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असम में बकरीद पर बड़ा सामाजिक संदेश: गो-कुर्बानी से परहेज की स्वैच्छिक पहल, भाईचारे की नई मिसाल

नई दिल्ली। बकरीद के अवसर पर असम से सामने आई एक सामाजिक और प्रशासनिक रूप से संवेदनशील पहल ने देशभर में आपसी सौहार्द, कानून के पालन और धार्मिक समन्वय को लेकर नई चर्चा को जन्म दिया है। राज्य के धुबरी, होजाई, बोंगाईगांव और उधारबंद सहित कई क्षेत्रों की ईदगाह और कब्रिस्तान कमेटियों ने इस वर्ष बकरीद के दौरान गो-वध से स्वैच्छिक रूप से दूरी बनाए रखने का निर्णय लेते हुए समुदाय से औपचारिक अपील जारी की है। इस निर्णय को केवल धार्मिक परंपरा के बदलाव के रूप में नहीं देखा जा रहा, बल्कि इसे सामाजिक शांति, कानूनी अनुपालन और सामुदायिक संतुलन को मजबूत करने की दिशा में एक व्यावहारिक प्रयास माना जा रहा है। स्थानीय स्तर पर यह कदम विभिन्न समुदायों के बीच संवाद और भरोसे को बढ़ाने वाली पहल के रूप में देखा जा रहा है। असम में लागू मवेशी संरक्षण कानून के तहत गाय के वध पर सख्त प्रतिबंध है और इसके उल्लंघन पर कठोर कानूनी कार्रवाई का प्रावधान किया गया है। इस कानून के अनुसार दोषी पाए जाने पर कारावास और आर्थिक दंड जैसी सजा दी जा सकती है। इसी कानूनी ढांचे को ध्यान में रखते हुए ईदगाह कमेटियों ने स्पष्ट किया है कि किसी भी प्रकार की ऐसी गतिविधि से बचना आवश्यक है जो कानून का उल्लंघन बने या जिससे अनावश्यक विवाद की स्थिति उत्पन्न हो। कमेटियों का कहना है कि धार्मिक परंपराओं को निभाते हुए भी कानून का सम्मान करना हर नागरिक का कर्तव्य है, और इसी संतुलन के साथ समाज में शांति बनाए रखी जा सकती है। धार्मिक दृष्टिकोण से जारी संदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि इस्लाम में कुर्बानी का मूल उद्देश्य आस्था, समर्पण और सामाजिक जिम्मेदारी का प्रतीक है, न कि किसी विशेष पशु तक सीमित परंपरा। इसी कारण समुदाय से आग्रह किया गया है कि वे वैध विकल्पों के माध्यम से धार्मिक कर्तव्यों का पालन करें, जिससे किसी भी प्रकार की धार्मिक या सामाजिक भावना प्रभावित न हो। यह पहल इस विचार को भी सामने लाती है कि धार्मिक आस्था और सामाजिक संवेदनशीलता एक साथ आगे बढ़ सकती हैं, बशर्ते संवाद और समझ का मार्ग अपनाया जाए। कमेटियों ने अपने अपील पत्र में यह भी कहा है कि भारत जैसे विविधता वाले देश में विभिन्न धर्मों और समुदायों के बीच आपसी भाईचारा, शांति और सद्भाव बनाए रखना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। इसी संदर्भ में यह भी अनुरोध किया गया है कि कोई भी ऐसा कार्य न किया जाए जिससे किसी अन्य समुदाय की भावनाएं आहत हों या सामाजिक वातावरण में तनाव पैदा हो। पिछले वर्ष कुछ क्षेत्रों में उत्पन्न हुई अप्रिय घटनाओं का उल्लेख करते हुए इस बार विशेष सतर्कता और जिम्मेदारी के साथ त्योहार मनाने की अपील की गई है ताकि ऐसी स्थितियों की पुनरावृत्ति न हो। डिजिटल युग में सामाजिक संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए यह भी निर्देश दिया गया है कि कुर्बानी से संबंधित किसी भी प्रकार की तस्वीर या वीडियो सोशल मीडिया पर साझा न की जाए। इस अपील का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि अनावश्यक विवाद या गलतफहमी की स्थिति न बने और समाज में शांति और सद्भाव का वातावरण बना रहे। यह कदम आधुनिक संचार माध्यमों के प्रभाव को ध्यान में रखते हुए एक सावधानीपूर्ण प्रयास के रूप में देखा जा रहा है। इस पूरे मामले पर राज्य सरकार और प्रशासन की ओर से भी सकारात्मक प्रतिक्रिया सामने आई है। मुख्यमंत्री ने इस पहल का स्वागत करते हुए इसे सामाजिक एकता और आपसी सम्मान को मजबूत करने वाला कदम बताया है। प्रशासन की ओर से भी बकरीद के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए विशेष दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं और केवल निर्धारित स्थानों पर ही धार्मिक गतिविधियों को अनुमति देने पर जोर दिया गया है। कुल मिलाकर असम की यह पहल इस बात का संकेत देती है कि यदि समाज स्वेच्छा से संवाद, समझ और जिम्मेदारी के साथ आगे बढ़े, तो धार्मिक परंपराएं और सामाजिक व्यवस्था एक-दूसरे के पूरक बन सकती हैं। यह उदाहरण यह भी दर्शाता है कि विविधता भरे समाज में संतुलन और शांति बनाए रखने के लिए सामूहिक प्रयास कितने महत्वपूर्ण होते हैं।

