नई दिल्ली । राजधानी दिल्ली में स्कूली बच्चों के स्वास्थ्य और सुरक्षित वातावरण को ध्यान में रखते हुए दिल्ली हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। अदालत ने स्पष्ट किया है कि स्कूलों के आसपास सिगरेट, गुटखा, पान मसाला और अन्य किसी भी प्रकार के तंबाकू उत्पादों की बिक्री की अनुमति नहीं दी जाएगी। न्यायालय ने कहा कि बच्चों की आसान पहुंच से तंबाकू उत्पादों को दूर रखना सार्वजनिक स्वास्थ्य की दृष्टि से आवश्यक है और इस दिशा में सभी संबंधित एजेंसियों को प्रभावी कदम उठाने होंगे।
यह आदेश एक वेंडर द्वारा दायर याचिका की सुनवाई के दौरान दिया गया। याचिकाकर्ता ने दावा किया था कि वैध वेंडिंग प्रमाणपत्र होने के बावजूद उसे बार-बार कारोबार करने से रोका जा रहा है। मामले की सुनवाई के दौरान नगर निगम ने अदालत को बताया कि संबंधित वेंडर स्कूल के निकट तंबाकू उत्पादों की बिक्री कर रहा था, जो बच्चों के हितों के विपरीत है। साथ ही निगम ने यह भी कहा कि वेंडिंग स्थल पर स्वच्छता संबंधी नियमों का भी पूरी तरह पालन नहीं किया जा रहा था।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि किसी भी स्कूल के आसपास तंबाकू, पान मसाला, गुटखा और सिगरेट जैसे उत्पादों की बिक्री स्वीकार नहीं की जा सकती। अदालत ने कहा कि स्कूल ऐसे स्थान हैं जहां बड़ी संख्या में बच्चे प्रतिदिन आते-जाते हैं और उनके आसपास इस प्रकार के उत्पादों की उपलब्धता उनके स्वास्थ्य और भविष्य के लिए गंभीर चिंता का विषय है। इसलिए ऐसे मामलों में बच्चों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी।
अदालत ने नगर निगम को निर्देश दिया कि संबंधित वेंडर को निर्धारित नियमों के अनुसार तीन दिन के भीतर वैकल्पिक वेंडिंग स्थल उपलब्ध कराया जाए। साथ ही यह भी कहा गया कि जब तक नया स्थान उपलब्ध नहीं कराया जाता, तब तक वेंडर को न्यायालय द्वारा तय की गई शर्तों का पालन करते हुए अपना कारोबार करने दिया जा सकता है। हालांकि यह स्पष्ट कर दिया गया कि किसी भी स्थिति में स्कूलों के आसपास तंबाकू उत्पादों की बिक्री नहीं होगी।
हाईकोर्ट ने अपने पूर्व के निर्देशों का भी उल्लेख करते हुए कहा कि स्कूलों के प्रवेश और निकास द्वार के आसपास अवरोध पैदा करने वाली गतिविधियों से बचना आवश्यक है। अदालत पहले भी स्पष्ट कर चुकी है कि स्कूल परिसरों के आसपास तंबाकू उत्पादों की बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी। इसके साथ ही वेंडरों को केवल निर्धारित स्थान पर ही कारोबार करने, अतिरिक्त सार्वजनिक स्थान पर कब्जा न करने और फुटपाथों पर अतिक्रमण से बचने के निर्देश दिए गए हैं।
न्यायालय ने यह भी दोहराया कि वेंडिंग स्थलों पर स्वच्छता बनाए रखना सभी विक्रेताओं की जिम्मेदारी है। डस्टबिन की व्यवस्था, साफ-सफाई और सार्वजनिक स्थानों का उचित उपयोग सुनिश्चित करना आवश्यक होगा ताकि स्कूलों के आसपास का वातावरण सुरक्षित और स्वच्छ बना रहे। यदि नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने का अधिकार रहेगा।
यह फैसला बच्चों को तंबाकू उत्पादों की आसान उपलब्धता से दूर रखने और स्कूलों के आसपास स्वस्थ वातावरण सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। साथ ही अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि वैध वेंडरों के आजीविका के अधिकार और बच्चों के स्वास्थ्य के बीच संतुलन बनाए रखने के लिए वैकल्पिक वेंडिंग स्थल उपलब्ध कराना भी प्रशासन की जिम्मेदारी है।