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अंतरराष्ट्रीय अनिश्चितता के बावजूद कीमती धातुओं में गिरावट, MCX पर चांदी 1,300 रुपए तक फिसली

नई दिल्ली । वैश्विक स्तर पर बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बावजूद कीमती धातुओं के बाजार में बुधवार को कमजोरी का रुख देखने को मिला। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अनिश्चितता जरूर बढ़ाई है, लेकिन इसका सीधा फायदा सोने और चांदी को नहीं मिल सका। इसके विपरीत घरेलू वायदा बाजार मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज में दोनों धातुओं की कीमतों में उतार-चढ़ाव और गिरावट दर्ज की गई, जिससे निवेशकों के बीच सतर्कता का माहौल बन गया है। सोने की कीमतों में शुरुआत में मामूली मजबूती देखी गई, लेकिन कारोबार आगे बढ़ने के साथ इसमें दबाव बढ़ता गया। अगस्त डिलीवरी वाला सोना अपने पिछले बंद स्तर की तुलना में हल्की बढ़त के साथ खुला, लेकिन जल्द ही इसमें गिरावट दर्ज की गई और यह नीचे फिसल गया। विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और महंगाई बढ़ने की आशंका ने ब्याज दरों के लंबे समय तक ऊंचे बने रहने की संभावना को मजबूत किया है, जिससे सोने में निवेश की मांग सीमित हो गई है। चांदी के बाजार में अधिक अस्थिरता देखने को मिली। जुलाई वायदा चांदी की कीमतों में करीब 1,300 रुपए प्रति किलोग्राम तक की गिरावट दर्ज की गई, जो बाजार में कमजोर धारणा को दर्शाती है। कारोबार के दौरान चांदी ने शुरुआती स्तर पर स्थिरता दिखाई, लेकिन बाद में बिकवाली दबाव बढ़ने से यह नीचे आ गई। विश्लेषकों का कहना है कि चांदी की चाल फिलहाल सीमित दायरे में बनी हुई है, लेकिन वैश्विक संकेतों के कारण इसमें तेज उतार-चढ़ाव की संभावना बनी रह सकती है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोना और चांदी दोनों में कमजोरी का रुख देखने को मिला। स्पॉट गोल्ड और फ्यूचर्स दोनों में हल्की गिरावट दर्ज की गई, जबकि चांदी की कीमतें भी दबाव में रहीं। पश्चिम एशिया में तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी ने वैश्विक महंगाई की चिंता को बढ़ा दिया है, लेकिन इसके बावजूद निवेशक सुरक्षित निवेश की ओर अपेक्षित रूप से आकर्षित नहीं हो पा रहे हैं। इसका मुख्य कारण वैश्विक आर्थिक संकेतों में अनिश्चितता और ब्याज दरों की दिशा को लेकर असमंजस माना जा रहा है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में सोने और चांदी की दिशा काफी हद तक अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर निर्भर करेगी। यदि भू-राजनीतिक तनाव और तेल की कीमतों में बढ़ोतरी जारी रहती है तो कीमतों में सुधार देखने को मिल सकता है, अन्यथा दबाव बना रह सकता है। निवेशकों के लिए फिलहाल बाजार में सतर्कता बनाए रखना ही बेहतर रणनीति मानी जा रही है क्योंकि किसी भी दिशा में तेज उतार-चढ़ाव की संभावना बनी हुई है।

भारतीय अर्थव्यवस्था को मिला बूस्ट: मई में सेवा क्षेत्र में मजबूत विस्तार, विदेशी मांग और नए कारोबार ने बढ़ाई रफ्तार

