HIGHLIGHTS:
- रीवा घटना के विरोध में अशोकनगर में निकला मौन जुलूस
- जैन समाज ने CBI या SIT जांच की मांग उठाई
- आर्यिका माताजी को जैन धर्म में मिलता है विशेष सम्मान
- CCTV फुटेज और डिजिटल सबूत सुरक्षित रखने की अपील
- कार्रवाई नहीं होने पर देशव्यापी आंदोलन की चेतावनी

Aryika Mataji case: अशोकनगर। रीवा में पूज्य आर्यिका माता को कथित रूप से वाहन से कुचलने की घटना को लेकर जैन समाज में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। जिसके चलते सोमवार को अशोकनगर में लोगों ने काली पट्टी बांधकर मौन जुलूस निकाला और घटना के विरोध में न्याय की मांग की। बता दें कि सुभाषगंज स्थित जैन मंदिर से शुरू हुआ जुलूस शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचा, जहां मुख्यमंत्री और कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपा गया। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिलाएं, युवा और अन्य समाजों के लोग भी शामिल हुए।
कौन होती हैं आर्यिका माताजी
दिगंबर जैन परंपरा में आर्यिका माताजी उन महिला संतों को कहा जाता है जिन्होंने सांसारिक जीवन त्यागकर तप, त्याग और अहिंसा का मार्ग अपनाया हो। वे पूरी तरह सादगी से जीवन बिताती हैं और पैदल विहार करते हुए समाज को धर्म और शांति का संदेश देती हैं।बताया जा रहा है कि रीवा घटना में घायल हुईं पूज्य आर्यिका श्रुतमती माताजी और आर्यिका उपशममती माताजी, आचार्य विद्यासागर जी महाराज की शिष्याएं हैं। जैन समाज में उन्हें आध्यात्मिक मार्गदर्शक और तपस्विनी के रूप में बेहद श्रद्धा से देखा जाता है।
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लोगों ने कहना ये है सुनियोजित साजिश
जैन समाज ने आरोप लगाया है कि 20 मई को रीवा में हुई घटना कोई सामान्य सड़क हादसा नहीं बल्कि सुनियोजित साजिश है। लोगों का कहना है कि पैदल विहार कर रही माताजी को वाहन से टक्कर मारने के बाद चालक मौके से फरार हो गया, जिससे संदेह और ज्यादा गहरा गया है। बता दें कि ज्ञापन में मामले की निष्पक्ष जांच के लिए CBI या SIT जांच की मांग की गई है। साथ ही सभी CCTV फुटेज को सुरक्षित रखने की अपील भी की गई है।
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संतों की सुरक्षा को लेकर उठे सवाल
प्रदर्शन के दौरान जैन समाज ने साधु-संतों की सुरक्षा के लिए राष्ट्रीय संत सुरक्षा नीति लागू करने की मांग की है। उनका कहना है कि संवेदनशील मार्गों पर पुलिस सुरक्षा उपलब्ध कराई जाए और संतों के खिलाफ होने वाले अपराधों की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में हो। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो देशभर में चक्का जाम और उग्र आंदोलन किए जाएंगे।