महज 25 मिनट में लिख दिया गया था बॉलीवुड का यह अमर गीत, किशोर कुमार और लता की आवाज ने बना दिया सदाबहार

नई दिल्ली । बॉलीवुड के स्वर्णिम दौर में कई ऐसे गीत बने जिन्होंने समय की सीमाओं को पार करते हुए पीढ़ियों के दिलों में अपनी जगह बनाई। इन्हीं अमर गीतों में शामिल है फिल्म आन मिलो सजना का लोकप्रिय गीत अच्छा तो हम चलते हैं। यह गीत सिर्फ अपनी मधुर धुन और भावपूर्ण शब्दों की वजह से ही नहीं बल्कि इसके बनने की अनोखी कहानी के कारण भी आज तक याद किया जाता है। कहा जाता है कि इस गीत की शुरुआत महज चार साधारण शब्दों से हुई और पूरा गीत केवल 25 मिनट में तैयार हो गया। साल 1971 में रिलीज हुई फिल्म आन मिलो सजना में राजेश खन्ना और आशा पारेख की जोड़ी ने दर्शकों का दिल जीत लिया था। फिल्म के इस गीत को महान गायक किशोर कुमार और सुर साम्राज्ञी लता मंगेशकर ने अपनी आवाज दी जबकि इसके बोल प्रसिद्ध गीतकार आनंद बख्शी ने लिखे और संगीत लक्ष्मीकांत प्यारेलाल की मशहूर जोड़ी ने तैयार किया। गीत में प्रेम और बिछड़ने की भावनाओं को बेहद सहज और खूबसूरत अंदाज में पिरोया गया है जिसकी वजह से यह आज भी लोगों की पसंदीदा प्लेलिस्ट का हिस्सा बना हुआ है। इस गीत के निर्माण से जुड़ा किस्सा भी कम रोचक नहीं है। बताया जाता है कि आनंद बख्शी और संगीतकार लक्ष्मीकांत प्यारेलाल पूरे दिन इस बात पर विचार करते रहे कि फिल्म की धुन पर कौन से शब्द सबसे उपयुक्त बैठेंगे। घंटों की मेहनत के बावजूद कोई संतोषजनक पंक्तियां नहीं बन सकीं। जैसे ही शाम होने लगी तो लक्ष्मीकांत ने बातचीत के दौरान सहज अंदाज में कहा अच्छा तो हम चलते हैं। इस पर आनंद बख्शी ने मुस्कुराते हुए जवाब दिया फिर कब मिलोगे। सामने से उत्तर आया जब तुम कहोगे। बस यही साधारण बातचीत गीत की पहली पंक्तियां बन गई। कहा जाता है कि इन चार शब्दों ने आनंद बख्शी की रचनात्मकता को नई दिशा दी और उन्होंने तुरंत लक्ष्मीकांत को रुकने के लिए कहा। इसके बाद महज 25 मिनट के भीतर पूरा गीत तैयार हो गया। यही वजह है कि यह गीत आज भी इस बात का उदाहरण माना जाता है कि कई बार सबसे यादगार रचनाएं अचानक और सहज रूप से जन्म लेती हैं। जब यह गीत रिकॉर्ड हुआ तो किशोर कुमार और लता मंगेशकर की जादुई आवाज ने इसमें ऐसी मिठास घोल दी कि यह रिलीज होते ही लोगों की जुबान पर चढ़ गया। राजेश खन्ना और आशा पारेख पर फिल्माया गया यह गीत प्रेम और विदाई के भावों को बेहद खूबसूरती से प्रस्तुत करता है। इसकी धुन सरल है लेकिन दिल को छू लेने वाली है और यही इसकी सबसे बड़ी ताकत बन गई। आज भी शादी समारोहों से लेकर रेडियो और संगीत कार्यक्रमों तक यह गीत उतने ही उत्साह के साथ सुना जाता है जितना पांच दशक पहले सुना जाता था। यह कहानी इस बात का प्रमाण है कि महान संगीत केवल लंबे समय की योजना से नहीं बल्कि रचनात्मक सोच और सही पल में जन्मे विचारों से भी तैयार हो सकता है। अच्छा तो हम चलते हैं सिर्फ एक गीत नहीं बल्कि हिंदी सिनेमा की उस सुनहरी विरासत का हिस्सा है जिसे समय कभी पुराना नहीं कर सकता।
breaking news murena: मुरैना में दर्दनाक हादसा; ट्रैक्टर-ट्रॉली ने श्रद्धालुओं से भरे ऑटो को मारी टक्कर, 3 की मौत

breaking news murena: मुरैना। मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में सोमवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। माता बसैया थाना क्षेत्र में पत्थरों से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली ने श्रद्धालुओं से भरे ऑटो रिक्शा को जोरदार टक्कर मार दी। हादसा इतना भीषण था कि मौके पर ही तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि छह श्रद्धालु घायल हो गए। इनमें तीन की हालत गंभीर बताई जा रही है। देशभर में कल मनाई जाएगी आषाढ़ अमावस्या…. जानें स्नान-दान और पूजन का मुहूर्त भूमिया बाबा मंदिर दर्शन करने जा रहे थे जानकारी के मुताबिक, ऑटो में सवार सभी लोग बानमौर से भूमिया बाबा मंदिर दर्शन करने जा रहे थे। रास्ते में पारासर की तेवरिया के पास सामने से आ रही ट्रैक्टर-ट्रॉली ने ऑटो को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि ऑटो पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। shivpuri love jihad: नाबालिग के साथ लॉज पहुंचा शादीशुदा युवक, मां ने चप्पलों से पीटा; धर्म परिवर्तन के भी लगे आरोप हादसे की सूचना मिलते ही माता बसैया थाना पुलिस मौके पर पहुंची। स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को बाहर निकाला गया और तुरंत जिला अस्पताल भेजा गया, जहां उनका इलाज जारी है। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है। वहीं, इस हादसे के बाद मृतकों के परिवारों में मातम का माहौल है।