नई दिल्ली। भारत की अर्थव्यवस्था के लिए सेवा क्षेत्र से एक सकारात्मक संकेत सामने आया है। नए कारोबार में लगातार बढ़ोतरी और डिजिटल, आईटी, ई-कॉमर्स तथा लॉजिस्टिक्स सेक्टर में बढ़ती मांग के चलते मई में भारत के सेवा क्षेत्र का परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स (PMI) बढ़कर 59.8 पर पहुंच गया है, जो अप्रैल में 58.8 था। यह वृद्धि देश के सेवा आधारित उद्योगों में मजबूत विस्तार और आर्थिक गतिविधियों की रफ्तार को दर्शाती है। एचएसबीसी इंडिया सर्विसेज पीएमआई के ताजा आंकड़ों के अनुसार, माल ढुलाई, डिजिटल सेवाओं, मनोरंजन, ई-कॉमर्स और आईटी सेवाओं की मांग में लगातार वृद्धि दर्ज की गई, जिसके कारण कंपनियों के नए ऑर्डरों में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई। इस बढ़त के चलते सेवा क्षेत्र की कंपनियों ने अपनी कारोबारी गतिविधियों को तेज किया और उत्पादन क्षमता में विस्तार किया। रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि नए कारोबार में वृद्धि के साथ-साथ रोजगार के अवसरों में भी सुधार हुआ है। सेवा क्षेत्र की कंपनियों ने मई में कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने का सिलसिला जारी रखा, जिससे यह संकेत मिलता है कि मांग में बढ़ोतरी के चलते कंपनियां विस्तार की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। हालांकि, सर्वे में शामिल अधिकांश कंपनियों ने अपने स्टाफ स्तर में कोई बड़ा बदलाव नहीं किया, लेकिन एक छोटे हिस्से ने नई भर्तियां की हैं। अर्थशास्त्रियों के अनुसार, भारत के सेवा क्षेत्र में लागत का दबाव अभी भी बना हुआ है, लेकिन मई में इसमें हल्की कमी देखी गई है। यह पिछले चार महीनों में सबसे निचला स्तर है। लागत दबाव में कमी आने से कंपनियों पर सेवाओं की कीमत बढ़ाने का दबाव भी कम हुआ है। इसी कारण मई में सेवाओं की कीमतों में वृद्धि की गति भी जनवरी के बाद सबसे धीमी रही। एचएसबीसी की चीफ इंडिया इकोनॉमिस्ट प्रांजुल भंडारी के अनुसार, मई में सेवा क्षेत्र में विस्तार का मुख्य कारण नए ऑर्डरों की लगातार बढ़ती संख्या रही। उन्होंने कहा कि घरेलू मांग के साथ-साथ विदेशी बाजारों से भी सेवाओं की मांग में सुधार देखने को मिला है। अप्रैल में आई गिरावट के बाद निर्यात आधारित सेवाओं में अच्छी रिकवरी दर्ज की गई, जिससे कुल कारोबार को मजबूती मिली। रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि भारत की सेवाओं की मांग कई अंतरराष्ट्रीय बाजारों से मजबूत रही, जिनमें ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, हांगकांग, मलेशिया, संयुक्त अरब अमीरात और यूनाइटेड किंगडम शामिल हैं। हालांकि, विदेशी मांग की वृद्धि दर कुल घरेलू बिक्री की तुलना में थोड़ी कम रही और यह 2025 के औसत से नीचे रही, फिर भी इसमें स्थिरता बनी रही। कुल मिलाकर, सेवा क्षेत्र में इस तेजी को भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। आईटी और डिजिटल सेवाओं की मजबूत मांग, ई-कॉमर्स का विस्तार और वैश्विक स्तर पर बढ़ती सेवाओं की जरूरत भारत के सेवा उद्योग को नई ऊंचाइयों की ओर ले जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यही रफ्तार जारी रही तो आने वाले महीनों में रोजगार और निवेश दोनों में और अधिक सुधार देखने को मिल सकता है।

बुधवार को महाकाल मंदिर में दिव्यता का अद्भुत नजारा, उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़

