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MP: 11 साल की बेटी से रेप करता रहा बाप… मां डालती रही पर्दा…. कोर्ट ने सुनाई 20-20 साल की सजा

अशोक नगर। मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) की जिला अदालत (District Court) ने एक मां-बाप को 20-20 साल कठोर कारावास की सजा सुनाई गई है। पिता नाबालिग बेटी (Minor Daughter) से लगातार रेप कर रहा था और इस घिनौने काम में उसकी पत्नी यानी नाबालिग की मां उसका साथ दे रही थी। मां लगातार दबाव बना रही है कि वह केस वापस ले-ले। न्यायालय में कह दे कि ऐसा कुछ नहीं हुआ है। मध्य प्रदेश के अशोक नगर जिले (Ashok Nagar district) में एक बाप अपनी 11 साल की नाबालिग बेटी से लगातार रेप करता है और उसकी मां बेटी की हिफाजत करने के बताए पति के गुनाहों पर लगातार पर्दा डालने का काम करती है। बेटी हिम्मत वाली निकली और एक दिन थाने पहुंच गई। वह पूछने लगी कि टीआई साहब कौन हैं। मुझे उनसे ही बात करना है। महिला सब इंस्पेक्टर ने उसकी बात सुनी तो वह दंग रह गई। बेटी ने बताया कि उसका सौतेला पिता उसके साथ रेप करता है। जब उसने मां को यह बात बताई तो वह पिता का ही साथ दे रही थी। उल्टा उसे डांट फटकार कर मुंह बंदा करा रही थी। डीएनए टेस्ट से स्पष्ट हुआ मामलाजिले के शाढ़ौरा थाना क्षेत्र में 2024 में की गई नाबालिग की शिकायत को पुलिस ने बहुत गंभीरता से लिया। पुलिस ने तत्काल आरोपी पिता को गिरफ्तार किया और घर से सबूत एकत्रित किए। पुलिस ने नाबालिग का मेडिकल कराया और पिता के उपयोग किए कपड़े तौलिया आदि की फॉरेंसिक जांच कराई तो लड़की का मेडिकल और पिता के कपड़ों व तौलिया से मिले डीएनए से स्पष्ट हो गया कि बाप ही बेटी के साथ रेप कर रहा था। नाबालिग से मां के बारे में भी बतायापुलिस ने पिता के खिलाफ न्यायालय में प्रकरण पेश किया। इसके बाद उसकी पत्नी यानी पीड़िता की मां उसकी जमानत के लिए प्रयास करने लगी। वह बार-बार पुलिस को आवेदन देकर बता रही थी कि ऐसा कुछ भी नहीं है, उसका पति बेगुनाह है। महिला की इस तरह की हरकतों से पुलिस को उस पर भी शक हुआ। नाबालिग से मां के बारे में पूछा तो उसने बताया कि मां लगातार दबाव बना रही है कि वह केस वापस ले-ले। न्यायालय में कह दे कि ऐसा कुछ नहीं हुआ है। पिता को रोकने के बजाए उसे ही डांटती थीनाबालिग ने पुलिस को बताया कि मां से जब भी बोलती कि पापा ऐसा करते हैं तो वह उन्हें रोकने के बजाए उसे ही डांटती थी। शाढ़ौरा थाने के तत्कालीन थाना प्रभारी नरेंद्र ने बताया कि जब पिता को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई तो वह दूसरी कहानी बनाने लगा। उसने बेटी की उम्र 17 साल बताई। साथ ही कहा कि उसका किसी लड़के से अफेयर है, जिसके साथ वह फिजिकल रिलेशन बनाती है। इसके बाद उस लड़के को बुलाकर पूछा गया तो लड़के ने बताया कि उसका लड़की के साथ इस तरह का कोई संबंध नहीं है। उसकी उम्र भी 11 साल है। इस पर पिता पर शक गहरा गया। पुख्ता सबूत मिले तो पिता को आरोपी बना लिया गया। दोनों को 20-20 साल का कठोर कारावासपुलिस मुख्यालय का निर्देश है कि महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों में किसी को सजा हो तो उसका अच्छे से प्रचार प्रसार किया जाए, ताकि अन्य अपराधों में भी लोग सामने आएं और आरोपियों को पकड़ने में पुलिस की मदद करें। इस घटनाक्रम में पुलिस ने तत्काल कार्रवाई की और मजबूत केस बनाया, जिससे आरोपी पिता और उसका साथ देने वाली आरोपी मां दोनों को 20-20 साल की कठोर कारावास की सजा मिली है।

IPL 2026 में शामिल होने से पहले श्रीलंकाई खिलाड़ियों का फिटनेस टेस्ट अनिवार्य: रिपोर्ट

