Chambalkichugli.com

तुर्की-पाकिस्तान समीकरण के बीच भारत की बढ़ती रक्षा ताकत, साइप्रस ने दिखाई रणनीतिक हथियारों में गहरी रुचि

नई दिल्ली । वैश्विक भू-राजनीति के बदलते परिदृश्य में रक्षा सहयोग और रणनीतिक साझेदारियां लगातार नई दिशा ले रही हैं। ऐसे समय में भारत की रक्षा क्षमताओं को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ती रुचि एक महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है। हाल के घटनाक्रमों ने यह संकेत दिया है कि भारतीय रक्षा तकनीक अब केवल घरेलू सुरक्षा तक सीमित नहीं रह गई, बल्कि अंतरराष्ट्रीय रणनीतिक समीकरणों में भी उसकी भूमिका तेजी से मजबूत हो रही है। इसी कड़ी में साइप्रस की ओर से भारतीय रक्षा प्रणालियों में बढ़ती दिलचस्पी ने नई चर्चाओं को जन्म दिया है। हाल ही में साइप्रस के राष्ट्रपति Nikos Christodoulides की भारत यात्रा के बाद दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। इस दौरान कई उच्चस्तरीय मुलाकातें हुईं, जिनमें द्विपक्षीय संबंधों और रणनीतिक सहयोग पर विचार-विमर्श किया गया। माना जा रहा है कि इस यात्रा ने दोनों देशों के बीच रक्षा क्षेत्र में संभावित साझेदारी के लिए नई संभावनाएं खोल दी हैं। सूत्रों के अनुसार साइप्रस विशेष रूप से भारत की उन रक्षा प्रणालियों में रुचि दिखा रहा है, जिन्होंने हाल के सैन्य अभियानों के दौरान अपनी क्षमताओं का प्रदर्शन किया था। चर्चा है कि भारत की उन्नत मिसाइल तकनीक और स्वदेशी ड्रोन प्रणालियां साइप्रस के रणनीतिक हितों के केंद्र में हैं। हालांकि अभी तक किसी औपचारिक समझौते की घोषणा नहीं हुई है, लेकिन दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग को लेकर संभावनाएं लगातार मजबूत होती दिखाई दे रही हैं। भारत की रक्षा क्षमता में सबसे अधिक चर्चा जिस प्रणाली को लेकर हो रही है, वह है BrahMos मिसाइल। अपनी सटीकता और तेज मारक क्षमता के कारण यह प्रणाली अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा का विषय बनी हुई है। इसके अलावा स्वदेशी ड्रोन और आधुनिक रक्षा तकनीकों ने भी कई देशों का ध्यान आकर्षित किया है। रक्षा विशेषज्ञ मानते हैं कि भारतीय प्रणालियां अब विश्व बाजार में एक भरोसेमंद और प्रभावी विकल्प के रूप में उभर रही हैं। क्षेत्रीय समीकरणों को देखते हुए इस संभावित सहयोग को रणनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पश्चिम एशिया और यूरोप क्षेत्र में कई देशों के बीच बदलते रक्षा संबंधों के कारण ऐसे सहयोगों को व्यापक भू-राजनीतिक परिप्रेक्ष्य में देखा जा रहा है। विश्लेषकों का मानना है कि यदि रक्षा सहयोग आगे बढ़ता है तो इसका असर केवल सैन्य स्तर पर नहीं बल्कि क्षेत्रीय रणनीतिक संतुलन पर भी पड़ सकता है। भारत पिछले कुछ वर्षों में रक्षा निर्यात को बढ़ावा देने पर लगातार जोर दे रहा है। स्वदेशी तकनीक और आत्मनिर्भरता पर आधारित रक्षा मॉडल ने कई देशों का ध्यान आकर्षित किया है। फिलहाल साइप्रस की बढ़ती दिलचस्पी इस बात का संकेत मानी जा रही है कि भारतीय रक्षा उद्योग अब वैश्विक मंच पर तेजी से अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रहा है। आने वाले समय में यह सहयोग किस दिशा में आगे बढ़ता है, इस पर अंतरराष्ट्रीय रणनीतिक हलकों की नजर बनी रहेगी।

