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स्कूल वैन हादसे से मची अफरा-तफरी, चालक की सूझबूझ से टला बड़ा हादसा, महिला स्टाफ घायल

मध्यप्रदेश । भोपाल में गुरुवार सुबह एक बड़ा सड़क हादसा होते होते टल गया जब बच्चों को स्कूल लेकर जा रही एक स्कूल वैन कोहेफिजा थाना क्षेत्र के फ्लाईओवर पर अनियंत्रित होकर बिजली के खंभे से टकरा गई। हादसे के समय वैन में छह स्कूली बच्चे और स्कूल की एक महिला स्टाफ सदस्य सवार थीं। राहत की बात यह रही कि सभी बच्चे पूरी तरह सुरक्षित बच गए जबकि आगे की सीट पर बैठी महिला कर्मचारी के सिर में चोट आई जिसे तत्काल अस्पताल पहुंचाकर उपचार शुरू कराया गया। इस घटना के बाद इलाके में कुछ देर के लिए अफरा तफरी का माहौल बन गया और मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। जानकारी के अनुसार भोपाल गर्ल्स स्कूल की वैन सुबह पंचवटी क्षेत्र से बच्चों को लेकर स्कूल जा रही थी। जैसे ही वाहन कोहेफिजा थाने के सामने बने फ्लाईओवर पर पहुंचा तभी चालक का वाहन पर नियंत्रण बिगड़ गया और वैन सीधे बिजली के खंभे से जा टकराई। तेज आवाज सुनते ही आसपास मौजूद लोग मौके की ओर दौड़े और बिना समय गंवाए वैन में फंसे बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला। स्थानीय लोगों ने घायल महिला को भी तुरंत अस्पताल पहुंचाने में मदद की जिससे उसे समय पर इलाज मिल सका। घटना की सूचना मिलते ही कोहेफिजा थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई और हालात का जायजा लिया। पुलिस ने बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए दूसरी गाड़ी की व्यवस्था कर उन्हें सुरक्षित स्कूल के लिए रवाना किया। हादसे के बाद अभिभावकों में कुछ समय के लिए चिंता का माहौल रहा लेकिन बच्चों के सुरक्षित होने की जानकारी मिलते ही सभी ने राहत की सांस ली। कोहेफिजा थाना प्रभारी केजी शुक्ला ने बताया कि शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि वैन के सामने अचानक एक बड़ा वाहन आ गया था। चालक ने टक्कर से बचने की कोशिश की लेकिन इसी दौरान वाहन पर से नियंत्रण खो बैठा और वैन बिजली के खंभे से टकरा गई। पुलिस इस संभावना की भी जांच कर रही है कि कहीं वाहन के ब्रेक में तकनीकी खराबी तो नहीं थी। यदि ब्रेक ने अचानक काम करना बंद किया होगा तो चालक ने बड़ा हादसा टालने के लिए जानबूझकर वैन को खंभे से टकराकर रोकने का प्रयास किया हो सकता है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए स्कूल वैन की विस्तृत तकनीकी जांच कराई जाएगी। वाहन की ब्रेक प्रणाली स्टीयरिंग और अन्य मैकेनिकल हिस्सों की जांच विशेषज्ञों से कराई जाएगी। साथ ही चालक से भी विस्तार से पूछताछ की जाएगी ताकि यह स्पष्ट हो सके कि हादसा किन परिस्थितियों में हुआ और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही तो नहीं थी। इस घटना ने एक बार फिर स्कूल वाहनों की सुरक्षा व्यवस्था और नियमित फिटनेस जांच की आवश्यकता को सामने ला दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि बच्चों को लेकर चलने वाले सभी वाहनों की समय समय पर तकनीकी जांच होना बेहद जरूरी है ताकि किसी भी प्रकार की खराबी समय रहते सामने आ सके। फिलहाल इस हादसे में किसी बच्चे को नुकसान नहीं पहुंचा है लेकिन यह घटना भविष्य के लिए एक महत्वपूर्ण चेतावनी जरूर बन गई है।

Morena police action: घायल महिला के लिए फरिश्ता बनी निर्भया मोबाइल टीम, SI लक्ष्मी भदौरिया ने बचाई जान

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Morena police action: मुरैना। अक्सर पुलिस की चर्चा सख्ती को लेकर होती है, लेकिन हाल ही में मुरैना से पुलिस का एक ऐसा मानवीय चेहरा देखने को मिला, जिसने लोगों का दिल जीत लिया। सड़क हादसे में घायल महिला की मदद के लिए निर्भया मोबाइल टीम बिना एक पल गंवाए मौके पर पहुंची और समय रहते अस्पताल पहुंचाकर बड़ी परेशानी टाल दी। गांधी कॉलोनी में रहने वाली 35 साल की सुरभि जैन स्कूटी से मंदिर जा रही थीं। तभी एक तेज रफ्तार बाइक सवार ने उन्हें लापरवाही से कट मार दिया। जिसकी वजह से उनका संतुलन बिगड़ा और वह सड़क पर गिर गईं। हादसे में उन्हें गंभीर चोटें भी आयी। Ather Energy पर विदेशी ब्रोकरेज का बड़ा दांव, Nomura ने बढ़ाया ₹1,470 का टारगेट; EV सेक्टर की तेज ग्रोथ से लंबी छलांग की उम्मीद निर्भया मोबाइल ने दिखाई तत्परता इसी दौरान निर्भया मोबाइल टीम गश्त के लिए वहां से गुजर रही थी। महिला को देख कर सब इंस्पेक्टर लक्ष्मी भदौरिया ने तुरंत वाहन रुकवाया और चालक राजकुमार की मदद से घायल महिला को तुरंत जिला अस्पताल पहुंचाया। पुरानी गाड़ियों के लिए खतरे की घंटी क्या E20 पेट्रोल से घटेगा माइलेज और खराब होंगे पार्ट्स नई रिपोर्ट में बड़ा खुलासा समय पर मिला इलाज जिला अस्पताल में मौजूद डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ ने महिला का तुरंत प्राथमिक उपचार किया। सूचना मिलते ही परिजन भी अस्पताल पहुंच गए। राहत की बात यह रही कि समय पर इलाज मिलने से महिला की हालत सामान्य रही और प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें घर भेज दिया गया। रियालिटी शो ‘लॉकअप 2’ में गौरव खन्ना की धमाकेदार एंट्री, पत्नी आकांक्षा चमोला को सामने देख छलके आंसू परिजनों ने जताया आभार महिला के परिजनों ने निर्भया मोबाइल टीम का धन्यवाद करते हुए कहा कि अगर पुलिस समय पर मदद नहीं करती तो स्थिति और गंभीर हो सकती थी। वहीं शहर के लोगों ने भी महिला सब इंस्पेक्टर लक्ष्मी भदौरिया और उनकी टीम की संवेदनशीलता की सराहना की। लोगों का कहना है कि ऐसे मानवीय कार्य पुलिस के प्रति जनता का भरोसा और सम्मान दोनों बढ़ाते हैं।