नई दिल्ली। IPL 2026 के आगाज से पहले श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड ने अपने खिलाड़ियों के लिए एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है। बोर्ड ने तय किया है कि जो श्रीलंकाई खिलाड़ी IPL 2026 में हिस्सा लेने जा रहे हैं, उन्हें एनओसीआई (अनापत्ति प्रमाण पत्र) जारी करने से पहले जरूरी फिटनेस टेस्ट पास करना होगा। IPL का सीजन 28 मार्च से शुरू होने वाला है। इस टेस्ट की जरूरत इसलिए महसूस की गई क्योंकि अलग-अलग फ्रेंचाइजी द्वारा चुने गए श्रीलंकाई खिलाड़ी हाल ही में चोटों से उबर रहे हैं। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि केवल वही खिलाड़ी IPL में खेल पाएंगे, जो तय फिटनेस मानकों को पूरा करेंगे। रिपोर्ट के अनुसार यह टेस्ट अगले हफ्ते की शुरुआत में कोलंबो में आयोजित किया जाएगा। प्रमुख खिलाड़ियों में से प्रत्येक फिटनेस टेस्ट होना है, जिनमें गेंदबाज मथीशा पथिराना (कोलकाता नाइट राइडर्स), अनुभवी स्पिनर वानिंदु हसरंगा (लखनऊ सुपर जायंट्स), बाएं हाथ के तेज गेंदबाज ईशान मलिंगा (सनराइजर्स हैदराबाद) और नुवान तुषारा (रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु) शामिल हैं। इसके अलावा दुष्मंथा चमीरा और पथुम निसांका (दोनों दिल्ली कैपिटल्स) और कामिंदु मेंडिस (सनराइजर्स हैदराबाद) भी इस टेस्ट के लिए लिस्टेड हैं। कुल मिलाकर, 7 श्रीलंकाई खिलाड़ी इस सीजन के लिए चुनते हैं। कई आईपीएल फ्रेंचाइजी अधिकारियों ने ‘क्रिकबज’ को बताया कि श्रीलंकाई खिलाड़ियों के फिटनेस टेस्ट पूरे होने के बाद ही उन्हें अंतिम पुष्टि और खिलाड़ी की स्थिति के बारे में जानकारी मिलेगी। श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड ने सोमवार और मंगलवार को टेस्ट आयोजित करने का फैसला लिया है। इस फिटनेस टेस्ट की जरूरत इसलिए भी अहम है क्योंकि इन खिलाड़ियों ने हाल ही में खत्म हुए ICC T20 विश्व कप 2026 में चोट की वजह से पूरी तरह या आंशिक रूप से हिस्सा नहीं लिया था। उदाहरण के लिए, हसरंगा 8 फरवरी से टीम से बाहर थे। आयरलैंड के खिलाफ मैच के दौरान उनके बाएं पैर की हैमस्ट्रिंग में खिंचाव आया था। वहीं, पथिराना तीन मैचों के बाद चोट के कारण टूर्नामेंट से बाहर हो गए थे। चोट के कारण श्रीलंका की टीम सुपर-8 स्टेज से आगे नहीं बढ़। हालांकि, ग्रुप स्टेज में टीम ने अच्छा प्रदर्शन किया था और 2021 की चैंपियन ऑस्ट्रेलिया को हराने में कामयाबी हासिल की थी। लेकिन मुख्य खिलाड़ियों की अनुपस्थिति ने टीम की मजबूत स्थिति को प्रभावित किया। इस टेस्ट के परिणाम से यह स्पष्ट होगा कि श्रीलंका के प्रमुख खिलाड़ी आईपीएल 2026 के शुरुआती मैचों के लिए उपलब्ध होंगे या नहीं। फ्रेंचाइजी और फैंस दोनों ही इस टेस्ट की ओर ध्यान लगाए हुए हैं, क्योंकि इन खिलाड़ियों की फिटनेस सीधे टीम की रणनीति और प्रदर्शन पर असर डाल सकती है। इस बार आईपीएल में श्रीलंकाई खिलाड़ियों की भूमिका अहम मानी जा रही है। चोट से उबरकर मैदान में लौटना उनके लिए चुनौतियां रहेंगी, लेकिन फिटनेस टेस्ट के बाद यह तय होगा कि कौन खिलाड़ी पूरी क्षमता के साथ टीम का हिस्सा बन सकता है।

New इनकम टैक्स एक्ट.. बायबैक से लेकर HRA तक… 1st April से बदल जाएंगे ये 8 बड़े नियम

