मिडिल ईस्ट तनाव के बीच रूसी तेल की जमकर हो रही खरीदी… रिकॉर्ड हाई पर पहुंचा भारत का आयात

नई दिल्ली। अमेरिका-ईरान के बीच शुरू हुए युद्ध (America-Iran War) से ग्लोबल टेंशन (Global Tension) फिर से चरम पर पहुंच गई है और होर्मुज स्ट्रेट बंद (Hormuz Strait Closure) होने के चलते दुनिया के तमाम देशों के सामने तेल-गैस का संकट गहराने लगा है. वहीं दूसरी ओर भारत की बात करें, तो मिडिल ईस्ट के देशों तनाव के बीच भारत ने अपने तेल आयात में विविधता लाने का जो कदम Plan-B के तहत उठाया, उसका फायदा मिल रहा है। मिडिल ईस्ट में तनाव के बीच भी भारत लगातार रूसी तेल खरीदने (India’s Russian Oil Import) में लगा है और ताजा आंकड़े देखें, तो जून महीने में भारत की रूसी तेल आयात रिकॉर्ड हाई पर पहुंच गया, इसमें 34 फीसदी का जबर्दस्त उछाल दर्ज किया गया है। CREA की रिपोर्ट में बड़ा खुलासा एक रिपोर्ट में सेंटर फॉर रिसर्च ऑन एनर्जी एंड क्लीन एयर (CREA) के हवाले से बताया गया है कि रूस के कुल तेल निर्यात राजस्व में गिरावट के बावजूद, भारत का रूसी कच्चे तेल का आयात बीते जून में रिकॉर्ड लेवल पर पहुंच गया, जो इससे पिछले मई महीने की तुलना में 34% अधिक रहा। Oil-Gas Supply पर फिर मंडराया बड़ा खतराडेटा पर नजर डालें, तो भारत ने जून में 4.5 अरब यूरो मूल्य का रूसी कच्चा तेल खरीदा, जो उसके कुल 5.5 अरब यूरो के रूसी जीवाश्म ईंधन आयात का 83% है. इस आंकड़े के साथ भारत चीन के बाद रूसी ईंधन का दूसरा सबसे बड़ा खरीदार बना है. वहीं जून में चीन रूस का सबसे बड़ा ग्राहक बना रहा, जिसने 7.3 अरब यूरो की खरीदारी की. रिफाइनरियों की आपूर्ति में उछालभारत के कुल कच्चे तेल आयात में महीने-दर-महीने 5.4 फीसदी की बढ़ोतरी देखने को मिली है और यह उछाल प्रमुख रिफाइनरियों को रूसी आपूर्ति में इजाफे के चलते देखने को मिली है. रिलायंस इंडस्ट्रीज की जामनगर रिफाइनरी को सप्लाई जून में मई के मुकाबले 150% बढ़ गई, जबकि इंडियन ऑयल कॉर्प (IOCL) की पारादीप रिफाइनरी में आयात 126% बढ़ा. CREA का कहना है कि BPCL की कोच्चि रिफाइनरी 82% और नायरा एनर्जी की वडीनार रिफाइनरी में 45% की वृद्धि हुई है। Russian Oil की खरीद, फिर एक्सपोर्टन सिर्फ भारत की रूसी कच्चे तेल से तैयार ईंधन के ग्लोबल व्यापार में बड़ी भूमिका बनी हुई है. यही नहीं रूस से तेल का आयात करते भारत, तुर्की, ब्रुनेई और जॉर्जिया की रिफाइनरियों ने जून में रूस पर प्रतिबंध लगाने वाले देशों को जमकर तेल प्रोडक्ट का निर्यात भी किया. यूरोपीय संघ, ऑस्ट्रेलिया और अमेरिका को 814 मिलियन यूरो मूल्य के तेल उत्पादों का निर्यात किया गया। बात अमेरिका को निर्यात की करें, तो इसमें भारत की जामनगर रिफाइनरी, तुर्की में SOCAR के स्वामित्व वाली STAR रिफाइनरी और तुप्रास इजमित रिफाइनरी आगे है. सीआरईए के आंकड़ों के मुताबिक, बीते तीन महीनों में, तुप्रास इजमित रिफाइनरी के कच्चे तेल का 60% और जामनगर रिफाइनरी के कच्चे तेल का 27% रूस से आया था और इनके द्वारा US को निर्यात किया गया।
जातिगत जनगणना की बाधाएं दूर करने के लिए तैयार हो रही प्रश्नावली, आंकड़ों की शुद्धता पर जोर

नई दिल्ली। जनगणना (Census) का अगला चरण (Second-phase) जाति आधारित गिनती (Caste Census) के लिहाज से खासा चुनौतीपूर्ण होने जा रहा है। जाति जनगणना के लिए ऐसी प्रश्नावली (Questionnaire) तैयार की जा रही है ताकि नतीजे ज्यादा सटीक और तार्किक आ सकें। जनगणनाकर्मियों के सामने जाति संबंधी सूचना की प्रामाणिकता को सत्यापित करने का साधन भी तलाशा जा रहा है। लद्दाख, जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के हिमाच्छादित क्षेत्रों में जातिगत जनगणना इसी साल सितंबर में होनी है, ऐसे में जनगणना के दूसरे चरण से जुड़े सवाल अगस्त महीने में जारी कर दिए जाएंगे। जनगणना का पहला चरण अब पूरा होने को है। अगले चरण के लिए एक मार्च, 2027 के दिन