उज्जैन । धार्मिक नगरी उज्जैन स्थित श्री महाकालेश्वर मंदिर में प्रातःकालीन भस्म आरती के लिए मंदिर के कपाट खुलते ही सबसे पहले वीरभद्र जी का पूजन किया गया। स्वस्तिवाचन और विधिवत अनुमति के बाद गर्भगृह के द्वार खोले गए। पुजारियों ने बाबा महाकाल का पूर्व शृंगार उतारकर वैदिक परंपरा के अनुसार पूजन-अर्चन की प्रक्रिया प्रारंभ की। पंचामृत अभिषेक के बाद हुआ विशेष शृंगारभगवान महाकाल का जलाभिषेक कर दूध, दही, घी, शक्कर, शहद और फलों के रस से निर्मित पंचामृत से अभिषेक किया गया। इसके पश्चात कर्पूर आरती संपन्न हुई। भांग, चंदन, सिंदूर और दिव्य आभूषणों से बाबा महाकाल का भगवान गणेश के स्वरूप में मनोहारी शृंगार किया गया, जिसने भक्तों को विशेष आध्यात्मिक अनुभूति कराई।  रजत मुकुट और पुष्पमालाओं से अलंकृत हुए महाकालशृंगार के दौरान बाबा महाकाल को शेषनाग युक्त रजत मुकुट, रजत मुंडमाला, रुद्राक्ष की मालाएं तथा सुगंधित पुष्पों से निर्मित विशेष मालाएं धारण कराई गईं। गर्भगृह का दिव्य स्वरूप श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र बना रहा।  नंदी महाराज का भी हुआ पूजनभस्म आरती से पूर्व नंदी मंडप में नंदी महाराज का स्नान, ध्यान और पूजन किया गया। इसके बाद भगवान महाकाल को फल, मिठाई और ड्रायफ्रूट का भोग अर्पित किया गया।  महा निर्वाणी अखाड़े ने अर्पित की भस्मपरंपरा के अनुसार महा निर्वाणी अखाड़ा की ओर से भगवान महाकाल को भस्म अर्पित की गई। धार्मिक मान्यता है कि भस्म अर्पण के पश्चात भगवान महाकाल निराकार से साकार स्वरूप में भक्तों को दर्शन देते हैं। श्रद्धालुओं ने प्राप्त किया आशीर्वादभस्म आरती में देश-विदेश से आए बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया और बाबा महाकाल के दिव्य गणेश स्वरूप के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। मंदिर परिसर सुबह से ही भक्तिमय वातावरण से गुंजायमान रहा।

भगवान के चित्र वाले दुपट्टे को लेकर विवाद, राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज

उज्जैन । जीतू पटवारी मंगलवार को इंदौर से मंदसौर जाते समय उज्जैन जिले के उन्हेल क्षेत्र में आयोजित किसान कांग्रेस के सम्मान कार्यक्रम में रुके थे। इसी कार्यक्रम का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में एक किसान उन्हें भगवान श्री राधा-कृष्ण की तस्वीर वाला दुपट्टा भेंट करता दिखाई देता है। वीडियो को लेकर दावा किया जा रहा है कि पटवारी ने दुपट्टा लेने के बाद पहले से गले में मौजूद एक अन्य धार्मिक दुपट्टा भी उतार दिया और दोनों दुपट्टों को नीचे रख या फेंक दिया।  बीजेपी ने साधा निशानावीडियो सामने आने के बाद भारतीय जनता पार्टी ने इसे बड़ा राजनीतिक मुद्दा बना लिया है। बीजेपी के प्रदेश मीडिया प्रभारी विवेक गुप्ता ने आरोप लगाया कि यह व्यवहार किसानों और सनातन परंपराओं का अपमान है। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक जीवन में नेताओं को धार्मिक प्रतीकों और लोगों की भावनाओं का सम्मान करना चाहिए।  किसानों और धार्मिक भावनाओं के अपमान का आरोपबीजेपी नेताओं का कहना है कि जिस किसान ने सम्मान स्वरूप धार्मिक दुपट्टा भेंट किया था, उसके साथ ऐसा व्यवहार अनुचित है। पार्टी ने इसे धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला कदम बताते हुए कांग्रेस नेतृत्व से स्पष्टीकरण की मांग की है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पर भी बोले थे पटवारीवायरल वीडियो में पटवारी किसानों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव पर भी टिप्पणी करते नजर आते हैं। इसी दौरान दुपट्टे से जुड़ा घटनाक्रम कैमरे में रिकॉर्ड हुआ, जिसे लेकर अब राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। कांग्रेस की प्रतिक्रिया का इंतजारफिलहाल कांग्रेस की ओर से इस वीडियो और लगाए गए आरोपों पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। ऐसे मामलों में वीडियो की पूरी परिस्थितियों और संदर्भ को समझना महत्वपूर्ण होता है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि दुपट्टे को जानबूझकर फेंका गया या कार्यक्रम की भीड़भाड़ के दौरान उसे किसी सहयोगी को देने का प्रयास किया गया। इस संबंध में अलग-अलग दावे सामने आ रहे हैं। राजनीतिक विवाद हुआ तेजमुख्यमंत्री और कांग्रेस नेतृत्व के बीच पहले से चल रही बयानबाजी के बीच यह नया विवाद प्रदेश की राजनीति में चर्चा का विषय बन गया है। आने वाले दिनों में कांग्रेस की प्रतिक्रिया और वीडियो की विस्तृत जांच के बाद तस्वीर और स्पष्ट हो सकती है।

