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GUNA BRIEB CASE : CM मोहन यादव का ऑन द स्पॉट एक्शन, काम नहीं करने वाले अफसरों के लिए दो टूक; लापरवाह अफसरों को मैदान से हटा देंगे… गुना रिश्वत कांड के एक्शन पर बोले CM यादव

GUNA BRIBE CASE

HIGHLIGHTS: गुना में 1 करोड़ नकद वाली कार पर 20 लाख रिश्वत का आरोप SP अंकित सोनी को तत्काल प्रभाव से हटाया गया चार पुलिसकर्मी सस्पेंड, जांच जारी CM मोहन यादव ने लापरवाह अफसरों पर कड़ा रुख दिखाया योग्य अफसरों को मिलेगा मौका, सुशासन सुनिश्चित GUNA BRIEB CASE : मध्यप्रदेश। गुना जिले में 19 मार्च की रात रूठियाई चौकी क्षेत्र में पुलिस ने गुजरात के एक जीरा व्यापारी की कार रोकी, जिसमें लगभग 1 करोड़ रुपए नकद पाए गए। आरोप है कि मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने 20 लाख रुपए रिश्वत लेकर वाहन छोड़ दिया। अगले दिन आईपीएस अधिकारी के कॉल के बाद ये पैसे वापस कर दिए गए। Travel Tips: दोस्तों के साथ घूमने का बनाएं परफेक्ट प्लान, बैग पैक करें और निकल पड़ें पुलिस अधीक्षक अंकित सोनी को मामले की जानकारी 20 मार्च को मिली, लेकिन उन्होंने न वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना दी और न ही दोषियों पर कार्रवाई की। इस लापरवाही को गंभीर मानते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 22 मार्च को SP को तत्काल प्रभाव से पद से हटा दिया और उनकी जगह आईपीएस हितिका वासल को गुना का नया SP नियुक्त किया। Chaitra Ashtami Special: ऐसे बनाएं काला चना का प्रसाद, जानें आसान रेसिपी पुलिसकर्मियों पर सख्ती और प्रशासनिक संदेश धरनावदा थाना प्रभारी प्रभात कटारे, रूठियाई चौकी प्रभारी साजिद हुसैन, प्रधान आरक्षक देवेंद्र सिकरवार और आरक्षक सुंदर रमन को सस्पेंड कर दिया गया है। मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि प्रशासनिक शिथिलता, लापरवाही या भ्रष्टाचार किसी स्तर पर स्वीकार्य नहीं होंगे। ऊर्जा और कृषि पर सरकार का फोकस, Narendra Modi बोले-भारत आत्मनिर्भरता की राह पर काम करने वालों को मौका, लापरवाहों को मैदान से हटाया जाएगा मुख्यमंत्री ने कहा, जो काम नहीं करेगा उसे हटाया जाएगा, काम करने वालों को मौके दिए जाएंगे। उन्होंने प्रशासनिक निरंतरता और सुशासन के लिए प्रतिबद्धता जताई। सफलता के मंत्र कार्यक्रम पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि यह सिलसिला तब से शुरू हुआ जब वे शिक्षा मंत्री थे और बच्चों की संख्या लगातार बढ़ रही है।

DATIYA RAPE CASE: घर छोड़ने के बनाए युवती के साथ दुष्कर्म, आरोपी के खिलाफ POSCO एक्ट के तहत मामला दर्ज

DATIYA WOMEN RAPED

HIGHLIGHTS: • घटना 27 नवंबर 2025 को बड़ौनी के पास जंगल में हुई • आरोपी ने बच्चे को बहाना बनाकर महिला को अलग-थलग किया • परिवार को मारने की धमकी से तीन महीने चुप रही पीड़िता • हालिया उत्पीड़न के बाद गुरुवार को दर्ज हुई शिकायत • दुष्कर्म और POCSO धाराओं में केस, जांच तेज DATIYA RAPE CASE: ग्वालियर। दतिया के जिगना पुलिस थाना क्षेत्र के एक गांव में 22 वर्षीय विवाहित महिला ने स्थानीय युवक पर जबरन दुष्कर्म करने और पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी देने का गंभीर आरोप लगाया है। बता दें कि पीड़िता ने गुरुवार को थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर पुलिस ने रात में ही मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अंतर्राष्ट्रीय खुशहाली दिवस पर रेखांकित किया: आनंद धन से नहीं, अंतस से आता है मायके से लौटते समय हुआ हादसा पीड़िता ने बताया कि करीब चार महीने पहले पति से विवाद के बाद वह मायके चली गई थीं। 27 नवंबर 2025 को बीमार बच्चे की दवा दिलाने वह बड़ौनी आई थीं। इसी दौरान गांव का एक युवक आया और घर छोड़ने के बहाने मोटरसाइकिल पर बैठाकर ले गया। टी20 सीरीज में न्यूज़ीलैंड का दबदबा, तीसरे मैच में SA को दी 8 विकेट से मात जंगल में बच्चे को बनाया बंधक आरोप है कि रास्ते में फॉरेस्ट क्षेत्र के पास आरोपी ने बाइक रोकी। बच्चे को शौच के बहाने झाड़ियों में ले गया और फिर महिला को जबरदस्ती खींचकर अंदर ले गया। वहां बच्चे को नुकसान पहुंचाने की धमकी देकर उसके साथ दुष्कर्म किया। घटना के बाद आरोपी ने उसे बड़ौनी टैक्सी स्टैंड पर छोड़ दिया और किसी को बताने पर पूरे परिवार को मार डालने की धमकी दी। “पंजाब किंग्स को चैंपियन बनाना मेरा लक्ष्य”: सूर्यांश शेडगे का आत्मविश्वासी बयान डर के साये में तीन महीने चुप रही डर के कारण पीड़िता ने लंबे समय तक किसी को कुछ नहीं बताया। हाल ही में आरोपी द्वारा फिर से परेशान करने और पीछा करने पर उसने हिम्मत जुटाई, पति और परिजनों को पूरी घटना बताई और गुरुवार को जिगना थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। चैत्र नवरात्रि 2026: दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा, जानिए शुभ मुहूर्त, विधि और मंत्र पुलिस ने तेज की कार्रवाई पुलिस ने दुष्कर्म, आपराधिक धमकी और संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया है। वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, आरोपी की पहचान हो चुकी है। टीम गठित कर उसे गिरफ्तार करने की कोशिश की जारी है। साथ ही मेडिकल जांच और फॉरेंसिक सबूत जुटाए जा रहे हैं।

GWALIOR HIGH COURT : सहायक लेखापाल नियुक्ति में बीबीए की मान्यता, 50% पिछला वेतन भी मिलेगा

GWALIOR HIGH COURT

HIGHLIGHTS: ग्वालियर हाईकोर्ट ने बीबीए को कॉमर्स ग्रेजुएट के बराबर माना। याचिकाकर्ता को सहायक लेखापाल पद पर नियुक्ति का आदेश। 50% पिछला वेतन देने का निर्देश भी जारी। विभाग का 2018 का आदेश रद्द किया गया। निर्णय से योग्य उम्मीदवारों को अवसर सुनिश्चित करने का संदेश गया। GWALIOR HIGH COURT : ग्वालियर। हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। बता दें कि कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि सहायक लेखापाल के पद के लिए बीबीए (Bachelor of Business Administration) डिग्री को वाणिज्य स्नातक (कॉमर्स ग्रेजुएट) के समकक्ष माना जाएगा। न्यायमूर्ति आनंद सिंह बहरावत ने सर्वेश ढिंगरा की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया। भारती सिंह के घर खुशियों की बहार छोटे बेटे काजू की पहली झलक ने जीता दिल.. याचिकाकर्ता को नियुक्ति और वेतन का अधिकार कोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया कि याचिकाकर्ता को तीन माह के भीतर सहायक लेखापाल पद पर नियुक्त किया जाए। साथ ही उन्हें 50 प्रतिशत पिछला वेतन भी दिया जाएगा। यह आदेश याचिकाकर्ता की वरिष्ठता का लाभ सुनिश्चित करता है। FOOD SAFETY TEAM RAID : फूड सेफ्टी टीम की नकली दूध पर छापेमारी; सामने ही साबुत नष्ट करने की कोशी, विधायक को फ़ोन लगाने की धमकी पद के लिए विशेष डिग्री की बाध्यता नहीं नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने 30 जनवरी 2018 को सर्वेश की उम्मीदवारी रद्द कर दी थी, क्योंकि उनके पास बी.कॉम डिग्री नहीं थी। अदालत ने पाया कि सेवा नियमों में केवल वाणिज्य में स्नातक होना अनिवार्य है, न कि बी.कॉम डिग्री। जीवाजी विश्वविद्यालय के विशेषज्ञों ने भी पुष्टि की है कि बीबीए डिग्री को वाणिज्य स्नातक के समकक्ष माना जा सकता है। तेल-गैस के बाद इंटरनेट पर भी संकट? ईरान के कदम से वैश्विक कनेक्टिविटी पर खतरा, भारत भी प्रभावित हो सकता है भर्ती प्रक्रिया पर न्यायिक हस्तक्षेप यह मामला व्यावसायिक परीक्षा मंडल द्वारा आयोजित सहायक लेखापाल भर्ती से जुड़ा था। याचिकाकर्ता का चयन सही पाया गया और विभाग के पुराने आदेश को रद्द कर दिया गया। International Energy Agency की बड़ी सलाह, ऊर्जा संकट से निपटने के लिए वर्क फ्रॉम होम से आधुनिक कुकिंग तक सुझाव सकारात्मक संदेश इस फैसले से स्पष्ट संदेश गया है कि योग्य उम्मीदवारों को उनके अधिकार और योग्यता के आधार पर अवसर मिलने चाहिए, न कि केवल विशेष डिग्री के आधार पर।