24 हजार करोड़ कमाने वाली Avatar पर लगा भारतीय फिल्म की कहानी अपनाने का दावा, जानिए पूरा मामला

नई दिल्ली । अक्सर बॉलीवुड फिल्मों पर हॉलीवुड या दक्षिण भारतीय फिल्मों की कहानी कॉपी करने के आरोप लगते रहे हैं लेकिन अब एक ऐसा दावा सामने आया है जिसने इस बहस को नया मोड़ दे दिया है। अभिनेता और कॉमेडियन राजीव ठाकुर ने एक इंटरव्यू में कहा कि दुनिया की सबसे सफल फिल्मों में शामिल Avatar की कहानी भारतीय फिल्म ठिकाना से काफी मिलती है। उनका यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और लोग दोनों फिल्मों की कहानी की तुलना करने लगे हैं। राजीव ठाकुर ने बातचीत के दौरान कहा कि हमेशा भारतीय फिल्मों पर कहानी चुराने के आरोप लगाए जाते हैं लेकिन कभी यह भी देखा जाना चाहिए कि क्या विदेशी फिल्मों ने भी भारतीय सिनेमा से प्रेरणा ली है। उन्होंने दावा किया कि यदि कोई ठिकाना फिल्म की कहानी ध्यान से देखे तो उसे Avatar की कहानी से कई समानताएं दिखाई देंगी। हालांकि उन्होंने यह भी नहीं कहा कि उनके पास इस बात का कोई आधिकारिक प्रमाण है बल्कि उन्होंने इसे अपनी व्यक्तिगत राय और कहानी की समानता के आधार पर रखा। राजीव ठाकुर के अनुसार ठिकाना की कहानी में एक पुलिस अधिकारी अपराधियों के बीच अपनी पहचान छिपाकर पहुंचता है। वहां वह उस समुदाय का विश्वास जीतता है और उनके साथ भावनात्मक रूप से जुड़ जाता है। बाद में जब उसी समुदाय पर हमला होने की स्थिति बनती है तो वह उनके पक्ष में खड़ा होकर संघर्ष करता है। उनका कहना है कि Avatar में भी मुख्य किरदार दूसरी दुनिया में जाकर वहां के लोगों के साथ जुड़ता है और अंत में उन्हीं की रक्षा के लिए लड़ाई लड़ता है। इसी आधार पर उन्होंने दोनों फिल्मों के कथानक में समानता होने का दावा किया। हालांकि फिल्म विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी दो फिल्मों में कुछ कथानक या पात्रों की समानता मिल जाना यह साबित नहीं करता कि एक फिल्म दूसरी की कॉपी है। साहित्य और सिनेमा में नायक का किसी नए समाज में जाना वहां के लोगों का विश्वास जीतना और अंत में उनके लिए संघर्ष करना जैसी संरचनाएं लंबे समय से अलग अलग कहानियों में इस्तेमाल होती रही हैं। इसलिए केवल कहानी के कुछ हिस्सों के आधार पर कॉपी का निष्कर्ष निकालना उचित नहीं माना जा सकता। जेम्स कैमरून के निर्देशन में बनी Avatar वर्ष 2009 में रिलीज हुई थी और यह दुनिया की सबसे सफल फिल्मों में गिनी जाती है। फिल्म ने वैश्विक बॉक्स ऑफिस पर रिकॉर्ड कमाई की और आधुनिक विजुअल इफेक्ट्स के नए मानक स्थापित किए। वहीं ठिकाना अपने समय की चर्चित हिंदी फिल्मों में शामिल रही थी लेकिन दोनों फिल्मों के बीच किसी आधिकारिक स्तर पर कहानी की समानता या कॉपीराइट विवाद कभी सामने नहीं आया। फिलहाल राजीव ठाकुर का बयान चर्चा का विषय बना हुआ है लेकिन इसे तथ्य के बजाय एक व्यक्तिगत दावा माना जा रहा है। जब तक किसी आधिकारिक पक्ष या कानूनी दस्तावेज के जरिए इसकी पुष्टि नहीं होती तब तक यह कहना सही नहीं होगा कि Avatar की कहानी वास्तव में भारतीय फिल्म से ली गई थी। फिर भी इस बयान ने एक बार फिर यह सवाल जरूर खड़ा कर दिया है कि प्रेरणा और कॉपी के बीच की सीमा आखिर कहां तय होती है।
फराह से लेकर रितेश और कंटेस्टेंट्स तक लॉकअप के हर एपिसोड और हर हफ्ते की फीस ने चौंकाया

