Cheetah CCB 3 Rescued: ग्वालियर। जंगलों में 20 दिनों से घूम रही कूनो नेशनल पार्क की मादा चीता CCB-3 का गुरुवार को सफलतापूर्वक रेस्क्यू कर लिया गया। कूनो की विशेषज्ञ टीम और ग्वालियर वन विभाग ने बरी-पनिहार के जंगलों मेंसंयुक्त अभियान चलाकर कई घंटे की मशक्कत के बाद चीते को सुरक्षित पकड़कर वापस कूनो भेज दिया।
सैटेलाइट कॉलर से रखी जा रही थी नजर
वन विभाग के मुताबिक, चीते के गले में लगे सैटेलाइट कॉलर की मदद से उसकी हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही थी। इसके अलावा वन अमले की ग्राउंड ट्रैकिंग टीम भी लगातार जंगल में उसकी लोकेशन ट्रैक कर रही थी।
पिछले कुछ दिनों से मादा चीता शिकार की तलाश में जंगल से निकलकर रिहायशी इलाकों के करीब पहुंचने लगी थी। इसे देखते हुए वन विभाग ने लोगों और चीते दोनों की सुरक्षा के लिए रेस्क्यू का फैसला लिया।
लोकेशन मिलते ही शुरू हुआ ऑपरेशन
गुरुवार दोपहर बरी-पनिहार के जंगल में चीते की सटीक लोकेशन मिलने के बाद विशेषज्ञ टीम ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर रेस्क्यू अभियान शुरू किया। सुरक्षित दूरी से चीते को ट्रेंकुलाइज (बेहोश) किया गया। इसके बाद पशु चिकित्सकों की निगरानी में उसे पिंजरे में रखा गया और विशेष वाहन से सुरक्षित कूनो नेशनल पार्क रवाना कर दिया गया।
पहले भी ग्वालियर तक पहुंच चुके हैं चीते
वन विभाग के अनुसार, पिछले करीब 10 महीनों में कूनो नेशनल पार्क से कई चीते प्राकृतिक विचरण करते हुए श्योपुर और शिवपुरी के जंगलों से होते हुए ग्वालियर वन मंडल के घाटीगांव, तिघरा और पनिहार क्षेत्र तक पहुंच चुके हैं। यहां पर्याप्त शिकार और अनुकूल वातावरण होने के कारण कई चीते कुछ समय तक इन जंगलों में रुके भी हैं।
DFO ने बताया पूरी तरह सुरक्षित है चीता
ग्वालियर वन मंडल के डीएफओ मुकेश पटेल ने बताया कि मादा चीता CCB-3 का रेस्क्यू पूरी तरह सफल रहा। पूरे अभियान के दौरान वन्यजीव विशेषज्ञों और पशु चिकित्सकों की टीम मौजूद रही। सभी जरूरी सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए चीते को सुरक्षित हालत में कूनो नेशनल पार्क भेज दिया गया।
ग्रामीणों से की अपील
वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि यदि जंगल या आसपास किसी वन्यजीव की गतिविधि दिखाई दे तो उसके पास जाने या उसे घेरने की कोशिश न करें। इसकी जानकारी तुरंत वन विभाग को दें, ताकि विशेषज्ञ टीम समय रहते सुरक्षित कार्रवाई कर सके।