जियो हॉटस्टार पर ट्रेंडिंग कंटेंट की रेटिंग में बड़ा उलटफेर, जानिए कौन है असली विजेता

मुंबई। ओटीटी प्लेटफॉर्म JioHotstar पर कई फिल्में और वेब सीरीज ट्रेंडिंग सूची में शामिल हैं, लेकिन लोकप्रियता और गुणवत्ता का पैमाना हमेशा एक जैसा नहीं होता। जहां कुछ टाइटल दर्शकों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं, वहीं IMDb रेटिंग के आधार पर तस्वीर कुछ अलग नजर आती है। धुरंधर – द रिवेंज एक्शन और थ्रिल से भरपूर इस फिल्म को दर्शकों का अच्छा समर्थन मिला है। IMDb पर इसे 8.3 की रेटिंग प्राप्त है। समीक्षकों ने भी इसकी कहानी और प्रस्तुति की सराहना की है। लाफ्टर शेफ्स भारती सिंह और कृष्णा अभिषेक की मौजूदगी वाला यह कॉमेडी शो लगातार लोकप्रिय बना हुआ है। IMDb पर इसकी रेटिंग 8.4 है, जो इसे ट्रेंडिंग सूची के सबसे मजबूत दावेदारों में शामिल करती है। स्प्लिट्सविला रियलिटी शो पसंद करने वाले दर्शकों के बीच इसकी अच्छी पहचान है। हालांकि IMDb पर इसकी रेटिंग 6.5 है, जो सूची में मौजूद कई अन्य शो और फिल्मों से कम है। The Night Manager अनिल कपूर अभिनीत यह चर्चित सीरीज IMDb पर 8.4 की रेटिंग के साथ शीर्ष दावेदारों में शामिल है। सस्पेंस और थ्रिलर पसंद करने वाले दर्शकों के बीच इसे खासा पसंद किया गया। जॉली एलएलबी 3 कॉमेडी और कोर्टरूम ड्रामा के मिश्रण वाली इस फिल्म को IMDb पर 6.4 की रेटिंग मिली है। ट्रेंडिंग सूची में होने के बावजूद रेटिंग के मामले में यह अपेक्षाकृत पीछे नजर आती है। इंस्पेक्टर अविनाश रणदीप हुड्डा अभिनीत यह क्राइम ड्रामा वास्तविक घटनाओं से प्रेरित बताया जाता है। IMDb पर इसकी रेटिंग 7.6 है और दर्शकों की प्रतिक्रिया मिश्रित रही है। धुरंधर इस फ्रेंचाइजी की पहली फिल्म को IMDb पर 8.4 की मजबूत रेटिंग मिली है। एक्शन, ड्रामा और दमदार स्टारकास्ट की वजह से इसे दर्शकों और समीक्षकों दोनों का समर्थन मिला। IMDb रेटिंग के आधार पर शीर्ष प्रदर्शन लाफ्टर शेफ्स – 8.4 The Night Manager – 8.4 धुरंधर (पार्ट 1) – 8.4 धुरंधर – द रिवेंज – 8.3 इंस्पेक्टर अविनाश 2 – 7.6 स्प्लिट्सविला – 6.5 जॉली एलएलबी 3 – 6.4 ट्रेंडिंग सूची लोकप्रियता को दर्शाती है, लेकिन IMDb रेटिंग बताती है कि दर्शकों और समीक्षकों ने किसी कंटेंट को कितनी सराहना दी है। ऐसे में सिर्फ ट्रेंडिंग पोजिशन देखकर नहीं, बल्कि रेटिंग और समीक्षाओं को देखकर भी अपनी वॉचलिस्ट तैयार करना बेहतर विकल्प हो सकता है।
नेटफ्लिक्स पर इस हफ्ते मनोरंजन का डबल डोज, क्राइम थ्रिलर से लेकर शॉकिंग डॉक्यूमेंट्री तक होगी रिलीज

मुंबई। ओटीटी प्लेटफॉर्म Netflix पर इस सप्ताह दर्शकों के लिए कई नई फिल्में, डॉक्यूमेंट्री और वेब सीरीज रिलीज होने जा रही हैं। क्राइम, थ्रिलर, रियलिटी शो और फैमिली ड्रामा पसंद करने वाले दर्शकों को इस बार कंटेंट की भरपूर वैरायटी देखने को मिलेगी। 1. Colors Of Evil: Black 10 जून को रिलीज होने वाली यह क्राइम थ्रिलर एक शांत शहर में बच्चे के रहस्यमय ढंग से गायब होने की घटना पर आधारित है। जांच आगे बढ़ने के साथ कई पुराने और चौंकाने वाले रहस्य सामने आते हैं, जो कहानी को रोमांचक बना देते हैं। 2. Outlast: The Jungle रियलिटी शो के शौकीनों के लिए यह सीरीज 10 जून को स्ट्रीम होगी। इस बार प्रतियोगियों को पनामा के घने और खतरनाक जंगलों में चुनौती का सामना करना होगा। विजेता को 10 लाख डॉलर की पुरस्कार राशि मिलेगी। 