को मानक मानकर लोगों की गिनती व उनकी जाति की गणना के लिए प्रश्नावली का फ्रेमवर्क बन रहा है। इसमें हर नागरिक से जनसांख्यिकीय, सामाजिक-आर्थिक, शिक्षा, प्रवास, प्रजनन आदि से संबंधित जानकारी मांगी जाएगी। दूसरे चरण का काम शुरू करने से भारत के महारजिस्ट्रार और जनगणना आयुक्त कार्यालय की ओर से पहले जनगणना प्रगणकों का एक पूर्वाभ्यास कराया जा रहा है। इसमें जाति पता करने में कई तरह की भ्रामक या आधी अधूरी सूचनाएं मिल रही हैं। अब समस्या है कि जातियों व उपजातियों का वर्गीकरण कैसे किया जाए। अगर किसी से केवल उसकी जाति पूछी जाए, तो एक जाति वर्ग में आने वाले लोग अलग-अलग जगह पर अलग-अलग नाम ले रहे हैं। इसीलिए जातिगत आंकड़ों की सटीकता व शुद्धता पर ज्यादा जोर है। अंग्रेजों के वक्त 4,147 जातियां थी, जबकि 2011 में 46 लाख जातियांजब 1931 में आखिरी जातिगत जनगणना हुई, तो 4,147 जातियों के नाम सामने आए। जब 2011 की जनगणना के साथ-साथ सामाजिक-आर्थिक और जाति जनगणना हुई, तो 46 लाख जातियां निकल आईं। जातियों की संख्या इसलिए बढ़ गई क्योंकि प्रश्नावली में सीधा सवाल पूछा गया कि आपकी जाति क्या है। जवाब में जातियों, उप-जातियों, गोत्र व कुल के नाम भी लोगों ने दर्ज कराए। इसीलिए केंद्र सरकार ने 2021 में सुप्रीम कोर्ट में कहा कि 2011 में जाति गणना त्रुटियों से भरी हुई है। शायद इसी वजह से इस कवायद का निर्रथक माना गया और इसके नतीजे सार्वजनिक नहीं हुए। अब उन्हीं व्यावहारिक कठिनाइयों को दूर करने का काम किया जा रहा है। मसलन अनाथ और बेसहारा बच्चों की सही जाति जानने का काम खासा मुश्किल होगा, वे संभवत इसे बताने की स्थिति में न हों। अब जनगणना अधिकारियों को बताया गया है कि वे जाति की वर्तनी सही तरीके से दर्ज करें। एक जैसी ध्वनि वाली जातियों को अलग-अलग जातियों में दर्ज करने से पहले उसमें अंतर की पुष्टि होनी भी जरूरी है।
दुनिया के नंबर वन यानिक सिनर का जलवा विम्बलडन 2026 जीतकर बनाए कई ऐतिहासिक रिकॉर्ड

नई दिल्ली । इटली के स्टार टेनिस खिलाड़ी यानिक सिनर ने एक बार फिर साबित कर दिया कि मौजूदा दौर में उनसे बेहतर खिलाड़ी बहुत कम हैं। विम्बलडन 2026 के पुरुष एकल फाइनल में विश्व नंबर एक सिनर ने जर्मनी के अलेक्जेंडर ज्वेरेव को शानदार मुकाबले में हराकर लगातार दूसरी बार खिताब अपने नाम कर लिया। करीब चार घंटे तक चले रोमांचक मुकाबले में सिनर ने पहले सेट में पिछड़ने के बाद जबरदस्त वापसी की और चार सेटों में जीत दर्ज करते हुए अपने करियर का पांचवां ग्रैंड स्लैम खिताब हासिल कर लिया। इस जीत के साथ उन्होंने अपना 30वां एटीपी खिताब भी जीत लिया और कई ऐतिहासिक रिकॉर्ड अपने नाम कर लिए। फाइनल मुकाबले की शुरुआत बेहद रोमांचक रही। पहले सेट में दोनों खिलाड़ियों ने अपनी सर्विस शानदार तरीके से बचाई और किसी को भी ब्रेक का मौका नहीं मिला। मुकाबला टाई ब्रेक तक पहुंचा जहां अलेक्जेंडर ज्वेरेव ने बेहतरीन खेल दिखाते हुए पहला सेट जीत लिया। यह लंबे समय बाद था जब ज्वेरेव ने सिनर के खिलाफ कोई सेट अपने नाम किया। पहले सेट की हार के बावजूद यानिक सिनर ने धैर्य नहीं खोया और दूसरे सेट में अपने खेल का स्तर और ऊंचा कर दिया। दूसरे सेट में सिनर ने शानदार रिटर्न गेम और बेहतरीन कोर्ट कवरेज का प्रदर्शन किया। टाई ब्रेक में उन्होंने पूरी तरह मुकाबले पर नियंत्रण बना लिया और स्कोर बराबर कर दिया। इसके बाद मैच का रुख पूरी तरह बदल गया। तीसरे सेट में दोनों खिलाड़ियों के बीच लंबी रैलियां देखने को मिलीं लेकिन निर्णायक समय पर सिनर ने अपनी आक्रामक रणनीति से ज्वेरेव की सर्विस तोड़ दी और आसानी से सेट अपने नाम कर लिया। चौथे सेट में ज्वेरेव ने वापसी की पूरी कोशिश की लेकिन सिनर किसी भी तरह का मौका देने के मूड में नहीं थे। बराबरी के स्कोर के बाद उन्होंने एक महत्वपूर्ण ब्रेक हासिल किया और अपनी मजबूत सर्विस के दम पर मुकाबला समाप्त कर दिया। जीत का अंक