FOOD SAFETY TEAM RAID : फूड सेफ्टी टीम की नकली दूध पर छापेमारी; सामने ही साबुत नष्ट करने की कोशी, विधायक को फ़ोन लगाने की धमकी

BHIND MILK FACTORY

HIGHLIGHTS: डेयरी संचालक ने फूड सेफ्टी टीम के सामने ही संदिग्ध केमिकल नष्ट किया। नकली दूध की आशंका पर टीम पहुंची थी। संचालक ने अपने साथी से विधायक को फोन लगाने को कहा। डेयरी का लाइसेंस केवल 500 लीटर दूध ट्रांसपोर्टिंग का था। पुलिस में कोई शिकायत दर्ज नहीं की गई और सख्त कार्रवाई नहीं हुई। FOOD SAFETY TEAM RAID : भिंड। अटेर रोड स्थित मुकेश शिवहरे की डेयरी पर फूड सेफ्टी टीम की बड़ी छापेमारी सामने आयी है। सूचना थी कि डेयरी में केमिकल मिलाकर नकली दूध तैयार किया जा रहा है। लेकिन टीम के पहुंचने से पहले ही संचालक सतर्क नजर आया और संदिग्ध केमिकल पानी में उड़ा दिया। नासिक में बाबा ने ‘ज्योतिष’ की आड़ में कई महिलाओं से किया दुष्‍कर्म, आरोपी गिरफ्तार सैंपल लेने से पहले सबूत नष्ट जांच के दौरान टीम ने पुराने दूध टैंकर में तीन कंटेनरों में संदिग्ध तरल पाया। जैसे ही टीम सैंपल लेने की तैयारी कर रही थी, संचालक ने केमिकल को पास भरे पानी में डालकर नष्ट कर दिया। पहले वह इसे रिफाइंड ड़ालडा बताता रहा, लेकिन नष्ट करने से शक और गहरा गया। लेबनान में लाइव रिपोर्टिंग के दौरान धमाका, पत्रकार के पीछे गिरी इजरायली मिसाइल; दो घायल अधिकारियों के न पहुंचने से उठे सवाल कार्रवाई के दौरान संचालक ने अफसरों को धमकाने की कोशिश की और अपने साथी से विधायक को फोन लगाने को कहा। हालांकि संपर्क नहीं हो सका। संचालक के पास केवल 500 लीटर दूध ट्रांसपोर्टिंग का लाइसेंस था, जबकि डेयरी इसी आधार पर चल रही थी। फाइबर का पावरहाउस कटहल, गर्मियों में सेहत और दिल दोनों का रखे ख्याल ढुलमुल कार्यशैली पर सवाल फूड सेफ्टी टीम के सामने सबूत नष्ट होने और धमकाने के बावजूद पुलिस में कोई शिकायत नहीं दर्ज की गई और कोई ठोस कानूनी कदम नहीं उठाया गया। टीम की यह ढुलमुल कार्यशैली पूरे सिस्टम की गंभीरता पर सवाल खड़े कर रही है। रिपोर्ट का दावा, अपस्ट्रीम ऑयल और सर्विस कंपनियों को मिल सकता है बड़ा बूस्ट रिपोर्ट का इंतजार दल प्रभारी अवनीश गुप्ता का कहना है कि वे मौके पर नहीं थे, लेकिन पूरे मामले की रिपोर्ट तैयार की जा रही है और आगे कार्रवाई की जाएगी।

