आयरलैंड-इंग्लैंड दौरे के लिए टीम इंडिया का सेलेक्शन, कप्तानी पर सस्पेंस खत्म होने की उम्मीद

नई दिल्ली। भारतीय टी20 क्रिकेट में आज एक नए युग की शुरुआत हो सकती है। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) की चयन समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आज प्रस्तावित है, जिसमें भारत की टी20 टीम और नए कप्तान को लेकर बड़ा फैसला लिया जा सकता है। यह चयन आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे के साथ-साथ आगामी एशियन गेम्स को ध्यान में रखकर किया जाएगा। सूत्रों के अनुसार, टीम इंडिया के टी20 कप्तान पद में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। मौजूदा कप्तान सूर्यकुमार यादव की जगह अब श्रेयस अय्यर का नाम सबसे आगे चल रहा है। माना जा रहा है कि चयनकर्ताओं ने उनकी IPL में सफल कप्तानी और रणनीतिक क्षमता को देखते हुए उन्हें इस जिम्मेदारी के लिए प्राथमिकता दी है। अय्यर ने अलग-अलग IPL टीमों को फाइनल तक पहुंचाकर अपनी नेतृत्व क्षमता साबित की है, जिसमें कोलकाता नाइट राइडर्स को IPL 2024 की ट्रॉफी जिताना भी शामिल है। दूसरी ओर, सूर्यकुमार यादव के लिए यह समय चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, हालिया मुकाबलों में उनका फॉर्म उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा है। पिछली कई पारियों में वह बड़ी पारी खेलने में असफल रहे हैं। साथ ही फिटनेस और उम्र से जुड़ी चिंताओं ने भी चयनकर्ताओं के फैसले को प्रभावित किया है। हालांकि उनकी कप्तानी में भारत ने टी20 वर्ल्ड कप 2026 का खिताब जीता था, लेकिन भविष्य की रणनीति को देखते हुए बदलाव की संभावना जताई जा रही है। टीम चयन में एक और बड़ा नाम चर्चा में है-तिलक वर्मा, जिन्हें उपकप्तान बनाए जाने की संभावना है। वहीं, युवा प्रतिभाओं को भी मौका मिलने के संकेत हैं। मात्र 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी का नाम सबसे ज्यादा सुर्खियों में है, जिन्हें पहली बार भारतीय टीम में जगह मिल सकती है। इसके अलावा प्रिंस यादव और हर्ष दुबे जैसे नए खिलाड़ियों को भी टीम में शामिल किए जाने की चर्चा है। तेज गेंदबाजी विभाग को लेकर भी चयनकर्ताओं के सामने एक अहम सवाल है कि क्या अनुभवी गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार को IPL 2026 में शानदार प्रदर्शन के बाद दोबारा टीम इंडिया में जगह दी जाए या नहीं। BCCI की चयन समिति, जिसकी अगुवाई अजीत अगरकर कर रहे हैं, इस बार भविष्य की योजनाओं और तत्काल प्रदर्शन के बीच संतुलन साधने की कोशिश कर रही है। 2028 ओलंपिक और टी20 वर्ल्ड कप को ध्यान में रखते हुए टीम के नए ढांचे पर विचार किया जा रहा है। आज की यह बैठक भारतीय क्रिकेट के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि इसके फैसले आने वाले वर्षों की टी20 रणनीति की दिशा तय कर सकते हैं।
शनि दोष से बचाव: शनिवार को भूलकर भी न करें ये 5 काम, वरना बढ़ेगा कष्ट

नई दिल्ली। ज्योतिष शास्त्र में शनि देव को न्याय और कर्मफल देने वाला ग्रह माना गया है। कहा जाता है कि शनि यदि कुंडली में अशुभ स्थिति में हों, तो व्यक्ति को साढ़ेसाती, ढैय्या और शनि महादशा जैसे कठिन दौर से गुजरना पड़ सकता है। ऐसे में शनिवार का दिन शनि देव को प्रसन्न करने और उनके दुष्प्रभावों को कम करने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना गया है। विशेषज्ञों के अनुसार, शनिवार को कुछ विशेष सावधानियां बरतने से शनि दोष का प्रभाव कम किया जा सकता है, जबकि कुछ गलतियां इस प्रभाव को और बढ़ा सकती हैं। इसलिए इस दिन किए जाने वाले कार्यों को लेकर विशेष सतर्कता बरतनी चाहिए। सबसे पहली बात, शनिवार के दिन पिता या पिता तुल्य व्यक्ति का किसी भी रूप में अपमान नहीं करना चाहिए। ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार, शनि दोष की स्थिति में पारिवारिक संबंधों में तनाव बढ़ सकता है। ऐसे में पिता की सेवा करना और उनका आशीर्वाद लेना अत्यंत शुभ माना जाता है। यदि पिता जीवित न हों, तो बड़े भाई या किसी वरिष्ठ व्यक्ति का सम्मान करना चाहिए। दूसरी महत्वपूर्ण बात, पीपल वृक्ष के आसपास स्वच्छता बनाए रखना बेहद जरूरी है। मान्यता है कि पीपल के पेड़ में शनि देव का वास होता है। ऐसे में इसके आसपास गंदगी फैलाने से नकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है और शनि दोष गहरा हो सकता है। तीसरा, शनिवार को जब भी कोई व्यक्ति पीपल के नीचे दीपक जलाने जाए, तो वहां मौजूद किसी भी व्यक्ति-विशेषकर बुजुर्गों और महिलाओं-का अपमान नहीं करना चाहिए। साथ ही इस दिन कुत्तों या किसी भी जीव-जंतु को नुकसान पहुंचाना भी अशुभ माना गया है। चौथा, कार्यस्थल पर भी शनि का प्रभाव माना जाता है। इसलिए शनिवार को किसी सहकर्मी या कर्मचारी के साथ दुर्व्यवहार या अपमानजनक व्यवहार से बचना चाहिए। ऐसा करने से न केवल कार्यस्थल का माहौल खराब होता है, बल्कि शनि दोष भी बढ़ सकता है। पांचवां और अंतिम महत्वपूर्ण नियम है कि शनिवार के दिन बाल और नाखून काटने से बचना चाहिए। ज्योतिष शास्त्र में बाल और नाखून को शनि ग्रह से जुड़ा माना जाता है। हालांकि विशेष परिस्थितियों जैसे आपात स्थिति या धार्मिक सूतक में इसे अपवाद माना गया है। कुल मिलाकर, शनिवार का दिन शनि देव की कृपा प्राप्त करने और जीवन में स्थिरता लाने का अवसर माना जाता है। यदि इस दिन अनुशासन, सेवा भाव और संयम का पालन किया जाए तो शनि दोष के प्रभाव को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
रेपो रेट स्थिर, अर्थव्यवस्था को मिला भरोसा; विकास की रफ्तार पर सकारात्मक असर

नई दिल्ली । भारतीय रिजर्व बैंक (भारतीय रिजर्व बैंक) द्वारा नीतिगत रेपो दर को यथावत रखने के फैसले को अर्थशास्त्रियों और उद्योग जगत ने संतुलित और दूरदर्शी कदम बताया है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह निर्णय मौजूदा वैश्विक अनिश्चितताओं और घरेलू आर्थिक स्थिरता को ध्यान में रखकर लिया गया है, जो दीर्घकालिक विकास की संभावनाओं को मजबूत करेगा। वैश्विक चुनौतियों के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था मजबूतविशेषज्ञों का मानना है कि भू-राजनीतिक तनाव, ऊर्जा कीमतों में उतार-चढ़ाव और आपूर्ति श्रृंखला में बाधाएं वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए चुनौती बनी हुई हैं। इसके बावजूद भारत की अर्थव्यवस्था मजबूत घरेलू मांग के कारण स्थिर बनी हुई है। पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के प्रतिनिधियों ने कहा कि मौजूदा नीति एक संतुलित दृष्टिकोण को दर्शाती