Narmada Parikrama Path:भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार नर्मदा परिक्रमा पथ को अतिक्रमण मुक्त बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार को मंत्रालय में ‘नर्मदा समग्र’ की समीक्षा बैठक की और अधिकारियों को निर्देश दिए कि परिक्रमा मार्ग से अतिक्रमण हटाने के लिए कार्रवाई की जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नर्मदा से जुड़े विकास कार्यों और संरक्षण योजनाओं की समीक्षा अब हर महीने की जाएगी, ताकि सभी परियोजनाओं पर तेजी से काम हो सके।
युवाओं को जोड़ने पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि नदियों का संरक्षण केवल सरकारी जिम्मेदारी नहीं, बल्कि सामाजिक भागीदारी से ही संभव है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेशभर में विशेष रूप से युवाओं को नदी संरक्षण अभियान से जोड़ा जाए।
इसके साथ ही नर्मदा जयंती पर प्रदेशभर में व्यापक कार्यक्रम आयोजित करने और मां नर्मदा के तट पर स्थित सभी धार्मिक एवं पवित्र स्थलों को प्रदूषण मुक्त बनाने के निर्देश भी दिए। उन्होंने इन स्थानों पर दीनदयाल रसोई शुरू करने की बात भी कही।
बनेगा ‘नर्मदा कोष पोर्टल’
बैठक में मुख्यमंत्री ने बताया कि नर्मदा घाटों की स्वच्छता और संरक्षण के लिए ‘नर्मदा कोष पोर्टल’ बनाया जाएगा। इसके अलावा मां नर्मदा के जल को निर्मल और अविरल बनाए रखने के उद्देश्य से ‘नमन मिशन’ तैयार किया गया है।
यह मिशन नर्मदा घाटी क्षेत्र के समग्र विकास के लिए काम करेगा और इसके लिए वर्ष 2026-27 का रोडमैप भी तैयार किया जा चुका है।
अमरकंटक में बनेगा जैव विविधता प्रबंधन संस्थान
मुख्यमंत्री ने बताया कि नर्मदा के उद्गम स्थल अमरकंटक में जैव विविधता प्रबंधन संस्थान स्थापित किया जाएगा। इसके लिए प्रस्ताव तैयार किया जा चुका है।
वहीं, वन विभाग घाटी क्षेत्र में करीब 415 हेक्टेयर भूमि पर 2.70 लाख पौधे लगाएगा, ताकि पर्यावरण संरक्षण को और मजबूती मिल सके।
21 नगरों में बनेंगे 35 एसटीपी
बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि नर्मदा तट के 21 नगरों में 35 सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) दिसंबर 2027 तक तैयार हो जाएंगे। इससे नदी में प्रदूषण कम करने में मदद मिलेगी।
इसके अलावा, धार्मिक और पर्यटन दृष्टि से महत्वपूर्ण ओंकारेश्वर के समग्र विकास के लिए स्पेशल एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (SADA) गठित करने की तैयारी भी की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने सभी विभागों को समन्वय के साथ काम करने के निर्देश देते हुए कहा कि मां नर्मदा की स्वच्छता, संरक्षण और घाटी क्षेत्र के विकास को सरकार सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है।