मनोरंजन जगत सहित पूरे देश को स्तब्ध कर दिया था। विभाग को अभिनेत्री द्वारा बड़े पैमाने पर कर चोरी और अवैध धन संचय की गुप्त सूचना मिली थी। आयकर विभाग की टीम ने जब माला सिन्हा के मुंबई स्थित निवास स्थान पर व्यापक छापेमारी की, तो तलाशी के दौरान घर के बाथरूम से १२ लाख रुपये की भारी-भरकम नकदी बरामद की गई। आज के दौर में यह रकम भले ही सामान्य लगे, परंतु सत्तर के दशक के उत्तरार्ध में यह एक बेहद विशाल धनराशि मानी जाती थी, जिसे छुपा कर रखा गया था। इस काली कमाई की बरामदगी के बाद विभाग ने कड़ी कानूनी कार्रवाई शुरू की और यह मामला अंततः देश की प्रतिष्ठित अदालत के समक्ष पहुंच गया। अभिनेत्री के सामने सबसे बड़ी चुनौती इस बात की थी कि वह इतनी बड़ी नकदी के वैध स्रोत को साबित करें, अन्यथा सरकार द्वारा इस पूरी संपत्ति को हमेशा के लिए जब्त कर लिया जाता। अदालती कार्यवाही के दौरान एक ऐसा मोड़ आया जिसने राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियां बटोर लीं। कानूनी विशेषज्ञों और अपने पिता अल्बर्ट सिन्हा की रणनीतिक सलाह के जाल में फंसकर अभिनेत्री ने अपनी संपत्ति को जब्ती से बचाने के लिए अदालत के सामने एक बेहद विवादास्पद और आत्मघाती बयान दे दिया। उन्होंने धन के स्रोत को न्यायसंगत ठहराने के लिए अदालत में कहा कि यह पूरी धनराशि उन्होंने वेश्यावृत्ति के माध्यम से अर्जित की है। इस अप्रत्याशित और सनसनीखेज बयान के आते ही समाज और सिनेमाई गलियारों में भूचाल आ गया। कल तक जिस अभिनेत्री की शालीनता और अभिनय के लोग कसीदे पढ़ते थे, वह अचानक ही देश भर की नजरों में एक नकारात्मक छवि के रूप में स्थापित हो गईं। यद्यपि कानूनी दांवपेंच के तहत दिए गए इस बयान के पीछे का मुख्य उद्देश्य केवल अपनी धनराशि को वापस पाना और सरकारी नियंत्रण से मुक्त कराना था, परंतु इसका सामाजिक और व्यावसायिक परिणाम बेहद घातक सिद्ध हुआ। बाद में माला सिन्हा ने सार्वजनिक रूप से स्पष्टीकरण भी दिया कि उन्होंने अदालत में केवल पैसा बचाने के लिए अपने वकील के कहे अनुसार झूठ बोला था, लेकिन तब तक तीर कमान से छूट चुका था। इस एक घटना ने उनकी छवि को इतनी गहरी ठेस पहुंचाई कि फिल्म निर्माताओं ने उनसे दूरी बना ली और उनका स्थापित करियर पूरी तरह से ढलान पर आ गया। मध्य प्रदेश सहित देश के विभिन्न हिस्सों में आज भी सिनेमा के इतिहास को जानने वाले इस घटनाक्रम को एक सबक के रूप में याद करते हैं कि कैसे एक गलत कानूनी परामर्श और वित्तीय अनियमितता किसी भी बड़े सितारे के पूरे जीवन की मेहनत को पल भर में मटियामेट कर सकती है। माला सिन्हा वर्तमान में ८९ वर्ष की आयु में एकाकी जीवन व्यतीत कर रही हैं, जबकि उनके पति चिदंबर प्रसाद लोहानी का साल २०२४ में निधन हो चुका है। उनकी बेटी प्रतिभा सिन्हा ने भी नब्बे के दशक में ‘राजा हिंदुस्तानी’ के प्रसिद्ध गीत ‘परदेसी जाना नहीं’ से लोकप्रियता हासिल करने के बाद फिल्म उद्योग से पूरी तरह दूरी बना ली थी। यह ऐतिहासिक घटना आज भी बॉलीवुड के इतिहास में वित्तीय जांच और सेलिब्रिटी साख के पतन का सबसे बड़ा उदाहरण मानी जाती है।
Vastu Tips: गाय को पीली रोटी खिलाने से बढ़ेगा बैंक बैलेंस? जानें पूरा उपाय

नई दिल्ली । ज्योतिष और वास्तु शास्त्र में जीवन की समस्याओं के समाधान के लिए कई सरल उपाय बताए गए हैं, जिनका उद्देश्य व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और संतुलन बढ़ाना होता है। इन्हीं में से एक उपाय है पीली रोटी का, जिसे विशेष रूप से आर्थिक परेशानियों और कर्ज से राहत दिलाने वाला माना गया है। ज्योतिषाचार्य कमलनंद लाल के अनुसार, इस उपाय में गेहूं के आटे में हल्दी मिलाकर पीले रंग की रोटी तैयार की जाती है। रोटी बनने के बाद उस पर थोड़ा गुड़ रखा जाता है और उसे गाय को खिलाया जाता है। मान्यता है कि गाय में 33 कोटि देवी-देवताओं का वास होता है, इसलिए इसे अत्यंत पुण्यदायी कर्म माना गया है। हल्दी का संबंध बृहस्पति ग्रह से जोड़ा जाता है, जबकि गुड़ को शुभता और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक माना गया है। यह उपाय विशेष रूप से गुरुवार के दिन शुरू करने की सलाह दी जाती है और इसे लगातार 43 दिनों तक करने की परंपरा बताई गई है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, ऐसा करने से व्यक्ति के जीवन में आर्थिक स्थिरता बढ़ती है और रुके हुए कार्यों में गति आने की संभावना बनती है। साथ ही बृहस्पति ग्रह को मजबूत करने के लिए यह उपाय लाभकारी माना जाता है। हालांकि ज्योतिषाचार्यों का यह भी कहना है कि यह कोई चमत्कारिक तरीका नहीं है जिससे तुरंत धन प्राप्त हो जाए। इसका मुख्य उद्देश्य व्यक्ति को धर्म, सेवा और सकारात्मक कर्मों से जोड़ना है, जिससे मानसिक शांति और सही निर्णय लेने की क्षमता विकसित होती है। विशेषज्ञों के अनुसार, यदि यह उपाय श्रद्धा और सकारात्मक सोच के साथ किया जाए तो यह व्यक्ति के जीवन में मानसिक संतुलन और आत्मविश्वास बढ़ाने में सहायक हो सकता है।
वैभव सूर्यवंशी के ‘साये’ में कौन है यह शख्स? मैदान से लेकर डगआउट तक निभा रहा बड़ी जिम्मेदारी

नई दिल्ली । आईपीएल 2026 में 15 वर्षीय युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने अपने धमाकेदार प्रदर्शन से पूरी दुनिया का ध्यान खींचा है। लेकिन उनके रिकॉर्ड्स और सफलता के पीछे एक ऐसा शख्स भी है, जो कैमरों की चमक से दूर रहकर लगातार उनके साथ एक साये की तरह खड़ा रहा। यह शख्स है Romy Bhinder, जो न सिर्फ राजस्थान रॉयल्स के टीम मैनेजर हैं, बल्कि वैभव के गार्जियन और मेंटर की भूमिका भी निभा रहे हैं। आईपीएल के पूरे सीजन के दौरान रोमी भिंडर को अक्सर डगआउट, बाउंड्री लाइन, टीम बस और पोस्ट मैच इवेंट्स में वैभव के साथ देखा गया। जब भी युवा खिलाड़ी मैदान पर उतरे या किसी बड़े पल का हिस्सा बने, रोमी हमेशा उनके आसपास मौजूद रहे। यही वजह है कि फैंस के बीच यह सवाल लगातार उठता रहा कि आखिर यह शख्स कौन है जो हर जगह उनके साथ नजर आता है। असल में, नाबालिग खिलाड़ी होने के चलते BCCI और IPL नियमों के तहत वैभव सूर्यवंशी के लिए एक आधिकारिक गार्जियन का होना जरूरी था। बिहार के समस्तीपुर जिले के ताजपुर गांव से निकलकर अचानक क्रिकेट की दुनिया में सुर्खियां बटोरने वाले इस युवा खिलाड़ी के लिए रोमी भिंडर वही सहारा बने, जिन्होंने उन्हें आईपीएल की तेज रफ्तार, दबाव और ग्लैमर के बीच संतुलन बनाए रखने में मदद की। रोमी भिंडर का क्रिकेट से जुड़ा अनुभव भी काफी लंबा है। वे इंग्लैंड में क्लब क्रिकेट खेल चुके हैं और भारत में विदर्भ, महाराष्ट्र तथा नागपुर यूनिवर्सिटी स्तर पर क्रिकेट से जुड़े रहे हैं। इसके बाद उन्होंने क्रिकेट मैनेजमेंट और टैलेंट डेवलपमेंट में अपनी पहचान बनाई। वर्ल्ड क्रिकेट अकादमी से जुड़े रहने के साथ-साथ वे ग्रासरूट क्रिकेट और युवा खिलाड़ियों के विकास में भी अहम भूमिका निभाते रहे हैं। आईपीएल में भी उनका अनुभव करीब दो दशक पुराना है। राजस्थान