नई दिल्ली । नेटफ्लिक्स का चर्चित रियलिटी शो लॉकअप इन दिनों लगातार सुर्खियों में बना हुआ है। शो में मनोरंजन जगत और सोशल मीडिया की दुनिया के कई चर्चित चेहरे एक साथ नजर आ रहे हैं जिसकी वजह से दर्शकों की दिलचस्पी लगातार बढ़ रही है। शो में होने वाले टास्क भावनात्मक खुलासे और कंटेस्टेंट्स के बीच होने वाले टकराव के साथ साथ अब उनकी फीस भी चर्चा का बड़ा विषय बन गई है। अलग अलग मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि शो के होस्ट और प्रतियोगियों को हर एपिसोड और हर सप्ताह के हिसाब से लाखों रुपये का भुगतान किया जा रहा है। हालांकि इन आंकड़ों की आधिकारिक पुष्टि अब तक मेकर्स की ओर से नहीं की गई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक फिल्म निर्माता और कोरियोग्राफर फराह खान को लॉकअप के हर एपिसोड के लिए करीब 15 से 25 लाख रुपये की फीस मिल रही है। वहीं अभिनेता रितेश देशमुख कथित तौर पर प्रति एपिसोड 30 से 40 लाख रुपये तक का मेहनताना ले रहे हैं। दोनों की मौजूदगी शो की लोकप्रियता बढ़ाने में अहम भूमिका निभा रही है और दर्शकों को उनका अंदाज काफी पसंद आ रहा है। शो में वाइल्ड कार्ड एंट्री के तौर पर पहुंचीं टीवी अभिनेत्री शिल्पा शिंदे भी लगातार सुर्खियों में बनी हुई हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार उन्हें हर सप्ताह करीब 15 लाख रुपये दिए जा रहे हैं। जेल में एंट्री लेते ही उन्होंने अपने बेबाक अंदाज और तीखे तेवर से माहौल बदल दिया जिससे शो में नया रोमांच देखने को मिला। लोकप्रिय टीवी अभिनेत्री शिवांगी जोशी भी लॉकअप का अहम चेहरा बनी हुई हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार उन्हें हर सप्ताह लगभग 10 से 12 लाख रुपये मिल रहे हैं। अपनी सादगी और मजबूत व्यक्तित्व की वजह से वह दर्शकों के बीच लगातार लोकप्रिय बनी हुई हैं। टीवी के चर्चित अभिनेता राम कपूर भी इस शो का हिस्सा हैं। रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि उन्हें हर सप्ताह 15 से 20 लाख रुपये का भुगतान किया जा रहा है। हाल ही में उन्होंने अपने जीवन से जुड़ा एक बेहद भावुक अनुभव साझा किया जिसने दर्शकों के साथ साथ शो की होस्ट फराह खान को भी भावुक कर दिया। इस खुलासे के बाद सोशल मीडिया पर उनकी काफी चर्चा हुई। टीवी अभिनेता धीरज धूपर कथित तौर पर शो के सबसे अधिक फीस पाने वाले प्रतियोगियों में शामिल हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक उन्हें हर सप्ताह करीब 25 लाख रुपये मिल रहे हैं। वहीं लोकप्रिय अभिनेता हर्षद चोपड़ा को प्रति सप्ताह 12 से 15 लाख रुपये दिए जाने की बात सामने आई है। दोनों कलाकारों की मजबूत फैन फॉलोइंग शो की लोकप्रियता बढ़ाने में मदद कर रही है। हालांकि यह ध्यान रखना जरूरी है कि इन सभी फीस से जुड़े आंकड़े अलग अलग मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित हैं। नेटफ्लिक्स या शो के निर्माताओं ने अब तक किसी भी कलाकार की फीस को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी जारी नहीं की है। ऐसे में इन रकमों को अंतिम या प्रमाणित आंकड़ा नहीं माना जा सकता। इसके बावजूद दर्शकों के बीच यह जानने की उत्सुकता बनी हुई है कि आखिर उनके पसंदीदा सितारे इस चर्चित रियलिटी शो के लिए कितना मेहनताना ले रहे हैं।
देशभर में कल मनाई जाएगी आषाढ़ अमावस्या…. जानें स्नान-दान और पूजन का मुहूर्त

नई दिल्ली। हिंदू धर्म में आषाढ़ मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या (Ashadh Amavasya 2026) तिथि का विशेष महत्व है. इस वर्ष आषाढ़ अमावस्या (Ashadh Amavasya 2026) पर मंगलवार का संयोग होने के कारण इसे भौमवती अमावस्या (Bhaumvati Amavasya) भी कहा जा रहा है, जो इसके महत्व को दोगुना कर देता है. इस बार आषाढ़ अमावस्या 14 जुलाई को मनाई जाएगी. पितरों के तर्पण, कालसर्प दोष निवारण, मंगल दोष की शांति और दान-पुण्य के लिए यह दिन बेहद उत्तम माना गया है। आषाढ़ अमावस्या तिथि (Ashadh Amavasya Date)द्रिक पंचांग के अनुसार, आषाढ़ अमावस्या की तिथि 13 जुलाई को शाम 6 बजकर 50 मिनट पर शुरू होगी और तिथि का समापन 14 जुलाई को दोपहर 3 बजकर 14 मिनट पर होगा। इस दिन स्नान व दान का मुहूर्त सुबह 4 बजकर 30 मिनट से शुरू होगा और सुबह 5 बजकर 32 मिनट तक रहेगा। आषाढ़ अमावस्या पूजन विधि (Ashadh Amavasya Pujan Vidhi)सुबह सूर्योदय से पूर्व किसी पवित्र नदी, जलाशय या गंगाजल मिले हुए पानी से स्नान करें और सूर्य देव को अर्घ्य दें. फिर, तांबे के पात्र में पानी, गंगाजल, काले तिल, दूध और कुशा लेकर दक्षिण दिशा की ओर मुख करके पितरों का तर्पण करें. इसके बाद घर के मंदिर में दीपक जलाएं. भौमवती अमावस्या होने के कारण इस दिन हनुमान जी और मंगल देव की विशेष पूजा करें. हनुमान चालीसा या बजरंग बाण का पाठ करना शुभ रहेगा. पितरों के निमित्त घर में सात्विक भोजन बनाएं. अग्नि में गाय के कंडे (उपले) पर घी, गुड़ और भोजन का भोग लगाएं. भोजन का कुछ हिस्सा गाय, कौए, कुत्ते, चींटियों और ब्राह्मण के लिए निकालें. मान्यताओं के अनुसार, अमावस्या पर पितर कौए या अन्य रूपों में आकर अन्न ग्रहण करते हैं। इस दिन क्या दान करें?