मामला तब सामने आया जब Sama के कुछ कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि उन्हें काम के दौरान Meta के स्मार्ट ग्लासेस से रिकॉर्ड किए गए यूजर्स के बेहद निजी और संवेदनशील वीडियो देखने पड़े। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इन वीडियोज में लोगों की निजी जिंदगी के ऐसे पल शामिल थे, जिन्हें एआई ट्रेनिंग के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था।
इस खुलासे के बाद Meta ने Sama के साथ अपनी साझेदारी खत्म कर दी, लेकिन इस फैसले का असर करीब 1,100 से ज्यादा कर्मचारियों पर पड़ा है, जिनकी नौकरी पर संकट मंडरा रहा है।
यह पूरा विवाद प्राइवेसी और टेक्नोलॉजी के बढ़ते इस्तेमाल के बीच एक बड़ा सवाल खड़ा करता है क्या AI ट्रेनिंग के नाम पर यूजर्स का निजी डेटा सुरक्षित है? खासकर तब, जब डिवाइसेज जैसे स्मार्ट ग्लासेस रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बनते जा रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के मामलों से टेक कंपनियों पर डेटा सुरक्षा को लेकर दबाव बढ़ेगा और आने वाले समय में सख्त नियम लागू किए जा सकते हैं। फिलहाल Meta की ओर से इस पूरे मामले पर सफाई दी जा रही है, लेकिन विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा।