Chambalkichugli.com

satna missing girls: सतना में सुरक्षा में बड़ी चूक वन स्टॉप सेंटर से तीन लड़कियां फरार पहले भी घर से भाग चुकी थीं

 

satna missing girls: सतना । मध्यप्रदेश के सतना शहर से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है जहां जवाहर नगर स्थित सखी वन स्टॉप सेंटर से तीन नाबालिग लड़कियां देर रात खिड़की तोड़कर फरार हो गईं। यह मामला सामने आते ही प्रशासन और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

जानकारी के अनुसार तीनों बालिकाओं को बाल कल्याण समिति के आदेश पर वन स्टॉप सेंटर में अस्थायी आश्रय दिया गया था। इनमें से एक लड़की उत्तर प्रदेश के बिजनौर की रहने वाली बताई जा रही है जबकि अन्य दो सतना जिले के पौराणिक टोला और रामपुर बघेलान क्षेत्र से हैं। ये सभी पहले भी अपने घरों से भाग चुकी थीं जिसके बाद उन्हें सुरक्षा और देखरेख के लिए सेंटर में रखा गया था।

बताया जा रहा है कि जिस डोरमेट्री में तीनों रह रही थीं वहां की खिड़की को उन्होंने रात के समय तोड़ दिया और एक-एक कर बाहर निकल गईं। इसके बाद वे सेंटर परिसर से बाहर निकलने में सफल हो गईं। हैरानी की बात यह है कि सेंटर में सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं और मुख्य द्वार पर चौकीदार की तैनाती भी रहती है इसके बावजूद लड़कियों का इस तरह भाग जाना सुरक्षा में बड़ी चूक की ओर इशारा करता है।

प्राथमिक जांच में यह आशंका जताई जा रही है कि सेंटर के पीछे स्थित मैदान की ओर से तीनों ने भागने का रास्ता चुना। पीछे की दिशा में सीएम राइज स्कूल मैदान होने के कारण वहां निगरानी अपेक्षाकृत कम थी और इसी का फायदा उठाकर वे फरार हो गईं।

घटना की जानकारी मिलते ही सेंटर की अधीक्षिका नीता श्रीवास्तव ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। इसके बाद सिटी कोतवाली पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने अलग-अलग टीमें गठित की हैं जो संभावित स्थानों पर लड़कियों की तलाश कर रही हैं। रेलवे स्टेशन बस स्टैंड और शहर के अन्य प्रमुख स्थानों पर सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है।

इसके साथ ही स्मार्ट सिटी और रेलवे स्टेशन के सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं ताकि लड़कियों की मूवमेंट का पता लगाया जा सके। पुलिस उनके परिजनों और परिचितों से भी संपर्क कर रही है जिससे यह अंदाजा लगाया जा सके कि वे किन संभावित ठिकानों पर जा सकती हैं।

यह घटना केवल एक फरारी का मामला नहीं है बल्कि यह बालिकाओं की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिन्ह भी खड़ा करती है। जिस जगह को सुरक्षित आश्रय माना जाता है वहीं से इस तरह नाबालिगों का भाग जाना चिंता का विषय है। अब देखना होगा कि पुलिस कितनी जल्दी इन लड़कियों को सुरक्षित ढूंढ पाती है और साथ ही प्रशासन इस घटना से सबक लेकर सुरक्षा व्यवस्था को कितना मजबूत करता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *