सावधान! APK फाइल डाउनलोड करते ही 3.40 लाख गायब, शिवपुरी में रिटायर्ड शिक्षक से ठगी
शिवपुरी में रिटायर्ड शिक्षक कैलाश नारायण सोनी के बैंक खाते से APK फाइल डाउनलोड करने के बाद 3.40 लाख रुपये निकल गए।

Shivpuri Cyber Fraud: व्हाट्सएप पर आने वाली हर फाइल जरूरी नहीं कि सुरक्षित हो। कई बार एक अनजान लिंक या फाइल पर किया गया क्लिक लोगों की जमा पूंजी पर भारी पड़ सकता है। शिवपुरी के खनियांधाना क्षेत्र में ऐसा ही मामला सामने आया है, जहां एक सेवानिवृत्त शिक्षक के बैंक खाते से 3 लाख 40 हजार रुपये निकल गए।
ठगों ने उन्हें व्हाट्सएप पर APK फाइल भेजी थी। शिक्षक ने उसे जरूरी दस्तावेज समझकर डाउनलोड कर लिया। इसके बाद खाते से लगातार रकम कटने लगी।
पीड़ित की पहचान बामोरकलां गांव निवासी कैलाश नारायण सोनी के रूप में हुई है। उनका आरोप है कि ठगी की शिकायत देने के बावजूद पुलिस ने करीब 19 दिन बाद एफआईआर दर्ज की। अब वे अपनी रकम वापस पाने के लिए बैंक और साइबर सेल के चक्कर लगा रहे हैं।
जरूरी दस्तावेज समझकर डाउनलोड की APK फाइल
जानकारी के मुताबिक, कुछ दिन पहले कैलाश नारायण सोनी के व्हाट्सएप नंबर पर एक अनजान नंबर से लिंक के साथ APK फाइल भेजी गई थी। फाइल को देखकर उन्हें लगा कि इसमें कोई जरूरी दस्तावेज होगा। इसी वजह से उन्होंने उसे डाउनलोड कर लिया। पीड़ित के मुताबिक, फाइल डाउनलोड करने के बाद उनके मोबाइल और बैंकिंग से जुड़ी जानकारी का गलत इस्तेमाल किया गया। कुछ ही समय में उनके खाते से रकम निकलने लगी। मोबाइल पर लगातार पैसे कटने के मैसेज आने पर उन्हें ठगी का पता चला। तब तक खाते से कुल 3 लाख 40 हजार रुपये निकाले जा चुके थे।
न ATM कार्ड मांगा.... न OTP, फिर भी खाता खाली
इस मामले में पीड़ित का कहना है कि ठगों ने उनसे न तो ATM कार्ड मांगा और न ही बैंक का पासवर्ड या OTP पूछा। इसके बावजूद खाते से बड़ी रकम निकाल ली गई।
यह घटना बताती है कि ऑनलाइन ठगी के तरीके लगातार बदल रहे हैं। अनजान नंबर से आने वाली फाइल या लिंक को बिना जांचे खोलना जोखिम भरा हो सकता है। खासकर APK फाइल डाउनलोड करने से पहले उसकी विश्वसनीयता की पुष्टि करना जरूरी है।
शिकायत के 19 दिन बाद दर्ज हुई FIR
कैलाश नारायण सोनी का आरोप है कि उन्होंने ठगी का पता चलते ही 8 अक्टूबर को बामोरकलां थाने में लिखित शिकायत दी थी। लेकिन उनकी शिकायत पर तत्काल एफआईआर दर्ज नहीं की गई। करीब 19 दिन बाद, 27 अक्टूबर को मामला दर्ज किया गया।
पीड़ित का कहना है कि अगर समय रहते कार्रवाई शुरू होती तो रकम को बचाने की संभावना बन सकती थी। अब वे बैंक, खनियांधाना थाने और शिवपुरी जिला साइबर सेल में अपनी शिकायत के निराकरण और रकम वापस दिलाने के लिए प्रयास कर रहे हैं।
APK फाइल के नाम पर कैसे फंसाते हैं ठग?
साइबर ठग कई बार बिजली बिल, सरकारी योजना, पैन कार्ड अपडेट या अन्य जरूरी सेवाओं के नाम पर लोगों को APK फाइल भेजते हैं। फाइल को जरूरी बताकर डाउनलोड करने के लिए कहा जाता है। ऐसे मामलों में संदिग्ध फाइल मोबाइल की सुरक्षा और निजी जानकारी के लिए खतरा बन सकती है।
अनजान नंबर से आई APK फाइल डाउनलोड न करें। किसी सरकारी योजना या सेवा से जुड़ी जानकारी के लिए संबंधित विभाग की आधिकारिक वेबसाइट या ऐप का ही इस्तेमाल करें। यदि गलती से संदिग्ध फाइल डाउनलोड हो गई है या खाते से पैसे कटने लगे हैं, तो तुरंत बैंक से संपर्क कर खाते और डिजिटल भुगतान सेवाओं को सुरक्षित कराएं। साइबर ठगी की शिकायत के लिए हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क किया जा सकता है।
जमा पूंजी वापस दिलाने की मांग
सेवानिवृत्त शिक्षक कैलाश नारायण सोनी और उनका परिवार अब ठगी गई रकम वापस मिलने की उम्मीद लगाए हुए हैं। पीड़ित ने पुलिस और प्रशासन से मामले में जल्द कार्रवाई करने की मांग की है। उनके लिए यह सिर्फ ऑनलाइन ठगी का मामला नहीं, बल्कि जीवनभर की मेहनत से जुटाई गई बचत का नुकसान है।