जैक खिसका और खत्म हो गई जिंदगी: वेयरहाउस के पास ट्रक ड्राइवर की दर्दनाक मौत

मध्यप्रदेश। शिवपुरी जिले के अमोला थाना क्षेत्र अंतर्गत सिरसौद गांव के पास शनिवार को एक दर्दनाक सड़क हादसा सामने आया, जिसमें एक ट्रक चालक की जान चली गई। यह हादसा उस समय हुआ जब सरकारी गेहूं से लदा ट्रक वेयरहाउस के पास पहुंचा हुआ था और उसी दौरान वाहन के टायर में तकनीकी खराबी आ गई। जानकारी के अनुसार, ट्रक चालक सुरेंद्र पाल, जो गजऊआ गांव (थाना बैराड़) का निवासी था, टायर बदलने का कार्य कर रहा था। इसी दौरान उसने ट्रक को जैक के सहारे खड़ा कर टायर में हवा भरने की कोशिश की, लेकिन अचानक जैक खिसक गया। इसी लापरवाही और असंतुलन के चलते भारी-भरकम ट्रक आगे की ओर सरक गया और चालक सीधे उसके नीचे दब गया। ट्रक स्टाफ के सदस्य भगवान सिंह पाल ने बताया कि टायर बदलने के दौरान सुरक्षा के लिए कोई अतिरिक्त सपोर्ट या ओट नहीं लगाई गई थी, जिसके कारण वाहन असंतुलित होकर आगे बढ़ गया और यह बड़ा हादसा हो गया। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और आसपास मौजूद लोगों ने तत्काल घायल चालक को बाहर निकालने की कोशिश की। गंभीर रूप से घायल सुरेंद्र पाल को आनन-फानन में एंबुलेंस के माध्यम से जिला अस्पताल ले जाया जा रहा था, लेकिन स्थिति लगातार बिगड़ती चली गई। बताया गया कि शिवपुरी शहर पहुंचने से पहले ही चालक ने रास्ते में दम तोड़ दिया। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की जानकारी मिलते ही जिला अस्पताल चौकी पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मर्ग कायम कर लिया है। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है और यह पता लगाया जा रहा है कि सुरक्षा मानकों में कहां चूक हुई। इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर भारी वाहनों के रखरखाव और सुरक्षा उपायों की अनदेखी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

पंजाब में कानून व्यवस्था पर बड़ा सवाल: ड्यूटी पर जा रहे ASI जोगा सिंह की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या, हमलावर फरार