3. Rosario Tijeras लोकप्रिय क्राइम ड्रामा का पांचवां सीजन भी 10 जून को आएगा। कहानी में रोजारियो नई शुरुआत की कोशिश करती है, लेकिन पुराने दुश्मन और नए खतरे उसकी राह में बड़ी चुनौतियां खड़ी कर देते हैं। 4. The Evil Lawyer 11 जून को रिलीज होने वाली यह कोर्टरूम ड्रामा सीरीज एक युवा वकील की कहानी है, जो एक गंभीर अपराध में फंस जाता है। अपनी बेगुनाही साबित करने के लिए उसे एक अनुभवी लेकिन सख्त वकील का सहारा लेना पड़ता है। 5. Maternal Instinct 12 जून को आने वाली यह डॉक्यूमेंट्री एक चर्चित वास्तविक घटना से प्रेरित बताई जा रही है। कहानी में सोशल मीडिया, झूठी पहचान और एक चौंकाने वाले रहस्य का खुलासा दर्शकों को अंत तक बांधे रखता है। 6. My Family पारिवारिक रिश्तों, संघर्षों और भावनात्मक उतार-चढ़ाव पर आधारित इस शो का दूसरा सीजन भी इसी सप्ताह दर्शकों के बीच आएगा। पहले सीजन को मिली लोकप्रियता के बाद इसके नए एपिसोड को लेकर काफी उत्सुकता है।
अनुपमा में नया बवाल: राही की मातृत्व क्षमता पर उठे सवाल, परिवार में बढ़ेगा तनाव

मुंबई। लोकप्रिय टीवी शो अनुपमा के आगामी एपिसोड में भावनात्मक ड्रामा और पारिवारिक टकराव दर्शकों को बांधे रखेगा। कहानी में राही को लेकर बड़ा विवाद खड़ा होने वाला है, जिससे कोठारी और शाह परिवार दोनों में उथल-पुथल मच जाएगी। एपिसोड में ख्याति, राही का पक्ष लेते हुए परिवार को समझाने की कोशिश करेगी कि जीवन में परिस्थितियां कभी भी बदल सकती हैं। हालांकि वसुंधरा कोठारी इस बात को स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं होगी। वह राही पर परिवार से सच छिपाने का आरोप लगाएगी और उसके भविष्य को लेकर चिंता जताएगी। दूसरी ओर प्रेम अपनी पत्नी राही के समर्थन में मजबूती से खड़ा नजर आएगा। वह स्पष्ट करेगा कि किसी भी परिस्थिति में वह राही का साथ नहीं छोड़ेगा। वहीं राही भी अपनी सेहत और इलाज को लेकर सकारात्मक रवैया अपनाने की बात कहेगी। इसी बीच गौतम अपने स्वार्थी इरादों को लेकर मन ही मन खुश दिखाई देगा। उसे लगने लगेगा कि परिवार की संपत्ति के बंटवारे की स्थिति अब उसके पक्ष में जा सकती है। उधर शाह परिवार में भी तनाव कम नहीं होगा। अनुपमा अपने कुकिंग प्रतियोगिता के फॉर्म को लेकर परेशान रहेगी। माही को शक होगा कि फॉर्म गायब होने के पीछे प्रेम का हाथ हो सकता है, लेकिन अनुपमा इस आरोप को मानने से इनकार कर देगी। बाद में दिग्विजय की ओर से मिली जानकारी से भी कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाएगा। परिवार के दूसरे सदस्यों के बीच हंसमुख और लीला की सालगिरह की तैयारियां चलती रहेंगी, लेकिन राही से जुड़ा मुद्दा कहानी का केंद्र बना रहेगा। आने वाले एपिसोड में यह देखना दिलचस्प होगा कि राही से जुड़ी जानकारी शाह परिवार तक कैसे पहुंचती है और इस पूरे घटनाक्रम पर अनुपमा की क्या प्रतिक्रिया रहती है। यही मोड़ कहानी को नई दिशा देने वाला माना जा रहा है।
CM MOHAN YADAV: CM मोहन यादव का बड़ा फैसला; RGPV को तीन हिस्सों में बांटने की तैयारी

CM MOHAN YADAV: भोपाल। मुख्यमंत्री मोहन यादव प्रदेश की तकनीकी शिक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव करने की तैयारी में हैं। सरकार भोपाल के राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (RGPV) तीन हिस्सों में बाटने की योजना पर काम कर रही है। लेकिन इस फैसले के सामने आते ही प्रदेश की राजनीति गरमा गई है और कांग्रेस इसका जमकर विरोध कर रही है। प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने बताया कि वर्तमान में