वक्फ बोर्ड में गैर मुस्लिम सदस्यों की नियुक्ति पर बढ़ा विवाद, जमीयत उलेमा ने सरकार के फैसले पर उठाए तीखे सवाल

मध्यप्रदेश । मध्यप्रदेश वक्फ बोर्ड में दो गैर मुस्लिम सदस्यों की नियुक्ति के बाद प्रदेश में विवाद लगातार गहराता जा रहा है। इस फैसले को लेकर मुस्लिम संगठनों की नाराजगी खुलकर सामने आ रही है। जमीयत उलेमा मध्यप्रदेश के सदर मुफ्ती मोहम्मद अहमद ने सरकार के निर्णय पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि पारदर्शिता के नाम पर वक्फ बोर्ड में गैर मुस्लिम सदस्यों को शामिल करना उचित नहीं है। उनका कहना है कि जो लोग अपनी धार्मिक संस्थाओं और उनसे जुड़े मामलों को प्रभावी ढंग से नहीं संभाल पा रहे हैं वे वक्फ की धार्मिक संपत्तियों और संस्थाओं की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित करेंगे। उन्होंने सरकार से अपील करते हुए कहा कि वह अपनी धार्मिक संस्थाओं के प्रबंधन पर ध्यान दे और मुस्लिम समाज को उसकी धार्मिक संपत्तियों और संस्थाओं का संचालन स्वयं करने दे। मुफ्ती मोहम्मद अहमद ने कहा कि यदि सरकार वास्तव में पारदर्शिता स्थापित करना चाहती है तो यही व्यवस्था मंदिरों और अन्य धार्मिक संस्थाओं में भी लागू की जानी चाहिए। उनका कहना है कि यदि किसी धार्मिक संस्था में दूसरे समुदाय के लोगों को शामिल करने का सिद्धांत अपनाया जा रहा है तो यह सभी धर्मों पर समान रूप से लागू होना चाहिए। केवल वक्फ बोर्ड में ऐसा करना समानता के सिद्धांत के अनुरूप नहीं माना जा सकता। उन्होंने कहा कि इतिहास में अब तक सभी धार्मिक संस्थाओं का संचालन उसी समुदाय के लोगों द्वारा किया जाता रहा है और पहली बार मुस्लिम समाज की धार्मिक संस्था में इस प्रकार का बदलाव किया गया है जिससे समाज में असंतोष पैदा हुआ है। उन्होंने यह भी कहा कि वक्फ की जमीनें और संपत्तियां सरकार की नहीं बल्कि समाज के लोगों द्वारा धार्मिक और सामाजिक उद्देश्यों के लिए समर्पित की गई हैं। ऐसे मामलों में अनावश्यक हस्तक्षेप से लोगों का भरोसा कमजोर होगा। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पहले से वक्फ बोर्ड में सरकारी अधिकारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी और प्रशासनिक प्रतिनिधि के रूप में कार्य करते रहे हैं और इस व्यवस्था पर कभी कोई आपत्ति नहीं रही। लेकिन गैर मुस्लिम सदस्यों की नियुक्ति को पारदर्शिता का नाम देकर उचित ठहराना समझ से परे है। जमीयत उलेमा मध्यप्रदेश के नायब सदर मुफ्ती जिया कासमी ने भी सरकार के फैसले पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि सरकार की मंशा निष्पक्ष है तो सभी धर्मों की धार्मिक समितियों में समान व्यवस्था लागू की जानी चाहिए। केवल वक्फ बोर्ड में यह प्रयोग करना सरकार की मंशा पर सवाल खड़े करता है। उनका कहना है कि किसी एक समुदाय की धार्मिक संस्था में हस्तक्षेप उचित नहीं माना जा सकता। इधर इस विवाद के बीच भोपाल के निकाह काजी मोहम्मद मआज खान नोमानी नदवी ने अपने पद से इस्तीफा देकर मामले को और गंभीर बना दिया है। उन्होंने निकाह काजी के साथ साथ दीनी तालीमी बोर्ड और जमीयत उलेमा मध्यप्रदेश के महासचिव पद से भी त्यागपत्र सौंपते हुए वर्तमान परिस्थितियों में पद पर बने रहना संभव नहीं बताया। दूसरी ओर वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष के स्वागत कार्यक्रम को लेकर भी संगठन के भीतर मतभेद सामने आए हैं। गौरतलब है कि कुछ दिन पहले भोपाल में ऑल इंडिया मुस्लिम त्योहार कमेटी के नेतृत्व में वक्फ बोर्ड में गैर मुस्लिम सदस्यों की नियुक्ति के विरोध में प्रदर्शन भी किया गया था। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से निर्णय वापस लेने की मांग करते हुए इसे मुस्लिम समाज की धार्मिक भावनाओं से जुड़ा मुद्दा बताया था। वहीं जमीयत उलेमा ने साफ किया है कि संगठन इस पूरे मामले में कानूनी लड़ाई जारी रखेगा और सुप्रीम कोर्ट में अपने पक्ष को मजबूती से रखेगा। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक और सामाजिक बहस और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।