है, जिससे मध्यम और दीर्घकालिक विकास के लिए अनुकूल माहौल बना रहेगा। मुद्रास्फीति और ब्याज दरों पर नजरविशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि यदि मुद्रास्फीति बढ़कर 5.9 प्रतिशत के करीब पहुंचती है, तो आने वाले समय में ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावना बन सकती है। हालांकि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है और आरबीआई का रुख स्थिरता बनाए रखने पर केंद्रित है। विदेशी निवेश और मुद्रा बाजार को समर्थनअर्थशास्त्रियों ने यह भी कहा कि विदेशी पोर्टफोलियो निवेश, बाहरी वाणिज्यिक उधारी और एनआरआई जमा जैसे उपायों से विदेशी मुद्रा प्रवाह को मजबूती मिल रही है। इससे रुपये की स्थिरता को भी समर्थन मिला है और बाजार में सकारात्मक संकेत देखे जा रहे हैं। रियल एस्टेट और बैंकिंग सेक्टर को राहतबैंकिंग और हाउसिंग सेक्टर के विशेषज्ञों का कहना है कि स्थिर ब्याज दरों से ऋण प्रवाह बेहतर होगा और रियल एस्टेट सेक्टर को सीधा लाभ मिलेगा। इससे आवास की मांग में भी वृद्धि होने की उम्मीद है। कुल मिलाकर विशेषज्ञों की राय है कि RBI का यह कदम फिलहाल स्थिरता और भरोसा बनाए रखने वाला है, जो भारतीय अर्थव्यवस्था को वैश्विक चुनौतियों के बीच मजबूती देता है और भविष्य में विकास की राह को सुरक्षित बनाता है।
तकिये के नीचे रखें ये 6 शुभ चीजें, दूर होगी नकारात्मकता और आएगी बरकत | Vastu Tips से बदल सकती है किस्मत

नई दिल्ली। भागदौड़ भरी आज की जिंदगी में मानसिक शांति और आर्थिक स्थिरता हर व्यक्ति की सबसे बड़ी जरूरत बन गई है। तनाव, चिंता और नींद की समस्याएं आम होती जा रही हैं। ऐसे में वास्तु शास्त्र में कुछ सरल लेकिन प्रभावी उपाय बताए गए हैं, जिन्हें अपनाकर व्यक्ति अपने जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और सुख-समृद्धि ला सकता है। इनमें सबसे खास उपाय है-तकिये के नीचे कुछ शुभ वस्तुएं रखकर सोना। वास्तु विशेषज्ञों के अनुसार, यदि सही चीजों का चयन किया जाए तो न केवल नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है बल्कि घर में बरकत और मानसिक संतुलन भी बढ़ता है। इन्हीं में सबसे पहला उपाय है लौंग। माना जाता है कि रात को सोते समय विषम संख्या में (5, 9 या 11) लौंग तकिये के नीचे रखने से नींद से जुड़ी समस्याएं दूर होती हैं और मानसिक शांति मिलती है। सुबह इन लौंग को किसी तालाब, नदी में प्रवाहित करना या पीपल के नीचे दबाना शुभ माना गया है। दूसरा उपाय है मोर पंख। सनातन परंपरा में मोर पंख को अत्यंत पवित्र और सकारात्मक ऊर्जा देने वाला माना जाता है। इसे तकिये के नीचे रखने से नकारात्मक शक्तियां दूर होती हैं और घर में सुख-समृद्धि का वातावरण बनता है। तीसरा उपाय दालचीनी का है। वास्तु शास्त्र के अनुसार दालचीनी को सिरहाने रखने से सौभाग्य में वृद्धि होती है और आर्थिक परेशानियों से राहत मिलने लगती है। इसे धन लाभ और स्थिरता से जोड़कर देखा जाता है। चौथा उपाय फिटकरी है। इसे नकारात्मक ऊर्जा दूर करने का शक्तिशाली साधन माना गया है। तकिये के नीचे फिटकरी रखने से बुरे सपने और मानसिक भय कम होते हैं। कुछ लोग इसे 10 दिनों तक रखकर 11वें दिन बाहर फेंक देते हैं, जिससे घर की नकारात्मकता समाप्त होती है। पांचवां उपाय तेजपत्ता है। मान्यता