कांग्रेस प्रवक्ता शमा मोहम्मद ने केरल विधानसभा चुनाव में टिकट नहीं मिलने पर जताया दुख

नई दिल्ली। कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. शमा मोहम्मद ने केरल विधानसभा चुनाव में टिकट नहीं मिलने पर दुख प्रकट करते हुए कहा कि पार्टी ने सिर्फ नौ महिला उम्मीदवारो को टिकट दिया है, जो चिंता का विषय है। उन्होंने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से महिला सीटें बढाने की अपील की। कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. शमा मोहम्मद ने नाराजगी व्यक्त करते हुए शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर पोस्ट कर लिखा कि, हमें नकारा गया है, लेकिन हम हारे नहीं हैं। मैं अपने नेता राहुल गांधी से आग्रह करती हूं कि केरल की कांग्रेस महिलाओं की मदद करें। 92 टिकटों में से सिर्फ 9 महिलाओं को ही टिकट दिए गए हैं। 2024 के लोकसभा चुनाव में भी 16 टिकटों में सिर्फ एक महिला को मौका मिला था। अगर कोई महिला प्रतिभाशाली हो, तब भी हालात बेहद खराब हैं। यह बहुत दुखद है। डॉ. शमा मोहम्मद ने कहा कि महिलाओं के प्रतिभाशाली होने के बावजूद भी उनको नाकारा जा रहा है, यह बहुत ही दुख की बात है। उन्होंने अपने नेता राहुल गांधी से अपील की है कि इस पर ध्यान दिया जाए ताकि कांग्रेस की प्रतिभाशाली महिलाओं को भी अवसर मिले। उल्लेखनीय है कि, डॉ. शमा मोहम्मद कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता और अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) की सदस्य हैं। केरल में जन्मी और पेशे से दंत चिकित्सक है, शमा मोहम्मद 2015 में कांग्रेस में शामिल हुईं और पार्टी के मीडिया पैनल में सक्रिय भूमिका निभाती हैं, साथ ही महिला शिक्षा व सुरक्षा जैसे मुद्दों को उठाती हैं।
भारत की फार्मा इंडस्ट्री का जलवा, उत्पादन में दुनिया में तीसरे और मूल्य में 11वें स्थान पर

नई दिल्ली भारत की मेडिसिनल इंडस्ट्री आज वैश्विक स्तर पर एक मजबूत और भरोसेमंद पहचान बनी है। प्रोडक्ट (वॉल्यूम) के आधार पर भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा उत्पादन उत्पादक देश है, जबकि मूल्य (वॉल्यूम) के खाते से 11वें स्थान पर है। देश में 3,000 से ज्यादा दवा निर्माता और 10,500 से ज्यादा मैन्युफैक्चरिंग इकाइयां काम कर रही हैं, जो इस सेक्टर की विशालता और कारोबार को खत्म कर रही हैं। तेजी से मजबूत मांग, मजबूत उत्पादन क्षमता और कम्युनिस्ट पार्टी में उछाल ने भारत को “फार्मेसी ऑफ द वर्ल्ड” के रूप में स्थापित किया है। तेजी से बढ़ता घरेलू बाज़ार और भागीदारभारत का घरेलू दवा बाजार करीब 60 अरब डॉलर का है और अनुमान है कि 2030 तक यह उछाल 130 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है। आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 के अनुसार, वित्त वर्ष 2024-25 में इस सेक्टर का कुल कारोबार 4.72 करोड़ लाख रुपये तक पहुंच गया। पिछले एक दशक में दवाओं में सामान्यतः 7 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि दर्ज की गई है। खास बात यह है कि भारत का ड्रग कंट्रोलर 2000-01 के 1.9 अरब डॉलर से बढ़कर 2024-25 में 30.5 अरब डॉलर तक पहुंच गया, जो लगभग 16 गुना बढ़ गया है। जेनेरिक औषधियों में भारत का बाज़ारभारत दुनिया में जेनेरिक केरीज़ का सबसे बड़ा सप्लायर है और ग्लोबल स्टॉकहोम में उसका स्टॉक 20 प्रतिशत के करीब है। देश में करीब 60 अलग-अलग मेडिकल स्टोर्स में 60,000 से ज्यादा जेनेरिक दवाइयां बनाई जाती हैं। न केवल भारत में स्वास्थ्य सेवाएँ बेहतर हैं, बल्कि दुनिया