रॉयल्स से उनका जुड़ाव पहले सीजन से ही रहा है, जहां उन्होंने लायजन ऑफिसर और असिस्टेंट मैनेजर जैसी भूमिकाएं निभाई हैं। हालांकि आईपीएल 2026 में एक मैच के दौरान उनका मोबाइल इस्तेमाल करते हुए एक वीडियो सामने आने के बाद वे विवादों में भी आए थे। बीसीसीआई की एंटी करप्शन यूनिट ने उन्हें नोटिस जारी किया और बाद में जुर्माना भी लगाया गया, हालांकि जांच में यह स्पष्ट हुआ कि मामला गंभीर नियम उल्लंघन का नहीं था। इसके बावजूद, मैदान के अंदर और बाहर रोमी भिंडर ने वैभव के लिए एक मजबूत सहारा बनकर काम किया। जब युवा खिलाड़ी शतक से चूककर भावुक हुए, तब भी रोमी ने उन्हें संभाला और हौसला बढ़ाया। आज जब वैभव सूर्यवंशी अपने प्रदर्शन से नए रिकॉर्ड बना रहे हैं, तब उनके पीछे खड़े इस गुमनाम लेकिन महत्वपूर्ण शख्स की भूमिका भी उतनी ही बड़ी मानी जा रही है, जो उन्हें हर कदम पर मार्गदर्शन और सुरक्षा देता नजर आता है।
शिल्पा शिंदे के खुलासे पर हिना खान ने गरिमा और न्याय प्रणाली पर उठाए गंभीर सवाल

नई दिल्ली। टेलीविजन उद्योग में उस वक्त एक नया विवाद खड़ा हो गया जब अभिनेत्री शिल्पा शिंदे ने सालों पुराने अपने एक गंभीर आरोप को महज एक पैंतरा स्वीकार कर लिया। शिल्पा शिंदे ने हाल ही में यह चौंकाने वाला खुलासा किया कि सुपरहिट धारावाहिक ‘भाभी जी घर पर हैं’ के निर्माता संजय कोहली पर उनके द्वारा लगाए गए यौन उत्पीड़न के आरोप पूरी तरह से मनगढ़ंत और झूठे थे। इस अप्रत्याशित कबूलनामे के बाद मनोरंजन जगत में नैतिकता और न्याय प्रणाली को लेकर नई बहस छिड़ गई है। शिल्पा के इस बयान पर उनकी समकालीन अभिनेत्री और ‘बिग बॉस’ में सह-प्रतिभागी रहीं हिना खान ने बेहद कड़ा रुख अख्तियार किया है। हिना खान ने इस पूरे मामले को बेहद शर्मनाक और संवेदनशील मुद्दों का मजाक उड़ाने वाला बताया है। हिना खान ने सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी गहरी नाराजगी और असहमति व्यक्त करते हुए कहा कि यद्यपि वह आमतौर पर उन मामलों में हस्तक्षेप करने से बचती हैं जिनसे उनका सीधा सरोकार नहीं होता, परंतु इस संवेदनशील विषय पर चुप रहना उन्हें स्वीकार्य नहीं लगा। हिना ने अपने वक्तव्य में साफ किया कि किसी विवाद या आपसी मतभेद को जीतने के लिए महिला होने का अनुचित लाभ उठाना और किसी व्यक्ति की सामाजिक छवि को धूमिल करना बेहद घृणास्पद कृत्य है। उन्होंने कहा कि वास्तविक मामलों में न्याय की गुहार लगाना हर पीड़ित का संवैधानिक अधिकार है, लेकिन व्यक्तिगत लाभ या सौदेबाजी के लिए गंभीर कानूनी धाराओं का दुरुपयोग करना उन वास्तविक पीड़ितों के संघर्ष को कमजोर करता है जो न्याय के लिए सालों-साल कानूनी लड़ाई लड़ते हैं। इस पूरे प्रकरण में हिना खान ने आरोपी बनाए गए निर्माता संजय कोहली और उनके परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की। हिना के अनुसार, असली पीड़ित वह प्रतिष्ठित निर्माता और उनका परिवार है, जिसने सालों तक समाज में इस झूठे आरोप का दंश झेला है। उन्होंने संजय कोहली को एक बेहद कर्मठ और सम्मानित निर्माता बताया जो उद्योग में लंबे समय से सक्रिय हैं। हिना ने चिंता जताते हुए कहा कि जिस व्यक्ति पर एक महिला ने इतना बड़ा और झूठा लांछन लगाया, अंततः उसी कानून और व्यवस्था की कमियों का फायदा उठाकर मामले को कोर्ट के बाहर रफा-दफा कर दिया गया। हिना खान ने मनोरंजन उद्योग के कुछ फैसलों पर भी हैरानी जताई कि इस प्रकार के गंभीर और बेबुनियाद आरोप लगाने के बाद भी उसी अभिनेत्री को दोबारा काम के अवसर और पहचान के नए मंच दिए गए। हिना ने इसे पूरी व्यवस्था और उद्योग के आत्मसम्मान पर एक बड़ा सवालिया निशान बताया है। उन्होंने कहा कि यदि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति होती है, तो इसके लिए कौन जिम्मेदार होगा। उल्लेखनीय है कि हिना खान और शिल्पा शिंदे का इतिहास पुराना रहा है और दोनों ‘बिग बॉस 11’ के ग्रैंड फिनाले में एक-दूसरे के कड़े प्रतिद्वंद्वी के रूप में नजर आई थीं, जहां शिल्पा विजेता चुनी गई थीं। वर्तमान में शिल्पा शिंदे के इस कबूलनामे और हिना खान के इस तीखे विरोध ने कॉर्पोरेट जगत और मनोरंजन उद्योग में कार्यस्थल की सुरक्षा और आंतरिक अनुशासन समिति की कार्यप्रणाली पर नए सवाल खड़े कर दिए हैं।
‘पेद्दी’ के शो में दिखा फैमिली मोमेंट, भीड़ के बीच बैठीं रामचरण की पत्नी

नई दिल्ली । राम चरण की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘पेद्दी’ के रिलीज होते ही सिनेमाघरों में उत्साह का माहौल देखने को मिला। फिल्म की स्पेशल स्क्रीनिंग के दौरान फैंस का जोश चरम पर था। चारों ओर तालियां, सीटियां और नारे गूंज रहे थे। इस खास मौके पर सिर्फ दर्शक ही नहीं बल्कि अभिनेता की पत्नी उपासना कोनिडेला भी इस जश्न का हिस्सा बनीं। हैदराबाद के एक सिनेमाघर में हुई स्क्रीनिंग का एक वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें Ram Charan की पत्नी Upasana Kamineni Konidela अपने पति की फिल्म का आनंद लेते हुए नजर आ रही हैं। वीडियो में देखा जा सकता है कि जैसे ही राम चरण का एंट्री सीन आता है, उपासना खुद को रोक नहीं पातीं और खुशी से कंफेटी उड़ाकर जश्न मनाने लगती हैं। उनके चेहरे पर गर्व और उत्साह साफ झलकता है। स्क्रीनिंग के दौरान सिनेमाघर का माहौल किसी उत्सव से कम नहीं था। फैंस लगातार हूटिंग और तालियों से अपने पसंदीदा स्टार का स्वागत कर रहे थे। कई दर्शक डांस करते हुए भी नजर आए, जबकि कुछ ने फिल्म के गानों पर अपनी रील्स जैसी परफॉर्मेंस दी। फिल्म ‘पेद्दी’ में राम चरण एक ऐसे किरदार में नजर आ रहे हैं, जो न सिर्फ एक मजबूत स्पोर्ट्स पर्सन है बल्कि अपनी कम्युनिटी के लिए लीडर की भूमिका भी निभाता है। फिल्म में उनकी दमदार एंट्री और इमोशनल सीन्स को लेकर दर्शकों में खासा क्रेज देखने को मिल रहा है। स्क्रीनिंग में मौजूद कई फैंस ने सोशल मीडिया पर अपने अनुभव साझा किए और फिल्म को लेकर जबरदस्त प्रतिक्रिया दी। एक फैन तो गदा और बैट लेकर पहुंचा, जिसने राम चरण की परफॉर्मेंस की जमकर तारीफ की। वहीं, कुछ वीडियो में फैंस को थिएटर के अंदर डांस और सेलिब्रेशन करते हुए देखा गया। फिल्म की स्टारकास्ट में जान्हवी कपूर, बोमन ईरानी, शिवा राजकुमार, जगपति बाबू और दिव्यांशु जैसे कलाकार भी अहम भूमिकाओं में नजर आ रहे हैं। निर्देशन की कमान बुची बाबू सना ने संभाली है, जिन्होंने फिल्म को एक भव्य और भावनात्मक रूप देने की कोशिश की है। कुल मिलाकर ‘पेद्दी’ की स्क्रीनिंग ने यह साबित कर दिया है कि फिल्म को लेकर दर्शकों में जबरदस्त उत्साह है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो इस बात का सबूत हैं कि राम चरण की लोकप्रियता और स्टारडम अभी भी अपने चरम पर है और फैंस अपने स्टार को बड़े पर्दे पर देखने के लिए पूरी तरह उत्साहित हैं।
SAF officer domestic violence: बेल्ट-लात-घूंसे और थप्पड़ मारे; ग्वालियर में SAF जवान ने पत्नी को गर्म प्रेस से जलाया-क्यों?

