फिजूलखर्ची छोड़ सेवा का संदेश युवा समाजसेवी ने वृद्धजनों के साथ मनाया जन्मदिन

चित्रकूट। आज के दौर में जहां जन्मदिन के मौके पर भव्य पार्टियों और दिखावे का चलन तेजी से बढ़ रहा है वहीं चित्रकूट के युवा समाजसेवी बीपी पटेल ने समाज को प्रेरित करने वाली मिसाल पेश की। उन्होंने अपना जन्मदिन परिवार और दोस्तों के साथ किसी होटल या समारोह स्थल पर मनाने के बजाय गणेश बाग के समीप स्थित विनायकपुर वृद्धाश्रम में बुजुर्गों के बीच मनाया। इस अवसर पर बीपी पटेल ने वृद्धाश्रम में रह रहे सभी बुजुर्गों को मिठाई समोसा और फल वितरित किए तथा उनके साथ समय बिताकर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। बुजुर्गों ने भी स्नेहपूर्वक उन्हें और जानकी पटेल को स्वस्थ जीवन तथा दीर्घायु का आशीर्वाद देते हुए उनके इस सामाजिक कार्य की सराहना की। समाजसेवी बीपी पटेल ने कहा कि जन्मदिन केवल उत्सव मनाने का अवसर नहीं बल्कि समाज के जरूरतमंद और उपेक्षित लोगों के साथ खुशियां बांटने का भी दिन होना चाहिए। उन्होंने युवाओं से भी अपील की कि वे अपने विशेष अवसरों को सेवा और समाजहित के कार्यों से जोड़ें ताकि ऐसे आयोजन जरूरतमंद लोगों के चेहरे पर मुस्कान ला सकें। इस मौके पर सभासद शंकर प्रसाद यादव धर्मेंद्र कुमार ओझा सुरेंद्र यादव हरिशरण जानकी पटेल जगपालक सिंह यादव आशीष श्रीवास्तव एडवोकेट प्रखर सिंह प्रदोष सिंह पटेल वृद्धाश्रम के प्रबंधक कामता प्रसाद समाजसेविका दिव्यांगना मिश्रा अनुराग सिंह पटेल अशोक पटेल और ओंकार सिंह चंदेल सहित अनेक लोग मौजूद रहे। जन्मदिन समारोह से पहले बीपी पटेल ने पंपापुर देवांगना हनुमानगढ़ी आश्रम पहुंचकर सिद्ध संत तपशाली प्रेमदास जी महाराज का आशीर्वाद लिया और गुफा में विराजमान हनुमान जी के दर्शन कर अपने सामाजिक जीवन में सेवा और मानवता के मार्ग पर आगे बढ़ने का संकल्प दोहराया। बीपी पटेल की यह पहल न केवल बुजुर्गों के प्रति सम्मान का संदेश देती है बल्कि यह भी बताती है कि जीवन के खास अवसरों को समाज सेवा से जोड़कर उन्हें अधिक सार्थक और प्रेरणादायक बनाया जा सकता है।
आज दुल्हन बनेंगी अंशुला कपूर, मुंबई में रोहन ठक्कर संग लेंगी सात फेरे, परिवार और करीबी मेहमान होंगे शामिल

नई दिल्ली। कपूर परिवार में आज जश्न का माहौल है। फिल्म निर्माता बोनी कपूर की बेटी और अभिनेता अर्जुन कपूर की बहन अंशुला कपूर सोमवार को अपने मंगेतर रोहन ठक्कर के साथ विवाह बंधन में बंधने जा रही हैं। दोनों की शादी मुंबई के प्रतिष्ठित ताज लैंड्स एंड होटल में होगी। समारोह को पूरी तरह निजी रखा गया है, जिसमें केवल परिवार के सदस्य, करीबी रिश्तेदार और चुनिंदा मेहमान ही शामिल होंगे। शादी को लेकर कपूर परिवार में पिछले कई दिनों से तैयारियां चल रही थीं। जानकारी के अनुसार शादी की सभी रस्में एक ही दिन में पूरी की जाएंगी। विवाह समारोह के बाद मेहमानों के लिए एक विशेष कॉकटेल पार्टी का भी आयोजन किया गया है। दोनों परिवार इस मौके को बेहद सादगी और गरिमापूर्ण तरीके से मनाना चाहते हैं। शादी में आधुनिक भारतीय थीम को ध्यान में रखते हुए मेहमानों के लिए विशेष ड्रेस कोड भी तय किया गया है, जिससे पूरे समारोह में एक जैसी सांस्कृतिक और पारंपरिक झलक दिखाई दे। अंशुला कपूर की शादी से पहले हुए प्री-वेडिंग समारोह भी चर्चा में रहे। मेहंदी, चूड़ा और माता की चौकी जैसी पारंपरिक रस्मों की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आए, जिन्हें लोगों ने काफी पसंद किया। परिवार के सदस्यों और करीबी दोस्तों ने इन कार्यक्रमों में हिस्सा लेकर शादी की खुशियों को साझा किया। समारोह