भर के देशों के लिए भी भारत एक प्रतिष्ठित बाज़ार बन गया है। मजबूत मैन्युफैक्चरिंग और गुणवत्ता पर भरोसाभारत में अमेरिका के सबसे अधिक ऐसे मैन्युफैक्चरिंग प्लांट हैं, जिनमें अमेरिकी खाद्य एवं औषधि प्रशासन (यूएसएफडीए) के अनुमोदन शामिल हैं। यह भारतीय औषधियों की गुणवत्ता और सुरक्षा पर वैश्विक मान्यता का बड़ा प्रमाण है। देश में करीब 500 एक्टिवेशन प्रोडक्शन रॉ माल (एपीआई) का उत्पादन होता है, जो ग्लोबल ग्लोबल मार्केट का करीब 8 प्रतिशत हिस्सा है। वैक्सीन पॉडकास्ट में भी भारत अग्रणीभारत वैक्सीन उत्पादन में दुनिया के प्रमुख देशों में भी शामिल है। डिप्थीरिया, टिटनस, काली खांसी (डीपीटी), बीसीजी और खसरा जैस वैक्सीन की भारत में बड़ी भूमिका है। यूनिसेफ भारत को लगभग 60 प्रतिशत वैक्सीन पोस्ट करता है, जबकि विश्व स्वास्थ्य संगठन की खसरा वैक्सीन की मांग का लगभग 90 प्रतिशत हिस्सा भारत पूरा करता है। यह वैश्विक स्वास्थ्य प्रणाली में भारत की अहम भूमिका शामिल है। व्यापार घटनाक्रम और भविष्य की डेटयूरोपीय संघ, यूनाइटेड किंगडम और न्यूजीलैंड जैसे देशों के प्रस्तावित और औद्योगिक व्यापार भारतीय दवा सेक्टर को और प्लेसमेंट देंगे। इससे बाजार नए खुलेंगे, निवेश बढ़ेगा और रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे। सरकार की शुरूआत, विदेशी निवेश और इनोवेशन पर बड़ा फोकस इस सेक्टर को नई ऊंचाई तक ले जा रहा है। भारत की औषधि उद्योग न केवल देश की अर्थव्यवस्था का मजबूत स्तंभ बन गया है, बल्कि वैश्विक स्वास्थ्य व्यवस्था में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। आने वाले वर्षों में इसका विस्तार और प्रभाव और भी बढ़ने की पूरी संभावना है।
रोमांटिक ट्रिप के लिए परफेक्ट जगहें, पार्टनर के साथ यादगार सफर का प्लान करें
नई दिल्ली। भागदौड़ भरी जिंदगी में अगर आप अपने राजभवन के साथ कुछ पवित्र और स्मारक महल में जगह बनाना चाहते हैं, तो बेहतर से बेहतर कोई विकल्प नहीं हो सकता। एक रोमांटिक यात्रा केवल आपके विविधताओं में नई ऊर्जा भारती है, बल्कि सामंजस्यपूर्ण समझ और रिश्तों को भी मजबूत आधार देती है। भारत में कई ऐसी खूबसूरत जगहें हैं, जहां आप अपनी राजधानी के साथ प्रकृति, रोमांच और दिव्यता का शानदार अनुभव ले सकते हैं। अगर आप भी किसी खास यात्रा की योजना बना रहे हैं तो ये डेस्टिनेशन आपके लिए अचूक साबित हो सकता है। मनाली: हर कपल का ड्रीम डेस्टिनेशनरोमांटिक ट्रिप की जब भी बात होती है तो सबसे पहले मनाली का नाम सामने आता है। बर्फ से ढकी पहाड़ियां, जंगली हवाएं और रिहायशी नदियां इस जगह की बेहद खस्ता संरचना हैं। यहां होता है कपल्स को ऐसा अहसास, जैसे वे किसी फिल्मी दुनिया का हिस्सा हों। आप अपने महानगर के साथ तिब्बती मठों की सैर कर सकते हैं, नदी तट पर कैंपिंग का मजा ले सकते हैं या फिर भृगु झील तक ट्रैकिंग कर सकते हैं। ओरिजिनल में इस जगह की खूबसूरती को और बढ़ाया गया है, जिससे आपकी यात्रा और भी रोमांटिक बन जाती है। लैंडौर: सार्वभौम और शांति की तलाश करने वालों के लिएयदि आप भीड़-भाड़ वाली जगह से दूर शांत और सार्वभौम पुरामहानगर चाहते हैं, तो आपके लिए ज़मीन का विकल्प सबसे अच्छा विकल्प है। हिमालय के भगवान बसा में यह छोटा सा हिल स्टेशन अपनी प्राकृतिक प्रकृति और शांत वातावरण के लिए जाना जाता है। कोहरे से बूढ़ी पहाड़ियाँ, देवदार के जंगल और बदशं के फूल यहाँ के माहौल को बेहद रोमांटिक बनाते हैं। लाल टिब्बा, सेंट पॉल चर्च, फोर शॉप और केलॉग मेमोरियल चर्च जैसे आकर्षण इस जगह की खास पहचान हैं। यहां का सीजन भी ज्यादातर समय