अमावस्या तिथि पर किया गया दान अक्षय पुण्य प्रदान करता है. इस दिन अन्न और जल जैसे गेहूं, चावल, सत्तू, या मौसमी फल. काले तिल, छाता, चप्पल या सूती वस्त्र जैसे चीजें दान की जा सकती हैं। आषाढ़ अमावस्या का महत्व– पितृ दोष से मुक्तिः- जिन लोगों की कुंडली में पितृ दोष होता है, उनके लिए आषाढ़ अमावस्या पर पिंड दान, तर्पण और अन्नदान करना अमोघ उपाय माना गया है. इससे अतृप्त पितर प्रसन्न होकर सुख-समृद्धि का आशीर्वाद देते हैं. – ग्रह दोष शांति :- ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, अमावस्या के स्वामी शनि देव हैं. इस दिन हनुमान जी की पूजा करने से शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या का प्रभाव कम होता है. साथ ही, मंगलवार का संयोग होने से राहू-केतु और मंगल के अशुभ प्रभावों से राहत मिलती है.
टी20 की हार भूलकर वनडे में पलटवार की तैयारी टीम इंडिया की कमान अब शुभमन गिल के हाथों में

नई दिल्ली । टी20 सीरीज की निराशा को पीछे छोड़ अब भारतीय क्रिकेट टीम की निगाहें इंग्लैंड के खिलाफ होने वाली तीन मैचों की वनडे सीरीज पर टिक गई हैं। इस बार टीम इंडिया नए कप्तान शुभमन गिल की अगुवाई में मैदान पर उतरेगी। टी20 सीरीज में श्रेयस अय्यर ने कप्तानी संभाली थी लेकिन वनडे प्रारूप में नेतृत्व की जिम्मेदारी शुभमन गिल को सौंपी गई है। ऐसे में यह सीरीज युवा कप्तान के लिए अपनी नेतृत्व क्षमता साबित करने का सुनहरा अवसर भी होगी और भारतीय टीम के लिए सम्मान की लड़ाई भी। वनडे सीरीज की सबसे बड़ी खासियत टीम के अनुभवी खिलाड़ियों की वापसी है। लंबे समय बाद रोहित शर्मा विराट कोहली और जसप्रीत बुमराह एक साथ भारतीय वनडे टीम में नजर आएंगे। इन तीनों खिलाड़ियों की मौजूदगी से टीम का संतुलन और आत्मविश्वास दोनों मजबूत हुए हैं। युवा खिलाड़ियों के उत्साह और अनुभवी सितारों के अनुभव का मेल भारत को इंग्लैंड के खिलाफ मजबूत दावेदार बना रहा है। तीन मैचों की यह सीरीज 14 जुलाई से शुरू होगी। पहला मुकाबला बर्मिंघम के एजबेस्टन मैदान पर खेला जाएगा जिसकी शुरुआत भारतीय समयानुसार दोपहर साढ़े तीन बजे होगी। दूसरा मुकाबला 16 जुलाई को कार्डिफ के सोफिया गार्डन्स में खेला जाएगा और यह मैच शाम साढ़े पांच बजे शुरू होगा। सीरीज का तीसरा और निर्णायक मुकाबला 19 जुलाई को क्रिकेट के ऐतिहासिक मैदान लॉर्ड्स में खेला जाएगा जिसकी शुरुआत भारतीय समयानुसार दोपहर साढ़े तीन बजे होगी। यही मुकाबला तय करेगा कि सीरीज किसके नाम होगी। भारतीय बल्लेबाजी क्रम में कप्तान शुभमन गिल और रोहित शर्मा से तेज शुरुआत की उम्मीद रहेगी जबकि विराट कोहली मध्यक्रम की सबसे बड़ी ताकत होंगे। श्रेयस अय्यर उप कप्तान की भूमिका निभाएंगे और टीम को मजबूती देंगे। विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी केएल राहुल और ईशान किशन संभाल सकते हैं। वहीं ऑलराउंडर के रूप में अक्षर पटेल वाशिंगटन सुंदर और शिवम दुबे टीम को अतिरिक्त संतुलन देंगे। गेंदबाजी विभाग में जसप्रीत बुमराह की वापसी भारतीय टीम के लिए सबसे बड़ी राहत है। उनके साथ अर्शदीप सिंह और प्रसिद्ध कृष्णा तेज गेंदबाजी आक्रमण को धार देंगे जबकि कुलदीप यादव अपनी फिरकी से इंग्लैंड के बल्लेबाजों की परीक्षा लेंगे। टीम में गुरनूर बराड़ और प्रिंस यादव जैसे युवा खिलाड़ियों को भी शामिल किया गया है जो जरूरत पड़ने पर अहम भूमिका निभा सकते हैं। इंग्लैंड की टीम भी अपने घरेलू मैदान पर पूरी तैयारी के साथ उतरेगी। कप्तान हैरी ब्रूक के नेतृत्व में जो रूट जोस बटलर जोफ्रा आर्चर और सैम करन जैसे अनुभवी खिलाड़ी टीम की ताकत हैं। ऐसे में भारत के लिए यह सीरीज आसान नहीं रहने वाली। इंग्लैंड की परिस्थितियों में जीत हासिल करने के लिए बल्लेबाजी गेंदबाजी और फील्डिंग तीनों विभागों में बेहतरीन प्रदर्शन करना होगा। शुभमन गिल के सामने सबसे बड़ी चुनौती अनुभवी खिलाड़ियों के साथ तालमेल बनाकर टीम को जीत दिलाने की होगी। यदि भारत पहला मुकाबला जीतने में सफल रहता है तो पूरी सीरीज में उसका पलड़ा भारी हो सकता है। क्रिकेट प्रेमियों की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि क्या शुभमन गिल अपनी कप्तानी में रोहित शर्मा विराट कोहली और जसप्रीत बुमराह जैसे दिग्गज खिलाड़ियों के साथ मिलकर इंग्लैंड की धरती पर जीत का नया इतिहास लिख पाएंगे।