है कि इसे तकिये के नीचे रखने से घर में खुशहाली बढ़ती है, आमदनी में सुधार होता है और कर्ज से राहत मिलती है। यह उपाय विशेष रूप से आर्थिक समस्याओं से जूझ रहे लोगों के लिए लाभकारी माना जाता है। छठा और सबसे महत्वपूर्ण उपाय है रुद्राक्ष। पंचमुखी रुद्राक्ष को तकिये के नीचे रखकर सोने से मानसिक शांति मिलती है और तनाव में कमी आती है। इसे आध्यात्मिक ऊर्जा और सकारात्मक सोच का प्रतीक माना जाता है। वास्तु शास्त्र के अनुसार, इन उपायों का असर व्यक्ति की आस्था और नियमितता पर भी निर्भर करता है। हालांकि यह पारंपरिक मान्यताएं हैं, लेकिन लोग इन्हें मानसिक सुकून और सकारात्मकता बढ़ाने के लिए अपनाते हैं। कुल मिलाकर, ये छह उपाय न केवल नींद की गुणवत्ता सुधारने में सहायक बताए गए हैं बल्कि जीवन में संतुलन और सकारात्मक ऊर्जा बनाए रखने में भी मदद करते हैं।
शनिवार व्रत के लिए टिप्स और पूजा-विधि: शनि देव की कृपा पाने के सरल उपाय

नई दिल्ली । शनिवार का दिन हिंदू धर्म में विशेष महत्व रखता है क्योंकि यह Shani Dev को समर्पित माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन विधिपूर्वक व्रत और पूजा करने से जीवन में आने वाली बाधाएं कम होती हैं और व्यक्ति को कर्मों के अनुसार उचित फल प्राप्त होता है। शनिवार व्रत की शुरुआत सुबह स्नान और स्वच्छ वस्त्र धारण करने से होती है। पूजा स्थान को साफ करके वहां शनि देव की प्रतिमा या चित्र स्थापित किया जाता है। दीपक जलाकर काले तिल, सरसों का तेल और फूल अर्पित किए जाते हैं। कई श्रद्धालु इस दिन काले वस्त्र पहनने और विशेष संयम रखने का भी पालन करते हैं। व्रत के दौरान शनि देव के मंत्रों का जाप किया जाता है, जिसमें “ॐ शं शनैश्चराय नमः” का विशेष महत्व बताया गया है। मान्यता है कि इस मंत्र के नियमित जाप से मानसिक शांति मिलती है और नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है। इस दिन व्रत रखने वाले लोग सात्विक भोजन का सेवन करते हैं या कई लोग निर्जल व्रत भी रखते हैं। व्रत के दौरान क्रोध और नकारात्मक विचारों से बचने की सलाह दी जाती है क्योंकि शनि देव को न्याय और अनुशासन का प्रतीक माना जाता है। दान का भी इस व्रत में विशेष महत्व है। जरूरतमंदों को भोजन, कपड़े या तिल का दान करना अत्यंत शुभ माना जाता है। इससे जीवन में चल रही बाधाओं में कमी आती है और शनि दोष के प्रभाव को कम करने की मान्यता है। पूजा के बाद शनि चालीसा या शनि स्तुति का पाठ करने से व्रत का पूर्ण फल प्राप्त होता है। शाम के समय दीपक जलाकर शनि मंदिर में दर्शन करना भी अत्यंत शुभ माना जाता है। कुल मिलाकर, शनिवार का व्रत केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं बल्कि अनुशासन, संयम और आत्मशुद्धि का प्रतीक माना जाता है, जो जीवन में संतुलन और सकारात्मकता लाने में सहायक होता है।
गर्मी का कहर जारी, उमस ने बढ़ाई परेशानी; कुछ जगहों पर राहत की बूंदें संभव