भूजल संरक्षण पर फोकस, वर्षा जल संग्रहण को लेकर जागरूकता अभियान

इंदौर । इंदौर में जल संरक्षण और भूजल संवर्धन को गति देने के लिए नगर निगम 4 जून को विशेष वर्कशॉप आयोजित करने जा रहा है। यह कार्यक्रम ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ के तहत सुबह 11 बजे रवींद्र नाट्य ग्रह में आयोजित होगा। वर्कशॉप का उद्देश्य नागरिकों और रहवासी संगठनों को वर्षा जल संग्रहण की उपयोगिता और वैज्ञानिक तरीकों से अवगत कराना है। महापौर और निगम कमिश्नर रहेंगे मौजूदकार्यक्रम में पुष्यमित्र भार्गव और क्षितिज सिंघल विशेष रूप से शामिल होंगे। जलकार्य प्रभारी अभिषेक शर्मा के अनुसार, शहर में रेन वाटर हार्वेस्टिंग को व्यापक स्तर पर लागू करने और लोगों को इससे जोड़ने के लिए यह पहल की जा रही है। रेन वाटर हार्वेस्टिंग के सफल मॉडल होंगे साझावर्कशॉप में उन आवासीय परिसरों, संस्थानों और संगठनों के अनुभव साझा किए जाएंगे जिन्होंने पहले से रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम स्थापित किए हैं। इन सफल उदाहरणों के माध्यम से अन्य कॉलोनियों और संस्थानों को भी वर्षा जल संग्रहण अपनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा। तकनीकी सहयोग और रखरखाव की जानकारीनगर निगम विशेषज्ञों द्वारा रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम की स्थापना, रखरखाव, मरम्मत और प्रभावी संचालन के बारे में विस्तृत जानकारी दी जाएगी। साथ ही निगम द्वारा उपलब्ध कराए जाने वाले तकनीकी सहयोग और मार्गदर्शन पर भी चर्चा होगी, जिससे नागरिक अपने स्तर पर जल संरक्षण की पहल को मजबूत कर सकें। भूजल स्तर सुधारने और जल संकट कम करने पर फोककार्यक्रम में वर्षा जल संग्रहण से होने वाले प्रमुख लाभों पर प्रस्तुतीकरण दिया जाएगा, जिनमें—भूजल स्तर में वृद्धिजल संकट में कमीपेयजल स्रोतों का संरक्षणपर्यावरणीय संतुलन को बढ़ावाभविष्य के लिए जल सुरक्षा सुनिश्चित करनाजैसे महत्वपूर्ण विषय शामिल होंगे।  महापौर की नागरिकों से अपीलमहापौर पुष्यमित्र भार्गव ने शहरवासियों, रहवासी संगठनों और कॉलोनी प्रतिनिधियों से वर्कशॉप में सक्रिय भागीदारी की अपील की है। उन्होंने कहा कि वर्षा जल संग्रहण को जीवनशैली का हिस्सा बनाकर ही भविष्य के जल संकट से प्रभावी ढंग से निपटा जा सकता है।  जल संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदमतेजी से बढ़ती आबादी और भूजल स्तर में गिरावट को देखते हुए वर्षा जल संग्रहण आज समय की सबसे बड़ी जरूरत बन गया है। नगर निगम की यह पहल न केवल लोगों को जागरूक करेगी, बल्कि शहर में जल संरक्षण के लिए सामूहिक भागीदारी को भी मजबूत बनाएगी।

