HIGHLIGHTS:
- बीजेपी का पटवारी पर तीखा हमला
- ‘मुंगेरीलाल’ बयान से बढ़ा विवाद
- पुराने बयानों पर BJP का पलटवार
- CM टिप्पणी पर गरमाई सियासत
- बीजेपी-कांग्रेस में जुबानी जंग तेज
BJP vs Congress MP: भोपाल। मध्य प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर बयानबाजी को लेकर विवादों में आ गई है, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने तीखा हमला बोला है। बीजेपी के प्रदेश सोशल मीडिया संयोजक सुयश त्यागी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा कर पटवारी को घेरा। उन्होंने कांग्रेस नेता को ‘मुंगेरीलाल’ कहकर संबोधित किया और उनके पुराने बयानों और राजनीतिक टिप्पणियों पर सवाल उठाए हैं।
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सोशल मीडिया पोस्ट के बाद बढ़ी सियासी गर्मी
सुयश त्यागी ने अपनी पोस्ट में लिखा कि जीतू पटवारी को अब राजनीतिक मर्यादा की याद आ रही है, जबकि पहले उन्होंने कई नेताओं और सार्वजनिक पदों पर बैठे लोगों के लिए विवादित टिप्पणियां की थीं।
बीजेपी नेता ने लिखा – जब 2018 के किसान आंदोलन में किसानों को ‘अरे आई जाओ रे तमारी जीजी की तमारी’ कह कर बुलाया था तब गरिमा याद नहीं आई?
बीजेपी नेता ने लिखा -पूर्व मंत्री इमरती देवी को जब कहा था कि ‘अब इमरती देवी में वो रस नही बचा ‘ तब ये आंसू कहाँ थे ?
बीजेपी नेता ने लिखा -तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को जब कमलनाथ के पैरों की धूल कहा तब तो रोना नही आया न जीतू भैया ?
बीजेपी नेता ने कई प्रशासनिक अधिकारियों को लेकर पटवारी के पुराने बयानों का जिक्र करते हुए उन पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया।
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मुख्यमंत्री पर टिप्पणी के बाद शुरू हुआ विवाद
दरअसल यह विवाद उस समय और बढ़ गया जब जीतू पटवारी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को लेकर टिपणी की थी। पटवारी ने आरोप लगाया था कि मुख्यमंत्री ने उनके लिए “रद्दी” और “दो कौड़ी का” जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया है। उन्होंने कहा कि यदि किसी विपक्षी नेता के लिए ऐसी भाषा का उपयोग किया जाता है तो यह मर्यादा नहीं है।
जीतू पटवारी – मैं कभी CM के लिए अमर्यादित भाषा नहीं बोलूंगा
विवाद के बीच जीतू पटवारी ने कहा कि वह मुख्यमंत्री के लिए कभी भी अमर्यादित भाषा का प्रयोग नहीं करेंगे। वहीं बीजेपी नेताओं का कहना है कि कांग्रेस को पहले अपने नेताओं के पुराने बयानों पर आत्मचिंतन करना चाहिए। फिलहाल दोनों दलों के बीच बढ़ती बयानबाजी ने प्रदेश की राजनीति को एक बार फिर गरमा दिया है और आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सियासी टकराव और बढ़ सकता है।
मुंगेरीलाल को रोना आ गया , आये भी क्यों ना,इस बार जवाब उसी भाषा मे मिला जिस भाषा में मुंगेरीलाल को जवाब चाहिए था।
प्रदेश अध्यक्ष को गरिमा का तब याद नहीं आया जब उन्होंने ‘ ख़ुद की पार्टी को तेल लेने भेज दिया था ‘
तब गरिमा नही तार तार हुई थी क्या जब 2018 के किसान आंदोलन में… https://t.co/j7VVszlpAY
— Suyash Tyagi (@SuyashTyagiBJP) June 1, 2026