बीजिंग बैठक के बाद ट्रंप का बयान
13 से 15 मई के बीच चीन दौरे पर पहुंचे ट्रंप ने एक इंटरव्यू में कहा कि बीजिंग में हुई द्विपक्षीय बैठक के दौरान ईरान के मुद्दे पर विस्तार से चर्चा हुई। उन्होंने बताया कि शी जिनपिंग ने स्पष्ट किया है कि चीन ईरान को सैन्य उपकरण उपलब्ध नहीं कराएगा। फॉक्स न्यूज को दिए इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा, “उन्होंने कहा कि वे ईरान को हथियार या सैन्य उपकरण नहीं देंगे। यह बहुत बड़ा कदम है।”
तेल कारोबार जारी रखना चाहता है चीन
हालांकि ट्रंप ने यह भी कहा कि चीन ईरान से तेल खरीद जारी रखना चाहता है। उनके मुताबिक चीन ने साफ किया है कि वह ईरानी तेल आयात को बंद नहीं करेगा, क्योंकि उसकी ऊर्जा जरूरतों के लिए यह महत्वपूर्ण है।
रिपोर्ट्स के अनुसार चीन ईरान के तेल निर्यात का सबसे बड़ा खरीदार बना हुआ है। अमेरिका-चीन आर्थिक एवं सुरक्षा समीक्षा आयोग के आंकड़ों के मुताबिक 2025 और 2026 की पहली तिमाही में चीन ने प्रतिदिन करीब 14 लाख बैरल ईरानी तेल खरीदा। यह चीन के कुल कच्चे तेल आयात का लगभग 12 से 15 प्रतिशत हिस्सा रहा।
अमेरिका-चीन के बीच तेल पर भी चर्चा
व्हाइट हाउस की ओर से जानकारी दी गई कि ट्रंप और शी जिनपिंग के बीच अमेरिका से तेल खरीद के मुद्दे पर भी बातचीत हुई। इससे पहले ट्रेड वॉर के दौरान चीन ने अमेरिकी कच्चे तेल पर 20 प्रतिशत टैरिफ लगा दिया था, जिसके बाद मई 2025 में उसने अमेरिकी तेल खरीद लगभग बंद कर दी थी।
बोइंग को मिल सकता है बड़ा ऑर्डर
ट्रंप ने बातचीत के दौरान यह दावा भी किया कि चीन अमेरिकी विमान निर्माता बोइंग से 200 विमान खरीदने पर सहमत हो गया है। उन्होंने कहा कि यह डील बोइंग के लिए बड़ी उपलब्धि साबित होगी और इससे अमेरिका में बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर पैदा होंगे। ट्रंप ने कहा, “बोइंग 150 विमानों के ऑर्डर की उम्मीद कर रहा था, लेकिन अब 200 विमानों का ऑर्डर मिलने जा रहा है।”
पहले भी मिल चुके थे संकेत
इससे पहले अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने भी बोइंग को बड़े ऑर्डर मिलने के संकेत दिए थे। वहीं Kelly Ortberg भी ट्रंप के साथ चीन दौरे पर मौजूद हैं, जिससे इस संभावित समझौते को और बल मिला है।