की सजावट और तैयारियों को भी पारंपरिक और आधुनिक शैली का मिश्रण बताया जा रहा है। अंशुला कपूर और रोहन ठक्कर की प्रेम कहानी भी काफी दिलचस्प रही है। दोनों की मुलाकात वर्ष 2022 में एक डेटिंग ऐप के जरिए हुई थी। समय के साथ दोनों की दोस्ती गहरे रिश्ते में बदल गई और पिछले वर्ष जुलाई में न्यूयॉर्क के सेंट्रल पार्क में रोहन ने अंशुला को शादी के लिए प्रपोज किया था। सगाई की तस्वीरें सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुई थीं और प्रशंसकों ने इस जोड़ी को भरपूर शुभकामनाएं दी थीं। रोहन ठक्कर पेशे से लेखक हैं और उन्होंने अमेरिका के लॉस एंजिल्स में फिल्म और स्क्रीनराइटिंग की पढ़ाई की है। मनोरंजन जगत से जुड़े होने के बावजूद उन्होंने हमेशा निजी जीवन को सार्वजनिक चर्चा से दूर रखा है। यही वजह है कि दोनों ने अपनी शादी को भी सीमित लोगों की मौजूदगी में आयोजित करने का फैसला किया है। शादी में फिल्म जगत के कई जाने-माने चेहरों के शामिल होने की संभावना है। हालांकि समारोह निजी होने के कारण मेहमानों की सूची सार्वजनिक नहीं की गई है। कपूर परिवार की ओर से भी पूरे आयोजन को सादगी और पारिवारिक माहौल में संपन्न कराने पर जोर दिया गया है। अंशुला कपूर लंबे समय से सामाजिक कार्यों और मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता से जुड़े अभियानों में सक्रिय रही हैं। वहीं रोहन ठक्कर भी रचनात्मक क्षेत्र में अपनी पहचान बना चुके हैं। ऐसे में दोनों की शादी को कपूर परिवार के लिए एक खास और यादगार अवसर माना जा रहा है। विवाह समारोह के बाद नवविवाहित जोड़े की पहली आधिकारिक तस्वीरों का भी प्रशंसकों को बेसब्री से इंतजार रहेगा।
भारी बारिश के बीच भी हर रविवार निभाई परंपरा, अमिताभ बच्चन ने फैंस से मुलाकात कर कहा- आपका स्नेह मुझे हर बार भावुक कर देता है

नई दिल्ली । मुंबई में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के बीच भी महानायक अमिताभ बच्चन ने अपने प्रशंसकों से मिलने की वर्षों पुरानी परंपरा को कायम रखा। हर रविवार की तरह इस बार भी बड़ी संख्या में फैंस उनके आवास ‘जलसा’ के बाहर पहुंचे, जहां बिग बी ने उनका अभिवादन स्वीकार किया। खराब मौसम के बावजूद प्रशंसकों का उत्साह और समर्पण देखकर अभिनेता भावुक नजर आए। उन्होंने अपने आधिकारिक ब्लॉग के माध्यम से सभी का आभार व्यक्त करते हुए लोगों से बारिश के दौरान सावधानी बरतने की अपील भी की। अमिताभ बच्चन ने अपने ब्लॉग में मुलाकात की तस्वीरें साझा करते हुए लिखा कि मौसम चाहे धूप का हो, ठंड का हो या फिर तेज बारिश का, उनके प्रशंसक हर सप्ताह उसी उत्साह और प्रेम के साथ उनसे मिलने आते हैं। उन्होंने कहा कि यह स्नेह और अपनापन उन्हें हर बार भावुक कर देता है। उन्होंने बताया कि वह हाथ जोड़कर, हाथ हिलाकर और ऑटोग्राफ देकर अपने प्रशंसकों के प्रति आभार व्यक्त करने का प्रयास करते हैं, लेकिन उनके प्रेम का मूल्य शब्दों में व्यक्त करना आसान नहीं है। मुंबई में लगातार हो रही भारी बारिश को लेकर भी अभिनेता ने चिंता जताई। उन्होंने कहा कि बारिश जहां जलस्रोतों और झीलों के लिए लाभदायक है, वहीं दूसरी ओर कई इलाकों में लोगों की दैनिक जिंदगी प्रभावित हो रही है। जलभराव, यातायात में बाधा और सामान्य जनजीवन पर पड़ रहे असर को देखते हुए उन्होंने उम्मीद जताई कि स्थिति जल्द सामान्य होगी और लोगों को राहत मिलेगी। अमिताभ बच्चन ने अपने संदेश में सभी नागरिकों से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की। उन्होंने कहा कि मौसम की गंभीर परिस्थितियों को देखते हुए लोग केवल अत्यंत आवश्यक होने पर ही घर से बाहर निकलें। उन्होंने सभी से अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा को प्राथमिकता देने का आग्रह किया। अभिनेता ने कहा कि केवल मुंबई ही नहीं, बल्कि जहां भी भारी बारिश का असर है, वहां रहने वाले सभी लोग सावधानी बरतें क्योंकि प्रत्येक व्यक्ति का जीवन अत्यंत महत्वपूर्ण है। हाल ही में सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी तेजी से वायरल हुआ था, जिसमें अमिताभ बच्चन के बंगले ‘जलसा’ के बाहर जमा बारिश का पानी परिसर के भीतर तक पहुंचता दिखाई दिया। लगातार बारिश और जल निकासी की समस्या के कारण आसपास के क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति बन गई थी। इस वीडियो के सामने आने के बाद शहर में बारिश से उत्पन्न चुनौतियों पर भी व्यापक चर्चा हुई। इसके बावजूद अभिनेता ने अपने प्रशंसकों से मिलने की परंपरा को नहीं तोड़ा। बड़ी संख्या में पहुंचे फैंस ने बारिश की परवाह किए बिना अपने पसंदीदा अभिनेता की एक झलक पाने का इंतजार किया। अमिताभ बच्चन ने भी उन्हें निराश नहीं किया और घर के बाहर आकर हाथ हिलाकर सभी का अभिवादन किया। यह दृश्य एक बार फिर उनके और उनके प्रशंसकों के बीच वर्षों से बने गहरे भावनात्मक रिश्ते का प्रतीक बन गया। अमिताभ बच्चन लंबे समय से हर रविवार अपने आवास के बाहर फैंस से मुलाकात करते रहे हैं। देश और विदेश से आने वाले प्रशंसकों के लिए यह मुलाकात किसी विशेष अवसर से कम नहीं होती। खराब मौसम जैसी परिस्थितियां भी इस परंपरा और प्रशंसकों के उत्साह को प्रभावित नहीं कर सकीं। अभिनेता का यह व्यवहार उनके प्रशंसकों के प्रति सम्मान और आत्मीयता को दर्शाता है। फिल्मी मोर्चे पर भी अमिताभ बच्चन आने वाले समय में एक बड़े प्रोजेक्ट के साथ दर्शकों के बीच नजर आएंगे। वह फिल्म ‘कल्कि 2898 एडी’ के सीक्वल ‘कल्कि 2’ में एक बार फिर अश्वत्थामा के अपने चर्चित किरदार को निभाते दिखाई देंगे। इस फिल्म में उनके साथ प्रभास और कमल हासन सहित कई प्रमुख कलाकार भी महत्वपूर्ण भूमिकाओं में नजर आएंगे। फिल्म को लेकर दर्शकों के बीच पहले से ही काफी उत्सुकता बनी हुई है।
'वाराणसी' से महेश बाबू का कथित राम अवतार लुक वायरल, सोशल मीडिया पर रणबीर कपूर की 'रामायण' से शुरू हुई तुलना

मुंबई। निर्देशक एसएस राजामौली की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘वाराणसी’ एक बार फिर चर्चा में है। इस बार वजह फिल्म की कहानी या आधिकारिक घोषणा नहीं, बल्कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रही एक कथित तस्वीर है। दावा किया जा रहा है कि यह तस्वीर फिल्म के सेट से लीक हुई है, जिसमें अभिनेता महेश बाबू भगवान राम के स्वरूप से मिलते-जुलते परिधान में नजर आ रहे हैं। हालांकि फिल्म निर्माताओं या कलाकारों की ओर से इस तस्वीर की अब तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। वायरल तस्वीर में महेश बाबू पीले और भगवा रंग के वस्त्र पहने दिखाई दे रहे हैं। उनके परिधान और लुक को देखकर सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने इसे भगवान राम के वनवास काल से प्रेरित बताया है। हालांकि इंटरनेट पर तस्वीर को लेकर अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं। कुछ लोगों का कहना है कि यह फिल्म के सेट से लीक हुई वास्तविक तस्वीर है, जबकि कई यूजर्स इसे फैन-आर्ट या कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) से तैयार की गई इमेज भी बता रहे हैं। आधिकारिक पुष्टि के अभाव में तस्वीर की प्रामाणिकता स्पष्ट नहीं हो सकी है। तस्वीर सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर महेश बाबू के इस कथित लुक की तुलना अभिनेता रणबीर कपूर के आगामी प्रोजेक्ट ‘रामायण’ में उनके भगवान राम वाले किरदार से की जाने लगी। कई प्रशंसकों ने दोनों कलाकारों के संभावित स्क्रीन लुक पर अपनी राय साझा की, जबकि कुछ ने राजामौली की भव्य फिल्म निर्माण शैली की भी चर्चा की। सोशल मीडिया पर इस विषय को लेकर लगातार प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। एसएस राजामौली की यह फिल्म पहले से ही अपने बड़े पैमाने और स्टारकास्ट के कारण चर्चा में है। फिल्म में महेश बाबू मुख्य भूमिका निभा रहे हैं, जबकि अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा लंबे समय बाद भारतीय सिनेमा में वापसी कर रही हैं। इसके अलावा अभिनेता पृथ्वीराज सुकुमारन भी महत्वपूर्ण भूमिका में नजर आएंगे। उनके किरदार को लेकर भी कई तरह की चर्चाएं हैं, हालांकि निर्माताओं ने अभी तक किसी भी भूमिका का आधिकारिक खुलासा नहीं किया है। फिल्म से जुड़ी अधिकांश जानकारी फिलहाल गोपनीय रखी गई है। राजामौली की फिल्मों की तरह इस प्रोजेक्ट को लेकर भी निर्माताओं ने कहानी और पात्रों से जुड़े विवरण सार्वजनिक नहीं किए हैं। यही वजह है कि सोशल मीडिया पर सामने आने वाली हर तस्वीर और दावे को लेकर उत्सुकता बढ़ जाती है। हालांकि आधिकारिक घोषणा से पहले किसी भी वायरल सामग्री की पुष्टि नहीं की जा सकती। बताया जा रहा है कि फिल्म वर्ष 2027 में सिनेमाघरों में रिलीज हो सकती है। फिलहाल इसकी शूटिंग विभिन्न स्थानों पर जारी है। दर्शकों के बीच इस प्रोजेक्ट को लेकर पहले से ही काफी उत्साह है और अब कथित लीक तस्वीर ने चर्चा को और तेज कर दिया है। फिल्म से जुड़े आधिकारिक पोस्टर, टीजर या कलाकारों के लुक सामने आने तक वायरल तस्वीरों को केवल अपुष्ट दावों के रूप में ही देखा जा रहा है।
आमिर से पहले शाहरुख निभाने वाले थे लाला अमरनाथ का किरदार, कोविड के चलते अधूरी रह गई राजकुमार हिरानी की योजना

नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेट के दिग्गज खिलाड़ी लाला अमरनाथ के जीवन पर आधारित फिल्म एक बार फिर चर्चा में है। अभिनेता आमिर खान और निर्देशक आशुतोष गोवारिकर इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट पर साथ काम करने जा रहे हैं। हालांकि अब सामने आई जानकारी के अनुसार, इस फिल्म की शुरुआती योजना कई वर्ष पहले अभिनेता शाहरुख खान और निर्देशक राजकुमार हिरानी के साथ बनाई गई थी, लेकिन परिस्थितियों के चलते वह परियोजना कभी शुरू नहीं हो सकी। बताया जा रहा है कि शाहरुख खान और राजकुमार हिरानी ने लाला अमरनाथ की जीवन यात्रा को बड़े पर्दे पर उतारने की योजना बनाई थी। उस समय दोनों इस विषय को लेकर गंभीरता से विचार कर रहे थे और फिल्म की प्रारंभिक रूपरेखा पर भी चर्चा हुई थी। शाहरुख को कहानी और किरदार दोनों पसंद आए थे तथा वे इस ऐतिहासिक भूमिका को निभाने के लिए उत्साहित बताए जाते थे। फिल्म से जुड़े सूत्रों के अनुसार, यह योजना उस दौर में बनी थी जब शाहरुख खान और राजकुमार हिरानी अपनी-अपनी फिल्मों के बाद नए प्रोजेक्ट पर विचार कर रहे थे। इसी दौरान लाला अमरनाथ की बायोपिक का विचार सामने आया। हालांकि विभिन्न कारणों से परियोजना आगे नहीं बढ़ सकी और बाद में कोविड-19 महामारी के कारण फिल्म उद्योग की गतिविधियां भी लंबे समय तक प्रभावित रहीं। इसके बाद यह प्रोजेक्ट ठंडे बस्ते में चला गया और दोनों ने आगे चलकर दूसरी फिल्म पर साथ काम किया। अब वर्षों बाद यह कहानी नए रूप में दर्शकों के सामने आने की तैयारी में है। आमिर खान और आशुतोष गोवारिकर ने इस बायोपिक के लिए हाथ मिलाया है। दोनों इससे पहले एक सफल ऐतिहासिक फिल्म में साथ काम कर चुके हैं और अब एक बार फिर इस महत्वाकांक्षी परियोजना के जरिए साथ लौट रहे हैं। फिल्म में आमिर खान लाला अमरनाथ का किरदार निभाते नजर आएंगे। बताया जा रहा है कि फिल्म की कहानी केवल एक खिलाड़ी के क्रिकेट करियर तक सीमित नहीं होगी, बल्कि भारत-पाकिस्तान विभाजन के दौर, उस समय के सामाजिक परिवेश और भारतीय क्रिकेट के शुरुआती इतिहास को भी प्रमुखता से प्रस्तुत करेगी। इससे दर्शकों को लाला अमरनाथ के संघर्ष, उपलब्धियों और उनके दौर की महत्वपूर्ण घटनाओं को समझने का अवसर मिलेगा। फिल्म के निर्माण से जुड़े रचनात्मक पक्ष में भी अनुभवी नाम शामिल हैं। निर्माण की जिम्मेदारी फरहान अख्तर और रितेश सिधवानी संभालेंगे, जबकि पटकथा लेखन में राजकुमार हिरानी और अभिजात जोशी की भूमिका रहेगी। इससे परियोजना को मजबूत रचनात्मक आधार मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। लाला अमरनाथ भारतीय क्रिकेट इतिहास के उन खिलाड़ियों में गिने जाते हैं जिन्होंने देश के शुरुआती क्रिकेट दौर में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनके जीवन पर आधारित यह फिल्म खेल, इतिहास और व्यक्तिगत संघर्ष के कई पहलुओं को एक साथ प्रस्तुत करने का प्रयास करेगी। अब दर्शकों की नजर इस बात पर है कि आमिर खान और आशुतोष गोवारिकर की यह नई प्रस्तुति भारतीय क्रिकेट के इस ऐतिहासिक अध्याय को बड़े पर्दे पर किस तरह जीवंत करती है।
Smart Lock Technology Explained क्या इंटरनेट से जुड़े ये डिवाइस हैकिंग से पूरी तरह सुरक्षित हैं

नई दिल्ली । आज के समय में स्मार्ट होम टेक्नोलॉजी तेजी से आम हो रही है और इसी बदलाव के बीच स्मार्ट लॉक ने घरों की सुरक्षा व्यवस्था को एक नए स्तर पर पहुंचा दिया है। यह डिवाइस पारंपरिक चाबियों की जगह डिजिटल सिस्टम पर काम करता है और इसे स्मार्टफोन या अन्य डिजिटल माध्यमों से नियंत्रित किया जा सकता है। हालांकि जितनी तेजी से यह तकनीक लोकप्रिय हो रही है उतनी ही चर्चा इसकी सुरक्षा को लेकर भी हो रही है। स्मार्ट लॉक एक इंटरनेट ऑफ थिंग्स आधारित डिवाइस होता है जो ब्लूटूथ वाई फाई और अन्य वायरलेस तकनीकों की मदद से काम करता है। कई आधुनिक मॉडल ऐसे भी होते हैं जो मोबाइल ऐप के जरिए कंट्रोल किए जाते हैं और उपयोगकर्ता घर के दरवाजे को दूर से ही लॉक या अनलॉक कर सकते हैं। इसके अलावा कुछ स्मार्ट लॉक फिंगरप्रिंट पिन कोड RFID कार्ड और वॉयस कमांड जैसी सुविधाओं को भी सपोर्ट करते हैं। कुछ एडवांस मॉडल में सेंसर तकनीक भी होती है जो व्यक्ति के पास आते ही ऑटो अनलॉक जैसी सुविधा देती है। इन सुविधाओं के कारण स्मार्ट लॉक को बेहद सुविधाजनक और आधुनिक सुरक्षा समाधान माना जाता है लेकिन यह पूरी तरह जोखिम मुक्त नहीं है। क्योंकि यह डिवाइस इंटरनेट और नेटवर्क से जुड़ा होता है इसलिए इसमें साइबर सुरक्षा से जुड़े खतरे भी मौजूद रहते हैं। यदि डिवाइस का सॉफ्टवेयर अपडेट न किया जाए कमजोर पासवर्ड का इस्तेमाल किया जाए या सुरक्षा सेटिंग्स को सही तरीके से कॉन्फ़िगर न किया जाए तो हैकिंग की संभावना बढ़ सकती है। साइबर अपराधी ऐसे कमजोर सिस्टम का फायदा उठाकर डिवाइस तक अनधिकृत पहुंच प्राप्त करने की कोशिश कर सकते हैं। हालांकि बड़ी और भरोसेमंद कंपनियों के स्मार्ट लॉक आमतौर पर मजबूत एन्क्रिप्शन तकनीक टू फैक्टर ऑथेंटिकेशन और नियमित सिक्योरिटी अपडेट के साथ आते हैं जिससे सुरक्षा का स्तर काफी बढ़ जाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी स्मार्ट डिवाइस की सुरक्षा उसकी सेटिंग्स और उपयोगकर्ता की सतर्कता पर निर्भर करती है। यदि उपयोगकर्ता मजबूत पासवर्ड का उपयोग करे समय समय पर सॉफ्टवेयर अपडेट करे और सुरक्षित वाई फाई नेटवर्क का इस्तेमाल करे तो हैकिंग का खतरा काफी हद तक कम किया जा सकता है। इसके अलावा स्मार्ट लॉक खरीदते समय हमेशा भरोसेमंद ब्रांड का चयन करना चाहिए और उसकी सिक्योरिटी फीचर्स को अच्छे से समझना चाहिए। घर के वाई फाई नेटवर्क को भी मजबूत पासवर्ड और आधुनिक सुरक्षा प्रोटोकॉल के साथ सुरक्षित रखना जरूरी होता है। कुल मिलाकर स्मार्ट लॉक एक आधुनिक और सुविधाजनक तकनीक है जो घर की सुरक्षा को आसान बनाती है लेकिन इसके साथ डिजिटल सतर्कता और सही सुरक्षा उपायों का पालन करना बेहद जरूरी है ताकि किसी भी तरह के साइबर खतरे से बचा जा सके।
एक बार फिर साथ दिखेंगे अली फज़ल और ऋचा चड्ढा, नई कॉमेडी फिल्म में पहली बार निभाएंगे पति-पत्नी का किरदार

नई दिल्ली । बॉलीवुड अभिनेता अली फज़ल और अभिनेत्री ऋचा चड्ढा एक बार फिर बड़े पर्दे पर साथ नजर आने की तैयारी में हैं। लोकप्रिय जोड़ी की नई कॉमेडी फिल्म को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। इस फिल्म में दोनों पहली बार पति-पत्नी के किरदार में दिखाई देंगे। लंबे समय बाद दोनों कलाकारों की ऑन-स्क्रीन वापसी को लेकर दर्शकों के बीच उत्सुकता बढ़ गई है। बताया जा रहा है कि फिल्म का निर्देशन शशि वर्मा करेंगे। कहानी दिल्ली की तेज रफ्तार जिंदगी, रोजमर्रा की चुनौतियों और पारिवारिक परिस्थितियों के बीच पैदा होने वाले हल्के-फुल्के हास्य पर आधारित होगी। फिल्म में हास्य को जबरन शामिल करने के बजाय कहानी और पात्रों की स्वाभाविक परिस्थितियों से विकसित किया गया है, जिससे इसे एक अलग पहचान मिलने की उम्मीद है। अली फज़ल और ऋचा चड्ढा ने इस प्रोजेक्ट को लेकर उत्साह जताया है। उनका कहना है कि फिल्म की सबसे बड़ी खासियत इसका सहज और वास्तविक हास्य है। दोनों कलाकारों का मानना है कि दर्शकों को ऐसी कॉमेडी पसंद आती है जो परिस्थितियों और किरदारों से स्वाभाविक रूप से उभरती है। यही पहलू उन्हें इस कहानी की ओर आकर्षित करने वाला प्रमुख कारण बना। दोनों कलाकारों ने यह भी बताया कि वास्तविक जीवन में पति-पत्नी होने के बावजूद किसी फिल्म में पहली बार वे इसी रिश्ते को पर्दे पर निभाएंगे। उनके अनुसार यह अनुभव उनके लिए बेहद खास रहेगा, क्योंकि निजी जीवन की सहज समझ अभिनय में भी सकारात्मक प्रभाव डाल सकती है। फिल्म के माध्यम से वे दर्शकों के सामने एक नया और मनोरंजक रूप पेश करना चाहते हैं। निर्देशक शशि वर्मा ने कहानी को समकालीन शहरी परिवेश के अनुरूप तैयार किया है। फिल्म में रिश्तों, पारिवारिक जीवन और महानगर की भागदौड़ के बीच पैदा होने वाले हास्यपूर्ण घटनाक्रम को हल्के-फुल्के अंदाज में प्रस्तुत किया जाएगा। निर्माताओं को उम्मीद है कि यह विषय सभी आयु वर्ग के दर्शकों से जुड़ाव स्थापित करेगा। अली फज़ल और ऋचा चड्ढा इससे पहले भी कई प्रोजेक्ट्स में साथ नजर आ चुके हैं और उनकी जोड़ी को दर्शकों ने हमेशा पसंद किया है। दोनों की स्क्रीन केमिस्ट्री और सहज अभिनय उनकी सबसे बड़ी ताकत मानी जाती है। यही वजह है कि उनकी नई फिल्म को लेकर फिल्म प्रेमियों के बीच पहले से ही सकारात्मक माहौल बनता दिखाई दे रहा है। व्यक्तिगत जीवन में भी दोनों कलाकार लंबे समय से चर्चा में रहे हैं। वर्षों तक एक-दूसरे को जानने और साथ काम करने के बाद उन्होंने विवाह किया। इसके बाद भी दोनों अपने पेशेवर जीवन में लगातार सक्रिय रहे और अलग-अलग फिल्मों तथा डिजिटल परियोजनाओं में अपनी अभिनय क्षमता का प्रदर्शन करते रहे हैं। नई कॉमेडी फिल्म के साथ दोनों कलाकार एक बार फिर दर्शकों का मनोरंजन करने के लिए तैयार हैं। फिल्म की कहानी, विषय और दोनों की लोकप्रिय जोड़ी को देखते हुए उम्मीद की जा रही है कि यह परियोजना दर्शकों को हल्के-फुल्के मनोरंजन के साथ एक ताजगी भरा सिनेमाई अनुभव देने में सफल साबित हो सकती है।