हासिल करते ही सिनर खुशी से सेंटर कोर्ट की घास पर लेट गए और दर्शकों ने तालियों की गड़गड़ाहट से उनका स्वागत किया। यह पल उनके करियर के सबसे यादगार क्षणों में शामिल हो गया। इस जीत के साथ 24 वर्षीय यानिक सिनर ने कई बड़े रिकॉर्ड भी अपने नाम किए। वह विश्व नंबर एक रहते हुए लगातार दो बार विम्बलडन जीतने वाले चुनिंदा खिलाड़ियों की सूची में शामिल हो गए। इसके अलावा यह उनके करियर की 100वीं ग्रैंड स्लैम मैच जीत भी रही। ज्वेरेव के खिलाफ उनकी लगातार जीत का सिलसिला भी बरकरार रहा जिससे उन्होंने अपनी मानसिक मजबूती और शानदार फॉर्म का परिचय दिया। फ्रेंच ओपन में मिली निराशा के बाद कई विशेषज्ञ उनकी लय को लेकर सवाल उठा रहे थे लेकिन विम्बलडन में सिनर ने अपने प्रदर्शन से सभी आलोचनाओं का जवाब दे दिया। पूरे टूर्नामेंट में उन्होंने शानदार आत्मविश्वास बेहतरीन फिटनेस और आक्रामक खेल का प्रदर्शन किया। उनकी इस ऐतिहासिक जीत ने साफ कर दिया है कि मौजूदा समय में पुरुष टेनिस में वह सबसे मजबूत दावेदार हैं। लगातार दूसरी बार विम्बलडन का ताज जीतकर यानिक सिनर ने अपने सुनहरे भविष्य की एक और शानदार कहानी लिख दी है।
शिवसेना यूबीटी के पूर्व सांसद विवादों में बहू ने लगाए काला जादू और मानसिक प्रताड़ना जैसे गंभीर आरोप

नई दिल्ली । महाराष्ट्र की राजनीति से जुड़ा एक मामला इन दिनों सुर्खियों में है जहां शिवसेना यूबीटी के पूर्व सांसद विनायक राउत और उनके परिवार के खिलाफ उनकी बहू ने गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में शारीरिक मानसिक और आर्थिक प्रताड़ना के साथ काला जादू कराने तथा अंधविश्वास से जुड़ी कथित गतिविधियों का भी उल्लेख किया गया है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है जबकि पूर्व सांसद ने सभी आरोपों को निराधार बताते हुए उन्हें परिवार पर दबाव बनाने की कोशिश करार दिया है। पुलिस के अनुसार शिकायतकर्ता महिला ने आरोप लगाया है कि वर्ष 2017 में उसकी शादी विनायक राउत के बेटे जितेश से कराई गई जबकि परिवार को पहले से यह जानकारी थी कि वह वैवाहिक संबंध निभाने में सक्षम नहीं है। महिला का दावा है कि जब उसने इस विषय पर सवाल उठाए तो उसकी समस्याओं का समाधान करने के बजाय उसे मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ा। उसने आरोप लगाया कि उसे यह कहकर बहलाया गया कि उसके वैवाहिक जीवन में किसी बाहरी बाधा का असर है और उसे दूर करने के लिए कथित धार्मिक अनुष्ठानों का सहारा लिया गया। महिला का यह भी आरोप है कि इन कथित अनुष्ठानों के दौरान कुछ लोगों ने उसके साथ अशोभनीय और आपत्तिजनक व्यवहार किया। शिकायत में यह भी कहा गया है कि उसे विभिन्न देशों की यात्राओं के दौरान भी मानसिक दबाव और दुर्व्यवहार झेलना पड़ा। इसके अलावा उसने अपनी सास पर आरोप लगाया कि उसे मासिक धर्म रोकने वाली दवाएं लेने के लिए मजबूर किया गया जिससे उसकी सेहत पर प्रतिकूल असर पड़ा। महिला का यह भी कहना है कि उचित चिकित्सकीय उपचार उपलब्ध कराने के बजाय वैकल्पिक तरीकों से गर्भधारण कराने की सलाह दी गई। पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के साथ महाराष्ट्र मानव बलि और अन्य अमानवीय बुरी एवं अघोरी प्रथाओं तथा काला जादू निवारण कानून के तहत भी प्रकरण दर्ज किया है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। दूसरी ओर पूर्व सांसद विनायक राउत ने सभी आरोपों को पूरी तरह खारिज किया है। उनका कहना है कि उनके बेटे और शिकायतकर्ता के बीच तलाक की प्रक्रिया पहले से चल रही है। उन्होंने दावा किया कि समझौते के दौरान महिला की ओर से करोड़ों रुपये की आर्थिक मांग की गई थी जिसे स्वीकार नहीं किया गया। राउत का आरोप है कि इसके बाद परिवार पर दबाव बनाने के उद्देश्य से यह शिकायत दर्ज कराई गई। उन्होंने स्पष्ट कहा कि उनका परिवार तंत्र मंत्र या काले जादू जैसी किसी भी गतिविधि में विश्वास नहीं करता और लगाए गए सभी आरोप पूरी तरह झूठे हैं। यह मामला अब कानूनी प्रक्रिया के अधीन है और पुलिस जांच के बाद ही आरोपों की सच्चाई स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल दोनों पक्ष अपने अपने दावे कर रहे हैं लेकिन अंतिम निष्कर्ष जांच और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।