मध्य प्रदेश। 6 जून को मौसम का मिजाज अधिकतर इलाकों में गर्म और उमस भरा बना हुआ है। Monsoon की सक्रियता अभी सीमित है, जिसके कारण कई क्षेत्रों में तेज धूप और गर्म हवाओं ने लोगों को परेशान कर रखा है। दिन के समय तापमान में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है, जिससे सामान्य जनजीवन प्रभावित हो रहा है। सुबह से ही आसमान साफ और धूप तीखी रहने के कारण गर्मी का प्रभाव अधिक महसूस किया गया। दोपहर के समय उमस का स्तर बढ़ने से लोगों को बेचैनी का सामना करना पड़ा। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार नमी की अधिकता के कारण गर्मी और अधिक तीव्र महसूस हो रही है। हालांकि, मौसम विभाग ने संकेत दिए हैं कि कुछ क्षेत्रों में हल्की बारिश या बूंदाबांदी हो सकती है। यह बारिश मुख्य रूप से स्थानीय बादलों के बनने और नमी के दबाव के कारण संभव है। इससे उन इलाकों में अस्थायी राहत मिल सकती है जहां तापमान अधिक है। ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में गर्मी का असर समान रूप से देखा जा रहा है। दोपहर के समय बाजारों और सड़कों पर आवाजाही कम हो रही है, जबकि लोग दिन के गर्म हिस्से में घरों के अंदर रहना ही बेहतर समझ रहे हैं। मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि आने वाले दिनों में यदि नमी और बादलों की गतिविधि बढ़ती है तो मौसम में कुछ सुधार देखने को मिल सकता है। फिलहाल स्थिति में बड़ा बदलाव नहीं दिख रहा है, लेकिन स्थानीय स्तर पर बारिश की संभावना बनी हुई है। कुल मिलाकर, 6 जून का दिन गर्मी और उमस से भरा रहेगा, लेकिन कुछ क्षेत्रों में हल्की बारिश लोगों को थोड़ी राहत दे सकती है।
CBSE रिजल्ट पोर्टल पर बड़ा साइबर हमला, 38 लाख से अधिक संदिग्ध रिक्वेस्ट ब्लॉक; सिस्टम रहा सुरक्षित

नई दिल्ली । केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड) के पोस्ट-रिजल्ट पोर्टल पर 3 जून 2026 को एक बड़ा साइबर हमला दर्ज किया गया। इस हमले में करीब 38 लाख से अधिक संदिग्ध रिक्वेस्ट भेजी गईं, जिसका उद्देश्य सिस्टम को बाधित करना था। हालांकि, बोर्ड की मजबूत साइबर सुरक्षा व्यवस्था और तकनीकी टीम की सतर्कता के चलते पोर्टल पर कोई असर नहीं पड़ा और सेवा पूरी तरह सुचारू रूप से चलती रही। DDoS अटैक के जरिए किया गया हमलाविशेषज्ञों के अनुसार यह हमला डिनायल-ऑफ-सेवा (DDoS) श्रेणी का था, जिसमें एक साथ भारी मात्रा में ट्रैफिक भेजकर किसी वेबसाइट को ठप करने की कोशिश की जाती है। CBSE के अनुसार, पोर्टल शुरू होने के कुछ ही मिनटों में लाखों रिक्वेस्ट आईं, जिनमें बड़ी संख्या अनधिकृत लॉगिन प्रयासों की थी। सिस्टम ने इन सभी को पहचानकर तुरंत ब्लॉक कर दिया। मजबूत साइबर सुरक्षा व्यवस्था ने रोका नुकसानबोर्ड ने बताया कि पोर्टल लॉन्च से पहले व्यापक सुरक्षा परीक्षण किए गए थे, जिनमें पेनिट्रेशन टेस्टिंग, वल्नरेबिलिटी असेसमेंट और लोड टेस्टिंग शामिल थीं। पोर्टल को आधुनिक सुरक्षा तकनीकों जैसे वेब एप्लिकेशन फायरवॉल (WAF), DDoS सुरक्षा प्रणाली, ऑडिट लॉगिंग और 24×7 मॉनिटरिंग से सुरक्षित किया गया था। इसी वजह से यह हमला सफल नहीं हो सका। रिजल्ट के बाद बढ़ा ट्रैफिक, हजारों आवेदन दर्जरिजल्ट के बाद छात्रों की ओर से पुनर्मूल्यांकन और सत्यापन के लिए बड़ी संख्या में आवेदन भी आए हैं। बोर्ड को अब तक हजारों आवेदन प्राप्त हो चुके हैं, जिनमें उत्तर पुस्तिकाओं के पुनर्मूल्यांकन और अंकों के सत्यापन की मांग शामिल है। शुरुआती मिनटों में ही भारी दबावरिपोर्ट के अनुसार, पोर्टल लाइव होने के मात्र दो मिनट के भीतर लगभग 15 लाख एक्सेस रिक्वेस्ट दर्ज की गईं। सिस्टम ने तुरंत सक्रिय होकर 1 लाख से अधिक संदिग्ध प्रयासों को ब्लॉक कर दिया। यह घटना दिखाती है कि डिजिटल सिस्टम पर साइबर हमलों का खतरा लगातार बढ़ रहा है, लेकिन मजबूत सुरक्षा ढांचे के चलते बड़े संस्थान भी ऐसे हमलों से सुरक्षित रह सकते हैं।
