HIGHLIGHTS:
- मुरैना में 5 रेत भंडारण केंद्र मंजूर
- 27 एम-सेण्ड खदानों को मिली स्वीकृति
- चंबल नदी में रेत खनन पर सख्ती
- सिंध नदी की रेत का होगा भंडारण
- निर्माण कार्यों में कृत्रिम रेत को बढ़ावा
MORENA ILLEGAL MINING ACTION: मुरैना। चंबल नदी में लगातार हो रहे अवैध रेत खनन को रोकने के लिए मुरैना जिला प्रशासन ने नई व्यवस्था लागू की है। कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड़ ने जिले में 5 रेत भंडारण केंद्र और 27 एम-सेण्ड खदानों को मंजूरी दे दी है। प्रशासन का कहना है कि इससे लोगों, सरकारी विभागों और निर्माण एजेंसियों को आसानी से रेत और उसके विकल्प उपलब्ध हो सकेंगे।
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सिंध नदी की रेत का होगा उपयोग
प्रशासन के मुताबिक चंबल नदी से रेत निकालना पूरी तरह अवैध है और जिले में कोई दूसरी नदी इतनी रेत उपलब्ध नहीं करा सकती। ऐसे में अब सिंध नदी की रेत का भंडारण कर लोगों तक पहुंचाया जाएगा। इसके साथ ही पत्थर से तैयार होने वाले एम-सेण्ड यानी कृत्रिम रेत को भी निर्माण कार्यों में बढ़ावा दिया जाएगा।
पांच रेत भंडारण केंद्रों को मिली मंजूरी
सबलगढ़ के मुरवई, बानमौर के उरहाना, सिकरोदा और बमरौली समेत पांच स्थानों पर रेत भंडारण केंद्र स्वीकृत किए गए हैं। यहां से आमजन, सरकारी विभाग, निर्माण कंपनियां और ठेकेदार जरूरत के अनुसार रेत खरीद सकेंगे। प्रशासन का मानना है कि इससे अवैध रेत कारोबार पर रोक लगाने में मदद मिलेगी।
कई गांवों में चलेंगी एम-सेण्ड खदानें
जिले में 27 एम-सेण्ड खदानों को भी मंजूरी दी गई है। ये खदानें बिसेठा, रंचोली, अरदोनी, पढ़ावली, उरहाना, बड़वारी, खेरिया चुन्हेटी और मलखानपुरा जैसे गांवों में संचालित होंगी। यहां तैयार होने वाला एम-सेण्ड निर्माण कार्यों में प्राकृतिक रेत के विकल्प के रूप में इस्तेमाल किया जाएगा।