Jio डील को लेकर आशंकाओं के बीच Indus Towers पर Nomura का भरोसा कायम, 505 रुपये का लक्ष्य देकर जताई 30% तक तेजी की उम्मीद

नई दिल्ली । टेलीकॉम इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र की प्रमुख कंपनी इंडस टावर्स के शेयरों को लेकर बाजार में बनी अनिश्चितता के बीच ब्रोकरेज फर्म नोमुरा ने कंपनी पर अपना सकारात्मक रुख बरकरार रखा है। रिलायंस जियो के साथ टावर किराये के समझौतों को लेकर निवेशकों की चिंता के बावजूद ब्रोकरेज ने कंपनी के शेयर पर खरीदारी की सलाह दोहराते हुए 505 रुपये प्रति शेयर का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके साथ ही मौजूदा स्तरों से लगभग 30 प्रतिशत तक तेजी की संभावना जताई गई है, जिससे निवेशकों के बीच इस स्टॉक को लेकर नई चर्चा शुरू हो गई है। गुरुवार को कारोबार के दौरान इंडस टावर्स के शेयर में बढ़त दर्ज की गई और बाजार में सकारात्मक माहौल देखने को मिला। हाल के महीनों में कंपनी के शेयरों में लगातार गिरावट आई थी, जिसका मुख्य कारण रिलायंस जियो के साथ भविष्य में होने वाले टावर किराये के समझौतों को लेकर बनी अनिश्चितता रही। निवेशकों को आशंका थी कि यदि नए समझौते कंपनी के पक्ष में नहीं हुए तो उसके राजस्व और भविष्य की आय पर असर पड़ सकता है। इसी वजह से शेयर पर दबाव बना रहा और इसमें उल्लेखनीय कमजोरी देखने को मिली। हालांकि नोमुरा का मानना है कि बाजार ने इन आशंकाओं को जरूरत से ज्यादा महत्व दिया है। ब्रोकरेज के अनुसार शेयर में आई हालिया गिरावट कंपनी की वास्तविक स्थिति को पूरी तरह प्रतिबिंबित नहीं करती। उसका कहना है कि सबसे प्रतिकूल स्थिति में भी यदि कंपनी को जियो से जुड़े कुछ अनुबंधों का नुकसान उठाना पड़े, तब भी इंडस टावर्स के कारोबार की बुनियादी मजबूती बनी रह सकती है। इसी कारण वर्तमान स्तरों को निवेश के लिहाज से आकर्षक अवसर माना गया है। ब्रोकरेज का आकलन है कि रिलायंस जियो के लिए मौजूदा टावर नेटवर्क में बड़े पैमाने पर बदलाव करना आसान नहीं होगा। देश के कई भीड़भाड़ वाले शहरों में इंडस टावर्स का व्यापक नेटवर्क पहले से मौजूद है और जियो लंबे समय से इन टावरों का उपयोग कर रही है। ऐसे में पूरी व्यवस्था को किसी अन्य नेटवर्क पर स्थानांतरित करना न केवल तकनीकी रूप से चुनौतीपूर्ण होगा, बल्कि इसमें भारी लागत भी आएगी। यही वजह है कि मौजूदा समझौतों में बड़े बदलाव की संभावना सीमित मानी जा रही है। नोमुरा ने यह भी माना है कि इंडस टावर्स की प्रमोटर कंपनी भारती एयरटेल की मौजूदगी कंपनी के लिए एक अतिरिक्त मजबूती का आधार है। एयरटेल टेलीकॉम क्षेत्र की प्रमुख कंपनियों में शामिल है और टावर इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी उसकी रणनीतिक स्थिति कंपनी की सौदेबाजी क्षमता को मजबूत बनाती है। इससे भविष्य में किसी भी व्यावसायिक बातचीत के दौरान इंडस टावर्स की स्थिति अपेक्षाकृत बेहतर रह सकती है। ब्रोकरेज का यह भी मानना है कि यदि भविष्य में भारती एयरटेल इंडस टावर्स में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने का फैसला करती है तो इससे निवेशकों का भरोसा और मजबूत हो सकता है। ऐसी किसी भी संभावित पहल का सकारात्मक प्रभाव शेयर के प्रदर्शन पर देखने को मिल सकता है और बाजार में कंपनी के प्रति विश्वास बढ़ सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि टेलीकॉम इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र में लंबे समय की संभावनाएं अभी भी मजबूत बनी हुई हैं। बढ़ते डेटा उपयोग, 5जी नेटवर्क के विस्तार और डिजिटल सेवाओं की मांग के चलते टावर कंपनियों की भूमिका लगातार महत्वपूर्ण होती जा रही है। ऐसे में यदि मौजूदा अनिश्चितताएं धीरे-धीरे समाप्त होती हैं तो इंडस टावर्स के शेयर में सुधार की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। फिलहाल बाजार की नजर जियो और इंडस टावर्स के बीच भविष्य के व्यावसायिक समझौतों तथा कंपनी से जुड़े आगे के रणनीतिक फैसलों पर बनी हुई है।

भारी गिरावट के बाद संभला शेयर बाजार, 24,000 के करीब पहुंचा निफ्टी लेकिन वैश्विक तनाव से ऊपरी स्तरों पर दबाव कायम

