गोरखपुर। ईरान और इजराइल के बीच चल रहे संघर्ष ने होली पर घर लौटने की भारतीयों की उम्मीदों को रोक दिया है। उत्तर प्रदेश और बिहार के नागरिक जो काम या कारोबार के सिलसिले में खाड़ी देशों में गए थे मिसाइल हमलों के डर से बंकरों में शरण लिए हुए हैं और उड़ानों के रद्द होने से फंसे हुए हैं।
मिसाइल हमलों की दहशत
गोरखपुर के रसूलपुर निवासी अब्दुल रहमान ने दुबई से बताया कि एयरपोर्ट के पास छह मिसाइलें देखी गईं जिन्हें एयर डिफेंस ने हवा में मार गिराया। एक मिसाइल पास में गिरी लेकिन कोई क्षति नहीं हुई। धमाकों की खौफनाक आवाजें कमरे तक पहुंच रही थीं और लोग सुरक्षित स्थानों की ओर भागते रहे। शनिवार देर रात से यह स्थिति जारी है। संदीप कुमार जो मई 2024 में इजराइल गए थे ने बताया कि 2 मार्च को भारत वापसी की फ्लाइट रद्द कर दी गई। यरुशलम और पेटा टिकवा के बीच कार्यरत जनार्दन ने कहा कि रविवार सुबह छह से सात बजे तक लगातार मिसाइलों के धमाके सुनाई दिए।
छात्र और युवा भी फंसे
सिद्धार्थनगर के आधा दर्जन छात्र ईरान में धार्मिक शिक्षा ले रहे हैं जिनसे परिजन संपर्क नहीं कर पा रहे। सीवान के इटहरी गांव निवासी 24 वर्षीय जितेंद्र प्रसाद तीन साल बाद होली मनाने घर लौटने वाले थे लेकिन दोहा एयरपोर्ट पर उड़ानें रद्द होने की जानकारी मिली। फिलहाल 25 युवकों को एयरपोर्ट के पास अमेरिकी आर्मी बेस कैंप में ठहराया गया है।
यरुशलम में रिहायशी इलाकों की स्थिति गंभीर
कुशीनगर के पडरौना निवासी नंदलाल विश्वकर्मा जो वेस्ट बैंक क्षेत्र में हैं ने बताया कि रिहायशी इलाकों में स्थिति गंभीर है। बीच-बीच में सायरन बजता रहता है और लोग नजदीकी बंकरों की ओर भागते हैं। हमलावर अक्सर शब्बात के समय को निशाना बनाते हैं जो यहूदी धर्म का साप्ताहिक विश्राम दिवस है। बंकर छोटे या हल्के हमलों से बचाव कर सकते हैं लेकिन सीधे और बड़े हमलों में पर्याप्त नहीं होंगे।
दुबई से फंसे नागरिकों का अनुभव
गोरखपुर के वसीम जो दुबई में कंस्ट्रक्शन कंपनी में काम करते हैं ने बताया कि ठहरने के स्थान के पास मिसाइलों के धमाके और उड़ानें दिखाई दे रही हैं। हालांकि ईरान का लक्ष्य मुख्य रूप से मिलिट्री बेस कैंप हैं रिहायशी इलाके सुरक्षित रह रहे हैं।
खामेनेई की मौत के बाद यूपी में अलर्ट
ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई की मौत के बाद उत्तर प्रदेश में अलर्ट जारी किया गया है। पुलिस और खुफिया एजेंसियों को शिया बहुल इलाकों और प्रदर्शन संवेदनशील जिलों में पूरी सतर्कता बरतने और अतिरिक्त निगरानी रखने को कहा गया है।