HIGHLIGHTS: पार्क से लौटने पर पति ने पत्नी पर लगाए शक के आरोप बेल्ट, लात-घूंसों और थप्पड़ों से की बेरहमी से पिटाई बाल पकड़कर सिर दीवार से टकराया गर्म प्रेस से दोनों हाथ और पीठ जलाई शिकायत के बाद SAF जवान गिरफ्तार SAF officer domestic violence: मध्यप्रदेश। ग्वालियर में एक दिल दहला देने वाली घरेलू हिंसा की घटना सामने आई है। जहां पत्नी पर शक करना एक SAF जवान की ऐसी सनक बन गया कि उसने सारी हदें पार कर दीं। आरोप है कि जवान ने पहले पत्नी की बेरहमी से पिटाई की और फिर गर्म प्रेस से उसके शरीर को जला दिया। गंभीर रूप से घायल महिला अगले दिन किसी तरह मायके पहुंची और पूरी घटना परिजनों को बताई। शेयर बाजार में 4 जून को हलचल: वैश्विक संकेतों के बीच उतार-चढ़ाव जारी, निवेशकों की नजर प्रमुख इंडेक्स पर पार्क से लौटते ही की मारपीट माधौगंज थाना पुलिस का कहना है कि पीड़िता पूजा परिहार और SAF जवान राजेंद्र परिहार शादीशुदा हैं और राजेंद्र 13वीं बटालियन में SAF जवान के रूप में पदस्थ है। 2 जून की रात को पूजा रोजाना की तरह खाना खाने के बाद टहलने के लिए पार्क गई थी। जैसे वह घर वापस लौटी पति ने उसपर आरोप लगाया कि वह किसी से फोन पर बात करती है, जब महिला ने इस बात से इंकार किया और अपने ऊपर लगे आरोपों को बेबुनियाद बताया जिसके बाद विवाद और ज्यादा बढ़ गया। पति ने गाली-गलौज करते हुए बेल्ट, थप्पड़ों और लात-घूंसों से मरना शुरू करदिया। चारधाम यात्रा हुई महंगी: पेट्रोल-डीजल, होटल और टैक्सी किराए में बढ़ोतरी से श्रद्धालुओं का बजट बिगड़ा बेरहमी से गर्म प्रेस से जलाया पीड़िता का आरोप है कि मारपीट के दौरान पति ने उसके बाल पकड़कर सिर दीवार से दे मारा, जिससे आंख के पास गंभीर सूजन आ गई और नाक-मुंह से खून बहने लगा। इसके बाद भी आरोपी का गुस्सा शांत नहीं हुआ। उसने कपड़े प्रेस करने वाली आयरन गर्म की और पत्नी के दोनों हाथों व पीठ पर कई जगह दाग दिया। महिला दर्द से चीखती रही, लेकिन आरोपी ने उसकी एक नहीं सुनी। पंजाब में संगठन से नेतृत्व तक होगा आकलन, चुनाव से पहले कांग्रेस में बड़े बदलाव के संकेत रातभर बंधक बनाकर रखा महिला का कहना है कि घटना के बाद उसे पूरी रात कमरे में बंद रखा गया और शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी दी गई। अगले दिन आरोपी के ड्यूटी पर जाने के बाद वह किसी तरह मायके पहुंची। जिसके बाद परिजन उसे लेकर थाने पहुंचे, जहां पुलिस ने महिला का मेडिकल परीक्षण कराया। जांच में चोटों और जलने के निशान मिलने के बाद आरोपी के खिलाफ घरेलू हिंसा, गंभीर मारपीट और धमकी समेत विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने आरोपी SAF जवान को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की जांच जारी है।
फिल्म और सीरीज प्रेमियों के लिए खुशखबरी, 12 नई रिलीज एक साथ

नई दिल्ली । 5 जून का शुक्रवार ओटीटी और सिनेमाघरों दोनों के लिए बेहद खास रहने वाला है। इस दिन कुल 12 फिल्में और वेब सीरीज रिलीज हो रही हैं, जिनमें कॉमेडी, थ्रिलर, रोमांस और एक्शन का जबरदस्त मिक्स देखने को मिलेगा। ओटीटी प्लेटफॉर्म पर बड़ा धमाका 1. Gullak Season 5 (SonyLIV)मिश्रा परिवार एक बार फिर अपनी घरेलू नोक-झोंक और भावनात्मक कहानियों के साथ लौट रहा है। इस बार डिजिटल एंट्री, नए गैजेट्स और पारिवारिक हलचल कहानी को और दिलचस्प बनाएंगे। 