टी20 सीरीज की निराशा को पीछे छोड़ अब भारतीय क्रिकेट टीम की निगाहें इंग्लैंड के खिलाफ होने वाली तीन मैचों की वनडे सीरीज पर टिक गई हैं। इस बार टीम इंडिया नए कप्तान शुभमन गिल की अगुवाई में मैदान पर उतरेगी। टी20 सीरीज में श्रेयस अय्यर ने कप्तानी संभाली थी लेकिन वनडे प्रारूप में नेतृत्व की जिम्मेदारी शुभमन गिल को सौंपी गई है। ऐसे में यह सीरीज युवा कप्तान के लिए अपनी नेतृत्व क्षमता साबित करने का सुनहरा अवसर भी होगी और भारतीय टीम के लिए सम्मान की लड़ाई भी। वनडे सीरीज की सबसे बड़ी खासियत टीम के अनुभवी खिलाड़ियों की वापसी है। लंबे समय बाद रोहित शर्मा विराट कोहली और जसप्रीत बुमराह एक साथ भारतीय वनडे टीम में नजर आएंगे। इन तीनों खिलाड़ियों की मौजूदगी से टीम का संतुलन और आत्मविश्वास दोनों मजबूत हुए हैं। युवा खिलाड़ियों के उत्साह और अनुभवी सितारों के अनुभव का मेल भारत को इंग्लैंड के खिलाफ मजबूत दावेदार बना रहा है। तीन मैचों की यह सीरीज 14 जुलाई से शुरू होगी। पहला मुकाबला बर्मिंघम के एजबेस्टन मैदान पर खेला जाएगा जिसकी शुरुआत भारतीय समयानुसार दोपहर साढ़े तीन बजे होगी। दूसरा मुकाबला 16 जुलाई को कार्डिफ के सोफिया गार्डन्स में खेला जाएगा और यह मैच शाम साढ़े पांच बजे शुरू होगा। सीरीज का तीसरा और निर्णायक मुकाबला 19 जुलाई को क्रिकेट के ऐतिहासिक मैदान लॉर्ड्स में खेला जाएगा जिसकी शुरुआत भारतीय समयानुसार दोपहर साढ़े तीन बजे होगी। यही मुकाबला तय करेगा कि सीरीज किसके नाम होगी। भारतीय बल्लेबाजी क्रम में कप्तान शुभमन गिल और रोहित शर्मा से तेज शुरुआत की उम्मीद रहेगी जबकि विराट कोहली मध्यक्रम की सबसे बड़ी ताकत होंगे। श्रेयस अय्यर उप कप्तान की भूमिका निभाएंगे और टीम को मजबूती देंगे। विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी केएल राहुल और ईशान किशन संभाल सकते हैं। वहीं ऑलराउंडर के रूप में अक्षर पटेल वाशिंगटन सुंदर और शिवम दुबे टीम को अतिरिक्त संतुलन देंगे। गेंदबाजी विभाग में जसप्रीत बुमराह की वापसी भारतीय टीम के लिए सबसे बड़ी राहत है। उनके साथ अर्शदीप सिंह और प्रसिद्ध कृष्णा तेज गेंदबाजी आक्रमण को धार देंगे जबकि कुलदीप यादव अपनी फिरकी से इंग्लैंड के बल्लेबाजों की परीक्षा लेंगे। टीम में गुरनूर बराड़ और प्रिंस यादव जैसे युवा खिलाड़ियों को भी शामिल किया गया है जो जरूरत पड़ने पर अहम भूमिका निभा सकते हैं। इंग्लैंड की टीम भी अपने घरेलू मैदान पर पूरी तैयारी के साथ उतरेगी। कप्तान हैरी ब्रूक के नेतृत्व में जो रूट जोस बटलर जोफ्रा आर्चर और सैम करन जैसे अनुभवी खिलाड़ी टीम की ताकत हैं। ऐसे में भारत के लिए यह सीरीज आसान नहीं रहने वाली। इंग्लैंड की परिस्थितियों में जीत हासिल करने के लिए बल्लेबाजी गेंदबाजी और फील्डिंग तीनों विभागों में बेहतरीन प्रदर्शन करना होगा। शुभमन गिल के सामने सबसे बड़ी चुनौती अनुभवी खिलाड़ियों के साथ तालमेल बनाकर टीम को जीत दिलाने की होगी। यदि भारत पहला मुकाबला जीतने में सफल रहता है तो पूरी सीरीज में उसका पलड़ा भारी हो सकता है। क्रिकेट प्रेमियों की नजरें अब इस बात
shivpuri love jihad: नाबालिग के साथ लॉज पहुंचा शादीशुदा युवक, मां ने चप्पलों से पीटा; धर्म परिवर्तन के भी लगे आरोप