नई दिल्ली । पंजाब के मजीठा इलाके में रविवार सुबह हुई एक सनसनीखेज वारदात ने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया। ड्यूटी पर जा रहे पंजाब पुलिस के असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर जोगा सिंह की अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी। इस घटना के बाद इलाके में भय और तनाव का माहौल बन गया है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, जोगा सिंह सुबह करीब छह बजे अपने स्कूटर पर अमृतसर की ओर ड्यूटी के लिए रवाना हुए थे। बताया जा रहा है कि जैसे ही वह मजीठा के पास पहुंचे, तभी मोटरसाइकिल पर सवार दो बदमाशों ने उनका रास्ता रोक लिया और बेहद करीब से फायरिंग कर दी। अचानक हुए इस हमले में उन्हें दो गोलियां लगीं, जिनमें एक छाती और दूसरी कमर के पास लगी। गंभीर रूप से घायल होने के कारण उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया। घटना को अंजाम देने के बाद हमलावर तेजी से मौके से फरार हो गए। इस वारदात की खबर मिलते ही पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया। वरिष्ठ अधिकारी तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे और पूरे इलाके को घेरकर जांच शुरू कर दी गई। फॉरेंसिक टीम ने मौके से अहम साक्ष्य जुटाए हैं और खाली कारतूस भी बरामद किए गए हैं। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है ताकि आरोपियों की पहचान की जा सके। पुलिस का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है और किसी भी संभावना को नजरअंदाज नहीं किया जा रहा। मृतक ASI जोगा सिंह लंबे समय से पुलिस विभाग में सेवाएं दे रहे थे और अपने शांत स्वभाव तथा ईमानदार कार्यशैली के लिए जाने जाते थे। उनके अचानक हुए निधन से परिवार के साथ-साथ पुलिस महकमे में भी शोक की लहर दौड़ गई है। गांव और आसपास के क्षेत्रों में लोगों ने इस घटना पर गहरा दुख जताया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह खुलेआम पुलिस अधिकारी की हत्या होना कानून व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती है। घटना के बाद पुलिस ने इलाके में बड़े स्तर पर तलाशी अभियान शुरू कर दिया है। कई संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है और सीमावर्ती इलाकों में भी निगरानी बढ़ा दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि हमलावरों को जल्द पकड़ लिया जाएगा और इस मामले में सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल हत्या के पीछे की असली वजह साफ नहीं हो पाई है, लेकिन पुलिस निजी रंजिश, आपराधिक गतिविधियों और अन्य संभावित कारणों को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। इस घटना ने एक बार फिर राज्य में सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस कर्मियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आम लोगों के बीच भी डर का माहौल देखने को मिल रहा है। लगातार बढ़ती आपराधिक घटनाओं ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। पुलिस अब इस मामले को प्राथमिकता के आधार पर सुलझाने में जुटी हुई है ताकि आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर कानून के कठघरे में खड़ा किया जा सके। इमेज बनाने या संबंधित फोटो तैयार करने के लिए आपको लॉग इन करना होगा। लॉग इन करने के बाद मैं इस खबर से जुड़ी प्रोफेशनल न्यूज़-स्टाइल इमेज भी बना दूंगा।

कड़ी सुरक्षा और जैमर के बीच परीक्षा, मोबाइल-बैग सहित इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस पर पूरी पाबंदी