नई दिल्ली । बुधवार की तेज गिरावट के बाद गुरुवार को घरेलू शेयर बाजार ने राहत की सांस ली और शुरुआती कारोबार में सकारात्मक रुख के साथ शुरुआत की। शुरुआती घंटों में निवेशकों की चुनिंदा खरीदारी के दम पर प्रमुख सूचकांक बढ़त में दिखाई दिए। हालांकि बाजार में रिकवरी के संकेत जरूर मिले, लेकिन निवेशकों का विश्वास अभी पूरी तरह मजबूत नहीं हुआ है। वैश्विक आर्थिक और भू-राजनीतिक परिस्थितियों के बीच बाजार की चाल अब भी सतर्कता का संकेत दे रही है। कारोबार की शुरुआत में निफ्टी और सेंसेक्स दोनों ने बढ़त दर्ज की। निफ्टी शुरुआती कारोबार में 24,000 के करीब पहुंच गया, जबकि सेंसेक्स भी हरे निशान में कारोबार करता दिखाई दिया। पिछले कारोबारी सत्र में आई भारी गिरावट के बाद यह तेजी निवेशकों के लिए कुछ राहत लेकर आई, लेकिन बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि केवल शुरुआती बढ़त को स्थायी मजबूती का संकेत नहीं माना जा सकता। तकनीकी विश्लेषण के अनुसार निफ्टी के सामने ऊपरी स्तरों पर अब भी मजबूत प्रतिरोध मौजूद है। यदि सूचकांक 24,000 के आसपास मजबूती के साथ टिककर कारोबार करता है और कुछ समय तक स्थिरता बनाए रखता है, तभी आगे की रिकवरी को मजबूती मिल सकती है। दूसरी ओर, ऊंचे स्तरों पर मुनाफावसूली का दबाव भी लगातार बना रह सकता है, जिससे बाजार में उतार-चढ़ाव की स्थिति बनी रहने की संभावना है। बाजार की दिशा पर वैश्विक घटनाक्रम का भी स्पष्ट प्रभाव दिखाई दे रहा है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जारी भू-राजनीतिक तनाव ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। इसके चलते कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव बना हुआ है, जिसका असर भारत जैसे आयात-निर्भर देशों की अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है। यदि ऊर्जा लागत लंबे समय तक ऊंची बनी रहती है तो महंगाई, कंपनियों के परिचालन खर्च और कॉर्पोरेट आय पर दबाव बढ़ने की आशंका भी बनी रहेगी। गुरुवार के कारोबार में कुछ बड़े शेयरों ने बाजार को सहारा दिया। चुनिंदा लार्जकैप कंपनियों में खरीदारी के कारण प्रमुख सूचकांकों को शुरुआती मजबूती मिली। विशेष रूप से फार्मा क्षेत्र में निवेशकों की दिलचस्पी बनी रही, जबकि रियल एस्टेट सेक्टर में भी अच्छी खरीदारी दर्ज की गई। इसके विपरीत सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र के शेयरों पर दबाव बना रहा, जिससे इस सेक्टर का प्रदर्शन अपेक्षाकृत कमजोर दिखाई दिया। विश्लेषकों का मानना है कि फिलहाल निवेशक व्यापक खरीदारी के बजाय गुणवत्ता वाले और मजबूत मूलभूत आधार वाली कंपनियों पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। बाजार में जोखिम लेने की प्रवृत्ति पहले की तुलना में सीमित बनी हुई है और अधिकांश निवेशक वैश्विक संकेतों पर करीबी नजर रख रहे हैं। यही वजह है कि हर बढ़त पर सीमित मुनाफावसूली भी देखने को मिल रही है। आने वाले कारोबारी सत्रों में बाजार की दिशा काफी हद तक अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों, कच्चे तेल की कीमतों और विदेशी निवेशकों की गतिविधियों पर निर्भर करेगी। यदि वैश्विक माहौल में स्थिरता आती है और घरेलू बाजार महत्वपूर्ण स्तरों के ऊपर टिकने में सफल रहता है तो निवेशकों का भरोसा धीरे-धीरे मजबूत हो सकता है। फिलहाल बाजार में सावधानी के साथ निवेश की रणनीति अपनाई जा रही है और विशेषज्ञ भी चुनिंदा क्षेत्रों में संतुलित निवेश की सलाह दे रहे हैं।

Ather Energy पर विदेशी ब्रोकरेज का बड़ा दांव, Nomura ने बढ़ाया ₹1,470 का टारगेट; EV सेक्टर की तेज ग्रोथ से लंबी छलांग की उम्मीद

