HIGHLIGHTS:
- NEET परीक्षा विवाद पर NSUI का विरोध
- शिक्षा मंत्री और NTA अध्यक्ष के इस्तीफे की मांग
- सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज से जांच की मांग
- पेपर लीक से छात्रों का भविष्य प्रभावित: NSUI
- अशोकनगर में कांग्रेस कार्यालय पर प्रेस वार्ता
NEET EXAM CONGRESS PROTEST: मध्यप्रदेश। अशोकनगर में गुरुवार को कांग्रेस कार्यालय में NSUI और कांग्रेस नेताओं ने प्रेस वार्ता आयोजित कर NEET परीक्षा रद्द होने के मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरा। नेताओं ने आरोप लगाया कि लगातार पेपर लीक और परीक्षा रद्द होने की घटनाओं से लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हो रहा है। इस दौरान केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और NTA अध्यक्ष के इस्तीफे की मांग की गई।
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पेपर लीक से टूट रहे छात्रों के सपने
NSUI जिलाध्यक्ष अभिजीत रघुवंशी ने कहा कि हर साल करीब 22 लाख छात्र NEET परीक्षा की तैयारी करते हैं, लेकिन बार-बार पेपर लीक होने से मेहनती छात्रों की उम्मीदें टूट रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा माफिया अमीर परिवारों को फायदा पहुंचाने के लिए पेपर लीक करवाते हैं, जबकि गरीब और मध्यमवर्गीय छात्र मानसिक तनाव झेल रहे हैं।
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भाजपा सरकार पर कांग्रेस का हमला
विधायक हरी बाबू राय ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार युवाओं के भविष्य को सुरक्षित रखने में पूरी तरह विफल रही है। जिला कांग्रेस अध्यक्ष राजेंद्र कुशवाहा ने कहा कि एक तरफ प्रधानमंत्री अमृतकाल की बात करते हैं, वहीं दूसरी तरफ छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है। कांग्रेस नेताओं ने पूरे मामले की न्यायिक जांच कराने की मांग उठाई।
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निष्पक्ष जांच की मांग
पूर्व NSUI जिलाध्यक्ष सचिन त्यागी और कांग्रेस नेता अशोक शर्मा ने कहा कि पेपर लीक की घटनाओं से भर्ती और परीक्षाओं की विश्वसनीयता खत्म हो रही है। नेताओं ने आरोप लगाया कि लगातार हो रही गड़बड़ियों से युवाओं में निराशा बढ़ रही है। कांग्रेस और NSUI ने सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।