मध्यप्रदेश। ग्वालियर शहर में रविवार को संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की प्रारंभिक परीक्षा का आयोजन कड़े सुरक्षा इंतजामों के बीच शुरू हुआ। शहर के कुल 21 परीक्षा केंद्रों पर यह परीक्षा आयोजित की जा रही है, जिसमें 6652 अभ्यर्थी अपने भविष्य की सबसे महत्वपूर्ण परीक्षाओं में से एक में शामिल हो रहे हैं। सुबह से ही परीक्षा केंद्रों के बाहर अभ्यर्थियों की लंबी कतारें देखने को मिलीं। सभी परीक्षार्थियों को सख्त चेकिंग प्रक्रिया से गुजरने के बाद ही परीक्षा हॉल में प्रवेश दिया गया। प्रशासन ने परीक्षा की पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए व्यापक व्यवस्था की है। परीक्षा केंद्रों पर मोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच, बैग, जूते और किसी भी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस ले जाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। यहां तक कि परीक्षा हॉल में जूते-मोजे पहनकर प्रवेश भी वर्जित किया गया है, जबकि अभ्यर्थियों को केवल चप्पल पहनकर अंदर जाने की अनुमति दी गई है। साथ ही पारदर्शी पानी की बोतल ले जाने की अनुमति दी गई है। परीक्षा को दो सत्रों में आयोजित किया जा रहा है। पहला सत्र सुबह 9:30 बजे से 11:30 बजे तक और दूसरा सत्र दोपहर 2:30 बजे से 4:30 बजे तक संपन्न होगा। सभी परीक्षा केंद्रों पर जैमर लगाए गए हैं ताकि किसी भी प्रकार की इलेक्ट्रॉनिक नकल या संचार की संभावना को रोका जा सके। प्रशासन ने कलेक्टर कार्यालय के कक्ष क्रमांक-113 में एक कंट्रोल रूम स्थापित किया है, जो परीक्षा के सुचारू संचालन के लिए लगातार सक्रिय रहेगा। यह कंट्रोल रूम सुबह 7 बजे से लेकर परीक्षा समाप्ति तक कार्यरत रहेगा। इसके अलावा परीक्षा से संबंधित किसी भी प्रकार की शिकायत या सुझाव के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए गए हैं, जिससे अभ्यर्थी और उनके परिजन संपर्क कर सकते हैं। परीक्षा के पर्यवेक्षण के लिए संघ लोक सेवा आयोग द्वारा दो अधिकारियों को विशेष पर्यवेक्षक के रूप में नियुक्त किया गया है। कड़े अनुशासन और सुरक्षा के बीच चल रही यह परीक्षा अभ्यर्थियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, और प्रशासन इसे पूरी तरह निष्पक्ष और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए सतर्क नजर रखे हुए है।

आंधी के आसार के बीच तपिश बरकरार, ग्वालियर में बढ़ी मुश्किलें

मध्यप्रदेश। ग्वालियर शहर इन दिनों भीषण गर्मी की चपेट में है, जहां तापमान लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहा है। रविवार को सुबह से ही तेज धूप और गर्म हवाओं ने लोगों का हाल बेहाल कर दिया। सुबह 5:30 बजे जहां तापमान 29.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था, वहीं मात्र तीन घंटे के भीतर यानी 8:30 बजे तक यह बढ़कर 36 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। इससे साफ संकेत मिल रहे हैं कि दिन चढ़ने के साथ गर्मी और भी अधिक तीव्र रूप ले रही है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, शनिवार को शहर का अधिकतम तापमान 43 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था, जो इस सीजन के सबसे गर्म दिनों में से एक रहा। वहीं रविवार को न्यूनतम तापमान भी 29 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जिससे रातों में भी राहत नहीं मिल पा रही है। लगातार बढ़ते तापमान ने आम जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। हवाओं में नमी की कमी के कारण गर्मी और अधिक तीखी महसूस की जा रही है। लोगों को अधिक प्यास लग रही है और पानी की खपत में भी तेजी से बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। दोपहर के समय स्थिति इतनी गंभीर हो जाती है कि शहर की प्रमुख सड़कों पर सन्नाटा पसर जाता है और लोग केवल अत्यंत आवश्यक कार्य होने पर ही घरों से बाहर निकल रहे हैं। मौसम विभाग ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि शाम के समय आंधी चलने की संभावना है, लेकिन इससे तापमान में किसी बड़े बदलाव की उम्मीद नहीं है। विभाग का अनुमान है कि अगले एक सप्ताह तक गर्मी से राहत मिलने की कोई संभावना नहीं है और पारा और भी बढ़ सकता है। भीषण गर्मी का असर न केवल इंसानों पर बल्कि पशु-पक्षियों पर भी देखने को मिल रहा है। ग्वालियर चिड़ियाघर में जानवरों को गर्मी से बचाने के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। उनकी डाइट में पानी से भरपूर फल और सब्जियां बढ़ाई गई हैं, साथ ही बाड़ों में पर्याप्त पानी और ठंडक की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है। कुल मिलाकर, ग्वालियर में गर्मी ने जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है और आने वाले दिनों में राहत की कोई उम्मीद नजर नहीं आ रही है।