नई दिल्ली। केंद्रीय वित्त मंत्रालय (Union Finance Ministry) ने 20 मार्च 2026 को इनकम टैक्स नियम-2026 (New Income-Tax Rules 2026) के ड्राफ्ट को ई-गजट में नोटिफाई (Notified in e-Gazette) और पब्लिश कर दिया है। 1 अप्रैल 2026 से यह इनकम टैक्स एक्ट लागू हो जाएगा। नया नियम 1961 के नियमावली की जगह लेगा। आइए जानते हैं कि 1 अप्रैल से क्या कुछ बदल रहा है? 1-HRA में हो रहा है बड़ा बदलावआयकर नियम वेतनभोगी करदाताओं पर लागू होने वाले एचआरए (HRA) छूट के लिए प्रस्तावित ढांचे को बरकरार रखते हैं। नए नियमों के तहत आठ शहर – मुंबई, कोलकाता, दिल्ली, चेन्नई, हैदराबाद, पुणे, अहमदाबाद और बेंगलुरु – वेतन के 50 प्रतिशत की उच्च छूट सीमा के लिए पात्र होंगे। पहले इस दायरे में मात्र तीन ही शहर थे। अन्य सभी स्थान पर छूट की सीमा 40 प्रतिशत पर बनी रहेगी। बता दें, यह छूट ओल्ड टैक्स रिजीम के तहत ही मिलेगी। 2- बच्चों की शिक्षा से जुड़े खर्चबच्चों की शिक्षा पर मिलने वाले प्रति माह छूट को 100 रुपये से बढ़ाकर 3000 रुपये कर दिया गया है। वहीं, एक बच्चे पर हॉस्टल खर्च को भी 300 रुपये से बढ़ाकर 9000 रुपये प्रति माह कर दिया गया है। यह छूट भी ओल्ड टैक्स रिजीम के तहत मिलेगी। 3- कॉरपोरेट/कंपनी की गाड़ीऑफिस कार्य या व्यक्तिगत कार्य के लिए कंपनी की तरफ से मिली 1.6 लीटर के इंजन वाली कार पर 8000 रुपये प्रति माह टैक्स लगेगा। वहीं, 1.6 लीटर इंजन से अधिक के वाहनों पर 10,000 महीने का टैक्स लगेगा। यह नियम नए और पुराने दोनों टैक्स कानून में है। 4- मील कार्ड्सनए नियमों में मील कार्ड्स की लिमिट को भी 50 रुपये से बढ़ाकर 200 रुपये कर दिया गया है। अब 200 रुपये तक के कॉरपोरेट मील कार्ड्स कोई टैक्स नहीं लगेगा। हालांकि, यह छूट ओल्ड टैक्स रिजीम में ही है। 5- कूपन और गिफ्ट कार्ड्सओल्ड टैक्स रिजीम के तहत प्रत्येक वर्ष 15000 रुपये तक के कॉरपोरेट गिफ्ट्स कार्ड्स, गिफ्ट सर्टीफिकेट और कूपंस पर छूट मिलेगी। 6- सेक्टर भत्ताकिसी भी ट्रांसपोर्ट सिस्टम में काम करने वाले कर्मचारियों को मिलने वाले भत्ते की लिमिट को 10,000 रुपये या भत्ते का 70 प्रतिशत से बढ़ाकर 25000 रुपये या भत्ते का 70 प्रतिशत कर दिया गया है। 7- सिक्योरिटी ट्रांजैक्शन टैक्स में इजाफाफ्यूचर्स पर एसटीटी को 0.02 प्रतिशत से बढ़ाकर 0.05 प्रतिशत कर दिया गया है। वहीं, ऑप्शंस ट्रांजैक्शन पर 0.1 प्रतिशत बढ़ाकर 0.15 प्रतिशत कर दिया गया है। यह टैक्स हर एक खरीद और बिक्री पर लागू होगा। 8- बायबैक पर लगेगा टैक्सबायबैक के जरिए मिले हर एक राशि पर टैक्स 1 अप्रैल 2026 से लगेगा। अगले महीने की पहली तारीख से कॉरपोरेट प्रमोटर्स को ‘differential buyback tax’ के तहत 22 प्रतिशत और नॉन कॉरपोरेट प्रमोटर्स को 30 प्रतिशत टैक्स देना होगा।

महिला क्रिकेट की नई स्टार, फैनी उटागुशिमानिंदे ने टी20 शतक से बनाया रिकॉर्ड

नई दिल्ली। रवांडा की युवा क्रिकेट स्टार फैनी उटागुशिमानिंदे ने महिला टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में इतिहास रच दिया है। उन्होंने नाइजीरिया इनविटेशनल महिला टी20 इंटरनेशनल टूर्नामेंट में अपने टी20 डेब्यू मैच में ही शतक लगाकर एक नया रिकॉर्ड बनाया। फैनी ने 65 गेंदों में 111 रनों की नाबाद पारी खेली, जिससे वह टी20 इंटरनेशनल में शतक लगाने वाली सबसे युवा महिला खिलाड़ी बन गई हैं। फैनी की उम्र महज 15 साल और 223 दिन थी जब उन्होंने यह उपलब्धि हासिल की। ​​इससे पहले टी20 इंटरनेशनल डेब्यू पर सबसे ज्यादा व्यक्तिगत स्कोर का रिकॉर्ड ऑस्ट्रेलिया की कैरन रोल्टन के नाम था। उन्होंने 2005 में टॉन्टन में इंग्लैंड के खिलाफ 96 रन (नाबाद) बनाए थे। सबसे कम उम्र में शतक लगाने का रिकॉर्ड पहले युगांडा की प्रोस्कोविया अलाको के नाम था। उन्होंने 2019 में किगाली में माली के खिलाफ 116 रन बनाए थे, तब उनकी उम्र 16 साल और 233 दिन थी। फैनी ने यह रिकॉर्ड भी तोड़ते हुए महिला टी20 क्रिकेट में नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। पुरुष टी20 क्रिकेट में अपने इंटरनेशनल डेब्यू पर शतक बनाने वाले चार बल्लेबाजों में से कोई भी फुल मेंबर टीम का खिलाड़ी नहीं है। कनाडा के मैथ्यू स्पोर्स ने 2022 में फिलीपींस के खिलाफ 108 रन बनाकर नाबाद रहते हुए डेब्यू शतक लगाया था। वहीं, फ्रांस के गुस्ताव मैककॉन टी20 इंटरनेशनल में शतक बनाने वाले सबसे कम उम्र के पुरुष खिलाड़ी हैं। उन्होंने 18 साल और 280 दिन की उम्र में यह उपलब्धि हासिल की थी। फैनी उटागुशिमानिंदे के शतक की मदद से रवांडा ने 3 विकेट के नुकसान पर 210 रन बनाए। उनके अलावा रवांडा की तरफ से मर्वेल उवासे ने 19 गेंदों में 32 रन बनाकर नाबाद रही। इस पारी के दौरान गांगुली की गेंदबाजों ने 28 अतिरिक्त रन दिए, जिसमें 25 वाइड शामिल थे। रवांडा के बनाए 211 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए बीकानेर की टीम मुश्किल में नजर आई। उन्होंने 20 ओवर में 8 विकेट खोकर केवल 88 रन बनाए। टीम ने लगातार विकेट गंवाए और कोई भी बल्लेबाज क्रीज पर लंबे समय तक टिक नहीं सका। अंततः रवांडा ने यह मुकाबला 122 रन से जीत लिया। इस प्रदर्शन के बाद फैनी उटागुशिमानिंदे क्रिकेट जगत में चर्चा का विषय बन गई हैं। उनके शतक ने न केवल रवांडा की जीत में अहम भूमिका निभाई, बल्कि महिला क्रिकेट में युवाओं के लिए प्रेरणा भी दी है। फैनी के इस प्रदर्शन से यह साफ हो गया कि छोटे देशों से भी युवा खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी छाप छोड़ सकते हैं। टी20 इंटरनेशनल डेब्यू पर शतक लगाने की यह उपलब्धि यह साबित करती है कि फैनी के पास बल्लेबाजी के लिए अद्वितीय कौशल और मानसिक उन्नयन है। भविष्य में महिला क्रिकेट में फैनी और रवांडा टीम के लिए और भी बड़ी उपलब्धियां संभव हैं।