प्रदेश की तकनीकी शिक्षा का बड़ा हिस्सा RGPV के अधीन संचालित होता है। इससे प्रशासनिक और शैक्षणिक स्तर पर कई चुनौतियां सामने आती हैं। इन्हें दूर करने के लिए विश्वविद्यालय का पुनर्गठन करने की योजना बनाई जा रही है। CM Mohan Yadav Instruction: नक्सलवाद की तरह कुपोषण का करें सफाया, CM ने दिए महिला बाल विकास को निर्देश तीन नए विश्वविद्यालय बनाने की तैयारी प्रस्ताव के अनुसार जबलपुर क्षेत्र के लिए महाकौशल प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, भोपाल क्षेत्र के लिए मध्य भारत प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय और उज्जैन क्षेत्र के लिए मालवा प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय बनाए जा सकते हैं। सरकार का कहना है कि इससे छात्रों और कॉलेजों को अपने काम के लिए बार-बार भोपाल नहीं आना पड़ेगा। क्षेत्रीय स्तर पर फैसले लेने में आसानी होगी और संस्थानों की निगरानी भी बेहतर तरीके से की जा सकेगी। कांग्रेस ने उठाए सवाल सरकार की इस योजना पर कांग्रेस ने कड़ी आपत्ति जताई है। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि विश्वविद्यालय के नाम और स्वरूप में बदलाव के जरिए राजीव गांधी की पहचान से जुड़े संस्थानों को कमजोर करने का प्रयास किया जा रहा है। कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने कहा कि राजीव गांधी देश के पूर्व प्रधानमंत्री रहे हैं और तकनीकी विकास के क्षेत्र में उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उनके नाम से जुड़े संस्थानों की पहचान खत्म करना गलत है। आरिफ मसूद – सरकार जानबूझकर राजीव गांधी की विरासत से जुड़े संस्थानों में बदलाव कर रही है। भारत-बांग्लादेश सीमा पर बढ़ी टेंशन….. BGB-BSF ने एक-दूसरे पर लगाए अवैध घुसपैठ कराने के आरोप 247 एकड़ में फैला RGPV 247 एकड़ में फैला RGPV प्रदेश की तकनीकी शिक्षा का प्रमुख केंद्र है। विश्वविद्यालय से 200 से अधिक इंजीनियरिंग कॉलेज, 98 फार्मेसी कॉलेज, 95 एमसीए संस्थान, 4 आर्किटेक्चर कॉलेज और 85 पॉलीटेक्निक संस्थान संबद्ध हैं। ऐसे बड़े शैक्षणिक ढांचे में बदलाव के प्रस्ताव ने शिक्षा जगत के साथ-साथ राजनीतिक गलियारों में भी चर्चा तेज कर दी है। राजनीतिक मुद्दा बनने के संकेत बीजेपी का कहना है कि यह फैसला किसी व्यक्ति या राजनीतिक विचारधारा के खिलाफ नहीं है, बल्कि प्रशासनिक सुधार और तकनीकी शिक्षा को मजबूत करने के लिए लिया जा रहा है।
मध्यप्रदेश से राज्यसभा चुनाव के लिए भाजपा प्रत्याशियों ने भरा नामांकन

भोपाल। मध्यप्रदेश से राज्यसभा की रिक्त होने वाली तीन सीटों के लिए होने वाले द्विवार्षिक निर्वाचन के तहत भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवारों ने शनिवार को अपना नामांकन पत्र दाखिल किया। भाजपा प्रत्याशी रजनीश अग्रवाल और तरुण चुग ने निर्वाचन आयोग द्वारा शनिवार को नियुक्त रिटर्निंग ऑफिसर अरविंद शर्मा के समक्ष अपने-अपने नामांकन पत्र प्रस्तुत किए। नामांकन दाखिल करने के दौरान मुख्यमंत्री मोहन यादव, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खांडेलवाल, वरिष्ठ नेता एवं मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, राकेश सिंह तथा गोविंद सिंह सहित बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। राज्यसभा की रिक्त सीटों के लिए हो रहे इस चुनाव को लेकर प्रदेश की राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। नामांकन प्रक्रिया के दौरान भाजपा नेताओं ने उम्मीदवारों की जीत का विश्वास भी व्यक्त किया।
