लिटन दास पहले वनडे मुकाबले में भी चोट के कारण नहीं खेल पाए थे। इसके बाद टीम के मेडिकल स्टाफ ने उनकी फिटनेस पर लगातार नजर रखी। दूसरे मुकाबले से पहले उनका फिटनेस टेस्ट कराया गया लेकिन परिणाम संतोषजनक नहीं रहा। मेडिकल टीम का मानना है कि लगातार कम अंतराल में होने वाले मुकाबलों को देखते हुए उनका पूरी तरह फिट होकर मैदान में लौटना संभव नहीं है। ऐसे में खिलाड़ी की लंबी अवधि की फिटनेस को प्राथमिकता देते हुए उन्हें पूरी सीरीज से बाहर रखने का फैसला लिया गया।
बांग्लादेश टीम के फिजियो बैजेदुल इस्लाम खान ने बताया कि लिटन अभी मैच खेलने की स्थिति में नहीं हैं। फिटनेस टेस्ट के बाद यह स्पष्ट हो गया कि वह अगले दोनों मुकाबलों तक भी पूरी तरह तैयार नहीं हो पाएंगे। इसी कारण टीम प्रबंधन ने जोखिम लेने के बजाय उन्हें आराम देने का फैसला किया है।
लिटन की गैरमौजूदगी ऐसे समय में हुई है जब बांग्लादेश पहले ही सीरीज में पिछड़ चुका है। पहले वनडे में टीम को जिम्बाब्वे के खिलाफ 25 रन से अप्रत्याशित हार का सामना करना पड़ा। मुकाबले में बांग्लादेश के गेंदबाजों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए जिम्बाब्वे को केवल 141 रन पर समेट दिया था। तेज गेंदबाज नाहिद राणा ने शानदार गेंदबाजी करते हुए 10 ओवर में सिर्फ 21 रन देकर छह विकेट झटके जबकि तस्कीन अहमद ने दो विकेट हासिल किए।
हालांकि आसान लक्ष्य का पीछा करते हुए बांग्लादेश की बल्लेबाजी पूरी तरह बिखर गई। पूरी टीम 116 रन पर सिमट गई और आठ बल्लेबाज दहाई का आंकड़ा भी पार नहीं कर सके। विकेटकीपर बल्लेबाज नुरुल हसन ने सबसे अधिक 31 रन बनाए जबकि तौहीद हृदय ने 25 रन का योगदान दिया। बाकी बल्लेबाज जिम्बाब्वे के गेंदबाजों के सामने संघर्ष करते नजर आए।
जिम्बाब्वे की जीत में रिचर्ड नगारवा और ब्रैड इवांस की तेज गेंदबाजी ने अहम भूमिका निभाई। दोनों ने तीन-तीन विकेट लेकर बांग्लादेश की बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी जबकि ब्लेसिंग मुजारबानी ने भी दो महत्वपूर्ण विकेट हासिल किए।
अब सीरीज बचाने की जिम्मेदारी बांग्लादेश के बाकी बल्लेबाजों और नए शामिल किए गए परवेज हुसैन पर होगी। युवा बल्लेबाज के पास खुद को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर साबित करने का अच्छा मौका है। दूसरी ओर जिम्बाब्वे जीत की लय बरकरार रखते हुए सीरीज अपने नाम करने के इरादे से मैदान में उतरेगा। दोनों टीमों के बीच दूसरा वनडे 9 जुलाई और तीसरा मुकाबला 11 जुलाई को खेला जाएगा। बांग्लादेश के लिए ये दोनों मैच करो या मरो की स्थिति वाले होंगे।