वास्तु टिप्स: थाली में 3 रोटी परोसना क्यों माना जाता है अशुभ? जानें इसके पीछे की मान्यताएं और नियम

नई दिल्ली । भारतीय परंपराओं और धार्मिक मान्यताओं में भोजन को केवल शरीर की आवश्यकता नहीं बल्कि ऊर्जा और संस्कार से भी जुड़ा माना गया है। इसी संदर्भ में Vastu Shastra में भोजन से जुड़े कई नियम बताए गए हैं, जिनमें सबसे चर्चित नियम थाली में तीन रोटियों को लेकर है। आमतौर पर घरों में बड़े-बुजुर्ग यह कहते सुनाई देते हैं कि एक साथ तीन रोटियां परोसना शुभ नहीं माना जाता। इसके पीछे धार्मिक मान्यता यह बताई जाती है कि तीन रोटियों की थाली मृतक के लिए किए जाने वाले भोजन से जुड़ी होती है। ऐसी परंपरा में त्रयोदशी संस्कार से पहले मृत व्यक्ति के नाम की थाली में तीन रोटियां रखी जाती हैं, जिसके कारण यह संख्या सामान्य जीवन में वर्जित मानी जाने लगी। मान्यता यह भी कहती है कि भोजन की थाली में तीन रोटियां परोसने से नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव बढ़ सकता है। कुछ परंपराओं में इसे मानसिक असंतुलन या अशुभ संकेत से भी जोड़ा जाता है। हालांकि, यह पूरी तरह धार्मिक और सांस्कृतिक विश्वासों पर आधारित है। वास्तु शास्त्र के अनुसार भोजन हमेशा संतुलित और व्यवस्थित तरीके से परोसा जाना चाहिए। विशेषज्ञों का मानना है कि भोजन में संख्या का संतुलन ऊर्जा प्रवाह को प्रभावित करता है। इसलिए अक्सर 2 या 4 के रूप में रोटियां परोसने की सलाह दी जाती है, जिसे सकारात्मकता और संतुलन का प्रतीक माना जाता है। इसके अलावा यह भी कहा जाता है कि यदि किसी व्यक्ति को अधिक रोटियों की आवश्यकता हो, तो उन्हें एक साथ परोसने के बजाय धीरे-धीरे एक-एक करके देना बेहतर होता है। इससे परंपरा का पालन भी होता है और भोजन भी ताजा बना रहता है। भोजन करते समय दिशा का भी विशेष महत्व बताया गया है। पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करके भोजन करना मानसिक शांति और स्वास्थ्य के लिए लाभकारी माना जाता है। साथ ही भोजन स्थल की साफ-सफाई भी सकारात्मक ऊर्जा बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। कुल मिलाकर, तीन रोटी से जुड़ा यह नियम मुख्य रूप से परंपरा और सांस्कृतिक विश्वासों पर आधारित है, जिसे आज भी कई परिवार अपनाते हैं। हालांकि आधुनिक समय में इसे लोग आस्था और आदत के रूप में देखते हैं, लेकिन इसका उद्देश्य भोजन में अनुशासन और संतुलन बनाए रखना बताया जाता है।
आज का राशिफल: 6 जून को कई राशियों के करियर और वित्त में बड़े बदलाव के संकेत, कुछ रहें सतर्क

