ग्वालियर में बच्चों की जान से खिलवाड़: 38 सीटर बस में ठूंस-ठूंसकर भरे 92 बच्चे, ट्रैफिक पुलिस ने लगाया 10,000 का जुर्माना
ग्वालियर में यातायात पुलिस ने गांधी प्राणी उद्यान के पास एक बस को चेकिंग के दौरान पकड़ा। बस में मुरैना के कोचिंग संस्थान के 92 बच्चे सवार थे, जबकि उसकी क्षमता केवल 38 सीटों की थी।

Gwalior Overloaded Bus: ग्वालियर में बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर लापरवाही सामने आई है। मुरैना से घूमने आए एक कोचिंग संस्थान के 92 बच्चों को महज 38 सीटों वाली बस में बैठाकर ले जाया जा रहा था। गांधी प्राणी उद्यान के पास यातायात पुलिस की चेकिंग के दौरान बस को रोका गया, तो अंदर बच्चों की संख्या देखकर पुलिस भी हैरान रह गई। निर्धारित क्षमता से ज्यादा बच्चों को बैठाने पर पुलिस ने बस पर 10 हजार रुपए का जुर्माना लगाया है।
38 सीटों की बस में सवार थे 92 बच्चे
जानकारी के मुताबिक, मुरैना से एक कोचिंग संस्थान के बच्चे घूमने के लिए ग्वालियर आए थे। उन्हें जिस बस से ले जाया जा रहा था, उसमें केवल 38 सीटों की व्यवस्था थी, लेकिन बस में 92 बच्चे सवार थे।
यानी बस की निर्धारित क्षमता से दोगुने से भी ज्यादा बच्चों को उसमें बैठाया गया था। भीड़ इतनी थी कि कई बच्चों को ठीक से बैठने की जगह तक नहीं मिल रही थी। इस तरह बच्चों को एक साथ ले जाना उनकी सुरक्षा के लिहाज से जोखिम भरा हो सकता था।
चेकिंग में पकड़ी गई बस
नगर निगम के गांधी प्राणी उद्यान के पास यातायात पुलिस वाहनों की जांच कर रही थी। इसी दौरान मुरैना की इस बस को रोककर चेक किया गया। जांच में बस के अंदर 92 बच्चे मिले, जबकि उसकी क्षमता सिर्फ 38 सीटों की थी। पुलिस ने तत्काल इस मामले को गंभीरता से लिया और निर्धारित क्षमता से अधिक बच्चों को बैठाकर ले जाने पर कार्रवाई की।
बस पर 10 हजार रुपए का जुर्माना
प्रभारी एसपी जयराज कुबेर ने बताया कि यातायात पुलिस ने चिड़ियाघर के पास बस को पकड़ा था। मोटर व्हीकल एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए बस पर 10 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया है।
इस घटना ने बच्चों को शैक्षणिक भ्रमण या अन्य कार्यक्रमों में ले जाने के दौरान परिवहन व्यवस्था की सुरक्षा पर सवाल खड़े किए हैं। बच्चों की संख्या के हिसाब से पर्याप्त सीटों और सुरक्षित वाहन की व्यवस्था करना जरूरी है, ताकि सफर के दौरान किसी तरह का जोखिम न रहे।