Amazon Prime Days Sale में Google Pixel 10 पर धमाकेदार डील कीमत देखकर चौंक जाएंगे

नई दिल्ली । नई दिल्ली के ई कॉमर्स बाजार में इस समय सेल का माहौल बना हुआ है जहां Amazon और Flipkart दोनों प्लेटफॉर्म पर बड़े ऑफर्स की बौछार देखने को मिल रही है। Amazon की Prime Days Sale 2026 और Flipkart की GOAT Sale 2026 के बीच यूजर्स को स्मार्टफोन इलेक्ट्रॉनिक्स और अन्य गैजेट्स पर आकर्षक छूट मिल रही है। इसी कड़ी में Google के फ्लैगशिप स्मार्टफोन Pixel 10 को लेकर एक खास ऑफर सामने आया है जिसने टेक प्रेमियों का ध्यान खींच लिया है। जानकारी के मुताबिक Amazon पर Google Pixel 10 के 12GB रैम और 256GB स्टोरेज वेरिएंट को 67 हजार रुपये की कीमत पर लिस्ट किया गया है। यह वही मॉडल है जिसे कंपनी ने भारतीय बाजार में 79 हजार 999 रुपये की शुरुआती कीमत पर लॉन्च किया था। इस हिसाब से देखा जाए तो ग्राहकों को सीधे करीब 13 हजार रुपये तक की बचत का फायदा मिल रहा है। यह डिस्काउंट इसे प्रीमियम सेगमेंट में एक और ज्यादा आकर्षक विकल्प बना देता है। सेल के दौरान इस तरह के ऑफर्स का मुख्य उद्देश्य ज्यादा से ज्यादा ग्राहकों को आकर्षित करना होता है और इसी वजह से ई कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर बैंक ऑफर एक्सचेंज ऑफर और अतिरिक्त छूट भी देखने को मिलती है। Pixel सीरीज पहले से ही अपने कैमरा क्वालिटी क्लीन एंड्रॉयड एक्सपीरियंस और सॉफ्टवेयर अपडेट सपोर्ट के लिए जानी जाती है। ऐसे में कीमत में यह गिरावट उन यूजर्स के लिए खास मौका बन सकती है जो लंबे समय से इस फोन को खरीदने का इंतजार कर रहे थे। हालांकि एक्सपर्ट्स का मानना है कि सेल ऑफर्स समय सीमित होते हैं और स्टॉक उपलब्धता पर भी निर्भर करते हैं। इसलिए ग्राहक को खरीदारी से पहले बैंक ऑफर और एक्सचेंज वैल्यू को अच्छे से जांच लेना चाहिए ताकि उन्हें वास्तविक बचत का पूरा फायदा मिल सके। कुल मिलाकर Amazon सेल में Google Pixel 10 पर मिली यह डील प्रीमियम स्मार्टफोन सेगमेंट में एक बड़ी राहत के रूप में देखी जा रही है और टेक मार्केट में इस ऑफर को लेकर काफी चर्चा भी बनी हुई है।
बार बार होने वाला सिरदर्द हो सकता है गंभीर बीमारी का संकेत नजरअंदाज करना पड़ सकता है भारी

नई दिल्ली । नई दिल्ली से प्राप्त मेडिकल जानकारी के अनुसार सिरदर्द को अक्सर लोग सामान्य समस्या मानकर टाल देते हैं। थकान नींद की कमी तनाव या लंबे समय तक स्क्रीन पर काम करने के बाद होने वाला सिरदर्द आम माना जाता है और आराम करने या पानी पीने से ठीक भी हो जाता है। लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि हर सिरदर्द सामान्य नहीं होता। जब यह समस्या बार बार होने लगे या इसके साथ शरीर में असामान्य बदलाव दिखाई देने लगें तो इसे हल्के में लेना खतरनाक हो सकता है। डॉक्टरों के अनुसार ब्रेन ट्यूमर जैसी गंभीर स्थिति के शुरुआती संकेत बहुत साधारण हो सकते हैं। यही कारण है कि कई लोग इन्हें थकान या मानसिक दबाव समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। दिमाग में जब असामान्य कोशिकाएं बढ़ने लगती हैं तो वे आसपास के हिस्सों पर दबाव डालती हैं। इस दबाव के कारण अलग अलग तरह के लक्षण सामने आ सकते हैं और यह इस बात पर निर्भर करता है कि ट्यूमर दिमाग के किस