HIGHLIGHTS:
- कोंहार गांव में जाटव समाज का सामूहिक बहिष्कार
- ब्राह्मण-क्षत्रियों सहित अन्य समाजों ने मंदिर में ली शपथ
- घर आना-जाना और खेतों में मेलजोल बंद करने का निर्णय
- विरोध का कारण: 17 फरवरी को दर्ज एससी-एसटी एक्ट की एफआईआर
- प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग, स्थिति फिलहाल सामान्य

GWALIOR SC-ST VIVAD: ग्वालियर। भिंड जिले के कोंहार गांव में शुक्रवार सुबह एक बड़ी सामाजिक घटना सामने आई। जहां गांव के ब्राह्मण, क्षत्रिय और अन्य समाज के लोगों ने जाटव समाज के खिलाफ सामाजिक बहिष्कार का निर्णय लिया। बता दें कि घटना हनुमान मंदिर परिसर में हुई, जहां ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से शपथ ली कि वे जाटव समाज के लोगों के साथ किसी भी प्रकार का सामाजिक मेलजोल नहीं रखेंगे।
ग्रामीणों ने यह कदम हाल ही में दर्ज ST -SC एक्ट की एफआईआर और कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों के विरोध में उठाया। उनका आरोप है कि इस एफआईआर ने गांव का सामाजिक माहौल प्रभावित किया है और एकतरफा कार्रवाई के रूप में इसे देखा जा रहा है।
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बैठक और बहिष्कार की प्रक्रिया
शुक्रवार सुबह 10:30 से 11:00 बजे के बीच कोंहार गांव के हनुमान मंदिर परिसर में बैठक बुलाई गई। इस दौरान, ब्राह्मण, क्षत्रिय और अन्य समाज के ग्रामीण बड़ी संख्या में मौजूद थे। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि जाटव समाज के कुछ लोगों ने हिंदू देवी-देवताओं और ब्राह्मण-क्षत्रिय समाज के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियां की। इसके बाद, ग्रामीणों ने शपथ ली कि वे जाटव समाज के लोगों के साथ सभी सामाजिक संबंध समाप्त करेंगे। इसमें उनके घर आना-जाना बंद करना, खेतों में संपर्क खत्म करना और अन्य सामाजिक मेलजोल बंद करना शामिल है।
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प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग
बैठक में उपस्थित लोगों ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच की मांग भी की।
ग्रामीणों का कहना है, यदि समय रहते समाधान नहीं निकला तो भविष्य में और कठोर सामूहिक निर्णय भी लिए जा सकते हैं।
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याद रहे, यह घटना कोंहार गांव में दूसरी बार सामने आई है, जब जाटव समाज के खिलाफ सार्वजनिक विरोध और शपथ समारोह आयोजित किया गया। फिलहाल प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।