मैच से पहले हैरी केन को इस उपलब्धि तक पहुंचने के लिए दो गोलों की जरूरत थी और उन्होंने यह काम पहले हाफ में ही पूरा कर दिया। केन ने 12वें मिनट में पेनल्टी के जरिए अपना पहला गोल दागा और टीम को शुरुआती बढ़त दिलाई। इस गोल के साथ उन्होंने एक और खास रिकॉर्ड अपने नाम किया। वह फीफा वर्ल्ड कप इतिहास में शूटआउट को छोड़कर पांच पेनल्टी गोल करने वाले पहले खिलाड़ी बन गए। इसके बाद हाफ टाइम से ठीक पहले उन्होंने अपना दूसरा गोल दागकर इंग्लैंड की स्थिति मजबूत कर दी और गैरी लिनेकर के 10 विश्व कप गोलों के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली।
हैरी केन का विश्व कप सफर 2018 में शुरू हुआ था और तब से वह लगातार बड़े मंच पर अपनी छाप छोड़ते आए हैं। रूस में खेले गए 2018 विश्व कप में उन्होंने छह गोल दागकर गोल्डन बूट अपने नाम किया था। उस टूर्नामेंट में इंग्लैंड सेमीफाइनल तक पहुंचा था और केन टीम के सबसे बड़े नायक बनकर उभरे थे। इसके बाद कतर में आयोजित 2022 विश्व कप में भी उन्होंने शानदार प्रदर्शन किया और दो महत्वपूर्ण गोल किए। अब 2026 विश्व कप में उन्होंने अपने गोलों की संख्या 10 तक पहुंचाकर इतिहास रच दिया है।
इंग्लैंड के लिए केन का योगदान केवल विश्व कप तक सीमित नहीं है। वह राष्ट्रीय टीम के सर्वकालिक शीर्ष गोल स्कोरर भी हैं और पिछले कई वर्षों से टीम की सफलता के प्रमुख स्तंभ रहे हैं। उनकी कप्तानी में इंग्लैंड ने यूरो 2020 और यूरो 2024 के फाइनल तक का सफर तय किया। हालांकि टीम खिताब जीतने में सफल नहीं हो सकी, लेकिन केन के नेतृत्व और प्रदर्शन की हर स्तर पर सराहना हुई।
क्रोएशिया के खिलाफ मुकाबले में इंग्लैंड ने आक्रामक फुटबॉल का शानदार प्रदर्शन किया। केन के दो गोलों के अलावा जूड बेलिंगहैम और मार्कस रैशफोर्ड ने भी एक-एक गोल दागा। इंग्लैंड की यह जीत न केवल टूर्नामेंट में आत्मविश्वास बढ़ाने वाली रही, बल्कि इसने यह भी संकेत दिया कि टीम खिताब की मजबूत दावेदारों में शामिल है।
अब सभी की निगाहें हैरी केन पर टिकी हैं, क्योंकि अगले गोल के साथ वह गैरी लिनेकर को पीछे छोड़कर फीफा वर्ल्ड कप इतिहास में इंग्लैंड के सबसे सफल गोल स्कोरर बन जाएंगे। जिस फॉर्म में केन नजर आ रहे हैं, उसे देखते हुए यह रिकॉर्ड टूटना सिर्फ समय की बात लग रही है।