नई दिल्ली । भारत के इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर बाजार में तेजी से बढ़ती संभावनाओं के बीच Ather Energy को लेकर निवेशकों का भरोसा मजबूत होता दिखाई दे रहा है। विदेशी ब्रोकरेज Nomura ने कंपनी पर अपनी ‘Buy’ रेटिंग बरकरार रखते हुए शेयर का लक्ष्य मूल्य बढ़ाकर 1,470 रुपये कर दिया है। यह मौजूदा बाजार मूल्य की तुलना में उल्लेखनीय बढ़त की संभावना दर्शाता है। ब्रोकरेज का मानना है कि देश में इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग आने वाले वर्षों में तेज गति से बढ़ेगी और इसका सीधा लाभ उन कंपनियों को मिलेगा जो पूरी तरह इस क्षेत्र पर केंद्रित हैं। Nomura के अनुसार भारत में इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर सेगमेंट अब विकास के ऐसे चरण में पहुंच चुका है जहां अगले कुछ वर्षों में बाजार का विस्तार पहले के अनुमानों से भी अधिक तेज हो सकता है। ब्रोकरेज ने अनुमान जताया है कि वित्त वर्ष 2030 तक इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर की बाजार हिस्सेदारी में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। इससे पूरे उद्योग में मजबूत वार्षिक वृद्धि दर देखने को मिल सकती है और Ather Energy जैसी कंपनियां इस बदलाव का प्रमुख लाभ उठा सकती हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि Ather Energy की सबसे बड़ी ताकत उसका पूर्ण रूप से इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर व्यवसाय पर केंद्रित होना है। कंपनी ने हाल के वर्षों में अपने बाजार हिस्से को स्थिर बनाए रखा है और प्रीमियम सेगमेंट में मजबूत पहचान बनाई है। हालांकि फिलहाल कंपनी को उत्पादन क्षमता और आपूर्ति संबंधी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन आने वाले समय में इन समस्याओं के कम होने की संभावना जताई गई है। ब्रोकरेज का मानना है कि कंपनी अगले वित्तीय वर्षों में अपेक्षाकृत कम कीमत वाला नया इलेक्ट्रिक स्कूटर बाजार में उतार सकती है। यह मॉडल ऐसे मूल्य वर्ग को लक्षित करेगा जहां सबसे अधिक मांग मौजूद है। इससे Ather Energy को नए ग्राहकों तक पहुंच बनाने और बिक्री में तेज बढ़ोतरी हासिल करने का अवसर मिलेगा। साथ ही कंपनी का नया विनिर्माण संयंत्र शुरू होने से उत्पादन क्षमता बढ़ेगी और मौजूदा आपूर्ति बाधाएं काफी हद तक दूर हो सकती हैं। Nomura ने कंपनी की बिक्री को लेकर भी सकारात्मक अनुमान पेश किया है। रिपोर्ट के अनुसार अगले तीन वर्षों में वाहन बिक्री में लगातार मजबूत वृद्धि देखने को मिल सकती है। बढ़ती मांग, नए उत्पाद और विस्तारित उत्पादन क्षमता के कारण कंपनी का कारोबार तेजी से आगे बढ़ने की संभावना है। इससे राजस्व में भी लगातार सुधार देखने को मिल सकता है। ब्रोकरेज का अनुमान है कि आने वाले वर्षों में कंपनी के परिचालन प्रदर्शन में उल्लेखनीय सुधार होगा। लागत प्रबंधन, बेहतर उत्पाद मिश्रण और कीमतों में संतुलित वृद्धि के चलते परिचालन मार्जिन मजबूत होने की संभावना है। इसके साथ ही कंपनी वित्त वर्ष 2029 तक लाभप्रदता के स्तर पर पहुंच सकती है। यदि प्रतिस्पर्धी कंपनियों को मिलने वाले कुछ प्रोत्साहन समाप्त होते हैं तो Ather Energy के लिए प्रतिस्पर्धी स्थिति और अधिक मजबूत हो सकती है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि वैश्विक परिस्थितियां भी इलेक्ट्रिक वाहन उद्योग की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगी। यदि भविष्य में ईंधन की कीमतों में दोबारा बढ़ोतरी होती है तो पारंपरिक वाहनों की तुलना में इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग और तेज हो सकती है। ऐसे परिदृश्य में Ather Energy का प्रदर्शन मौजूदा अनुमानों से भी बेहतर रहने की संभावना बन सकती है। शेयर बाजार में भी कंपनी के स्टॉक में सकारात्मक रुझान देखने को मिला। कारोबार के दौरान शेयर हल्की बढ़त के साथ खुले और निवेशकों की नजर अब कंपनी की आगामी रणनीति, नए उत्पादों और उत्पादन विस्तार पर बनी हुई है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यदि कंपनी अपनी विकास योजनाओं को समय पर लागू करती है तो आने वाले वर्षों में उसका प्रदर्शन निवेशकों की अपेक्षाओं के अनुरूप रह सकता है।

Jefferies की नई रिपोर्ट से फार्मा सेक्टर में बढ़ी हलचल, Dr Reddy's और Cipla पर सतर्क रुख बरकरार, Mankind Pharma बनी सबसे मजबूत पसंद

नई दिल्ली । ग्लोबल ब्रोकरेज Jefferies की ताजा रिसर्च रिपोर्ट के बाद गुरुवार को फार्मा सेक्टर एक बार फिर निवेशकों के केंद्र में आ गया। रिपोर्ट में देश की तीन प्रमुख दवा कंपनियों Dr Reddy’s Laboratories, Cipla और Mankind Pharma का विस्तृत मूल्यांकन करते हुए अलग-अलग निवेश राय दी गई है। इस आकलन ने बाजार में इन शेयरों को लेकर नई चर्चा शुरू कर दी है और शुरुआती कारोबार में तीनों कंपनियों के शेयरों में अलग-अलग रुख देखने को मिला। Jefferies ने अपनी रिपोर्ट में Dr Reddy’s Laboratories पर पहले की तरह अंडरपरफॉर्म रेटिंग बरकरार रखी है। ब्रोकरेज का मानना है कि मौजूदा बाजार मूल्य की तुलना में इस शेयर में आकर्षक रिटर्न की संभावना सीमित दिखाई देती है। रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी के लिए सबसे अनुकूल कारोबारी परिस्थितियां भी बन जाएं तो संभावित बढ़त सीमित रह सकती है। इसी कारण मौजूदा वैल्यूएशन को निवेश के लिहाज से अधिक आकर्षक नहीं माना गया है। Cipla को लेकर भी Jefferies का नजरिया फिलहाल सतर्क बना हुआ है। ब्रोकरेज का कहना है कि कंपनी के भविष्य का बड़ा हिस्सा अमेरिकी बाजार में कुछ महत्वपूर्ण दवाओं की नियामकीय मंजूरी पर निर्भर करता है। यदि इन मंजूरियों में अपेक्षा से अधिक समय लगता है तो कंपनी की आय और शेयर प्रदर्शन पर असर पड़ सकता है। इसी संभावना को देखते हुए ब्रोकरेज ने इस शेयर पर भी अंडरपरफॉर्म रेटिंग बनाए रखी है और निवेशकों को फिलहाल सावधानी बरतने की सलाह दी है। इसके विपरीत Mankind Pharma को Jefferies ने अपनी सबसे पसंदीदा पसंद के रूप में बनाए रखा है। ब्रोकरेज का मानना है कि कंपनी में कारोबार सुधार के शुरुआती संकेत दिखाई दे रहे हैं और आने वाले समय में इसका सकारात्मक प्रभाव वित्तीय प्रदर्शन पर देखने को मिल सकता है। रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी के लिए जोखिम सीमित नजर आता है, जबकि संभावित रिटर्न अपेक्षाकृत बेहतर हो सकता है। इसी आधार पर ब्रोकरेज ने इस शेयर पर बाय रेटिंग दोहराते हुए सकारात्मक दृष्टिकोण कायम रखा है। रिपोर्ट का असर शेयर बाजार में भी साफ दिखाई दिया। कारोबार के दौरान Dr Reddy’s Laboratories के शेयर में गिरावट दर्ज की गई, जबकि Cipla के शेयर में हल्की मजबूती देखने को मिली। दूसरी ओर Mankind Pharma के शेयर में अच्छी बढ़त दर्ज हुई, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि निवेशकों ने ब्रोकरेज की सकारात्मक राय को गंभीरता से लिया। हालांकि बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी ब्रोकरेज की रिपोर्ट निवेश का अंतिम आधार नहीं हो सकती। निवेशकों को कंपनी के वित्तीय नतीजों, उद्योग की स्थिति, नियामकीय बदलाव, उत्पाद पाइपलाइन और दीर्घकालिक विकास क्षमता जैसे अन्य पहलुओं का भी मूल्यांकन करना चाहिए। फार्मा सेक्टर में प्रतिस्पर्धा, वैश्विक मांग, अमेरिकी बाजार की नीतियां और दवा अनुमोदन की प्रक्रिया जैसे कारक शेयरों की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, आने वाले तिमाही नतीजे और प्रबंधन की भविष्य की रणनीति इन तीनों कंपनियों के प्रदर्शन पर महत्वपूर्ण प्रभाव डाल सकती है। ऐसे में निवेशकों की नजर अब आगामी वित्तीय परिणामों और आगे आने वाली कारोबारी घोषणाओं पर बनी रहेगी, क्योंकि वही यह तय करेंगे कि Jefferies के मौजूदा अनुमान भविष्य में कितने सटीक साबित होते हैं।