ग्रीष्मकालीन मूंग खरीदी को लेकर प्रशासन सक्रिय: खंडवा में 26 पंजीयन केंद्र बनाए गए

खंडवा । खंडवा जिले में ग्रीष्मकालीन मूंग की समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीदी को लेकर प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। कलेक्टर ऋषव गुप्ता के निर्देश पर जिलेभर में 26 पंजीयन केंद्र स्थापित किए गए हैं, जहां किसान 25 मई से 15 जून 2026 तक अपना निशुल्क पंजीयन करा सकेंगे।प्रशासन का उद्देश्य है कि अधिक से अधिक किसान समय पर रजिस्ट्रेशन कराकर अपनी फसल को सरकारी खरीदी व्यवस्था से जोड़ सकें और उन्हें उचित मूल्य मिल सके। 26 केंद्रों पर मुफ्त पंजीयन की सुविधाकिसानों की सुविधा के लिए बहुउद्देशीय प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों और मार्केटिंग संस्थाओं को पंजीयन केंद्र बनाया गया है। इनमें टेमीकला, सिहाड़ा, गुड़ीखेड़ा, सिंगोट, कालमुखी, अमलपुरा, छैगांवमाखन, पंधाना, मूंदी, भगवानपुरा, सुलगांव, पुनासा, मोहना, दौलतपुरा, छनेरा, बरूड़, सोमगांवखुर्द, किल्लौद, बड़केश्वर, खालवा, खेड़ी और आशापुर सहित कई केंद्र शामिल हैं। इसके अलावा खालवा की कृषक सहकारी विपणन समिति और हरसूद की को-ऑपरेटिव मार्केटिंग सोसायटी में भी पंजीयन की व्यवस्था की गई है। सभी केंद्रों पर यह सुविधा पूरी तरह निशुल्क होगी। ऑनलाइन भी कर सकेंगे पंजीयननिशुल्क केंद्रों के अलावा किसान एमपी ऑनलाइन कियोस्क, कॉमन सर्विस सेंटर (CSC), लोक सेवा केंद्र और साइबर कैफे के माध्यम से भी निर्धारित शुल्क देकर पंजीयन करा सकते हैं। इससे किसानों को अपने नजदीकी स्तर पर ही सुविधा उपलब्ध होगी। गांव-गांव पहुंचेगा प्रचार अभियानप्रशासन ने तहसीलदारों को निर्देश दिए हैं कि कोटवारों और पटवारियों के माध्यम से गांवों में मुनादी कराई जाए, ताकि कोई भी पात्र किसान पंजीयन से वंचित न रहे। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सभी किसान समय पर रजिस्ट्रेशन कर सकें और खरीदी प्रक्रिया में शामिल हो सकें।

खंडवा कारोबारी की हिमाचल में दर्दनाक मौत: सतलज किनारे अंतिम संस्कार, विशेषज्ञों ने बताए पहाड़ों में सुरक्षा टिप्स