लाहौर की गलियों में 'धुरंधर 2' की धूम: सरहद पार चोरी-छिपे देखी जा रही आदित्य धर की फिल्म, सोशल मीडिया पर छिड़ी भारत-पाक की 'डिजिटल जंग'

नई दिल्ली: भारतीय सिनेमा का जादू एक बार फिर सरहदें लांघकर पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान में हलचल मचा रहा है। आदित्य धर के निर्देशन में बनी और रणवीर सिंह स्टारर फिल्म धुरंधर 2: द रिवेंज ने रिलीज होते ही बॉक्स ऑफिस पर सफलता के झंडे गाड़ दिए हैं। भारत में जहां फिल्म ने पहले ही दिन 145 करोड़ रुपये का नेट कलेक्शन कर इतिहास रचा है, वहीं पाकिस्तान में इस फिल्म को लेकर एक अजीबोगरीब बेचैनी और जबरदस्त दीवानगी का मिला-जुला माहौल देखने को मिल रहा है। गौरतलब है कि फिल्म के पहले भाग की तरह इसके दूसरे पार्ट “द रिवेंज” को भी पाकिस्तान में आधिकारिक रूप से प्रतिबंधित (बैन) किया गया है। लेकिन पाबंदियों की बेड़ियाँ इस फिल्म के क्रेज को रोकने में नाकाम साबित हो रही हैं। सोशल मीडिया पर इन दिनों एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें लाहौर के एक जर्नलिस्ट अपने घर के टीवी पर फिल्म का पाइरेटेड वर्जन देखते नजर आ रहे हैं। खालिद महमूद खालिद नामक हैंडल से शेयर की गई इस क्लिप ने इंटरनेट पर बहस छेड़ दी है। वीडियो में फिल्म के शुरुआती दृश्य साफ देखे जा सकते हैं, जिससे यह स्पष्ट होता है कि फिल्म रिलीज होते ही पाइरेसी के जरिए पाकिस्तान के ड्राइंग रूम तक पहुँच चुकी है। इस घटनाक्रम पर भारतीय यूजर्स ने अपने चिर-परिचित अंदाज में मजे लेना शुरू कर दिया है। सोशल मीडिया पर कमेंट्स की बाढ़ आ गई है। एक यूजर ने जर्नलिस्ट के टीवी की स्क्रीन पर दिख रहे क्रैक को निशाना बनाते हुए लिखा,टीवी की स्क्रीन थोड़ी टूटी लग रही है, शायद भाई साहब ने हाल ही में कोई T20 वर्ल्ड कप का मैच देख लिया है। वहीं एक अन्य यूजर ने तंज कसते हुए कहा कि ब्रह्मोस मिसाइल की तरह अब धुरंधर भी पाकिस्तान के लिए फ्री हो गई है। कुछ लोगों ने इसे खुलेआम पाइरेसी करार दिया, तो कुछ ने इसे भारतीय सिनेमा के प्रति पाकिस्तानियों के मजबूर प्यार का नाम दिया। पाकिस्तान के बाजारों का हाल भी कुछ अलग नहीं है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, वहां की गलियों में धुरंधर 2 की पाइरेटेड सीडी धड़ल्ले से बिक रही हैं। पिछले भाग के समय भी एक न्यूजीलैंड के यूट्यूबर ने वहां के सीडी मार्केट का हाल दिखाया था, जहाँ धुरंधर की सीडी महज 50 रुपये में बिक रही थी। इस बार भी स्थिति वैसी ही है। हालांकि, पाकिस्तान की तरफ से भी कुछ प्रतिक्रियाएं आई हैं, जहाँ एक यूजर ने लिखा कि तनाव के बावजूद हमें मनोरंजन चाहिए और भारतीय कंटेंट से बेहतर और क्या हो सकता है। धुरंधर: द रिवेंज, जिसकी टैगलाइन “हौसला ईंधन, बदला” है, में रणवीर सिंह के साथ सारा अर्जुन, अर्जुन रामपाल और राकेश बेदी मुख्य भूमिकाओं में हैं। फिल्म का दमदार स्क्रीनप्ले और हाई-ऑक्टेन एक्शन दर्शकों को बांधे हुए है। पाकिस्तान में इस फिल्म को लेकर मची यह पाइरेटेड खलबली यह साबित करती है कि कला और सिनेमा को सरहदों और प्रतिबंधों में कैद करना नामुमकिन है, भले ही इसके लिए वहां के दर्शक अवैध रास्तों का ही सहारा क्यों न ले रहे हों

फिल्म ‘सरके चुनर’ के विवादित मामले में राइटर का बयान, डायरेक्टर को सतर्क किया

नई दिल्ली।  नोरा फतेही और संजय दत्त के गाने ‘सरके चुनर सरके’ के हिंदी वर्जन पर काफी बवाल मचा था। इस गाने के बोल काफी अश्लील थे। गाने पर मचे बवाल के बाद सरकार की तरफ से गाने को बैन कर दिया गया और इस गाने को यूट्यूब से भी हटा लिया गया है। गाने पर मचे बवाल के बाद नोरा फतेही और गाने के गीतकार रकीब आलम ने अपने आप को गाने से अलग कर लिया था। अब रकीब आलम का कहना है कि उन्होंने फिल्म के डायरेक्टर को इस गाने को लेकर चेतावनी दी थी। गाने के राइटर नहीं करना चाहते थे अनुवाद‘सरके चुनर सरके’ संजय दत्त की साउथ फिल्म ‘केडी: द डेविल’ फिल्म का गाना था। इस गाने को साउथ की भाषा से हिंदी में ट्रान्सलेट किया गया था। गाने के राइटर रकीब आलम ने टाइम्स नाउ से खास बातचीत में कहा कि वो नहीं चाहते थे गाने को हिंदी में ट्रान्सलेट करना, लेकिन केडी के डायरेक्टर ने कहा कि उन्हें गाने का ट्रान्सलेशन ही चाहिए। रकीब आलम ने कहा कि उन्हें सरके चुनर सरके के बोल पसंद नहीं आए थे। उन्होंने कहा कि उन्होंने डायरेक्टर से कहा था कि अगर गाना रिलीज होगा तो बहुत हंगामा होगा। उन्होंने कहा कि उन्होंने डायरेक्टर से कहा था कि वो वही लिरिक्स लिखेंगे जो उनकी छवि को सूट करे। लेकिन केडी के डायरेक्टर ने रकीब से कहा कि वो इस गाने का शब्द-दर-शब्द हिंदी में अनुवाद चाहते हैं। गाने का दूसरा वर्जन भी लिखा गया थारकीब ने कहा कि उन्होंने केडी के डायरेक्टर से कहा, “तो मैंने कहा कि ये लिरिक्स नहीं हैं, ये अनुवाद है, आप किसी और से अनुवाद करा सकते हैं। उन्होंने कहा कि आपने गाना लिखा है, तो मैं किसी और से कैसे छठा गाना लिखने को कह सकता हूं? मैंने कहा कि मैं इसे अपने तरीके से लिखूंगा। मैंने एक वर्जन लिखकर उन्हें भेजा भी था। उन्होंने कहा कि उन्हें लिरिक्स का लाइन बाय लाइन और शब्द-दर-शब्द अनुवाद चाहिए। मैंने कहा मैं नहीं करूंगा। आप किसी और से कह दें इसे लिखने के लिए।” डायरेक्टर को दी थी चेतावनीगीतकार ने आगे कहा कि उन्होंने फिल्म के डायरेक्टर को चेतावनी दी थी। उन्होंने कहा, “मैंने ये भी कहा कि ये गाना चलेगा नहीं। बहुत ही हंगामा होगा। इसके बहुत बुरे परिणाम होंगे। तो उन्होंने कहा कि वो मैनेज कर लेंगे और उन्होंने मुझसे चिंता न करने के लिए कहा।” 5 भाषाओं में रिलीज होगी फिल्मकेडी-द डेविल की बात करें तो फिल्म को डायरेक्टर प्रेम ने डायरेक्ट किया है। ये फिल्म कन्नड़, मलयालम, तमिल, तेलुगु और हिंदी भाषा में रिलीज होगी। फिल्म 30 अप्रैल को सिनेमाघरों में रिलीज होगी।

आईपीएल के एक सीजन में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज, टॉप लिस्ट में हर्षल पटेल का नाम भी शामिल

नई दिल्ली: इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) का 19वां सीजन 28 मार्च 2026 से शुरू होने जा रहा है। आईपीएल के इतिहास में कुछ गेंदबाजों ने एक सीजन में अपने बेहतरीन प्रदर्शन से रिकॉर्ड बनाए हैं। इनमें से सबसे चर्चित नाम है हर्षल पटेल, जिन्होंने आईपीएल 2021 में 32 विकेट लेकर सबसे ज्यादा विकेट लेने का रिकॉर्ड बनाया। हर्शल पटेल ने उस साल रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) की ओर से खेलते हुए 15 मैचों में कुल 32 विकेट झटके थे। इस दौरान उन्होंने एक मैच में 5 विकेट लेने का कारनामा भी किया था, जो उनके फॉर्म और स्ट्राइक की क्षमता को दिखाता है। हर्षल की इस उपलब्धि ने उन्हें आईपीएल के शीर्ष गेंदबाजों में शामिल कर दिया। दवेन ब्रावो, चेन्नई सुपर किंग्स के दिग्गज ऑलराउंडर, आईपीएल 2013 में हर्षल पटेल के बराबर 32 विकेट निकाल चुके हैं। ब्रावो ने 18 मैचों में सिर्फ 7.95 की इकोनॉमी से रन खर्च किए थे। उनकी लगातार प्रभावशाली गेंदबाजी ने चेन्नई सुपर किंग्स को फाइनल तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई थी, हालांकि फाइनल में मुंबई इंडियंस ने जीत हासिल की। कगिसो रबाडा ने भी आईपीएल में शानदार प्रदर्शन किया। दिल्ली कैपिटल्स की ओर से खेलते हुए रबाडा ने आईपीएल 2020 में 17 मैचों में कुल 30 विकेट लिए। इस सीजन में उन्होंने दो मैचों में 4 विकेट लेने का कारनामा किया, जो उनकी घातक गति और विकेट लेने की आदत को बरकरार है। लसिथ मलिंगा, मुंबई इंडियंस के लेग स्पिनर, आईपीएल 2011 में अपने बेस्ट फॉर्म में थे। उन्होंने 16 मैचों में 28 विकेट झटके। इस सीजन का उनका बेस्ट प्रदर्शन था, जब उन्होंने 13 रन देकर 5 विकेट लिए थे। मलिंगा की यॉर्कर क्षमता और अनुभव ने उन्हें आईपीएल के सबसे खतरनाक गेंदबाजों में शामिल कर दिया। जेम्स फॉकनेर, राजस्थान रॉयल्स की तरफ से आईपीएल 2013 में खेलते हुए भी 28 विकेट लेने में सफल रहे। उन्होंने 16 मैचों में 6.75 की बेहतरीन इकोनॉमी से रन खर्च किए। फॉकनेर की निरंतरता और किफायती गेंदबाजी ने राजस्थान रॉयल्स के प्रदर्शन को बढ़ाया। हाल ही में मोहम्मद शमी ने IPL 2023 में गुजरात टाइटंस के लिए धमाकेदार प्रदर्शन किया। भारतीय तेज गेंदबाज ने 17 मैचों में कुल 28 विकेट झटके। शमी की गति और बल्लेबाजों को दबाव में डालने की क्षमता ने उन्हें इस लिस्ट में शामिल किया। IPL के इन रिकॉर्डधारी गेंदबाजों की उपलब्धियों से यह स्पष्ट होता है कि एक सीजन में विकेट लेने की चुनौती केवल गति और कौशल नहीं बल्कि रणनीति, अनुभव और मानसिक तैयारी पर भी निर्भर करती है। हर्षल पटेल, ड्वेन ब्रावो, रबाडा, मलिंगा, फॉकनेर और शमी जैसे गेंदबाजों ने साबित किया कि IPL में निरंतरता बनाए रखना और दबाव में प्रदर्शन करना ही उन्हें सर्वश्रेष्ठ बनाता है। IPL 2026 में भी दर्शकों इन गेंदबाजों के रिकॉर्ड को तोड़ने और नए सितारे उभरने की उम्मीद कर रहे हैं। हर्षल पटेल का नाम अब भी टॉप में दर्ज है, लेकिन नए सीजन में कौन सी टीम और कौन सा गेंदबाज नई उपलब्धि बनाएगा, यह देखने वाली बात होगी।

वनडे सीरीज तय, आयरलैंड ने अफगानिस्तान के खिलाफ 5 मैचों की मेजबानी करने का फैसला किया