नई दिल्ली । वैदिक ज्योतिष के अनुसार 6 जून 2026, शनिवार का दिन ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति के आधार पर कई राशियों के जीवन में महत्वपूर्ण बदलाव ला सकता है। कुछ राशियों को करियर और आर्थिक क्षेत्र में सफलता मिलेगी, जबकि कुछ को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। मेष राशि – नौकरी में तरक्की के योग हैं, लेकिन अनावश्यक खर्च और वाणी पर नियंत्रण जरूरी है। पारिवारिक तनाव भी हो सकता है। वृषभ राशि – आर्थिक लाभ के अवसर मिलेंगे। व्यापार में उन्नति होगी, लेकिन शत्रुओं से सतर्क रहें। मिथुन राशि – मान-सम्मान बढ़ेगा। नए व्यापारिक सौदे मिल सकते हैं और आर्थिक योजनाएं सफल होंगी। कर्क राशि – आर्थिक लाभ के योग हैं, लेकिन विवाद और कानूनी मामलों से बचना जरूरी है। सिंह राशि – सेहत सामान्य रहेगी, लेकिन प्रेम जीवन और धन मामलों में सावधानी रखें। कन्या राशि – जीवनसाथी का सहयोग मिलेगा। कामकाज में सुधार होगा और आय के नए स्रोत बन सकते हैं। तुला राशि – करियर में बड़े बदलाव संभव हैं। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और यात्रा के योग बन सकते हैं। वृश्चिक राशि – शुभ समाचार मिल सकता है। आय में वृद्धि होगी, लेकिन धन लेन-देन में सतर्क रहें। धनु राशि – भागदौड़ बढ़ सकती है। मानसिक तनाव और अनजान लोगों से लेन-देन से बचें। मकर राशि – यात्रा के योग हैं। कार्यक्षेत्र में सफलता मिलेगी, लेकिन सेहत का ध्यान रखें। कुंभ राशि – आय में वृद्धि होगी। परिवार से शुभ समाचार मिल सकता है, लेकिन स्वास्थ्य को लेकर सतर्क रहें। मीन राशि – आकस्मिक धन लाभ के योग हैं। नौकरी और व्यापार में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। 6 जून का दिन कुछ राशियों के लिए आर्थिक और करियर में उन्नति लेकर आ सकता है, जबकि कुछ को स्वास्थ्य, धन और संबंधों में सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
शनिवार के लिए वास्तु टिप्स: शनि दोष से बचाव और सुख-समृद्धि के आसान उपाय

नई दिल्ली । शनिवार का दिन हिंदू मान्यताओं में विशेष महत्व रखता है, खासकर Shani Dev से जुड़ी परंपराओं के कारण। इस दिन किए गए छोटे-छोटे वास्तु उपाय जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने में सहायक माने जाते हैं। वास्तु शास्त्र के अनुसार घर में ऊर्जा का संतुलन बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है। शनिवार के दिन कुछ विशेष उपाय अपनाकर नकारात्मक ऊर्जा को कम किया जा सकता है और सकारात्मक वातावरण को बढ़ाया जा सकता है। कहा जाता है कि इस दिन घर की साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देना चाहिए। घर के उत्तर-पश्चिम दिशा को साफ और व्यवस्थित रखने से मानसिक शांति और नए अवसरों के संकेत मिलते हैं। वहीं, पुराने और टूटे-फूटे सामान को घर से हटाना भी शुभ माना जाता है। शनिवार को तेल से जुड़े उपाय भी विशेष रूप से महत्वपूर्ण माने जाते हैं। दीपक जलाना और घर के मुख्य द्वार पर साफ-सफाई रखना सकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित करता है। इसके साथ ही लोहे से जुड़े दान या जरूरतमंदों की मदद करने से भी शुभ फल प्राप्त होते हैं। वास्तु विशेषज्ञों का मानना है कि घर में हल्के और शांत रंगों का उपयोग मानसिक स्थिरता को बढ़ाता है। वहीं, भारी और अव्यवस्थित स्थान ऊर्जा के प्रवाह को बाधित कर सकते हैं। शनिवार के दिन संयम और अनुशासन का पालन करना भी अत्यंत लाभकारी माना गया है। यह दिन आत्मचिंतन और सुधार का अवसर देता है, जिससे जीवन में संतुलन स्थापित होता है। कुल मिलाकर, शनिवार के छोटे-छोटे वास्तु उपाय न केवल घर के वातावरण को सकारात्मक बनाते हैं, बल्कि जीवन में स्थिरता और प्रगति के संकेत भी मजबूत करते हैं।