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बाणगंगा पुलिस पर आरोप: 9 घंटे शव लेकर घूमते रहे परिजन, सिस्टम की बड़ी लापरवाही उजागर


नई दिल्ली। मध्यप्रदेश के Indore से सामने आया यह मामला सिस्टम की संवेदनहीनता और प्रशासनिक लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। एक 21 वर्षीय युवक की करंट लगने से मौत के बाद उसके शव को पोस्टमॉर्टम के लिए परिजन लगभग 9 घंटे तक बाइक पर लेकर इधर-उधर भटकते रहे।

घटना 11 मई की बताई जा रही है, जब निर्माणाधीन मकान में काम के दौरान युवक को करंट लग गया था। परिजन उसे तुरंत अरबिंदो अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। लेकिन परिवार यह मानने को तैयार नहीं था और शव को लेकर दूसरी जगह इलाज के लिए निकल गया।

यहीं से स्थिति और जटिल हो गई। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचना दी थी, लेकिन बाणगंगा थाना पुलिस की ओर से कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने जिम्मेदारी लेने से इनकार कर दिया और स्पष्ट रूप से कहा कि “अब शव ले गए हैं, तुम जानो तुम्हारा काम जाने।”

इसके बाद परिजन शव को बाइक पर लेकर इंदौर और आसपास के इलाकों में अस्पताल दर अस्पताल घूमते रहे। सांवेर के एक अस्पताल में भी डॉक्टरों ने युवक को मृत घोषित किया, लेकिन तब तक परिवार मानसिक रूप से बेहद आहत और आक्रोशित हो चुका था।

स्थिति तब और बिगड़ गई जब अलग-अलग जगहों पर पुलिस और अस्पताल के बीच समन्वय की कमी साफ दिखाई दी। परिजन कई घंटों तक शव को लेकर सड़कों पर भटकते रहे, जिससे स्थानीय लोगों में भी नाराजगी देखी गई।

आखिरकार देर रात शव को वापस अस्पताल की मर्चुरी में रखा गया, लेकिन अगले दिन भी पोस्टमॉर्टम में देरी को लेकर परिजनों ने हंगामा किया। इसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और जरूरी कागजी कार्रवाई पूरी की गई, तब जाकर पोस्टमॉर्टम हो सका और अंतिम संस्कार किया गया।

इस पूरे मामले ने Indore में स्वास्थ्य व्यवस्था और पुलिस प्रशासन के बीच तालमेल पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अस्पताल प्रबंधन ने दावा किया है कि यह पहली बार नहीं है जब इस तरह की स्थिति बनी हो और पुलिस की लापरवाही के कारण परिजन परेशान हुए हों।

वहीं पुलिस अधिकारियों ने मामले की जांच की बात कही है और कहा है कि यदि किसी स्तर पर लापरवाही पाई जाती है तो जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

यह घटना न केवल एक परिवार के दर्द को दिखाती है, बल्कि यह भी सवाल उठाती है कि आपात स्थितियों में सिस्टम कितना तैयार और संवेदनशील है।

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