ग्वालियर में किराएदार पर रेप का आरोप, घर में बुलाकर की वारदात

मध्यप्रदेश।  ग्वालियर शहर के झांसी रोड थाना क्षेत्र स्थित नाका चंद्रवदनी इलाके में उस समय सनसनी फैल गई जब एक शादीशुदा महिला के साथ उसके ही पड़ोसी किराएदार द्वारा दुष्कर्म किए जाने का गंभीर मामला सामने आया। यह घटना न केवल इलाके में भय का माहौल पैदा कर गई है, बल्कि किराएदार और मकान मालिक के बीच बने भरोसे के रिश्ते पर भी बड़ा सवाल खड़ा कर रही है। पुलिस के अनुसार, 29 वर्षीय पीड़िता अपने परिवार के साथ किराए के मकान में रहती है और घरों में खाना बनाने का काम कर अपने परिवार का भरण-पोषण करती है। उसी मकान के दूसरे हिस्से में विजय सोनी नाम का युवक भी किराए पर रहता था। एक ही मकान में रहने के कारण दोनों परिवारों के बीच सामान्य मेल-जोल था और इसी भरोसे का आरोपी ने गलत फायदा उठाया। पीड़िता द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत में बताया गया कि शनिवार रात आरोपी विजय सोनी ने उसे किसी काम का बहाना बनाकर अपने कमरे में बुलाया। महिला बिना किसी शक के वहां पहुंच गई, लेकिन थोड़ी ही देर में हालात बदल गए। बातचीत के दौरान आरोपी ने अचानक महिला के साथ जबरदस्ती शुरू कर दी। जब महिला ने विरोध किया और खुद को बचाने की कोशिश की तो आरोपी ने उसके साथ मारपीट की, थप्पड़ मारा और उसका मुंह दबाकर उसे चुप करा दिया। पीड़िता के अनुसार, आरोपी ने करीब रात 1:30 बजे से लेकर तड़के 4 बजे के बीच लगातार उसके साथ दुष्कर्म किया। घटना के बाद भी आरोपी का क्रूर व्यवहार खत्म नहीं हुआ। जब महिला अपने कमरे में जाने लगी तो उसे रोककर धमकाया गया कि अगर उसने किसी को इस घटना के बारे में बताया या पुलिस में शिकायत की तो उसे जान से मार दिया जाएगा। इस धमकी से डरी महिला किसी तरह सुबह अपने पति को पूरी घटना बताने में सफल रही। इसके बाद पीड़िता अपने पति के साथ झांसी रोड थाने पहुंची और पूरी घटना की जानकारी पुलिस को दी। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी विजय सोनी के खिलाफ दुष्कर्म, मारपीट और जान से मारने की धमकी देने की गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया गया है और उसके बयान दर्ज किए जा रहे हैं। वहीं वारदात के बाद से आरोपी फरार है। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की अलग-अलग टीमें संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। स्थानीय लोगों में इस घटना को लेकर आक्रोश और भय का माहौल है। पुलिस का कहना है कि आरोपी को जल्द गिरफ्तार कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

ठगी के आरोप में अनोखा फैसला, पड़ोसी युवक से कराई गई शादी

मध्यप्रदेश।  ग्वालियर के झांसी रोड थाना क्षेत्र के नाका चंद्रवदनी इलाके में शादी के नाम पर बड़े ठगी गिरोह का खुलासा हुआ है। एक निजी अस्पताल में काम करने वाले रतन शर्मा को गरीब परिवार की लड़की बताकर शादी के लिए फंसाया गया, जबकि दुल्हन पहले से शादीशुदा निकली।सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि जिस व्यक्ति ने खुद को भाई बताकर कन्यादान कराया, वही दुल्हन का असली पति निकला। 7 मई को हुई शादी, 7 लाख रुपए खर्च कर बनाया गया फर्जी रिश्तापीड़ित रतन शर्मा की शादी 7 मई 2026 को पाटनकर चौराहा स्थित एक होटल में हिंदू रीति-रिवाज से कराई गई थी। इस शादी में करीब 7 लाख रुपए खर्च हुए। शादी से पहले 27 अप्रैल को गोद भराई की रस्म भी कराई गई, जिसमें आरोपी खुद को लड़की का भाई बताकर शामिल हुआ। फर्जी परिवार ने निभाई रस्में, कन्यादान भी निकला धोखाशादी में दुल्हन की मां बनकर आरोपी की मां माया देवी ने कन्यादान किया, जबकि अन्य सदस्य भी नकली रिश्तेदार बनकर मौजूद रहे। शादी के बाद दुल्हन को ससुराल लाया गया और सब कुछ सामान्य लग रहा था। व्हाट्सऐप चैट से खुला राज, असली पति निकला पड़ोसी का साथीशक होने पर जब रतन ने पत्नी का मोबाइल चेक किया तो व्हाट्सऐप चैट से पूरे फर्जीवाड़े का खुलासा हो गया। पता चला कि कन्यादान कराने वाला सोनू उर्फ अजय चौहान ही दुल्हन का असली पति है और दोनों ने पहले ही आर्य समाज मंदिर में प्रेम विवाह कर लिया था। जेवर और नकदी लूटने की साजिश का आरोपपीड़ित परिवार का कहना है कि यह पूरा गिरोह शादी के बहाने जेवर और नकदी ठगने की साजिश में था। मामले का खुलासा होने पर दुल्हन को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया गया। 7 आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज, पुलिस जांच में जुटीपुलिस ने दुल्हन राधा उर्फ दीक्षा, उसके असली पति सोनू उर्फ अजय चौहान सहित 7 लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी और आपराधिक षड्यंत्र का मामला दर्ज किया है। पुलिस के अनुसार यह गिरोह पहले भी इसी तरह की ठगी कर चुका है, और अब सभी आरोपियों की तलाश की जा रही है। फर्जी शादी गिरोह पर उठे सवालइस घटना ने एक बार फिर शादी के नाम पर हो रही ठगी और संगठित गिरोहों की सक्रियता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है।

नेत्र और त्वचा दान के साथ देहदान अभियान ने दिखाई नई दिशा

मध्यप्रदेश।  मध्यप्रदेश की इंदौर नगरी एक बार फिर मानवता की मिसाल बनकर सामने आई है। शहर में 11 मई से 20 मई के बीच 10 दिनों में 9 लोगों ने देहदान कर समाज को प्रेरित किया है। इनमें रमेश बिल्लोरे, जीवनसिंह गिल, शंकरलाल यादव, महेंद्र केकरे, हेमलता नाहर, रामचंद्र जैसवानी, शैला चौरड़िया, शिशुपाल जुनेजा और हेमंत चौहान जैसे नाम शामिल हैं। इन सभी मामलों में परिजनों ने मृत्यु के बाद अपने प्रियजनों के शरीर को मेडिकल शिक्षा और शोध कार्य के लिए समर्पित कर दिया। देहदान से पहले नेत्र और त्वचा दान, कई लोगों को मिला नया जीवनदेहदान से पहले सभी मामलों में नेत्र और त्वचा दान भी किया गया, जिससे जरूरतमंद मरीजों को नई रोशनी और जीवन का सहारा मिला। यह पहल मानव सेवा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। इसके बाद देह को मेडिकल कॉलेजों और शोध संस्थानों को सौंपा गया, ताकि भविष्य के डॉक्टरों को अध्ययन में सहायता मिल सके। देहदान में पुलिस का ‘गार्ड ऑफ ऑनर’, सम्मान के साथ अंतिम विदाईमध्यप्रदेश सरकार के निर्देशों के अनुसार सभी देहदानों के दौरान पुलिस द्वारा ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ दिया गया, जिससे दिवंगतों को सम्मानजनक विदाई दी गई। हालांकि एक मामले में शैला चौरड़िया के परिजनों ने सादगी को प्राथमिकता देते हुए यह सम्मान लेने से इनकार किया। मेडिकल संस्थानों और संगठनों की अहम भूमिकाइस पूरी प्रक्रिया में एमजीएम मेडिकल कॉलेज, श्री अरविंदो मेडिकल कॉलेज, इंडेक्स मेडिकल कॉलेज, एम वाय अस्पताल, शंकरा आई बैंक, एमके इंटरनेशनल आई बैंक सहित कई संस्थानों ने सहयोग दिया। सामाजिक संगठन मुस्कान ग्रुप सहित अन्य संस्थाओं ने भी लगातार जनजागरूकता अभियान चलाकर लोगों को देहदान के लिए प्रेरित किया। एक दशक में 350 से अधिक देहदान, बढ़ी सामाजिक जागरूकताइंदौर में पिछले 10 वर्षों में 350 से अधिक देहदान दर्ज किए गए हैं। हाल ही में ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ की व्यवस्था लागू होने के बाद देहदान की संख्या में तीन गुना वृद्धि देखी गई है। अब देहदान और अंगदान करने वाले परिवारों को राष्ट्रीय पर्वों जैसे 26 जनवरी और 15 अगस्त पर भी सम्मानित करने की योजना है। मानवता का संदेशदेहदान केवल एक चिकित्सा प्रक्रिया नहीं, बल्कि यह मानव सेवा, संवेदनशीलता और समाज के प्रति समर्पण का प्रतीक बन चुका है। इंदौर का यह अभियान आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।