भारतीय रेलवे के इतिहास का नया अध्याय अगले साल से शुरू होगी बुलेट ट्रेन जानिए किस रूट पर पहले मिलेगी सौगात

नई दिल्ली । भारत का बहुप्रतीक्षित बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट अब अपने अंतिम चरण की ओर बढ़ रहा है और देश को अगले वर्ष एक ऐतिहासिक सौगात मिलने जा रही है। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने घोषणा की है कि 15 अगस्त 2027 से भारत की पहली बुलेट ट्रेन का संचालन शुरू कर दिया जाएगा। शुरुआत मुंबई अहमदाबाद हाई स्पीड रेल कॉरिडोर के पहले चरण सूरत से बिलिमोरा के बीच होगी। इसके बाद परियोजना को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाते हुए वापी अहमदाबाद ठाणे और अंत में पूरे मुंबई अहमदाबाद मार्ग तक विस्तार दिया जाएगा। यह परियोजना केवल एक नई ट्रेन की शुरुआत नहीं बल्कि भारत के परिवहन इतिहास में तकनीकी बदलाव का सबसे बड़ा कदम मानी जा रही है। पूरी तरह तैयार होने के बाद यह बुलेट ट्रेन 320 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ेगी। इससे यात्रियों का सफर पहले की तुलना में कई गुना तेज और अधिक सुविधाजनक हो जाएगा। रेल मंत्रालय के अनुसार परियोजना का लगभग 80 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो चुका है और शेष कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। मुंबई अहमदाबाद हाई स्पीड रेल कॉरिडोर की कुल लंबाई 508 किलोमीटर है। इस परियोजना में आधुनिक तकनीक अत्याधुनिक सुरक्षा प्रणाली और विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर का उपयोग किया जा रहा है। बुलेट ट्रेन के शुरू होने से दोनों महानगरों के बीच यात्रा का समय काफी कम हो जाएगा जिससे व्यापार उद्योग पर्यटन और निवेश को भी नई गति मिलेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यह परियोजना भारत की आर्थिक गतिविधियों को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएगी। रेल मंत्री ने रेलवे स्टेशनों के पुनर्विकास कार्यों की भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि देशभर में 261 रेलवे स्टेशनों का कायाकल्प तेजी से किया जा रहा है। सिकंदराबाद रेलवे स्टेशन का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि ट्रेन संचालन को बिना रोके आधुनिक सुविधाओं से लैस स्टेशन तैयार करना बड़ी चुनौती है लेकिन भारतीय रेलवे इसे सफलतापूर्वक पूरा कर रही है। नए स्टेशन एयरपोर्ट जैसी सुविधाओं और आधुनिक यात्री सेवाओं से लैस होंगे। रेल मंत्री ने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हैदराबाद क्षेत्र के लिए तीन हाई स्पीड रेल कॉरिडोर की मंजूरी दी है। इनमें पुणे से हैदराबाद हैदराबाद से चेन्नई और हैदराबाद से बेंगलुरु तक हाई स्पीड रेल परियोजनाएं शामिल हैं। इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद दक्षिण भारत में तेज रफ्तार रेल नेटवर्क विकसित होगा जिससे उद्योग व्यापार और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। हैदराबाद को भविष्य का प्रमुख हाई स्पीड रेल हब बनाने की दिशा में यह एक बड़ा कदम माना जा रहा है। भारत में बुलेट ट्रेन परियोजना केवल तेज यात्रा का माध्यम नहीं बल्कि आधुनिक भारत की नई पहचान बनने जा रही है। इससे रेलवे तकनीक में आत्मनिर्भरता बढ़ेगी निर्माण क्षेत्र को नई ऊर्जा मिलेगी और हजारों लोगों को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा। आने वाले वर्षों में यदि अन्य हाई स्पीड रेल कॉरिडोर भी इसी गति से विकसित होते हैं तो भारत दुनिया के उन चुनिंदा देशों में शामिल हो जाएगा जहां अत्याधुनिक बुलेट ट्रेन नेटवर्क उपलब्ध होगा। यह परियोजना देश के बुनियादी ढांचे को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के साथ विकास और प्रगति की नई रफ्तार भी तय करेगी।