हिस्से में है और कितना बढ़ चुका है। अगर यह समस्या सोचने समझने या याददाश्त से जुड़े हिस्से को प्रभावित करती है तो व्यक्ति को भूलने की समस्या होने लगती है। ध्यान केंद्रित करने में दिक्कत आती है और निर्णय लेने की क्षमता कमजोर हो सकती है। कई लोग इसे उम्र या तनाव का असर मान लेते हैं जबकि यह गंभीर संकेत हो सकता है। यदि ट्यूमर दृष्टि से जुड़े हिस्से को प्रभावित करता है तो धुंधला दिखना दोहरी छवि दिखाई देना या नजर कमजोर होना जैसी समस्या हो सकती है। कुछ मामलों में बोलने में कठिनाई या सही शब्द चुनने में परेशानी भी देखी जा सकती है। ये लक्षण धीरे धीरे बढ़ते हैं इसलिए लोग इन्हें गंभीरता से नहीं लेते। इसके अलावा दिमाग के संतुलन और मांसपेशियों को नियंत्रित करने वाले हिस्से पर असर पड़ने से चलने में लड़खड़ाहट हाथ पैरों में कमजोरी और रोजमर्रा के काम करने में परेशानी हो सकती है। कुछ मरीजों में व्यवहार में बदलाव चिड़चिड़ापन या सामाजिक दूरी भी बढ़ सकती है जिसे मानसिक तनाव समझ लिया जाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि हर सिरदर्द खतरनाक नहीं होता लेकिन कुछ संकेतों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। यदि सिरदर्द लगातार बढ़ रहा हो बार बार हो रहा हो नींद से जगा रहा हो या पहले से अलग और अधिक तीव्र महसूस हो तो डॉक्टर से तुरंत सलाह लेनी चाहिए। यदि सिरदर्द के साथ उल्टी संतुलन बिगड़ना नजर में बदलाव कमजोरी या मानसिक भ्रम जैसे लक्षण भी दिखें तो स्थिति गंभीर हो सकती है और तुरंत जांच कराना जरूरी हो जाता है। समय पर पहचान और उपचार से कई गंभीर समस्याओं को नियंत्रित किया जा सकता है इसलिए लक्षणों को हल्के में नहीं लेना चाहिए।
शिमला मिर्च से बढ़ता है पोटैशियम? डायलिसिस मरीजों को क्यों रखनी चाहिए सावधानी

नई दिल्ली । किडनी की बीमारी या डायलिसिस की स्थिति में खानपान पर विशेष ध्यान देना बेहद जरूरी होता है। जब किडनी ठीक से काम नहीं करती, तो शरीर से कई जरूरी मिनरल्स और अपशिष्ट पदार्थ बाहर नहीं निकल पाते। इन्हीं में से एक महत्वपूर्ण तत्व पोटैशियम है, जिसका संतुलन बिगड़ने पर गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। मेडिकल विशेषज्ञों के अनुसार, शरीर में पोटैशियम का बढ़ना हाइपरकलेमिया कहलाता है, जो दिल की धड़कन को प्रभावित कर सकता है और गंभीर मामलों में जानलेवा भी साबित हो सकता है। इसी वजह से डायलिसिस मरीजों को हमेशा लो-पोटैशियम डाइट लेने की सलाह दी जाती है। शिमला मिर्च को आमतौर पर एक हल्की और सुरक्षित सब्जी माना जाता है। पोषण संबंधी आंकड़ों के अनुसार, 100 ग्राम कच्ची हरी शिमला मिर्च में लगभग 170 से 180 मिलीग्राम पोटैशियम पाया जाता है। लाल और पीली शिमला मिर्च में यह मात्रा थोड़ी अधिक हो सकती है, लेकिन फिर भी इसे अन्य कई सब्जियों और फलों की तुलना में कम पोटैशियम वाला भोजन माना जाता है। इसके अलावा शिमला मिर्च में विटामिन C, विटामिन A और एंटीऑक्सीडेंट्स भी पाए जाते हैं, जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने और कोशिकाओं को नुकसान से बचाने में मदद करते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि डायलिसिस मरीज इसे पूरी तरह बंद करने की बजाय सीमित मात्रा में सेवन कर सकते हैं। इसे मुख्य भोजन का बड़ा हिस्सा नहीं बनाना चाहिए और अन्य हाई-पोटैशियम फूड जैसे टमाटर या आलू के साथ मिलाकर अधिक मात्रा में सेवन करने से बचना चाहिए। हर मरीज की स्थिति अलग होती है, इसलिए किसी भी आहार को अपनाने से पहले डॉक्टर या डाइटिशियन की सलाह लेना सबसे सुरक्षित तरीका माना जाता है।