BHIND RAPE CASE: भिंड गैंगरेप-हत्या कांड; न्याय की मांग को लेकर सड़कों पर उतरे कोंग्रेसी

HIGHLIGHTS: कांग्रेस ने जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन किया। मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया। परिवार को 1 करोड़ रुपए सहायता की मांग। 10 बीघा जमीन और सरकारी नौकरी की मांग। प्रदर्शन के दौरान पीड़िता के पिता भावुक हो गए। BHIND RAPE CASE: भिंड। नौवीं कक्षा की छात्रा के साथ सामूहिक दुष्कर्म के बाद हत्या कर शव जलाने की घटना को लेकर कांग्रेस ने शुक्रवार को जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन किया। कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने तथा आर्थिक सहायता देने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन भी सौंपा। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता फूल सिंह बरैया के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट पहुंचे। इस दौरान करीब डेढ़ घंटे तक प्रदर्शन जारी रहा, प्रदर्शन के बाद अपर कलेक्टर को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर विभिन्न मांगें रखी गईं। US में सख्त होंगे H-1B वीजा के नियम…. रिपब्लिकन MP ने संसद में पेश किया नया Bill परिवार को एक करोड़ रुपए सहायता देने की मांग कांग्रेस नेताओं ने ज्ञापन में कहा कि पीड़ित परिवार आर्थिक रूप से बेहद कमजोर है। घटना के बाद परिवार पर विभिन्न प्रकार के दबाव बनाए जाने की शिकायतें भी सामने आ रही हैं। ऐसे में शासन को तत्काल परिवार को एक करोड़ रुपए की आर्थिक सहायता उपलब्ध करानी चाहिए। 10 बीघा जमीन और सरकारी नौकरी की मांग ज्ञापन में पीड़ित परिवार को 10 बीघा भूमि का पट्टा देने की मांग की गई। इसके साथ ही परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए शस्त्र लाइसेंस जारी करने तथा सुरक्षा व्यवस्था होने तक पुलिस गार्ड उपलब्ध कराने की मांग भी उठाई गई। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी भी दी जानी चाहिए, ताकि उन्हें आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा मिल सके। RS चुनाव : MP में नटराजन का विरोध, झारखंड में JMM-कांग्रेस के बीच खींचतान…. BJP में उम्मीद जगी प्रदर्शन के दौरान भावुक हुए पिता प्रदर्शन के दौरान मृतक छात्रा के पिता भी कलेक्ट्रेट परिसर पहुंचे। बेटी को याद करते हुए वे भावुक हो गए और फूट-फूटकर रोने लगे। उनकी हालत देखकर वहां मौजूद लोग भी भावुक हो उठे। कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उन्हें ढांढस बंधाया और न्याय दिलाने का भरोसा दिया। कांग्रेस परिवार के साथ खड़ी है कांग्रेस नेता फूल सिंह बरैया ने कहा कि यह बेहद दर्दनाक और अमानवीय घटना है। कांग्रेस पार्टी पीड़ित परिवार के साथ मजबूती से खड़ी है। दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने और परिवार को न्याय दिलाने के लिए हमारा संघर्ष जारी रहेगा। जिला कांग्रेस अध्यक्ष धर्मेंद्र भदौरिया और ग्रामीण जिला कांग्रेस अध्यक्ष रामशेष बघेल ने भी पीड़ित परिवार से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी और हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया। Morena Honey Trap: केमिकल पी और लेट जा… खुद को भाजपा नेता बताने वाली महिला ने मुरैना बिजनेसमैन से मांगे 10 लाख दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग कांग्रेस नेताओं ने कहा कि इस मामले में दोषियों के खिलाफ त्वरित और सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। साथ ही पीड़ित परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए, ताकि उन्हें किसी प्रकार के दबाव या भय का सामना न करना पड़े।