GWALIOR FAMOUS TEMPLE: अधूरी प्रतिमा और चमत्कारिक इतिहास; जानें पहाड़ा वाली माता मंदिर की कहानी, नवरात्री में लगी लंबी कतारें

PADHAY MATA MANDIR

HIGHLIGHTS: मंदिर लगभग 350 साल पुराना है। दिनभर में चार बार भोग और आरती की परंपरा। नवरात्र में भक्तों की भारी भीड़। प्रतिमा अधूरी अवस्था में स्थापित है। औरंगजेब भी मंदिर को खंडित नहीं कर सका। GWALIOR FAMOUS TEMPLE: मध्यप्रदेश। ग्वालियर के नई सड़क क्षेत्र में स्थित पाढ़ाय माता मंदिर, जिसे स्थानीय लोग पहाड़ा वाली माता मंदिर के नाम से जानते हैं, शहरवासियों के लिए आस्था का प्रमुख केंद्र है। लगभग 350 साल पुराना यह मंदिर मां बघेश्वरी के शेर पर सवार स्वरूप के लिए प्रसिद्ध है। नवरात्र के दौरान सुबह से देर रात तक यहां भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती है। International Energy Agency की बड़ी सलाह, ऊर्जा संकट से निपटने के लिए वर्क फ्रॉम होम से आधुनिक कुकिंग तक सुझाव दिनभर की अनोखी परंपरा मंदिर की सबसे अनोखी परंपरा यह है कि यहां दिनभर में चार बार आरती और भोग किए जाते हैं। यही वजह है कि श्रद्धालु पूरे दिन किसी भी समय दर्शन के लिए आते हैं। Eid 2026: भारत में ईद-उल-फितर 21 मार्च को, पूरे 30 रोजे रखे गए चमत्कारिक इतिहास मंदिर का इतिहास चमत्कारों से भरा हुआ है। मंदिर के पुजारी महेश कुमार के अनुसार, माता मूल रूप से डीडवाना (जिला नागौर) में विराजमान थीं। लगभग 400 साल पहले नगर सेठ पाढ़ाय को स्वप्न में माता ने दर्शन दिए और उन्हें 12 कोस तक बिना पीछे मुड़े पैदल चलने का निर्देश दिया। लेकिन अंत में सेठ ने पीछे मुड़कर देखा, जिससे माता की प्रतिमा अधूरी अवस्था में प्रकट हुई और उनके चरणों की पंजी अधूरी रह गई। पावर सेक्टर में बड़ी साझेदारी, Bharat Heavy Electricals Limited लगाएगा 3,064 करोड़ का निवेश सुरक्षा और ऐतिहासिक महत्ता स्थानीय मान्यता है कि औरंगजेब भी इस मंदिर को खंडित नहीं कर सका, जिससे इसकी ऐतिहासिक और धार्मिक महत्ता और बढ़ जाती है। पावर सेक्टर में बड़ी साझेदारी, Bharat Heavy Electricals Limited लगाएगा 3,064 करोड़ का निवेश आधुनिक श्रद्धालुओं का आकर्षण आज यह मंदिर न केवल श्रद्धालुओं के लिए, बल्कि ग्वालियर के सांस्कृतिक और ऐतिहासिक नक्शे पर भी एक अहम स्थल बन चुका है।