अब यूरोप भी नहीं सुरक्षित जलवायु परिवर्तन की मार से रिकॉर्ड तोड़ गर्मी ने बढ़ाई चिंता लाखों लोग हुए प्रभावित

नई दिल्ली । एक समय था जब भीषण गर्मी का नाम आते ही भारत पाकिस्तान और पश्चिम एशिया जैसे देशों की तस्वीर सामने आती थी जबकि यूरोप को अपेक्षाकृत ठंडे मौसम वाला महाद्वीप माना जाता था। लेकिन अब हालात तेजी से बदल रहे हैं। जून 2026 में पश्चिमी यूरोप में पड़ी रिकॉर्डतोड़ गर्मी ने दुनिया भर के वैज्ञानिकों और पर्यावरण विशेषज्ञों की चिंता बढ़ा दी है। नई वैज्ञानिक रिपोर्ट बताती है कि यह केवल एक सामान्य हीटवेव नहीं थी बल्कि मानवजनित जलवायु परिवर्तन ने इसे पहले की तुलना में कहीं अधिक खतरनाक और जानलेवा बना दिया। ClimaMeter की रिपोर्ट के अनुसार जून 2026 के दौरान बनी गर्म मौसमीय परिस्थितियां करीब 30 वर्ष पहले की तुलना में लगभग ढाई डिग्री सेल्सियस अधिक गर्म थीं जबकि यदि 50 वर्ष पहले से तुलना की जाए तो यह अंतर साढ़े तीन डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता है। यही अतिरिक्त तापमान इस हीटवेव को बेहद गंभीर बना गया। रिपोर्ट के अनुसार इस गर्मी से लगभग 32 करोड़ 70 लाख लोग प्रभावित हुए जबकि करीब 15 दशमलव 6 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर की आर्थिक गतिविधियां इसकी चपेट में आईं। इनमें बड़ी संख्या ऐसे क्षेत्रों की रही जहां सबसे अधिक तापमान दर्ज किया गया। वैज्ञानिकों के अनुसार इस हीटवेव के पीछे हीट डोम नामक मौसमीय स्थिति भी जिम्मेदार रही। इसमें उच्च दबाव वाला क्षेत्र लंबे समय तक एक ही स्थान पर बना रहता है जिससे गर्म हवा बाहर नहीं निकल पाती और तापमान लगातार बढ़ता जाता है। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि हीट डोम कोई नई घटना नहीं है लेकिन अब पृथ्वी का औसत तापमान पहले से अधिक होने के कारण इसका प्रभाव कहीं ज्यादा विनाशकारी हो गया है। फ्रांस के वैज्ञानिक मार्को जांची का कहना है कि कुछ दशक पहले यही मौसमीय स्थिति इतनी खतरनाक नहीं होती। लेकिन अब जलवायु परिवर्तन ने वातावरण को पहले से गर्म कर दिया है जिससे सामान्य हीटवेव भी रिकॉर्ड तोड़ गर्मी में बदल रही है। यही कारण है कि यूरोप जैसा क्षेत्र भी अब भीषण गर्मी से सुरक्षित नहीं रह गया है। इटली के वैज्ञानिक टोमासो अल्बर्टी के अनुसार पहले से गर्म हो चुकी जमीन और समुद्र ने इस हीटवेव की तीव्रता कई गुना बढ़ा दी। इसके चलते हीट स्ट्रेस बढ़ा अस्पतालों पर दबाव बढ़ा बिजली की मांग रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गई और कई क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति भी प्रभावित हुई। गर्मी से होने वाली मौतों में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई। विशेषज्ञों का मानना है कि अब ऐसी घटनाओं को अपवाद नहीं बल्कि नया सामान्य माना जाना चाहिए। यह अध्ययन भारत के लिए भी महत्वपूर्ण संदेश देता है। भारत पिछले कई वर्षों से लगातार भीषण हीटवेव का सामना कर रहा है और अब वही स्थिति यूरोप में भी दिखाई देने लगी है। वैज्ञानिकों के अनुसार यूरोप 1990 के दशक के बाद दुनिया का सबसे तेजी से गर्म होने वाला महाद्वीप बन चुका है। इससे स्पष्ट है कि जलवायु परिवर्तन अब किसी एक देश या क्षेत्र तक सीमित नहीं रहा बल्कि पूरी दुनिया इसकी चपेट में आ रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि केवल कार्बन उत्सर्जन कम करना ही पर्याप्त नहीं होगा। शहरों को गर्मी के अनुकूल विकसित करना होगा स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाना होगा बिजली व्यवस्था को अधिक सक्षम बनाना होगा और स्वच्छ ऊर्जा की ओर तेजी से बढ़ना होगा। वैज्ञानिकों का कहना है कि भविष्य में हीटवेव की घटनाएं और अधिक तीव्र हो सकती हैं इसलिए समय रहते ठोस कदम उठाना पूरी दुनिया के लिए सबसे बड़ी आवश्यकता बन गई है।