US में सख्त होंगे H-1B वीजा के नियम…. रिपब्लिकन MP ने संसद में पेश किया नया Bill

वॉशिंगटन। अमेरिका (America) में एच-1बी वीजा (H-1B Visa) को लेकर बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। अमेरिकी कांग्रेस (US Congress) में रिपब्लिकन सांसद चिप रॉय (Republican Congressman Chip Roy) ने एक नया विधेयक पेश किया है, जिसमें एच-1बी वीजा प्रणाली में बड़े बदलाव की मांग की गई है। इस प्रस्ताव का सबसे बड़ा असर भारतीय पेशेवरों और छात्रों पर पड़ सकता है, क्योंकि बड़ी संख्या में भारतीय आईटी और तकनीकी क्षेत्र में इसी वीजा के जरिए अमेरिका जाते हैं। विधेयक में एच-1बी वीजा को ग्रीन कार्ड तक पहुंचने का रास्ता खत्म करने, वीजा अवधि घटाने और विदेशी छात्रों के लिए काम करने वाले ओपीटी कार्यक्रम को बंद करने जैसे बड़े प्रस्ताव शामिल हैं। एच-1बी वीजा को लेकर नया प्रस्ताव क्या है?रिपब्लिकन सांसद चिप रॉय ने अमेरिकन व्हाइट-कॉलर वर्कर जॉब्स एक्ट नाम से यह विधेयक पेश किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले करीब 40 वर्षों में एच-1बी वीजा प्रणाली का गलत इस्तेमाल हुआ है। उनके मुताबिक, अमेरिकी कंपनियां कम वेतन पर विदेशी कर्मचारियों को नौकरी देकर अमेरिकी तकनीकी कर्मचारियों को पीछे कर रही हैं। इस विधेयक में कहा गया है कि अब वीजा प्रणाली को मेरिट यानी योग्यता और ज्यादा वेतन के आधार पर चलाया जाना चाहिए। अभी एच-1बी वीजा का आवंटन लॉटरी सिस्टम के जरिए होता है। ग्रीन कार्ड और ओपीटी पर क्या असर पड़ेगा?इस विधेयक का सबसे बड़ा प्रस्ताव यह है कि एच-1बी वीजा धारकों के लिए ग्रीन कार्ड का रास्ता लगभग बंद कर दिया जाए। अभी तक एच-1बी वीजा पर काम करने वाले लोग अमेरिका में स्थायी निवास यानी ग्रीन कार्ड के लिए आवेदन कर सकते थे। लेकिन नए प्रस्ताव में ड्यूल इंटेंट नीति खत्म करने की बात कही गई है। यानी वीजा धारक को यह साबित करना होगा कि वह अमेरिका में स्थायी रूप से बसने का इरादा नहीं रखता। इसके अलावा विदेशी छात्रों के लिए पढ़ाई के बाद सीमित समय तक काम करने की अनुमति देने वाले ओपीटी कार्यक्रम को भी खत्म करने का प्रस्ताव है। इसका असर हजारों भारतीय छात्रों पर पड़ सकता है। वीजा अवधि और फीस में क्या बदलाव होंगे?प्रस्तावित कानून के तहत एच-1बी वीजा की अधिकतम अवधि छह साल से घटाकर सिर्फ दो साल करने की बात कही गई है। साथ ही अब लॉटरी सिस्टम की जगह ज्यादा वेतन देने वाली कंपनियों को प्राथमिकता दी जा सकती है। ट्रंप प्रशासन पहले ही कानूनी माइग्रेशन कार्यक्रमों पर सख्ती बढ़ा चुका है। नई एच-1बी याचिकाओं पर एक लाख डॉलर तक की फीस लगाने और सख्त नियम लागू करने की दिशा में कदम उठाए जा चुके हैं। इस विधेयक को अमेरिकी टेक वर्कर्स और इमिग्रेशन से जुड़े कुछ संगठनों का समर्थन भी मिला है। भारतीय पेशेवरों और छात्रों पर क्या असर होगा?भारत दुनिया के उन देशों में शामिल है जहां से सबसे ज्यादा लोग एच-1बी वीजा पर अमेरिका जाते हैं। आईटी, इंजीनियरिंग और तकनीकी क्षेत्र में काम करने वाले हजारों भारतीय पेशेवर और छात्र इस प्रणाली पर निर्भर हैं। अगर यह विधेयक आगे बढ़ता है तो भारतीय युवाओं के लिए अमेरिका में नौकरी और स्थायी बसने का रास्ता मुश्किल हो सकता है। हालांकि यह अभी सिर्फ प्रस्तावित कानून है और इसे लागू होने के लिए अमेरिकी कांग्रेस की कई प्रक्रियाओं से गुजरना होगा। फिर भी इस प्रस्ताव ने भारतीय छात्रों और आईटी सेक्टर में चिंता बढ़ा दी है।