EV चार्जिंग से पहले घर की जांच है जरूरी 45 प्रतिशत घरों में बिजली व्यवस्था कमजोर रिपोर्ट में सामने आए चौंकाने वाले तथ्य

नई दिल्ली । देश में इलेक्ट्रिक वाहनों का बाजार तेजी से विस्तार कर रहा है। पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों के बीच बड़ी संख्या में लोग इलेक्ट्रिक स्कूटर और कारों की ओर रुख कर रहे हैं। लेकिन इस बदलाव के साथ एक नई चुनौती भी सामने आई है। हाल ही में जारी Kazam और Alliance for an Energy Efficient Economy यानी AEEE की रिपोर्ट ने संकेत दिया है कि भारत के लगभग 45 प्रतिशत घर अभी सुरक्षित EV चार्जिंग के लिए पूरी तरह तैयार नहीं हैं। रिपोर्ट के अनुसार यदि कमजोर बिजली व्यवस्था वाले घरों में बिना जरूरी सुधार के इलेक्ट्रिक वाहन चार्ज किए जाते हैं तो शॉर्ट सर्किट आग लगने और वाहन की बैटरी खराब होने जैसी गंभीर घटनाएं हो सकती हैं।यह अध्ययन देश के टियर वन टियर टू और टियर थ्री शहरों में किए गए व्यापक सर्वेक्षण पर आधारित है। इसमें स्वतंत्र मकानों बहुमंजिला अपार्टमेंट किराए के मकानों और अन्य आवासीय परिसरों सहित 80 हजार से अधिक घरेलू EV चार्जर इंस्टॉलेशन के आंकड़ों का विश्लेषण किया गया। रिपोर्ट में पाया गया कि लगभग आधे घरों की वायरिंग और बिजली प्रणाली इलेक्ट्रिक वाहनों की लगातार और अधिक बिजली खपत को सुरक्षित ढंग से संभालने के लिए पर्याप्त नहीं है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि समय रहते बिजली व्यवस्था को आधुनिक नहीं बनाया गया तो भविष्य में घरेलू स्तर पर विद्युत दुर्घटनाओं का जोखिम बढ़ सकता है। रिपोर्ट के अनुसार भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या लगातार बढ़ रही है और इसके साथ बिजली की मांग में भी उल्लेखनीय वृद्धि होने वाली है। अनुमान है कि वर्ष 2024 में कुल बिजली खपत में EV की हिस्सेदारी जहां लगभग शून्य दशमलव दो प्रतिशत थी वहीं वर्ष 2035 तक यह बढ़कर करीब छह प्रतिशत तक पहुंच सकती है। इसके बावजूद वर्तमान में केवल लगभग 55 प्रतिशत संभावित EV उपभोक्ताओं के पास ही घर पर सुरक्षित चार्जिंग की उपयुक्त व्यवस्था उपलब्ध है।विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि कई लोग खर्च बचाने के लिए सामान्य घरेलू सॉकेट पुराने एक्सटेंशन बोर्ड या कमजोर वायरिंग का उपयोग कर वाहन चार्ज कर रहे हैं। यह तरीका बेहद जोखिम भरा साबित हो सकता है क्योंकि सामान्य घरेलू कनेक्शन लंबे समय तक भारी विद्युत भार सहने के लिए डिजाइन नहीं किए जाते। इससे तार गर्म होकर पिघल सकते हैं शॉर्ट सर्किट हो सकता है और आग लगने जैसी गंभीर दुर्घटनाएं भी हो सकती हैं। साथ ही अनियमित बिजली आपूर्ति का असर वाहन की महंगी बैटरी और चार्जिंग सिस्टम पर भी पड़ सकता है।रिपोर्ट में सुरक्षित EV चार्जिंग के लिए कुछ महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए गए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि वाहन चार्ज करने के लिए अलग समर्पित बिजली सर्किट होना चाहिए जिसका स्वीकृत लोड पर्याप्त हो। घर की वायरिंग और अर्थिंग आधुनिक मानकों के अनुरूप होनी चाहिए। चार्जिंग प्वाइंट पर सही क्षमता वाली एमसीबी और अर्थ लीकेज सुरक्षा उपकरण लगाए जाने चाहिए ताकि किसी भी विद्युत गड़बड़ी की स्थिति में तुरंत सुरक्षा मिल सके। इसके अलावा चार्जिंग के लिए अलग सब मीटर लगाने की भी सलाह दी गई है जिससे बिजली की खपत की सही निगरानी की जा सके।विशेषज्ञों का मानना है कि इलेक्ट्रिक वाहन केवल पर्यावरण संरक्षण और ईंधन बचत का माध्यम नहीं हैं बल्कि इनके सुरक्षित उपयोग के लिए मजबूत घरेलू बिजली ढांचे की भी आवश्यकता है। इसलिए नई इलेक्ट्रिक कार या स्कूटर खरीदने से पहले घर की वायरिंग और बिजली व्यवस्था की जांच किसी योग्य इलेक्ट्रिशियन से जरूर करानी चाहिए। थोड़ी सी सावधानी न केवल आपके वाहन को सुरक्षित रखेगी बल्कि आपके परिवार और घर को भी संभावित दुर्घटनाओं से बचाएगी।