खंडवा । खंडवा के प्रसिद्ध कपड़ा कारोबारी और ‘जींस हाउस’ के संचालक मनीष जैन की हिमाचल प्रदेश यात्रा के दौरान दुखद मौत हो गई। वे अपने दोस्तों के साथ घूमने के लिए भारत-चीन सीमा के पास स्थित ऊंचाई वाले क्षेत्र काजा पहुंचे थे, जहां अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई। जानकारी के अनुसार, ऑक्सीजन लेवल कम होने के कारण उन्हें सांस लेने में गंभीर परेशानी हुई। चालक उन्हें तुरंत नजदीकी अस्पताल लेकर पहुंचा, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। परिजन पहुंचे हिमाचल, कठिन परिस्थितियों में किया अंतिम संस्कार22 मई को मौत की सूचना मिलने के बाद उनके बेटे शांतनु जैन, भाई तपिश जैन और करीबी दोस्त तुरंत हिमाचल प्रदेश रवाना हुए। करीब 30 घंटे की कठिन यात्रा के बाद परिजन काजा पहुंचे, जहां बेहद दुर्गम परिस्थितियों में अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी की गई। परिजनों ने बताया कि चारों ओर बर्फ, तेज ठंड और शून्य के आसपास तापमान के बीच अंतिम संस्कार करना बेहद कठिन था। बाद में सतलज नदी के किनारे उनका अंतिम संस्कार कर अस्थियां प्रवाहित की गईं। स्थानीय लोगों और पुलिस ने की मददइस मुश्किल समय में स्थानीय निवासी केसन रेपचिक ने परिजनों की मदद करते हुए लकड़ी, वाहन और अन्य आवश्यक व्यवस्था उपलब्ध कराई। वहीं हिमाचल पुलिस ने भी तत्परता दिखाते हुए सहयोग किया और आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर तुरंत डेथ सर्टिफिकेट जारी किया। परिजनों ने स्थानीय लोगों और प्रशासन की मदद को अत्यंत संवेदनशील और मानवीय बताया। एक्सपर्ट की सलाह: ऊंचाई वाले इलाकों में बरतें विशेष सावधानीईएनटी विशेषज्ञ डॉ. मुनीश मिश्रा के अनुसार, ऊंचाई वाले क्षेत्रों में ऑक्सीजन की कमी के कारण हाई एल्टीट्यूड सिकनेस का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में यात्रियों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। विशेषज्ञों की सलाह है कि-शरीर को ऊंचाई के अनुसार ढलने का समय दिया जाएसांस फूलना या सिरदर्द होने पर तुरंत नीचे के इलाके में लौटेंपल्स ऑक्सीमीटर और पोर्टेबल ऑक्सीजन सिलेंडर साथ रखेंहृदय, बीपी और अस्थमा के मरीज बिना मेडिकल सलाह यात्रा न करेंपर्याप्त पानी पिएं और शराब-धूम्रपान से बचेंसमुदाय में शोक की लहरइस अचानक हुई घटना से खंडवा में शोक का माहौल है। कारोबारी के निधन को व्यापारिक और सामाजिक दोनों ही क्षेत्रों में बड़ी क्षति माना जा रहा है।

खंडवा में सड़क पर हड़कंप: ट्रक-टैंकर की जोरदार टक्कर, आधे घंटे रेस्क्यू के बाद घायल बाहर निकाले गए

खंडवा । खंडवा जिले के इंदौर-एदलाबाद नेशनल हाईवे पर मंगलवार दोपहर एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। पंधाना थाना क्षेत्र की बोरगांव चौकी अंतर्गत एक निजी होटल के सामने ट्रक के ब्रेक फेल हो जाने से वह सामने खड़े टैंकर में जा घुसा। टक्कर इतनी भीषण थी कि ट्रक का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और चालक व क्लीनर केबिन में फंस गए। हादसा करीब दोपहर 2 बजे हुआ, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई और कुछ समय के लिए यातायात भी बाधित रहा। केबिन में फंसे ड्राइवर-क्लीनर, आधे घंटे तक चला रेस्क्यूहादसे में ट्रक चालक नासिर खान और क्लीनर राशिद खान गंभीर रूप से घायल हो गए। टक्कर के बाद दोनों केबिन में बुरी तरह फंस गए, जिन्हें निकालने के लिए पुलिस और स्थानीय लोगों ने रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। सूचना मिलते ही बोरगांव चौकी प्रभारी अविनाश भोपले पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। करीब आधे घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद केबिन का क्षतिग्रस्त हिस्सा काटकर दोनों घायलों को बाहर निकाला गया। इसके बाद डायल-100 की मदद से उन्हें तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पंधाना पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। तेज रफ्तार और ब्रेक फेल हादसे की वजहपुलिस के अनुसार ट्रक तेज रफ्तार में था, इसी दौरान अचानक उसके ब्रेक फेल हो गए। चालक नियंत्रण नहीं रख सका और ट्रक सीधे आगे चल रहे टैंकर से टकरा गया। टक्कर की आवाज इतनी तेज थी कि आसपास के लोग घटनास्थल पर दौड़ पड़े। हाईवे पर बढ़ते हादसों से चिंतास्थानीय लोगों ने बताया कि इंदौर-एदलाबाद हाईवे पर लगातार सड़क दुर्घटनाएं बढ़ रही हैं। भारी वाहनों की तेज रफ्तार, ओवरलोडिंग और तकनीकी खराबी इसके प्रमुख कारण बताए जा रहे हैं। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि हाईवे पर नियमित वाहन जांच, स्पीड कंट्रोल और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जाए, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।