सुहावना रहता है, जहां कपल्स के लिए यह एक आदर्श गेटवे बन जाता है। रोमांस और रोमांच का शानदार मेल लंबे समय से कपल्स की पहली पसंद बनी है। यहां की अनोखी हवाएं, हरियाली से भरपूर पहाड़ और मॉल रोड की सड़कें हर किसी को आकर्षित करती हैं। आप अपने बालाजी के साथ रिज मैदान में सैर कर सकते हैं, कुफरी में साहसिक गतिविधियों का मजा ले सकते हैं या चैल की खूबसूरत हस्तियों में सार्वभौम के महल की सैर कर सकते हैं। इसके अलावा, यहां की दुकानें और स्थानीय व्यंजन भी आपकी यात्रा को खास बनाते हैं।रागरावा के स्टोर में क्यों है खास? बेंगलुरु के साथ घूमना सिर्फ एक ट्रिप नहीं, बल्कि घूमने को और मजबूत बनाने का जरिया है। यह आपको एक-दूसरे के साथ क्वालिटी टाइम रहने, नई जगहों को एक्सप्लोर करने और मेमोरियल लम्हे बनाने का मौका देता है। प्रकृति के बीच के अवशेष ये पल लंबे समय तक आपके दिल में बस जाते हैं। अगर आप अपने आर्किटेक्चर में नई ताजगी और रोमांस की चाहत रखते हैं, तो इन खूबसूरत जगहों की यात्रा जरूर करें। सही प्रशिक्षकों और सही गंतव्य के साथ आपकी यात्रा जीवन भर की याद बन सकती है।
कमेंट्री विवाद पर Laxman Sivaramakrishnan का बयान, BCCI और जय शाह को बताया निर्दोष

नई दिल्ली आईपीएल 2026 के कार्यक्रम से ठीक पहले भारतीय क्रिकेट जगत में एक बड़ी खोज की चर्चा है। पूर्व स्पिनर और लंबे समय से कमेंट्री का जाना-पहचाना सामना कर रहे लक्ष्मण शिवरामकृष्णन ने कमेंट्री में शिक्षकों के अपने जजमेंट को लेकर साफ कर दिया है कि इसमें भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड या जय शाह की कोई भूमिका नहीं है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए कहा कि यह पूरी तरह से एक निजी मामला है और इसे बोर्ड से जोड़ा जाएगा। “ये वन-ऑन-वन मामला है, बीसीसीआई को नहीं घसीटें”शिवकृष्णरामन ने अपने बयान में स्पष्ट शब्दों में कहा कि उनका विवाद किसी एक कर्मचारी के साथ व्यक्तिगत स्तर पर है। उन्होंने लिखा, “बीसीसीआई प्रशासन को मत लाओ। यह वन-ऑन-वन मामला है। जय शाह और उनकी टीम का इससे कोई लेना-देना नहीं है।” उनके इस बयान के बाद कई तरह की अटकलों को खारिज कर दिया गया, जो उनकी अचानक टिप्पणी रिलीज के फैसले को लेकर जा रही थी। 20 मार्च को कमेंट्री रिलीज का ऐलान किया गया थासिद्धांत यह है कि लक्ष्मण शिवरामकृष्णन ने 20 मार्च को आधिकारिक रूप से बास्केटबॉल के साथ अपनी टिप्पणी ली थी और इस फैसले को खत्म करने का निर्णय लिया था। लगभग दो दशकों से लेकर अब तक कमेंट्री पैनल का हिस्सा रहे शिवरामकृष्णन ने अपने अनुभव और विश्लेषण से क्रिकेट प्रेमियों के बीच खास पहचान बनाई थी। ऐसे में उनका अचानक हटना सभी के लिए चमकता हुआ दिखाई दे रहा है। ऑन-एयरोस्ट्रक्चर से डायरेक्टोरेट करने का आरोपअपने फैसले के पीछे तर्कपूर्ण टिप्पणी में उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें लंबे समय तक एक साथ रहने के बावजूद अहम ने कई ऑन-एयर होस्टेस से दूर रखा है। विशेष रूप से टॉस प्रेजेंटेशन और मैच के बाद के शो में उन्हें शामिल नहीं किया गया था। उन्होंने प्रश्न करते हुए कहा, ”अगर 23 साल में मुझे इन स्टूडियो के लिए नहीं चुना गया, तो इसके पीछे क्या कारण हो सकता है?” भेदभाव के संकेत भी दिये गये शिवकृष्णन ने भेदभाव की ओर भी अपना बयान दिया। एक सोशल मीडिया गीतकार द्वारा दिए गए रंगभेद से संबंधित टिप्पणी पर सहमति प्रस्ताव में यह एक विशेष कारण बताया गया है। हालाँकि उन्होंने इस मुद्दे पर विस्तार से कुछ नहीं कहा, लेकिन उनके इस संकेत ने विवाद खड़ा कर दिया है।