shivpuri love jihad: शिवपुरी। मध्यप्रदेश में हिंदू लड़कियों को बेहला-फुसलाकर लव जिहाद का शिकार बनाने की घटना आए दिन हमारे सामने सामने आती रहती है। ऐसा ही एक मामला शिवपुरी से सामने आया है, जहां शादीशुदा युवक की पोल उसकी पत्नी ने ही खोलदी। आरोप है कि सतनवाड़ा निवासी अकरम शाह ने 17 वर्षीय नाबालिग लड़की को पहले प्रेमजाल में फंसाया और उसे शहर के एक लॉज में ले गया। जानकारी मिलते ही लड़की की मां और बड़ी बहन मौके पर पहुंचीं। दोनों ने युवक को कमरे से बाहर निकाला और चप्पलों से पीटते हुए करीब एक किलोमीटर दूर थाने तक ले गईं। मिडिल ईस्ट तनाव के बीच रूसी तेल की जमकर हो रही खरीदी… रिकॉर्ड हाई पर पहुंचा भारत का आयात पत्नी ने खोली अकरम की पोल कुछ देर बाद आरोपी की पत्नी रेशमा बानो भी अपनी बेटियों के साथ थाने पहुंची। उन्होंने आरोप लगाया कि अकरम शादीशुदा होने के बावजूद दूसरी लड़कियों से संबंध बनाता है। महिला ने यह भी दावा किया कि उसका पति हिंदू लड़कियों को बहलाकर धर्म परिवर्तन कराने की बात करता था। हालांकि, इन आरोपों की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और पुलिस मामले की जांच कर रही है। पहले भी हो चुकी है शिकायत रेशमा का कहना है कि उसने दो साल पहले भी अपने पति के खिलाफ शिकायत की थी, लेकिन बाद में समझौता होने पर मामला वापस ले लिया। उनका आरोप है कि अकरम पिछले दो साल से नाबालिग के संपर्क में था और उसे कुछ समय के लिए राजस्थान भी ले गया था। वहीं, नाबालिग की मां का कहना है कि करीब तीन महीने पहले भी उसकी बेटी घर से चली गई थी। उस समय अपहरण का मामला दर्ज कराया गया था, लेकिन बाद में लड़की वापस लौट आई। Ladli Behna Yojana: लाडली बहना योजना की 38वीं किस्त जारी, CM ने सिंगल क्लिक से ट्रांसफर किए 1835 करोड़ पुलिस ने क्या कहा? देहात थाना प्रभारी विकास यादव के मुताबिक, तीन महीने पहले दर्ज मामले में लड़की ने कोर्ट में दिए गए अपने बयान (धारा 164) में किसी युवक का नाम नहीं लिया था। उसने कहा था कि वह अपनी मर्जी से घर छोड़कर गई थी क्योंकि परिवार उसकी जबरन शादी कराना चाहता था। फिलहाल, रविवार की घटना के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ शांति भंग की कार्रवाई की और उसे एसडीएम कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। पुलिस का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।
उत्तराखंड समेत पूर्वोत्तर के राज्यों में आज भारी बारिश की चेतावनी…. अन्य हिस्सों में कमजोर पड़ा मॉनसून

नई दिल्ली। देश के कई हिस्सों में मॉनसून (Monsoon) की गतिविधियां अभी कमजोर हैं, लेकिन उत्तराखंड, हिमाचल, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और पूर्वोत्तर राज्यों में भारी बारिश (Heavy rain) की चेतावनी है. वहीं, राजस्थान में धूल भरी तेज आंधी चलने की संभावना है. भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, उत्तराखंड (Uttarakhand) में भारी से बहुत भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक, अगले 2-3 दिनों में पूर्वोत्तर भारत, पश्चिम बंगाल और बिहार में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है. जबकि पूर्वी उत्तर प्रदेश में 4-5 दिन बाद बारिश होने की संभावना है. हालांकि, अगले 5-6 दिनों में उत्तर-पश्चिम, पश्चिम मध्य और दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में कमजोर मॉनसून और कम बारिश का अनुमान है। उत्तराखंड में बारिश का रेड अलर्टउत्तराखंड में IMD ने भारी से बहुत भारी बारिश के लिए रेड अलर्ट जारी किया है. राज्य में बीते दिन भी बारिश के कारण कई जगहों पर भूस्खलन हुआ है. उत्तराखंड में भारी बारिश और भूस्खलन की वजह से 126 सड़कें बंद हैं, जिसमें दो नेशनल हाईवे भी शामिल हैं. यमुनोत्री राजमार्ग पर भी यातायात प्रभावित है. स्याना चट्टी में भूस्खलन के कारण ऋषिकेश-यमुनोत्री नेशनल हाईवे पर यातायात ठप हुआ है। राजस्थान में धूल भरी हवाएंमौसम विभाग (IMD) के अपने पूर्वानुमान ने बताया कि अगले 5-6 दिनों में पूर्वी राजस्थान में सूखा रहेगा. हालांकि, 13 से 15 जुलाई के बीच शेखावाटी, जयपुर और भरतपुर संभाग में हल्की बारिश हो सकती है. जबकि पश्चिमी राजस्थान में 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से धूल भरी तेज हवाएं चलने और धूल भरी आंधी आने की चेतावनी है. पश्चिम बंगाल में भारी बारिशपश्चिम बंगाल में बीते दिन अच्छी बारिश दर्ज की गई है. कोचबिहार जिले के पुंडिबारी में सबसे ज्यादा 89 मिमी बारिश हुई. IMD ने 14 जुलाई तक राज्य के कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है. उप-हिमालयी इलाकों और दक्षिणी जिलों (बांकुरा, बर्दवान, नदिया, मुर्शिदाबाद आदि) में भारी बारिश की संभावना है। ओडिशा में चार दिन बारिश का अलर्टओडिशा में अगले चार दिन तक कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है. सोमवार को बालासोर, भद्रक, केंद्रापड़ा, सुंदरगढ़, झारसुगुड़ा, बरगढ़, संबलपुर, केवझर, मयूरभंज, कालाहांडी, कंधमाल और रायगड़ा जिलों में भारी बारिश हो सकती है. IMD ने इन जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है. IMD के मुताबिक, इस मॉनसून सीजन में ओडिशा में अब तक 348.1 मिमी बारिश हो चुकी है, जो सामान्य से 8% ज्यादा है। दिल्ली और यूपी के मौसम की जानकारी राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में अधिकतम तापमान सामान्य से थोड़ा ऊपर दर्ज किया जा रहा है. मौसम विभाग (IMD) ने अगले 7 दिनों में तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होने का अनुमान लगाया है. दिल्ली में अधिकतम तापमान 35-36 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26-28 डिग्री सेल्सियस रह सकता है। वहीं, उत्तर प्रदेश में अगले 3-4 दिन बारिश की संभावना नहीं है.लखनऊ में आंशिक रूप से बादल छाए रहने के साथ साफ मौसम रहने की संभावना है. मौसम विभाग के मुताबिक, उत्तर प्रदेश में इस सीजन में अब तक मॉनसून सामान्य से 17% कम रहा है. 1 जून से 12 जुलाई तक 158.8 मिमी बारिश हुई, जबकि सामान्य 190.9 मिमी है। हिमाचल में भी हल्की से मध्यम बारिशहिमाचल प्रदेश में भी लगातार हल्की से मध्यम बारिश हो रही है. पिछले 24 घंटों में मंडी जिले के जोगिंदरनगर में सबसे ज्यादा 60 मिमी बारिश दर्ज की गई. वहीं, मनाली में 45 मिमी, सराहन में 38.5 मिमी, रोहड़ू में 25 मिमी और शिमला में 19 मिमी बारिश हुई है।
MP: खरगोन में एबी रोड पर क्रूड ऑयल के खाली टैंकर में हुआ ब्लास्ट…..दूर खड़े चरवाहे की मौत

खरगोन। मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के खरगोन जिले (Khargone district) में आगरा-मुंबई नेशनल हाईवे (Agra-Mumbai National Highway) पर मगरखेड़ी के पास रविवार शाम को क्रूड ऑयल (Crude oil) के खाली टैंकर में वेल्डिंग के दौरान भीषण धमाका हो गया। विस्फोट इतना तेज था कि टैंकर के टुकड़े 500 मीटर दूर तक बिखर गए। हादसे में दूर खड़े एक चरवाहे की मौत हो गई। इस विस्फोट में टैंकर चालक और वेल्डिंग मैकेनिक गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। उनको किसी बड़े अस्पताल रेफर किया गया है। घटना खरगोन के कसरावद इलाके के मगरखेड़ी गांव में एक वेल्डिंग वर्कशॉप में हुई। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि यह विस्फोट तब हुआ जब मुंबई-आगरा नेशनल हाईवे के किनारे खड़े एक टैंकर के पिछले हिस्से की मरम्मत का काम चल रहा था। धमाका इतना जोरदार था कि टैंकर के टुकड़े 500 मीटर दूर तक बिखर गए। इस भीषण धमाके के कारण पूरे मगरखेड़ी गांव में अफरातफरी मच गई। टैंकर चालक और वेल्डिंग मिस्त्री जख्मीस्थानीय लोगों ने बताया कि विस्फोट के बाद उड़े धातु की टुकड़ों की चपेट में बकरियां चरा रहे भीम रोकड़े (45) आ गए। वह गंभीर रूप से घायल हो गए। विस्फोट में टैंकर चालक और वेल्डिंग मिस्त्री भी बुरी तरह जख्मी हो गए। घायलों को आनन फानन में ठीकरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने भीम रोकड़े को मृत घोषित कर दिया। ड्राइवर और वेल्डिंग मैकेनिक बड़े अस्पताल रेफरविस्फोट में घायल टैंकर ड्राइवर और वेल्डिंग मैकेनिक को प्राथमिक इलाज के बाद दूसरे किसी बड़े अस्पताल में रेफर कर दिया गया। धमाके की आवाज इतनी तेज थी कि आसपास खड़ी एक कार और मकानों के कांच भी टूट गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टैंकर में वेल्डिंग का काम चल रहा था तभी अचानक जोरदार विस्फोट हो गया। धमाके की आवाज दूर-दूर तक सुनाई दी। घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई। घायलों की हालत नाजुकब्लास्ट के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। शुरुआत में गांव के लोगों ने ही बचाव कार्य चलाया। विस्फोट में जख्मी टैंकर चालक का नाम विनोद (45) है जो भैंसाचौबे, जिला बस्ती (यूपी) का निवासी बताया जाता है। वेल्डिंग मिस्त्री नितेश (35) बिहार के रहने वाले बताए जाते हैं। दोनों की हालत गंभीर बनी हुई है। घटना की सूचना मिलते ही खलटाका पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया। कैसे हुआ हादसा?