नई दिल्ली: क्रिकेट आयरलैंड ने अफगानिस्तान क्रिकेट टीम के साथ वनडे सीरीज आयोजित करने का फैसला किया है, जो 5 से 14 अगस्त 2026 के बीच खेले जाएंगे। इस फैसले ने कई लोगों के मन में सवाल उठाए हैं, क्योंकि तालिबान सरकार के तहत अफगानिस्तान में महिलाओं और लड़कियों के अधिकारों पर लगातार रोक और भेदभाव जारी है। इसके बावजूद, आयरलैंड ने नैतिक परेशानी के बावजूद यह फैसला संगठन के व्यापक हित को ध्यान में रखा हुआ है। बोर्ड की मुख्य कार्यकारी सारा कीन ने बताया, “यह फैसला न तो वित्तीय कारणों से लिया गया है और न ही किसी कानूनी मजबूरी के कारण। हमें इस फैसले में नैतिक बेचैनी महसूस हो रही है, क्योंकि हम अफगानिस्तान महिलाओं के साथ हो रहे भेदभाव के खिलाफ हैं। लेकिन इस दौरे को हम अफगानिस्तान महिला टीम की स्थिति को उजागर करने का अवसर भी मानते हैं।” कीन ने बताया कि आयरलैंड ने अफगानिस्तान की महिला टीम को भी आयरलैंड में खेलने का निमंत्रण दिया है, ताकि अंतरराष्ट्रीय मंच पर उनके मुद्दे को प्रमुखता दी जा सके। उन्होंने कहा कि यह एक ऐसा व्यापक सिद्धांत है, जिसके तहत खिलाड़ी अपनी दर्जनों से अलग देखे जाते हैं, जैसा हाल ही में ओलंपिक आयोजनों में देखा गया। आयरलैंड और अफगानिस्तान के बीच पहला वनडे 5 अगस्त को और दूसरा 7 अगस्त को ब्रेडी में खेला जाएगा। तीसरा, चौथा और पांचवां वनडे 10, 12 और 14 अगस्त को बेलफास्ट में आयोजित होंगे। इससे आयरलैंड को आगामी 50 ओवर वर्ल्ड कप और ओलंपिक क्वालिफिकेशन के लिए तैयारी का भी अवसर मिलेगा। इस बीच, आयरलैंड 28 मई से 4 जून तक वेस्टइंडीज और पाकिस्तान के साथ टी20 त्रिकोणीय सीरीज भी खेलेगा। बोर्ड ने 2027 तक पाकिस्तान दौरे की योजना भी बनाई है, जिसमें एक टेस्ट मैच शामिल होगा। यह सब तैयारियां अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा और खिलाड़ियों के विकास को ध्यान में रखते हुए की जा रही हैं। क्रिकेट प्रतियोगिताओं का आयोजन है कि यह निर्णय आयरलैंड के लिए दोहरी चुनौती पेश करता है। एक तरफ बोर्ड को नैतिक जिम्मेदारी निभानी है, वहीं खिलाड़ियों और टीम के भविष्य को ध्यान में रखकर प्रतिस्पर्धी क्रिकेट भी सुनिश्चित करना है। कीन ने स्पष्ट किया कि बोर्ड की कोशिश यही है कि अफगान महिला टीम का मुद्दा अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में बना रहे और उनके संघर्ष को वैश्विक मंच पर उजागर किया जा सके। इस फैसले को लेकर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट समुदाय में मिली-जुली प्रतिक्रिया रही। कुछ एथलीटों ने इसे “सहज समझौता” कहा, जबकि कुछ ने इसे “खेल और नैतिक जिम्मेदारी के बीच संतुलन बनाने का प्रयास” बताया। आयरलैंड की योजना स्पष्ट है: टीम को आगामी टूर्नामेंट और क्वालिफिकेशन मुकाबलों के लिए अधिक अवसर प्रदान करना, जबकि सामाजिक और नैतिक मानकों को नजरअंदाज नहीं करना। इस फैसले से यह संदेश भी गया कि अंतरराष्ट्रीय खेलों में खिलाड़ियों को उनके देश की राजनीति से अलग मानक देखा जा सकता है। इस तरह, अफगानिस्तान के खिलाफ 5 वनडे मैचों की सीरीज न केवल क्रिकेट के लेस से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह वैश्विक मंच पर महिलाओं के अधिकारों और खेल के व्यापक सिद्धांत को भी उजागर करती है।

टेस्ट क्रिकेट की वापसी का इशारा, आर अश्विन के अनुसार विराट कोहली में क्षमता बरकरार

नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट के दिग्गज खिलाड़ी विराट कोहली ने पिछले साल इंग्लैंड दौरे से पहले टेस्ट क्रिकेट से संन्यास ले लिया, जिसने क्रिकेट फैंस और आलोचकों दोनों को चौंका दिया। कोहली के इस फैसले को लेकर पूर्व स्पिनर आर अश्विन ने कहा है कि उनके अनुसार कोहली में अभी भी टेस्ट क्रिकेट बाकी था और वह रेड-बॉल क्रिकेट में टीम इंडिया के लिए योगदान दे सकते थे। अश्विन ने अपने यूट्यूब चैनल पर कहा, “मैंने विराट से सीधे कहा था कि टेस्ट क्रिकेट में उनमें अभी भी क्रिकेट बाकी है। लेकिन सच कहूं तो यह ठीक है। भारत में सोच को लेकर थोड़ी समस्या है। उन्होंने हमेशा टीम को पहले रखा। टीम की जीत उनके लिए सबसे अहम रही। रिटायरमेंट का फैसला उनका है, लेकिन मुझे विश्वास है कि उनमें और क्रिकेट खेलने की क्षमता नियत थी।” विराट कोहली के टेस्ट से संन्यास लेने के पीछे कई कारण माने जा रहे हैं। उनके लिए 2024-25 का ऑस्ट्रेलिया दौरा चुनौतीपूर्ण साबित हुआ। वहां ऑफ-स्टंप के बाहर गेंदबाजी पर उनकी कमजोरी सामने आई। लय पाने के लिए कोहली रणजी ट्रॉफी में भी उतरे, लेकिन वहां उम्मीद के मुताबिक रन नहीं बने। अश्विन ने कहा कि बढ़ती उम्मीदों और मीडिया की सुर्खियों से थोड़ी राहत मिलने के कारण ही कोहली ने टेस्ट क्रिकेट से दूर जाने का फैसला लिया। उनका टेस्ट करियर शानदार रहा; 123 टेस्ट मैचों में 9,230 रन, 30 शतक और 31 अर्द्धशतक बनाना उनकी क्षमता का प्रमाण है। विराट का सर्वोच्च स्कोर 254 रन रहा। कप्तानी की भूमिका में भी कोहली ने टेस्ट क्रिकेट में टीम इंडिया को बढ़ाया। उनकी कप्तानी में टीम इंडिया दुनिया की सबसे मजबूत टीमों में शामिल हुई। अश्विन ने कहा, “विराट के टेस्ट से संन्यास लेने से रेड-बॉल क्रिकेट का एक शानदार चैप्टर अचानक बंद हो गया।” आर अश्विन खुद लंबे समय तक विराट के साथ टेस्ट टीम का हिस्सा रहे। अश्विन ने साल 2024 के अंत में ऑस्ट्रेलिया दौरे के बीच टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लिया था। कोहली, अश्विन और रोहित शर्मा के संन्यास ने भारतीय क्रिकेट मैनेजमेंट पर भी सवाल खड़े कर दिए थे। इसने यह दिखाया कि टीम ने ऐसे खिलाड़ी खो दिए जो अभी काफी योगदान दे सकते थे। अश्विन ने यह भी कहा कि कोहली ने हमेशा टीम को सर्वोपरि रखा और व्यक्तिगत उपलब्धियों से ज्यादा टीम की जीत को महत्व दिया। यही वजह है कि कोहली का टेस्ट क्रिकेट से जाना भारतीय क्रिकेट के लिए दर्दनाक नुकसान है, लेकिन फैंस को टी20 और वनडे फॉर्मेट में उनके शानदार प्रदर्शन का इंतजार रहेगा। विराट कोहली का टेस्ट करियर न केवल व्यक्तिगत आंकड़ों की वजह से याद किया जाएगा, बल्कि उनके कप्तान के रूप में टीम इंडिया को बढ़ाने देने, दबाव में शांत रहने और खेल की गुणवत्ता बनाए रखने के दृष्टिकोण से भी हमेशा याद रखा जाएगा।

