HIGHLIGHTS:
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हाईकोर्ट ने गुप्तेश्वर सोसायटी के पक्ष में फैसले पर रोक लगाई
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198 बीघा जमीन का मूल्य लगभग 200 करोड़ रुपए आंका गया
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जमीन ग्वालियर नगर निगम क्षेत्र के बरा गांव में स्थित है
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वन विभाग का दावा: भूमि आरक्षित वन क्षेत्र में आती है
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पुराने राजस्व रिकॉर्ड में जमीन शासकीय दर्ज, निजी मानना गलत

GWALIOR LAND DISPUTE: मध्यप्रदेश। ग्वालियर में बरा गांव की 198 बीघा जमीन को लेकर विवाद हाईकोर्ट तक पहुंच गया है। बता दें कि गुप्तेश्वर गृह निर्माण सहकारी संस्था के पक्ष में दिए गए पिछले फैसले पर शुक्रवार 13 मार्च को हाईकोर्ट ने फिलहाल अंतरिम रोक लगा दी है।
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जमीन को निजी संपत्ति मानने का विवाद
11 दिसंबर 2024 को प्रथम अपील में अदालत ने बरा गांव की इस जमीन को निजी संपत्ति मानते हुए गुप्तेश्वर सोसायटी के पक्ष में निर्णय दिया था। सूचना के मुताबिक इस जमीन का मूल्य एक करोड़ रुपये प्रति बीघा से अधिक आंका जा रहा है।
वन विभाग का दावा
राज्य शासन और वन विभाग ने अदालत में दलील दी कि यह जमीन आरक्षित वन क्षेत्र (कंपार्टमेंट नंबर 320) में आती है और यहां पौधारोपण भी किया गया है। बताया जा रहा है कि ट्रायल कोर्ट ने पहले ही दस्तावेजों और बिक्री के रिकॉर्ड पर संदेह जताते हुए सोसायटी का दावा खारिज कर दिया था।
अपील में दस्तावेजों की जांच पर उठे सवाल
सरकार ने कहा कि अपील के दौरान कई महत्वपूर्ण तथ्यों और दस्तावेजों पर पर्याप्त विचार नहीं किया गया और अतिरिक्त दस्तावेजों की विधिवत जांच नहीं हुई। साथै ही पुराने रिकॉर्ड भी जमीन जंगल और शासकीय भूमि के रूप में दर्ज है।
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साल 2004 से लंबित मामला
सूत्रों की मने तो गुप्तेश्वर सोसायटी ने ट्रायल कोर्ट के फैसले के बाद 2004 में हाईकोर्ट में प्रथम अपील दायर की थी। बाद में निचली अदालत का फैसला पलटते हुए जमीन को निजी संपत्ति माना गया था, लेकिन अब पुनर्विचार याचिका पर अंतरिम रोक लगा दी गई है।