कॉकरोच जनता पार्टी’ पर भड़के रैपर सैंटी शर्मा, बोले- देश को इंटरनेट ड्रामा नहीं, असली मुद्दों पर बहस चाहिए

नई दिल्ली । सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ ट्रेंड को लेकर अब विवाद और भी गहरा गया है। इस पूरे मामले में चर्चित रैपर और गीतकार सैंटी शर्मा ने खुलकर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इस वायरल ट्रेंड को गंभीर राजनीतिक आंदोलन मानने से इनकार करते हुए इसे “इंटरनेट ड्रामा” करार दिया है। साथ ही उन्होंने इसके पीछे काम कर रहे लोगों और उनके इरादों पर भी सवाल उठाए हैं। सैंटी शर्मा का कहना है कि सोशल मीडिया के जरिए युवाओं की भावनाओं को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि आज की युवा पीढ़ी बिना किसी तथ्य की जांच किए इंटरनेट पर चल रहे ट्रेंड्स को आंख बंद करके फॉलो करने लगी है, जो समाज और देश दोनों के लिए खतरनाक हो सकता है। उनके मुताबिक, किसी भी आंदोलन या विचारधारा को समझने से पहले उसकी पृष्ठभूमि और उद्देश्य को जानना बेहद जरूरी है। रैपर ने ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के संस्थापक अभिजीत दीपके पर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि असली सामाजिक मुद्दों पर काम करने के बजाय सोशल मीडिया के जरिए केवल नैरेटिव तैयार किया जा रहा है। सैंटी शर्मा ने कहा कि अगर कोई खुद को राष्ट्रवादी बताता है, तो उसे रोजगार, शिक्षा, विकास, तकनीक और राष्ट्रीय एकता जैसे विषयों पर काम करना चाहिए, न कि केवल इंटरनेट पर आक्रोश फैलाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि युवाओं को उग्र विरोध और सड़क राजनीति की ओर धकेलना सही नहीं है। सैंटी शर्मा के अनुसार लोकतंत्र में हर राजनीतिक दल की आलोचना की जा सकती है, लेकिन देश को केवल विरोध और गुस्से की राजनीति से आगे बढ़ाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि लगातार नफरत और भड़काऊ माहौल तैयार करने से समाज में अस्थिरता बढ़ती है और इससे देश के विकास पर असर पड़ता है। सैंटी शर्मा ने सोशल मीडिया पर सक्रिय कुछ संदिग्ध अकाउंट्स को लेकर भी चिंता जाहिर की। उनका कहना है कि कई बार ऐसे ट्रेंड्स को बाहरी ताकतों और देश विरोधी सोच रखने वाले अकाउंट्स से भी समर्थन मिलता है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे किसी भी वायरल अभियान का हिस्सा बनने से पहले उसकी सच्चाई को जरूर परखें। इस पूरे विवाद के बाद लोग यह जानना भी चाहते हैं कि आखिर सैंटी शर्मा कौन हैं। मध्य प्रदेश के रतलाम से आने वाले सैंटी शर्मा का असली नाम गणेश शर्मा है। उन्होंने देसी हिप-हॉप और रैप म्यूजिक की दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाई है। साल 2014 के आसपास उन्होंने अपने संगीत करियर की शुरुआत की थी। शुरुआती दौर में उनके स्वतंत्र गानों ने युवाओं के बीच अच्छी लोकप्रियता हासिल की। बाद में उन्होंने कमर्शियल म्यूजिक की दुनिया में भी कदम रखा और कई चर्चित रैप ट्रैक्स दिए। अपने अनोखे अंदाज और बेबाक बयानों की वजह से सैंटी शर्मा अक्सर चर्चा में रहते हैं। इससे पहले भी वह कई विवादित मुद्दों पर अपनी राय रख चुके हैं। हाल ही में उन्होंने संगीत इंडस्ट्री से जुड़े एक विवाद में भी खुलकर प्रतिक्रिया दी थी, जिसके बाद सोशल मीडिया पर उनकी काफी चर्चा हुई थी। फिलहाल, ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ को लेकर दिया गया उनका बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। कुछ लोग उनके विचारों का समर्थन कर रहे हैं, तो कुछ लोग इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर सवाल उठाने वाला बयान बता रहे हैं। हालांकि सैंटी शर्मा का साफ कहना है कि भारत को इंटरनेट पर फैलने वाले आक्रोश से ज्यादा रचनात्मक बहस और समाधान आधारित सोच की जरूरत है।