GUNA MLA CONTROVERSY: गुना में सियासी बयानबाजी तेज; विधायक ने कलेक्टर को बताया ‘नकारा’, मंच से साधा निशाना

GUNA MLA

HIGHLIGHTS: गुना विधायक पन्नालाल शाक्य का प्रशासन पर तीखा हमला कलेक्टर को मंच से बताया ‘नकारा’ गुनिया नदी प्रोजेक्ट पर दी चेतावनी “कागजों में नहीं, जमीन पर काम” की नसीहत SDM को लेकर विवादित बयान से बढ़ी चर्चा GUNA MLA CONTROVERSY: गुना। मध्यप्रदेश के गुना जिले में सियासी बयानबाजी ने नया मोड़ ले लिया है। बता दें कि केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया द्वारा हाल ही में जिला प्रशासन की तारीफ के ठीक दो दिन बाद, गुना विधायक पन्नालाल शाक्य ने कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल को ‘नकारा’ बताते हुए प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। बंगाली फिल्म ‘केउ बोले बिप्लोबी केउ बोले डाकात’ का टीजर आउट क्रांति और अपराध की उलझी कहानी विक्रमोत्सव मंच से प्रशासन पर हमला नवसंवत्सर के अवसर पर मानस भवन में आयोजित विक्रमोत्सव कार्यक्रम में विधायक मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने मंच से ही अधिकारियों पर निशाना साधते हुए कहा कि आप लोग कागजों में काम करते हैं, जमीन पर कुछ नजर नहीं आता। मध्य पूर्व तनाव का असर, भारतीय शेयर बाजार में सेंसेक्स 2% से अधिक गिरकर खुला गुनिया नदी प्रोजेक्ट को लेकर चेतावनी विधायक शाक्य ने गुनिया नदी के प्रस्तावित कार्य को लेकर अधिकारियों को आगाह किया। उन्होंने कहा कि यह काम आसान नहीं है और इसमें कई प्रभावशाली लोग अड़चन डाल सकते हैं। ऐसे में प्रशासन को सख्ती से कार्रवाई करनी चाहिए। इजरायल, मध्य पूर्व, रियाद बैठक, इस्लामिक देश, कतर, UAE, अंतरराष्ट्रीय कानून, सैन्य तनाव, वैश्विक राजनीति काम करो, तभी याद किए जाओगे अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि केवल बैठकों और कागजी कार्यवाही से कुछ नहीं होगा। उन्होंने अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि कुछ करके दिखाओ, तभी लोग आपको याद करेंगे। ASHOKNAGAR RAPE CASE: मां ने चुप कराया, सौतेले पिता ने रौंदा बचपन; अशोकनगर में दुष्कर्म के आरोपियों को 40 साल की सजा पुराने कलेक्टरों का दिया उदाहरण विधायक ने पुराने कलेक्टरों का उदाहरण देते हुए कहा कि जिन अधिकारियों ने अच्छा काम किया, उन्हें आज भी लोग याद करते हैं। उन्होंने वर्तमान प्रशासन को भी उसी दिशा में काम करने की सलाह दी। सोने-चांदी की कीमतों में दबाव, अमेरिकी फेड की नीति ने बनाया मार्केट चुनौतीपूर्ण SDM को लेकर विवादित टिप्पणी कार्यक्रम के दौरान विधायक ने SDM को लेकर भी विवादित टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि नवरात्रि में SDM दुर्गा स्वरूप बनकर तलवार लेकर निकलें, तो जिले में बदलाव दिखेगा। इस बयान के बाद माहौल और गरमा गया।

ASHOKNAGAR RAPE CASE: मां ने चुप कराया, सौतेले पिता ने रौंदा बचपन; अशोकनगर में दुष्कर्म के आरोपियों को 40 साल की सजा