2. Brown (ZEE5)करिश्मा कपूर एक डार्क और इंटेंस रोल में वापसी कर रही हैं। एक सस्पेंडेड पुलिस अफसर के तौर पर उनका किरदार एक हाई-प्रोफाइल मर्डर केस को सुलझाने में जुटा है। 3. Patriot (ZEE5)ममूटी और मोहनलाल जैसे दिग्गज कलाकारों की जोड़ी इस स्पाई थ्रिलर में सरकार और सिस्टम के खिलाफ संघर्ष करती नजर आएगी। 4. The Pyramid Scheme (Amazon Prime Video)पिरामिड मार्केटिंग की दुनिया में फंसे लोगों की कहानी, जो लालच और सिस्टम के जाल में उलझ जाती है। 5. Teach You a Lesson (Netflix)कोरियन एक्शन-ड्रामा, जिसमें एक सरकारी टास्क फोर्स स्कूल हिंसा और अपराध के खिलाफ सख्त कार्रवाई करती है। 6. Office Romance (Netflix)जेनिफर लोपेज की रोमांटिक-कॉमेडी, जिसमें ऑफिस लव और करियर के बीच टकराव देखने को मिलेगा। 7. Cape Fear (Apple TV)एक साइकोलॉजिकल थ्रिलर जिसमें एक वकील कपल की जिंदगी एक खतरनाक अपराधी के कारण बदल जाती है। थिएटर रिलीज: बड़े पर्दे पर एंटरटेनमेंट का तूफान 8. Parimala And Coतमिल डार्क कॉमेडी फिल्म, जिसमें एक परिवार मर्डर केस और हास्यास्पद परिस्थितियों में फंस जाता है। 9. Mollywood Timesमलयालम सिनेमा की कहानी, जिसमें एक युवा फिल्ममेकर हॉरर डायरेक्टर बनने का सपना देखता है। 10. Bandarबॉबी देओल स्टारर यह फिल्म अपनी अनोखी कहानी और चर्चा के कारण पहले से ही सुर्खियों में है। 11. He-Man And The Masters Of The Universe90s के आइकॉनिक सुपरहीरो की वापसी, जिसमें हाई-टेक VFX और एक्शन का शानदार अनुभव मिलेगा। 12. Hai Jawaani Toh Ishq Hona Haiयुवाओं के रिश्तों, प्यार और इमोशंस को म्यूजिकल अंदाज में दिखाने वाली फिल्म, जिसमें वरुण धवन और मृणाल ठाकुर नजर आएंगे। वीकेंड बनेगा बिंज-वॉच फेस्टइस शुक्रवार की रिलीज लाइनअप हर तरह के दर्शकों के लिए कुछ न कुछ लेकर आई है—फैमिली ड्रामा, साइकोलॉजिकल थ्रिलर, रोमांस और एक्शन का परफेक्ट मिश्रण। ओटीटी और थिएटर दोनों मिलकर इस वीकेंड को एंटरटेनमेंट का मेगा फेस्ट बना रहे हैं।
मोहम्मद रफी का वो किस्सा, रीटेक से इनकार कर फिर गाया अमर गीत

नई दिल्ली । बॉलीवुड की क्लासिक फिल्म जंजीर का गाना “दीवाने हैं दीवानों को” आज भी श्रोताओं के दिलों में बसा हुआ है। इस गाने को संगीत दिया था मशहूर संगीतकार जोड़ी कल्याणजी-आनंदजी ने, जबकि इसके बोल लिखे थे गीतकार गुलशन बावरा ने। रिकॉर्डिंग के दौरान जब यह गाना पहली बार तैयार हुआ, तो इसे सभी ने पसंद किया। खासकर लता मंगेशकर का गाया हिस्सा बेहद प्रभावशाली माना गया। लेकिन लता जी अपने काम में पूर्णता की पक्षधर थीं, इसलिए उन्होंने एक और रीटेक की मांग रख दी। स्टूडियो में बढ़ा तनाव, लेकिन रफ़ी ने क्यों किया इनकार?रीटेक की बात जब मोहम्मद रफ़ी तक पहुंची, तो उन्होंने शुरुआत में साफ इनकार कर दिया। वजह बेहद इंसानी थी-वे उस समय रोज़े में थे और सुबह से उन्होंने न तो खाना खाया था और न ही पानी पिया था। उनकी हालत ऐसी थी कि दोबारा उसी ऊर्जा और भाव के साथ गाना उनके लिए कठिन हो रहा था। इसी कारण उन्होंने स्टूडियो छोड़ने का फैसला कर लिया। अचानक बदला माहौल, और फिर लौटे स्टूडियोजैसे ही रफ़ी साहब स्टूडियो से बाहर निकले, उनकी मुलाकात गीतकार गुलशन बावरा से हुई। उन्होंने उत्साहित होकर बताया कि फिल्म में यह गाना वही गा रहे हैं। यह सुनकर रफ़ी साहब चौंक गए, क्योंकि उन्होंने गाना अमिताभ बच्चन के हावभाव और व्यक्तित्व को ध्यान में रखकर गाया था। यह एहसास उन्हें वापस स्टूडियो खींच लाया। उन्होंने बिना देर किए फिर से रिकॉर्डिंग करने का