सड़क हादसे के बाद भिड़े दो पक्ष, लात-घूंसे चले, पुलिस जांच में जुटी

मध्यप्रदेश। इंदौर के तुकोगंज थाना क्षेत्र स्थित रेसकोर्स रोड के पास शनिवार देर रात दो बाइकों की टक्कर के बाद मामला अचानक हिंसक हो गया। टक्कर के बाद दोनों पक्षों के युवक आपस में भिड़ गए और सड़क पर ही लात-घूंसे चलने लगे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार विवाद रॉन्ग साइड से बाइक टकराने को लेकर शुरू हुआ, जो देखते ही देखते मारपीट में बदल गया। काफी देर तक सड़क पर हंगामा चलता रहा, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को नियंत्रित किया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने स्वतः संज्ञान लेते हुए जांच शुरू कर दी है। अब वीडियो के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है। गंग वाल बस स्टैंड पर शराबी युवकों का हंगामा, बैरिकेड तोड़कर भागने की कोशिशइसी दौरान इंदौर के गंगवाल बस स्टैंड इलाके में शनिवार देर रात पुलिस द्वारा शराब पीकर वाहन चलाने वालों के खिलाफ चेकिंग अभियान चलाया जा रहा था। करीब डेढ़ बजे गुजरात नंबर की एक कार में सवार चार युवकों ने अचानक बैरिकेड तोड़कर भागने की कोशिश की। हालांकि पुलिस ने पीछा कर कुछ दूरी पर ही कार को रोक लिया और सभी युवकों को पकड़ लिया। मौके पर थाना प्रभारी और पुलिस बल पहुंचा और युवकों को थाने ले जाया गया। इस दौरान युवकों ने पुलिस कार्रवाई का विरोध करते हुए हंगामा किया और आरोप लगाया कि उन्हें गलत तरीके से रोका गया है। कुछ लोगों ने इस घटना का वीडियो भी बनाया, लेकिन बाद में जब शराब पीकर वाहन चलाने की पुष्टि हुई तो वे वहां से हट गए। पुलिस ने सभी आरोपियों को छत्रीपुरा थाने भेजकर उनके खिलाफ शराब पीकर वाहन चलाने और प्रतिबंधात्मक धाराओं में कार्रवाई की है।इंदौर में एक ही रात में दो अलग-अलग घटनाओं सड़क पर मारपीट और नशे में वाहन चलाने ने सुरक्षा व्यवस्था और ट्रैफिक अनुशासन पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस अब दोनों मामलों की विस्तृत जांच में जुटी है।