प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि तेल खाली करने के बाद टैंकर में वेल्डिंग कराई जा रही थी। वेल्डिंग के कारण बढ़े तापमान से टैंकर में गैस बन गई। इस कारण विस्फोट हो गया। यह टैंकर आंध्र प्रदेश के पूर्वी गोदावरी जिले के गढ़ी मोगा से क्रूड ऑयल लेकर झाबुआ जिले के मेघनगर पहुंचा था। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
देश में हेल्थ रिसर्च पर बड़े निवेश की तैयारी… गंभीर बीमारियों पर फोकस, 6 गुना बढ़ेगा खर्च

नई दिल्ली। कैंसर, टीबी, मधुमेह, दिल की बीमारियों और मानसिक स्वास्थ्य जैसी गंभीर चुनौतियों से निपटने के लिए केंद्र सरकार (Central government) स्वास्थ्य अनुसंधान (Health Research) पर बड़ा निवेश करने की तैयारी कर रही है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य अनुसंधान नीति-2026 (National Health Research Policy-2026) (ड्राफ्ट) में 2047 तक स्वास्थ्य अनुसंधान पर खर्च को मौजूदा स्तर से करीब 6.25 गुना बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है। अभी देश स्वास्थ्य अनुसंधान पर सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का 0.024 फीसदी खर्च करता है, जिसे 2037 तक बढ़ाकर 0.072 फीसदी और 2047 तक 0.15 फीसदी करने की योजना है। नई नीति में सरकार ने कहा है कि अब सिर्फ शोध पत्र प्रकाशित करना उद्देश्य नहीं, बल्कि ऐसी रिसर्च को बढ़ावा देना है, जिससे नई दवाएं, वैक्सीन, जांच तकनीक और इलाज आम लोगों तक तेजी से पहुंच सके। ड्राफ्ट नीति के अनुसार, आने वाले कुछ वर्षों में स्वास्थ्य अनुसंधान का पूरा फोकस उन बीमारियों पर रहेगा, जिनका देश में सबसे ज्यादा बोझ है। इनमें कैंसर, टीबी, मधुमेह, हृदय रोग, मानसिक स्वास्थ्य, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, कुपोषण, एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस, संक्रामक रोग और बुजुर्गों की बीमारियां शामिल हैं। सरकार समय-समय पर राष्ट्रीय स्वास्थ्य अनुसंधान एजेंडा तैयार करेगी, ताकि जरूरत के मुताबिक प्राथमिकताएं तय की जा सकें। मेडिकल कॉलेज बनेंगे रिसर्च हबनीति के तहत देशभर के मेडिकल कॉलेजों में मल्टीडिसिप्लिनरी रिसर्च यूनिट (एमआरयू) का विस्तार किया जाएगा। साथ ही, अभी तक वायरस की जांच और रिसर्च करने वाली वायरल रिसर्च एंड डायग्नोस्टिक लैब (वीआरडीएल) को अपग्रेड कर इन्फेक्शियस डिजीज रिसर्च एंड डायग्नोस्टिक लैब (आईआरडीएल) बनाया जाएगा। इससे बैक्टीरिया, फंगस और परजीवी जनित बीमारियों पर भी व्यापक रिसर्च हो सकेगी। ड्राफ्ट नीति में भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के संस्थानों को देश के स्वास्थ्य अनुसंधान की रीढ़ बनाने की बात कही गई है। इसके लिए अत्याधुनिक लैब, नई तकनीक और राज्यों के साथ बेहतर समन्वय विकसित किया जाएगा, ताकि देशभर में एक मजबूत रिसर्च नेटवर्क तैयार हो सके। देश में बनेंगी नई दवाएं और वैक्सीनसरकार ने नीति में स्टार्टअप, उद्योग, मेडिकल कॉलेज और रिसर्च संस्थानों के सहयोग से स्वदेशी दवाओं, वैक्सीन, मेडिकल डिवाइस, डायग्नोस्टिक किट के विकास पर जोर दिया है। नई नीति में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), जीनोमिक्स, डिजिटल हेल्थ डाटा और राष्ट्रीय रोग रजिस्ट्रियों का उपयोग बढ़ाने का प्रस्ताव है। नई नीति का एक बड़ा बदलाव यह है कि अब शोध का मूल्यांकन केवल प्रकाशित शोध पत्रों के आधार पर नहीं होगा। यह भी देखा जाएगा कि रिसर्च से नई दवा या तकनीक विकसित हुई या नहीं, सरकारी नीतियों में बदलाव आया या नहीं और मरीजों तक उसका वास्तविक लाभ पहुंचा या नहीं। इसके लिए आईसीएमआर-आईआरआईएस नाम का नया मूल्यांकन ढांचा तैयार किया जाएगा। नीति में राज्यों से भी स्वास्थ्य अनुसंधान के लिए अलग फंड बनाने और निवेश बढ़ाने की अपील की गई है। केंद्र और राज्यों के कुल निवेश की नियमित समीक्षा की जाएगी, ताकि तय लक्ष्यों को समय पर हासिल किया जा सके।