MINOR GIRL RAPED

HIGHLIGHTS: • सौतेले पिता को 20 साल की कठोर कारावास • मां को भी 20 साल की सजा, आरोपी का साथ देने पर • 11 साल की बच्ची थाने पहुंची बदहवास हालत में • पहले भी दो बार दुष्कर्म, मां ने चुप रहने को कहा • खून साफ करने वाला तोलिया पुलिस ने जब्त किया ASHOKNAGAR RAPE CASE: अशोकनगर। जिले के शाढौरा थाना क्षेत्र में 2024 की एक दिल दहला देने वाली घटना ने न्यायालय को सख्त फैसला लेने पर मजबूर कर दिया। बता दें कि गुरुवार को विशेष अदालत ने 11 वर्षीय नाबालिग से बार-बार दुष्कर्म करने वाले सौतेले पिता को 20 साल की कठोर कारावास की सजा सुनाई। हैरानी की बात यह कि बच्ची की मां को भी आरोपी का साथ देने और उसे चुप कराने के लिए बराबर 20 साल की सजा दी गई। पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर मामले की जांच तेज हुई थी। अमेरिकी हमलों से कमजोर हुआ ईरान, लेकिन खतरा बरकरार: इंटेलिजेंस एजेंसियों की चेतावनी रात के अंधेरी में हुई दरिंदगी पुलिस के अनुसार, घटना 2024 की है। सुबह करीब 6 बजे 11 साल की बच्ची बदहवास हालत में शाढौरा थाने पहुंची। SI संध्या रघुवंशी से पूछताछ में उसने बताया कि मां को बहाना बनाकर मायके छोड़ दिया गया था। घर पर अकेली बच्ची रात में सो रही थी। सौतेले पिता ने उसे बुलाकर अपने पास लिटाया और क्रूरता से दुष्कर्म किया। बच्ची को ब्लीडिंग हुई, लेकिन आरोपी ने रात में कई बार यह अत्याचार दोहराया। मौका मिलते ही बच्ची घर से भागकर थाने पहुंच गई। उसने बताया कि पहले भी दो बार ऐसा हुआ था। चैत्र नवरात्रि में उज्जैन का हरसिद्धि मंदिर बनता है आस्था का महापर्व स्थल जहां पूरी होती हैं मन की हर मुराद मां ने किया गुमराह पुलिस ने POCSO एक्ट और दुष्कर्म की धाराओं में मामला दर्ज किया। मौके से खून साफ करने वाला तोलिया जब्त हुआ। मां को बयान के लिए बुलाया गया तो वह आरोपी को बचाने लगी और बच्ची पर दबाव बनाने की कोशिश करने लगी। बच्ची की दोबारा पूछताछ में खुलासा हुआ कि पहले के अत्याचार की जानकारी मां को थी, लेकिन उसने चुप रहने को कहा। इसी आधार पर मां को भी आरोपी बनाया गया। RBI ने दिया भरोसा, HDFC Bank की फाइनेंशियल हेल्थ मजबूत, ग्राहकों को घबराने की जरूरत नहीं रिश्तों की धज्जियां उड़ाने वालों को सख्त सजा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गजेंद्र सिंह कंवर, तत्कालीन थाना प्रभारी नरेंद्र त्रिपाठी और विवेचक संध्या रघुवंशी ने मामले की गहन जांच की। कोर्ट का फैसला समाज को संदेश देता है कि बच्चे की सुरक्षा में कोई समझौता नहीं किया जायेगा ।

BHND TOLL PLAZA PROTEST : नो रोड, नो टोल’ की गूंज: NH-719 पर बढ़ता विरोध, फांसी पर पुतला लटका कर किया प्रदर्शन

