HIGHLIGHTS:
- 11 करोड़ रुपये खर्च के बाद भी बस सेवा पूरी तरह फेल
- 32 बसें सड़कों से गायब होकर कबाड़ में तब्दील
- जीपीएस जैसी सुविधाएं भी नहीं बचा सकीं योजना
- ऑटो और विक्रम के दबदबे से बस सेवा प्रभावित
- जनता ने योजना को पैसों की बर्बादी बताया

SMART CITY BUSES : मध्यप्रदेश। ग्वालियर में शहरवासियों को सस्ती और आधुनिक सार्वजनिक परिवहन सुविधा देने के लिए शुरू की गई स्मार्ट सिटी बस सेवा अब पूरी तरह बंद होती नज़र आ रही है। बता दें कि ग्वालियर स्मार्ट सिटी विकास निगम द्वारा शुरू की गई यह योजना कुछ ही महीनों में असफल साबित हो गई।
गर्मियों में चिड़चिड़ापन और गुस्सा क्यों बढ़ता है? इन उपायों से पाएं मन की शांति
11 करोड़ की लगत से हुई थी शुरु
साल 2023 में करीब 11 करोड़ रुपये की लागत से 32 बसों का प्रोजेक्ट शुरू किया गया था। इसमें इंट्रा-सिटी और इंटरसिटी बसें शामिल थीं, जिनमें जीपीएस ट्रैकिंग जैसी आधुनिक सुविधाएं भी लगाई गई थीं। लेकिन संचालन में गंभीर कमियों के कारण यह योजना सफल नहीं हो सकी।
Summer Skincare Tips: रूखी त्वचा से छुटकारा पाने के लिए अपनाएं ये आसान और असरदार नुस्खे
बसें सड़कों से गायब होकर कबाड़ में बदलीं
आज हालात यह हैं कि ये बसें शहर के सुनसान इलाकों जैसे रेस कोर्स रोड और पुलों के नीचे खड़ी जंग खा रही हैं। जिन बसों को शहर की लाइफलाइन बनना था, वे अब शोपीस में तब्दील होकर कबाड़ में बदल चुकी हैं।

ऑटो और विक्रम का दबदबा बना बड़ी वजह
शहर में पहले से चल रहे ऑटो और विक्रम का दबदबा इतना अधिक रहा कि निजी ऑपरेटर ने बस सेवा चलाने में रुचि नहीं दिखाई। इसी वजह से धीरे-धीरे पूरी बस सेवा व्यवस्था ठप हो गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह जनता के पैसों की बर्बादी है और स्मार्ट सिटी के नाम पर केवल दिखावटी विकास किया जा रहा है।