छोटी बहन ने देखा दर्दनाक मंजर, घर में फंदे पर लटका मिला शव

इंदौर। इंदौर के एरोड्रम थाना क्षेत्र स्थित प्रगति नगर, छोटा बांगड़दा में मंगलवार शाम एक 12 वर्षीय बच्ची राधिका अपने घर में फंदे पर लटकी मिली। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। प्रारंभिक जांच में बच्ची द्वारा दुपट्टे का फंदा बनाकर आत्मघाती कदम उठाने की जानकारी सामने आई है।  छोटी बहन ने सबसे पहले देखा घटनास्थलघटना का खुलासा तब हुआ जब राधिका की छोटी बहन ने काफी देर तक कमरे का दरवाजा खटखटाया, लेकिन अंदर से कोई जवाब नहीं मिला। चिंतित होकर उसने आसपास के लोगों को सूचना दी। स्थानीय लोगों की मदद से दरवाजा खोला गया तो बच्ची फंदे पर लटकी हुई मिली। इसके बाद तुरंत पुलिस को सूचना दी गई।  मां काम पर गई थी, शाम को लौटने पर मिली जानकारीपरिजनों के अनुसार राधिका की मां एक स्कूल में भोजन बनाने का काम करती हैं। घटना के समय वह अपनी बड़ी बेटी के साथ काम पर गई हुई थीं। शाम को घर लौटने पर उन्हें इस दुखद घटना की जानकारी मिली। परिवार की आर्थिक और सामाजिक परिस्थितियों को देखते हुए पुलिस विभिन्न पहलुओं से मामले की जांच कर रही है।  चार महीने पहले पिता का हुआ था निधनपुलिस के अनुसार बच्ची के पिता का करीब चार महीने पहले बीमारी के कारण निधन हो गया था। परिवार में दो बहनें और एक भाई हैं।पिता की मौत के बाद परिवार पहले से ही कठिन दौर से गुजर रहा था। हालांकि पुलिस ने अभी तक आत्महत्या के कारणों को लेकर कोई निष्कर्ष नहीं निकाला है।  कारण स्पष्ट नहीं, जांच जारीपुलिस का कहना है कि फिलहाल आत्महत्या के पीछे की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और परिजनों के बयान के आधार पर आगे की जांच की जाएगी। अधिकारियों ने कहा है कि सभी संभावित पहलुओं की जांच की जा रही है और रिपोर्ट आने के बाद ही घटना के कारणों पर कुछ स्पष्ट कहा जा सकेगा।  संवेदनशील मामला, निष्कर्ष से पहले जांच जरूरीयह घटना एक परिवार के लिए गहरा सदमा है। फिलहाल आत्महत्या के कारणों को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। ऐसे मामलों में जांच पूरी होने से पहले किसी भी तरह के अनुमान से बचना जरूरी है।

इंदौर में क्रिकेट का महाकुंभ, आज से शुरू होगी मध्य प्रदेश प्रीमियम लीग

इंदौर। इंदौर में पहली बार मध्य प्रदेश प्रीमियर लीग (MPL) का आयोजन होने जा रहा है। पिछले दो सफल सीजन के बाद यह टूर्नामेंट अब प्रदेश क्रिकेट का सबसे बड़ा मंच बन चुका है। इस लीग ने कई खिलाड़ियों को पहचान दिलाई है, जिनमें से कई खिलाड़ी आगे चलकर Indian Premier League (IPL) तक पहुंचे हैं। आज होगा उद्घाटन मुकाबलाटूर्नामेंट का पहला मुकाबला आज शाम 7:30 बजे ग्वालियर चीता और उज्जैन फाल्कंस के बीच खेला जाएगा। 4 जून से लीग में प्रतिदिन दो से तीन रोमांचक मुकाबले आयोजित किए जाएंगे। ऑक्शन में छाए युवा खिलाड़ीइस बार का खिलाड़ी नीलामी सत्र काफी चर्चा में रहा। आईपीएल में करोड़ों रुपये पाने वाले कई खिलाड़ियों को अपेक्षाकृत कम रकम में खरीदा गया। आवेश खान को चंबल घड़ियाल ने 8.20 लाख रुपये में खरीदा। सबसे महंगी बोली आशुतोष शर्मा पर लगी, जिन्हें मालवा स्टैलियंस ने 15 लाख रुपये में अपनी टीम में शामिल किया। इन 10 टीमों के बीच होगी ट्रॉफी की जंगइंदौर पिंक पैंथर्सभोपाल लेपर्ड्सबुंदेलखंड बुल्सचंबल घड़ियालग्वालियर चीताजबलपुर रॉयल लॉयंसरीवा जगुआरमालवा स्टैलियंसउज्जैन फाल्कंसरॉयल निमाड़ ईगल्स इन स्टार खिलाड़ियों पर रहेंगी निगाहेंटूर्नामेंट में कई चर्चित खिलाड़ी मैदान में उतरेंगे। इनमें रजत पाटीदार, आवेश खान, अर्शद खान, कुमार कार्तिकेय, कुलवंत खेजरोलिया और आशुतोष शर्मा जैसे नाम शामिल हैं। एमपी क्रिकेट की बढ़ती ताकतमध्य प्रदेश क्रिकेट का स्तर लगातार ऊंचा हुआ है। इस वर्ष आईपीएल में प्रदेश के 11 खिलाड़ी अलग-अलग फ्रेंचाइजी टीमों का हिस्सा रहे। इससे साफ है कि एमपीएल युवा खिलाड़ियों के लिए राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने का मजबूत प्लेटफॉर्म बन चुका है।  रजत पाटीदार बोले- अपने प्रदेश में खेलना खासरजत पाटीदार ने टूर्नामेंट से पहले कहा कि मध्य प्रदेश में खेलना हमेशा विशेष अनुभव होता है। उन्होंने MPL को राज्य के खिलाड़ियों के लिए बड़ा अवसर बताते हुए अपनी टीम की ट्रॉफी जीतने की मंशा जाहिर की।  मैच कैसे देखें?क्रिकेट प्रशंसक टिकट बुकिंग के लिए District App का उपयोग कर सकते हैं। वहीं टूर्नामेंट का लाइव प्रसारण JioHotstar पर उपलब्ध रहेगा। टिकट की कीमत 100 रुपये से 250 रुपये तक रखी गई है।