Q1 नतीजों से पहले मोतीलाल ओसवाल का बड़ा दांव, BSE से हिंडाल्को तक 5 शेयरों को मॉडल पोर्टफोलियो में दी जगह

नई दिल्ली । वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही के नतीजों का दौर शुरू होने के साथ ही भारतीय शेयर बाजार में निवेशकों की नजर प्रमुख कंपनियों के प्रदर्शन पर टिक गई है। इसी बीच ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल ने अपने मॉडल पोर्टफोलियो में बदलाव करते हुए पांच प्रमुख कंपनियों के शेयरों को शामिल किया है। फर्म का मानना है कि आने वाले तिमाही नतीजों में इन कंपनियों का प्रदर्शन अपेक्षाकृत मजबूत रह सकता है, जिससे निवेशकों के लिए बेहतर अवसर बन सकते हैं। अर्निंग सीजन की शुरुआत सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र की बड़ी कंपनी के तिमाही नतीजों के साथ हो रही है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार कंपनियों की आय और लाभ में स्थिर सुधार देखने को मिल सकता है। इसी अनुमान के आधार पर ब्रोकरेज फर्म ने लार्जकैप, मिडकैप और स्मॉलकैप कंपनियों की आय वृद्धि को लेकर सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाया है। फर्म का अनुमान है कि लार्जकैप कंपनियां सालाना आधार पर लगभग 17 प्रतिशत, मिडकैप कंपनियां 15 प्रतिशत और स्मॉलकैप कंपनियां 16 प्रतिशत तक राजस्व वृद्धि दर्ज कर सकती हैं। मॉडल पोर्टफोलियो में शामिल कंपनियों में अरविंद फैशन्स को मजबूत उपभोक्ता मांग और मौजूदा स्टोर्स की बिक्री में सुधार का लाभ मिलने की उम्मीद जताई गई है। ब्रोकरेज का मानना है कि कंपनी के राजस्व में अच्छी बढ़ोतरी के साथ लाभप्रदता में भी सुधार देखने को मिल सकता है। परिचालन मार्जिन और ग्रॉस मार्जिन में सुधार की संभावना को भी सकारात्मक संकेत माना गया है। एचडीएफसी एएमसी को लेकर फर्म का आकलन अपेक्षाकृत संतुलित है। अनुमान है कि कंपनी के प्रबंधनाधीन परिसंपत्तियों में बहुत बड़ा बदलाव नहीं होगा, जिससे राजस्व वृद्धि सीमित रह सकती है। इसके बावजूद मजबूत परिचालन दक्षता और ऊंचे ईबीआईटीडीए मार्जिन के कारण कंपनी की वित्तीय स्थिति स्थिर बनी रहने की संभावना व्यक्त की गई है। ब्रोकरेज ने बीएसई को भी अपने पसंदीदा शेयरों में शामिल किया है। उसका मानना है कि नकद और डेरिवेटिव बाजार में बढ़ती गतिविधियों से कंपनी के ट्रांजैक्शन आधारित राजस्व में सुधार हो सकता है। साथ ही परिचालन लागत पर नियंत्रण और बेहतर दक्षता के कारण कंपनी के मार्जिन में भी सकारात्मक बदलाव आने की संभावना जताई गई है। किर्लोस्कर ऑयल इंजन्स के बारे में ब्रोकरेज का अनुमान है कि घरेलू कारोबार में मजबूत मांग कंपनी की आय को सहारा दे सकती है। निर्यात क्षेत्र में फिलहाल कुछ चुनौतियां बनी हुई हैं, लेकिन आने वाली तिमाहियों में अंतरराष्ट्रीय मांग में सुधार की उम्मीद व्यक्त की गई है। निवेशकों की नजर कंपनी के जेनरेटर सेट कारोबार, मूल्य निर्धारण रणनीति, उच्च क्षमता वाले उत्पादों और विस्तार योजनाओं की प्रगति पर बनी रहेगी। हिंडाल्को को लेकर भी ब्रोकरेज ने सकारात्मक रुख अपनाया है। फर्म का मानना है कि वैश्विक बाजार में एल्युमीनियम की कीमतों में मजबूती और घरेलू कारोबार का स्थिर प्रदर्शन कंपनी के परिणामों को समर्थन दे सकता है। हालांकि विदेशी इकाई के एक संयंत्र में हुई आग की घटना के कारण कुछ परिचालन दबाव बने रहने की संभावना भी जताई गई है। इसके बावजूद समग्र कारोबार को मजबूत माना गया है। अर्निंग सीजन के दौरान कंपनियों के वास्तविक वित्तीय नतीजे और भविष्य को लेकर दिए जाने वाले प्रबंधन के संकेत बाजार की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। ऐसे में निवेशकों की निगाह केवल मुनाफे और आय पर ही नहीं, बल्कि कंपनियों की भविष्य की रणनीति, मांग के रुझान और विस्तार योजनाओं पर भी रहेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि तिमाही परिणामों के आधार पर आने वाले दिनों में शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है और निवेशकों को सोच-समझकर निर्णय लेने की आवश्यकता होगी।

रामोजी फिल्म सिटी में प्रभास की फिल्म की शूटिंग के दौरान हुआ हादसा, डॉक्टरों ने कहा- फेफड़ों तक इन्फेक्शन पहुंचा तो जान को खतरा