जगद्गुरु रामभद्राचार्य बोले- दो दिन और चलता 'ऑपरेशन सिंदूर तो PoK भारत का हिस्सा बन गया होता

लखनऊ । उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के लखनऊ (Lucknow) में आयोजित श्रीराम कथा कार्यक्रम में जगद्गुरु रामभद्राचार्य (Jagadguru Rambhadracharya) ने ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor) को लेकर बड़ा बयान दिया. उन्होंने कहा कि अगर ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor) दो दिन और जारी रहता तो पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (Pakistan occupied Kashmir) यानी पीओके भारत का हिस्सा बन गया होता. उनके इस बयान के दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Defence Minister Rajnath Singh) भी मंच पर मौजूद थे। जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने अपने संबोधन में कहा कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के कार्यकाल में ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान में स्थित नौ आतंकी ठिकानों को नष्ट किया गया. उन्होंने दावा किया कि यदि यह अभियान कुछ और समय तक चलता तो पीओके का भारत में विलय संभव हो सकता था. रामभद्राचार्य ने भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि जब सेना प्रमुख ने उनसे गुरु दक्षिणा देने की इच्छा जताई थी, तब उन्होंने पीओके को भारत में वापस लाने की इच्छा व्यक्त की थी. यह कार्यक्रम लखनऊ में आयोजित श्रीराम कथा के दौरान हुआ. कार्यक्रम में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह मुख्य रूप से मौजूद रहे. रामभद्राचार्य ने उनकी ओर इशारा करते हुए कहा कि वह क्षत्रिय हैं और राष्ट्र की रक्षा की जिम्मेदारी उनके कंधों पर है। राजनाथ सिंह की मौजूदगी में रामभद्राचार्य का बड़ा दावाउन्होंने यह भी कहा कि वर्ष 2029 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी फिर से सरकार बनाएंगे और राजनाथ सिंह एक बार फिर रक्षा मंत्री की जिम्मेदारी संभालेंगे. रामभद्राचार्य ने अपने संबोधन में ऑपरेशन सिंदूर का उल्लेख करते हुए कहा कि यह अभियान आतंकवाद के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई थी. बता दें, भारत ने साल 2025 में पहलगाम आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान में मौजूद आतंकी ढांचे को निशाना बनाते हुए ऑपरेशन सिंदूर चलाया था. रामचरितमानस को राष्ट्रीय ग्रंथ घोषित करने की मांगअपने संबोधन के दौरान रामभद्राचार्य ने जगद्गुरु रामभद्राचार्य दिव्यांग राज्य विश्वविद्यालय को केंद्रीय विश्वविद्यालय का दर्जा देने की मांग भी की. इसके साथ ही उन्होंने रामचरितमानस को राष्ट्रीय ग्रंथ घोषित करने की मांग रखी. उन्होंने कहा कि भगवान राम राष्ट्र के कल्याण और सांस्कृतिक चेतना के प्रतीक हैं. कार्यक्रम को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि वह पिछले तीन दशकों से जगद्गुरु रामभद्राचार्य को जानते हैं. उन्होंने कहा कि इतनी अद्भुत स्मरण शक्ति और असाधारण प्रतिभा उन्होंने कहीं और नहीं देखी. राजनाथ सिंह ने रामभद्राचार्य के ज्ञान, साहित्य और आध्यात्मिक योगदान की सराहना करते हुए उन्हें समाज के लिए प्रेरणास्रोत बताया.
