HIGHLIGHTS:
- ग्वालियर हाईकोर्ट में ‘उड़ान’ कार्यशाला का आयोजन
- बच्चों के अधिकारों और सुरक्षा पर विशेष फोकस
- NALSA की चाइल्ड फ्रेंडली लीगल सर्विसेज स्कीम के तहत कार्यक्रम
- न्यायिक अधिकारी और विशेषज्ञ होंगे शामिल
- संवेदनशील और सरल न्याय व्यवस्था पर जोर
GWALIOR HIGH COURT : ग्वालियर। आज ग्वालियर हाईकोर्ट खंडपीठ में “उड़ान” नामक कार्यशाला का आयोजन किया गया। बता दें कि यह कार्यक्रम मध्य प्रदेश स्टेट जुडिशियल एकेडमी में सुबह करीब 9 बजे शुरू हुआ। इसमें न्यायिक अधिकारी, विधिक विशेषज्ञ और संबंधित विभागों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
बच्चों के अधिकारों पर फोकस
कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य बच्चों के अधिकारों, उनकी सुरक्षा और न्याय तक आसान पहुंच को लेकर जागरूकता फैलाना था। इसमें राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) की “चाइल्ड फ्रेंडली लीगल सर्विसेज” योजना के तहत बच्चों से जुड़े मामलों को सरल और संवेदनशील बनाने पर चर्चा की गई।
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फ्रेंडली लीगल सिस्टम पर चर्चा
कार्यक्रम में बताया गया कि बच्चों से जुड़े मामलों में न्यायिक प्रक्रिया को अधिक आसान, तेज और समझने योग्य बनाना जरूरी है ताकि बच्चों को किसी तरह की मानसिक या कानूनी परेशानी का सामना न करना पड़े।
सीमित चर्चा, बड़े मुद्दे बरकरार
हालांकि कार्यक्रम में कई अहम मुद्दों पर बातचीत हुई, लेकिन कई जगह यह चर्चा केवल औपचारिकता तक सीमित नजर आई। व्यावहारिक बदलाव या ठोस सुधारों को लेकर स्पष्ट रूप से कोई बड़ा रोडमैप सामने नहीं आ सका।