नई दिल्ली । भारतीय सिनेमा के जाने-माने और दिग्गज अभिनेता राजेश शर्मा की तबीयत अचानक बेहद खराब होने के बाद उन्हें गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अपनी आगामी फिल्म की शूटिंग के सिलसिले में व्यस्त चल रहे अभिनेता को सेट पर किसी बेहद जहरीले कीड़े ने काट लिया, जिसके बाद से उनकी हालत लगातार बिगड़ती जा रही है। इस समय डॉक्टरों की एक विशेष टीम उन पर चौबीसों घंटे पैनी नजर रखे हुए है। चिकित्सा विशेषज्ञों का कहना है कि यदि यह खतरनाक संक्रमण उनके फेफड़ों (लंग्स) तक पहुंच गया, तो स्थिति और अधिक चिंताजनक और जानलेवा हो सकती है। इस खबर के सामने आने के बाद से ही बॉलीवुड और बंगाली सिनेमा जगत के साथ-साथ उनके प्रशंसकों में गहरी चिंता व्याप्त है। ‘भूत बंगला’, ‘भूल भुलैया 2’, ‘भूल भुलैया 3’, ‘क्रू’, ‘लक्ष्मी’ और ‘डार्लिंग्स’ जैसी कई सुपरहिट और कद्दावर फिल्मों में अपनी बेहतरीन अदाकारी का लोहा मनवा चुके राजेश शर्मा को फिलहाल पश्चिम बंगाल के एक प्रतिष्ठित निजी अस्पताल में वेंटिलेशन और गहन चिकित्सा इकाई की निगरानी में रखा गया है। अभिनेत्री सुदीपा चटर्जी ने राजेश शर्मा के परिवार की ओर से सोशल मीडिया पर एक आधिकारिक पोस्ट साझा करते हुए उनके स्वास्थ्य की ताजा स्थिति (हेल्थ अपडेट) के बारे में जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि शुरुआत में किसी को यह अंदाजा नहीं था कि उन्हें किसी सांप, बिच्छू या मकड़ी में से किसने काटा है, लेकिन इस बाइट का असर पूरी बॉडी पर बेहद घातक साबित हुआ। यह दर्दनाक हादसा हैदराबाद की रामोजी फिल्म सिटी में हुआ, जहां राजेश शर्मा सुपरस्टार प्रभास की मुख्य भूमिका वाली एक बड़ी फिल्म की शूटिंग कर रहे थे। शूटिंग का पैकअप होने के बाद राजेश फिल्म सिटी के पास स्थित घने जंगलों से घिरे एक सुनसान इलाके में स्थानीय तकनीशियनों के साथ किसी विषय पर चर्चा कर रहे थे, तभी अचानक उन्हें अपने पैर में किसी जीव के काटने का तीखा अहसास हुआ। शुरुआती पलों में यह मामला बहुत गंभीर नहीं लगा, जिसके चलते उन्होंने सेट पर मौजूद टीम से कोई तात्कालिक मेडिकल सपोर्ट नहीं लिया और लगातार अपना काम करते रहे। उनकी यही लापरवाही बाद में उन पर भारी पड़ गई। हादसे के करीब 6 घंटे बीत जाने के बाद अभिनेता राजेश शर्मा को अपने दाएं पैर में असहनीय और तेज दर्द महसूस होने लगा, जिसके साथ ही उनकी शारीरिक स्थिति बिगड़ने लगी। सेहत में आ रही इस गिरावट के बावजूद उन्होंने कोलकाता वापस लौटने के लिए फ्लाइट पकड़ी। हवाई सफर के दौरान ही उन्हें अत्यधिक तेज बुखार ने जकड़ लिया और शरीर में भारी बेचैनी होने लगी। अगले दिन सुबह स्थिति पूरी तरह नियंत्रण से बाहर होने पर उन्हें आनन-फानन में कोलकाता के ढाकुरिया स्थित मणिपाल हॉस्पिटल में ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें तुरंत एडमिट कर इलाज शुरू कर दिया। अस्पताल में भर्ती होने के बाद भी उनका तेज बुखार कम नहीं हो रहा है और उन्हें सांस लेने में भी भारी तकलीफ का सामना करना पड़ रहा है। मध्य प्रदेश। अस्पताल से आ रही ताजा चिकित्सकीय रिपोर्ट के अनुसार, जहरीला इन्फेक्शन अब उनके दाएं पैर की उंगलियों से लेकर घुटने तक बहुत तेजी से फैल चुका है। शरीर के जिस-जिस हिस्से में यह जहर और संक्रमण पहुंच रहा है, वहां त्वचा पर बड़े-बड़े और दर्दनाक छाले पड़ गए हैं। मुख्य चिकित्सक डॉ. अविजित भट्टाचार्य और उनकी विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम लगातार अभिनेता की स्थिति को स्थिर करने के प्रयास में जुटी हुई है। डॉक्टरों का कहना है कि अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि राजेश शर्मा खतरे से पूरी तरह बाहर हैं, क्योंकि संक्रमण के चलते उनके शरीर के भीतर ब्लड क्लॉट (खून के थक्के) बनने की गंभीर आशंका पैदा हो गई है। चिकित्सकीय विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि यदि ये ब्लड क्लॉट्स खून के बहाव के साथ फेफड़ों तक पहुंच जाते हैं, तो यह पल्मोनरी एम्बोलिज़्म जैसी घातक स्थिति पैदा कर सकता है जो सीधे तौर पर जानलेवा साबित होती है। फिलहाल अस्पताल प्रशासन और उनके पारिवारिक सदस्य लगातार डॉक्टरों के संपर्क में हैं और उन्हें हर संभव बेहतरीन चिकित्सा सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं। सोशल मीडिया पर सुदीपा चटर्जी की इस भावुक पोस्ट के वायरल होने के बाद से ही फिल्म इंडस्ट्री के तमाम सह-कलाकार, निर्देशक और फैंस राजेश शर्मा के शीघ्र स्वस्थ होने और उनके सुरक्षित दीर्घायु जीवन के लिए लगातार प्रार्थनाएं कर रहे हैं।