दिनेश मकवाना आत्महत्या केस में CBI की एंट्री: परिवार से 3 घंटे पूछताछ, दस्तावेजों की जांच शुरू

इंदौर। इंदौर के चर्चित दिनेश मकवाना आत्महत्या प्रकरण में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने औपचारिक जांच शुरू कर दी है। भोपाल से पहुंची अधिकारियों की टीम ने मंगलवार को मकवाना के घर पहुंचकर परिवार के सदस्यों से विस्तृत पूछताछ की। यह कार्रवाई मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के निर्देशों के बाद हुई, जिसके तहत सीबीआई को मामला दर्ज कर जांच करने के आदेश दिए गए थे। क्या है पूरा मामला?शराब ठेकेदार दिनेश मकवाना ने नवंबर 2025 में कथित रूप से जहर खाकर आत्महत्या कर ली थी। बाद में सामने आए एक वीडियो में उन्होंने आबकारी विभाग की तत्कालीन उपायुक्त मंदाकिनी दीक्षित पर रिश्वत मांगने और आर्थिक दबाव बनाने जैसे गंभीर आरोप लगाए थे। वीडियो सार्वजनिक होने के बाद मामला राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर चर्चा का विषय बन गया था। परिवार से तीन घंटे तक पूछताछसूत्रों के अनुसार सीबीआई की छह सदस्यीय टीम ने करीब तीन घंटे तक परिवार के अलग-अलग सदस्यों से बातचीत की। अधिकारियों ने दिनेश मकवाना के कमरे का निरीक्षण किया और परिजनों से घटनाक्रम की विस्तृत जानकारी ली। जांच के दौरान यह भी समझने की कोशिश की गई कि आत्महत्या से पहले दिनेश किन परिस्थितियों से गुजर रहे थे और उन्होंने किन लोगों से अपनी परेशानियां साझा की थीं। पुलिस जां च और शिकायतों पर भी सवालसीबीआई अधिकारियों ने परिवार से यह भी पूछा कि यदि दिनेश पर कथित दबाव था, तो उन्होंने उच्च अधिकारियों या अन्य सरकारी संस्थाओं के पास औपचारिक शिकायत क्यों नहीं की। इसके अलावा स्थानीय पुलिस द्वारा अब तक की गई जांच, दर्ज बयानों और कार्रवाई के बारे में भी जानकारी जुटाई गई।  मां की याचिका से खुला CBI जांच का रास्तादिनेश की मां संतोष बाई मकवाना ने पुलिस जांच पर असंतोष जताते हुए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। अदालत में दायर याचिका पर सुनवाई के बाद मई 2026 में सीबीआई जांच के आदेश दिए गए। इसके बाद सीबीआई ने एफआईआर दर्ज कर जांच प्रक्रिया शुरू की। दस्तावेज और वित्तीय रिकॉर्ड भी जांच के दायरे मेंजांच एजेंसी ने व्यापारिक गतिविधियों और वित्तीय लेनदेन से जुड़े दस्तावेजों का भी निरीक्षण किया है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में बैंक रिकॉर्ड, कारोबारी दस्तावेज और अन्य साक्ष्यों की भी विस्तृत जांच की जाएगी। साथ ही मामले से जुड़े अन्य व्यक्तियों और अधिकारियों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है। दिनेश मकवाना आत्महत्या मामले में सीबीआई की जांच शुरू होने के बाद अब पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष और विस्तृत जांच की उम्मीद बढ़ गई है। हालांकि मामले में किसी भी व्यक्ति की जिम्मेदारी या आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने और साक्ष्यों के परीक्षण के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