मानसून ने पकड़ी रफ्तार आज देशभर में बदल सकता है मौसम का मिजाज बारिश आंधी और बिजली गिरने का अलर्ट

मध्यप्रदेश । देशभर में मानसून अब पूरी तरह सक्रिय नजर आ रहा है और इसका असर अलग अलग राज्यों में देखने को मिल रहा है। मौसम विभाग के अनुसार आज कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर भारी वर्षा होने की संभावना है। इसके अलावा तेज हवाएं और गरज चमक के साथ बारिश भी लोगों की दिनचर्या को प्रभावित कर सकती है। ऐसे में बाहर निकलने से पहले मौसम की जानकारी लेना बेहद जरूरी हो गया है। उत्तर भारत के कई राज्यों में बादलों की आवाजाही बनी रहेगी। उत्तर प्रदेश उत्तराखंड दिल्ली हरियाणा पंजाब और हिमाचल प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश के आसार हैं। कुछ स्थानों पर तेज बारिश के कारण जलभराव और यातायात प्रभावित हो सकता है। पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन की आशंका भी बनी हुई है इसलिए यात्रियों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। मध्य प्रदेश छत्तीसगढ़ राजस्थान और गुजरात के कई जिलों में भी मानसून सक्रिय रहेगा। कहीं हल्की तो कहीं तेज बारिश होने की संभावना है। लगातार हो रही वर्षा से नदियों और तालाबों का जलस्तर बढ़ सकता है। किसानों के लिए यह बारिश राहत लेकर आई है क्योंकि खरीफ फसलों की बुवाई और विकास के लिए पर्याप्त नमी मिल रही है। हालांकि अत्यधिक वर्षा वाले इलाकों में खेतों में जलभराव की स्थिति भी बन सकती है। पूर्वी भारत के बिहार झारखंड पश्चिम बंगाल और ओडिशा में भी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। वहीं पूर्वोत्तर राज्यों में भारी वर्षा का सिलसिला जारी रह सकता है। कई स्थानों पर बिजली गिरने और तेज हवाओं का भी खतरा बना हुआ है इसलिए खुले मैदानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने की सलाह दी गई है। दक्षिण भारत के केरल कर्नाटक तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश के कुछ हिस्सों में भी अच्छी बारिश की संभावना है। तटीय इलाकों में समुद्र में ऊंची लहरें उठ सकती हैं इसलिए मछुआरों को समुद्र में जाने से पहले स्थानीय प्रशासन की सलाह जरूर लेनी चाहिए। कुछ क्षेत्रों में बारिश के बावजूद उमस लोगों को परेशान कर सकती है। जहां वर्षा कम होगी वहां दिन में गर्मी और नमी का असर महसूस होगा। ऐसे मौसम में पर्याप्त पानी पीना हल्के कपड़े पहनना और धूप में लंबे समय तक रहने से बचना स्वास्थ्य के लिए बेहतर रहेगा। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक मानसून की गतिविधियां बनी रहेंगी। कई राज्यों में रुक रुक कर बारिश होती रहेगी जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है। लोगों को सलाह दी गई है कि मौसम विभाग की ताजा चेतावनियों पर नजर रखें और खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें। यदि किसी क्षेत्र में भारी बारिश का अलर्ट जारी हो तो प्रशासन के निर्देशों का पालन करें और सुरक्षित स्थानों पर रहें। सावधानी और सतर्कता ही बदलते मौसम में सबसे बड़ा बचाव है।
Datiya by election: नामांकन के आखिरी दिन BJP-Congress का शक्ति प्रदर्शन, CM मोहन यादव और जीतू पटवारी रहेंगे मौजूद