यूका फैक्ट्री का कचरा हटने से भोपाल से मिटा गैस त्रासदी का कलंक, अब जमीन का करेंगे प्रबंधनः CM मोहन यादव

भोपाल। मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के मुख्यमंत्री मोहन यादव (Chief Minister Mohan Yadav) ने 1984 की भोपाल गैस त्रासदी (Bhopal gas tragedy) को प्रकृति के साथ छेड़छाड़ का सबसे बड़ा उदाहरण बताया. कहा कि इस भयानक घटना ने नागरिकों और पर्यावरण को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाया। CM यादव विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे, जहां ‘एक पेड़ मां के नाम 2.0’ अभियान की शुरुआत की गई। सीएम यादव ने कहा, “भोपाल गैस त्रासदी प्रकृति के साथ छेड़छाड़ का सबसे बड़ा उदाहरण है. यह सबसे भयानक घटना थी जिसने आम नागरिकों और पर्यावरण को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाया। फैक्ट्री के कचरे का हुआ सफल निपटारामुख्यमंत्री ने बताया कि उनकी सरकार ने 40 साल बाद यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री में पड़े कचरे का निपटारा कर दिया है. उन्होंने आगे कहा, “इससे भोपाल की धरती से गैस त्रासदी का कलंक मिट गया है. अब राज्य सरकार यूनियन कार्बाइड की जमीन के सही प्रबंधन की दिशा में आगे बढ़ रही है। बता दें कि 2-3 दिसंबर 1984 की रात भोपाल में यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री से बेहद जहरीली मिथाइल आइसोसाइनेट गैस का रिसाव हुआ था. इसमें कम से कम 5,479 लोगों की मौत हुई और हजारों लोग अपंग हो गए. इसे दुनिया की सबसे बुरी औद्योगिक त्रासदियों में से एक माना जाता है। ग्रीन एनर्जी और वन्यजीवों का सह-अस्तित्वCM यादव ने कहा कि राज्य में स्वच्छ और हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए कई अहम पहल की जा रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हरित ऊर्जा के लिए सौर, पवन, बायोमास और जलविद्युत परियोजनाओं पर तेजी से काम चल रहा है, और सांची, खजुराहो व अन्य जगहों पर बड़ी परियोजनाएं चल रही हैं। वन्यजीव संरक्षण के साथ सह-अस्तित्व का बेहतरीन उदाहरण पेश करने का जिक्र करते हुए यादव ने कहा कि राज्य सरकार पर्यावरण और वन्यजीवों के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है. उन्होंने बताया कि राज्य में तेंदुओं को लाने के अलावा असम से जंगली भैंसें भी लाई गई हैं. उन्होंने कहा, “पर्यावरण संरक्षण की मूल अवधारणा हमारी सनातन संस्कृति में निहित है. 5 तत्वों से बनी इस सृष्टि के संरक्षण के लिए हर तत्व का महत्व हमारी पूजा-पद्धति, खान-पान और प्रार्थनाओं में मौजूद है. सनातन संस्कृति में एक पेड़ को दस पुत्रों के बराबर माना जाता है. पर्यावरण संरक्षण हमारी जीवनशैली में झलकता है.” यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राज्य सरकार पर्यावरण संरक्षण के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है. यादव ने कहा कि ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ के तहत राज्य में नदियों, कुओं, बावड़ियों और तालाबों के संरक्षण का पवित्र कार्य चल रहा है. इस मौके पर वन एवं पर्यावरण राज्य मंत्री दिलीप अहिरवार और वन एवं पर्यावरण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अशोक बरनवाल समेत कई अन्य लोग मौजूद थे. अहिरवार ने कहा कि पर्यावरण की सुरक्षा के लिए हवा, पानी और पेड़ों को बचाना बहुत जरूरी है।
