STF की टीम को लंबे समय से सूचना मिल रही थी कि इलाके में प्रतिबंधित और नशीले तत्वों से युक्त कफ सिरप की सप्लाई का नेटवर्क सक्रिय है। इसी इनपुट के आधार पर गुरुवार देर रात करीब 12 बजे छापा मारा गया, जो शुक्रवार तड़के 3 बजे तक चला। कार्रवाई के दौरान 700 से अधिक पेटियां, पैकिंग मशीनें और बड़ी मात्रा में तैयार माल बरामद किया गया, जिसकी अनुमानित कीमत करीब डेढ़ करोड़ रुपये बताई जा रही है।
मकान के भीतर ‘आफ कफ’ नाम से अवैध सिरप तैयार किया जा रहा था। एक कमरे में उत्पादन से जुड़ा सामान रखा गया था, जबकि दूसरे कमरे को स्टोरेज और पैकिंग यूनिट के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा था। मौके से मिले सैंपलों को जांच के लिए प्रयोगशाला भेज दिया गया है, ताकि सिरप में मौजूद रसायनों और नशीले तत्वों की पुष्टि की जा सके।
कार्रवाई के दौरान STF ने मौके से 10 लोगों को हिरासत में लिया है। पूछताछ में सामने आ रहा है कि यह नेटवर्क सिर्फ स्थानीय स्तर तक सीमित नहीं था, बल्कि कई जिलों में इसकी सप्लाई की जा रही थी। अब STF यह पता लगाने में जुटी है कि इस पूरे रैकेट के पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं और सप्लाई चैन किन-किन राज्यों या शहरों तक फैला हुआ है।
दिलचस्प बात यह रही कि पूरी कार्रवाई की भनक स्थानीय पुलिस को नहीं लग सकी। STF अधिकारियों के मुताबिक यह एक सुनियोजित छापेमारी थी, ताकि नेटवर्क को मौके पर ही दबोचा जा सके। मकान किसके नाम पर है, इसकी भी जांच की जा रही है। शुरुआती जानकारी के अनुसार यह मकान किसी मालवीय नामक व्यक्ति का बताया जा रहा है, हालांकि उससे अभी संपर्क नहीं हो पाया है।
STF अब इस बात की भी जांच कर रही है कि अवैध कफ सिरप किन-किन मेडिकल स्टोर्स या अवैध चैनलों के जरिए सप्लाई किया जा रहा था। साथ ही अन्य ठिकानों पर भी दबिश की संभावना जताई जा रही है।
यह कार्रवाई ऐसे समय में सामने आई है जब देश के अलग-अलग हिस्सों में कफ सिरप की गुणवत्ता और अवैध निर्माण को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। कुछ मामलों में जहरीले केमिकल मिलने से बच्चों की मौत तक की घटनाएं सामने आई हैं, जिससे इस तरह के अवैध नेटवर्क पर सख्ती और बढ़ा दी गई है।