कांग्रेस में बदलाव की सुगबुगाहट? डीके शिवकुमार की बढ़ती दावेदारी के बीच तेज हुआ मंथन

नई दिल्ली । कर्नाटक की राजनीति एक बार फिर चर्चा के केंद्र में आ गई है। राज्य में नेतृत्व परिवर्तन को लेकर राजनीतिक गलियारों में लगातार अटकलें तेज होती दिखाई दे रही हैं। कांग्रेस के भीतर संभावित बदलाव और सत्ता की कमान को लेकर चल रहे मंथन ने सियासी हलचल बढ़ा दी है। हाल के घटनाक्रमों और दिल्ली में शीर्ष स्तर पर जारी बैठकों के बाद यह चर्चा और अधिक तेज हो गई है कि राज्य में नेतृत्व से जुड़ा कोई बड़ा फैसला आने वाले समय में सामने आ सकता है। सूत्रों के हवाले से सामने आ रही चर्चाओं के अनुसार, पार्टी के भीतर मुख्यमंत्री पद को लेकर नए समीकरणों पर विचार किया जा रहा है। ऐसी चर्चा है कि कुछ वरिष्ठ नेता मौजूदा नेतृत्व व्यवस्था में बदलाव के पक्ष में अपनी राय रख रहे हैं। इसी बीच उपमुख्यमंत्री पद संभाल रहे D. K. Shivakumar का नाम संभावित नेतृत्व विकल्प के रूप में तेजी से चर्चा में आया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पार्टी के भीतर उनकी सक्रियता और संगठनात्मक पकड़ उन्हें मजबूत दावेदार बना सकती है। बताया जा रहा है कि कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व ने इस विषय पर लगातार विचार-विमर्श शुरू कर दिया है। दिल्ली में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की एक के बाद एक बैठकों ने राजनीतिक अटकलों को और हवा दी है। इन बैठकों में पार्टी के कई बड़े नेताओं की मौजूदगी को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि अब तक पार्टी की ओर से किसी आधिकारिक निर्णय या बयान की घोषणा नहीं की गई है। राजनीतिक चर्चाओं के बीच यह भी कहा जा रहा है कि कांग्रेस महासचिव Priyanka Gandhi इस पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं और नेतृत्व से जुड़े मंथन में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। वहीं पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेताओं की बैठकों और विचार-विमर्श को भी बेहद अहम माना जा रहा है। हालांकि इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और राजनीतिक चर्चाएं अभी सूत्रों पर आधारित हैं। दिल्ली में हुई बैठकों ने पूरे मामले को और अधिक दिलचस्प बना दिया है। कांग्रेस अध्यक्ष Mallikarjun Kharge, Rahul Gandhi और अन्य वरिष्ठ नेताओं के बीच हुई चर्चाओं को कर्नाटक के राजनीतिक भविष्य से जोड़कर देखा जा रहा है। जानकारी के अनुसार अलग-अलग चरणों में कई बैठकें हुईं, जिनमें राज्य नेतृत्व और संगठनात्मक पहलुओं पर चर्चा किए जाने की संभावना जताई जा रही है। कर्नाटक में सत्ता परिवर्तन और नेतृत्व बदलाव का विषय पहले भी राजनीतिक चर्चाओं का हिस्सा बनता रहा है। राज्य की राजनीति में क्षेत्रीय समीकरण, संगठनात्मक संतुलन और नेतृत्व की भूमिका हमेशा अहम रही है। ऐसे में यदि भविष्य में किसी तरह का निर्णय सामने आता है तो उसका असर केवल राज्य तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी उसके राजनीतिक मायने निकाले जाएंगे। फिलहाल पार्टी की ओर से किसी अंतिम निर्णय का संकेत नहीं दिया गया है, लेकिन लगातार हो रही बैठकों और बढ़ती राजनीतिक चर्चाओं ने कर्नाटक की राजनीति को फिर से राष्ट्रीय बहस के केंद्र में ला दिया है। आने वाले दिनों में इस विषय पर होने वाली गतिविधियों पर सभी की नजर बनी रहेगी।