92 करोड़ के फर्जी बिल मामले में ED की कार्रवाई, पूर्व इंजीनियर समेत 3 गिरफ्तार

नई दिल्ली। इंदौर नगर निगम के चर्चित फर्जी बिल घोटाले में जांच एजेंसियों को ऐसे कई मामलों के दस्तावेज मिले हैं, जिनमें ड्रेनेज, सीवरेज और अन्य निर्माण कार्यों के नाम पर करोड़ों रुपये का भुगतान किया गया, लेकिन जमीन पर कार्यों के पर्याप्त प्रमाण नहीं मिले।प्रवर्तन निदेशालय का आरोप है कि कुछ परियोजनाएं केवल कागजों में दिखाई गईं, जबकि वास्तविक काम या तो हुआ ही नहीं या फिर भुगतान की तुलना में बहुत कम स्तर पर किया गया। पूर्व सहायक यंत्री सहित तीन आरोपी गिरफ्तारजांच के दौरान ईडी ने नगर निगम के पूर्व सहायक यंत्री अभय सिंह राठौर को कथित मास्टरमाइंड मानते हुए गिरफ्तार किया है। इसके अलावा मोहम्मद जाकिर और राहुल वडेरा को भी हिरासत में लिया गया है। तीनों आरोपियों को विशेष अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें तीन दिन की ईडी रिमांड पर भेज दिया गया। 92 करोड़ की वित्तीय अनियमितताओं के दस्तावेजी प्रमाणईडी का दावा है कि जांच में अब तक लगभग 92 करोड़ रुपये की कथित वित्तीय गड़बड़ियों के दस्तावेजी प्रमाण सामने आए हैं। एजेंसी के अनुसार सरकारी धन की कथित हेराफेरी से अर्जित रकम का उपयोग मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश में संपत्तियां खरीदने के लिए किया गया। इसी आधार पर 43 संपत्तियों को अटैच करने की कार्रवाई की गई है। अधिकारियों, कर्मचारियों और ठेकेदारों की भूमिका जांच के दायरे मेंजांच एजेंसी का मानना है कि फर्जी बिल तैयार करने और भुगतान स्वीकृत कराने में अधिकारियों, कर्मचारियों तथा ठेकेदारों के बीच मिलीभगत हो सकती है। फिलहाल ईडी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल थे तथा कथित घोटाले से प्राप्त राशि का इस्तेमाल किन-किन माध्यमों से किया गया। जांच के प्रमुख बिंदु92 करोड़ रुपये की कथित वित्तीय अनियमितताओं के प्रमाण सामने आए।पूर्व सहायक यंत्री अभय सिंह राठौर समेत तीन आरोपी गिरफ्तार।विशेष अदालत ने तीन दिन की ईडी रिमांड मंजूर की।मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश में 43 संपत्तियां अटैच की गईं।फर्जी निर्माण कार्यों और जाली बिलों के जरिए भुगतान लेने के आरोप।कई अधिकारियों और ठेकेदारों की भूमिका जांच के घेरे में।  पूरे नेटवर्क का खुलासा होने की उम्मीदईडी को उम्मीद है कि रिमांड अवधि के दौरान पूछताछ से धन के प्रवाह, संपत्तियों की खरीद और कथित घोटाले से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका के बारे में महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आएंगी। हालांकि जांच अभी जारी है और आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष न्यायिक प्रक्रिया तथा जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा। इंदौर नगर निगम का यह कथित फर्जी बिल घोटाला सरकारी परियोजनाओं में पारदर्शिता और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। ईडी की कार्रवाई के बाद अब सबकी नजरें जांच के अगले चरण पर टिकी हैं, जहां इस मामले की और परतें खुलने की संभावना जताई जा रही है।