निजी निर्णय बताया, नियंत्रण पेशेवर की बात लगातार तीखी चर्चाओं और आलोचनाओं के बीच उन्होंने स्पष्ट किया कि यह निर्णय पूरी तरह से निजी है। उनका कहना है कि वह अपनी प्रोफेशनल लाइफ पर खुद पर नियंत्रण रखना चाहती हैं और इसी वजह से उन्होंने यह कदम उठाया है। शानदार करियर, अब नई राह की ओर क्रिकेट इतिहास की बात करें तो लक्ष्मण शिवरामकृष्णन ने 1985 से 1987 के बीच भारत के लिए 9 टेस्ट और 16 लोकप्रिय मैच खेले, जिसमें उन्होंने क्रमशः 26 और 15 विकेट हासिल किए। क्रिकेट से संन्यास के बाद उन्होंने वॉव और सफल उद्यमियों पर टिप्पणी की।
एमएसपी पर गेहूं खरीद की तैयारी पूरी, इंदौर संभाग में 1 अप्रैल से शुरू, किसानों को मिलेगा बोनस का फायदा

मध्यप्रदेश के इंदौर संभाग में किसानों के लिए राहत और उत्साह की खबर सामने आई है। प्रदेश में न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी एमएसपी पर गेहूं की सरकारी खरीद 1 अप्रैल से शुरू होने जा रही है। प्रशासन ने इस पूरी प्रक्रिया को सुचारू और पारदर्शी बनाने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूर्ण कर ली हैं। इस बार गेहूं खरीद को लेकर किसानों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है, जिसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि बड़ी संख्या में किसानों ने पंजीकरण कराया है। इंदौर संभाग में इस बार कुल 1.91 लाख किसानों ने गेहूं बेचने के लिए अपना पंजीयन कराया है। यह संख्या पिछले वर्षों की तुलना में काफी अधिक है, जिससे यह साफ संकेत मिलता है कि सरकारी खरीद व्यवस्था पर किसानों का भरोसा बढ़ा है। पूरे प्रदेश की बात करें तो करीब 19.04 लाख किसानों ने इस योजना के तहत पंजीकरण कराया है, जो राज्य में व्यापक स्तर पर होने वाली खरीदी को दर्शाता है। जिलावार आंकड़ों की बात करें तो इंदौर जिले में सबसे अधिक 71,713 किसानों ने पंजीकरण कराया है। इसके बाद धार में 44,466, खंडवा में 35,104, खरगोन में 27,557 और झाबुआ में 7,120 किसानों ने पंजीकरण कराया है। वहीं बड़वानी में 4,724, बुरहानपुर में 523 और अलीराजपुर में 476 किसानों ने भी इस प्रक्रिया में भाग लिया है। इन आंकड़ों से साफ है कि पूरे संभाग में किसानों ने इस योजना में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया है। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने जानकारी दी है कि इंदौर के साथ-साथ उज्जैन, भोपाल और नर्मदापुरम संभागों में भी 1 अप्रैल से गेहूं की खरीदी शुरू की जाएगी। जबकि अन्य संभागों में यह प्रक्रिया 7 अप्रैल से प्रारंभ होगी। खरीद का समय सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक निर्धारित किया गया है और यह केवल सरकारी कार्यदिवसों में ही संचालित होगी, जिससे व्यवस्था को बेहतर तरीके से संभाला जा सके। इस बार सरकार ने किसानों को अतिरिक्त लाभ देने के लिए गेहूं की एमएसपी के साथ प्रति क्विंटल ₹40 का बोनस देने का निर्णय लिया है। इस बोनस के बाद किसानों को गेहूं का कुल भाव ₹2,625 प्रति क्विंटल प्राप्त होगा। यह कदम किसानों की आय बढ़ाने और उन्हें उनकी उपज का बेहतर मूल्य देने के उद्देश्य से उठाया गया है। प्रशासन ने खरीदी प्रक्रिया को पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने के लिए सभी जरूरी व्यवस्थाएं सुनिश्चित कर ली हैं, ताकि किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। खरीद केंद्रों पर तौल, परिवहन और भुगतान की प्रक्रिया को भी सरल और तेज बनाने की दिशा में काम किया गया है। इस बार की गेहूं खरीद प्रक्रिया किसानों के लिए काफी फायदेमंद साबित होने की उम्मीद है। पंजीकरण में आई बढ़ोतरी और सरकार द्वारा दिए जा रहे बोनस ने किसानों की उम्मीदों को और मजबूत किया है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि खरीद प्रक्रिया कितनी सुचारू और सफल रहती है।