रोबोटिक डॉग्स से लेकर देसी रामपुर हाउंड तक, सैन्य अभ्यास प्रगति 2026 में दिखी युद्ध की नई तस्वीर

नई दिल्ली । आधुनिक युद्ध अब केवल हथियारों और सैनिकों तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि तकनीक और विशेष सैन्य प्रणालियां भी इसमें तेजी से महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। इसी बदलते सैन्य परिदृश्य की झलक मेघालय के उमरोई में आयोजित बहुराष्ट्रीय सैन्य अभ्यास ‘प्रगति 2026’ में देखने को मिली। इस बार अभ्यास में सिर्फ सैनिकों की रणनीति और सैन्य कौशल ही चर्चा में नहीं रहे, बल्कि भारतीय सेना के प्रशिक्षित K9 योद्धा और रोबोटिक डॉग्स भी आकर्षण का प्रमुख केंद्र बने। अभ्यास के दौरान सैन्य डॉग स्क्वॉड ने अपनी विशेष क्षमताओं का प्रदर्शन करते हुए मौजूद अधिकारियों और विदेशी प्रतिनिधियों का ध्यान खींचा। इन प्रशिक्षित डॉग्स ने विस्फोटक खोजने, संदिग्ध गतिविधियों का पता लगाने, लक्ष्य का पीछा करने और हमले जैसी कई सैन्य गतिविधियों को प्रदर्शित किया। सेना का मानना है कि आधुनिक युद्ध परिस्थितियों में ऐसी टीमें सैनिकों के लिए एक महत्वपूर्ण सहायक शक्ति बनती जा रही हैं। कठिन परिस्थितियों में उनकी भूमिका कई बार अत्यंत निर्णायक साबित होती है। इस अभ्यास में शामिल सैन्य डॉग्स की विशेष भूमिकाएं भी ध्यान आकर्षित करने वाली रहीं। इनमें एक हमला करने वाला प्रशिक्षित डॉग, एक ट्रैकिंग विशेषज्ञ और एक विस्फोटक खोजने वाला डॉग शामिल था। अलग-अलग परिस्थितियों में इनकी क्षमताओं का प्रदर्शन किया गया। सैन्य अधिकारियों के अनुसार युद्ध और सुरक्षा अभियानों में ऐसे प्रशिक्षित डॉग्स की मदद से जोखिम कम करने और अभियान को अधिक प्रभावी बनाने में सहायता मिलती है। इस पूरे अभ्यास में सबसे अधिक चर्चा भारत की देसी नस्ल रामपुर हाउंड की रही। ‘विक्टर’ नाम का यह ट्रैकर डॉग अपनी फुर्ती और सूंघने की तेज क्षमता के कारण आकर्षण का केंद्र बना। सैन्य अधिकारियों का मानना है कि भारतीय नस्लों में स्थानीय मौसम और कठिन परिस्थितियों के अनुसार ढलने की क्षमता अधिक होती है। यही कारण है कि सेना अब स्वदेशी नस्लों को बढ़ावा देने पर विशेष ध्यान दे रही है। इसे आत्मनिर्भरता की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। भारतीय सेना के K9 योद्धाओं की विशेषता यह है कि वे केवल सामान्य इलाकों तक सीमित नहीं रहते। इनका उपयोग रेगिस्तानी क्षेत्रों, घने जंगलों और बर्फीले इलाकों तक में किया जाता है। आतंकवाद विरोधी अभियान, विस्फोटक पदार्थों की खोज और दुश्मन की गतिविधियों पर नजर रखने जैसे कई महत्वपूर्ण कार्यों में इनकी भूमिका लगातार बढ़ रही है। सेना के अनुसार इनकी सबसे बड़ी ताकत तेज सूंघने की क्षमता, अनुशासन और अपने मिशन के प्रति विश्वसनीयता है। अभ्यास में रोबोटिक डॉग्स की मौजूदगी ने भी भविष्य की युद्ध प्रणाली की एक नई तस्वीर पेश की। इनके प्रदर्शन के जरिए यह संकेत दिया गया कि आने वाले समय में तकनीक और पारंपरिक सैन्य कौशल एक-दूसरे के पूरक बनेंगे। सेना का मानना है कि भविष्य में रोबोटिक सिस्टम और K9 टीमें मिलकर सैन्य अभियानों को अधिक सुरक्षित, प्रभावी और आधुनिक बना सकती हैं। प्रगति 2026 ने यह स्पष्ट कर दिया कि युद्ध की नई दुनिया में तकनीक और प्रशिक्षण का यह मेल भविष्य की रणनीति तय करने में बड़ी भूमिका निभाएगा।