Datiya by election: दतिया। मध्य प्रदेश के दतिया विधानसभा उपचुनाव में आज राजनीतिक सरगर्मियां चरम पर रहने वाली है। चूंकि नामांकन दाखिल करने का आज आखिरी दिन है। भाजपा और कांग्रेस दोनों अपने-अपने उम्मीदवारों के साथ बड़ा शक्ति प्रदर्शन करने की तैयारी में हैं। भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी आशुतोष तिवारी आज अपना नामांकन दाखिल करेंगे। उनके साथ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा, पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा समेत कई वरिष्ठ नेता और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहेंगे। सुबह से ही भाजपा कार्यालय पर समर्थकों का जुटना शुरू हो गया है। वहीं, कांग्रेस उम्मीदवार घनश्याम सिंह भी आज नामांकन दाखिल करेंगे। उनके समर्थन में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह सहित पार्टी के कई वरिष्ठ नेता शामिल होंगे। Ladli Behna Yojana: लाडली बहना योजना की 38वीं किस्त जारी, CM ने सिंगल क्लिक से ट्रांसफर किए 1835 करोड़ शक्ति प्रदर्शन पर रहेगी नजर नामांकन के दौरान दोनों दल अपनी राजनीतिक ताकत दिखाने की कोशिश करेंगे। बड़ी रैलियों और कार्यकर्ताओं की भीड़ के जरिए भाजपा और कांग्रेस चुनावी माहौल को अपने पक्ष में करने का प्रयास करेंगी। जातीय समीकरण पर दोनों की नजर दतिया उपचुनाव में जातीय समीकरण भी अहम माना जा रहा है। यही वजह है कि दोनों दल अलग-अलग वर्गों को साधने के लिए अपने वरिष्ठ नेताओं को मैदान में उतार चुके हैं। चुनाव प्रचार के साथ-साथ सामाजिक और राजनीतिक संतुलन बनाने पर भी खास जोर दिया जा रहा है। PM मोदी ने विदेशी नेताओं को दिए भारतीय विरासत से जुड़े उपहार, झलकी अनोखी ‘कल्चरल डिप्लोमेसी’ 30 जुलाई को मतदान, 3 अगस्त को नतीजे दतिया विधानसभा सीट पर 30 जुलाई को मतदान होगा, जबकि 3 अगस्त को मतगणना के बाद नतीजे घोषित किए जाएंगे। यह सीट कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती की सदस्यता समाप्त होने के बाद खाली हुई थी, जिसके चलते यहां उपचुनाव कराया जा रहा है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि दतिया की जनता किस उम्मीदवार के पक्ष में फैसला सुनाती है।
सोना-चांदी की कीमतों में गिरावट के संकेत, ईरान-अमेरिका तनाव का पड़ सकता है असर

नई दिल्ली। ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव, कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और महंगाई के आंकड़ों के बीच इस सप्ताह सोने और चांदी की कीमतों में हलचल जारी रहने की संभावना है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि फिलहाल कीमती धातुओं पर दबाव बना रह सकता है और इनमें गिरावट का रुख देखने को मिल सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, आने वाले दिनों में महंगाई से जुड़े आंकड़े वैश्विक ब्याज दरों को लेकर निवेशकों की उम्मीदों को प्रभावित करेंगे, जिसका सीधा असर सोने-चांदी की कीमतों पर पड़ सकता है। ईरान-अमेरिका तनाव से वैश्विक बाजारों में चिंतापश्चिम एशिया में एक बार फिर बढ़े तनाव ने अंतरराष्ट्रीय बाजारों में चिंता बढ़ा दी है। ईरान ने हाल में दावा किया था कि उसने एक ऐसे जहाज को निशाना बनाया जो उसकी अनुमति के बिना निर्धारित मार्ग से गुजर रहा था। इसके बाद ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद करने की घोषणा की। इसके जवाब में अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने ईरान पर हमले किए, जिसके बाद ईरान ने संयुक्त अरब अमीरात, कुवैत और बहरीन में अमेरिका से जुड़े ठिकानों को निशाना बनाया। इस घटनाक्रम के बाद वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता बढ़ गई है। जेएम फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट (कमोडिटी एंड करेंसी रिसर्च) प्रणव मेर के अनुसार, सोने और चांदी में फिलहाल गिरावट और करेक्शन का दौर जारी है। उन्होंने कहा कि अब बाजार की नजरें अमेरिका-ईरान तनाव की दिशा पर रहेंगी। उनके मुताबिक, यदि भू-राजनीतिक तनाव और बढ़ता है तो कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आ सकती है। इसके साथ ही अमेरिकी डॉलर और अमेरिकी बॉन्ड प्रतिफल जैसे सुरक्षित निवेश विकल्पों को मजबूती मिल सकती है। पिछले सप्ताह सोने-चांदी के दाम में गिरावटघरेलू बाजार में मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर अगस्त डिलीवरी वाले सोने का वायदा भाव सप्ताह के दौरान 3,900 रुपये यानी 2.65 प्रतिशत गिरकर 1.43 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ। वहीं, सितंबर अनुबंध वाली चांदी में 14,746 रुपये यानी 6.2 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई और इसका भाव 2.22 लाख रुपये प्रति किलोग्राम रह गया। तेजी पर निवेशकों ने की मुनाफावसूलीएलकेपी सिक्योरिटीज के जतिन त्रिवेदी ने कहा कि सोने के लिए पिछला सप्ताह भी कमजोर रहा। मजबूत अमेरिकी डॉलर, कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और ब्याज दरों में बढ़ोतरी की आशंका ने निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया, जिससे सोने में दो प्रतिशत से अधिक की गिरावट आई। उन्होंने कहा कि कीमतों में सुधार की कोशिशों के बावजूद तेजी टिक नहीं पाई और हर उछाल पर निवेशकों ने मुनाफावसूली की। त्रिवेदी के मुताबिक, भारतीय रुपये में मामूली कमजोरी से एमसीएक्स सोने को कुछ समर्थन जरूर मिला, लेकिन वैश्विक बाजार में कमजोर रुख ने इसके असर को सीमित कर दिया। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी नरमीअंतरराष्ट्रीय बाजार में न्यूयॉर्क कॉमेक्स सोना वायदा 12 डॉलर यानी 0.3 प्रतिशत की गिरावट के साथ 4,113.7 डॉलर प्रति औंस पर बंद हुआ। वहीं, चांदी में 1.5 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई और यह 60.16 डॉलर प्रति औंस पर रही। अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों पर रहेगी बाजार की नजरविशेषज्ञों के अनुसार, निवेशक अब अमेरिकी फेडरल रिजर्व की आगे की मौद्रिक नीति को समझने के लिए कई अहम आर्थिक आंकड़ों पर नजर रखेंगे। इनमें खुदरा बिक्री, आवास क्षेत्र के आंकड़े और साप्ताहिक बेरोजगारी दावे प्रमुख हैं। इन आंकड़ों से ब्याज दरों की दिशा को लेकर संकेत मिल सकते हैं, जिसका असर आने वाले समय में सोने और चांदी की कीमतों पर दिखाई देगा।
Ladli Behna Yojana: लाडली बहना योजना की 38वीं किस्त जारी, CM ने सिंगल क्लिक से ट्रांसफर किए 1835 करोड़

Ladli Behna Yojana: भिंड। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को भिंड जिले के लहार में आयोजित कार्यक्रम से लाडली बहना योजना की 38वीं किस्त जारी कर दी। मुख्यमंत्री ने सिंगल क्लिक के जरिए प्रदेश की 1.25 करोड़ महिलाओं के बैंक खातों में 1835 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए। योजना के तहत हर पात्र महिला के खाते में 1500 रुपये की राशि भेजी गई। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। लाडली बहना योजना का उद्देश्य महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना और उनके परिवार की आर्थिक मदद करना है। 13 जुलाई को शेयर बाजार में क्या होगा बड़ा उलटफेर या नई तेजी निवेशकों के लिए जानना क्यों है जरूरी 2023 में शुरू हुई थी योजना लाडली बहना योजना की शुरुआत साल 2023 में हुई थी। शुरुआत में महिलाओं को हर महीने 1000 रुपये दिए जाते थे। बाद में यह राशि बढ़ाकर 1250 रुपये कर दी गई। इसके बाद नवंबर 2025 से सरकार ने इसे बढ़ाकर 1500 रुपये प्रति माह कर दिया। इससे पहले 37वीं किस्त 14 जून 2026 को सागर जिले के केसली से जारी की गई थी। PM मोदी ने विदेशी नेताओं को दिए भारतीय विरासत से जुड़े उपहार, झलकी अनोखी ‘कल्चरल डिप्लोमेसी’ ऐसे करें पैसे आने का स्टेटस चेक अगर आप जानना चाहते हैं कि आपके खाते में 38वीं किस्त की राशि आई है या नहीं, तो यह आसान तरीका अपनाएं— लाडली बहना योजना की आधिकारिक वेबसाइट cmladlibahna.mp.gov.in पर जाएं। ‘आवेदन एवं भुगतान की स्थिति’ विकल्प पर क्लिक करें। अपना आवेदन क्रमांक या समग्र सदस्य आईडी दर्ज करें। कैप्चा भरकर रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर आए OTP को दर्ज करें। सबमिट करते ही आपके भुगतान की पूरी जानकारी स्क्रीन पर दिखाई दे जाएगी।