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सरकारी आर्थिक दावों पर उठाई थी आवाज, अब नहीं रहे अर्थशास्त्री गाओ शानवेन; निधन के बाद फिर तेज हुई पारदर्शिता पर बहस

नई दिल्ली । चीन के प्रमुख अर्थशास्त्रियों में गिने जाने वाले गाओ शानवेन का 55 वर्ष की आयु में निधन हो गया। चीन की सरकारी मीडिया के अनुसार उनका निधन बीमारी के कारण हुआ है। हालांकि उनकी मृत्यु के बाद सोशल मीडिया पर विभिन्न तरह की चर्चाएं भी सामने आई हैं। गाओ लंबे समय तक चीन की अर्थव्यवस्था, पूंजी बाजार और आर्थिक नीतियों पर अपनी स्पष्ट और स्वतंत्र राय रखने के लिए जाने जाते रहे। उन्हें देश के प्रभावशाली मैक्रो-इकोनॉमिस्ट्स में शामिल किया जाता था और उनके विचारों को वित्तीय जगत में गंभीरता से लिया जाता था।

गाओ शानवेन सरकारी निवेश समूह एसडीआईसी सिक्योरिटीज के पूर्व मुख्य अर्थशास्त्री रहे थे। उन्होंने कई वर्षों तक चीन की आर्थिक नीतियों, विकास दर और वित्तीय बाजारों का विश्लेषण किया। उनकी पहचान ऐसे विशेषज्ञ के रूप में बनी, जो आर्थिक आंकड़ों और नीतिगत फैसलों पर खुलकर अपनी राय रखते थे। इसी स्पष्टवादिता के कारण वे घरेलू और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार चर्चा में बने रहे।

वर्ष 2024 के अंत में गाओ उस समय व्यापक सुर्खियों में आए, जब उन्होंने एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में चीन की आधिकारिक आर्थिक वृद्धि दर पर सवाल उठाए। उनका कहना था कि वर्ष 2021 से 2023 के बीच चीन की वास्तविक आर्थिक वृद्धि सरकारी दावों से काफी कम रही। उन्होंने उपभोग, रोजगार और रियल एस्टेट क्षेत्र से जुड़े संकेतकों का हवाला देते हुए कहा था कि उपलब्ध आर्थिक आंकड़े आधिकारिक विकास दर से पूरी तरह मेल नहीं खाते। उनके इस बयान ने अंतरराष्ट्रीय आर्थिक जगत में भी व्यापक चर्चा को जन्म दिया।

इन टिप्पणियों के बाद उनके खिलाफ प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई की खबरें सामने आईं। विभिन्न रिपोर्टों के अनुसार सार्वजनिक मंचों पर उनकी गतिविधियां सीमित कर दी गईं। उनके कुछ लेख, वीडियो और सोशल मीडिया सामग्री भी हटाई गई। बाद में उन्हें अपने पद से हटाए जाने और निवेश सलाहकार लाइसेंस समाप्त होने की जानकारी भी सामने आई। इन घटनाओं ने चीन में आर्थिक विश्लेषण की स्वतंत्रता और आलोचनात्मक विचारों के लिए उपलब्ध स्थान को लेकर कई सवाल खड़े किए।

करीबी सूत्रों के अनुसार गाओ शानवेन पिछले कुछ समय से कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे। बीमारी का पता चलने के बाद उन्होंने सार्वजनिक जीवन से दूरी बना ली थी। लंबे समय तक सार्वजनिक कार्यक्रमों से दूर रहने के बाद उन्होंने एक शैक्षणिक कार्यक्रम में वीडियो संदेश के माध्यम से संक्षिप्त उपस्थिति दर्ज कराई थी। इसके बाद उनकी सार्वजनिक गतिविधियां बेहद सीमित रहीं।

गाओ शानवेन के निधन के बाद चीन के सोशल मीडिया मंचों पर बड़ी संख्या में लोगों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। कई लोगों ने उन्हें बेबाक और स्वतंत्र सोच रखने वाला अर्थशास्त्री बताया। वहीं कुछ प्रतिक्रियाओं में आर्थिक आंकड़ों की पारदर्शिता, स्वतंत्र विश्लेषण और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता जैसे मुद्दों पर भी चर्चा देखने को मिली। हालांकि इन प्रतिक्रियाओं के बीच आधिकारिक स्तर पर केवल उनके निधन पर शोक व्यक्त किया गया।

अर्थशास्त्र और वित्तीय विश्लेषण के क्षेत्र में गाओ शानवेन का योगदान लंबे समय तक याद किया जाएगा। उन्होंने आर्थिक आंकड़ों की व्याख्या और नीतिगत चर्चाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनका निधन ऐसे समय हुआ है जब वैश्विक अर्थव्यवस्था कई चुनौतियों का सामना कर रही है और आर्थिक पारदर्शिता तथा विश्वसनीय आंकड़ों की भूमिका पहले से अधिक महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

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