सरकारी खरीदी से पहले ही मंडी में मूंग की धूम: खरगोन में 55 हजार क्विंटल बिक्री का अनुमान

खरगोन। खरगोन जिले में गर्मी की मूंग फसल की सरकारी खरीदी शुरू होने से पहले ही किसान अपनी उपज मंडी और खुले बाजार में बेचने लगे हैं। अनुमान है कि 15 जून के बाद सरकारी खरीदी शुरू होने तक करीब 55 हजार क्विंटल मूंग बाजार में पहुंच चुकी होगी। मंगलवार को मंडी में एक ही दिन में लगभग 1500 क्विंटल मूंग की आवक दर्ज की गई। मंडी में बढ़ती आवक यह साफ संकेत दे रही है कि किसान सरकारी खरीदी प्रक्रिया का इंतजार करने के बजाय सीधे बाजार में बिक्री को ज्यादा बेहतर विकल्प मान रहे हैं। मंडी में 6666 से 7551 रुपये तक पहुंचा भावमंगलवार को खरगोन मंडी में मूंग का भाव 6666 से 7551 रुपये प्रति क्विंटल के बीच रहा। लगातार बढ़ती आवक के बीच दामों में भी उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है। वर्तमान में मंडी में मूंग का औसत भाव 6800 से 7600 रुपये प्रति क्विंटल के आसपास बना हुआ है। अनाज मंडी के आंकड़ों के अनुसार 10 मई के बाद मूंग की आवक में तेजी आई है और अब प्रतिदिन 1200 से 1500 क्विंटल मूंग मंडी में पहुंच रही है। सरकारी खरीदी प्रक्रिया में देरी से परेशान किसानकिसानों का कहना है कि सरकारी खरीदी प्रक्रिया काफी धीमी होती है। पंजीयन, गिरदावरी और भुगतान में कई बार एक महीने तक का समय लग जाता है, जिससे किसानों को आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ता है। बारिश के मौसम में यह समस्या और बढ़ जाती है। किसान आत्माराम भाई ने बताया कि अनिश्चितता के कारण उन्होंने इस बार अपनी मूंग 6000 रुपये प्रति क्विंटल के भाव पर मंडी में बेच दी, ताकि समय पर भुगतान मिल सके। 18,500 हेक्टेयर में हुई मूंग की खेतीइस वर्ष खरगोन जिले में लगभग 18,500 हेक्टेयर क्षेत्र में मूंग की खेती की गई है। कृषि उत्पादन के लिहाज से यह खरीफ सीजन की प्रमुख फसलों में से एक मानी जाती है। स्थानीय स्तर पर बढ़ती आवक और बाजार में सक्रिय बिक्री यह संकेत दे रही है कि आने वाले दिनों में मंडी में मूंग की सप्लाई और भी बढ़ सकती है।

धार में सड़क हादसे के बाद बवाल: बोलेरो की टक्कर से युवक की मौत, ग्रामीणों ने किया थाने का घेराव

