शहर के पड़रा, समान, ढेकहा, अमहिया, सिरमौर चौराहा, बिछिया, विश्वविद्यालय रोड और पुरानी बस्ती सहित कई इलाकों में या तो बार-बार ट्रिपिंग होती रही या पूरी रात बिजली सप्लाई बहाल ही नहीं हो सकी। लगातार कटौती के कारण लोगों के घरों में लगे इन्वर्टर भी जवाब दे गए। बिजली नहीं होने से पानी की मोटरें बंद रहीं और सुबह तक कई इलाकों में जल संकट की स्थिति बन गई। लोगों को पीने के पानी तक के लिए परेशान होना पड़ा।
बिजली संकट के बीच विद्युत विभाग का रवैया भी लोगों के गुस्से का कारण बना। उपभोक्ता लगातार हेल्पलाइन नंबर पर फोन करते रहे, लेकिन वहां से सिर्फ संबंधित जेई से संपर्क करने की सलाह दी जाती रही। लोगों का आरोप है कि संबंधित जूनियर इंजीनियर का मोबाइल पूरी रात स्विच ऑफ रहा। रात करीब 12 बजे जब मीडिया टीम ने MPEB कार्यालय का जायजा लिया तो वहां ताला लगा मिला। मौके पर कोई जिम्मेदार अधिकारी या कर्मचारी मौजूद नहीं था। इससे नाराज लोग दफ्तर के बाहर ही विभागीय अधिकारियों के खिलाफ गुस्सा जाहिर करते नजर आए।
स्थानीय लोगों ने बिजली विभाग की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। समान निवासी राजेश तिवारी ने बताया कि भीषण गर्मी के कारण पूरा परिवार रातभर छत पर बैठा रहा। अमहिया निवासी पूजा मिश्रा ने कहा कि उमस से छोटे बच्चे पूरी रात रोते रहे, लेकिन बिजली बहाल नहीं हुई। ढेकहा के मोहम्मद आरिफ का कहना है कि नौतपा जैसी स्थिति में इतनी लंबी बिजली कटौती लोगों के लिए जानलेवा साबित हो सकती है। वहीं बिछिया निवासी संगीता पटेल ने बताया कि रातभर बिजली न होने के कारण सुबह पानी की मोटर नहीं चल सकी और घरों में पानी खत्म हो गया।
अब तक इस पूरे मामले में बिजली विभाग की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। दूसरी तरफ नागरिकों का कहना है कि जब नगर निगम अध्यक्ष के इलाके तक में पूरी रात अंधेरा छाया रहा, तो आम लोगों की परेशानी का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है। शहरवासियों ने बिजली व्यवस्था में तत्काल सुधार और लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।