TOLL PLAZA PROTEST

HIGHLIGHTS: टोल विवाद को लेकर भिंड में प्रदर्शन तेज सरकार का पुतला फंदे पर लटकाकर जताया विरोध CCTV तोड़फोड़ मामले में FIR से बढ़ा तनाव सड़क हादसों में मौतों पर जनता में गुस्सा “नो रोड, नो टोल” की मांग फिर हुई तेज BHND TOLL PLAZA PROTEST: भिंड। नेशनल हाईवे-719 और बरैठा टोल प्लाजा को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। सोमवार को टोल प्लाजा पर हुए आंदोलन के दौरान CCTV कैमरे तोड़े जाने के मामले में BSP नेता सहित कई लोगों पर FIR दर्ज की गई, जिसके बाद विरोध और तेज हो गया है। ‘मूल्यों और सिद्धांतों के अनुरूप’-Keki Mistry ने संभाली HDFC Bank की कमान, RBI की मंजूरी कोतवाली के सामने जारी अनिश्चितकालीन धरना पिछले दो दिनों से शहर के कोतवाली थाने के सामने समाजसेवियों का अनिश्चितकालीन धरना जारी है। बता दें कि बड़ी संख्या में लोग इसमें शामिल होकर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी कर रहे हैं और अपनी मांगों को लेकर डटे हुए हैं। पावर सेक्टर में बड़ी उपलब्धि, भारत की क्षमता 520 GW पार; बिजली संकट हुआ कम पुतला फांसी पर लटकाकर जताया विरोध गुरुवार को प्रदर्शनकारियों ने अनोखे तरीके से विरोध दर्ज करते हुए सरकार का प्रतीकात्मक पुतला बनाकर उसे फांसी के फंदे पर लटका दिया। उनका कहना है कि यह “अंधी सरकार” है, जिसे जनता की समस्याएं दिखाई नहीं देतीं। टेक्नोलॉजी की मार! HSBC में हजारों कर्मचारियों पर संकट, AI से बढ़ी चिंता सड़क हादसों और अवैध वसूली के आरोप प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि हाईवे पर लगातार सड़क हादसों में लोगों की जान जा रही है, लेकिन सरकार इस ओर कोई ठोस कदम नहीं उठा रही। साथ ही टोल प्लाजा पर अवैध वसूली का भी आरोप लगाया गया है। उनका दावा है कि टोल का कार्यकाल 2025 में खत्म होने के बावजूद 2028 तक बढ़ा दिया गया है। ग्लोबल तनाव का असर: शेयर बाजार में भारी गिरावट, सेंसेक्स लुढ़का और निवेशकों को बड़ा झटका झूठी FIR का लगाया आरोप आंदोलनकारियों का कहना है कि जब भी वे अपनी मांगों को लेकर विरोध करते हैं, तो उनके खिलाफ झूठी FIR दर्ज कर दी जाती है। इससे लोगों में नाराजगी और बढ़ती जा रही है। ग्लोबल तनाव का असर: शेयर बाजार में भारी गिरावट, सेंसेक्स लुढ़का और निवेशकों को बड़ा झटका सिर मुंडन कर किया विरोध, आंदोलन जारी इधर, श्रीराम सेना के जिला अध्यक्ष रोमी चौहान ने सिर मुंडन कर सरकार का पिंडदान किया और अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए हैं। उन्होंने कहा कि जब तक मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होगी, आंदोलन जारी रहेगा।

SUPREME COURT ORDER : MP कांग्रेस को राहत: मुकेश मल्होत्रा विधायक बने रहेंगे, SC ने ग्वालियर HC के आदेश पर लगाया स्टे

SUPREME COURT

HIGHLIGHTS: • सुप्रीम कोर्ट ने 23 जुलाई तक स्टे दे दिया • विवेक तन्खा ने की पैरवी • हाईकोर्ट ने 9 मार्च को चुनाव रद्द किया था • चुनावी हलफनामे में आपराधिक मामले छुपाने का आरोप • राहत के बावजूद वोटिंग और सैलरी पर रोक SUPREME COURT ORDER : ग्वालियर । मध्यप्रदेश के बहुचर्चित कांग्रेस विधायक मुकेश मल्होत्रा को सोमवार को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिल गई। कोर्ट ने उनके चुनाव को रद्द करने वाले ग्वालियर हाईकोर्ट के फैसले पर अगली सुनवाई तक रोक लगा दी है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 23 जुलाई को होगी। ग्वालियर में तानसेन होटल तिराहा पर तेल फैलने से बाइक सवार घायल, ट्रैफिक बाधित वरिष्ठ वकील और राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा ने मुकेश मल्होत्रा की ओर से सुप्रीम कोर्ट में पैरवी की। जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस केवी विश्वनाथन की बेंच ने याचिका पर सुनवाई करते हुए अंतरिम राहत दे दी। किसानों के खाते में बड़ी राहत, PM-Kisan Yojana की कुल राशि 4.27 लाख करोड़ के पार हाईकोर्ट ने क्या किया था? 9 मार्च 2025 को ग्वालियर हाईकोर्ट ने चुनावी हलफनामे में आपराधिक मामले छुपाने के आरोप में मुकेश मल्होत्रा का चुनाव शून्य घोषित कर दिया था। कोर्ट ने उन्हें सुप्रीम कोर्ट जाने के लिए 15 दिन का समय भी दिया था। इसी फैसले को चुनौती देते हुए उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था। डीपफेक के खिलाफ सख्त कदम, Gautam Gambhir ने Delhi High Court में लगाई गुहार राहत के साथ लगे प्रतिबंध सुप्रीम कोर्ट से राहत मिलने के बावजूद मुकेश मल्होत्रा पर कुछ शर्तें लागू रहेंगी। वे राज्यसभा चुनाव में वोट नहीं डाल सकेंगे, उन्हें विधायक मानदेय नहीं मिलेगा। हालांकि वे विधानसभा की कार्यवाही में पूरी तरह शामिल हो सकेंगे।  