धार। धार जिले के राजगढ़ थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम छड़ावद में सोमवार देर रात हुए सड़क हादसे के बाद तनावपूर्ण स्थिति बन गई। यहां 28 वर्षीय बाइक सवार सुनील पिता मोहन की बोलेरो वाहन की टक्कर से मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद आक्रोशित परिजन और ग्रामीण शव लेकर राजगढ़ थाने पहुंचे और जमकर विरोध प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने थाने के बाहर शव रखकर लंबे समय तक हंगामा किया और पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। बाद में पुलिस अधिकारियों की समझाइश के बाद स्थिति को नियंत्रित किया जा सका। काम से लौटते समय हुआ हादसा, मुरम के ढेर से बचने की कोशिश में टक्करराजगढ़ थाना प्रभारी समीर पाटीदार के अनुसार, मृतक सुनील राजगढ़ में वेल्डिंग का काम करता था और सोमवार रात काम खत्म कर बाइक से अपने गांव लौट रहा था। छड़ावद मार्ग पर सड़क किनारे केबल बिछाने का कार्य चल रहा था, जहां मुरम का ढेर पड़ा था। बताया गया कि बाइक सवार सुनील मुरम के ढेर से बचने की कोशिश कर रहा था, तभी सामने से आ रही तेज रफ्तार बोलेरो वाहन ने उसे जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि युवक की मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस कार्रवाई पर सवाल, ग्रामीणों ने लगाए गंभीर आरोपघटना के बाद ग्रामीणों ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाए। उनका आरोप है कि हादसे के दौरान पुलिस मौके पर मौजूद थी, लेकिन गंभीर घटना को नजरअंदाज कर वहां से चली गई। इस बात को लेकर ग्रामीणों में भारी नाराजगी देखी गई। वहीं पुलिस का कहना है कि वे इनामी बदमाश की सूचना पर मौके पर पहुंचे थे, और प्रारंभिक जांच में यह पाया गया कि हादसा उससे पहले ही हो चुका था। इनामी बदमाश की सूचना पर पहुंची पुलिस, गलत पहचान का मामलाघटना स्थल पर उस समय देवकृष्ण पुरोहित हत्याकांड के इनामी आरोपी सुरेंद्र भाटी की सूचना पर पुलिस कार्रवाई कर रही थी। इसी दौरान एक युवक को पकड़ लिया गया, लेकिन ग्रामीणों ने उसे सुरेंद्र भाटी नहीं बल्कि रुस्तम बताया। बाद में उसने भी अपना नाम रुस्तम बताया। ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस ने इस भ्रम के चलते सड़क हादसे की ओर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया। बोलेरो चालक के खिलाफ मामला दर्ज, सीसीटीवी से जांच जारीथाना प्रभारी समीर पाटीदार ने बताया कि बोलेरो वाहन चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर उसकी तलाश की जा रही है। पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की जांच की जा रही है और दोषी पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

धार में बड़ी चोरी से हड़कंप: मनावर में लाखों का माल साफ, खुलासे की मांग को लेकर पाटीदार समाज का विरोध