सागर में सनसनीखेज मामला, चलती कार में आग से पत्नी की मौत, डॉक्टर पति पर उठे सवाल, भाई ने जताई हत्या की आशंका

मध्यप्रदेश के सागर जिले में शनिवार तड़के एक दर्दनाक और रहस्यमयी घटना ने सभी को झकझोर कर रख दिया। गढ़ाकोटा रोड पर चलती कार में अचानक आग लग गई, जिसमें सवार एक महिला की जलकर मौत हो गई, जबकि उनके डॉक्टर पति सुरक्षित बच निकले। यह घटना सुबह करीब चार बजे के आसपास हुई, जब दोनों पति-पत्नी इलाज के सिलसिले में सागर की ओर जा रहे थे। कार में सवार डॉक्टर नीलेश कुर्मी और उनकी पत्नी सीमा कुर्मी इस हादसे का शिकार हुए। बताया जा रहा है कि गाड़ी एक सीएनजी कार थी, जिसमें अचानक आग लगने से स्थिति बेकाबू हो गई। आग इतनी तेजी से फैली कि महिला को बाहर निकलने का मौका ही नहीं मिला और वह कार के अंदर ही जल गईं। वहीं, डॉक्टर पति किसी तरह बाहर निकलकर अपनी जान बचाने में सफल रहे। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाया। हालांकि तब तक कार पूरी तरह जल चुकी थी और महिला की जान जा चुकी थी। मौके पर पहुंची फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य एकत्र किए हैं, ताकि आग लगने के कारणों का पता लगाया जा सके। पुलिस ने पूरे मामले को संदिग्ध मानते हुए हर पहलू से जांच शुरू कर दी है। इस बीच मृतका के भाई लोकेश पटेल ने इस घटना को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं और हत्या की आशंका जताई है। उनका कहना है कि अगर यह एक सामान्य दुर्घटना होती, तो घटनास्थल पर स्पष्ट निशान दिखाई देते, लेकिन वहां ऐसा कुछ नहीं मिला। उन्होंने आशंका जताई कि या तो उनकी बहन को पहले ही बेहोश किया गया या फिर उन्हें मृत अवस्था में कार में बैठाया गया। उन्होंने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। लोकेश ने यह भी बताया कि घटना से पहले उन्हें डॉक्टर नीलेश का फोन आया था, जिसमें उन्होंने बताया कि सीमा को हार्ट अटैक आया है और वे उसे अस्पताल लेकर जा रहे हैं। कुछ समय बाद फिर से फोन आया और बताया गया कि रास्ते में दुर्घटना हो गई और कार में आग लग गई, जिसमें सीमा की मौत हो गई। इस बदलते बयान ने भी मामले को और संदिग्ध बना दिया है। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, पति-पत्नी के बीच अक्सर विवाद होने की बात भी सामने आई है, जो जांच के दायरे में एक अहम बिंदु बन गया है। पुलिस अब दोनों पक्षों से पूछताछ कर रही है और मामले की गहराई से जांच कर रही है। फिलहाल पुलिस हर एंगल से इस घटना की पड़ताल कर रही है, जिसमें हादसा, तकनीकी खराबी या किसी साजिश की संभावना शामिल है। अधिकारियों का कहना है कि सच्चाई जल्द सामने लाई जाएगी और जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है और लोग इस रहस्यमयी मौत को लेकर कई सवाल उठा रहे हैं।
अयोध्या में Lucknow Super Giants का दर्शन, Rishabh Pant और Sanjeev Goenka ने लिया आशीर्वाद