RCB के स्टार खिलाड़ी आर अश्विन बोले, टीम में संतुलन, भविष्य के सीजन में जीत की संभावना

नई दिल्ली: इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2025 का खिताब जीतने वाली रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) की आने वाली 2026 सीजन की टीम को लेकर दिग्गज स्पिनर आर अश्विन ने जमकर मुकाबला किया है। अश्विन ने कहा कि RCB की मौजूदा स्क्वॉड बैलेंस्ड और मजबूत है, और यह टीम अगले कुछ सीजन में फिर से IPL खिताब जीतने में सक्षम है। अश्विन ने अपने यूट्यूब चैनल पर कहा, “RCB इस स्क्वॉड के साथ अगले दो सालों में एक और खिताब जीत सकती है। IPL जीतना आसान नहीं है, लेकिन इस टीम में जो बैलेंस, फिटिंग और रिप्लेसमेंट ऑप्शन मौजूद हैं, वे इसे खास बनाते हैं।” उन्होंने टीम के स्ट्रक्चरल कॉन्ट्रैक्ट की भी मुकाबला किया। IPL 2025 से पहले हुए मेगा ऑक्शन में टीम ने विराट कोहली, रजत पाटीदार और यश दयाल को छोड़कर बाकी खिलाड़ियों को रिलीज किया। इसके बाद ऑक्शन में फिल सॉल्ट, जितेश शर्मा, जोश हेजलवुड, टिम डेविड और भुवनेश्वर कुमार जैसे खिलाड़ियों को शामिल किया गया, जिससे टीम को बढ़त मिली। अश्विन का मानना ​​है कि इन टीमों ने RCB को एक बड़े स्टार पर निर्भर रहने की जगह बैलेंस और बैलेंस टीम बना दिया है। “टीम की खासियत अब यह है कि हर रोल के लिए ऑप्शन मौजूद हैं। अगर कोई खिलाड़ी अवेलेबल नहीं होता है, तो टीम अलग-अलग कॉम्बिनेशन के साथ मैदान पर उतर सकती है। यही उन्हें लंबे समय तक टॉप टीम बनाए रख सकता है,” अश्विन ने कहा। हालांकि, टीम के तेज गेंदबाज जोश हेजलवुड की फिटनेस अभी भी चिंता का विषय है। शुरुआती मैचों में उनका अवेलेबल न होना टीम की स्ट्रैटेजी पर असर डाल सकता है, लेकिन अश्विन ने भरोसा दिलाया कि टीम के पास काफी ऑप्शन हैं। अश्विन ने यह भी कहा कि यह सपोर्ट सिर्फ पिछले टाइटल जीतने की वजह से नहीं है, बल्कि टीम की स्ट्रक्चर, बैलेंस और मुश्किल हालात से निपटने की कैपेसिटी को देखते हुए दिया गया है। उन्होंने कहा, “RCB के पास बैटिंग, स्पिन और तेज बॉलिंग के सभी रनों में डेप्थ मौजूद है। पिछले सीजन की तुलना में टीम अब हर पोजिशन से निपटने के लिए बेहतर तैयार है।” आरसीबी आईपीएल 2026 का पहला मैच 28 मार्च को सनराइजर्स हैदराबाद (एसआरएच) के खिलाफ खेलेगी। टीम ने इस बार अभ्यास सत्र और रणनीति पर विशेष जोर दिया है। दिग्गज खिलाड़ी विराट कोहली और नए शामिल हुए खिलाड़ी टीम में संतुलन बनाए रखने में अहम भूमिका निभाएंगे। अश्विन के अनुसार, टीम की सफलता का रहस्य बढ़ता और संतुलन है। पहले जहां आरसीबी पर स्टार खिलाड़ियों पर अत्यधिक निर्भर होने का आरोप था, अब टीम के हर रोल में विकल्प मौजूद हैं। इसके चलते आरसीबी अगले कुछ सीजन में लगातार शीर्ष टीमों में बनी रहेगी और फिर से खिताब जीतने की मजबूत दावेदार है। इस बार टीम के पास बैटिंग और बॉलिंग दोनों में गहराई है। कोहली, डेविड और फिल सॉल्ट जैसे खिलाड़ी बल्लेबाजी को बढ़ाएंगे, जबकि भुवनेश्वर कुमार और अश्विन की मौजूदगी बॉलिंग में संतुलन बनाए रखेगी। इस संतुलित संरचना के चलते आरसीबी की रणनीति और प्रदर्शन में निरंतरता बनी रहेगी।