धार। धार जिले के मनावर क्षेत्र में लगातार बढ़ रही चोरी की घटनाओं को लेकर पाटीदार समाज में भारी आक्रोश देखने को मिला। मंगलवार को बड़ी संख्या में समाजजन पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे और एसपी सचिन शर्मा को ज्ञापन सौंपकर हालिया बड़ी चोरी की वारदात का जल्द खुलासा करने और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की। इस दौरान भाजपा ग्रामीण अध्यक्ष चंचल पाटीदार सहित कई लोग मौजूद रहे। समाजजनों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे। घर से तिजोरी उठाकर ले गए चोर, सोना-चांदी और नकदी चोरीज्ञापन में बताया गया कि 20 मई की रात मनावर तहसील के ग्राम कवठी में दीपक पिता सोमजी पाटीदार के घर अज्ञात बदमाशों ने खिड़की तोड़कर प्रवेश किया और तिजोरी ही उठा ले गए। आरोप है कि चोरों ने करीब 400 ग्राम सोना, ढाई किलो चांदी और लगभग 3 लाख रुपये नकद चोरी कर लिए। पीड़ित परिवार ने 21 मई को सिंघाना चौकी में रिपोर्ट दर्ज कराई थी, लेकिन समाजजनों का आरोप है कि एफआईआर में चोरी गए सामान का पूरा विवरण शामिल नहीं किया गया। सीसीटीवी फुटेज सौंपने के बावजूद कार्रवाई धीमीपरिवार ने बताया कि चोरी की घटना से जुड़े सीसीटीवी फुटेज पुलिस को सौंप दिए गए हैं, लेकिन अब तक कोई बड़ी कार्रवाई सामने नहीं आई है। इससे स्थानीय लोगों में असंतोष और पुलिस की कार्यशैली को लेकर सवाल उठ रहे हैं। किसानों के खेतों से मोटर चोरी, ग्रामीणों में डर का माहौलसमाजजनों ने यह भी बताया कि क्षेत्र में चोरी की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। किसानों के खेतों से मोटर चोरी जैसी वारदातें भी सामने आ रही हैं, जिससे ग्रामीणों में भय और नाराजगी का माहौल है। मनावर तहसील पाटीदार समाज के अध्यक्ष देवराम पाटीदार ने आरोप लगाया कि इतनी बड़ी चोरी के बावजूद थाना प्रभारी और एसडीओपी मौके पर नहीं पहुंचे, जिससे लोगों में नाराजगी और बढ़ गई है। थाना प्रभारी पर लापरवाही के आरोपसमाजजनों ने कहा कि पुलिस की ओर से मामले में गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है और जांच में लापरवाही बरती गई है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही चोरी का खुलासा कर आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया गया और चोरी का सामान बरामद नहीं हुआ तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा। एसपी ने दिया जांच और कार्रवाई का आश्वासनमामले में एसपी सचिन शर्मा ने समाजजनों को आश्वासन दिया है कि शिकायत की गंभीरता से जांच की जाएगी और आवश्यक कार्रवाई जल्द की जाएगी।

Ebola Alert: हैदराबाद एयरपोर्ट पर बढ़ी सख्ती, अफ्रीका में बढ़ते मामलों के बीच भारत में एहतियात तेज

नई दिल्ली। अफ्रीका के कुछ देशों में इबोला वायरस के नए मामलों और मौतों की रिपोर्ट के बाद वैश्विक स्तर पर चिंता बढ़ गई है। इसी के चलते भारत में भी एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं। हैदराबाद के राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर इबोला अलर्ट के तहत विशेष जांच और निगरानी को और सख्त कर दिया गया है। स्वास्थ्य अधिकारियों के मुताबिक, इबोला से प्रभावित या जोखिम वाले देशों से आने वाले यात्रियों की अब अधिक बारीकी से स्क्रीनिंग की जा रही है। एयरपोर्ट पर मेडिकल टीमों को अलर्ट पर रखा गया है और संदिग्ध लक्षणों वाले यात्रियों की तुरंत जांच की व्यवस्था की गई है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि ये सभी कदम एहतियाती हैं और इसका उद्देश्य किसी भी संभावित संक्रमण को शुरुआती स्तर पर ही रोकना है। यात्रियों की ट्रैवल हिस्ट्री, स्वास्थ्य स्थिति और लक्षणों की निगरानी की जा रही है, ताकि किसी भी जोखिम को समय रहते नियंत्रित किया जा सके। इबोला जैसे गंभीर और संक्रामक वायरस को देखते हुए दुनियाभर के कई देशों ने अपने एयरपोर्ट्स पर स्क्रीनिंग बढ़ा दी है। भारत भी इसी वैश्विक प्रोटोकॉल का पालन करते हुए सुरक्षा उपायों को मजबूत कर रहा है। हवाई अड्डा प्रशासन ने यात्रियों से सहयोग की अपील की है और कहा है कि सामान्य संचालन जारी है, लेकिन स्वास्थ्य जांच के चलते थोड़ी अतिरिक्त प्रक्रिया से गुजरना पड़ सकता है। किसी भी संदिग्ध मामले में तुरंत आइसोलेशन और मेडिकल जांच की व्यवस्था की गई है।