अंडमान के अपतटीय बेसिन में मिला नैचुरल गैस का बड़ा भंडार, केंद्रीय मंत्री पुरी ने शेयर किया वीडियो

नई दिल्ली। अंडमान निकोबार (Andaman and Nicobar) क्षेत्र में प्राकृतिक गैस (Natural Gas) के बड़े भंडार मिले हैं। केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी (Hardeep Singh Puri) ने एक वीडियो साझा करते हुए इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सरकारी कंपनी ऑयल इंडिया लिमिटेड (Oil India Limited- OIL) ने अंडमान अपतटीय बेसिन में प्राकृतिक गैस का एक बड़ा भंडार खोज निकाला है। इससे भारत के ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर होने की संभावना को और भी ज्यादा बल मिला है। सोशल मीडिया साइट एक्स पर वीडियो शेयर करते हुए केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पूरी ने अपनी खुशी जाहिर की। उन्होंने लिखा कि अंडमान निकोबार द्वीपों से 15 किलोमीटर दूर श्री विजय पुरम-3 में हमें प्राकृतिक गैस के भंडार मिले हैं। यह कुआँ पानी में करीब 1900 मीटर गहराई में स्थिति हैं। शुरुआती टेस्टिंग के दौरान लगातार गैस जलने से गैस की मौजूदगी की पुष्टि हुई है। गैस के नमूने की जांच के लिए उसे लैबोरेट्री में भेजा गया है।” बता दें, यह पहली बार नहीं है जब अंडमान निकोबार द्वीप समूह के पास प्राकृतिक गैस के भंडार मिले हों। इससे पहले 2025 में भी बेसिन में प्राकृतिक गैस के स्त्रोत मिलने की पुष्टि हुई थी। सरकार द्वारा चलाए जा रहे अभियान में श्री विजय पुरम-2 के कुओं में गैस मिली थी। इसकी जांच करने पर पता चला था कि इस गैस में 87 फीसदी मीथेन मिली हुई थी। लगातार दो जगह पर प्राकृतिक गैस के भंडार मिलने से इस बात की पुष्टि होती है कि इस पूरे बेसिन में पेट्रोलियम तत्व मौजूद हैं। यह पूरा बेसिन इंडोनेशिया से लेकर म्यांमार तक फैला हुआ है। सरकार का समुद्र मंथन अभियानपश्चिम एशिया में जारी संघर्ष की वजह से भारत ऊर्जा संकट से जूझ रहा है। हालांकि, भारत सरकार को इसका अंदेशा पिछले कई सालों से है। इसलिए वह लगातार भारतीय समुद्री क्षेत्र में ऊर्जा भंडारों का पता लगाने की कोशिश करती रही है। इसी अभियान को तेज करने के लिए भारत सरकार ने ‘समुद्र मंथन’ नामक एक परियोजना शुरू की है। इसका उद्देश्य भारत को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाना है। सरकार ने इस अभियान के लिए प्रमुख तौर पर अंडमान निकोबार द्वीप समूह के आसपास का हिस्सा चिह्नित किया है। भूवैज्ञानिक दृष्टि से बात करें तो यह क्षेत्र बंगाल-आराकान पेट्रोलियम प्रणाली का हिस्सा है। यही क्षेत्र म्यांमार, थाईलैंड औऱ इंडोनेशिया में बड़े गैस और तेल भंडारों का आधार रही है। ऐसे में विशेषज्ञों का मानना है कि अंडमान के आसपास के क्षेत्रों में तेल और गैस के नए भंडार हो सकते हैं। यह भंडार अगर सामने आ जाते हैं, तो वैश्विक स्तर पर भारत की भूमिका पूरी तरह से बदल सकती है। हालांकि, सरकार लगातार इसकी खोज कर रही है, लेकिन अभी तक इनके आकार की पुष्टि नहीं हो पाई है।