GWALIOR NAGAR NIGAM: ग्वालियर में बड़ा बदलाव; अब सरकारी दफ्तर भी देंगे सेवा शुल्क,नगर निगम का बड़ा रेवेन्यू प्लान शुरू

NAGAR NIGAM

HIGHLIGHTS: सरकारी भवनों से भी अब सेवा शुल्क वसूली नगर निगम को 300 करोड़ वसूली की उम्मीद 410 करोड़ का कुल बकाया सामने आया अधिकारियों पर कार्रवाई और नोटिस जारी 30 मार्च तक विशेष अभियान जारी GWALIOR NAGAR NIGAM: मध्यप्रदेश। ग्वालियर में नगर निगम ने अपनी आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए बड़ा फैसला लिया है। बता दें कि अब कलेक्ट्रेट, पुलिस अधीक्षक कार्यालय समेत सभी सरकारी भवनों से भी सेवा शुल्क वसूला जाएगा। यह कदम नगर निगम के लिए करीब 300 करोड़ रुपए की वसूली का रास्ता खोल सकता है। नवरात्र में मां दुर्गा को अर्पित करें यह लाल फल, मिलेगा सुख समृद्धि और सेहत का आशीर्वाद आर्थिक तंगी से जूझ रहे निगम को मिलेगी राहत ग्वालियर नगर निगम लंबे समय से वित्तीय संकट का सामना कर रहा है। शहर में पानी, सफाई और स्ट्रीट लाइट जैसी मूलभूत सुविधाओं पर भारी खर्च होता है, लेकिन पर्याप्त राजस्व नहीं मिलने से विकास कार्य प्रभावित हो रहे थे। इसके चलते अब सरकारी संस्थानों को भी निजी संस्थानों की तरह शुल्क देना होगा। सलकनपुर में चैत्र नवरात्रि की धूम, मां विजयासन देवी मंदिर सज-धज कर स्वागत को तैयार सुप्रीम कोर्ट के फैसले से मिला आधार इस निर्णय की नींव सुप्रीम कोर्ट के 2009 के फैसले पर रखी गई है, जिसमें नगरीय निकायों को सरकारी संपत्तियों से भी सेवा शुल्क वसूलने का अधिकार दिया गया था। नियमों के अनुसार 33% से 75% तक शुल्क तय किया जा सकता है। मराठा आरक्षण पर फिर गरमाई राजनीति मुंबई मार्च की तैयारी साथ ही मालाड जमीन आवंटन पर 300 करोड़ से ज्यादा बकाया, सख्ती शुरू नगर निगम की जांच में सामने आया है कि करीब 410 करोड़ रुपए बकाया हैं, जिसमें 300 करोड़ सिर्फ सरकारी विभागों पर लंबित हैं। वसूली के लिए सख्त कदम उठाए जा रहे हैं, जिसमें अधिकारियों पर कार्रवाई और नोटिस शामिल हैं। शेयर बाजार में बुल्स का दबदबा जारी, सेंसेक्स लगातार तीसरे दिन मजबूती के साथ बढ़ा 30 मार्च तक चलेगा विशेष अभियान अपर आयुक्त प्रदीप तोमर के अनुसार 30 मार्च तक विशेष अभियान चलाया जा रहा है। टीमों को मैदान में उतार दिया गया है और रोजाना कार्रवाई की जा रही है।