फैसला किया। भूखे-प्यासे फिर गूंज उठी आवाज़ और बन गया इतिहासइसके बाद मोहम्मद रफ़ी ने उसी हालत में, बिना कुछ खाए-पिए, दोबारा गाना रिकॉर्ड किया। इस बार उनकी आवाज में और भी गहराई, भाव और दर्द महसूस किया गया। रिकॉर्डिंग पूरी हुई और गाना रिलीज़ होते ही सुपरहिट साबित हुआ। यह किस्सा आज भी संगीत जगत में अनुशासन, समर्पण और कला के प्रति जुनून की मिसाल के रूप में याद किया जाता है। संगीत की दुनिया का अमर सबकयह घटना सिर्फ एक गाने की कहानी नहीं, बल्कि उस दौर के कलाकारों की संवेदनशीलता और प्रोफेशनलिज्म का प्रतीक है। लता मंगेशकर की परफेक्शन की चाह और रफ़ी साहब की भावनात्मक प्रतिबद्धता ने इस गाने को अमर बना दिया। आज भी जब यह गीत बजता है, तो श्रोता सिर्फ संगीत नहीं सुनते, बल्कि उस संघर्ष और समर्पण को महसूस करते हैं जो इसके पीछे छिपा है।
गर्मी में भी नहीं होगी थकान, इन आसान तरीकों से पाएं एनर्जी

नई दिल्ली । भीषण गर्मी के मौसम में शरीर की एनर्जी तेजी से कम होने लगती है। तेज धूप, पसीना और डिहाइड्रेशन के कारण लोग दिनभर थकान, सुस्ती और कमजोरी महसूस करते हैं। ऐसे में सही खानपान और जीवनशैली अपनाकर शरीर को फिट और एक्टिव रखा जा सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार कुछ आसान घरेलू उपाय गर्मी के असर को काफी हद तक कम कर सकते हैं और शरीर को दिनभर तरोताजा बनाए रख सकते हैं। शरीर को हाइड्रेट रखना सबसे जरूरीगर्मी में एनर्जी बनाए रखने का सबसे पहला नियम शरीर को हाइड्रेट रखना है। पर्याप्त पानी पीने से शरीर का तापमान नियंत्रित रहता है और थकान कम होती है। विशेषज्ञों के अनुसार दिनभर में कम से कम 7 से 8 गिलास पानी जरूर पीना चाहिए। इसके अलावा नारियल पानी, नींबू पानी, छाछ और ताजे फलों के जूस को भी डाइट में शामिल करना चाहिए। ये न केवल शरीर में पानी की कमी पूरी करते हैं, बल्कि इलेक्ट्रोलाइट बैलेंस बनाए रखने में भी मदद करते हैं। हल्का और संतुलित आहार अपनाएंगर्मी के मौसम में भारी और तला-भुना भोजन शरीर पर अतिरिक्त बोझ डालता है, जिससे सुस्ती बढ़ जाती है। ऐसे में हल्का और पौष्टिक भोजन लेना चाहिए। हरी सब्जियां, दाल, सलाद और मौसमी फल जैसे तरबूज, खीरा, खरबूजा शरीर को ठंडक देने के साथ एनर्जी भी प्रदान करते हैं। यह भोजन पाचन को भी आसान बनाता है और शरीर को एक्टिव रखता है। सुबह का नाश्ता कभी न छोड़ेंदिन की शुरुआत हमेशा हेल्दी नाश्ते से करनी चाहिए। ओट्स, पोहा, उपमा या फल आधारित नाश्ता शरीर को दिनभर एनर्जेटिक बनाए रखता है। विशेषज्ञों का कहना है कि सुबह का नाश्ता छोड़ने से ब्लड शुगर लेवल गिर सकता है, जिससे थकान और कमजोरी महसूस होती है। धूप से बचाव बेहद जरूरीगर्मी में दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच धूप सबसे तेज होती है। इस समय बाहर निकलने से बचना चाहिए। यदि बाहर जाना जरूरी हो, तो सिर को ढककर, हल्के और ढीले कपड़े पहनकर ही निकलना चाहिए। इससे लू और हीट स्ट्रोक का खतरा कम हो जाता है और शरीर पर गर्मी का प्रभाव भी घटता है। पर्याप्त नींद और आराम जरूरीशरीर को दिनभर एनर्जेटिक बनाए रखने के लिए पर्याप्त नींद लेना बहुत जरूरी है। रोजाना 7 से 8 घंटे की नींद लेने से शरीर और दिमाग दोनों तरोताजा रहते हैं। नींद की कमी से चिड़चिड़ापन, थकान और कमजोरी बढ़ सकती है, जो गर्मी में और अधिक परेशान करती है। कैफीन और जंक फूड से दूरी बनाएंगर्मी में चाय, कॉफी और फास्ट फूड का अधिक सेवन शरीर को डिहाइड्रेट कर सकता है और एनर्जी लेवल गिरा सकता है। इनकी जगह प्राकृतिक पेय और घर का ताजा, हल्का भोजन लेना ज्यादा फायदेमंद होता है। सही दिनचर्या, संतुलित आहार और पर्याप्त पानी के सेवन से भीषण गर्मी में भी शरीर को एनर्जेटिक और फिट रखा जा सकता है। छोटे-छोटे बदलाव अपनाकर आप पूरे दिन तरोताजा और सक्रिय रह सकते हैं।