नेपाल में बालेन शाह के खिलाफ विरोध प्रदर्शन जारी… भारत ने सीमा पर बढ़ाई चौकसी

नई दिल्ली। भारत (India) की जमीन कब्जा करने के नेपाली पीएम बालेन शाह (Nepali PM Balen Shah) के दावे पर भारतीय विदेश मंत्रालय ने सधी हुई प्रक्रिया दी है। कहा कि सीमा विवादों को सुलझाने के लिए दोनों देशों के बीच एक स्थापित तंत्र है, जिसके जरिये समाधान निकाला जाएगा। साथ ही इसमें किसी भी तीसरे पक्ष की भूमिका को खारिज कर दिया। इस बीच उत्तराखंड (Uttarakhand) से सटे नेपाल के विभिन्न क्षेत्रों में विरोध प्रदर्शन जारी हैं। बालेन शाह के बयान के खिलाफ डडेलधुरा समेत कई स्थानों पर विभिन्न छात्र और युवा संगठनों के कार्यकर्ता विरोध दर्ज करा रहे हैं। इस बीच भारत-नेपाल सीमा (India-Nepal border) पर सुरक्षा एजेंसियों ने सतर्कता बढ़ा दी है। सीमावर्ती क्षेत्रों में सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) और स्थानीय पुलिस ने संयुक्त रूप से गश्त तेज कर दी है। सुरक्षा एजेंसियां घुसपैठ, तस्करी और अन्य अवैध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए पगडंडी मार्गों, चेकपोस्टों और सीमावर्ती गांवों में लगातार निगरानी कर रही हैं। विशेष रूप से उन क्षेत्रों पर फोकस किया जा रहा है जहां सीमा अपेक्षाकृत खुली है और लोगों का आवागमन अधिक रहता है। एसएसबी और स्थानीय पुलिस की संयुक्त गश्तमंगलवार को बलुवाकोट क्षेत्र में थानाध्यक्ष नीमा बोहरा के नेतृत्व में पुलिस और एसएसबी की टीम ने संयुक्त गश्त की। इस दौरान जवानों ने संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के साथ ही स्थानीय लोगों से सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध व्यक्ति अथवा घटना की जानकारी तुरंत पुलिस को देने की अपील की। सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए नियमित गश्त और निगरानी जारी रहेगी। बालेन शाह के बयान पर विदेश मंत्रालयविदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने मंगलवार को साप्ताहिक प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि हमने भारत-नेपाल सीमा के संबंध में नेपाल के प्रधानमंत्री की टिप्पणियों के साथ-साथ इस मामले पर नेपाली विदेश मंत्रालय द्वारा जारी बयान को भी देखा है। रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत-नेपाल सीमा का लगभग 98 फीसदी हिस्सा निर्धारित हो चुका है, फिर भी कुछ हिस्से को सुलझाना बाकी है। उन्होंने कहा कि गंडक नदी के बहाव में परिवर्तन के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई है। इसके अतिरिक्त सीमा के निर्धारित हिस्सों में सीमा पार कब्जे और नो-मैन्स लैंड पर अतिक्रमण के मामले भी हैं, जिनका संयुक्त रूप से मानचित्रण किया जा रहा है। रणधीर जायसवाल ने कहा कि हमने सीमा संबंधी सभी मामलों से निपटने के लिए द्विपक्षीय तंत्र स्थापित किए हैं। सभी संबंधित पक्षों को यह स्पष्ट होना चाहिए कि भारत और नेपाल के बीच द्विपक्षीय मामलों में किसी तीसरे पक्ष की कोई भूमिका नहीं है। हाल में पाकिस्तान और यूरोपीय संघ के संयुक्त बयान में जम्मू-कश्मीर के उल्लेख पर भी भारत ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। जायसवाल ने कहा कि हम संयुक्त प्रेस बयान में भारत के अंदरूनी मामलों पर ऐसे बेवजह जिक्र को पूरी तरह से खारिज करते हैं।