नई दिल्ली इंडियन प्रीमियर लीग 2026 के कार्यक्रम से पहले लखनऊ सुपर जायंट्स (एलएसजी) की टीम आध्यात्मिक ऊर्जा ने अयोध्या महोत्सव लिया, जहां खिलाड़ियों और टीम ने राम मंदिर में रामलला के दर्शन किए। इस खास मौके पर टीम के मालिक संजीव गोयनका और कप्तान ऋषभ पंत भी मौजूद हैं। मंदिर परिसर में टीम का भव्य स्वागत हुआ और पूजा-प्रतिष्ठा के बाद सभी को पूरे मंदिर का भ्रमण कराया गया। इस दौरान सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए और टीम ने इस आध्यात्मिक अनुभव की झलक सोशल मीडिया पर भी शेयर की। नई शुरुआत की उम्मीद, पिछले सीज़न की अंतिम शुरुआत की कोशिशएलएसजी के लिए यह यात्रा केवल धार्मिक आस्था नहीं है, बल्कि एक नई शुरुआत का संकेत भी माना जा रहा है। 2022 में आईपीएल से जुड़ी इस टीम ने अब तक एक बार भी फाइनल में जगह नहीं बनाई है। आईपीएल 2025 में ऋषभ पंत की टीम मैदान पर थी, लेकिन प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा। टीम प्लेऑफ़ में भी कोई रीच नहीं है और रैंक गार्ड में बढ़त स्थान रही है। पंत का बल्ला भी इंजीनियर और असिस्टेंट कैप्टन रह रहा था, उनके प्रभाव पर सीमित नजर पड़ी। नए सीज़न में बदले रंग-रूप और रणनीतिआईपीएल 2026 के लिए एलएसजी ने बड़े बदलाव किए हैं। टीम ने कोचिंग स्टाफ से लेकर प्लेयर्स और यहां तक कि जर्सी तक में बदलाव किया है। फ़्रैंचाइज़ इस बार एक नई सोच और नई ऊर्जा के साथ मैदान में उतरने जा रही है। टीम का लक्ष्य साफ है-पहली बार खिताब जीतना और लीग में अपनी मजबूत पहचान बनाना। इन स्टार प्लेयर्स पर इलाक़ा सबलैटिनएलएसजी को इस सीजन में अपने प्रमुख खिलाड़ियों से बेहतरीन प्रदर्शन की उम्मीद होगी। कप्तान ऋषभ पंत के अलावा निकोलस पूरन, एडेन मार्कराम, मिशेल मार्श, मोहम्मद शमी, मयंक यादव और मोहसिन खान जैसे खिलाड़ी टीम की ताकत होंगे। एलएसजी के इस सीजन में पहली बार सभी की नजरें टिकी शैतान पर टिकी शैतान पर नजरें रहेंगी और भारतीय टीम में वापसी की कोशिश में हैं। आस्था से विश्वास तक, क्या बदलेगी एलएसजी की किस्मत?रामलला के दर्शन के साथ एलएसजी ने अपने अभियान की सकारात्मक शुरुआत की। टीम को उम्मीद है कि यह आध्यात्मिक ऊर्जा क्षेत्र पर भी प्रदर्शन करेगा और पिछले सीज़न की शुरुआत इस बार खिताब की दौड़ में शामिल होने से पीछे रह जाएगी।
सुरक्षा के नए युग की शुरुआत छतरपुर में 1.86 करोड़ का कंट्रोल रूम बना निगरानी का मजबूत आधार

छतरपुर में पुलिस व्यवस्था को और अधिक सशक्त और आधुनिक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। पुलिस लाइन परिसर में तैयार किए गए अत्याधुनिक कंट्रोल रूम का शुभारंभ सागर रेंज की आईजी हिमानी खन्ना ने किया। इस अवसर पर डीआईजी विजय खत्री की उपस्थिति ने कार्यक्रम की गरिमा को और बढ़ा दिया। उद्घाटन के दौरान वरिष्ठ अधिकारियों ने फीता काटकर इस नई सुविधा की शुरुआत की और इसे पुलिसिंग में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। कार्यक्रम में एसपी अगम जैन और एएसपी आदित्य पटले सहित कई अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। करीब 1.86 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित यह आधुनिक दो मंजिला भवन पुलिस हाउसिंग के माध्यम से विकसित किया गया है। इस भवन को विशेष रूप से आधुनिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए डिजाइन किया गया है ताकि पुलिस कार्यप्रणाली अधिक प्रभावी और व्यवस्थित बन सके। इसमें कुल 9 कमरे बनाए गए हैं जिनमें विभिन्न तकनीकी और प्रशासनिक कार्यों को संचालित किया जाएगा। भवन में अत्याधुनिक संचार व्यवस्था स्थापित की गई है जिससे जिले के विभिन्न थानों के बीच तेज और बेहतर समन्वय सुनिश्चित होगा। नए कंट्रोल रूम की सबसे बड़ी खासियत इसका उन्नत सीसीटीवी मॉनिटरिंग सिस्टम है। इसके माध्यम से शहर के प्रमुख क्षेत्रों पर चौबीसों घंटे नजर रखी जाएगी। इससे न केवल अपराधों पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी बल्कि किसी भी घटना की स्थिति में पुलिस तुरंत और प्रभावी कार्रवाई कर सकेगी। हाईटेक तकनीक के उपयोग से पुलिस की प्रतिक्रिया क्षमता में उल्लेखनीय सुधार आने की उम्मीद है। आईजी हिमानी खन्ना ने इस अवसर पर कहा कि आधुनिक तकनीक से लैस यह कंट्रोल रूम पुलिसिंग को नई दिशा देगा। उन्होंने बताया कि इससे न केवल सूचनाओं का बेहतर प्रबंधन होगा बल्कि घटनाओं पर त्वरित और सटीक कार्रवाई भी संभव होगी। उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह की सुविधाएं पुलिस और जनता के बीच विश्वास को और मजबूत करेंगी। कंट्रोल रूम के शुरू होने से शहर की सुरक्षा व्यवस्था में एक नया अध्याय जुड़ गया है। अब पुलिस को शहर के विभिन्न हिस्सों की वास्तविक समय में जानकारी मिल सकेगी जिससे अपराधियों पर नकेल कसना और भी आसान होगा। यह पहल न केवल कानून व्यवस्था को मजबूत करेगी बल्कि नागरिकों को सुरक्षित वातावरण प्रदान करने में भी अहम भूमिका निभाएगी। इस आधुनिक कंट्रोल रूम के माध्यम से छतरपुर पुलिस अब पहले से अधिक सतर्क सक्रिय और तकनीकी रूप से सक्षम हो गई है। इससे शहर में शांति और सुरक्षा बनाए रखने में मदद मिलेगी और पुलिसिंग का स्तर और अधिक प्रभावशाली होगा। यह परियोजना भविष्य में अन्य जिलों के लिए भी एक आदर्श मॉडल बन सकती है।
सिवनी में टोल प्लाजा पर हिंसा, निहंग सिखों का हमला, कर्मचारियों से मारपीट और मोबाइल लूट, मचा हड़कंप

सिवनी /मध्यप्रदेश के सिवनी जिले में एक टोल प्लाजा पर हुई हिंसक घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी। यह मामला लखनादौन थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले मड़ई टोल प्लाजा का है, जहां शुक्रवार दोपहर कुछ निहंग सिखों द्वारा जमकर हंगामा किया गया। इस घटना में टोल कर्मचारियों के साथ मारपीट की गई और एक कर्मचारी का मोबाइल फोन छीनकर आरोपी मौके से फरार हो गए। पूरी घटना वहां लगे सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड हो गई है, जिसके आधार पर पुलिस जांच में जुट गई है। जानकारी के अनुसार, घटना उस समय हुई जब टोल प्लाजा पर तीन वाहन बिना टोल दिए बैरिकेड तोड़कर आगे बढ़ने की कोशिश कर रहे थे। मौके पर मौजूद टोल कर्मचारियों ने जब वाहनों को रोकने का प्रयास किया, तो विवाद बढ़ गया। देखते ही देखते बात गाली-गलौज और हाथापाई तक पहुंच गई। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि आरोपियों ने कर्मचारियों पर हमला कर दिया। बताया जा रहा है कि इस घटना में टोल प्लाजा के शिफ्ट इंचार्ज मुनेश सिंह बघेल गंभीर रूप से घायल हो गए। आरोप है कि निहंगों ने उन्हें तलवार की मूठ और डंडों से पीटा, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं। हमले के दौरान आरोपियों ने उनका मोबाइल फोन भी छीन लिया और मौके से फरार हो गए। इस पूरी घटना ने वहां मौजूद अन्य कर्मचारियों और यात्रियों को भी भयभीत कर दिया। घटना के बाद टोल प्लाजा प्रबंधन ने तत्काल लखनादौन थाना में शिकायत दर्ज कराई। टोल प्लाजा के मैनेजर अमित कुमार गुप्ता ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाएं सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं और कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना जरूरी है। पुलिस ने शिकायत और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, आरोपियों की पहचान की जा रही है और पुलिस उनकी तलाश में जुटी हुई है। बताया जा रहा है कि आरोपी पंजाब से नांदेड़ की ओर जा रहे थे। पुलिस को उम्मीद है कि जल्द ही आरोपियों को पकड़ लिया जाएगा और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस घटना ने एक बार फिर टोल प्लाजा पर सुरक्षा व्यवस्था और कानून व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। लगातार ऐसी घटनाएं सामने आने से कर्मचारियों में डर का माहौल बन रहा है। प्रशासन का कहना है कि किसी भी तरह की गुंडागर्दी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों को कानून के तहत कड़ी सजा दी जाएगी। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है और आगे की कार्रवाई की जा रही है।
भोपाल-इंदौर हाईवे पर भीषण हादसा TUV पलटी 5 छात्र घायल जांच जारी

भोपाल-इंदौर :शनिवार की सुबह मध्य प्रदेश के सीहोर जिले में भोपाल-इंदौर हाईवे पर एक दर्दनाक सड़क हादसे ने लोगों को झकझोर कर रख दिया। यह हादसा उस समय हुआ जब एक तेज रफ्तार TUV वाहन अनियंत्रित होकर पलट गया और उसमें सवार पांच छात्र गंभीर रूप से घायल हो गए। बताया जा रहा है कि सभी छात्र एक निजी कॉलेज में पढ़ाई करते हैं और रोजाना की तरह कॉलेज जा रहे थे। लेकिन अचानक हुए इस हादसे ने उनकी यात्रा को दर्दनाक घटना में बदल दिया। हादसा सुबह करीब 10 बजे सीहोर और आष्टा के बीच स्थित भाड़ा खेड़ी जंक्शन के पास हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, वाहन काफी तेज गति में चल रहा था। अचानक ड्राइवर का नियंत्रण वाहन पर से हट गया और गाड़ी सड़क पर अनियंत्रित होकर पलट गई। पलटते ही जोरदार आवाज सुनाई दी, जिससे आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए। देखते ही देखते वहां अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों ने तुरंत गाड़ी के अंदर फंसे छात्रों और चालक को बाहर निकालने का प्रयास किया। कुछ छात्र गाड़ी के अंदर बुरी तरह फंसे हुए थे, जिन्हें निकालने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। घटना में कुछ छात्रों को गंभीर चोटें आई हैं, जबकि अन्य को हल्की चोटों के साथ अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सभी घायलों को तत्काल सीहोर जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। प्रारंभिक जांच में हादसे का कारण तेज रफ्तार बताया जा रहा है, लेकिन एक और संभावना यह भी जताई जा रही है कि गाड़ी का टायर अचानक फट गया, जिसके कारण ड्राइवर वाहन पर नियंत्रण खो बैठा और यह दुर्घटना हो गई। हालांकि, पुलिस ने अभी तक किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंची है और पूरे मामले की गहन जांच की जा रही है। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और घटनास्थल की जांच शुरू कर दी। हादसे के बाद हाईवे पर कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित हुआ। पुलिस ने क्रेन की मदद से वाहन को हटाकर यातायात को सुचारू किया। अधिकारियों का कहना है कि दुर्घटना के सही कारणों का पता लगाने के लिए सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। घायलों के परिजनों को घटना की सूचना दे दी गई है, जिसके बाद वे अस्पताल पहुंचने लगे। इस हादसे ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और वाहन की फिटनेस पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि तेज रफ्तार और वाहन की खराब स्थिति सड़क हादसों का बड़ा कारण बन रही है। फिलहाल, सभी घायलों का इलाज जारी है और पुलिस की जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। इस हादसे ने एक बार फिर यह संदेश दिया है कि सड़क पर जरा सी लापरवाही भी जानलेवा साबित हो सकती है, इसलिए हर वाहन चालक को पूरी सावधानी और जिम्मेदारी के साथ वाहन चलाना चाहिए।