शेयर बाजार में 4 जून को हलचल: वैश्विक संकेतों के बीच उतार-चढ़ाव जारी, निवेशकों की नजर प्रमुख इंडेक्स पर

मुंबई। 4 जून 2026 को घरेलू शेयर बाजार की शुरुआत वैश्विक संकेतों और निवेशकों की सतर्कता के बीच हल्की अस्थिरता के साथ देखने को मिली। शुरुआती कारोबार में बाजार ने सीमित दायरे में मूवमेंट किया, जहां कुछ सेक्टरों में खरीदारी का रुझान दिखा, वहीं कुछ में मुनाफावसूली के कारण दबाव भी नजर आया। कुल मिलाकर बाजार में अनिश्चितता का माहौल बना रहा और निवेशक बड़ी पोजिशन लेने से बचते दिखे। सुबह के सत्र में बाजार पर एशियाई बाजारों के मिश्रित संकेतों का असर साफ दिखाई दिया। अमेरिकी बाजारों में पिछले सत्र के उतार-चढ़ाव और कच्चे तेल की कीमतों में हलचल ने भी निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया। इसके साथ ही डॉलर-रुपया विनिमय दर में उतार-चढ़ाव ने भी बाजार की दिशा को सीमित दायरे में रखा। निफ्टी और सेंसेक्स में सीमित दायरे का कारोबाकारोबार की शुरुआत में सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही इंडेक्स सीमित दायरे में घूमते नजर आए। निफ्टी में बैंकिंग, आईटी और मेटल सेक्टर के शेयरों में हल्की खरीदारी देखने को मिली, जबकि ऑटो और एफएमसीजी सेक्टर में मुनाफावसूली का दबाव बना रहा। विश्लेषकों के अनुसार, बाजार में फिलहाल स्पष्ट ट्रेंड की कमी है और निवेशक आगामी आर्थिक आंकड़ों और वैश्विक संकेतों का इंतजार कर रहे हैं। यही कारण है कि बड़ी तेजी या गिरावट की बजाय बाजार में साइडवेज मूवमेंट देखने को मिल रहा है। सेक्टोरल प्रदर्शन: कहीं खरीदारी तो कहीं दबावआज के कारोबार में बैंकिंग और आईटी सेक्टर ने बाजार को कुछ सहारा देने का काम किया। कई प्रमुख बैंकिंग शेयरों में हल्की तेजी देखी गई, जबकि आईटी कंपनियों में भी विदेशी मांग की उम्मीदों ने सपोर्ट दिया। वहीं दूसरी ओर, ऑटो सेक्टर में बिक्री के आंकड़ों को लेकर चिंता बनी रही, जिससे कुछ प्रमुख शेयर दबाव में आ गए। एफएमसीजी सेक्टर में भी मुनाफावसूली का असर देखा गया। निवेशकों की रणनीति: सतर्क रुख बरकरारबाजार विशेषज्ञों का मानना है कि फिलहाल निवेशकों को सतर्क रुख अपनाने की जरूरत है। वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता, कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और फेडरल रिजर्व की नीतियों को लेकर संकेतों का असर भारतीय बाजार पर भी पड़ सकता है। शॉर्ट टर्म ट्रेडर्स जहां हल्के मुनाफे की तलाश में सक्रिय हैं, वहीं लॉन्ग टर्म निवेशक मजबूत फंडामेंटल वाले शेयरों पर नजर बनाए हुए हैं। आगे की दिशा: डेटा और वैश्विक संकेत तय करेंगे रुझानविशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले सत्रों में बाजार की दिशा मुख्य रूप से वैश्विक आर्थिक डेटा, विदेशी निवेश प्रवाह और घरेलू आर्थिक संकेतकों पर निर्भर करेगी। अगर विदेशी निवेशकों की खरीदारी बढ़ती है, तो बाजार में तेजी का नया दौर देखने को मिल सकता है। फिलहाल बाजार में स्थिरता के साथ हल्का उतार-चढ़ाव जारी रहने की संभावना जताई जा रही है।