HIGHLIGHTS:
- आत्महत्या के लिए उकसाने पर दो आरोपियों को 7 साल की सजा
- बार एसोसिएशन उपाध्यक्ष भी दोषियों में शामिल
- पैसों के विवाद और प्रताड़ना से परेशान था युवक
- सुसाइड नोट के आधार पर हुआ खुलासा
- पांच आरोपी सबूतों के अभाव में बरी
SUICIDE ABETEMENT CASE : ग्वालियर। गुना के कैंट थाना क्षेत्र में युवक को आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। बता दें कि चतुर्थ अपर सत्र न्यायालय ने दो आरोपियों को दोषी मानते हुए 7-7 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही दोनों पर 10-10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
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पैसों के विवाद में बढ़ी प्रताड़ना
यह मामला वर्ष 2020 का है, जब अर्जुन किरार नाम के युवक ने कथित रूप से पैसों के लेन-देन के विवाद और लगातार मानसिक प्रताड़ना से परेशान होकर आत्महत्या कर ली थी। बताया गया कि घटना के समय उसकी पत्नी गर्भवती थी, जिससे मामला और गंभीर हो गया।
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दोस्त के घर में लगाई फांसी
अर्जुन किरार अपने एक परिचित के घर ठहरे हुए थे। अगले दिन सुबह जब उन्हें जगाने की कोशिश की गई और कोई जवाब नहीं मिला, तो दरवाजा तोड़कर देखा गया। अंदर अर्जुन का शव पंखे से लटका मिला।
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सुसाइड नोट से खुला मामला
जांच के दौरान पुलिस को एक सुसाइड नोट मिला, जिसमें अर्जुन ने कुछ लोगों पर पैसों के लिए दबाव बनाने और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का आरोप लगाया था। इसी आधार पर पुलिस ने सात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया।
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दो दोषी, पांच बरी
कोर्ट ने सुनवाई के बाद पांच आरोपियों को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया। वहीं विक्रम बोहरे, जो वर्तमान में बार एसोसिएशन के उपाध्यक्ष हैं, और अरविंद जैन को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई गई।
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कोर्ट की सख्त टिप्पणी
न्यायालय ने अपने फैसले में कहा कि लगातार प्रताड़ना से तंग आकर एक युवक ने आत्महत्या जैसा कदम उठाया, और ऐसे मामलों में सख्त सजा जरूरी है ताकि भविष्य में इस तरह के अपराधों पर रोक लगाई जा सके।